Saturday, July 4, 2026 5:25 pm

मक्का-मदीना में आई बाढ़, सऊदी अरब में ओले-तूफान और भारी बारिश

रियाद। सऊदी अरब का जब जिक्र होता है तो हमारे दिमाग में मक्का, मदीना और रेगिस्तान की तस्वीर बनती है। लेकिन अब यहां के हालात बदल गए हैं। भारी बारिश के बाद भीषण बाढ़ आ गई है। मक्का और मदीना के ज्यादातर हिस्सों में खास तौर से जेद्दा शहर और गवर्नरेट के अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तूफान के साथ भारी बारिश हुई। बारिश के बाद आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो बारिश बुधवार को भी जारी रह सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में शहर आंशिक रूप से जलमग्न दिखाई दे रहे हैं। लाखों मुस्लिम आते हैं हज और उमरा करने सऊदी अरब में मक्का मदीना बेहद पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां दुनियाभर से हर वर्ष लाखों मुसलमान हज और उमरा करने के इन शहरों में आते हैं। मगर इन दिनों भयंकर बारिश ने पूरे सऊदी का माहौल बदल दिया है। भारी बारिश के कारण सऊदी के कई शहर डूब गए हैं। आगे भी ऐसी स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की गई है। नेशनल मीटियोलॉजिकल सेंटर (NMC) ने इस सप्ताह के लिए मध्यम से भारी बारिश, गरज और धूल भरी आंधी का अनुमान व्यक्त किया है। पिछले एक घंटे में बारिश के लिए कई येलो वेदर वॉर्निंग जारी की गई हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल इस बारिश में सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका अल-उला और अल-मदीना है। अल-मदीना में मुस्लिमों का सबसे पवित्र स्थल मस्जिद-ए-नबवी है, जहां की वीडियो काफी वायरल हो रही है। वीडियो में मस्जिद के अंदर तेज बारिश के साथ पानी भरा हुआ दिख रहा है। राज्यों में कई जगहों पर आने-जाने की मनाही है और इसके साथ ही स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी जारी की प्रशासन ने चेतावनी जारी कर लोगों को घरों के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। आपातकालीन सेवाएं किसी भी घटना के जवाब देने के लिए तैयार हैं। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। वहीं, मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह स्थिति कुछ और दिनों तक बनी रहेगी। वे लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील कर रहे हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने और मौसम की घटनाओं के प्रभाव को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। recent visitors 56

ट्रेविस हेड और तेज गेंदबाज बीबीएल से बाहर, स्मिथ, लाबुशेन, ख्वाजा को सीमित मैचों के लिए मंजूरी

मेलबर्न भारत के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का हिस्सा रहे ट्रेविस हेड और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बिग बैश लीग (बीबीएल) के बाकी बचे मैचों से बाहर हो गए हैं। हेड, स्कॉट बोलैंड, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, नाथन लियोन और मिशेल स्टार्क अनुबंधित खिलाड़ी होने के बावजूद बीबीएल सत्र में भाग नहीं लेंगे। स्टीव स्मिथ श्रीलंका दौरे से पहले तीन बीबीएल मैच खेलेंगे, जबकि मार्नस लाबुशेन और उस्मान ख्वाजा केवल एक मैच में दिखाई देंगे। जबकि एलेक्स कैरी, सैम कोंस्टास, ब्यू वेबस्टर, मिशेल मार्श और जे रिचर्डसन को बीबीएल के शेष सत्र में भाग लेने की मंजूरी दे दी गई है। ऑस्ट्रेलिया द्वारा श्रीलंका में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम की घोषणा आने वाले दिनों में किए जाने की उम्मीद है। यह टीम 19 या 20 जनवरी को यूएई में प्री-टूर कैंप के लिए रवाना होगी। इस दौरे पर गए खिलाड़ी 21 से 27 जनवरी तक होने वाले बीबीएल फाइनल के लिए उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। अभी यह कहना जल्दबाजी हो सकती है कि श्रीलंका दौरे पर ऑस्ट्रेलिया के उन खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा जो भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सिडनी में खेले थे। जोश इंगलिस, पीटर हैंड्सकॉम्ब, टॉड मर्फी और मैथ्यू कुहनेमन को संभावित रूप से शामिल किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया पहले ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुका है। ग्लेन मैक्सवेल पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, चयनकर्ता टीम का चयन करते समय 2027 में भारत दौरे को ध्यान में रख सकते हैं। स्मिथ गुरुवार को एमसीजी में मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ सिडनी सिक्सर्स के मैच में नहीं खेल पाएंगे, लेकिन शनिवार को एससीजी में पर्थ स्कॉर्चर्स के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हैं। स्कॉर्चर्स की टीम में शामिल मार्श और रिचर्डसन के भी मंगलवार रात को रेनेगेड्स के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने की उम्मीद है। स्मिथ 15 जनवरी को एडिलेड स्ट्राइकर्स के खिलाफ और 17 जनवरी को सिडनी थंडर के खिलाफ होने वाले सिक्सर्स मैचों के लिए भी उपलब्ध रहेंगे, जहां कोंस्टास भी खेलेंगे। कोंस्टास थंडर के लिए शेष सभी चार मैचों में खेलने के लिए तैयार हैं, जिसकी शुरुआत कल रात सिडनी में होबार्ट हरिकेंस के खिलाफ होने वाले मैच से होगी।   recent visitors 51

