Monday, July 6, 2026 12:24 am

केजरीवाल ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में दावा किया कि हमारे कार्यकर्ताओं को BJP वाले धमका रहे, दिल्ली पुलिस की भी की शिकायत

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने अपने पत्र में दावा किया है कि नई दिल्ली विधानसभा में AAP कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से धमकाया और परेशान किया जा रहा है। केजरीवाल ने इलेक्शन कमिश्नर को लिखे पत्र में दिल्ली पुलिस की भी शिकायत की है। केजरीवाल ने चुनाव आयोग से दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की भी मांग की है। अरिवंद केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस,2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। केजरीवाल ने पत्र में क्या-क्या लिखा? अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा कि मैं चुनाव के दिन से पहले नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस की ओर से हमारे जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों को दी जा रही धमकी और उत्पीड़न पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं। कल,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक चेतन (प्रिंसेस पार्क पार्ट-2 के निवासी) को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में BNSS, 2023 की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस आधार पर कि उनके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन पर बेशर्मी से ऐसे आरोप लगाए गए जो उन्होंने कभी किए ही नहीं। पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें इस हद तक गंभीर शारीरिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा कि वे बेहोश हो गए और बाद में उन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया। बाद में काफी संघर्ष के बाद उन्हें संबंधित रिटर्न ऑफिसर/SDM के सामने पेश किया गया और जमानत दे दी गई,जिस मामले में उन्हें बेशर्मी से फंसाया गया था। झूठे केस में फंसाया गया- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि एक अन्य समान घटना में,हमारे वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री ओम प्रकाश (निवासी जोधपुर मेस, पांडारा रोड) को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन से फोन आया और उन्हें पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने के लिए कहा गया क्योंकि एसएचओ उनसे बात करना चाहते थे। पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उन्हें गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया गया और बीएनएसएस, 2023 की धारा 126 के तहत निराधार और झूठे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया कि उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बाद में बहुत संघर्ष के बाद,उन्हें संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर/एसडीएम के समक्ष पेश किया गया और जमानत दी गई, जबकि उन्हें खुलेआम और स्पष्ट रूप से फंसाया गया था। केजरीवाल ने की चुनाव आयोग से ये मांग केजरीवाल ने अपने पत्र में आगे लिखा कि दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि हमारे स्वयंसेवक चुनाव के दिन उत्पीड़न या गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने के डर के बिना स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। मैं अपने प्रमुख जमीनी स्तर के स्वयंसेवकों की एक सूची संलग्न कर रहा हूं जिन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए,क्योंकि उन्हें हाल के दिनों में भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस ने निशाना बनाया है। हम आग्रह करते हैं कि उन्हें दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि हम मांग करते हैं कि जिन पुलिस अधिकारियों ने इस असंवैधानिक और अवैध तरीके से और अपने कर्तव्यों की पूर्ण अवहेलना में काम किया है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। चुनाव आयोग को उन कानून प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए जो हमारे स्वयंसेवकों को डराने या दबाने के लिए राजनीतिक दबाव में काम करते पाए जाते हैं। हमारे स्वयंसेवकों पर हमला करने और धमकाने में शामिल व्यक्तियों को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 170 और 171 और चुनाव कानूनों के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और मुकदमा चलाया जाना चाहिए। recent visitors 70

लॉ कॉलेज के छात्रों ने शिकायत की थी कि बाहरी लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं, सरस्वती पूजा का कर रहे विरोध, हाई कोर्ट भड़का

