Friday, July 10, 2026 10:35 am

मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा, इसकी प्रक्रिया तेज

भोपाल मध्य प्रदेश में 5 नगर पालिकाओं को जल्द ही नगर निगम के रूप में उन्नयन किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है. विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए स्थानीय कलेक्टरों ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया है. इनके प्रस्ताव के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. मोहन सरकार की कोशिश है कि साल 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले वे पांचों नगर निगम अस्तित्व में आ जाएं. जिससे आगामी निकाय चुनाव में यहां के मतदाता महापौर को चुन सकें. विधानसभा चुनाव से पहले हो चुकी है घोषणा बता दें कि विदिशा, गुना, शिवपुरी, छतरपुर और सिवनी नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले इन नगर पालिका को नगर निगम बनाने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. अब सरकार इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पांचों नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने संबंधित नगर पालिकाओं के सीएमओ, नगर पालिकाओं से संबंधित जिलों के जिला पंचायत सीईओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक की थी. बैठक में नगर पालिका को नगर निगम बनाने के संबंध में एक्शन प्लान पर चर्चा हुई है. भिंड का नोटिफिकेशन भी हो चुका जारी बता दें कि भिंड को नगर निगम घोषित करने संबंधी नोटिफिकेशन 2 अक्टूबर, 2023 को जारी हो चुका है, लेकिन इसे अस्तित्व में आने में 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा. नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में तब तक शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक उनका कार्यकाल पूरा न हो जाए. प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं. भिंड और 5 नए नगर निगम बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी.     इस तरह नगर पालिका को मिलता है नगर निगम का दर्जा नगर पालिका को नगर निगम बनाने के लिए कलेक्टर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजते हैं. इसकी मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम का दर्जा देने की की प्रक्रिया शुरू होती है. सबसे पहले 3 लाख की आबादी के मापदंड को पूरा करने के लिए नगर निगम के क्षेत्र का विस्तार किया जाता है. इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में संकल्प पारित कराया जाता है कि वे नगर निगम में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इसके बाद जिला प्रशासन दावे-आपत्तियां बुलाता है. कलेक्टर द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाता है. नगरीय प्रशासन की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए और वहां से इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाता है. राज्यपाल की अनुमति के बाद संबंधित नगर पालिका को नगर निगम घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी होता है. recent visitors 38

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 4.26 करोड़ महिलाएं रजिस्ट्रेशन करा चुकी

