Tuesday, July 7, 2026 1:22 pm

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा चेक बाऊंस के प्रकरण में दो वर्षो से फरार वारण्टी गिरफ्तार

अनूपपुर थाना कोतवाली में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक संतोष पाण्डेय एवं प्रधान आरक्षक भानूप्रताप सिहं के द्वारा विगत दो वर्षों से फरार चल रहे गिरफ्तारी वारण्टी शिवकुमार शर्मा पिता रामप्रसाद शर्मा उम्र करीब 43 साल निवासी बरबसपुर अनूपपुर को सोमवार की शाम गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। शिवकुमार शर्मा के विरूद्ध माननीय न्यायालय पारूल जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनूपपुर के द्वारा प्रकरण क्रमांक 126/22 धारा 138 एन.आई. एक्ट में गिरफ्तारी वारण्ट जारी किया गया था। recent visitors 20

मंत्री Pradhuman Singh Tomar का बड़ा संकल्प, 1 साल तक बिना प्रेस के कपड़े पहनेंगे मंत्रीजी

ग्वालियर अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। वजह है बिजली बचाने और प्रदूषण रोकने के लिए उनकी ओर से लिया गया संकल्प। मंत्रीजी ने प्रण लिया है कि वह एक साल तक बिना प्रेस किए कपड़े पहनेंगे। वहीं, कांग्रेस ने तोमर के इस बयान को नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है। मध्य प्रदेश की राजनीति में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वह एक साल तक बिना प्रेस किए कपड़े पहनेंगे। मंत्री जी का कहना है कि इससे हर दिन आधे यूनिट बिजली की बचत होगी। तोमर ने कहा कि वह अपनी बेटी की शादी के दिन भी बिना प्रेस किए ही कपड़े पहनेंगे। उन्होंनेक कहा, 'आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादने पड़ जाए, इसलिए यह निर्णय लिया।' तोमर ने मीडिया से बातचीत में अपने फैसले को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'हम सबको बिजली की बचत करनी चाहिए। जितनी जरूरत हो उतनी ही खपत करे। हम सबको छोटी-छोटी पहल करती रहनी चाहिए। बिजली के साथ-साथ प्रदूषण… एक वर्ष तक के लिए मैंने पहल की है। प्रदूषण (रोकने) के लिए हम सब बराबर प्रयास कर रहे हैं। मैं बिना प्रेस कपड़े इसलिए पहन रहा हूं कि हमारे शहर का प्रदूषण…. संदेश देने का काम है कि हम सब मिलकर काम करें। एक ड्रेस में आधा यूनिट बिजली जलती है, इससे जो प्रदूषण पैदा होता है, सालभर का गुना भाग है, जोड़ेंगे तो वह चार वृक्ष के बराबर है। मैं एक साल तक बिना प्रेस के कपड़े पहनूंगा।' एक साल तक के लिए की है पहल हालांकि ऊर्जा मंत्री ने यह फैसला लगभग एक साल के लिए लिया है. उनका कहना है कि अब पूरे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे. उनका मानना है कि अगर हम इसी तरह छोटे-छोटे कदम उठाएंगे, तो इसका असर पर्यावरण सुधार में भी दिखाई देगा, क्योंकि ग्वालियर में प्रदूषण का स्तर जिस तरह बढ़ रहा है. ऐसे में छोटे छोटे कदम भी महत्वपूर्ण हैं. इसलिए उन्होंने आमजन से भी इस बात की अपील की है कि वे स्वच्छता के साथ पर्यावरण बचाने के लिए आगे आए साथ ही बिजली बचाने कल ये भी अपने जीवन मैच छोटे छोटे परिवर्तन जरूर करें. ऊर्जा मंत्री के बयान पर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस अब इसे मंत्री की नौटंकी बता रही है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और अब यह नौटंकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है तो उनके साथ जो 10-10 गाड़ियां चलती है और उसे वायु प्रदूषण होता है उन गाड़ियों को छोड़े और साइकिल से चलना शुरू कर दें। recent visitors 24

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने फरवरी 2025 में 4,22,449 यूनिट्स बेचीं

