Saturday, July 4, 2026 8:51 pm

आज से हैदराबाद में ‘खेल चिंतन शिविर’ का आयोजन, देश के सभी राज्यों के खेल मंत्री शिविर में होंगे शामिल

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग आज हैदराबाद में आयोजित होने जा रहे दो दिवसीय चिंतन शिविर में शामिल होंगे। मंत्री श्री सारंग मध्यप्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा किये जा रहे श्रेष्ठ प्रयासों, नवाचारों एवं उपलब्धियों की जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। ‘खेल चिंतन शिविर’ केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय शिविर में 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक्स की तैयारियों और 2036 ओलंपिक्स की भारत में मेजबानी को लेकर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस चिंतन शिविर में सभी राज्यों के खेल मंत्रियों के साथ ही पूर्व ओलंपियन, कोच और खेल विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जो भारत में खेलों के विकास को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव देंगे। मध्यप्रदेश खेलों के उन्नयन और नवाचारों में अग्रणी राज्य मंत्री श्री सारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक्स, पैरालंपिक्स, एशियन गेम्स और नेशनल गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कई पदक अर्जित कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश के पहले "फिट इंडिया क्लब" की स्थापना, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान और अन्य नवाचार किए गए हैं, जो खेलों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।   recent visitors 42

आज से शुरू होगी बरसाना की लड्डू मार होली?, रंग नहीं, लड्डू बरसते हैं यहां!, जानें क्यो खेली जाती है लड्डू मार होली?

नई दिल्ली भारत में होली का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन मथुरा, वृंदावन और बरसाना की होली का रंग सबसे अलग होता है। यहां यह त्योहार केवल रंगों तक सीमित नहीं रहता बल्कि भक्ति, प्रेम और अनोखी परंपराओं का संगम भी देखने को मिलता है। खासतौर पर बरसाना की लड्डू मार होली दुनियाभर में मशहूर है। कब होगी बरसाना की लड्डू मार होली? बरसाना के बंसा श्रीराधारानी मंदिर में इस साल 7 मार्च 2025 को लड्डू मार होली खेली जाएगी। इस दिन श्रद्धालुओं पर ढेर सारे लड्डू बरसाए जाते हैं और जिनके ऊपर लड्डू गिरते हैं वे इसे अपना सौभाग्य मानते हैं। कैसे खेली जाती है लड्डू मार होली? बरसाना की इस अनूठी होली में नंदगांव से आए पुरोहितों और श्रद्धालुओं पर सैकड़ों किलो लड्डू बरसाए जाते हैं। इस आयोजन को देखने के लिए दूर-दूर से लोग बरसाना पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर के अंदर और आसपास भक्ति का विशेष माहौल बन जाता है और हर कोई प्रसाद के रूप में लड्डू पाने की इच्छा रखता है। लड्डू मार होली की पौराणिक कथा इस अनोखी परंपरा के पीछे एक रोचक पौराणिक कथा है—द्वापर युग में जब श्रीकृष्ण और राधारानी धरती पर थे तब राधारानी के पिता वृषभानु जी ने नंदगांव वालों को होली खेलने का निमंत्रण दिया। नंद बाबा ने यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया और अपनी ओर से एक पुरोहित को जवाब देने के लिए बरसाना भेजा। जब यह पुरोहित बरसाना पहुंचे तो उनका स्वागत बहुत प्रेम से किया गया। उन्हें आदरपूर्वक लड्डू खाने के लिए दिए गए। इस दौरान वहां मौजूद गोपियों ने होली के रंग में उन्हें गुलाल लगा दिया लेकिन पुरोहित के पास कोई गुलाल नहीं था तो उन्होंने थाल में रखे लड्डू उठाकर गोपियों पर फेंकने शुरू कर दिए। तभी से यह परंपरा शुरू हुई और इसे लड्डू मार होली के रूप में मनाया जाने लगा। क्यों खास है बरसाना की लड्डू मार होली? भक्तिमय माहौल – इस दिन श्रद्धालु पूरी तरह से राधा-कृष्ण की भक्ति में डूब जाते हैं। अनोखी परंपरा – रंगों की होली से अलग यहां लड्डुओं से होली खेली जाती है। सौभाग्य का प्रतीक – कहा जाता है कि जिन पर लड्डू गिरते हैं वे बहुत सौभाग्यशाली होते हैं। देश-विदेश से आते हैं पर्यटक – इस अद्भुत आयोजन को देखने के लिए दुनियाभर से लोग बरसाना आते हैं। बरसाना की लड्डू मार होली केवल मस्ती और उमंग का त्योहार ही नहीं बल्कि यह श्रीकृष्ण और राधा की प्रेम-लीला की झलक भी दिखाती है। यह परंपरा हर साल हजारों भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करती है और उन्हें प्रेम और भक्ति के रंगों में रंग देती है।   recent visitors 36