नईदिल्ली गर्भवती महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से बहुत ही अहम योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं के खाते में पैसा भेजकर उनके पोषण व देखभाल में मदद देने की कोशिश की गई है। अब तक 4.26 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 3.76 करोड़ महिलाओं के खाते में 17 हजार करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। अगर आप या आपकी जान-पहचान में कोई मां बनने वाली हैं, तो वह इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। PMMVY योजना के लिए कैसे आवेदन करें? यह योजना क्या है, कितना पैसा खाते में आएगा? आइए इस लेख में जानते हैं… प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) क्या है? प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक मातृत्व लाभ योजना है। 1 जनवरी, 2017 को केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा इसे लॉन्च किया गया। यह योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की गई, ताकि उन्हें उचित पोषण और स्वास्थ्य देखभाल मिल सके। PMMVY योजना का उद्देश्य क्या है? इस योजना का उद्देश्य गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक मदद देकर मां और शिशु के स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके अलावा महिलाओं को उचित आहार और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक कर देश में कुपोषण की दर को कम करना है। मेहनत-मजदूरी कर घर चलाने में मदद करने वाली महिलाओं को प्रसव के दौरान उचित आराम मिल सके और उन्हें पैसों की चिंता न करना पड़े, इसकी भी कोशिश इस योजना के जरिए की गई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के फायदे क्या हैं? प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर महिलाओं को 5000 रुपये दिए जाते हैं। यह पैसा दो किस्तों में आता है। अगर दूसरी बार गर्भवती होने पर महिला बेटी को जन्म देती है तो एकमुश्त 6000 रुपये दिए जाते हैं। हालांकि यह पैसा सिर्फ बेटी के जन्म पर ही मिलता है। क‍िस्‍त                                  शर्त                                                                                                 राश‍ि (रुपये) पहली क‍िस्‍त    प्रेग्नेंसी के रजिस्ट्रेशन और आखिरी पीरियड की तारीख से 6 महीने के भीतर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच कराने पर                                                                                                                                                     3000 दूसरी क‍िस्‍त     1. श‍िशु के जन्‍म का रज‍िस्‍ट्रेशन 2. श‍िशु को पहले चरण के दौरान सभी टीके लग गए हों        2000 नोट: अगर किसी को महिला जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ मिल रहा है तो उसे PMMVY योजना से सिर्फ अतिरिक्त रकम ही मिलेगी। PMMVY योजना के लिए पात्रता क्या है?     गर्भवती महिला की उम्र कम से कम 19 साल या उससे ज्यादा हो     वैसे यह योजना पहले जीवित बच्चे के लिए ही है। हालांकि दूसरी बार इसका लाभ बेटी के जन्म पर ही मिलेगा     अगर दूसरी बार गर्भवती महिला जुड़वा बच्चों को जन्म देती है और उनमें से एक बेटी है तो PMMVY 2.0 का लाभ मिलेगा     गर्भवती महिला के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए     महिला के पास मनरेगा कार्ड हो या किसान सम्मान निधि के तहत महिला किसान को लाभ मिल रहा हो     महिला के पास e-Shram कार्ड या बीपीएल कार्ड हो, महिला दिव्यांगजन हो     जो गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं सरकारी नौकरी (केंद्र या राज्य सरकार) में नहीं हैं     जिन महिलाओं को किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा हो प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? STEP-1     ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर Sign Up करना होगा     Sign Up के लिए अपना मोबाइल नंबर डालकर वैरिफाई के बटन पर क्लिक करें     OTP और Captcha Code लिखकर Validate पर क्लिक करें STEP-2     मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद Dashboard खुल जाएगा     Data Entry विकल्प में Beneficiary Registration पर क्लिक करें, फॉर्म खुल जाएगा     पहले बच्चे के लिए अप्लाई कर रहे हैं या दूसरे के लिए, यह बताना होगा     इसके बाद नाम, पता, आधार नंबर, जन्म तिथि, उम्र वगैरह सब भरना होगा     मनरेगा कार्ड नंबर की जानकारी भी देनी होगी, इसके बाद बच्चे से जुड़ी सारी जानकारी भरनी होगी     घर का पूरा पता और गर्भाधारण के दौरान और शिशु के जन्म के बाद टीकाकरण के बारे में पूछा जाएगा     अपनी पास की आंगनवाड़ी की जानकारी भरें और Submit पर क्लिक कर दें     पूरी जानकारी के साथ फॉर्म आपके सामने होगा, अगर कुछ बदलाव करना चाहते हैं तो करें, नहीं तो SUBMIT कर दें   प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ऑफलाइन कैसे अप्लाई करें?     महिलाएं पास के आंगनवाड़ी केंद्र जाकर भी PMMVY योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं     रजिस्ट्रेशन के लिए Form 1-A को भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कराना होगा     रजिस्ट्रेशन के दौरान महिला को अपना आधार नंबर और बैंक अकाउंट की जानकारी भी देनी होगी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स     आधार कार्ड     गर्भावस्था प्रमाण पत्र     बैंक खाता विवरण     मोबाइल नंबर     पति का आधार कार्ड दूसरे बच्चे के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना का लाभ कैसे मिलेगा?     PMMVY 2.0 के तहत दूसरी बार इस योजना का लाभ बेटी के जन्म पर ही मिलेगा     दूसरे बच्चे के रूप में बेटी के जन्म पर योजना के तहत 6000 रुपये … Read more

दिसंबर 2024 तक, 27 मिलियन महिलाएं अपने क्रेडिट की निगरानी कर रही , पिछले वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत की वृद्धि

