जमीन पर कर्ज लेकर बिना टैक्स भरे बेचा, यूपी के सपा सांसद से 1.60 करोड़ की ठगी

लखनऊ/प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ से सपा सांसद व लखनऊ पब्लिक स्कूल (एलपीएस) के प्रबंधक डॉ. एसपी सिंह से आलमबाग के आनंद नगर निवासी भूमिका कक्कड़ ने जमीन और दो दुकानों के नाम पर 1.60 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के आदेश पर आलमबाग पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक आनंद नगर में स्कूल की एक शाखा है। इससे सटी जमीन पर भूमिका कक्कड़ व उसके चाचा विनोद कुमार की हिस्सेदारी थी। जमीन पर भूमिका और उसकी बहन शिल्पी की दुकानें भी बनी थीं। जमीन व दुकानों का सौदा 2.80 करोड़ में तय हुआ था। भुगतान करने पर तीनों ने उनके नाम रजिस्ट्री कर दी थी। भूमिका को अपने हिस्से के 1.60 करोड़ मिले थे। उसने दो दुकानें खाली करने के लिए एक माह का समय मांगा था। इस बीच पीड़ित को पता चला कि भूमिका की जमीन का 24 हजार रुपये कर बकाया था। ऐसे में जमीन व उससे सटे स्कूल के हिस्से को भी नगर निगम ने सील कर दिया था। युवती ने बैंक से कर्ज लेकर बेची जमीन पीड़ित ने जब कर चुकाया तो पता चला कि भूमिका ने जमीन पर 2019 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया होम फाइनेंस शाखा स्टेशन रोड से कर्ज भी लिया था। इसकी जानकारी किस्त न भरने पर बैंक कर्मियों के आने पर हुई। जब आरोपी से पूछताछ करनी चाही तो भूमिका फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। इंस्पेक्टर कपिल गौतम के मुताबिक मामले की तफ्तीश चल रही है। recent visitors 80

इंग्लैंड के खिलाफ गरजेगा यशस्वी जायसवाल का बल्ला, रोहित शर्मा संग कर सकतें है ओपनिंग

नई दिल्ली भारत को चाहे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 3-1 से हार मिली हो, लेकिन यशस्वी जायसवाल के लिए यह सीरीज काफी बढ़िया साबित हुई. वो सीरीज में टीम इंडिया के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर कुल 391 रन बनाए और शृंखला के पहले यानी पर्थ टेस्ट में उन्होंने 161 रन की पारी खेली थी. अब एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए चयनकर्ता जायसवाल को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे स्क्वाड और फिर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी खेलने का अवसर दे सकते हैं. रेव स्पोर्ट्ज के अनुसार यशस्वी जायसवाल को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया के लिए ओपनिंग करते देखा जा सकता है. बता दें कि जायसवाल टेस्ट और टी20 डेब्यू कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनका वनडे मैचों में डेब्यू नहीं हुआ है. रोहित शर्मा को लेकर पहले ही पुष्टि हो चुकी है कि वो चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे और इस रिपोर्ट अनुसार जायसवाल को बैक-अप ओपनर के तौर पर टीम इंडिया में रखा जाएगा. जबकि शुभमन गिल, रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करना जारी रखेंगे. विराट कोहली और श्रेयस अय्यर क्रमशः तीसरे और चौथे क्रम पर बैटिंग कर सकते हैं. केएल राहुल और ऋषभ पंत के बीच विकेटकीपर का रोल प्राप्त करने की होड़ है, वहीं अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा मिलकर स्पिन गेंदबाजी का भार संभाल सकते हैं. वाशिंगटन सुंदर को भी टीम में जगह मिलने की संभावनाएं हैं. नितीश कुमार रेड्डी का क्या होगा दावा किया गया है कि हार्दिक पांड्या भी वनडे टीम का हिस्सा होंगे, लेकिन नितीश कुमार रेड्डी को स्थान मिलेगा या नहीं. इस पर अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है. चयन समिति ने वरुण चक्रवर्ती पर भी करीब से नजर बनाई हुई है, जिन्होंने 2024 में सात टी20 मैचों में 17 विकेट चटका डाले थे. मगर उन्हें 50-ओवर फॉर्मेट में जगह मिलने पर संशय बना हुआ है. recent visitors 75

युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा की शादीशुदा जिंदगी में दिक्कत, किसकी वजह से टूटी शादी?

