Wednesday, July 8, 2026 5:41 am

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा दरार वाली पार्टी है, अधिकारियों का जाति के आधार पर हुआ सस्पेशन

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस अखिलेश यादव ने पार्टी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा दरार वाली पार्टी है। अधिकारियों का जाति के आधार पर हुआ सस्पेशन – अखिलेश  वहीं संभल में हो रही कार्रवाई को लेकर सपा प्रमुख ने कहा कि जिले में जो कुछ हुआ है इसकी सच्चाई सबके सामने है। इसके लिए हमारे लोगों को पहली बार संभल के लोगों से मिलने के लिए नहीं जाने दिया गया था। सरकार आखिर क्या वहा छुपाना चाहती है। सर्वे को लेकर सरकार को इतनी जल्दी क्या थी। प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट का क्यों ध्यान नहीं रखा गया। संभल में पार्टी के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। लोगों को पीटा जा रहा है। दबाव बनाया जा रहा है। हमारे लोग जब संभल में गए तो वहां अधिकारियों का जाति के आधार पर सस्पेशन किया गया। भाजपा एक हृदयहीन पार्टी है – अखिलेश सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए कहा कि भाजपा दरार वाली पार्टी है। भाजपा का आकलन करे तो वह हृदयहीन पार्टी है। इस सरकार में न्याय मिलना, लोगों की सुनवाई हो, ऐसा होता हुआ नहीं नजर आ रहा है। भाजपा के दो पलड़े हैं, एक पीडिए के खिलाफ अन्याय और दूसरा भ्रष्टाचार। भाजपा में भ्रष्टाचार के आरोप उनके लोग ही लगा रहे है। वहीं मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर चुनाव सबसे फेयर चुनाव होने जा रहा है। 'सपा के सत्ता में आने पर होगी कानूनी कर्रवाई' प्रयागराज में होने जा रहे महाकुंभ को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में संत महात्मा बड़ी संख्या में आए हैं। मैं उन सभी से अनुरोध करना चाहता हूं कि वो जब यहां से जाएं तो कुछ और लोगों को भी अपने साथ ले जाएं। ऋषिमुनियों से मेरा अनुरोध है कि जब यहां से जाएं तो अपने साथियों को अपने साथ लेकर जाएं क्योंकि कुछ लोगों को जो काम नहीं करना चाहिए, जो काम नहीं आता वो काम कर रहे हैं। अपना भ्रष्ट्राचार छुपाने के लिए हत्या हो गई। लखनऊ में ट्रांसफर पोस्टिंग का हर विभाग में रेट तय हो गया है। पूरे स्वास्थ्य विभाग में दवाई से लेकर इलाज तक भ्रष्ट्राचार हो रहा है। जब कभी समाजवादी सत्ता में आएंगे तो इन सबकी जांच करवा कर कानूनी करवाई करेंगे।   recent visitors 70

