Sunday, July 5, 2026 8:48 am

कुबेरेश्वरधाम में रुद्राक्ष महोत्सव का छठवा दिन, शिवमहापुराण कथा में उमड़ा भक्तों का सैलाब

सीहोर सीहोर जिले में रुद्राक्ष महोत्सव में कथा के छठवें दिन पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण धाम पूरी तरह तरह से भर गया। रविवार बीकेंड और प्रयासराज में कुंभ स्नान खत्म होने के कारण श्रद्धालुओं का जनसैलाब पूरी तरह से कुबेरेश्वर धाम पर पहुंच गया। हालत ये थे कि रविवार को रेलवे स्टेशन पर आने वाली सभी गाड़ियां सीहोर स्टेशन पर खाली हो रही थी। इसके चलते सुबह से ही हाइवे पर हुजूम के रूप में श्रद्धालु नजर आ रहे थे। एक साथ लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण कई बार जाम के हालत भी बने। समिति ने रविवार को आठ से दस लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया है। जिस पर भोले बाबा का हो आशीर्वाद, उसका क्या दुनिया के कष्टों से सरोकार जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर जारी सात दिवसीय भव्य रुद्राक्ष महोत्सव में कथा का श्रवण करने आए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को संबोधित करते अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस पर भोले बाबा का हो आशीर्वाद, उसका क्या दुनिया के कष्टों से सरोकार, जिसका नेटवर्क भगवान शिव से रहता है, उसके नेटवर्क सबसे टूट जाते हैं। यहां पर कंकर-कंकर में शंकर है और शिव से संबंध बनाने के लिए पूरी आस्था के साथ शिव पर भरोसा करों। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी और मनुष्य की प्रवृत्ति एक जैसी होती है। जैसे मधुमक्खी पुष्पों से रस लाकर छत्तें में जमा करती है और वैसे ही मनुष्य जोड़ने की प्रक्रिया में उम्र भर लगा रहता है, लेकिन एक दिन सब कुछ हाथ से निकल जाता है। बागेश्वर धाम की तरह कुबेरेश्वर धाम पर भी गरीब कन्याओं के विवाह पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव के रूप में साल में एक बार भव्य आयोजन किया जाता है। अब कुबेरेश्वर धाम पर भी गरीब कन्याओं के नि:शुल्क विवाह कराए जाएंगे। यहां पर सामूहिक रूप से विवाह सम्मेलन करने में परेशानी आएगी, लेकिन विठलेश सेवा समिति के द्वारा धाम पर प्रतिदिन एक कन्या के विवाह के हिसाब से कम से कम 365 से अधिक कन्याओं का निशुल्क विवाह साल भर के दौरान कराया जाएगा और कन्यादान भी किया जाएगा। बूढ़े लडख़ड़ाते कदम भी खुशी-खुशी तय कर रहे हैं एक किलोमीटर का सफर पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा है। श्रद्धालुओं का जुनून इस कदर है कि बूढ़े लडख़ड़ाते कदम भी एक किलोमीटर का सफर खुशी-खुशी तय कर रहे हैं। कथा खत्म होने के बाद लाखों श्रद्धालु अपने घर तक पहुंचने के लिए तमाम कष्ट सहन कर रहे हैं। हजारों श्रद्धालु ऐसे हैं जो महाराष्ट्र, छत्तीसगड़, बिहार, उत्तर प्रदेश ही नहीं हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश से कथा सुनने आ रहे हैं। वे रात को पंडाल में ही रात गुजार रहे हैं। रात को पंडाल में एक अद्भुत दुनिया नजर आ रही है। छोटे-छोटे बच्चों के साथ परिवार के लोग और बुजुर्ग भगवान शंकर की भक्ति में झूम रहे हैं। वे बस यही कह रहे हैं… जिस पर भोले बाबा का हो आशीर्वाद…उसका क्या दुनिया के कष्टों से सरोकार। हर-हर महादेव। महादेव आपको कभी डूबने नहीं देगा शंकर भगवान का चरित्र विश्वास का चरित्र है, जिस दिन अगर शिवजी के प्रति भाव अथवा भरोसा जागृत ना हो सके तो आप शिव महापुराण में जाना, उसके बाद अगर विश्वास और भरोसा जागृत होगा, तारेगा भी महादेव और मारेगा भी महादेव तो आपका कल्याण हो जाएगा। महादेव आपको कभी डूबने नहीं देगा, उस पर सच्चा विश्वास होगा तो वह हाथ पकड़ कर खींच कर बाहर कर देगा। शिव महापुराण की कथा कहती है शिव जी को आपसे न बेल पत्र चाहिए न चावल का दाना चाहिए। शंकर भगवान को आपसे कुछ भी नहीं चाहिए, शिवजी तो कहते हैं मैं भी भगवान के नाम में डूबा रहता हूं। तुम भी परमात्मा के नाम में डूबे रहो मैं तुम्हारा सब कार्य करके चले जाऊंगा। तुम आश्रित हो जाओ और भगवान के भरोसे जीना प्रारंभ कर दो। हम दुनिया के भरोसे पर जीते हैं। पर परमात्मा के भरोसे नहीं जी पाते, हम उसके आश्रित नहीं हो पाते, कभी ऐसा भी होता है कि हमारा पुण्य भी पाप में बदल जाता है। पत्रों का उल्लेख किया, श्रद्धालुओं की पूरी हो रही मुराद कथा के बीच में कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने कुछ पत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि कुछ माताओं ने उन्हें पत्र भेजा है। उनमें से कुछ पत्रों को मिश्रा ने भक्तों को पढक़र सुनाया। उन्होंने बताया कि कथा का श्रवण करने आई सोनभद्र से पुष्पा जायसवाल का पत्र है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनके पति और दोनों बेटे कुछ नहीं करते थे, कथा से प्रेरित होकर उन्होंने भगवान शिव की भक्ति की और आज उनके पास जमीन, मकान, दुकान और फैक्ट्री है, पति समेत दोनों बेटे आज धंधे में व्यस्त है। इसी प्रकार रायसेन की किरण ने बताया कि उनके पुत्र को चार साल से नौकरी की तलाश थी, जब मैंने उसे पड़ाई के साथ शिव की भक्ति करने का उपाय बताया तो वह आज पुलिस विभाग में कार्यरत है और वर्तमान में कुबेरेश्वर धाम पर उसकी ड्यूटी लगी हुई है। प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने विदेशों से पहुंचे अनेक श्रद्धालु कथा सुनने अनेक विदेशी श्रद्धालु भी कुबेरेश्वर धाम पहुंचे हैं। अमेरिका से आए परिवार ने बताया- वह प्रदीप मिश्रा जी की कथा सुनने के लिए तमाम जगहों पर जाते हैं। उनकी कथा सुनकर एक अलग ही प्रकार की अनुभूति होती है। मन शांत हो जाता है। परिवार के लोगों ने बताया कि वह कथा समाप्त होने तक धाम के पास में ही होटल लेकर रह रहे हैं। प्रशासन ने किया इंतजाम, व्यवस्था बनाने पुलिस को करनी पड़ रही मशक्कत भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कारण इंतजाम किए हुए हैं। एक दर्जन से जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस के आला अधिकारियों के अलावा दो हजार से ज्यादा संख्या में पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन कथा के आरंभ और अंत में वाहनों के अलावा श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ आता है। कुबेरेश्वर धाम में चक्कर खाकर … Read more

