Sunday, July 5, 2026 7:46 am

फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे। नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, 'सिंगल विंडो 2.0' प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे। औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे। recent visitors 23

नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार 'अटल विश्वास पत्र' में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे।  उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 18

जेलेंस्की को यूरोप का सहारा, ब्रिटेन-फ्रांस का बड़ा वादा

लंदन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और देश को रूस से बचाने के लिए यूक्रेन के साथ मिलकर काम करने के लिए चार सूत्री योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य देश गठबंधन के तहत अपने प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे और यूक्रेन के लिए अपने समर्थन में अमेरिका को शामिल करने का प्रयास करेंगे। स्टार्मर ने 18 नेताओं के शिखर सम्मेलन के बाद कहा कि आज हम इतिहास के एक चौराहे पर हैं। शिखर सम्मेलन में अधिकतर नेता यूरोप से थे और उनमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की भी शामिल थे। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को मजबूत समर्थन मिला और शिखर सम्मेलन में लंबे समय से न देखी गई यूरोपीय एकता प्रदर्शित हुई। यह घटना व्हाइट हाउस में यूक्रेनी राष्ट्रपति और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई तीखी नोकझोंक के दो दिन बाद आई है। यूरोप को यूक्रेन को धन मुहैया कराना जारी रखना चाहिए- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने रविवार को कहा कि वह अमेरिका को एक अविश्वसनीय सहयोगी के रूप में नहीं देखते हैं लेकिन यूरोप को यूक्रेन को धन मुहैया कराना जारी रखना चाहिए ताकि शांति वार्ता के लिए उसे मजबूत स्थिति में रखा जा सके। लंदन में अन्य यूरोपीय और विश्व नेताओं के साथ सुरक्षा शिखर सम्मेलन के समापन अवसर स्टार्मर ने कहा कि कोई भी शुक्रवार को ‘व्हाइट हाउस’ में हुई वार्ता को विफल होते नहीं देखना चाहता था लेकिन अमेरिका एक महत्वपूर्ण सहयोगी बना हुआ है। अमेरिका कई दशकों से ब्रिटेन का भरोसेमंद सहयोगी रहा है- कीर स्टार्मर स्टार्मर ने कहा, ‘‘अमेरिका कई दशकों से ब्रिटेन का भरोसेमंद सहयोगी रहा है और आगे भी बना रहेगा। हमारे दोनों देशों के बीच जितने घनिष्ठ संबंध हैं, इतने किसी भी अन्य दो देशों के बीच आपस में गहरे संबंध नहीं हैं।’’ स्टार्मर ने कहा कि यूक्रेन में शांति के लिए वह जिस योजना पर काम कर रहे हैं, उसे अमेरिका का समर्थन मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन यूक्रेन के लिए पांच हजार वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति के लिए फंडिंग के क्रम में 1.6 अरब पाउंड (दो अरब अमेरिकी डॉलर) का उपयोग करेगा। बैठक के तुरंत बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए स्टार्मर ने कहा कि चार बिंदुओं पर सहमति बनी है: यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखना, और रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना, किसी भी स्थायी शांति के लिए यूक्रेन की संप्रभुता और सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए और यूक्रेन को किसी भी शांति वार्ता में उपस्थित होना चाहिए, शांति समझौते की स्थिति में, किसी भी भावी आक्रमण को रोकने के लिए यूक्रेन की रक्षात्मक क्षमताओं को बढ़ाना, यूक्रेन में समझौते की रक्षा करने और उसके बाद शांति की गारंटी देने के लिए इच्छुक लोगों का गठबंधन विकसित करना। स्टार्मर ने यह नहीं बताया कि गठबंधन में शामिल होने के लिए कौन से देश सहमत हुए कीर ने 5,000 से अधिक वायु रक्षा मिसाइलों की खरीद के लिए अतिरिक्त 2 बिलियन डॉलर के यूके निर्यात वित्त की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, “हमें अतीत की गलतियों से सीखना होगा, हम एक कमजोर समझौते को स्वीकार नहीं कर सकते जिसे रूस आसानी से तोड़ सकता है, इसके बजाय किसी भी समझौते को मजबूती से समर्थित होना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने यह नहीं बताया कि इस गठबंधन में शामिल होने के लिए कौन से देश सहमत हुए हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि जिन देशों ने प्रतिबद्धता जताई है, वे वास्तविक तत्परता के साथ योजना बनाने में तेजी लाएंगे। recent visitors 53