किर्गियोस 2019 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया की डेविस कप टीम में लौटे

मेलबर्न निक किर्गियोस पांच साल से अधिक समय में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की डेविस कप टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि 29 वर्षीय निक को 31 जनवरी और 1 फरवरी को स्वीडन के स्टॉकहोम में होने वाले क्वालीफाइंग मुकाबले के लिए टीम में शामिल किया गया है। नवंबर 2019 के बाद से किर्गियोस की यह पहली विश्व टीम प्रतियोगिता होगी, जब उन्होंने नवंबर के फाइनल में बेल्जियम के स्टीव डार्सिस और चिली के एलेजांद्रो गोंजालेज को हराया था। वर्ल्ड नंबर 8 एलेक्स डी मिनौर ऑस्ट्रेलियाई टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि जॉर्डन थॉम्पसन और थानासी कोकिनाकिस ऑस्ट्रेलियाई दल को पूरा करेंगे। लेटन हेविट की कप्तानी वाली टीम 2022 और 2023 डेविस कप फाइनल में उपविजेता रहने और पिछले सीजन में मलागा में सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद हाल के वर्षों में अपने शानदार प्रदर्शन को बेहतर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। किर्गियोस, जिन्होंने 2013 और 2019 के बीच 11 बार खेला, ने प्रतियोगिता में एक प्रभावशाली इतिहास बनाया है, जिसमें एकल मैचों में उनका रिकॉर्ड 11-5 है। पहले दिन दो एकल मैच और एक युगल मैच, साथ ही दूसरे दिन रिवर्स एकल मैच शामिल हैं, यह मुकाबला स्टॉकहोम के रॉयल टेनिस हॉल के एक इंडोर हार्ड कोर्ट पर खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम, जो स्वीडन के खिलाफ 7-3 की बढ़त बनाए हुए है, सितंबर में दूसरे दौर में आगे बढ़ने के लिए क्वालीफायर के पहले दौर में 13 विजेता देशों में से एक बनने का लक्ष्य रखती है।   recent visitors 56

न मानने पर बेल्ट से पीटकर आरोपी पति फरार, उत्तर प्रदेश-बरेली में पत्नी को जबरन देह व्यापार के लिए किया मजबूर

