Bhopal gas tragedy: यूका का 10 टन कचरा 75 घंटे में भस्म, मानक सीमा में उत्सर्जन का दावा

इंदौर  मध्यप्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक अपशिष्ट निपटान संयंत्र में भोपाल के यूनियन कार्बाइड कारखाने के 337 टन कचरे में से 10 टन अपशिष्ट को परीक्षण के तौर पर भस्म किए जाने की करीब 75 घंटे चली प्रक्रिया सोमवार को खत्म हो गई और इस दौरान पार्टिकुलेट मैटर (पीएम), कार्बन और अलग-अलग गैसों का उत्सर्जन मानक सीमा के भीतर रहा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कारखाने के कचरे के निपटान के पहले दौर के परीक्षण को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर एक निजी कंपनी के संचालित अपशिष्ट निपटान संयंत्र में अंजाम दिया गया। इस कचरे के निपटान की प्रक्रिया शुरू होने के बीच पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। इंदौर संभाग के आयुक्त दीपक सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमने पीथमपुर के अपशिष्ट निपटान संयंत्र के भस्मक में यूनियन कार्बाइड कारखाने के 10 टन कचरे को परीक्षण के तौर पर जलाने की प्रक्रिया शुक्रवार (28 फरवरी) को शुरू की थी जो सोमवार को खत्म हो गई।’’ उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दल ने परीक्षण की पूरी निगरानी की और इस दौरान पीथमपुर और इससे करीब 30 किलोमीटर दूर इंदौर की वायु गुणवत्ता ‘‘सामान्य’’ बनी रही। सिंह ने बताया कि पीथमपुर के अपशिष्ट निपटान संयंत्र में दूसरे दौर के परीक्षण की तैयारी की जा रही है और इस चरण में भी यूनियन कार्बाइड कारखाने के 10 टन कचरे को भस्म किया जाएगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक कचरे के निपटान के दौरान पिछले 24 घंटे में इस संयंत्र से पार्टिकुलेट मैटर (पीएम), सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, हाइड्रोजन क्लोराइड, हाइड्रोजन फ्लोराइड और टोटल ऑर्गेनिक कार्बन का उत्सर्जन मानक सीमा के भीतर पाया गया। विज्ञप्ति के मुताबिक पहले दौर के परीक्षण के दौरान हुए इन उत्सर्जनों का विश्लेषण किया जा रहा है और दूसरे दौर का परीक्षण चार मार्च (मंगलवार) से शुरू किया जाना प्रस्तावित है। रिपोर्ट आते ही शुरु होगा दूसरे चरण का ट्रायल वहीं आज यानी 4 मार्च से दूसरे चरण का ट्रायल शुरू होगा। श्रीनिवास द्विवेदी ने बताया कि, पहले चरण में कचरे को 135 किलोग्राम प्रति घंटे की दर से जलाया गया था। अब दूसरे चरण में कचरे की जलाने की दर को बढ़ाकर 180 किलोग्राम प्रति घंटे किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि, पहले चरण की रिपोर्ट आज ही आ जाएगी, जिसके बाद ये फैसला लिया जाएगा कि, कचरे को आज कब जलाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर ही दूसरे चरण के कचरे को जलाने की तैयारी शुरू की होगी। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर से हो रहा निष्पादन वहीं मामले में धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि "पीथमपुर में हाईकोर्ट के दिशा निर्देश पर ही कचरा जलाया जा रहा है. इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया है. उसी के अनुसार कचरे का निष्पादन होना है. उन्होंने बताया कचरे को अनलोड किए जाने और अलग-अलग पैकेट में तैयार करने के बाद अब वास्तविक रूप से कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है. 