क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा की शादीशुदा जिंदगी में दिक्कतों को लेकर खबरें आ रही हैं. रिपोर्ट्स हैं कि दोनों जल्द ही तलाक लेने वाले हैं. उन्होंने एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर भी अनफॉलो कर दिया है. युजवेंद्र चहल ने धनश्री संग अपनी फोटोज भी हटा दी हैं. हालांकि, दोनों ने ही अभी तक इन खबरों पर चुप्पी साधी हुई है. दोनों की शादी टूटने और रिश्ते में दरार को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं. धनश्री की वायरल हो रही फोटो धनश्री की कोरियोग्राफर प्रतीक उटेकर संग एक कोजी फोटो वायरल हो रही है. इस फोटो में प्रतीक धनश्री को पीछे से पकड़े हुए पोज देते दिख रहे हैं. वहीं धनश्री शर्माती नजर आ रही हैं. ये फोटो पहले भी वायरल हुई थी. उस वक्त धनश्री काफी ट्रोल हुई थीं. उन्होंने ट्रोल्स को जवाब भी दिया था. धनश्री ने कहा था- 'मैं कभी भी ट्रोल्स से प्रभावित नहीं हुई, लेकिन इस बार मुझे दिक्कत हो रही है. क्योंकि मेरी फैमिली परेशान है. आप लोगों से रिक्वेस्ट है कि थोड़ा सेंसेटिव रहिए और टैलेंट पर फोकस कीजिए. हम यहां पर आपको एंटरटेन करने के लिए हैं. मैं एक महिला हूं, मेरे साथ ये फेयर नहीं है. मैं फाइटर हूं और हिम्मत नहीं छोड़ूंगी.' मिस्ट्री गर्ल संग स्पॉट हुए युजवेंद्र वहीं हाल ही में युजवेंद्र चहल मिस्ट्री गर्ल के साथ देखा गया. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में युजवेंद्र को एक लड़की के साथ देखा गया. मिस्ट्री गर्ल ने डार्क ग्रीन का आउटफिट पहना हुआ था. युजवेंद्र चहल कैमरा देख अपना चेहरा छुपाते हुए नजर आए. युजवेंद्र के साथ ये लड़की कौन है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. recent visitors 60

‘सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हरसंभव कोशिश’, अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप का बाइडन पर बड़ा आरोप

वाशिंगटन। अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेंगे। इससे पहले, रिपब्लिकन नेता ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि डेमोक्रेटिक नेता सत्ता के हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में जलवायु और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर बाइडन के कार्यकारी आदेशों का उदाहरण देते हुए यह आरोप लगाया। डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इसी के साथ वह अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में बाइडन की जगह ले लेंगे। रिपब्लिकन नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ‘बाइडन सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसलिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए। ‘ग्रीन न्यू स्कैम’, धन की बर्बादी के फैसले और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश इसके उदाहरण हैं।’ डरो मत…. उन्होंने कहा, ‘डरो मत, ये सभी आदेश जल्द ही समाप्त हो जाएंगे हम सामान्य समझ तथा ताकत वाला देश बन जाएंगे।’ अमेरिकी संसद द्वारा ट्रंप की जीत की पुष्टि किए जाने से कुछ पहले और बाइडन के अमेरिका के अधिकांश तटरेखा पर तेल तथा प्राकृतिक गैस के लिए खोदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद उनका यह बयान आया। recent visitors 83

आज दो बजे चुनाव आयोग करेगा तारीखों का एलान, दिल्ली में एक चरण में हो सकता है चुनाव

