Wednesday, July 8, 2026 11:16 am

प्रहलाद बोले-लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ी: कैबिनेट मंत्री ने कहा- माला पहनाएंगे और मांग पत्रों का टोकना पकड़ा देंगे

Prahlad said- People have got into the habit of begging from the government: Cabinet minister said- will garland them and give them a token for the demand letters भोपाल। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने शनिवार को जनता के मांग पत्रों को ही भीख करार दे दिया। उन्होंने कहा- ‘अब तो लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है। नेता आते हैं, एक टोकना (टोकरी) तो कागज मिलते हैं उनको। मंच पर माला पहनाएंगे और एक पत्र पकड़ा देंगे। यह अच्छी आदत नहीं है। लेने की बजाय देने का मानस बनाएं। मैं दावे से कहता हूं आप सुखी होंगे। और एक संस्कारवान समाज को खड़ा करेंगे। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा, यह भिखारी की फौज इकट्ठी करना, यह समाज को मजबूत करना नहीं है। समाज को कमजोर करना है। मुफ्त की चीजों के प्रति जितना आकर्षण रखते हैं यह वीरांगनाओं का सम्मान नहीं है। किसी शहीद का सम्मान तब है, जब हम उस मंत्री बोले- मैं खुद के लिए कभी नहीं मांगता ऐसे किसी शहीद का नाम जानते हैं, जिसने किसी से भीख मांगी हो। मुझे नाम बताना, उसके बावजूद भी हम आते हैं और अपने कार्यक्रम करके चले जाते हैं। मैं एक ही भिक्षा मांगकर अपनी बात खत्म करता हूं कि नर्मदा का परिक्रमा वासी हूं, तो भिक्षा तो मांगता हूं। खुद के लिए कभी नहीं मांगता। काेई नहीं कह सकता कि मैंने प्रहलाद पटेल को यह दिया है। रानी अवंतीबाई की प्रतिमा अनावरण करने पहुंचे थे पटेल मंत्री प्रहलाद पटेल राजगढ़ जिले में सुठालिया में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। राजगढ़ के सुठालिया में रानी अवंतीबाई की प्रतिमा अनावरण से पहले लोधा समाज ने नगर में चल समारोह निकाला। चल समारोह परलापुरा स्कूल से शुरू होकर सदर बाजार होते हुए बस स्टैंड पर पहुंचा। प्रहलाद पटेल और सभी अतिथियों का स्वागत कर रानी अवंतीबाई की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। लोगों ने जेसीबी से पुष्पवर्षा कर प्रहलाद पटेल का स्वागत किया। recent visitors 166