कोलकाता कोलकाता के जोगेश चंद्र लॉ कॉलेज में सरस्वती पूजा को लेकर विवाद का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया। एचसी ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा कि उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो। दरअसल, लॉ कॉलेज के छात्रों ने शिकायत की थी कि बाहरी लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं और सरस्वती पूजा की तैयारियों में बाधा डाली जा रही है। इसे लेकर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को कार्यक्रम के लिए सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया। जस्टिस जॉय सेनगुप्ता ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त आयुक्त स्तर का अधिकारी स्थिति की निगरानी करेगा। कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से कहा गया, 'हमें एक आवेदन मिला है, जिसमें राज्य और कॉलेज के अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई। कोलकाता के प्रिंस अनवर शाह रोड के पास स्थित जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज और जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज में पर्याप्त सुरक्षा की जरूरत है। सरस्वती पूजा का रोकने का प्रयास हो रहा है। ऐसे में कोई भी बाहरी व्यक्ति कॉलेज परिसर में जबरन प्रवेश नहीं कर सकता है। सरस्वती पूजा सम्पन्न कराने के लिए ओपन एंट्री और एग्जिट को रोका जाए।' मोहम्मद शब्बीर अली नाम के बाहरी व्यक्ति पर आरोप है कि उसने धमकी दी और उत्सव को रोकने का प्रयास किया। अब छात्रों ने उच्च न्यायालय के आदेश पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने धर्म का जश्न मनाने का अधिकार है। 'उत्सव को रोकने वालों से सख्ती से निपटा जाए' पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि उत्सव को रोकने के किसी भी प्रयास को अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह जोगेश चंद्र लॉ कॉलेज परिसर में पूजा की इजाजत दी जानी चाहिए और उत्सव को रोकने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कॉलेज में सरस्वती पूजा को रोकने के किसी भी प्रयास की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई धमकायेगा या जबरदस्ती करनेगा या किसी अन्य तरीके से उत्सव को रोकने की कोशिश करता है, तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।' बनर्जी की टिप्पणी कॉलेज के विद्यार्थियों की ओर से 30 जनवरी को लगाए गए आरोपों के बाद आई। recent visitors 37

एक की मौत और दूसरा गंभीर घायल, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ट्रैक्टर चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक चला रहे एक युवक की घटनास्थल पर  ही मौत हो गई। पुलिस आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है, उक्त घटना धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक, धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बलपेदा निवासी अवध राठिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि कल दोपहर वह अपने दोस्त देवान सिंह राठिया के साथ मोटरसाइकिल पर किसी काम के सिलसिले में ग्राम कांटाडांड की ओर जा रहे थे। इस दौरान मोटरसाइकिल को देवान सिंह राठिया चला रहा था।   बाइक सवार दोनों युवक जब ग्राम जमरगीडी मेन रोड एवं पारेमार के पास पहुंचे ही थें कि सामने की तरफ से आ रहे नीले रंग की ट्रैक्टर के चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक सवार युवकों को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक के पीछे बैठा युवक उछलकर झाड़ियों में जा गिरा। वहीं बाइक चला रहा देवान सिंह राठिया ट्रैक्टर के पहियों के नीचे आ गया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों की मदद से मृतक के शव को अस्पताल भेज दिया गया है, बताया जा रहा है कि घटना के बाद से आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। recent visitors 92

डीआरजी के दो जवान भी घायल, छत्तीसगढ़-बीजापुर में मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों के शव और हथियार बरामद

बीजापुर। जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का के जंगल मे शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुई पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया है। वहीं मौके से इंसास रायफल, बीजीएल, 12 बोर बंदूक बरामद की है। इस मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवान भी मामूली रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का व कोरचोली जंगल में प्रतिबंधित माओवादी संगठन अंतर्गत पश्चिम बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम दिनेश, पीएलजीए कंपनी नम्बर 2, पीएलजीए प्लाटून व मिलिशिया कंपनी के सशस्त्र माओवादियों कैडर्स  की उपस्थिति की सूचना पर डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा व सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए निकली थी। अभियान के दौरान शनिवार को डीआरजी व एसटीएफ की संयुक्त पार्टी और माओवादियों के बीच सुबह 8.30 बजे से कई बार मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ थमने के बाद सर्चिंग में 8 पुरुष माओवादियों के शव व इंसास रायफल, 12 बोर रायफल, बीजीएल लांचर सहित बड़ी मात्रा में हथियार व माओवादी सामग्री बरामद की गई है। मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवानों को मामूली चोट पहुंची है। जवानों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त की कार्यवाही कर रही है। पुलिस ने संभावना व्यक्त की है कि इस मुठभेड़ में और भी कई नक्सली  मारे गये हैं अथवा घायल हुए हैं। recent visitors 50