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में चुनावी बिगुल बजने वाला है।  चुनाव आयोग आज विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। चुनाव आयोग दोपहर दो बजे चुनावी कार्यक्रम साझा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त होने वाला है। दिल्ली में एक चरण में चुनाव हो सकता है। इस बार भी दिल्ली में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा सकता है। सोमवार को ही चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस चुनाव में दो लाख के करीब मतदाता 18 से 19 वर्ष के हैं। वह पहली बार विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस सूची में कुल एक करोड़ 55,24,858 मतदाता हैं। चुनाव आयोग ने दर्ज की आठ प्राथमिकी इस सूची में पुरुष मतदाता 85,49,645 हैं, जबकि 71,73,952 महिला मतदाता हैं। इस अंतिम मतदाता सूची के बाद अब आयोग आज चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है। थर्ड जेंडर 1,261 हैं। पिछले 20 दिन में रिकार्ड 5.1 लाख फार्म 6 नए मतदाताओं ने आवेदन किया। चुनाव आयोग ने 8 प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें 24 लोगों पर गलत सूचना और जानकारी देकर मतदाता पहचान पत्र बनाने का आरोप है। इसे लेकर चुनाव आयोग ने चुनाव पंजीकरण अधिकारियों से एक एक आवेदन की गहन जांच कराने के आदेश दिए हैं। प्रक्रिया के तहत नाम जोड़े और हटाए जाते हैं चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के लिए नाम प्रक्रिया के तहत जोड़े और हटाए जाते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 और फार्म सात होता है। नामों के घटाने और जोड़ने की जानकारी समय-समय पर राजनीति दलों को दी जाती है। 1,67,329 नए मतदाता जुड़े चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली में एक महीने में 29 अक्तूबर से 28 नवंबर तक 1,35,089 मतदाताओं ने फार्म- 6 और 83,825 ने फार्म 8 के तहत मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने, पता बदलने, नाम को सूची से हटाने और आपत्तियां और सुझाव के लिए आवेदन किया। चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों ने सभी आवेदनों को 24 दिसंबर तक सुलझा दिया। इस तरह से अंतिम मतदाता सूची जारी होने तक 3,08,942 नए नाम मतदाता सूचियों में जुड़े। 1,41,613 नाम हटाए गए। इस दौरान कुल 1,67,329 मतदाता नए जुड़े। दिल्ली में मतदाता बढ़े वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 7.26 लाख और 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 3.10 लाख वोटर्स दिल्ली में बढ़े हैं। 2020 के चुनाव में दिल्ली में 1.47 करोड़ मतदाता थे, जबकि, पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में दिल्ली में मतदाताओं की संख्या 1.52 करोड़ से अधिक थी। हर आवेदन को जांचा गया चुनाव आयोग ने पाया की 16 दिसंबर से एक माह में 5.10 लाख नए लोगों ने अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। ऐसा पहली बार हुआ। ऐसा तब हुआ जबकि तय समय में तीन लाख से ज्यादा मतदाता नई सूची में जुड़ चुके थे। क्योंकि ऐसा 20 दिन के भीतर हो रहा था जब आपत्तियां, जांच का समय गुजर चुका था। यह तत्काल जांच का विषय था। सभी चुनाव पंजीकरण अधिकारियों- ईआरओ को जांच के लिए निर्देशित किया गया। हर आवेदन को जांचा गया। संबंधित अधिकारियों को सौ फीसदी सत्यापन के लिए कहा गया है। फरवरी में खत्म हो रहा दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी, 2025 तक का है। इससे पहले दिल्ली विधानसभा का गठन करने के लिए चुनाव होने हैं। इसके लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। साल 2020 में दिल्ली में ये रहे थे नतीजे साल 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा के खाते में आठ सीटें आईं थीं। जबकि, कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। दो चुनाव से एक भी सीट नहीं जीत सकी है। साल 2015 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को तीन सीटें मिलीं थीं। जबकि कांग्रेस का हाथ खाली रहा था। recent visitors 82

