Sunday, July 5, 2026 9:53 am

अंकिता लोखंडे पति लेकर अपने होमटाउन पहुंचीं, पिता को याद करके रोने लगीं

इंदौर अंकिता लोखंडे और विकी जैन सोशल मीडिया पर अपने फैन्स से जुड़े रहते हैं। वह यूट्यूब पर व्लॉग्स भी शेयर कर रहे हैं। रीसेंटली अंकिता अपनी मां और विकी जैन के साथ अपने होम टाउन इंदौर गईं। वहां उन्होंने अपना वो घर दिखाया जहां वह बचपन में रहती थीं। अंकिता घर पहुंतीं तो उन्हें दिवंगत पिता याद आ गए और वह अपने आंसू नहीं रोक पाईं। घर जाकर रो पड़ीं अंकिता अंकिता विकी के साथ एयरपोर्ट पर नोकझोंक करती दिखीं। वह एक किताब लिए थीं जिसमें लिखा था कि बच्चों के सामने कैसे बात करें। इसे दिखाकर बोलीं, मेरे जब बच्चे होंगे तो उनके सामने कैसे बात करनी है। इस पर विकी बोलते हैं, तुम्हें अब किड चाहिए? विकी अंकिता के साथ इंदौर पहुंचते हैं तो वहां उनका दामाद जैसा स्वागत होता है। अंकिता घर जाकर रोने लगती हैं। उनकी मां भी इमोशनल हो जाती हैं। अंकिता मराठी में बोलती हैं कि अगर उनके पापा होते तो आज वह रोती नहीं, लेकिन वो नहीं हैं इसीलिए आंसू आ रहे हैं। बता दें कि अंकिता के पिता का निधन 2023 में हो गया था। नानी से मिलीं अंकिता अंकिता विकी को अपना घर दिखाती हैं। अपने रिश्तेदारों से मिलवाती हैं। इसके बाद अंकिता अपनी नानी के घर भी जाती हैं और बताती हैं कि उन्हें उनकी नानी ने ही पाला है। अंकिता विकी को पुराना ऐल्बम भी दिखाती हैं। अंकिता विकी को लेकर इंदौर की फेमस खाने की दुकानों पर जाती हैं। recent visitors 36

संपदा-1 पोर्टल पर अब 726 स्लाट की बुकिंग हो सकेगी प्रतिदिन, 396 स्लाट बुक हो रहे थे अब तक

 इंदौर  समाप्त हो रहे वित्त वर्ष 2024-25 के अंतिम माह मार्च में पंजीयन कार्यालय अवकाश के दिन भी खुले रखने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत जिले में रविवार को भी पंजीयन कार्यालय खुले रहे और दस्तावेज पंजीकृत हुए। आमजन की सुविधा के लिए अब संपदा-1 पोर्टल पर भी स्लाट बुकिंग की संख्या को बढ़ाया गया है। सोमवार से एक सब रजिस्ट्रार के पास 33 स्लाट की बुकिंग हो सकेगी। इससे पहले एक सब रजिस्ट्रार के पास सिर्फ 18 स्लाट ही बुक हो सकते थे। इससे संपदा-1 पोर्टल पर रजिस्ट्री की पांच से सात दिन की वेटिंग आ रही थी। मार्च में अधिक दस्तावेज पंजीकृत हो सके, इसके लिए स्लाट की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। लंबी वेटिंग चल रही थी पंजीयन विभाग द्वारा संपदा-2 पोर्टल के आने के बाद संपदा-1 के स्लाट की बुकिंग को कम कर दिया गया था। एक सब रजिस्ट्रार के पास सिर्फ 18 स्लाट ही संपदा-1 पर बुक होते थे। इस वजह से सभी पंजीयन और उप पंजीयन कार्यालय में संपदा-1 पर रजिस्ट्री कराने के लिए लंबी वेटिंग चल रही थी। बुकिंग को दोगुना कर दिया लोगों को एक सप्ताह के बाद ही रजिस्ट्री के लिए अपाइंटमेंट मिल पा रहा था। इसे देखते हुए पंजीयन विभाग ने एक सब रजिस्ट्रार के पास स्लाट बुकिंग को दोगुना कर दिया। जानकारों का कहना है कि संपदा-2 को प्रमोट करने के लिए संपदा-1 पर स्लाट कम किए थे, लेकिन अब राजस्व बढ़ाने के लिए संपदा-1 पर स्लाट की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। एक दिन में 726 स्लाट हो सकेंगे बुक इंदौर जिले में 22 सब रजिस्ट्रार कार्यरत हैं और इनके पास पहले कुल 396 स्लाट संपदा-1 पर बुक हो रहे थे। प्रत्येक सब रजिस्ट्रार के पास स्लाट की संख्या को दोगुना करने से जिले में संपदा-1 पर 726 स्लाट की बुकिंग प्रतिदिन हो सकेगी। इससे लोगों को रजिस्ट्री के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संपदा-2 पर स्लाट बुकिंग की कोई लिमिट तय नहीं है। मार्च में होते हैं सर्वाधिक दस्तावेज पंजीकृत वित्त वर्ष के अंतिम माह मार्च में हर बार सर्वाधिक दस्तावेज पंजीकृत होते हैं। ऐसे में पंजीयन कार्यालयों में भीड़ भी बढ़ जाती है। संपदा-1 पर स्लाट की संख्या बढ़ाने से आमजन सुविधा से दस्तावेज पंजीकृत करवा सकेंगे। संपदा-2 पर आनलाइन पंजीयन की सुविधा मुहैया हो रही है, इसके बावजूद आमजन संपदा-1 पर अधिक दस्तावेज पंजीकृत करवा रहे हैं। रविवार को पंजीकृत हुए 350 दस्तावेज पंजीयन कार्यालय मार्च में शनिवार और रविवार के अवकाश के दिन भी खुले रहे। पंजीयन विभाग की वेबसाइट के अनुसार दो दिनों में 1100 दस्तावेज पंजीकृत हुए और आठ करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। शनिवार को 750 दस्तावेज पंजीकृत हुए थे और 6.25 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं रविवार को 350 दस्तावेज पंजीकृत हुए और 1.77 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ। recent visitors 30