कांग्रेस नेता ने रोहित को एक खिलाड़ी के तौर पर मोटा कहा और उनकी कप्तानी को ‘बेअसर’ बताया

नई दिल्ली  एक ओर रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम कमाल कर रही है और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में लगातार 3 मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है तो दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने हिटमैन पर एक विवादित टिप्पणी कर दी है। कांग्रेस नेता ने रोहित को एक खिलाड़ी के तौर पर मोटा कहा और उनकी कप्तानी को 'बेअसर' बताया। इसके बाद तमामा क्रिकेट फैंस ने सोशल मीडिया पर शमा की पोस्ट पर कमेंट्स किए हैं। यह विवाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ। शमा मोहम्मद ने लिखा- रोहित शर्मा एक खिलाड़ी के रूप में मोटे हैं। उन्हें वजन कम करने की जरूरत है! और बेशक, भारत का सबसे बेअसर कप्तान। शमा की इस पोस्ट पर फैंस ने रोहित का बचाव किया और उनकी फिटनेस और कप्तानी का समर्थन किया। वहीं कुछ लोगों ने रोहित की फिटनेस पर सवाल भी उठाए। रोहित शर्मा भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक हैं। इस घटना ने भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और कप्तानी के मानकों पर फिर से बहस छेड़ दी है। हालांकि, एक यूजर ने फिटनेस के मानकों से ऊपर उठने की बात करते हुए कहा- इस बात से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि जब भारतीय टीम और उसके कप्तान को फैंस के सपोर्ट की जरूरत है तब एक पार्टी की नेता इस तरह की बॉडी शेमिंग करती हैं। एक निशांत नाम के यूजर ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए लिखा- आप अपने बॉस को देख लीजिए, जो राजनीति के लिए बिलकुल भी उपयुक्त नहीं है और चुनाव हारने का इतिहास बना रहे हैं। रोहित शर्मा ने हमें गौरवान्वित किया है, करते रहेंगे और करते रहेंगे। एक हरीष नाम के यूजर ने लिखा- एक 'मोटे' खिलाड़ी के पास राहुल गांधी से अधिक जीतें हैं और एक 'मोटे' खिलाड़ी के रूप में वह न केवल अपनी टीम में बल्कि पूरे भारत में आत्मविश्वास जगाने में सक्षम हैं। यह एक पार्टी के प्रतिनिधि की सहनशीलता है जहाa शारीरिक उपस्थिति प्रतिभा से अधिक महत्वपूर्ण है। recent visitors 46

सेक्स वर्कर्स पर बनी फिल्म ‘अनोरा’ ने रच दिया इतिहास, जीते 4 ऑस्कर

लॉस एंजिल्स सेक्स वर्कर्स पर बनी फिल्म ‘अनोरा’ को बेस्ट पिक्चर की कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड मिला है। इतना ही नहीं, चार अन्य कैटेगरीज में भी ‘अनोरा’ ने ऑस्कर अवॉर्ड जीता है। बता दें, साल 2007 में आई फिल्म ‘द डिपार्टेड’ के बाद बेस्ट पिक्चर की कैटेगरी में ऑस्कर जीतने वाली ये पहली 18+ रेटेड फिल्म है। 18+ का मतलब है वो फिल्म जिसे 18 साल या उससे ज्यादा उम्र वाले लोग ही देख सकते हैं। अनोरा ने कुल पांच ऑस्कर अवॉर्ड जीते जिनमें बेस्ट पिक्चर बेस्ट डायरेक्शन बेस्ट स्क्रीनप्ले बेस्ट एडिटिंग बेस्ट एक्ट्रेस शामिल हैं। फिल्म की दिलचस्प बात खास बात ये है कि सीन बेकर ने इस फिल्म को प्रोड्यूस भी किया है, इस फिल्म की कहानी भी लिखी है, इस फिल्म को डायरेक्ट भी किया है और इस फिल्म को एडिट भी किया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सीन बेकर एक ही फिल्म के लिए चार ऑस्कर जीतने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। इससे पहले साल 1953 में वॉल्ट डिज्नी ने एक ही रात में चार ऑस्कर जीते थे, लेकिन वो चार अवॉर्ड अलग-अलग फिल्मों के लिए थे। फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिपोर्ट के मुताबिक, ‘अनोरा’ का बजट 6 मिलियन डॉलर था। वहीं इस फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस से 41 मिलियन डॉलर की कमाई की थी। कहां देख सकते हैं ये फिल्म? अगर आपको ये फिल्म अभी देखनी है तो आप 129 रुपये पे करके जी5 पर देख सकते हैं। अगर आपको इतने पैसे नहीं देने हैं तो आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि ये फिल्म 17 मार्च को ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर रिलीज होने वाली है। recent visitors 30

फरार तहसीलदार को Supreme Court से झटका, कोर्ट ने जमानत के लिए कहा रेगुलर कोर्ट में जाएं, अब तहसीलदार पर गिरफ्तारी का संकट