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में पत्नी को जबरन देह व्यापार कराने का मामला सामने आया है। पत्नी ने आरोप लगाया है कि पति अपने दोस्तों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूत करता है। मेरे मना करने पर बेल्ट से बुरी तरह पीटता है। पीड़िता की शिकायत पर इज्जतनगर पुलिस ने आरोपी पति व उसके दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इज्जतनगर क्षेत्र निवासी महिला ने पुलिस को अपनी आपबीती बताई। उसने कहा कि इज्जतनगर क्षेत्र के एक युवक से मेरा निकाल हुआ था। शुरुआत में सबकुछ ठीक से चलता रहा, लेकिन फिर अचानक से सब बदल गया। पति के व्यवहार में बदलाव से मैं परेशान रहने लगी। उसने मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वह चाहता था कि मैं देह व्यापार करूं। मैंने इस तरह की गंदी हरकतों के लिए पति से साफ मना कर दिया, तो उसने मुझे बुरी तरह पीटा। इतना मारा कि बेल्ट के निशान मेरे शरीर पड़ गए। मुझे मजबूरी में उसकी बात माननी पड़ी। उसकी हरकतें खराब होती गईं। एक दिन वह अपने दोस्तों के साथ और मुझसे जबरदस्ती करने की कोशिश करने लगा। दोस्तों के साथ संबंध बनाने पर दिया जोर 27 दिसंबर की रात की बात है। पीड़िता का आरोपी पति अपने तीन दोस्तों के घर पर आया। इस दौरान वह घर पर काम कर रही थी। आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलने के बुलाया और कसकर हाथ पकड़ लिया। पीड़ित को ठीक नहीं लगा, तो उसने विरोध किया। उसके बाद आरोपी पति के तीन दोस्तों ने भी पीड़िता के साथ गलत हरकतें करना शुरू कर दिया। उसने सभी का विरोध किया, तो आरोपियों ने पकड़कर महिला को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। उसके बाद गालियां देकर पीड़िता को घर से बाहर निकाल दिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्जकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। recent visitors 53

लौंगिया व छतरी योजना में भी होगा शुभारम्भ, राजस्थान-अजमेर में विधानसभा अध्यक्ष ने आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों का किया लोकार्पण

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि हम अजमेर उत्तर के प्रत्येक निवासी को उसके घर के आस-पास चिकित्सा सुविधा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। संभाग के सबसे बडे जवाहर लाल नेहरू अस्पताल से लेकर आयुष्मान आरोग्य मन्दिर तक क्षेत्र का प्रत्येक निवासी मेडिकल सुविधा की कवरेज में होगा। आरोग्य मन्दिर मौहल्लों में सामान्य बीमारियों के मरीजों के लिए वरदान सिद्ध होंगे। उन्हें घर के पास ही मेडिकल सुविधा उपलब्ध होगी। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सोमवार को अजमेर उत्तर क्षेत्र के कुन्दन नगर एवं फ्रेन्डस कॉलोनी में आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों का शुभारम्भ किया। इन स्थानीय अस्पतालों पर चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की गई है। यहां सामान्य बीमारियों के साथ ही डायबिटीज व ब्लड प्रेशर सहित अन्य बीमारियों का भी उपचार किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को सम्बोधित करते हुए श्री देवनानी ने कहा कि चिकित्सा सुविधा के क्षेत्र में अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। संभाग के सबसे बडे जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में शीघ्र ही सुपर स्पेशलिटी सेवाएं भी उपलब्ध होगी। इसके लिए बजट में घोषणा की गई है और स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है। इसके निर्माण व सुविधाओं की स्थापना पर 200 करोड़ रूपए से ज्यादा की राशि खर्च होगी। देवनानी ने कहा कि अजमेर उत्तर क्षेत्र के लिए बजट में ही नए सैटेलाइट अस्पताल की घोषणा की गई है। अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य की शुरूआत की गई है। जल्दी यह भवन भी आमजन को उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में पंचशील में शहरी सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र की स्थापना करवाई गई थी। यह अस्पताल भी आमजन को राहत दे रहा है। इसी तरह विभिन्न स्तर के अस्पतालों से आमजन को उनके घर के पास ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। एलोपैथी चिकित्सा के साथ ही आयुर्वैदिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी अजमेर ने उपलब्धि हासिल की है। यहां आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अजमेर में बालिका सैनिक स्कूल के लिए हाथी खेड़ा में भूमि चिन्हित कर ली गई है। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी प्रकार रोजगार की दिशा में एक बड़ा कदम आईटी पार्क के रूप में सामने आया है। इसके लिए माकड़वाली में भूमि आवंटित हो गई है। जल्द ही इसकी शुरूआत की जाएगी। इसी तरह आरआईटी, स्पोट्र्स कॉलेज, खेल अकादमी, अन्य बजट घोषणाएं अजमेर के विकास में  मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मन्दिर आमजन को उनके घर के पास ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बडा कदम है। अब आमजन को चिकित्सा सुविधा के लिए घर से दूर नहीं जाना पडेगा। जल्द ही लौंगिया व छतरी योजना क्षेत्र में भी आरोग्य मन्दिर खोले जाएंगे। recent visitors 77