वसंत पंचमी अमृत स्नान कल, एक बार फिर आस्था का जन सैलाब उमड़ने को तैयार

प्रयागराज दो दिनों की राहत के बाद रविवार से फिर आस्था का रेला उमड़ने की उम्मीद है। वसंत पंचमी अमृत स्नान पर्व सोमवार को तो चार करोड़ से अधिक लोगों के स्नान की उम्मीद की जा रही है। शनिवार शाम से इसकी झलक भी दिखने लगी है और संगम आने वाले मार्गों पर स्नानार्थियों का रेला दिख रहा है। इसका अनुमान प्रशासन को भी है और इसे ध्यान में रखते हुए तैयारियां भी की जा रही हैं। 26 जनवरी से ही मेला में आने वालों का तांता लग गया था। मौनी अमावस्या के दिन तो सभी रिकॉर्ड टूट गए और करीब आठ करोड़ लोगों ने स्नान किया। इसके अगले दिन भी मेला क्षेत्र तथा आसपास के मार्गों पर स्नानार्थियों का रेला आता रहा। हालांकि शुक्रवार और शनिवार को अपेक्षाकृत कम भीड़ रही। शहर में आवागमन सुचारू रहा तो मेला क्षेत्र में भी पूर्व की तरह भीड़ नहीं दिखी। इसके विपरीत रविवार से फिर स्नानार्थियों का रेला आने की उम्मीद है। वसंत पंचमी अमृत स्नान पर्व सोमवार को है। हालांकि, रविवार को ही पंचमी लग जाने की बात कही जा रही है। यानि, रविवार से ही वसंत पंचमी का स्नान शुरू हो जाएगा। इसके अलावा अवकाश भी है। ऐसे में रविवार और सोमवार को एक बार फिर आस्था का जन सैलाब उमड़ने की उम्मीद है। काली मार्ग, बांध समेत मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों तथा संगम की तरफ आने वाली सड़कों पर दोपहर से ही स्नानार्थियों की कतार लंबी होने लगी और देर रात तक लोगों के आने का क्रम जारी रहा। शनिवार को करीब दो करोड़ ने किया स्नान शनिवार को भी करीब दो करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार दिन में चार बजे तक ही 1.80 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान कर लिया था।   मेला में तैनात किए गए पांच और एसडीएम मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर हुए हादसे के बाद सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए हर स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में शासन की ओर से मेला क्षेत्र में कुंभ 2019 में प्रयागराज के मंडलायुक्त रहे आशीष गोयल तथा पीडीए के उपाध्यक्ष तथा डीएम रहे भानु चंद्र गोस्वामी के साथ पांच विशेष सचिवों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। शनिवार को पीसीएस स्तर के पांच और अफसरों की मेले में तैनाती की गई। नोएडा विकास प्राधिकरण में तैनात देवेंद्र कुमार सिंह, बुंदेलखंड औद्योगिक प्राधिकरण के ओएसडी राम कुमार शुक्ला, फिरोजाबाद से शिव ध्यान पांडेय, उन्नाव के प्रशांत कुमार नायक तथा सीतापुर के पराग माहेश्वरी को मेला प्राधिकरण से 15 फरवरी तक के लिए संबद्ध किया गया है। ये अफसर महाकुंभ आयोजन को बेहतर बनाने में सहयोग करेंगे। वसंत पंचमी के लिए संगम घाट पर 28 नए स्ट्रैटेजिक प्वाइंट वसंत पंचमी के अमृत स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाई गई है। उसके तहत संगम घाट पर 28 स्ट्रैटेजिक प्वाइंट बनाए गए हैं। इन प्वाइंटों पर पुलिस के साथ ही आरएएफ और पैरामिलिट्री के जवानों की संयुक्त टीम इन प्वाइंटों पर तैनात की जाएगी। मौनी अमावस्या पर हुए हादसे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 28 स्ट्रैटेजिक प्वाइंट उन स्थानों पर बनाए गए हैं जो भीड़ के लिहाज से संवेदनशील हैं।  मौनी अमावस्या और मकर संक्रांति स्नान पर्वों पर भीड़ के प्रवाह के आधार पर इन स्थलों को चिह्नित किया गया है। पिछले अनुभवों से यह माना गया कि भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर इन प्वाइंट पर विशेष रूप से सतर्कता बरते जानी की जरूरत है। इसी को देखते हुए इन 28 स्ट्रैटेजिक प्वाइंट पर वसंत पंचमी के दिन विशेष रूप से गठित टीमें तैनात करने का निर्णय लिया गया है। संगम घाट पर यह टीमें तैनात की जाएंगी। हादसे से सबक लेते हुए कुछ अन्य व्यवस्थाएं भी की इसके अलावा मौनी अमावस्या पर हुए हादसे से सबक लेते हुए कुछ अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं। संगम घाट पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात सभी जवानों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी हाल में वसंत पंचमी के दिन संगम घाट पर भीड़ इकट्ठी न होने पाए। कहा गया है कि स्नान के बाद तुरंत श्रद्धालुओं को घाट छोड़ने को कहा जाए। इस बात का विशेष ख्याल रखा जाए कि अखाड़ा मार्ग पर किसी भी श्रद्धालु का आवागमन न हो। श्रद्धालु अपनी निर्धारित लेन से ही स्नान करने जाएं और फिर पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही वापसी करें। इसके लिए एक बार फिर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए जा रहे जवानों को रूट मैप दिखाकर एक-एक बिंदु के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। शुक्रवार को मेला पुलिस के आला अधिकारियों ने पुलिस लाइन में हुई ब्रीफिंग में सभी जवानों को ड्यूटी के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं।  बैरिकेड तोड़ने वालों पर रहेगी विशेष नजर वसंत पंचमी के मौके पर यह भी व्यवस्था की गई है कि इस बार बैरिकेड तोड़ने वालों की निगरानी के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी स्ट्रैटेजिक पॉइंट पर मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की जाएगी। कमांड सेंटर से इस बात पर विशेष नजर रखी जाएगी की कोई बैरिकेडिंग ना तोड़ पाए। आला पुलिस अफसरों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह किसी भी हालत में बैरिकेडिंग को पार न करें। recent visitors 24