आज भारत की न्यूजीलैंड से होगी भिड़ंत, भारत की प्लेइंग 11 में हो सकता है 1 बदलाव

दुबई चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम आखिरी लीग मैचआज न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इसके बाद भी यह मैच महत्वपूर्ण होगा। इस मैच के नतीजे से यह तय होगा कि ग्रुप ए की अंक तालिका में पहले और दूसरे स्थान पर कौन होगा। इससे तय होगा कि सेमीफाइन में भारत किससे भिड़ेगा और न्यूजीलैंड का किससे सामना होगा। भारतीय टीम इस मैच में 1 बदलाव के साथ उतर सकती है। तेज गेंदबाजी विभाग में बदलाव हो सकता है। न्यूजीलैंड की टीम में पांच बाएं हाथ के बल्लेबाज की मौजूदगी और पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान मोहम्मद शमी की पिंडली में आई मामूली परेशानी के कारण भारतीय टीम प्रबंधन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को खिला सकता है। शुक्रवार के अभ्यास सत्र में इसके संकेत मिले तो पंजाब के इस तेज गेंदबाज के शमी की जगह लेने की पूरी संभावना है। शमी लंबे समय तक चोट से दूर रहने के बाद हाल ही में भारतीय टीम में लौटे हैं। अर्शदीप ने 13 ओवर फेंके अर्शदीप ने गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल की निगरानी में ट्रेनिंग ली और पूरे रनअप के साथ 13 ओवर फेंके, जबकि शमी ने कम रनअप के साथ केवल 6-7 ओवर फेंके। वह पूरी ताकत से गेंदबाजी नहीं कर रहे थे। 23 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान शमी ने पारी का तीसरा ओवर फेंकने के तुरंत बाद फिजियो से अपने दाहिने पैर का उपचार करवाया था। शुक्रवार को ट्रेनिंग सत्र के दौरान खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज से पता चलता है कि भारत महत्वपूर्ण सेमीफाइनल से पहले शमी को एक बहुत जरूरी ब्रेक दे सकता है। गेंदबाजी लाइनअप में बदलाव के संकेत मीडिया से बातचीत में केएल राहुल इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि भारत प्रलोभन के बावजूद विजयी संयोजन में बदलाव करेगा या नहीं, लेकिन सहायक कोच रेयान डोएशेट ने बाद में शाम को संकेत दिया कि गेंदबाजी लाइनअप में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिए यह बड़ा मैच होगा। यह उनका 300वां वनडे मुकाबला होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें। भारत की संभावित प्लेइंग 11 रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह। भारतीय टीम में हर कोई फिट, बदलाव की उम्मीद कम : केएल राहुल भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल का कहना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ होने जा रहे चैंपियंस ट्रॉफी के अंतिम ग्रुप स्टेज मैच के लिए मोहम्मद शमी और रोहित शर्मा दोनों ही उपलब्ध होंगे। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान शमी मुश्किल में दिखे थे और उन्होंने अपना कोटा पूरा नहीं किया था। रोहित को भी हैमस्ट्रिंग में समस्या महसूस हुई थी। हालांकि भारतीय टीम एक हफ्ते के लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरने वाली है। राहुल ने कहा, “मुझे इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है, लेकिन इतना पता है कि हर कोई ठीक है। मुझे जहां तक पता है किसी के भी मैच मिस करने की चिंता नहीं है। शायद आज की ट्रेनिंग के बाद हमें अधिक जानकारी मिलेगी।” भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। इस मैच के दो दिन बाद यानि 4 मार्च को भारत को अपना सेमीफाइनल मैच खेलना है। लगातार पड़ रहे मैचों के बीच क्या भारतीय टीम किसी खिलाड़ी को आराम देने वाली है? तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत, स्पिनर वरूण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर अभी तक एक भी मैच नहीं खेले हैं। क्या आखिरी लीग मैच में उन्हें उतारा जा सकता है? यह पूछने पर राहुल ने कहा ,”मैं नेतृत्व समूह का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन मुझे यकीन है कि इसका लालच तो होगा। मैं इस स्थिति में पहले रहा हूं जब आपके पास खिलाड़ियों को आजमाने का मौका होता है। लेकिन मुझे नहीं पता कि यह चैंपियंस ट्रॉफी में होगा या नहीं। हमें सेमीफाइनल से पहले एक ही दिन का ब्रेक मिला है। अभी छह दिन का ब्रेक है और हम चाहते हैं कि सभी खिलाड़ियों को मौका मिले। यह मेरा विचार है, लेकिन पता नहीं कल शायद कुछ और हो।” विकेटकीपर राहुल को पता है कि उनके कारण ऋषभ पंत को बाहर बैठना पड़ रहा है। ये बात उनके दिमाग में चलती रहती है, लेकिन राहुल का कहना है कि इससे उनके खेलने के तरीके पर कोई असर नहीं पड़ता। राहुल ने कहा, “दबाव तो रहता ही है, मैं झूठ नहीं बोलूंगा। वो एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और हम सभी ने देखा है कि वो क्या कर सकते हैं। वो कितने आक्रामक हो सकते हैं और कितनी तेजी से मैच का रुख बदल सकते हैं। टीम के लिए भी हमेशा एक लालच रहता है चाहे जो भी कप्तान हो या कोच हो कि या तो उन्हें खिलाएं या मुझे। ये हमेशा चलता रहता है। लेकिन मेरे लिए अगर मुझे मौका दिया जाता है, तो मैं यही देखता हूं कि मैं टीम के लिए क्या सबसे अच्छा कर सकता हूं। “मैं ऋषभ से मुकाबला करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं और ना ही उनकी तरह खेलने की कोशिश करता हूं। जब उन्हें मौका मिलेगा तो वो भी किसी और की तरह खेलने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्हें उनके खेल और टीम को जो योगदान दे सकते हैं उसकी वजह से चुना जाता है और मेरे साथ भी वही बात लागू होती है। इसलिए मैं अपने खेल से चिपका रहता हूं और वही करने की कोशिश करता हूं जो मुझे सबसे अच्छा आता है।”   recent visitors 48