मैं ऑस्ट्रेलिया के ओपनर की दौड़ में बिल्कुल भी नहीं था: मैट रेनशॉ

सिडनी भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 3-1 से जीतने और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में जगह बनाने के बाद, ऑस्ट्रेलिया का अगला ध्यान इस महीने के अंत में दो टेस्ट के लिए श्रीलंका के दौरे पर होगा। सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर के संन्यास के बाद, ऑस्ट्रेलिया को उस्मान ख्वाजा के लिए उपयुक्त जोड़ीदार खोजने में संघर्ष करना पड़ा, जब तक कि सैम कोंस्टास नहीं आ गए, जिन्होंने भारत के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट खेले और अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर अर्धशतक बनाया। भारत के खिलाफ सीरीज की शुरुआत से पहले, मैट रेनशॉ, कैमरन बैनक्रॉफ्ट, मार्कस हैरिस, नाथन मैकस्वीनी और कोंस्टास को संभावित ओपनिंग विकल्पों के रूप में चर्चा में रखा गया था। हालांकि, केवल मैकस्वीनी और कोंस्टास को ही सीरीज में खेलने का मौका मिला। मैथ्यू रेनशॉ ने दावा किया कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया टेस्ट ओपनर की भूमिका के लिए विचार नहीं किया गया था। हालांकि, श्रीलंका दौरे के लिए चयन के करीब आने के साथ ही, उन्हें उपमहाद्वीप में अपने पिछले रेड-बॉल अनुभव के कारण दूसरों से आगे निकलने की उम्मीद है। "मैं शायद यह नहीं कहूंगा कि मैं ओपनर की दौड़ में फंस गया। मुझे नहीं लगता कि मैं इसमें बिल्कुल भी था," रेनशॉ ने एसईएन मॉर्निंग्स को बताया। "मैं शायद कुछ लड़कों (चयनित होने के लिए) से दूर हूं, लेकिन मेरे अधिकांश टेस्ट एशिया में हुए हैं, इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो मुझे वहां काफी अनुभव है।'' "मैं अपनी क्रिकेट को उस तरह से खेलने की कोशिश कर रहा हूं, जैसा मैं चाहता हूं और मैंने इसका वास्तव में आनंद लिया है। (मैं) अपने क्रिकेट और अपनी बल्लेबाजी के बारे में वास्तव में अच्छा महसूस कर रहा हूं और जाहिर है कि वहां आकांक्षाएं हैं, लेकिन मैं अभी अपने क्रिकेट का वास्तव में आनंद ले रहा हूं।" ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के भविष्य पर चर्चा के दौरान, रेनशॉ का मानना है कि कोई भी खिलाड़ी ओपनिंग नहीं कर सकता है, और अगर वह टीम में वापस आता है तो यह उसकी पसंदीदा स्थिति होगी। उन्होंने कहा, "ओपनिंग एक विशेषज्ञ पद है, यह विश्व खेल में सबसे कठिन कामों में से एक है। अगर स्टीव स्मिथ शीर्ष पर जाते हैं और उनके पास वह अनुभव नहीं है जो उन्हें चाहिए, तो आप कह सकते हैं कि यह काफी मुश्किल है। मुझे लगता है कि अगर मुझे मौका मिला तो मैं कहीं भी बल्लेबाजी कर सकता हूं, लेकिन मैं क्वींसलैंड के लिए ओपनिंग करता रहूंगा क्योंकि जब आप सफल होते हैं तो मुझे सबसे ज्यादा संतुष्टि मिलती है।'' ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 29 जनवरी से गॉल में खेला जाएगा।   recent visitors 64

प्रधान मुख्य वन संरक्षक को किया तलब, नागपुर में बाघिन और उसके बच्चों का रास्ता रोकने पर HC सख्त

नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में उमरेड-पावनी-करहंडला अभयारण्य में पर्यटकों द्वारा एक बाघिन और उसके पांच शावकों का रास्ता रोकने के मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत की नागपुर बेंच ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति नितिन सांबरे और न्यायमूर्ति वृषाली जोशी ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर करने का आदेश दिया। साथ ही राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को दो दिन के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें यह बताया जाए कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। 31 दिसंबर की घटना अदालत अब इस मामले में बुधवार को सुनवाई करेगी। यह घटना 31 दिसंबर 2024 की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक पर्यटक वाहनों ने 31 दिसंबर को ‘F2’ नाम की बाघिन और उसके पांच शावकों को काफी देर तक घेरे रखा और उसकी फोटो ले रहे थे। वन विभाग भी जांच में जुटा घटना उमरेड-पवानी-करहंडला अभयारण्य के कुछ वन क्षेत्र में गोथनगांव सफारी रूट पर हुई। अखबारों में छपी खबर के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के प्रशासनिक जज नितिन सांबरे ने खुद जनहित याचिका दायर करने का आदेश दिय। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को इस संबंध में बुधवार तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मामले में नागपुर वन विभाग भी एक आंतरिक जांच करने में जुटा है। इन लोगों को किया निलंबित महाराष्ट्र वन विभाग ने सोमवार को इस घटना में शामिल चार जिप्सी चालकों और गाइड्स को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है और उनकी गाड़ियों पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, प्रकृति गाइड्स पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, इन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया गया है। घटनाओं को रोकने के लिए बनाई गई समिति पेंच टाइगर रिजर्व (नागपुर) के उप निदेशक प्रभु नाथ शुक्ला ने बताया कि पर्यटकों ने अभयारण्य के नियमों का उल्लंघन किया, जब उन्होंने बाघिन F-2 और उसके शावकों के रास्ते में कई सफारी वाहनों को घेर लिया। इस घटना में शामिल पर्यटकों को भविष्य में अभयारण्य में आने से हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा, एक समिति भी बनाई गई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय सुझाएगी। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को सफारी मार्गों पर नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और प्रकृति गाइड्स और ड्राइवरों के लिए विशेष बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि इकोटूरिज्म के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके। recent visitors 54