शमी के चोट प्रबंधन और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के लिए तेज गेंदबाज को न भेजने के बीसीसीआई के फैसले पर उठाए सवाल

दुबई भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के चोट प्रबंधन और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के लिए तेज गेंदबाज को न भेजने के बीसीसीआई के फैसले पर सवाल उठाए हैं, जिसमें भारत 3-1 से हार गया था। टखने की चोट के कारण 2023 विश्व कप फाइनल के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलने और 2024 की शुरुआत में सर्जरी कराने के बावजूद, तेज गेंदबाज ने घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में भाग लिया, जिससे ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज के दौरान वापसी की उम्मीद बढ़ गई। मेलबर्न में चौथे टेस्ट से पहले उन्हें आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया गया था, बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने घुटने में सूजन का हवाला दिया था। शास्त्री और पोंटिंग का मानना है कि शमी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा और सीरीज के अंत में वापसी में तेजी लाई जा सकती थी। शास्त्री ने कहा कि शमी को ऑस्ट्रेलिया ले जाया जा सकता था और फिर उनकी भागीदारी पर निर्णय लिया जा सकता था। शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू में कहा, जब उनसे पूछा गया कि क्या शमी मेलबर्न या सिडनी में सीरीज को अपने पक्ष में कर सकते थे, "बिल्कुल, इसमें कोई संदेह नहीं है। ईमानदारी से कहूं तो, मैं मीडिया में चल रही इस बातचीत से बहुत हैरान था कि मोहम्मद शमी के साथ वास्तव में क्या हुआ। रिकवरी के मामले में वह कहां है? वह एनसीए में कब से बैठा है, मुझे नहीं पता। वह कहां खड़ा है, इस बारे में उचित बातचीत क्यों नहीं हो पा रही है? उसकी क्षमता के अनुसार खिलाड़ी होने के कारण मैं उसे ऑस्ट्रेलिया ले आता।'' उन्होंने कहा, "मैं उसे टीम का हिस्सा बनाए रखता और सुनिश्चित करता कि उसका पुनर्वास टीम के साथ हो। और फिर अगर तीसरे टेस्ट मैच तक हमें लगता कि नहीं, यह खिलाड़ी सीरीज के बाकी मैच नहीं खेल सकता, तो मैं उसे जाने देता।'' शास्त्री ने कहा, "लेकिन मैं उसे टीम के साथ लाता, उसे रखता, सर्वश्रेष्ठ फिजियो से उसकी निगरानी करता और ऑस्ट्रेलिया में मौजूद अंतरराष्ट्रीय फिजियो से भी सर्वश्रेष्ठ सलाह लेता, जो देखते हैं कि वह कैसा प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन मैं उसे टीम में बनाए रखता।" पोंटिंग ने शास्त्री की भावना को दोहराया, इससे पहले कि इस बात पर जोर दिया जाए कि ऑस्ट्रेलिया सीरीज के अंत में यह तेज गेंदबाज कितना महत्वपूर्ण हो सकता था। "मुझे वास्तव में आश्चर्य हुआ जब उसे सीरीज के बीच में भी नहीं बुलाया गया, दो टेस्ट मैच हो चुके थे। भारत की ओर से नितीश रेड्डी निश्चित रूप से टीम में थे। इसलिए आपके पास वैसे भी एक और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर था। "इसलिए अगर शमी, भले ही वह पूरी तरह से फिट न हो, अगर उसे एक दिन में कम ओवर गेंदबाजी करनी पड़े, तो आपके पास उसकी मदद करने के लिए एक बैकअप सीम गेंदबाजी विकल्प था और मुझे लगता है कि वह अंतर पैदा कर सकता था। " पोंटिंग ने आईसीसी रिव्यू को बताया, "जब आपने मुझसे (पहले आईसीसी रिव्यू में) पूछा कि मुझे क्या लगता है कि परिणाम क्या होगा, तो मैंने कहा कि 3-1 से ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में क्योंकि शमी टीम में नहीं था। मैंने सबसे पहले यही कहा। मुझे लगा कि वह भारत के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, "अगर शमी, बुमराह और सिराज उनकी शुरुआती टीम में होते, तो मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में चीजें पूरी तरह से अलग हो सकती थीं।'' शास्त्री ने आगे कहा कि शमी जसप्रीत बुमराह के लिए पर्याप्त मदद कर सकते थे, जो सीरीज के अंत में फिटनेस से जूझ रहे थे। "मेलबर्न में 1-1 की बराबरी पर यह बहुत कड़ा हो गया था। आपको बस उस अनुभव और समर्थन की जरूरत थी। आप जानते हैं, वह भी स्तर बढ़ा सकते थे। और यह वहां मौजूद दो खिलाड़ियों (बुमराह और शमी) की वजह से हो सकता था। शास्त्री ने कहा, "पैट कमिंस अकेले ऐसा नहीं कर सकते थे; स्कॉटी बोलैंड को आगे आना पड़ा। इसलिए आपको उनके अनुभव वाले गेंदबाज की जरूरत थी। आप जानते हैं, मोहम्मद सिराज ने जितनी मेहनत की, आपको वहां शमी के अनुभव की जरूरत थी।''   recent visitors 59