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रेप मामले मे फरार तहसीलदार को सर्वोच्च न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली हैं. महिला को शादी का झांसा देकर 17 साल तक उससे  शारीरिक संबंध बनाने के पुलिस मे दर्ज मामले मे  आरोपी तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान को अब सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है. जिला और हाईकोर्ट के ख़ारिज किए जाने के बाद  तहसीलदार ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था. ये है मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद कोर्ट ने तहसीलदार को अग्रिम जमानत के लिए रेगुलर कोर्ट में ही उपस्थित होने के लिए कहा है.सर्वोच्च न्यायालय  से  भी अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद अब आरोपी तहसीलदार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. उधर  दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपी को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही है. जिसका फायदा उठाकर भिंड में आरोपी उनके परिजन को परेशान करवा रहा है. एक महिला ने तहसीलदार के खिलाफ शिकायत दी थी कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और अनेक बार शारीरिक संबंध भी बनाए. उसको एक बेटा भी है. आरोपी ने उसे रतनगढ़ मंदिर ले जाकर शादी का नाटक भी किया था. लेकिन अब इंकार करने लगा. तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान के एमपी के भिंड व यूपी के इटावा में दर्ज 16 आपराधिक मामलों से संबंधित डिटेल पुलिस पहले ही हाईकोर्ट में पेश कर चुकी है. रिकॉर्ड पेश होने के बाद जिला कोर्ट और हाईकोर्ट ने तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान की जमानत याचिका  खारिज कर दी थी. इसके  बाद तहसीलदार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर की थी.  लेकिन यहां से भी उसे राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने उसे सक्षम जिला न्यायालय मे ही रेगुलर जमानत आवेदन करने को कहा.   तहसीलदार के खिलाफ  साल 2000 से 2011 तक  हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती जैसे 16 गंभीर अपराध दर्ज होना बताए गए हैं.जिसका रिकॉर्ड पीड़िता के वकील और पुलिस कोर्ट में बार-बार पेश कर चुकी है. इस मामले में पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि पुलिस तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान को गिरफ्तार नहीं कर रही है.जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी उसे बचा रहे हैं. जिस कारण पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है और उसे बचने का मौका दिया जा रहा है. पीड़ित महिला ने आरोपी से अपनी जान को खतरा बताया था.   recent visitors 22

अयोध्या में राम मंदिर के प्रवेश मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जुट रहे, नगर निगम ने अब तक 20 ट्रॉलियाँ हटवाई