72 घंटे में जलेगा 10 टन कचरा इस प्रक्रिया के दौरान लगातार 72 घंटे तक करीब 10 टन कचरा जलाया जाएगा. जिसकी लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया जिन कर्मचारियों की ड्यूटी संयंत्र के अंदर है. वह भी प्रदूषण से सुरक्षा के तमाम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए काम कर रहे हैं. वही शहर भर में लोगों को विश्वास में लेकर उन्हें कचरे की लाइव मॉनिटरिंग की भी सुविधा दी गई है. उन्होंने बताया कचरा जलाए जाने के दौरान पूरे पीथमपुर में कहीं कोई विरोध नहीं है." रामकी एनवायरो में जलेगा 10 टन कचरा दरअसल यूनियन कार्बाइड कचरे को लेकर लोगों तक वास्तविक जानकारी पहुंचाने का परिणाम है. उन्होंने कहा इसके अलावा जो लोग विरोध कर रहे थे. उन्होंने भी कोर्ट के समक्ष अपना तर्क रखा, हालांकि कोर्ट ने ही अब कचरे के निष्पादन के आदेश दिए हैं, तो पूरी सुरक्षा व्यवस्था और तमाम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कचरा जलाया जा रहा है. 900 डिग्री सेल्सियस के तापमान में जलेगा कचरा परिसर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को अनलोड करने के बाद मिक्सिंग और जलाने की प्रक्रिया केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की देखरेख में की जा रही है. पहले कंटेनर से कचरा अलग किया गया. फिर संयंत्र के इंसीनरेटर में 900 डिग्री सेल्सियस के तापमान में कचरे को जलाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे में नेपथॉल सेमी प्रोसैस्ट पेस्टिसाइड 47 समेत यूनियन कार्बाइड से इकठ्ठा मिट्टी के भी अवेशष हैं. यूनियन कार्बाइड में प्लांट के अंदर स्थित अन्य सामग्री भी कचरे में शामिल है, जिसे इंसीनरेटर में चूना मिलकर जलाया जा रहा है. 9-9 किलो के बनाए गए पैकेट 10 टन के कचरे को 72 घंटे यानि 3 दिन में जलाया जाएगा. जिसके लिए सबसे पहले 9-9 किलो के पैकेट बनाए गए हैं. हर पैकेट में साढ़े 4 किलो कचरा और इतनी ही मात्रा में चूना है. जिससे रासायनिक प्रभाव को न्यूट्रल किया जा सके. कचरा जलाने के लिए गुरुवार रात से ही इंसीनरेटर को चालू कर दिया गया था. जिसे 900 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रखने के लिए चालू रहना जरूरी है. शुक्रवार सुबह यह तापमान 850-900 डिग्री पहुंचा. फिर उसमें कचरे के पैकेट डालना शुरू किया गया. कचरे के जलने पर जो धुआं या गैस या तत्व निकलेगा, उस पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं. विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाए जाने के दौरान पीथमपुर के अपशिष्ट निपटान संयंत्र के आस-पास पांच स्थानों पर परिवेशीय वायु गुणवत्ता माप रहा है जिनमें तीन गांव शामिल हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का पहला परीक्षण करीब 75 घंटे चला और इस दौरान संयंत्र के भस्मक में हर घंटे 135 किलोग्राम कचरा डाला गया। उन्होंने बताया कि दूसरे दौर के परीक्षण के दौरान भस्मक में हर घंटे 180 किलोग्राम कचरा डाला जाएगा। द्विवेदी ने बताया कि पहले दौर के परीक्षण को करीब … Read more