करनैल सिंह स्टेडियम में आज से बहुप्रतीक्षित टी-20 त्रिकोणीय श्रृंखला खेली जायेगी

नयी दिल्ली भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की बधिर टीमों के बीच आज से नई दिल्ली के करनैल सिंह स्टेडियम में बहुप्रतीक्षित टी-20 त्रिकोणीय श्रृंखला खेली जायेगी। इस त्रिकोणीय श्रृंखला का आयोजन भारतीय बधिर क्रिकेट संघ (आईडीसीए) की ओर से किया जा रहा है। भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय बधिर क्रिकेट टीमें दो से आठ मार्च तक होने वाली श्रृंखला में भाग लेंगी। त्रिकोणीय श्रृंखला के बाद, भारतीय बधिर क्रिकेट टीम 10 से 12 मार्च तक ऑस्ट्रेलिया के साथ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय पुरुष चयन समिति द्वारा चुनी गयी भारतीय बधिर क्रिकेट टीम की अगुवाई वीरेंद्र सिंह करेंगे। टी-20 अंतरराष्ट्रीय त्रिकोणीय सीरीज की शुरुआत भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कल होने मैच से होगी और इसमें छह लीग मैच खेले जायेंगे। त्रिकोणीय श्रृंखला का फाइनल आठ मार्च को होगा। इस अवसर पर आईडीसीए के अध्यक्ष सुमित जैन ने कहा, “ यह त्रिकोणीय सीरीज विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह खेल की सच्ची भावना को प्रदर्शित करती है और तीन प्रमुख क्रिकेट देशों की बधिर क्रिकेट टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होगा। मेरी ओर से भी टीमों के खिलाड़ियों को शुभकामनायें। मैं विशेष रूप से हमारी भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन देखने के लिये उत्साहित हूं। यह हमारे खिलाड़ियों के लिये टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के रूप में स्थापित करने का बड़ा अवसर है। ” भारतीय बधिर टीम इस प्रकार है: वीरेंद्र सिंह (कप्तान), उमर अशरफ (विकेट कीपर), अभिषेक सिंह, आकाश सिंह, यशवंत नायडू, संजू शर्मा, संतोष कुमार मोहपात्रा, कुलदीप सिंह, विवेक कुमार, सुदर्शन ई, कृष्णा गौड़ा (विकेटकीपर), एम. श्रमित, सिबुन नंदा, अंकित जांगिड़ और शरीक मजीद।   recent visitors 56

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं पर जोर, दुड़मा वाटरफॉल बना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