नईदिल्ली नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम द्वारा जारी की गई रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में अधिक महिलाएं ऋण लेना चाहती हैं और सक्रिय रूप से वे अपने क्रेडिट स्कोर की निगरानी कर रही हैं। दिसंबर 2024 तक, 27 मिलियन महिलाएं अपने क्रेडिट की निगरानी कर रही थीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है और ये बढ़ती वित्तीय जागरूकता का संकेत देता है। “उधारकर्ताओं से निर्माणकर्ताओं तक: भारत की वित्तीय विकास की कहानी में महिलाओं की भूमिका” नामक शीर्षक से इस रिपोर्ट को ट्रांसयूनियन सीआईबीआईएल, नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) और माइक्रोसेव कंसल्टिंग (एमएससी) द्वारा प्रकाशित किया गया है। लॉन्च के दौरान, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने में वित्त तक पहुंच की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सरकार मानती है कि वित्त तक पहुंच महिला उद्यमिता के लिए एक बुनियादी प्रवर्तक है। महिला उद्यमिता मंच (डब्ल्यूईपी) का एक समावेशी इको-सिस्टम बनाने की दिशा में काम करना जारी है, जो वित्तीय साक्षरता, ऋण तक पहुंच, परामर्श और बाजार लिंकेज को बढ़ावा देता है। हालांकि, न्यायसंगत वित्तीय पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। महिलाओं की जरूरतों के अनुरूप समावेशी उत्पादों को डिज़ाइन करने में वित्तीय संस्थानों की भूमिका, साथ ही संरचनात्मक बाधाओं को संबोधित करने वाली नीतिगत पहलें, इस गति को बढ़ाने में सहायक होंगी। सुब्रह्मण्यम ने डब्ल्यूईपी के तत्वावधान में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, फाइनेंसिंग वूमेन कोलैबोरेटिव (एफडब्ल्यूसी) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वित्तीय क्षेत्र के और अधिक हितधारक एफडब्ल्यूसी से जुड़ें और इस मिशन में अपना योगदान दें। नीति आयोग के अनुसार 2019 से, व्यवसाय ऋण उत्पत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और गोल्ड लोन में उनकी हिस्सेदारी 6 प्रतिशत बढ़ी है, दिसंबर 2024 तक व्यवसाय उधारकर्ताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी। हालांकि, ऋण से बचने, खराब बैंकिंग अनुभव, ऋण तत्परता में बाधाएं और कलैटरल् और गारंटर के साथ समस्याएं जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। बढ़ती ऋण जागरूकता और बेहतर स्कोर के साथ, वित्तीय संस्थानों के पास महिलाओं की अनूठी आवश्यकताओं के अनुरूप जैंडर-स्मार्ट वित्तीय उत्पाद पेश करने का अवसर है। रिपोर्ट उजागर करती है कि कुल स्व-निगरानी आधार में महिलाओं की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में बढ़कर 19.43 प्रतिशत हो गई, जो 2023 में 17.89 प्रतिशत थी। गैर-मेट्रो क्षेत्रों की महिलाएं, मेट्रो क्षेत्रों की तुलना में, अपने ऋण की सक्रिय रूप से स्वयं निगरानी कर रही हैं, गैर-मेट्रो क्षेत्रों में 48 प्रतिशत और मेट्रो क्षेत्रों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2024 में, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में सभी स्व-निगरानी महिलाओं का 49 प्रतिशत हिस्सा होगा, जिसमें दक्षिणी क्षेत्र 10.2 मिलियन के साथ सबसे आगे है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित उत्तरी और मध्य राज्यों में पिछले पांच वर्षों में सक्रिय महिला उधारकर्ताओं में सबसे अधिक चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) देखी गई। नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार और डब्ल्यूईपी की मिशन निदेशक अन्ना रॉय ने कहा, “महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना भारत के कार्यबल में प्रवेश करने वाली महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने का एक तरीका है। यह समान आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक व्यवहार्य रणनीति के रूप में भी काम करता है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने से 150 से 170 मिलियन लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और साथ ही इससे श्रम बल में महिलाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिल सकता है। recent visitors 27

चैत्र नवरात्रि शक्ति की उपासना का महोत्सव है , मां दुर्गा के किन रुपों की होती है पूजा