IPL में इंदौर का जलवा कायम, रजत ,आवेश खान, वेंकटेश अय्यर सहित यह खिलाड़ी मचाएंगे धमा चौकड़ी

 इंदौर रजत पाटीदार के बाद आईपीएल टूर्नामेंट में इंदौर के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। इंदौर के वेंकटेश अय्यर को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) का उपकप्तान बनाया गया है। इस संबंध में टीम ने सोमवार को ऐलान किया। इस टीम का कप्तान अजिंक्य रहाणे को बनाया है। मेगा ऑक्शन में 23.75 करोड़ रुपए में बिके वेंकटेश अय्यर इस बार आईपीएल सीजन (18वें) के दूसरे सबसे महंगे और केकेआर के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। उन्हें पहले दिन से ही कप्तान बनाए जाने की चर्चाएं थीं। केकेआर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में 2024 के सीजन में चैंपियन बनी थी, उन्हें इस बार ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने खरीद लिया। इस IPL सीजन ऐसी रहेगी केकेआर टीम     अजिंक्य रहाणे (कप्तान)     वेंकटेश अय्यर (उपकप्तान)     अन्य खिलाड़ी     सुनील नरेन रिंकू सिंह, आंद्रे रसेल, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, रमनदीप सिंह, क्विंटन डिकॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, एनरिक नॉर्किया, अंगकृष रघुवंशी, वैभव अरोड़ा, मयंक मार्कंडे, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, स्पेंसर जॉनसन, लवनीत सिसोदिया, अनुकूल रॉय, मोईन अली, उमरान मलिक इंदौर के तीन खिलाड़ी आईपीएल में आईपीएल के 18वें सीजन में रजत पाटीदार, वेंकटेश अय्यर के अलावा तीसरे खिलाड़ी आवेश खान हैं। वे इस बार लखनऊ से खेलेंगे। तेज गेंदबाज आवेश खान को लखनऊ ने 9.75 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया है। उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए था। पिछले सीजन में उन्होंने राजस्थान के लिए 16 मैचों में 19 विकट लिए थे। अजिंक्य KKR के 9वें कप्तान अंजिक्य रहाणे KKR के 9वें कप्तान होंगे। उनसे पहले सौरव गांगुली, ब्रेंडन मैक्कुलम, गौतम गंभीर, जैक्स कैलिस, दिनेश कार्तिक, ऑएन मॉर्गन, श्रेयस अय्यर और नीतीश राणा भी टीम की कप्तानी कर चुके हैं। 8 पिछले कप्तानों में 2 ही प्लेयर टीम को ट्रॉफी जिता सके हैं। गौतम गंभीर की कप्तानी में टीम ने 2012 और 2014 में खिताब जीता। वहीं, श्रेयस अय्यर ने 2024 में टीम को चैंपियन बनवाया। बता दें, अजिंक्य की कप्तानी में महाराष्ट्र ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीती थी, जबकि मप्र की टीम इसमें उपविजेता रही थी। तब मप्र टीम के कप्तान रजत पाटीदार थे। रजत सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी के 2024-25 सीजन में मध्यप्रदेश के कप्तान रहे हैं। रणजी टीम मप्र के कप्तान इंदौर के रजत पाटीदार थे, उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु (आरसीबी) का कप्तान बनाया गया है। रजत पाटीदार बने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत ने कहा कि खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यहां कई लीजेंड्स को लीड करने का मौका मिलेगा। मध्यप्रदेश के इंदौर के युवा क्रिकेटर रजत पाटीदार (31 साल) को इंडियन प्रीमियर लीग की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपना कप्तान घोषित किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरसीबी के ऑफियशियल अकाउंट से इसकी जानकारी दी गई। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 21 मार्च से शुरू हो रहा है। रजत को IPL-2025 के लिए आरसीबी ने 11 करोड़ रुपए में खरीदा है। रजत 2021 से आरसीबी के साथ हैं। रजत सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी के 2024-25 सीजन में मध्यप्रदेश के कप्तान रहे हैं। कई लीजेंड्स को लीड करने का मिलेगा मौका रजत ने कहा कि मेगा ऑक्शन में मुझे सिलेक्ट नहीं किया गया तो मैं निराश हो गया था। डर था कि मेरा आईपीएल में सिलेक्शन होगा कि नहीं। फिर मुझे रिप्लेसमेंट के रूप में पिक किया गया। दूसरा चांस मिलने पर बहुत कॉन्फिडेंट था कि जब मैं यहां तक आया हूं तो आगे भी जा सकता हूं। खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यहां कई लीजेंड्स को लीड करने का मौका मिलेगा। मैं बहुत कुशल तरीके से सभी को साथ लेकर कप्तानी करूंगा। मेरा सफर काफी ऊपर-नीचे रहा है। खुद पर भरोसा करता हूं, यही मेरी ताकत है और आगे भी रहेगी। recent visitors 60

चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया

दुबई भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चैम्पियंस ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया है। स्टीव स्मिथ ने टॉस जीतने के बाद कहा, 'हम बल्लेबाजी करेंगे। यह काफी सूखी सतह लग रही है। खिलाड़ियों ने कुछ सत्र खेले, खेलने के लिए तैयार। यह बारी बारी से खेलेगा। बहुत अच्छी टीम – भारत। दो बदलाव। शॉर्ट की जगह कूपर कोनोली और जॉनसन की जगह संघा आए। रोहित शर्मा ने टॉस के बाद कहा, 'मैं दोनों ही काम करने के लिए तैयार था। जब आप उलझन में हों, तो टॉस हारना बेहतर होता है। पिच अपनी प्रकृति बदलती रहती है। आपको अच्छा क्रिकेट खेलना होगा। हमने तीनों मैचों में अच्छा क्रिकेट खेला है और हम यही करने की कोशिश करेंगे। यह चुनौतीपूर्ण होने वाला है। हम उसी टीम के साथ खेल रहे हैं। हम वहीं से आगे बढ़ना चाहते हैं, जहां से हमने छोड़ा था। अब जबकि हम पहले गेंदबाजी कर रहे हैं, हमें अच्छी गेंदबाजी करनी होगी और उन्हें जितना संभव हो सके उतना कम स्कोर पर रोकना होगा। पिच रिपोर्ट रविवार को दुबई में ग्रुप ए के आखिरी मैच में भारत के खिलाफ 250 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 205 रन पर आउट हो गई। भारत के 10 में से 9 विकेट स्पिनरों के खाते में गए। सेमीफाइनल की पिच भी धीमी रहने और स्पिनरों को मदद करने की उम्मीद है। टॉस जीतने वाली टीम के पहले बल्लेबाजी करने की उम्मीद है क्योंकि ओस की अनुपस्थिति में लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल हो जाता है। recent visitors 56

ग्वालियर में 22 साल की लड़की ने मंगेतर को वीडियो कॉल करने के बाद सुसाइड किया, फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही

     ग्वालियर  ग्वालियर में 22 साल की युवती ने मंगेतर से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या की ली। जांच में पता चला है कि फांसी लगाने से पहले युवती अपने मंगेतर से बात कर रही थी। शादी से पहले ही मंगेतर ने उससे शारीरिक संबंध बनाए थे जिसे लेकर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इतना ही नहीं, वह युवती से पैसे भी ऐंठ चुका था। पुलिस ने युवती की मौत के मामले में आरोपी मंगेतर पर रेप और खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र की निवासी 22 साल की युवती अपने चाचा के परिवार के साथ रहती थी, जबकि उसके माता-पिता ललितपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उसकी सगाई ग्वालियर के ही अर्जुन कुशवाह से तय हुई थी। युवती अपने कमरे में गई और गेट बंद कर लिया। कुछ देर बाद युवती के मंगेतर का कॉल आया और उसके भाई को बताया कि तेरी बहन फांसी लगा रही है। इसका पता चलते ही उसने कॉल कर परिजन को जानकारी दी। जानकारी मिलते ही परिजनों ने दरवाजा तोड़ा और अंदर पहुंचे तो युवती फांसी पर लटकी हुई थी। उसे तुरंत फंदे से उतारकर एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि आत्महत्या करने से पहले युवती अपने मंगेतर से बात कर रही थी और उनके बीच बहस हुई। जिसके बाद उसने फांसी लगा ली। मृतका के चाचा ने बताया कि, दो माह पहले सगाई हुई थी, उसके बाद से ही अर्जुन उसे प्रताड़ित कर रहा था और सगाई तोड़ने की धमकी देकर परेशान कर रहा था। वह उससे कई बार रुपए और जेवर ले चुका है। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि शादी से पहले ही आरोपी मंगेतर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था और उससे शादी से पहले ही काफी रुपए और जेवर ले चुका था। इसके बाद वह रुपए की मांग करता और मांग पूरी ना करने पर सगाई तोड़ने की धमकी देता था, जिससे तंग आकर उसने जान दे दी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि एक युवती ने फांसी लगाकर जान दी थी। जांच में पता चला है कि उसका मंगेतर उसे प्रताड़ित कर रहा था और उसके साथ गलत काम किया था। आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। recent visitors 48