गुरुग्राम  होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने आज फरवरी 2025 के अपने बिक्री आंकड़े जारी किए।फरवरी 2025 में कंपनी की कुल बिक्री 4,22,449 यूनिट्स रही। इसमें 3,83,918 यूनिट्स की घरेलू बिक्री और 38,531 यूनिट्स का निर्यात शामिल है।यह उल्लेखनीय है कि HMSI की वित्त वर्ष 2025 (अप्रैल 2024 – फरवरी 2025) की अब तक की कुल बिक्री 54,04,216 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जिसमें 49,25,241 यूनिट्स की घरेलू बिक्री और 4,78,975 यूनिट्स का निर्यात शामिल है। फरवरी 2025 में HMSI की मुख्य उपलब्धियां: प्रोडक्ट: HMSI ने उन्नत नए फीचर्स के साथ OBD2B अनुकूलित Shine 125 और Hornet 2.0 के अपडेटेड वर्जन पेश किए। इसके अलावा, कंपनी ने OBD2B कंप्लायंट इंजन और अपग्रेडेड इक्विपमेंट के साथ बिल्कुल नया NX200 लॉन्च किया।  बिजनेस: HMSI ने दक्षिण भारत में 2 करोड़ बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया और मध्य प्रदेश में Shine 125 और SP125 की 10 लाख यूनिट्स की संचयी बिक्री पूरी कर ली, जो कंपनी की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। सड़क सुरक्षा: भारत में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से HMSI ने देशभर में 10 स्थानों – मथुरा (उत्तर प्रदेश), सापुतारा (गुजरात), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर (पंजाब), अंगुल (ओडिशा), बल्लारी (कर्नाटक), जबलपुर (मध्य प्रदेश), काकीनाडा (आंध्र प्रदेश), दरभंगा (बिहार) और गोवा में अभियान चलाए। इसके अलावा, HMSI ने मुंबई (महाराष्ट्र) में स्कूल प्राचार्यों के साथ "माइंडसेट डेवलपमेंट फॉर आवर फ्यूचर जेनरेशन" प्रोजेक्ट के तहत एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया। साथ ही, HMSI ने चेन्नई में अपने ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क की 6वीं वर्षगांठ मनाकर सड़क सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व): उत्तर प्रदेश में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सहयोग और सशक्त बनाने के उद्देश्य से, होंडा इंडिया फाउंडेशन ने ‘प्रोजेक्ट अन्नदाता – सशक्त किसान, समृद्ध राष्ट्र’ के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoC) पर हस्ताक्षर किए। recent visitors 52

मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास को फिर से जीवंत करेगा नया प्रवेश द्वार: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की है कि राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास को संजोया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एमपी की पहचान यहां के वीर शासकों से रही है और इस विरासत को सहेजने के लिए सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है। भोपाल का इतिहास परमार राजाओं, गोंड शासकों और नवाबों से जुड़ा रहा है। वहीं, पूरे मध्य प्रदेश में सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, रानी दुर्गावती जैसे कई महान शासकों ने शासन किया है। सरकार की इस पहल से इन महापुरुषों की विरासत को और अधिक मजबूती मिलेगी। सीएम मोहन यादव की घोषणा ‘महापुरुषों के नाम पर बनेंगे द्वार’ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ‘भोपाल और पूरे मध्य प्रदेश की पहचान वीर शासकों से रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने चक्रवर्ती सम्राट की तरह शासन किया। उनका न्याय, ज्ञान, वीरता, दानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरुषार्थ कई गुणों से उनकी अलग पहचान रही है। उनके एक हजार साल बाद राजा भोज भी अद्वितीय शासक रहे हैं। राजा भोज के कारण भोपाल की विशेष पहचान है। ऐसे में हमारी सरकार ने तय किया है कि हमारी राजधानी का गौरवशाली अतीत है। उस अतीत को सामने लाने की आवश्यकता है। इसलिए राजधानी के प्रमुख मार्गों पर ऐसे महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास संजोया जा सके। मध्यप्रदेश की विरासत को संजोने का फैसला प्रदेश सरकार का यह कदम भोपाल को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे न सिर्फ शहर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित किया जाएगा, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ी को भी अपने गौरवशाली अतीत के बारे में परिचय मिलेगा। इस फैसले के तहत भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में ऐतिहासिक महत्व रखने वाले राजाओं, सम्राटों और अन्य महापुरुषों के नाम पर प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इससे भोपाल में आने वाले पर्यटकों को भी राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी मिलेगी। ऐतिहासिक महत्व के द्वार भोपाल, जो पहले से ही ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध है, अब इन विशेष स्मारक द्वारों के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपरा को और अधिक मजबूती से प्रदर्शित करेगा। इन द्वारों का निर्माण शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और प्रवेश स्थलों पर किया जाएगा। हर द्वार का नाम किसी महान नेता, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक या ऐतिहासिक शख्सियत के नाम पर रखा जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को जान सकें। पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा सरकार के इस फैसले से न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल आने वाले पर्यटक जब इन भव्य द्वारों को देखेंगे, तो उन्हें राज्य के गौरवशाली इतिहास की झलक मिलेगी। साथ ही, यह योजना प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगी। इस निर्णय से राजधानी के नागरिकों को अपने राज्य के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर गर्व महसूस करने का अवसर मिलेगा। ये द्वार न केवल स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण होंगे, बल्कि वे राज्य की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी बनेंगे। recent visitors 45