रायपुर छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार के प्रयासों से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दुड़मा वॉटरफॉल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है, जिससे यह अब पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है. छत्तीसगढ़ के विविध प्राकृतिक स्थलों में जलप्रपातों का विशेष स्थान है. ये जलप्रपात न केवल पर्यावरण की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यटकों के आकर्षण का भी प्रमुख केंद्र बनते हैं. ऐसा ही एक प्रसिद्ध जलप्रपात है दुड़मा वाटरफॉल, जो अपनी अविरल जलधारा, सुरम्य वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने दुड़मा वाटरफॉल को विकसित करके देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का शानदार काम किया है. ये वाटरफॉल आज देश और दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, और अब यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है. छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. ‘दुड़मा वाटरफॉल,’ इसी विरासत का अनमोल रत्न है जिसे राज्य के मुखिया ने बहुत ही कुशलता से संवारा है. ‘दुड़मा वाटरफॉल,’ अब न केवल स्थानीय लोगों के बीच बल्कि राज्यभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है. दुड़मा वाटरफॉल का सौंदर्य स्वर्ग से कम नहीं है. यहाँ का शांत वातावरण, दूर-दूर तक फैले पहाड़, झरने की तेज़ आवाज़ और आसपास की हरियाली इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत बनाती है. बारिश के मौसम में यह झरना अपनी पूरी भव्यता के साथ और भी खूबसूरत लगता है इसीलिए दूर-दूर से पर्यटक यहाँ इसकी अद्भुत छटा का आनंद लेने आते हैं.दुड़मा वॉटरफॉल, जो पहले स्थानीय लोगों तक ही सीमित था, अब सरकार की पहल से एक सुव्यवस्थित और आधुनिक पर्यटन स्थल में बदल चुका है. यहां अब आधुनिक विश्राम स्थल, वॉच टावर, सुरक्षा बैरिकेड्स, कैफेटेरिया और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जैविक कचरा प्रबंधन और सोलर लाइटिंग जैसी हरित पहल भी की गई हैं. दुड़मा वाटरफॉल का भौगोलिक परिचय दुड़मा वाटरफॉल भारत के प्रमुख झरनों में से एक है, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा में स्थित है. यह जलप्रपात माचकुंड नदी में स्थित है और लगभग 157 मीटर (515 फीट) की ऊँचाई से गिरता है यह जल प्रपात. इसके आसपास का क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और प्राकृतिक गुफाओं से घिरा हुआ है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है.प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर यह जलप्रपात जिला मुख्यालय सुकमा से लगभग 28 किलोमीटर दूर छिंदगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत चिपुरपाल में स्थित है जहां तक पहुँचना राज्य सरकार के प्रयासों ने बहुत आसान और सुविधाजनक बना दिया है. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य राज्य में सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए उसे पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा”पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जिससे सड़क संपर्क, पार्किंग और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है. दुड़मा वाटरफॉल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व दुड़मा जलप्रपात का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत ज़्यादा है.स्थानीय आदिवासी समुदाय इसे पवित्र स्थल मानते हैं और यहाँ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. माचकुंड नदी को भी धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है, जिससे इस स्थल की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रयास सरकार ने दुड़मा वाटरफॉल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं. इसमें सड़क निर्माण, रिसॉर्ट्स और होटल्स की स्थापना, ट्रेकिंग ट्रेल्स का विकास और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था शामिल है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का यह एक बेहतरीन उदाहरण है. सरकार और जिला प्रशासन की पहल से दुड़मा वाटरफॉल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है. यहाँ तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क, मिनी गार्डन, दुकानों, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं. दुड़मा वाटरफॉल की प्राकृतिक सुंदरता सोशल मीडिया पर भी वायरल है. वीडियो मेकर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने इस स्थल की मनमोहक तस्वीरों और वीडियो को साझा कर इसे और भी लोकप्रिय बना दिया है. दुड़मा में पिकनिक मनाने पहुंचे मडियम सोड़ी ने कहा, मैंने इस जगह की खूबसूरती के बारे में सुना था, लेकिन यहाँ आकर इसकी प्राकृतिक छटा को देखकर मन प्रसन्न हो गया. यह जगह परिवार के साथ समय बिताने के लिए शानदार है. वहीं दंतेवाड़ा जिले से आए मनसा बघेल ने बताया, मुझे दुड़मा की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली. मैंने अपने दोस्तों को यहाँ चलने के लिए कहा और हम सभी ने यहाँ आकर खूब आनंद लिया. दुड़मा वाटरफॉल के चारों ओर का हरा-भरा जंगल और ठंडी हवाएं इसे और भी खास बनाती हैं. यहाँ की शांतिपूर्ण और सुरम्य वातावरण पर्यटकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है. यह जलप्रपात हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है, चाहे वह प्रकृति प्रेमी हों या एडवेंचर के शौकीन. दुड़मा वाटरफॉल को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. यहाँ आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मूलभूत ढांचे को और मजबूत किया गया है. इसके अलावा, पर्यटन विभाग भविष्य में और अधिक सुविधाओं को जोड़ने की योजना बना रहा है.छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा में दुड़मा वाटरफॉल ने एक नई पहचान बनाई है. यह स्थल न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार और आजीविका का भी साधन बन रहा है. पर्यटकों के उत्साह और साय सरकार की पहल से यह स्पष्ट है कि दुड़मा वाटरफॉल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थल बन चुका है. दुड़मा वाटरफॉल में पर्यटन और रोमांचक गतिविधियाँ दुड़मा वाटरफॉल केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं … Read more

12 मार्च से इंडिगो एयरलाइंस कर सकती है जयपुर, दिल्ली और मुंबई की सभी उड़ानें बंद

जैसलमेर होली से पहले जैसलमेर के निवासियों और पर्यटकों के लिए बुरी खबर सामने आई है। इंडिगो एयरलाइंस 12 मार्च के बाद जयपुर, दिल्ली और मुंबई के लिए अपनी सभी उड़ानें बंद कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो 13 मार्च से जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट पूरी तरह से वीरान हो जाएगा। सिविल एयरपोर्ट के निदेशक प्रमोद मीणा ने बताया कि इंडिगो ने फिलहाल 12 मार्च तक के लिए ही शेड्यूल जारी किया है, लेकिन उसके बाद हवाई सेवाओं को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। एयरलाइन की वेबसाइट पर 12 मार्च के बाद कोई बुकिंग उपलब्ध नहीं है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि उड़ानें अस्थायी रूप से बंद की जा सकती हैं। होली पर पर्यटन को झटका पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि होली के दौरान जैसलमेर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन इसी समय फ्लाइट सेवाओं का बंद होना पर्यटन उद्योग के लिए घाटे का सौदा साबित होगा। जैसलमेर में पर्यटन सीजन के दौरान करीब चार महीने तक हवाई सेवाएं संचालित होती हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं। यदि पूरे साल उड़ानें जारी रहें तो न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को मेडिकल इमरजेंसी और अन्य आवश्यक यात्राओं में भी सहूलियत मिलेगी। पहले भी रुक चुकी हैं उड़ानें जैसलमेर में एयर कनेक्टिविटी की शुरुआत स्पाइसजेट ने की थी, जो समर और विंटर शेड्यूल के अनुसार अपनी सेवाएं संचालित करता था। 2021 में पर्यटन व्यवसायियों और स्पाइसजेट के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत घाटे की भरपाई का अनुबंध किया गया था। हालांकि, पर्याप्त यात्रियों की संख्या मिलने के कारण एयरलाइन को घाटा नहीं उठाना पड़ा। स्थायी हवाई सेवा की मांग स्थानीय लोगों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि जैसलमेर में सालभर हवाई सेवाओं का संचालन जरूरी है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब देखना होगा कि इंडिगो इस फैसले पर पुनर्विचार करती है या नहीं, या फिर जैसलमेर एक बार फिर हवाई सेवाओं से वंचित रह जाता है। recent visitors 38