US से टली सतना में चोरी की वारदात: मुंह पर नकाब बांध घर में घुस रहे थे चोर, फिर हुआ कुछ ऐसा कि उल्टे पैर भागे चोर

सतना  आज के डिजिटल (Digital) युग में टेक्नोलॉजी अहम किरदार (Technology plays an important role) निभा रही है। इसी बीच टेक्नोलॉजी (Technology) के सही उपयोग से आप कैसे सुरक्षित रह सकते इसका जीता जागता उदाहरण मध्य प्रदेश के सतना से सामने आया है। जहां सात समुंदर पार बैठे घर के मालिक ने सतना के भरहुत नगर स्थित सूने घर में घुस रहे चोरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अब आप सोच रहे होंगे ये कैसे किया? पढ़िए ये पूरी खबर। मामला सतना के भारत नगर इलाके के हरिपुरम कालोनी का है। जहां के निवासी आर बी नामदेव के घर 1 मार्च की रात तीन अज्ञात चोरों ने चोरी की नाकाम कोशिश की। बताया जा रहा है कि, अमेरिका में बैठे घर के मालिक बीआर नामदेव ने सतना में रात दो बजे घर के अंदर घुस रहे तीन संदिग्ध व्यक्तियों को देखा और तुरंत अपने बेटे अरुण को खबर की। पिता ने जिसवक्त बेटे फोन किया उस समय अमेरिका में दोपहर के एक बजे थे और सतना के हरिपुराम कालोनी में रात दो बजे चोर सूने घर में घुस रहे थे। अरुण के पिता अमेरिका में अपनी बेटी के घर पर थे। वहीं अरुण खुद कानपुर में था। ऐसे में अरुण ने तुरंत अपने पड़ोसी एमके श्रीवास्तव को अलर्ट किया और पड़ोसी ने अपना धर्म निभाते हुए सक्रियता दिखाई। शोर शराबा कर चोरों को भागने में मजबूर कर दिया। अब इस घटना की थाने में शिकायत की गई है। और कोलगवां थाना पुलिस ने मामले पर संज्ञान ले लिया है। इस पूरे मामले में एक बात सोचने वाली है, वह यह कि जब आम आदमी सात समंदर पार बैठकर टेक्नोलॉजी से चोरी की वारदात नाकाम कर सकता है। तो फिर कुछ फासलों पर मौजूद पुलिस क्यों नहीं? recent visitors 32