पन्ना में थाने को बना दिया ‘होटल’, दरोगाजी के बर्थडे पर पुलिसवालों ने लगाए ठुमके; SP ने दिए जांच के आदेश

पन्ना मध्य प्रदेश के एक थाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें थाना प्रभारी के बर्थडे पर कुछ पुलिसवाले डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। डांस करने वाले कुछ लोगों ने तो अपने कपड़े भी उतार दिए। एसपी ने पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के एक थाने से डांस एवं मौज मस्ती के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में कुछ सिपाही नाबालिग लड़कों के साथ डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। डांस की मस्ती में चूर ये सिपाही यह भूल गए कि उनके साथ डांस करने वाले लड़के नाबालिग हैं। मामला यहीं नहीं रुका। डांस करने वाले कुछ लोगों ने तो अपने कपड़े तक उतार दिए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पन्ना एसपी साइन कृष्णा थोटा ने वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। मामला पन्ना जिले के धर्मपुर थाना थाना का है। यहां तैनात थाना प्रभारी का जन्मदिन था। इस मौके पर थाने को जमकर सजाया गया था। डीजे से लेकर तमाम तरह की तैयारियां की गई थीं। इसी मौके पर डीजे की धुन पर पुलिसवालों सहित कुछ लोग देसी गानों पर डांस करने लगे। डांस करते-करते कुछ लोगों ने अपने कपड़े उतार दिए। वीडियो में कुछ नाबालिग लड़के भी डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामले में जब पन्ना एसपी साइन कृष्णा थोटा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद वीडियो में दिखाई देने वाले सिपाहियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। जिस थाना प्रभारी का जन्मदिन था, वह मौके से जा चुके थे। मामले की जांच एसडीओपी कर रहे हैं। अगर थाना प्रभारी की संलपिता पाई जाती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल थानेदार साहब के जन्मदिन की पार्टी के कई वीडियो वायरल हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करते हुए लोग पन्ना पुलिस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वीडियो में थाने के अंदर की सजावट भी दिखाई दे रही है। साथ ही थाने के अंदर एक महिला पुलिसकर्मी व्यवस्थाओं को देख रही थी। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिस थाना प्रभारी का जन्मदिन था, पन्ना एसपी उस पर क्या कार्रवाई करते हैं।   recent visitors 31