केजरीवाल ने ‘AAP’ का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च कर बीजेपी पर तंज किया, देश में गाली-गलौच वाली पार्टी को भी यह गाना पसंद आएगा

नई दिल्ली चुनाव आयोग आज बुधवार को दोपहर 2 बजे दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने वाला है। दिल्ली चुनाव को लेकर सियासी पार्टियों ने प्रचार अभियान भी तेज कर दिया है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पार्टी का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च किया है। इस गाने में दिल्ली सरकार की योजनाओं के बारे में बताया गया है। अरविंद केजरीवाल ने 'AAP' का कैंपेन सॉन्ग लॉन्च करने के मौके पर बीजेपी पर तंज सकते हुए कहा, "देश में गाली-गलौच वाली पार्टी को भी यह गाना पसंद आएगा। वे इसे बंद कमरे में बैठकर सुन सकते हैं और थिरक सकते हैं।" उन्होंने कहा कि दिल्ली में चुनाव एक त्योहार जैसा होता है, जहां लोग नाचते और झूमते हैं।   गाने को दिल्ली के लोगों को समर्पित कर रहे- केजरीवाल केजरीवाल ने आगे कहा, "पूरे चुनावी माहौल में, दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के लोगों को एक चीज का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है और वह है 'AAP' का कैंपेन सॉन्ग। मुझे लगातार फोन आते थे कि 'आप का कैंपेन सॉन्ग कब लॉन्च हो रहा है?' अब हम इस गाने को दिल्ली के लोगों को समर्पित कर रहे हैं। इस गाने का खूब प्रचार करें, क्योंकि यह हमारे दिल्लीवासियों के लिए है।" अरविंद केजरीवाल ने इस कैंपेन सॉन्ग को दिल्ली के लोगों के बीच और पार्टी के प्रचार में उत्साह बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने ‘‘विश्वसनीय सूत्रों'' का हवाला देते हुए दावा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अगले कुछ दिनों में पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के घर पर छापेमारी करेगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए उनकी (केजरीवाल) यह ‘‘चाल'' है क्योंकि उन्हें चुनाव हारने का डर है। सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। 'अगले कुछ दिनों में सीबीआई का छापा पड़ेगा' केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने कुछ दिन पहले बोला था कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी जी को गिरफ्तार किया जाएगा और ‘आप' के कुछ नेताओं के घर पर छापेमारी की जाएगी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, मनीष सिसोदिया जी के घर अगले कुछ दिनों में सीबीआई का छापा पड़ेगा।'' उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव हार रही है, इसलिए ये गिरफ्तारियां और छापेमारी उनकी बौखलाहट का नतीजा है। केजरीवाल ने कहा, ‘‘अभी तक इन्हें हमारे खिलाफ कुछ नहीं मिला है और आगे भी कुछ नहीं मिलेगा। आप एक कट्टर ईमानदार पार्टी है।''  recent visitors 66

पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें बड़े खुलासे हुए, सियासी माहौल गरमाया

भोपाल मध्य प्रदेश में जांच एजेंसियों द्वारा पिछले दिनों की गई कार्रवाई और उसके साथ हुए खुलासों के बाद राज्य का सियासी माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस की ओर से हमले किए जा रहे हैं तो वहीं भाजपा के लोग भी सवाल उठा रहे हैं। पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें बड़े खुलासे हुए हैं। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं के भी संपर्क व संबंध का खुलासा हुआ है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के करोड़पति होने का खुलासा होने के बाद कई राजनेताओं से उसके नजदीकी रिश्ते होने के आरोप लग रहे हैं। उसके यहां से जो दस्तावेज मिले हैं उनकी जांच एजेंसी तहकीकात कर रही है। सौरभ का करीबी चेतन गौर गिरफ्तार किया जा चुका है। अभी तक सौरभ शर्मा का कोई सुराग पुलिस के हाथ या जांच एजेंसी के नहीं लगा है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने सीधे तौर पर सौरभ शर्मा को पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का संरक्षण हासिल होने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि सौरभ को नरोत्तम मिश्रा की अनुशंसा पर ही अनुकंपा नियुक्ति मिली थी इसके अलावा सौरभ की दतिया जिले के चिरुला चेक पोस्ट पर पद स्थापना भी राजनीतिक संरक्षण की वजह थी। इसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी राज्य सरकार और भाजपा से जुड़े कई नेताओं पर आरोप लगा चुके हैं। कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने यही कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम करेगी। भाजपा नेता और पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने तो सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में जोशी ने बिल्डर और पूर्व अधिकारियों के रिश्तों का भी जिक्र किया है।   recent visitors 56

राजद नेता याचिका पर सुनवाई में की टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट ने माननीयों को सिखाया विरोधियों से बात करने का तरीका

नई दिल्ली। विधानसभाओं और संसद में लगातार हो रही कटुतापूर्ण कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा कि ऐसा लगता है कि विधायक यह भूल गए हैं कि कड़ा विरोध जताते समय या विरोधियों की आलोचना करते समय कैसे सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। यह टिप्पणी जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन के सिंह की पीठ ने राजद नेता सुनील कुमार सिंह की रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिका में बिहार विधान परिषद के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें बजट सत्र के दौरान कथित कदाचार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नकल करने के कारण उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया गया था। सम्मान के साथ हो कटु आलोचना सुप्रीम कोर्ट ने सिंह की टिप्पणियों को प्रथम दृष्टया अस्वीकार करते हुए कहा कि सम्मानित सदनों के सदस्यों को दूसरों के कटु आलोचक होते हुए भी उनका सम्मान करना चाहिए। सुनील कुमार सिंह के वकील ए एम सिंघवी ने कहा कि भले ही मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन चुनाव आयोग ने सिंह की खाली हुई सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा की है और आशंका जताई है कि इससे भ्रम की स्थिति पैदा होगी। चुनाव पर रोक लगाने की मांग सिंघवी ने कहा कि अगर चुनाव होते हैं और कोई और निर्वाचित होता है और उसी समय सुप्रीम कोर्ट सिंह के निष्कासन को रद्द कर देता है, तो इससे एक ही सीट के लिए दो निर्वाचित उम्मीदवारों के होने की असंगत स्थिति पैदा होगी। उन्होंने अनुरोध किया कि सुप्रीम कोर्ट को इस महीने के अंत में होने वाले चुनावों पर रोक लगा देनी चाहिए। 'क्या आप ऐसी भाषा का समर्थन करते हैं?' सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव स्थगित करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि वह सिंह की रिट याचिका पर अंतिम सुनवाई 9 जनवरी को करेगा। सिंघवी ने कहा कि सदन के अंदर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को व्यापक छूट दी गई है। पीठ ने कहा कि इस तरह से सदन के अंदर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल किया जाता है? आप (सिंघवी) भी संसद सदस्य हैं। क्या आप सदन के अंदर विरोधियों के खिलाफ ऐसी भाषा के इस्तेमाल का समर्थन करते हैं? सिंघवी ने कहा कि वह ऐसी भाषा का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन ऐसी भाषा के इस्तेमाल के लिए निष्कासन से विपक्ष की बेंच खाली हो जाएगी। एक अन्य एमएलसी की तरफ से भी इसी तरह की भाषा के इस्तेमाल के लिए, उन्हें केवल निलंबित किया गया था। लेकिन सिंह के मामले में, यह निष्कासन था। 26 जुलाई को किया गया था निष्कासित विधान परिषद की आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिंह को हटाने की संस्तुति करते हुए कहा था कि "विपक्ष के मुख्य सचेतक होने के नाते उनकी विधायी जिम्मेदारी और नियमों और विनियमों का पालन दूसरों से अधिक होना चाहिए। लेकिन उनका व्यवहार इसके विपरीत था। वेल में आकर उन्होंने अनर्गल नारे लगाए, सदन की कार्यवाही में बाधा डाली। अध्यक्ष के निर्देश का अनादर किया। सदन के नेता के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। उन्हें अपमानित करने की कोशिश की और एक तरह से विधान परिषद की गरिमा को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के आधार पर सिंह को 26 जुलाई को निष्कासित कर दिया गया। recent visitors 54