मां भवानी की पूजा का पर्व चैत्र नवरात्रि इस साल 30 मार्च 2025 से शुरू होने वाला है. माता की आराधना के लिए 9 दिन बहुत पवित्र और पुण्यदायी होते हैं. मां दुर्गा को तीनों लोकों की मां के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है मां दुर्गा की पूजा करने वाले का कभी कोई अमंगल नहीं होता. अगर कुंडली में ग्रह दोष है और बार बार मेहनत करने के बाद भी काम में सफलता नहीं मिल रही है तो चैत्र नवरात्रि के नौ दिन माता के 9 स्वरूपों की पूजा करें, माता के 9 शक्तियां कौन है, इनकी उपासना का महत्व क्या है. मां दुर्गा के किन रुपों की होती है पूजा मां शैलपुत्री (प्रतिपदा तिथि) – देवी पुराण के अनुसार मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में स्थिरता आती है. दांपत्य सुख का लाभ मिलता है. मां ब्रह्मचारिणी (द्वितीया तिथि) – ब्रह्मचारिणी इस लोक के समस्त चर और अचर जगत की विद्याओं की ज्ञाता हैं. कहते हैं इनकी आराधना से व्यक्तिव में निखार आता है, बुद्धि तीव्र होती है. मां चंद्रघंटा (तृतीया तिथि) – आत्म कल्याण और शांति की तलाश जिसे हो, उसे नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना करनी चाहिए.  मां चंद्रघंटा को नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचानी वाली देवी माना जाता है. मां कूष्मांडा (चतुर्थी तिथि) – चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा सकी पूजा से व्यक्ति को यश, बल और धन की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है. मां स्कंदमाता (पंचमी तिथि) – स्कंदमाता के साथ पुत्र कार्तिकेय की पूजा भी की जाती है. संतान प्राप्ति के लिए नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की उपासना नवरात्रि कसबसे फलदायी मानी गई हैं. मां कात्यायनी (षष्ठी तिथि) – चैत्र नवरात्रि में मां कात्यायनी की पूजा उन लोगों को जरुर करना चाहिए जिनकी शादी में बाधा आ रही है. रोग, शोक, संताप से मुक्ति चाहिए उन्हें देवी कात्यायिनी को मनाना चाहिए. मां कालरात्री (महासप्तमी तिथि)- मां कालरात्रि की पूजा करने से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पलभर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है. तंत्र साधना में मां कालरात्री की पूजा सबसे अचूक मानी गई है. मां महागौरी (महाअष्टमी तिथि) – अपने पाप कर्मों के काले आवरण से मुक्ति पाने और आत्मा को फिर से पवित्र और स्वच्छ बनाने के लिए महागौरी की पूजा और तप किया जाता है। मां सिद्धिदात्री (महानवमी तिथि)- भगवान शिव ने देवी के इसी स्वरूप से कई सिद्धियां प्राप्त की. शिव के अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में जो आधी देवी हैं वो ये सिद्धिदात्री माता ही हैं. इनकी उपासना से हर काम में सफलता मिलती है. recent visitors 56

उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर धर्मांतरण की कोशिशें चल रही, सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी की निगरानी, सामने आया पूरा मामला