कृष्णा पब्लिक स्कूल की तेज रफ्तार बस पलटी, टला बड़ा हादसा, बच्चे नहीं थे सवार

रायपुर राजधानी में आज स्कूली बच्चों के साथ बड़ा हादसा होते होते टला. कृष्णा पब्लिक स्कूल की बस विधानसभा रोड पर पलट गई. बस तेज रफ्तार में थी और स्कूली बच्चों को पिक (लेने) करने जा रही थी, इसी दौरान ड्राइवर ने बस पर नियंत्रण खो दिया, जिससे बस अनियंत्रित होगई और पेड़ से टकराकर वहीं पलट गई. राहत की बात यह रही कि स्कूल बस में कोई बच्चे सवार नहीं थे, केवल ड्राइवर और कंडक्टर ही सवार थे. वरना कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी. वहीं इस दुर्घटना ने स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. देखना यह होगा कि स्कूल प्रशासन इस मामले में क्या एक्शन लेता है. recent visitors 24

बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही फिल्म ‘छावा’ ने 600 करोड़ का आंकड़ा छुआ

मुंबई बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही फिल्म 'छावा' फिर एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। विकी कौशल और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर रविवार तक 459 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। वहीं इस फिल्म का रिलीज के बाद से लेकर अभी तक का कुल वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 608 करोड़ 65 लाख रुपये हो चुका है। लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का सिनेमाघरों में यह तीसरा हफ्ता है और IMDb पर 8/10 रेटिंग वाली यह फिल्म फिर एक लंबी छलांग लगाने को तैयार है। बॉक्स ऑफिस पर 'छावा' की कमाई का ग्राफ भारतीय बॉक्स ऑफिस की बात करें तो 'छावा' की पहले हफ्ते की कमाई 219 करोड़ 25 लाख रुपये रही थी। वहीं दूसरे हफ्ते में इसने 180 करोड़ रुपये कमाए और बीते हफ्ते में शुक्रवार को फिल्म ने 13 करोड़ रुपये कमाए, शनिवार को 22 करोड़ रुपये का बिजनेस किया और रविवार को फिल्म की अनुमानित कमाई 25 करोड़ रुपये रही। मराठा किंग छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे संभाजी महाराज की जिंदगी पर आधारित यह फिल्म तीसरे हफ्ते में भी बॉक्स ऑफिस पर उसी रफ्तार में दौड़ रही है और अब एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। सलमान की फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार फिल्म अब सलमान खान की 'सुल्तान' का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब है। दबंग खान की साल 2016 में रिलीज हुई फिल्म 'सुल्तान' का लाइफटाइम ग्लोबल कलेक्शन 614 करोड़ रुपये रहा था। मालूम हो कि 'छावा' अभी तक सलमान खान की कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। इसने बहुत कम वक्त में 'टाइगर जिंदा है' और 'एक था टाइगर' जैसी फिल्मों का फर्स्ट वीकेंड कलेक्शन रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसने 'ब्रह्मास्त्र', 'संजू', 'फाइटर' और 'पद्मावत' जैसी फिल्मों का भी वीकेंड रिकॉर्ड पहले ही हफ्ते में तोड़ दिया था। छावा की कमाई का इन फिल्मों पर पड़ा असर बता दें कि 'छावा' की रिलीज के बाद 'सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव' और 'क्रेजी' जैसी फिल्में रिलीज हुई हैं। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रही हैं। इसके पीछे एक वजह अभी 'छावा' का बॉक्स ऑफिस पर हावी होना बताई जा रही है। बता दें कि छावा 14वीं सबसे ज्यादा ग्रॉस कलेक्शन करने वाली भारतीय फिल्म बन चुकी है। इसने आमिर खान की 'दंगल' और रणवीर सिंह की 'पद्मावत' जैसी फिल्मों को नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (इंडिया) के मामले में पीछे छोड़ दिया है। recent visitors 27

रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू

इंदौर  इंदौर। रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन का दोनों दिशाओं में 13-13 फेरे चलाने का निर्णय लिया गया है। ग्वालियर इंदौर स्पेशल ट्रेन (01825) तत्काल प्रभाव से 11 मार्च तक और 16 व 17 मार्च को ग्वालियर से दोपहर एक बजे चलकर रात दो बजे इंदौर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार वापसी में इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन (01826) तत्काल प्रभाव से 12 मार्च तक और 17 व 18 मार्च को इंदौर शाम सात बजे चलकर अगले दिन सुबह 10.15 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में चलेंगी 4 स्पेशल ट्रेन गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की घोषणा शुरू कर दी है। रतलाम मंडल से होकर चार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें इंदौर-पुणे स्पेशल ट्रेन भी शामिल है। यह ट्रेन पांच मार्च से 25 जून तक प्रति बुधवार इंदौर से शुरू होकर अगले दिन पुणे पहुंचेगी। वर्तमान में इंदौर-पुणे के बीच दो ही नियमित ट्रेनें हैं। इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग भी शुरू हो गई है। इंदौर-पुणे के बीच इंदौर-दौंड और लिंगमपल्ली हमसफर ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इसमें लिंगमपल्ली एक्सप्रेस प्रति शनिवार को रवाना होती है। वेटिंग कम करने चलेंगी स्पेशल ट्रेन वहीं इंदौर-दौंड का संचालन रोज होता है, लेकिन दोनों में हमेशा लंबी वेटिंग रहती है। इसी वेटिंग को कम करने के लिए ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। इंदौर-पुणे-इंदौर स्पेशल (09324) पांच मार्च से 25 जून तक इंदौर से प्रति बुधवार सुबह 11.15 बजे चलेगी। यह देवास 11.50 बजे, उज्जैन 12.40 बजे, नागदा 13.57 बजे व रतलाम 14.35 बजे पहुंचेगी। ट्रेन प्रति गुरुवार रात 3.10 बजे पुणे पहुंचेगी। वापसी में पुणे-इंदौर स्पेशल (09323) छह मार्च से 26 जून तक पुणे से प्रति गुरुवार को सुबह 5.10 बजे चलेगी। ट्रेन रतलाम 8.30 बजे, नागदा 9.10, उज्जैन 10.05, देवास 11 और इंदौर रेलवे स्टेशन पर 11.55 बजे पहुंचेगी। recent visitors 27

108 एंबुलेंस ने जनवरी में 671 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया, 2662 मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा दी

इंदौर इंदौर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे 108 एंबुलेंस सेवा पर दबाव बढ़ गया है। जनवरी के महीने में इस सेवा के माध्यम से 671 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जो विभिन्न दुर्घटनाओं में घायल हुए थे। इसके अलावा, 2662 मरीजों को 108 एंबुलेंस सेवा द्वारा 15 से 20 मिनट के भीतर स्वास्थ्य लाभ दिलाया गया। वहीं, अस्पताल से मरीजों को लाने और ले जाने की सुविधा 1822 लोगों को प्रदान की गई। 108 एंबुलेंस सेवा के साथ-साथ 54 जननी सुरक्षा एंबुलेंस भी शहर और ग्रामीण इलाकों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनमें से 34 एंबुलेंस ग्रामीण क्षेत्रों में और 20 शहरी क्षेत्रों में तैनात हैं। इनमें 7 एंबुलेंस ऐसी हैं जो कार्डियक अरेस्ट और अन्य गंभीर मामलों के लिए पूरी तरह से सुसज्जित हैं। हालांकि, इंदौर की बढ़ती आबादी और दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए यह सेवा अपर्याप्त मानी जा रही है।   शहरी क्षेत्रों में ज्यादा दुर्घटनाएं आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 108 एंबुलेंस सेवा का सबसे अधिक उपयोग गर्भवती महिलाओं और सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए मरीजों के लिए किया गया है। जनवरी में 921 गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा एंबुलेंस द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, 671 मरीज सड़क दुर्घटनाओं और अन्य हादसों में घायल होने के कारण अस्पताल भेजे गए। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में हादसों की संख्या अधिक देखी गई है। शहरी क्षेत्रों में हार्ट अटैक, मिर्गी और सड़क दुर्घटनाओं के 352 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जहां मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा सक्रिय रही।   108 सेवा ने जहर खाने वाले 42 मरीजों की जान बचाई   आपातकालीन स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा के साथ-साथ जननी सुरक्षा और बेसिक मेडिकल सुविधाओं से लैस एंबुलेंस भी काम कर रही हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत 18 वाहन गर्भवती महिलाओं के लिए तैनात किए गए हैं। जनवरी के आंकड़ों पर नजर डालें तो पेट से जुड़ी बीमारियों के 125 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया। हार्ट अटैक के 58 मामले सामने आए, जबकि 42 लोग जहर खाने के कारण अस्पताल लाए गए, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी।  इसके अलावा, स्ट्रोक और श्वसन संबंधी समस्याओं के 70 से अधिक मरीजों को 108 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। नवजात शिशुओं की गंभीर स्थिति या कुपोषण के मामलों में भी इस सेवा का उपयोग किया गया। बीते महीने ऐसे 106 मामले सामने आए थे, जिनमें नवजातों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। इंदौर में बढ़ते हादसों और आपातकालीन स्थितियों को देखते हुए चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करना आवश्यक हो गया है। 108 एंबुलेंस सेवा शहर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, लेकिन बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसमें और सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। recent visitors 79