अयोध्या  राम मंदिर के प्रवेश मार्ग के पास करीब एक माह से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जमा हो रहे हैं। नगर निगम अब तक 20 ट्रॉली जूते-चप्पलें यहां से हटवा चुका है। ये लावारिस जूते-चप्पलें अयोध्या व अयोध्या कैंट में बने नगर निगम के रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज (RRR) सेंटर पर डंप जा रहे हैं। असल में महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज पहुंचने वाले श्रदालु स्नान के बाद बालकराम के दर्शन करने के लिए अयोध्या का रुख कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक श्रद्धालुओं की अप्रत्‍याशित भीड़ को सुलभ दर्शन हो सकें व अफरातफरी न हो इसके लिए पिछले 30 दिन से व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। मंदिर परिसर का गेट नंबर-3 खोला गया है। बालकराम के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को इसी गेट से बाहर निकाला जा रहा है। दर्शन के बाद श्रद्धालु श्रीराम हास्पिटल के आगे निकलते हैं। रामपथ पर वन-वे ट्रैक होने के कारण श्रद्धालुओ को पुन: 5-6 किमी पैदल चलने के बाद उतारे गए जूता स्‍थल पर आना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी के कारण बाहर से आने वाले ज्यादातर लोग जूते-चप्पलें लेने नहीं लौट रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था में बदलाव दरअसल, अयोध्या में भक्तों की उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थागत बदलाव के चलते राम मंदिर के प्रवेश द्वार के पास करीब एक महीने से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पल एकत्र हो रहे हैं। नगर निगम पहले ही वहां से बड़ी संख्या में जूते-चप्पल हटा चुका है। ये जूते-चप्पल तीर्थयात्रियों के हैं, जिन्होंने इन्हें राम पथ पर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार गेट संख्या एक पर उतार दिया था। जूते-चप्पल वापस लेने के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी शुरुआत में, लगभग आधा किलोमीटर का गोलाकार मार्ग पूरा करने के बाद, तीर्थयात्री उसी द्वार (गेट संख्या एक) से बाहर निकलते थे और अपने जूते-चप्पल लेते थे। हालांकि, बढ़ती भीड़ के कारण, अयोध्या प्रशासन ने गेट संख्या तीन और अतिरिक्त द्वारों के माध्यम से निकास को पुनर्निर्देशित किया। इससे प्रवेश बिंदु से अपने जूते-चप्पल वापस पाने के लिए तीर्थयात्रियों को पांच से छह किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती, जिस कारण वे अपने जूते-चप्पल छोड़ दे रहे हैं और नंगे पैर अपने वाहनों या आवास की ओर जा रहे हैं। महाकुंभ की शुरुआत से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। मिश्रा ने कहा, "पिछले 30 दिन से व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भक्तों की अप्रत्याशित भीड़ को बिना किसी अव्यवस्था के आसानी से दर्शन मिल सके।" रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा नगर निगम उन्होंने कहा, "मंदिर परिसर का गेट संख्या तीन खोल दिया गया है। दर्शन के बाद भक्तों को इस गेट से बाहर निकाला जा रहा है। इसलिए भक्त श्रीराम सरकारी अस्पताल से आगे बढ़ते हैं। रामपथ पर एक-तरफा मार्ग होने के कारण, भक्तों को जूता उतारने वाले क्षेत्र तक पहुंचने के लिए फिर से पांच-छह किलोमीटर चलना पड़ता है।" निगम के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा है, उन्हें जेसीबी मशीनों का उपयोग करके इकट्ठा कर रहा है और ट्रॉलियों पर लाद रहा है।   recent visitors 43

एड्रियन ब्रॉडी जिन्होंने जीता बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड? कौन सी फिल्म के लिए मिला पुरस्कार