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर धर्मांतरण की कोशिशें चल रही हैं। इसको लेकर कई गैंग मिशन मोड में काम कर रहे हैं। इस बीच धर्मांतरण कराने वालों का रेट कार्ड भी सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे परिवार का धर्मांतरण कराने वाले एजेंट को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। वहीं, युवती का धर्म बदल कर शादी कराने की स्थिति में 15 हजर रुपये अतिरिक्त बोनस का प्रावधान किया गया है। मिशनरियों के धर्मांतरण के इस खेल में चर्चित स्कूल से लेकर प्रतिष्ठित संस्थान तक शामिल हैं। ये हवाला एजेंट की तर्ज पर मिशनरियों को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पैसे की कमी नहीं होने से ग्रामीण स्तर तक धर्मांतरण गैंग का जाल फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धर्मांतरण एजेंट प्रचारक के तौर पर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। ऐसे काम करता है गैंग धर्मांतरण गैंग के प्रचारक बनकर गांव-गांव तैनात किए गए हैं। ये जरूरतमंदों को टारगेट करते हैं। उनके निशाने पर पैसे की तंगी से जूझ रहे और बीमार लोग होते हैं। ऐसे लोगों को प्रार्थना सभाओं में लाने का जिम्मा प्रचारकों का होता है। मिशनरियों की ओर से हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए प्रचारकों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में प्रचारक अपने वर्ग के लोगों को समझाने और धर्म परिवर्तन के लिए राजी करने में कामयाब होते हैं। इस पूरे अभियान को प्रचारक, पास्टर और पदारी के माध्यम चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि धर्मांतरण गैंग को कुछ चर्चों से भी पैसे मिलने की जानकारी सामने आई है। आईबी के एक पूर्व अधिकारी का दावा है कि जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट धर्मांतरण के पूरे जाल को समझा जा सकता है। स्टडी के नाम पर धर्मांतरण के बढ़ावा दिया जा रहा है। श्रावस्ती में आया मामला श्रावस्ती में धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। इसमें पंजाब मॉडल की बात सामने आ रही है। इकौना इलाके में रविवार को धर्मांतरण मामले में हरीश सिंह का नाम आया। उसने पांच साल पहले ही पंजाब में धर्म परिवर्तन कर लिया था। गांव लौटने के बाद झोपड़ी में प्रार्थना सभा आयोजित करने लगा। सुरक्षा एजेंसियों की दबिश के बाद वह गायब हो गया। एसपी घनश्याम चौरसिया ने इस मामले में सीओ के नेतृत्व में टीम का गठन किया है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इस प्रकार के गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। देवीपाटन मंडल के श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस को कंवर्जन का मामला आते ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आईजी अमित पाठक का कहना है कि चारों जिलों के एसपी को इस प्रकार के मामलों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर सक्रिय है टीमें धर्मांतरण के लिए जिला स्तर पर गैंगों को सक्रिय किया गया है। मिशनरियां अब मिशन मुस्लिम चला रही हैं। इसके लिए सबसे अधिक 443 सक्रिय टीम के संगम नगरी प्रयागराज में काम करने की बात सामने आई है। इसके अलावा महराजगंज में 398, बहराइच में 378, श्रावस्ती में 320, बलरामपुर में 330 और गोंडा में 340 टीमों के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। धर्मांतरण का नेटवर्क फैलाने में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में 333 टमों के जुटे होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, अंबेडकरनगर में 347, सीतापुर में 326, सिद्धार्थनगर में 345, अमेठी में 317, रायबरेली में 323 और पीलीभीत में 346 सक्रिय टीमें अभियान में जुटी हैं। यह सब तब है, जब यूपी में धर्मांतरण के मामलों में कठोर कार्रवाई का नियम लागू है।   recent visitors 60

‘शूर्पणखा’ के रोल के लिए एक्ट्रेस को किया गया रिजेक्ट, बोलीं- ‘मेरी नाक परफेक्ट थी’

मुंबई चिल्लर पार्टी, दंगल और छिछोरे जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) अपनी आगामी पौराणिक फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में कौन राम बन रहा है और कौन रावण, इसकी तस्वीर साफ हो गई है लेकिन शूर्पनखा का किरदार कौन निभाएगा, अभी तक यह क्लियर नहीं हुआ है। मगर शायद ही आपको पता हो कि इस रोल के लिए एक बॉलीवुड एक्ट्रेस को रिजेक्ट किया गया था। नितेश तिवारी की रामायण फिल्म में एक बॉलीवुड हीरोइन शूर्पनखा का किरदार निभाना चाहती थीं। उन्होंने इस किरदार के लिए ऑडिशन भी दिया, लेकिन बात नहीं बनी और वह रिजेक्ट हो गईं। यह अभिनेत्री हैं देवा फेम कुब्रा सैत (Kubbra Sait)। ऑडिशन में रिजेक्ट हुईं एक्ट्रेस देवा और सुल्तान जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं 41 साल की कुब्रा सैत पौराणिक फिल्म रामायण में शूर्पनखा (Ramayana Shoorpanakha) का किरदार निभाना चाहती थीं। उन्होंने इस किरदार के लिए ऑडिशन भी दिया, लेकिन वह रिजेक्ट हो गईं। उनका कहना है कि वह शूर्पनखा का किरदार निभाने वालीं अदाकारा के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। बॉलीवुड बबल के साथ बातचीत में कुब्रा ने कहा-     मेरी नाक की वजह से मैं सूर्पणखा के रोल के लिए बिल्कुल सही थी। मैं इसके लिए बिल्कुल सही होती, लेकिन उन्होंने मुझे कास्ट नहीं किया। अब मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि उन्होंने (मेकर्स और डायरेक्टर) यह रोल किसे दिया है। रामायण की कास्ट नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म रामायण में भगवान राम का किरदार बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) निभा रहे हैं। माता सीता की भूमिका में साउथ की ब्यूटी क्वीन साई पल्लवी (Sai Pallavi) हैं, जबकि केजीएफ स्टार यश फिल्म में रावण का किरदार निभाते हुए नजर आएंगे। सनी देओल भी फिल्म का हिस्सा हैं। चर्चा है कि वह हनुमान की भूमिका में होंगे। लक्ष्मण के किरदार में रवि दुबे का नाम सामने आया है। कब रिलीज होगी रामायण? नितेश तिवारी रामायण को दो भाग में बना रहा हैं। पहला पार्ट 2026 की दीवाली पर रिलीज होगा और दूसरा पार्ट 2027 की दीवाली पर आएगा। अभी तक मेकर्स ने सिर्फ फिल्म की रिलीज डेट का एलान किया है। महाकाव्य रामायण पर आधारित इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। recent visitors 57