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक की स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में बेहतर रैंकिंग के लिए दिए सख्त निर्देश

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में बेहतर रैंकिंग के लिए पुख्ता तैयारी के निर्देश दिए हैं. उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में सर्वेक्षण के दौरान मूल्यांकन के लिए प्रमुख दस मापदण्डों, 54 प्रमुख संकेतको एवं 166 सह-संकेतकों की जानकारी देते हुए सभी बिन्दुओं पर निकायों को वांछित तैयारियां रखने को कहा. इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.उन्होंने इस संबंध में निकायों द्वारा अब तक की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय क्षेत्रों में दर्शनीय स्वच्छता के लिए सार्वजनिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमित सफाई, ट्विन-बिन्स की उपलब्धता, शत-प्रतिशत ठोस अपशिष्ट संग्रहण एवं परिवहन, सीटीयू, ब्लैक स्पॉट, जीवीपी से मुक्त शहर, बैक-लेन. नालियों एवं जल-स्त्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने आगामी समीक्षा बैठकों में सभी नगरीय निकायों के स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के परिणामों की निकायवार समीक्षा करने की बात कही. निकायों के प्रदर्शन एवं रैंकिंग के विश्लेषण के बाद इसमें गिरावट पाए जाने पर राज्य शासन स्तर द्वारा कार्यवाही की जाएगी. उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में निकायों में लंबित विद्युत देयकों के निपटान एवं 15वें वित्त आयोग से संबंधित कार्यवाहियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी नगरीय निकायों को 15 दिनों में विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सिटी डेव्हलपमेंट प्लान तैयार कर संचालनालय भेजने को कहा. recent visitors 23

मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक उन्नत अर्थव्यवस्था बनने की भारत की महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण: IMF

संयुक्त राष्ट्र भारत की विवेकपूर्ण नीतियों की सराहना करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी बोर्ड ने कहा है कि देश का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए महत्वपूर्ण सुधारों को अपनाने में मदद कर सकता है. आईएमएफ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया, "भारत का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल करने के लिए जरूरी अहम और चुनौतीपूर्ण संरचनात्मक सुधारों को लागू करने में मदद कर सकता है." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आजादी के सौ साल पूरे होने की समय सीमा तय की है. रिपोर्ट में आईएमएफ के कार्यकारी निदेशकों ने भारतीय अधिकारियों की विवेकपूर्ण व्यापक आर्थिक नीतियों और सुधारों की सराहना की, जिन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और एक बार फिर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान दिया है. रिपोर्ट में बताया गया कि भारत के वित्तीय क्षेत्र का स्वास्थ्य, मजबूत कॉरपोरेट बैलेंसशीट और अच्छा डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर दर्शाता है कि देश की वृद्धि दर मध्यम अवधि में तेज रहेगी. साथ ही जनकल्याण की योजनाएं भी जारी रहेंगी. रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि भू-आर्थिक विखंडन और धीमी घरेलू मांग से उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए, व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उचित नीतियां जारी रखना आवश्यक है. इसके अलावा, रिपोर्ट में भारत द्वारा हाल ही में घटाए गए टैरिफ का भी स्वागत किया गया है. इससे देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी. पिछले महीने पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटोमोबाइल से लेकर शराब तक कई प्रकार के आयात पर टैरिफ कम कर दिया था. "महिला भागीदारी को लेबर फोर्स में बढ़ाना चाहिए" आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा कि संरचनात्मक सुधार देश में उच्च-गुणवत्ता की नौकरियां पैदा करने और निवेश के लिए काफी जरूरी हैं. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारत को लेबर मार्केट सुधारों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और महिला भागीदारी को लेबर फोर्स में बढ़ाना चाहिए. recent visitors 59