लंदन  51 साल के एड्रियन निकोलस ब्रॉडी ने ऑस्कर 2025 में बेस्ट एक्टर का खिताब जीत लिया है। आपको बता दें कि एड्रियन ब्रॉडी एक अमेरिकी एक्टर हैं। उन्हें रोमन पोलांस्की की युद्ध ड्रामा द पियानिस्ट (2002) में व्लादिस्लाव स्जिपिलमैन की भूमिका के लिए जाना जाता है। एड्रियन ब्रॉडी ने जीता बेस्ट एक्टर ऑस्कर अवॉर्ड इस फिल्म के लिए एड्रियन ब्रॉडी ने 29 साल की उम्र में बेस्ट एक्टर का ऑस्कर अवॉर्ड जीता था। अब एक फिर वह न सिर्फ ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी में नजर आए बल्कि उन्होंने 97वें अकादमी पुरस्कार का बेस्ट एक्टर अवॉर्ड अपने नाम कर लिया है फिल्म 'द ब्रूटलिस्ट' के लिए जीता अवॉर्ड फिल्म द ब्रूटलिस्ट (2024) में संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवास करने वाले हंगेरियन-यहूदी होलोकॉस्ट उत्तरजीवी की भूमिका के लिए, उन्होंने गोल्डन ग्लोब, मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए बाफ्टा पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए अपना दूसरा अकादमी पुरस्कार जीत लिया है। हर बार की तरह इस बार भी 23 कैटगरी में ये अवॉर्ड दिया गया। 2024 में जहां 'ओपेनहाइमर' का दबदबा रहा था। वहीं, इस बार 'एमिलिया पेरेज' पर नजरें अटकी हुई थीं, जिसे 13 नॉमिनेशन्स मिले थे। मगर झोली में उसके सिर्फ 2 ही अवॉर्ड आए। क्योंकि 5 ट्रॉफी जीतकर बाजी 'अनोरा' ने मार ली। वहीं, 10 नॉमिनेशन वाली 'द ब्रूटलिस्ट' को 3 और 10 नॉमिनेशन वाली 'विकेड' को भी 2 अवॉर्ड्स मिले हैं। इनके अलावा, प्रियंका चोपड़ा की 'अनुजा' को लाइव एक्शन शॉर्ट मूवी कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था जो कि वह बाहर हो गई। बेस्ट पिक्चर- अनोरा (Anora) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 9 अन्य नॉमिनेशन्स थे द ब्रूटलिस्ट ए कम्लीट अननोन कॉन्क्लेव ड्यून- पार्ट 2 एमिलिया पेरेज आई एम स्टिल हियर निकेल बॉयज विकेड द सब्सटेंस बेस्ट एक्ट्रेस- मिकी मैडिसन (Mikey Madison) को फिल्म 'अनोरा' (Anora) के लिए मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे- कार्ला सोफिया गैस्कॉन-एमिलिया पेरेज़ मिकी मैडिसन-एनोरा डेमी मूर-द सबस्टेंस फर्नांडा टोरेस-आई एम स्टिल हर बेस्ट डायरेक्टर- सीन बेकर (Sean Baker) को फिल्म 'अनोरा' (Anora) के लिए मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे- ब्रैडी कॉर्बेट-द ब्रूटलिस्ट जेम्स मैनगोल्ड- ए कम्प्लीट अननोन जैक्स ऑडियार्ड- एमिलिया पेरेज़ कोरली फरगेट- द सब्सटेंस बेस्ट एक्टर- एड्रियन ब्रॉडी (Adrien Brody) को 'द ब्रूटलिस्ट' (The Brutalist) के लिए मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे टिमोथी शैलमे- ए कम्प्लीट अननोन कोलमैन डोमिंगो- सिंग सिंग राल्फ फेनेस- कॉन्क्लेव सेबेस्टियन स्टेन- द अप्रेन्टिस बेस्ट ओरिजनल स्कोर- 'द ब्रूटलिस्ट' (The Brutalist) के लिए डैनियल ब्लमबर्ग को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे कॉन्क्लेव एमिलिया पेरेज विकेड द वाइल्ड रोबोट बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म- ब्राजील की फिल्म 'आई एम स्टिल हियर' (I m Still Here) को मिला ऑस्कर, इसके डायरेक्टर वाल्टर सेलेस हैं इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे द गर्ल विद द निडिल एमिलिया पेरेज द सीड ऑफ द सेक्रेड फिग फ्लो बेस्ट सिनेमेटोग्राफी फिल्म- 'द ब्रूटलिस्ट' (The Brutalist) के लिए लोल क्रॉली मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे ड्यून: पार्ट 2 एमिलिया पेरेज़ मारिया नोस्फेरातु बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म- 'आई एम नॉट ए रोबोट' (I'M Not A Robot) को मिला ऑस्कर, भारत की 