‘देश के मित्र शत्रुओं को बख्शेंगे नहीं’, 18 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद बलूचिस्तान पहुंचे सेना प्रमुख

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर ने शनिवार को बलूचिस्तान का दौरा किया। आतंकियों के साथ संघर्ष के दौरान 18 सैनिकों की मौत के बाद उन्होंने कहा कि देश को निशाना बनाने वाले देश के मित्र शत्रुओं का हम पता लगाकर रहेंगे। हम उनको बख्शेंगे नहीं। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में पिछले 24 घंटों में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए 18 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है, जबकि 23 आतंकवादी भी मारे गए हैं। इस बीच सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर ने बलूचिस्तान के क्वेटा का दौरा किया। सेना ने कहा कि अधिकारियों ने सेना प्रमुख मुनीर को बलूचिस्तान में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर ने कहा कि जो लोग अपने विदेशी आकाओं के आतंकी प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे हैं। जिन्होंने शिकारी कुत्ते के साथ शिकार करने और खरगोश के साथ दौड़ने के दोहरे मापदंड की कला हासिल कर ली है। हम उनके बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। ये तथाकथित मित्र-शत्रु चाहे कुछ भी कर लें, वे हमारे गौरवशाली राष्ट्र और इसके सशस्त्र बलों से पराजित होंगे। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभूमि और उसके लोगों की रक्षा के लिए जब भी आवश्यकता होगी और वे जहां भी होंगे हम जवाबी कार्रवाई करेंगे और उनको ढूंढ निकालेंगे। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) मुनीर ने आतंकवाद से लड़ने के लिए सेना, फ्रंटियर कोर और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बहादुर अधिकारियों और सैनिकों के साहस व दृढ़ संकल्प की भी सराहना की। उन्होंने बलूचिस्तान के लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए सेना के संकल्प को फिर से दोहराया। साथ ही क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों में प्रांतीय सरकार को समर्थन देने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है बलूचिस्तान बता दें कि बलूचिस्तान में बलूच चरमपंथियों द्वारा नियमित रूप से सुरक्षा बलों पर हमले किए जा रहे हैं। बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन अन्य प्रांतों की तुलना में इसके पास अधिक संसाधन होने के बावजूद यह सबसे कम विकसित है। recent visitors 34

हेल्थ टिप्स – क्या ज्यादा फायदेमंद? आलू या शकरकंद, एक्सपर्ट से जानें बेनिफिट्स, ज्यादा खाने के नुकसान, किसे नहीं खाना चाहिए