नए आयकर कानून में अधिकारियों को ऐसी शक्ति देगा, जिससे वे आपका सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल सकें

नई दिल्ली सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है। लेकिन 1 अप्रैल, 2026 से आयकर विभाग को आपके सोशल मीडिया अकाउंट, निजी ईमेल, बैंक अकाउंट, ऑनलाइन निवेश अकाउंट, ट्रेडिंग अकाउंट और अन्य चीजों को देखने और उन तक पहुंचने का कानूनी अधिकार होगा। हालांकि ईमानदार टैक्सपेयर्स को इससे कोई परेशानी होगी लेकिन टैक्स चोरी करने वालों की खैर नहीं। नए आयकर कानून में अधिकारियों के पास यह अधिकार होगा। मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 अधिकारियों को तलाशी लेने और संपत्ति और खाता-बही जब्त करने की अनुमति देती है। यह तब होता है जब उनके पास सूचना और कारण हो कि किसी व्यक्ति के पास कोई अघोषित आय, संपत्ति या दस्तावेज हैं, जिन्हें वह जानबूझकर आयकर से बचने के लिए छिपा रहा है। मान लीजिए आपके पास एक गुप्त तिजोरी है जिसमें आप काला धन छिपाते हैं, तो आयकर विभाग उसे खोल सकता है। वर्तमान कानूनों के तहत ऐसा करने का एक तरीका यह है कि किसी भी दरवाजे, बॉक्स या लॉकर का ताला तोड़ा जा सकता है। ऐसा तब किया जा सकता है जब उनकी चाबियां उपलब्ध न हों और अगर उन्हें शक हो कि कोई अघोषित संपत्ति या खाता-बही वहां रखा जा रहा है। जैसे पुराने जमाने में चोर ताला तोड़कर अंदर घुसते थे, वैसे ही। लेकिन अब यह ताला आपके घर का नहीं, आपके कंप्यूटर का भी हो सकता है। क्या कहते हैं जानकार नए आयकर बिल के तहत आयकर अधिकारियों को आपके कंप्यूटर सिस्टम या वर्चुअल डिजिटल स्पेस का एक्सेस दिया गया है। मतलब अब आपका कंप्यूटर, आपका ईमेल, आपका सोशल मीडिया, सब कुछ सरकार की नजर में है। आयकर विधेयक के क्लौज 247 के अनुसार यदि किसी अधिकृत अधिकारी के पास यह मानने का कारण है कि किसी व्यक्ति के पास अघोषित आय या संपत्ति है जो आयकर अधिनियम के दायरे में आती है, तो वह किसी भी दरवाजे, बॉक्स, लॉकर, तिजोरी, अलमारी या अन्य इंस्ट्रूमेंट का ताला तोड़ सकता है। वे किसी भी कंप्यूटर सिस्टम या वर्चुअल डिजिटल स्पेस में एक्सेस कोड को ओवरराइड करके एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर अधिकारियों को आप पर जानबूझकर आयकर चोरी करने का संदेह है तो वे आपके कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल या सोशल मीडिया अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं। सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर (हेड-टैक्सेशन) एस.आर. पटनायक का मानना है कि ऐसी तलाशी और जब्ती केवल एक अपवाद के रूप में की जा सकती है, नियम के रूप में नहीं। इसकी वजह यह है कि जब वर्चुअल डिजिटल स्पेस की बात आती है तो किसी व्यक्ति को गोपनीयता की उचित अपेक्षा होती है। मतलब आपकी ऑनलाइन निजता का सम्मान किया जाना चाहिए। recent visitors 51