'अनुजा' (Anuja) बाहर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे एलियन अनुजा द लास्ट रेंजर ए मैन हू वुड नॉट रिमेन साइलेंट बेस्ट व्यूजुअल इफेक्ट्स- 'ड्यून- पार्ट 2' (Dune Part 2) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे एलियन रोमुलस बेटर मैन किंगडम ऑफ द प्लैनेट ऑफ द एप्स विकेड बेस्ट साउंड- 'ड्यून- पार्ट 2' (Dune Part 2) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे ए काउंटडाउन अननोन एमिलिया पेरेज विकेड द वाइल्ड रोबोट बेस्ट डॉक्युमेंट्री फीचर फिल्म- 'नो अदर लैंड' (No Other Land) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे ब्लैक बॉक्स डायरीज पोर्सिलेन वॉर साउंडट्रैक टू ए कूप डी'एटैट शुगरकेन बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट फिल्म- 'द ओनली गर्ल इन द आर्केस्ट्रा' (The Only Girl in the Orchestra) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे डेथ बाय नंबर्स आई एम रेडी वार्डन इंसीडेंट इंस्ट्रीमेंट्स ऑफ अ बीटींग हार्ट बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग- क्लेमेंट डुकोल, केमिली और जैक्स ऑयार्ड को 'एमिलिया पेरेज' (Emilia Perez) के 'एल माल' गाने के लिए मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे द जर्नी- द सिक्स ट्रिपल एट लाइक ए बर्ड- सिंग सिंग मी कैमिनो- एमिलिया पेरेज नेवर टू लेट- एल्टन जॉन: नेवर टू लेट बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन- नाथन क्राउली और ली सैंडेल्स को 'विकेड' (Wicked) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे- द ब्रूटलिस्ट कॉन्क्लेव ड्यून: पार्ट दो नोस्फेरातु बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस- 'एमिलिया पेरेज' (Emilia Pérez) के लिए ज़ोई सल्डाना (Zoe Saldana) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे- मोनिका बारबरा- ए कम्प्लीट अननोन एरियाना ग्रांडे- विकेड फेलिसिटी जोन्स- द ब्रूटलिस्ट इसाबेला रोसेलिनी- कॉन्क्लेव बेस्ट फिल्म एडिटिंग- 'अनोरा' (Anora) के लिए सीन बेकर (Sean Baker) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे द ब्रूटलिस्ट कॉन्क्लेव एमिलिया पेरेज विकेड बेस्ट मेकअप एंड हेयरस्टाइलिंग- 'द सब्सटेंस' (The Substance) के लिए पियरे ओलिवर पर्सिन, स्टेफानी गुलियन और मेरिलिन स्कार्सेली को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे ए डिफरेंट मैन नोस्फेरातु विकेड एमिलिया पेरेज रेड कार्पेट के नजारे देखिए- एड्रियन ब्रॉडी और हैली बेरी ने किया KISS बेस्ट एडेप्टेड स्क्रीनप्ले- 'कॉन्क्लेव' (Conclave) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे- ए कम्प्लीट अननोन एमिलिया पेरेज निकेल बॉय सिंग सिंग बेस्ट ओरिजनल स्क्रीनप्ले- अनोरा (Anora) को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे द ब्रूटलिस्ट ए रियल पेन सितंबर 5 द सब्सटेंस बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन- Paul Tazewell को Wicked के लिए मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे ए कम्प्लीट अननोन- एरियन फिलिप्स कॉन्क्लेव- लिसी क्रिस्टल ग्लेडिएटर II- जैन्टी येट्स और डेव क्रॉसमैन नोस्फेरातु- लिंडा मुइर बेस्ट एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म- 'इन द शैडो ऑफ द साइप्रस' (In the Shadow of the Cypress) को मिला ऑस्कर इस कौटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे- ब्यूटीफुल मेन मैजिक कैंडीज वांडर टू वंडर यक! बेस्ट एनिमेटेड फीचर फिल्म- FLOW को मिला ऑस्कर इस कैटगरी में 4 अन्य नॉमिनेशन्स थे- इनसाइड आउट 2 मेमोइर ऑफ़ ए स्नेल वालेस एंड ग्रोमित: वेंजेंस मोस्ट फाउल द … Read more