Which is more beneficial? Potato or sweet potato हर भारतीय रसोई में आलू और शकरकंद की खास जगह है। ये दोनों ही फूड हमारी थाली में अहम स्थान रखते हैं। इन दोनों में कई सारी समानताएं हैं, जो उन्हें एक जैसा बनाती हैं। अंग्रेजी भाषा में दोनों के नाम भी मिलते-जुलते हैं। आलू को ‘पोटैटो’ और शकरकंद को ‘स्वीट पोटैटो’ के नाम से जाना जाता है।आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है और हर भारतीय रसोई में हमेशा इसकी मौजूदगी होती है। वहीं शकरकंद अपने मीठे स्वाद और न्यूट्रिएंट्स की वजह से अलग पहचान रखता है।शकरकंद को कई डिश में मिठास के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सर्दी के मौसम में शकरकंद खूब खाया जाता है। हालांकि, जब बात सेहत की आती है, तो यह सवाल उठता है कि इन दोनों में से क्या अधिक फायदेमंद है? आलू के फायदे आलू के कई सारे चाहने वाले हैं। लोग इसे अलग-अलग रूपों में पसंद करते हैं। हालांकि इसके स्वाद के साथ हेल्थ बेनिफिट्स की वजह से भी इसे पसंद किया जाता है। विटामिन C: एक मध्यम आकार का यानी तकरीबन 115 ग्राम का एक आलू खाने से विटामिन C की दैनिक जरूरत की 11% पूरा हो जाता है।विटामिन C कोलेजन बनाने में मदद करता है। यह आयरन के अवशोषण में सहायक होता है। इसके अलावा आलू में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट भी होता है।विटामिन B6: आलू में विटामिन B6 भी होता है, जो हमारी दैनिक आवश्यकता का 25% पूरा करता है। विटामिन B6 रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन में मददगार है।यह ऊर्जा के रूपांतरण और ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में मदद करता है, जो मूड और नींद को नियंत्रित करते हैं। फाइबर: आलू में फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।पोटेशियम: इसमें पोटेशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। यह नर्वस सिस्टम और मांसपेशियों के कार्य में मदद करता है। स्टार्च: आलू में एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट होता है, जिसे स्टार्च कहा जाता है। यह छोटी आंत में नहीं टूटता, बल्कि सीधे बड़ी आंत में जाता है। यह आंतों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। हालांकि, पेट की समस्या हो तो आलू खाने से बचना चाहिए। शकरकंद अपने लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स और फाइबर के कारण डायबिटीज कंट्रोल करने और वजन घटाने में मददगार है। शकरकंद फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है। इसके छिलके में पाया जाने वाला फाइबर प्रीबायोटिक गुणों से भरपूर होता है, जो गुड बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है और आंतों की हेल्थ को बेहतर बनाता है। विटामिन A: नारंगी शकरकंद में बीटा-कैरोटीन और प्रोविटामिन A की भरपूर मात्रा होती है, जो आंतों में जाकर विटामिन A में बदल जाता है। एक मध्यम आकार का शकरकंद (114 ग्राम) खाने से रोज की विटामिन A की जरूरत का 122% मिल जाता है। यह सेल्स के विकास, इम्यून सिस्टम, प्रजनन और आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। पॉलीफेनोल्स: शकरकंद में पॉलीफेनोल्स एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो सूजन को कम करने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सुधारने और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। बैंगनी शकरकंद में पाया जाने वाला एंथोसाइनिन सूजन को कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक होता है। विटामिन C और विटामिन B6: शकरकंद विटामिन C और विटामिन B6 का भी अच्छा स्रोत है। इसमें भी आलू की तरह प्रतिरोधी स्टार्च पाया जाता है, जो आंतों के स्वास्थ्य को सुधारने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है। साथ ही इससे पेट भरे होने का एहसास होता है, जो वजन घटाने में मददगार हो सकता है।तो, क्या आपने यह सोच लिया है कि आपकी हेल्थ के लिए क्या बेहतर है– आलू या शकरकंद? आइए ग्राफिक के जरिए दोनों में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स और डेली वैल्यू के बीच के अंतर को समझते हैं। आलू और शकरकंद दोनों ही हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से कई नुकसान हो सकते हैं। साथ ही एलर्जी की समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों को शकरकंद खाने से बचना चाहिए।शकरकंद में विटामिन A की अधिकता होती है। इससे शरीर में पॉइजनिंग हो सकती है। वहीं अधिक मात्रा में आलू खाने से कई सारी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए जानते हैं। आपके लिए कौन सा बेहतर? आलू और शकरकंद दोनों ही हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। इनमें कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है। शकरकंद में विटामिन A की मात्रा ज्यादा होती है, जो आंखों की सेहत और इम्यून फंक्शन के लिए बेहद जरूरी है।अपनी हेल्थ को ध्यान में रखते हुए जरूरत के अनुसार, आलू और शकरकंद दोनों को हम अपनी डाइट में संतुलित मात्रा में शामिल कर सकते हैं। अगर इनके साथ प्रोटीन रिच फूड, कई सारी हरी सब्जियां और हेल्दी फैट्स हो, तो ये हमारी सेहत के लिए अधिक फायदेमंद साबित होते हैं। क्रॉनिक डायबिटीज के मरीजों को आलू खाने से बचना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।आलू में स्टार्च की अधिक मात्रा होती है। ऐसे में गैस्ट्रिक या एसिडिटी की समस्या से जूझ रहे लोगों को आलू से परहेज करना चाहिए।आलू में एक ऐसा केमिकल होता है, जो एनेस्थीसिया के असर को कम कर सकता है। साथ ही सर्जरी से रिकवरी में देरी का कारण बन सकता है। इसलिए किसी सर्जरी के बाद इसे खाने से बचना चाहिए।आलू में ऑक्सलिक एसिड पाया जाता है, जो ब्लैडर सर्जरी के बाद दर्द पैदा कर सकता है। इसलिए ब्लैडर सर्जरी से पहले आलू नहीं खाना चाहिए।क्रॉनिक डायबिटीज हो तो शकरकंद नहीं खाना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।लिवर की बीमारी से जूझ लोगों को भी शकरकंद नहीं खाना चाहिए। शकरकंद में पोटैशियम बहुत ज्यादा होता है, जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। recent visitors 138