मुस्लिम देश ईरान ने बचाने में हर संभव मदद का दिया भरोसा, हूतियों के कब्जे में है भारतीय नर्स निमिषा प्रिया

सना/नई दिल्ली. केरल की नर्स निमिषा प्रिया को यमन में मौत की सजा सुनाई गई गई है। हाल ही में ये खबर आई थी कि यमनी नागरिक की हत्या के मामले में निमिषा की फांसी को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है। इस पर यमन दूतावास ने सफाई देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति रशद मोहम्मद अल-अलीमी ने सजा की पुष्टि नहीं की है। इसकी वजह ये है कि निमिषा राजधानी सना की जेल में बंद है, यह हूती विद्रोहियों के कब्जे वाला इलाका है। ऐसे में यह यमनी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। निमिषा की सजा पर फैसला हूतियों का प्रशासन ही लेगा। यमन के दूतावास ने सोमवार को भारत में जारी बयान बयान में कहा कि निमिषा का पूरा केस मामला हूती विद्रोहियों की कोर्ट में ही चला है। प्रिया की मौत की सजा को मंजूरी हूती सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के नेता मेहदी अलमशात ने की है। इसमें यमनी राष्ट्रपति का कोई हस्तक्षेप नहीं है। भारतीय नर्स निमिषा की सजा पर आगे का फैसला हूतियों की सरकार को लेना है। ईरान से आखिरी उम्मीद! हूतियों से निमिषा को फांसी से माफी दिलाने में ईरान से भारत को मदद की आखिरी उम्मीद की तरह है। इजरायल और अमेरिका से लाल सागर में लड़ रहे हूतियों को ईरान का समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में ईरान का दखल इस मामले में अहम हो सकता है। ईरान की ओर से निमिषा की मदद की बात कही गई है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि निमिषा के लिए हम जो भी अच्छा से अच्छा कर सकते हैं, वो करेंगे। निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली हैं। वह एक दशक से ज्यादा समय से यमन में हैं। प्रिया पर 2017 में तलाल महदी नाम के यमनी नागरिक की हत्या का आरोप लगा और 2018 में उन्हें दोषी पाया गया और मौत की सजा सुनाई गई। इसके बाद से निमिषा को बचाने की कोशिश हो रही है। सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल की ओर से भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई गई है। निमिषा के वकील और परिवार ने ब्लड मनी देने की भी पेशकश की है। निमिषा के वकील सुभाष चंद्रन ने कहा कि हम ब्लड मनी के तौर पर कोई भी रकम पीड़ित देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यह मामला काफी पेचीदा है क्योंकि यमन में हूती विद्रोहियों का कब्जा है और वहां की स्थिति अस्थिर है। इसलिए निमिषा को रिहा करवाने के लिए भारत सरकार को काफी कूटनीतिक प्रयास करने होंगे। recent visitors 46