परमाणु ऊर्जा का बहिष्कार: सतत और जनकेंद्रित ऊर्जा नीतियों की मांग

 हैदराबाद जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) का हैदराबाद में राष्ट्रीय अधिवेशन था, जो 1 से 4 मार्च तक चला।इस राष्ट्रीय अधिवेशन में नेशनल अलायंस फॉर क्लाइमेट एंड इकोलॉजिकल जस्टिस, नेशनल अलायंस ऑफ एंटी-न्यूक्लियर मूवमेंट्स और चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे एवं बरगी बांध विस्थापित मत्स्य संघ के अध्यक्ष मुन्ना बर्मन ने संयुक्त रूप से परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विरोध में प्रस्ताव रखा। बताया गया कि परमाणु ऊर्जा के विस्तार की हालिया नीतियों का कड़ा विरोध करता है, जिसमें मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में परमाणु संयंत्रों की स्थापना शामिल है। परमाणु ऊर्जा न तो सुरक्षित है, न सतत, और न ही आर्थिक रूप से व्यावहारिक। इसके पर्यावरणीय, सामाजिक और मानवीय नुकसान इसके कथित लाभों से कहीं अधिक हैं। एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन) और एनपीसीआईएल (न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के बीच ₹80,000 करोड़ के निवेश का समझौता, परमाणु ऊर्जा को आगे बढ़ाने की एक खतरनाक नीति है, जो जनसुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता की पूरी तरह अनदेखी करती है। चुटका परमाणु संयंत्र और नीमच, देवास, सिवनी और शिवपुरी जिलों में प्रस्तावित संयंत्र स्थानीय समुदायों के विस्थापन, विकिरण (रेडिएशन) के खतरे और दीर्घकालिक पारिस्थितिकीय विनाश का कारण बनेंगे। चुटका क्षेत्र में 2009 से आदिवासी समुदाय इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं, जहां भूमि का जबरन अधिग्रहण किया गया और उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया। इस परियोजना से मछुआरे, किसान और स्थानीय आदिवासी समुदायों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित होगी। इसके बावजूद चुटका परमाणु परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो सरकार की जनविरोधी और कॉरपोरेट-हितैषी नीतियों को उजागर करता है। परमाणु संयंत्रों के लिए आदिवासी, किसान और मछुआरों को उनकी भूमि से बेदखल किया जाना उनके अधिकारों का उल्लंघन है और इससे उनकी आजीविका छिन रही है। इसके अलावा, सरकार द्वारा फ्रांस की ईडीएफ, रूस की रोसटाॅम और अमेरिका की वैस्टींगहाउस इलेक्ट्रिक कार्पोरेशन  जैसी विदेशी परमाणु कंपनियों पर निर्भरता देश की संप्रभुता और सार्वजनिक जवाबदेही को भी संकट में डालती है। परमाणु ऊर्जा को “स्वच्छ ऊर्जा” के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन यह विकिरणीय कचरा, उच्च लागत और विनाशकारी दुर्घटनाओं के खतरे के साथ आती है। वैश्विक अनुभव से यह स्पष्ट हुआ है कि सौर, पवन  और छोटे विकेन्द्रित जलविद्युत ऊर्जा अधिक सुरक्षित और सतत समाधान हैं। एनएपीएम परमाणु ऊर्जा को एक ऊर्जा समाधान के रूप में अस्वीकार करता है और नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर तत्काल रोक लगाने की मांग करता है। इसके बजाय, सरकार को विकेन्द्रित, नवीकरणीय (रिन्यूएबल) ऊर्जा स्रोतों में निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि ऊर्जा नीति पर्यावरणीय न्याय और समुदायों की संप्रभुता के सिद्धांतों के अनुरूप हो। एनएपीएम परमाणु ऊर्जा के आर्थिक, पर्यावरणीय और मानवीय लागतों को उजागर करने और सतत और लोकतांत्रिक ऊर्जा प्रणालियों की ओर न्यायसंगत परिवर्तन की वकालत करने के लिए प्रतिबद्ध है। परमाणु ऊर्जा विस्तार को तुरंत रोका जाना चाहिए, इससे पहले कि यह अपरिवर्तनीय पर्यावरणीय और मानवीय तबाही को जन्म दे। इस 30वें राष्ट्रीय सम्मेलन की सभा मांग करती है कि: 1.    खतरनाक और विषैली परमाणु विखंडन तकनीक को पूरी तरह से त्यागा जाए। 2.    परमाणु ऊर्जा पर भारी बजट को विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा विकास की ओर किया जाए। 3.    स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर परियोजना को बंद किया जाए और बजट को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती ऊर्जा विकल्पों की ओर खर्च किया जाए, विशेष रूप से वंचित समुदायों की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए। 4.    सभी यूरेनियम खदानों को बंद करने के लिए एक समयबद्ध योजना बनाई जाए और उसे लागू किया जाए। 5.    बंद और छोड़ी गई यूरेनियम खदानों की पारिस्थितिकी बहाली के लिए एक व्यापक योजना बनाई जाए और उसे लागू किया जाए। 6.    सभी प्रभावित समुदायों का व्यापक अध्ययन किया जाए, और प्रभावित लोगों को पूर्ण पुनर्वास तथा निःशुल्क चिकित्सा सहायता दी जाए। 7.    सभी 24-25 परमाणु विखंडन रिएक्टरों के लिए एक समयबद्ध निष्कासन योजना बनाई जाए और सावधानीपूर्वक उसे लागू किया जाए। 8.    उच्च-रेडियोधर्मी कचरे के स्थायी और सुरक्षित भंडारण की गारंटी हो। 9.    न्यूक्लियर डैमेज सिविल लायबिलिटी एक्ट को कमजोर करने के सभी प्रयास बंद किए जाएं और इसे और मजबूत किया जाए। 10.    भारत को वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण योजनाओं को गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहिए, जैसा कि राजीव गांधी सरकार के दौरान प्रस्तावित किया गया था।                        प्रस्ताव को  23 राज्य के सैकड़ों प्रतिनिधियों ने सर्वसहमति से पारित किया। recent visitors 32