पूर्वोत्तर में विदेशियों का आना होगा आसान!, नगालैंड करेगा संरक्षित क्षेत्र परमिट हटाने की केंद्र से मांग

कोहिमा। नगालैंड सरकार ने पूर्वोत्तर राज्य को संरक्षित क्षेत्र परमिट (पीएपी) के दायरे से बाहर करने के लिए केंद्र से अपील करने का फैसला किया है। राज्य के पर्यावरण मंत्री सीएल जॉन ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री के आवासीय परिसर में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से नगालैंड में पीएपी व्यवस्था को समाप्त करने का अनुरोध किया जाएगा। संरक्षित क्षेत्र परमिट के तहत विदेशी नागरिकों को भारत के कुछ विशेष क्षेत्रों में यात्रा करने के लिए पीएपी हासिल करना होता है, जिसमें उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के कुछ इलाके भी शामिल हैं। 'गहन चर्चा के बाद लिया गया फैसला' मंत्री जॉन ने कहा, 'कैबिनेट बैठक में पीएपी व्यवस्था पर गहन चर्चा की गई है। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने देखा कि राज्य ने पिछले साल एक से 10 दिसंबर तक शांति से हॉर्नबिल महोत्सव मनाया था, जिसमें 2,000 से अधिक विदेशी मेहमानों ने भाग लिया। कैबिनेट ने फैसला लिया कि केंद्र से अपील की जाएगी कि नगालैंड से पीएपी व्यवस्था को हटाया जाए।' ढाई हजार विदेशी आए थे पिछली साल पिछले साल दिसंबर में आयोजित हॉर्नबिल महोत्सव के दौरान नगा धरोहर गांव किसामा में कुल 2,05,968 पर्यटक आए थे। इनमें 2,527 विदेशी शामिल थे, जो राज्य की राजधानी से लगभग 12 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। 2021 में की थी व्यवस्था समाप्त, फिर कर दी गई लागू पीएपी व्यवस्था, जो 1960 के दशक से सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लागू की गई थी, दिसंबर 2021 में समाप्त कर दी गई थी। इससे विदेशी नागरिकों को नगालैंड और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में बिना परमिट के प्रवेश की अनुमति मिल गई थी। हालांकि, तीन साल बाद गृह मंत्रालय ने दिसंबर में नगालैंड, मणिपुर और मिजोरम में फिर से पीएपी की व्यवस्था लागू कर दी। recent visitors 52