भिक्षा लेने और देने पर केस दर्ज नहीं होंगे, भिक्षुकों का रेस्क्यू जारी रहेगा

No cases will be filed for taking or giving alms, rescue of beggars will continue इंदौर ! भिक्षा मुक्त इंदौर अभियान के तहत भीख मांगने और देने वाले दोनों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह ने आदेश जारी किया था। rescue of beggars will continue 2 जनवरी को जारी किया गया यह आदेश 28 फरवरी को समाप्त हो गया। इसके बाद से शहर में एक बार फिर भिक्षावृत्ति नजर आने लगी है। शनिवार, मंगलवार और अन्य विशेष अवसरों पर मंदिरों के बाहर भिक्षुकों की भीड़ बढ़ने लगी है। प्रशासन की सख्ती के दौरान तीन लोगों के खिलाफ भीख मांगने और देने पर प्रकरण दर्ज किया गया था। भिक्षुकों की जानकारी देने वालों को मिले एक हजार रुपए इस अभियान में प्रशासन ने एक नवाचार भी किया। भिक्षावृत्ति से जुड़ी सूचना देने वालों को 1 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई, जिसके बाद प्रशासन को हर दिन इस तरह की सूचनाएं मिलने लगीं। अब तक 28 लोगों को प्रशासन ने इनाम देकर सम्मानित किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राम निवास बुधौलिया के अनुसार, इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर अब भी भिक्षावृत्ति की सूचना मिल रही है, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू किया जा रहा है। भिक्षा मुक्त इंदौर अभियान की सराहना न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी हो चुकी है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पिछले वर्ष इस अभियान की शुरुआत की गई थी। पहले चरण में भिक्षुकों को समझाइश दी गई और उसके बाद उनके पुनर्वास के प्रयास किए गए। इस दौरान 700 वयस्क भिक्षुकों को सेवाधाम आश्रम भेजा गया, जबकि भिक्षावृत्ति से जुड़े 60 से अधिक बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया गया। 28 फरवरी से खत्म हुई सख्ती इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह ने 2 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया था। इसके तहत भीख मांगने और देने दोनों को अपराध माना गया और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान किया गया। इस सख्ती के चलते इंदौर में भिक्षावृत्ति लगभग पूरी तरह समाप्त हो गई थी। इस अवधि में तीन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई। हालांकि, 28 फरवरी को आदेश समाप्त होने के बाद भी भिक्षुकों का रेस्क्यू जारी रहेगा। मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों और व्यस्त बाजारों में भिक्षुकों की उपस्थिति दिख रही है। प्रशासन लगातार अभियान की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर फिर से सख्ती बरतने की संभावना जताई जा रही है। Read More: औषधीय पादप बोर्ड का अभियान: लोगों को स्वस्थ बनाने के लिए दिए जा रहे अश्वगंधा के पौधे recent visitors 96