वन्य जीवों का शिकार करने की मंसा से सिमरधा जंगल मे घूम रहे 4 आरोपियों को हथियार सहित समनापुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

 डिंडौरी जिले अंतर्गत  समनापुर थाना में मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि कुछ लोग बांधा तालाब तरफ जाने वाली रास्ता में घुघराई घाट जंगल में जंगली जानवरों का शिकार करने के लिये फांदा, सांग ,कोला लेकर जंगल में गये है , प्राप्त सूचना की तस्दीक हेतु स्वतंत्र गवाहो को लेकर थाना से टीम रवाना हुई जो मुखबिर द्वारा बताये हुए स्थान (जंगल) पर जाकर देखे तो 04 लोग जंगली जानवरो का शिकार करने के लिए नुकीली धारदार हथियार व जाल (फांदा), लाठी /डण्डा रखे हुए थे जो पुलिस को देखकर जंगल में भागने लगे जिन्हे घेराबन्दी कर पकडा गया जिनसे नाम पता पूछने पर अपना नाम (1) धर्मेन्द्र कुमार मरावी पिता महेश कुमार मरावी जाति गोंड उम्र 30 वर्ष , (2) सिकल चंद मरावी पिता स्व0 फूलसिंह मरावी , (3) राजकुमार मरावी पिता स्व0 कूप सिंह मरावी जाति गोंड उम्र 50 वर्ष , (4) अशोक कुमार मरावी पिता स्व0 हीरा सिंह मरावी जाति गोंड उम्र 40 वर्ष सभी निवासी ग्राम खम्हरिया थाना समनापुर जिला डिण्डौरी के होना बताये । जिनसे जंगली जानवरो का शिकार करने के संबध में वैध्य अनुज्ञप्ति तथा शासन के आदेश अनुज्ञप्ति के संबध में पूछा गया जो नही होना बताये । जिनसे मौके पर स्वतंत्र गवाहो के सामने रेशम के धागा से बनी काले रंग , सफेद एवं मटमैला रंग की रस्सी का फांदा – 04 नग , लोहे का नुकीली धारदार सांग (बरछी/ भाला) – 03 नग तथा कोला (लाठी/डण्डा) – 21 नग जप्त किया गया । आरोपियो के विरूध्द वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत धारा 9, 50 (ग), 52 का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियो को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय डिण्डौरी पेश किया गया ।          विशेष भूमिका – निरीक्षक कामेश कुमार धूमकेती थाना प्रभारी थाना समनापुर , उपनिरीक्षक पारस यादव , प्रआर. 297 कृष्णपाल सिंह , प्रआर. 31 दर्शन सिंह मसराम , प्रआर. 365 भारत लाल बसन्त , प्रआर.183 राजेश मरावी , प्रआर. 171 अमित पाण्डेय की विशेष भूमिका रही है । recent visitors 17