रंगभरी एकादशी यानी फाल्गुन मास की एकादशी, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि पर जगत के पालन हार भगवान विष्णु की पूजा का विधान हैं. फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाई जाती है इसे आमलकी एकादशी भी कहते हैं. रंगभरी एकादशी के दिन विष्णु जी के अलावा भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती विवाह के बाद पहली बार काशी यानी वाराणसी आए थे और उन्होंने माता पार्वती के गुलाल अर्पित किया था, जिसकी वजह से इस तिथि को रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है. कब रंगभरी एकादशी? वैदिक पंचांग के अनुसार, रंगभरी एकादशी यानी फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 9 मार्च को सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 10 मार्च को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार इस बार रंगभरी एकादशी का व्रत 10 मार्च को रखा जाएगा. रंगभरी एकादशी शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 59 मिनट से लेकर 5 बजकर 48 मिनट तक अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से लेकर 12 बजकर 55 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त- शाम 6 बजकर 24 मिनट से लेकर 6 बजकर 49 मिनट तक निशिता मुहूर्त- रात्रि 12 बजकर 7 मिनट से लेकर रात्रि 12 बजकर 55 मिनट तक तिथि 11 मार्च रहेगी. रंगभरी एकादशी का महत्व मान्यताओं के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव माता पार्वती विवाह के बाद पहली बार काशी पहुंचे थे. तब शिव गणों ने उनका स्वागत गुलाल से​ किया था. इस दिन से काशी में होली का शुभारंभ होता है, जो पूरे एक सप्ताह तक चलता है. भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की होली को देखने के लिए बड़ी संख्या में शिव भक्त दूर-दूर से आते हैं. recent visitors 58

भोपाल कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का नहीं किया पालन: हाईकोर्ट ने कहा- याचिका पर 10 दिन में जवाब दें, नहीं तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों

Bhopal Collector did not follow the order of the High Court: High Court said- respond to the petition in 10 days, otherwise appear in person जबलपुर ! भोपाल कलेक्टर ने रेरा से जुड़े मामले में समय पर आरआरसी का निष्पादन नहीं किया, जिसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगर 10 दिनों में यह कार्य पूरा नहीं होता है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। दो अलग-अलग मामलों में अवमानना याचिकाएं दरअसल, एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निष्पादन करें, लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई कदम नहीं उठाया गया। कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपये फंसा हुआ है। रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निष्पादन करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया। कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। recent visitors 87

उच्च शिक्षा मंत्री ने अमरकंटक में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य स्तर नेतृत्व शिविर एवं सम्मेलन का किया शुभारंभ