UP में एक और जामा मस्जिद पर सवाल, अदालत मे मामला

अलीगढ़ जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश में किसी भी धार्मिक स्थल के परिवर्तन की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई पर रोक लगी हुई है तो दूसरी ओर अब संभल के बाद अलीगढ़ की जामा मस्जिद का मामला भी न्यायालय पहुंच गया है. अलीगढ़ के RTI एक्टिविस्ट केशवदेव गौतम ने अलीगढ़ की जिला अदालत में जामा मस्जिद को हिंदू किला बता कर याचिका दायर की है और याचिका में दावा किया गया कि जामा मस्जिद के पास ओम का निशान मौजूद है, साथ ही याचिका में दावा किया गया है कि अलीगढ़ की जामा मस्जिद असल में हिंदुओं का बाला ए किला है. याचिका में याचिकाकर्ता की तरफ से दावा किया कि RTI के तहत याचिकाकर्ता को जानकारी दी गई कि जामा मस्जिद के नाम से ASI के पास कोई संपत्ति नहीं दर्ज है. याचिका में दावा किया गया कि किला ASI के द्वारा नोटिफाई है साथ इसके टीले के अवशेष बौद्ध स्तूप या मंदिर से मेल खाते हैं. याचिका में यह भी दावा किया गया कि जामा मस्जिद असल में हिंदुओं का किला है जिस पर भूमाफियाओं ने धर्म विशेष के नाम पर अवैध कब्जा कर रखा है और आसपास दुकान मकान से किराया वसूल कर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है. कब बनी थी यह मस्जिद? याचिका में यह भी दावा किया गया कि मस्जिद सार्वजनिक भूमि पर बनी हुई है और हिंदुओं के बाला ए किला का इतिहास मिटा कर उसे जामा मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया ऐसे याचिका में मांग की गई है कि प्रशासन कब्जा हटा कर इसे सरकारी नियंत्रण में ले और इसे तीर्थस्थल बनाए. कहा जाता है कि यह मस्जिद मुगल शासनकाल के दौरान मोहम्मद शाह (1719-1728) के समय में कोल (अब अलीगढ़) के गवर्नर साबित खान द्वारा 1724 में बनवानी शुरू की गई थी. मस्जिद के निर्माण में चार वर्ष का समय लगा और 1728 में यह पूरी हो गई. recent visitors 62

अनीता आनंद और जॉर्ज चहल के नाम छाए, कनाडा में ट्रूडो के इस्तीफे के बाद दो भारतवंशी भी पीएम की दौड़ में

ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद नए दावेदारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पीएम पद की रेस में कनाडा मूल के नेताओं के साथ ही दो भारतवंशी भी शामिल हैं। इन भारतवंशी सांसदों में पहला नाम ट्रूडो मंत्रिमंडल में शामिल पूर्व रक्षा मंत्री और मौजूदा परिवहन और आतंरिक व्यापार मंत्री अनीता आनंद का है। जबकि दूसरा नाम भारतवंशी लिबरल पार्टी के सांसद जॉर्ज चहल का है। आइए जानते हैं कौन हैं भारतवंशी सांसद। कनाडा में पीएम पद की रेस में भारतवंशी सांसद अनीता आनंद का भी चर्चा में है। अनीता आनंद ट्रूडो मंत्रिमंडल में शामिल हैं। वह कनाडा की रक्षा मंत्री रह चुकी हैं। साथ ही मौजूदा समय में परिवहन और आंतरिक व्यापार मंत्री हैं। अनीता का जन्म 1967 में नोवा स्कोटिया में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था, जो दोनों चिकित्सा पेशेवर थे। उनकी मां सरोज पंजाब से और पिता एस.वी. आनंद तमिलनाडु से थे। अनीता टोरंटो विश्वविद्यालय में कानून की प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्होंने टोरंटो के पास ओकविले से 2019 में सांसद का चुनाव लड़ा और जीत गईं। इसके बाद उनको सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री के रूप में चुना गया था। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने टीके खरीदने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने यूक्रेन की भी मदद की। साथ ही अनीता ने व्यापक शोध के साथ एयर इंडिया जांच आयोग की सहायता की। आयोग ने 23 जून 1985 को एयर इंडिया कनिष्क उड़ान 182 की बमबारी की जांच की, जिसमें सभी 329 लोग मारे गए थे। ये मामला खालिस्तानियों से जुड़ा था। जॉर्ज चहल भी पीएम पद की रेस में कनाडा पीएम पद की रेस में दूसरे भारतवंशी के तौर पर लिबरल सांसद जॉर्ज चहल का नाम भी शामिल है। हालांकि कई सांसदों ने उनको अंतरिम नेता नियुक्त करने की सिफारिश की है। अगर चहल को अंतरिम नेता चुना जाता है, तो वे पीएम की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। क्योंकि कनाडा के नियमों के मुताबिक अंतरिम नेता प्रधानमंत्री पद का चुनाव नहीं लड़ सकते। जॉर्ज चहल ने पिछले सप्ताह कॉकस सहयोगियों को पीएम पद के लिए अनुरोध के साथ एक पत्र लिखा था। चहल ने ट्रूडो से पीएम पद छोड़ने और पार्टी से चुनाव कराने की मांग की थी। पेशे से वकील चहल ने कैलगरी सिटी काउंसलर के रूप में विभिन्न समितियों में काम किया है। चहल प्राकृतिक संसाधनों पर स्थायी समिति के अध्यक्ष और सिख कॉकस के अध्यक्ष भी हैं। इन नेताओं के नाम भी पीएम पद की दौड़ में क्रिस्टिया फ्रीलैंड कनाडा की पूर्व वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री रहीं क्रिस्टिया फ्रीलैंड को लंबे समय तक जस्टिन ट्रूडो के समर्थक के तौर पर देखा गया है। हालांकि, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप सरकार के आने के बाद वित्तीय मामलों और कई योजनाओं को लेकर उनकी जस्टिस ट्रूडो से अनबन की खबरें सामने आईं। इसी के चलते उन्होंने अपने पद छोड़ दिए। माना जा रहा है कि ट्रूडो के इस्तीफा देने की स्थिति में लिबरल पार्टी उन्हें पीएम पद के लिए आगे कर सकती है। भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्रा आर्या ने भी फ्रीलैंड को ट्रूडो का उत्तराधिकारी करार दिया है। डॉमिनिक लीब्लांक लिबरल सरकार में ही कैबिनेट मंत्री डॉमिनिक लीब्लांक उन चुनिंदा नेताओं में से हैं, जो कि मुश्किलों के बावजूद डटकर उनके साथ खड़े हैं। ऐसे में ट्रूडो के समर्थन में खड़े लिबरल पार्टी के नेता अगले प्रधानमंत्री के लिए लीब्लांक का समर्थन कर सकते हैं। एक वकील और नेता लीब्लांक फिलहाल मौजूदा सरकार में वित्त और अंतरविभागीय मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं। फ्रीलैंड के इस्तीफा देने के बाद उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें पिछले एक दशक में ट्रूडो सरकार में कई मंत्रीपद सौंपे जा चुके हैं। मार्क कार्नी कनाडा के पीएम पद के लिए नेताओं से इतर एक नाम ऐसा भी है, जिसका राजनीति से अब तक नाता नहीं रहा है। यह नाम है मार्क कार्नी का, जो कि पहले बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर रह चुके हैं। मार्क कार्नी ने बीते दिनों में राजनीति में आने की इच्छा जताई है और इसके लिए वह लिबरल पार्टी के नेताओं के संपर्क में भी हैं। ट्रूडो के पीएम पद छोड़ने पर लिबरल नेता उनका नाम आगे बढ़ा सकते हैं। क्रिस्टी क्लार्क राष्ट्रीय स्तर पर लिबरल पार्टी की नेता और कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत की पूर्व प्रीमियर (मुख्यमंत्री के बराबर का पद) क्रिस्टी क्लार्क का नाम भी पीएम पद के उम्मीदवारों में शामिल है। वे 2011 से 2017 तक ब्रिटिश कोलंबिया की प्रीमियर रहीं। 58 वर्षीय क्लार्क प्रांतीय स्तर पर बीसी यूनाइटेड पार्टी का नेतृत्व भी करती हैं। ट्रूडो ने दिया इस्तीफा जस्टिस ट्रूडो 2015 में प्रधानमंत्री बने थे। उससे पहले दस साल तक कनाडा में कंजर्वेटिव पार्टी का शासन था। शुरुआत में उनकी नीतियों को सराहा गया था। लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती खाद्य और आवास की कीमतों और बढ़ते आप्रवासन के कारण उनका समर्थन घट गया। ट्रूडो की सहयोगी पार्टी और जगमीत सिंह के नेतृत्व वाली एनडीपी ने बीते दिनों ट्रूडो सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। एक हालिया सर्वे में दावा किया गया कि 73 प्रतिशत कनाडा के नागरिक चाहते हैं कि ट्रूडो प्रधानमंत्री और लिबरल पार्टी के नेता के पद से इस्तीफा दें। इनमें 43 प्रतिशत लिबरल मतदाता भी शामिल हैं। इसके बाद ट्रूडो ने सोमवार रात को प्रधानमंत्री पद से अपने इस्तीफे का एलान कर दिया। अभी यह साफ नहीं है कि ट्रूडो प्रधानमंत्र recent visitors 80