एमपीपीएससी लाइब्रेरियन भर्ती 2025 के तहत कुल 80 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने लाइब्रेरियन पदों पर भर्ती के लिए नौकरी का शानदार अवसर निकाला है। यदि आप लाइब्रेरियन के पद के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। एमपीपीएससी लाइब्रेरियन भर्ती 2025 के तहत कुल 80 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 26 मार्च 2025 तक आवेदन किया जा सकता है। इच्छुक उम्मीदवारों को mppsc.mp.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। महत्वपूर्ण तारीखें     ऑनलाइन आवेदन की प्रारंभ तिथि: 27 फरवरी 2025       ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 26 मार्च 2025       ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार की तिथि: 4 मार्च 2025       आवेदन सुधार की अंतिम तिथि: 28 मार्च 2025       प्रवेश पत्र उपलब्धता तिथि: 23 मई 2025       लिखित परीक्षा तिथि: 1 जून 2025 वैकेंसी विवरण इस भर्ती के माध्यम से 80 लाइब्रेरियन पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के लिए पदों का वितरण इस प्रकार है:     जनरल (General): 21 पद     ओबीसी (OBC): 22 पद     एससी (SC): 13 पद     एसटी (ST): 16 पद     ईडब्ल्यूएस (EWS): 8 पद योग्यता इस पद के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताओं की आवश्यकता होगी:     किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कला, वाणिज्य, सामाजिक विज्ञान, भाषा, कानून आदि में 55 फीसदी अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य हैं।     साथ ही यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट, एमपी सेट/स्लेट परीक्षा पास की होनी चाहिए।     पीएचडी (PhD) डिग्री धारक उम्मीदवारों को नेट/सेट/स्लेट की आवश्यकता नहीं है।     उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क आवेदन शुल्क के तहत जनरल और अन्य राज्य के उम्मीदवारों को 500 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। जबकि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। सैलरी चयनित उम्मीदवारों को 57,700 रुपये मासिक वेतन के रूप में मिलेगा, साथ ही अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे। कैसे करें आवेदन?     उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाना होगा।     आवेदन लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन फॉर्म भरें।     सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क का भुगतान करें।     आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन की प्रिंट आउट लेकर सुरक्षित रखें।   recent visitors 38

शहनाज अख्तर ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, दान किये 2 लाख 1 हजार रुपए

 उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में प्रसिद्ध गायिका शहनाज अख्तर ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर प्रबंध समिति को दो लाख एक हजार रुपये की राशि भेंट की। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से गायिका का सम्मान किया गया। दर्शन के उपरांत मीडिया से चर्चा करते हुए शहनाज ने कहा कि वें और उनका परिवार बीते पांच सालों से लगातार भगवान महाकाल के दर्शन करने मंदिर आते हैं। इस दरबार ने उन्हें क्या कुछ नहीं दिया, आज वें जो भी हैं भगवान महाकाल की कृपा से हैं। शहनाज अख्तर का भगवान महाकाल पर गाया गया भजन ‘तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में’ काफी प्रसिद्ध हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किए महाकाल दर्शन इसी तरह, मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने नंदी मंडपम से भगवान महाकाल को शीश नवाया। मंदिर समिति की ओर से उप प्रशासक डिप्टी कलेक्टर सिम्मी यादव ने शाल व भगवान महाकाल की लड्डू प्रसादी भेंट कर सम्मानित किया। बता दें नीरज मंडलोई पूर्व में उज्जैन कलेक्टर रह चुके हैं। रविवार को वे लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक लेने उज्जैन आए थे। महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह निकलेगा रंगपंचमी पर 19 मार्च को श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा। मंदिर के पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा आयोजन को लेकर भव्य तैयारी की जा रही है। बताया जाता है इस बार भी कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग नजर आएंगे। सिंहपुरी, कार्तिकचौक व भागसीपुरा से भी गेर चल समारोह निकलेंगे। गेर शौर्य का प्रतीक है, इसमें ब्राह्मण समाजजन ध्वज, निशान के साथ शौर्य का प्रदर्शन करने हुए निकलते हैं। बैंड, बाजे, अखाड़े तथा धार्मिक पृष्ठभूमि पर बनाई गई विद्युत रोशनी से जगमग झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहती हैं। recent visitors 187