अनूपपुर  मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि युवा देश और प्रदेश के विकास की धुरी हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में समाजसेवा, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और साहचर्य की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा की नगरी में इस शिविर का आयोजन होना स्वयंसेवियों के जीवन का बेहद खास अनुभव एवं सुखमय आनंद होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र प्रेम की सीख देने की जीवंत इकाई है। इसके नाम से ही सेवा का भाव उत्पन्न होता है। यह संगठन विद्यार्थियों के गुणों का संवर्धन कर उन्हें समुदाय विकास की मूल भावना से ओत-प्रोत कर देश के विकास में सहयोग देता है। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार आज अनूपपुर जिले के अमरकंटक में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय नेतृत्व शिविर एवं सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि जिस समाज में जन्म लिया तथा जिस समाज ने हमें बोलना, चलना तथा समाज का परिचय करना सिखाया उस समाज का हमारे ऊपर कर्ज है तथा इस शिविर के माध्यम से हमको सामाजिक जीवन की अनुभूति को ग्रहण करना है तथा समाज को सही राह प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह बेहद प्रशंसनीय है कि आज हमारे विद्यार्थी एनएसएस को एक विषय के रूप में पढ़ रहे हैं। युवा ही देश का भविष्य हैं और इनमें सेवा भावना के विकास से देश का विकास और अधिक तीव्र गति से होगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को शिविर में सम्मिलित होने के लिए शुभकामनाएं दी। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाती है- विधायक फुंदेलाल मार्को शिविर को संबोधित करते हुए विधायक पुष्पराजगढ़ श्री फुंदेलाल मार्को ने कहा कि एनएसएस के समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाती है। यह संगठन हमें सह अस्तित्व भाव से जीवन पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि युवा अपने जीवन के बाकी गुणों के विकास के साथ-साथ सेवा भावना को भी अपनाएं और जीवन में आगे बढ़ें। विधायक पुष्पराजगढ़ द्वारा एनएसएस द्वारा स्वच्छता, शुचिता, रक्तदान, जनजागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता की सराहना की।‌ अपनी मेहनत से समाज को नई दिशा दे रहे हैं युवा- कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार कुडरिया शिविर को अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुमार कुडरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में सन् 1969 में राष्ट्रीय सेवा योजना सर्वप्रथम प्रदेश के दो विश्वविद्यालयों में शुरू की गई एंव वर्तमान में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत युवा जुड़कर अपनी मेहनत से समाज को नई दिशा दे रहे हैं तथा अपने व्यक्तित्व का विकास कर रहे हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अनुशासन, कर्तव्य प्राणायता, सजगता, जागरूकता आदि सिखाती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नर्मदा की गोद में आयोजित प्रशिक्षण में अच्छी सीख लेने तथा अपना व्यक्तित्व निखारने की बात कही। उच्च शिक्षा मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया शिविर का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, विधायक पुष्पराजगढ़ श्री फुंदेलाल मार्को, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरु प्रोफेसर राजेंद्र कुमार कुडरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र के समक्ष दीपक प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य स्तरीय नेतृत्व शिविर एवं सम्मेलन का शुभारंभ किया। यह शिविर अमरकंटक में 2 से 8 मार्च 2025 तक आयोजित किया जाएगा। शिविर में एनएसएस शिविर से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित लक्ष्य गीत तथा चिंतन के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री महिपाल सिंह गुर्जर, पूर्व जनपद अध्यक्ष पुष्पराजगढ़ श्री हीरा सिंह श्याम, नगर पालिका अमरकंटक अध्यक्ष श्रीमती पार्वती सिंह, अमरकंटक विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री अंबिका तिवारी, नगर पालिका अमरकंटक के पूर्व उपाध्यक्ष श्री राम गोपाल द्विवेदी, राज्य एन एस एस अधिकारी श्री मनोज अग्निहोत्री, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय कार्यक्रम समन्वयक एन एस एस श्री अभिमन्यु प्रसाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, एन एस एस स्वयं सेवक एवं आमजन उपस्थित थे। recent visitors 42

बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर – मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास का प्रतीक बन चुका है। इस प्रतिष्ठित मैराथन में देश-विदेश के हजारों धावकों ने भाग लिया और अमन, चैन और खुशहाली का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सौहार्द को भी मजबूत करता है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन को बस्तर क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति और विकास की नई राह खुली है।इससे पहले, बस्तर ओलंपिक में भी 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों की ऐतिहासिक भागीदारी देखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेल और विकास के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि यह बस्तर में शांति और सद्भाव के संदेश को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भव्य बनाया जाएगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान बने। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल खेल के प्रति जागरूकता को बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय युवाओं को खेल के माध्यम से नए अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की सकारात्मक छवि को स्थापित करने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन में भाग लेने वाले सभी धावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हजारों धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी, विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार नारायणपुर जिले में आयोजित अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025  में 11 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धावकों की शानदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस मैराथन में उत्तर प्रदेश के अक्षय कुमार ने पुरुष वर्ग में और इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने महिला वर्ग में बाजी मारी। पुरुष 21 किमी वर्ग में अक्षय कुमार (उत्तर प्रदेश) ने 01 घंटा 02 मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि महिला 21 किमी वर्ग में इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने 01 घंटा 13 मिनट 01 सेकंड में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की। 10 किमी और 5 किमी वर्ग में भी रोमांचक प्रतिस्पर्धा रही, जहां उत्तर प्रदेश की अमृता पटेल और सूरजपुर की सोनिका राजवाड़े ने क्रमशः 10 किमी और 5 किमी महिला वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया। पुरुष 10 किमी वर्ग में उत्तर प्रदेश के मोनू कुमार और 5 किमी वर्ग में स्थानीय धावकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार और सम्मान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त विजेताओं को 1.5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त विजेताओं को 1 लाख रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वालों को भी पुरस्कार दिया गया। स्थानीय प्रतिभाओं को भी 5-5 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। मैराथन का शुभारंभ संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने किया। कार्यक्रम में बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों दर्शक उपस्थित थे। recent visitors 81