संघ प्रमुख मंगलवार को राजधानी भोपाल में विद्या भारती के एक प्रशिक्षण शिविर का उदेघाटन करेंगे

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS ) के सरसंघचालक मोहन भागवत चार मार्च को राजधानी भोपाल में विद्या भारती के प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करेंगे. दरअसल, इस अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के लगभग 700 कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. संघ के एक पदाधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में आयोजित किया जाएगा. संघ के इस पदाधिकारी ने बताया कि आठ मार्च को शिविर के समापन सत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और आरएसएस के विचारक और विद्या भारती के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सोनी भी संबोधित करेंगे. मंत्री विश्वास सारंग करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन उन्होंने बताया कि उद्घाटन से एक दिन पहले यानी सोमवार 3 मार्च को मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग और अन्य गणमान्य व्यक्ति सोमवार को उसी स्थान पर भारत के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. उन्होंने बताया कि पूरे प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरएसएस के संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे. संघ के अनुसार, आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती, एक गैर-सरकारी शैक्षणिक संगठन है, जो 1952 से देश में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है. तब उसने गोरखपुर में अपना पहला स्कूल स्थापित किया था. इस वक्त विद्या भारती देश भर में 22,000 स्कूल चलाती है. इन विद्यालयों में सामूहिक रूप से 1,54,000 शिक्षक और लगभग 36 लाख विद्यार्थी हैं. recent visitors 17