8 मार्च से महिला समृद्धि योजना के रजिस्ट्रेशन की होगी शुरुआत, खाते में आएंगे 2500 रुपए

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली की महिलाओं को एक और सौगात देने जा रही हैं। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर, दिल्ली सरकार दो महत्वपूर्ण वादे पूरे करने वाली है। पहले वादा महिला समृद्धि योजना का है, और दूसरा 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है। 500 रुपए में गैस सिलेंडर 8 मार्च से महिला समृद्धि योजना के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो जाएगी, जिससे दिल्ली की महिलाओं को इससे जुड़ी कई सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, इसी दिन से गरीब महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर मिलेंगे। हालांकि, इस योजना के तहत 500 रुपए की सब्सिडी बाद में सीधे महिलाओं के खाते में वापस कर दी जाएगी। संकल्प पत्र में किया था वादा दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि होली और दिवाली पर दिल्ली की महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। यही नहीं, गरीब परिवारों को 500 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देने और महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने का भी वादा किया गया था। महिला दिवस पर होगी योजनाओं की शुरुआत दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 सीटों में से 48 सीटों पर जीत हासिल की और दिल्ली में सरकार बनाई। अब रेखा गुप्ता की सरकार इन योजनाओं को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। बताया जा रहा है कि महिला दिवस के मौके पर इन दोनों योजनाओं की शुरुआत होगी, जिसका फायदा दिल्ली की महिलाओं को होगा। गैस सिलेंडर 500 रुपए में मिलेंगे और होली-दिवाली पर मुफ्त मिलेंगे।   recent visitors 42

मार्च में सरकारी दफ्तरों, बैंकों और स्कूलों में छुट्टी रहेगी, 13, 14 को सरकारी अवकाश, 31 को ईद की भी छुट्टी

नई दिल्ली मार्च 2025 का महीना त्योहारों और सार्वजनिक अवकाशों से भरपूर रहने वाला है। खासकर नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए यह महीना राहत लेकर आएगा। इस बार मार्च में कई महत्वपूर्ण त्योहार पड़ रहे हैं, जिनके चलते 13, 14, और 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान सरकारी दफ्तरों, बैंकों और स्कूलों में छुट्टी रहेगी। वहीं, यूपी के परिषदीय विद्यालयों में 15 मार्च को भैया दूज व 28 मार्च को रमजान के अंतिम शुक्रवार पर छुट्टी घोषित करने की मांग शिक्षक संगठनों ने की है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने कहा है कि परिषदीय विद्यालयों में 13 व 14 मार्च को होली की छुट्टी है। मार्च में कब-कब रहेगी छुट्टी? 13 मार्च 2025 – होलिका दहन के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। 14 मार्च 2025 – होली का त्योहार मनाया जाएगा, इस दिन भी अवकाश घोषित किया गया है। 15 मार्च को  –      होली भाई दूज 16 मार्च 2025 – रविवार होने के कारण पहले से ही अवकाश रहेगा। यानी, 13 से 16 मार्च तक लगातार चार दिन की छुट्टियां होंगी। 31 मार्च 2025 – ईद उल-फितर के अवसर पर देशभर में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, जिससे बैंक और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। लंबे वीकेंड का मिलेगा फायदा मार्च में लगातार छुट्टियां होने से लोग परिवार के साथ समय बिता सकते हैं या यात्रा की योजना बना सकते हैं। खासतौर पर होली और ईद के बीच के दिनों में वर्किंग प्रोफेशनल्स छुट्टी लेकर लंबे ब्रेक का आनंद उठा सकते हैं। सरकारी आदेश और छुट्टी की पुष्टि राज्य सरकारों और केंद्र सरकार द्वारा घोषित इन सार्वजनिक अवकाशों की पुष्टि की जा चुकी है। इसके अलावा, बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार भी इन दिनों बैंकों में अवकाश रहेगा। recent visitors 43

आवासीय संपत्तियों का बाजार उछाल पर बना हुआ, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में 12 प्रतिशत की वृद्धि

नईदिल्ली केयरएज रेटिंग्स द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंडिविजुअल हाउसिंग फाइनेंस मार्केट, जिसका वर्तमान मूल्य 33 लाख करोड़ रुपये है, वित्त वर्ष 25-30 के बीच 15-16 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़कर 77-81 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। आवासीय संपत्तियों का बाजार उछाल पर बना हुआ है केयरएज रेटिंग्स का मानना ​​है कि यह वृद्धि मजबूत संरचनात्मक तत्वों और अनुकूल सरकारी प्रोत्साहनों की वजह से देखी जाएगी, जिससे ‘हाउसिंग फाइनेंस’ ऋणदाताओं के लिए एक आकर्षक परिसंपत्ति वर्ग बन जाएगा। इसमें कहा गया है कि आवासीय संपत्तियों का बाजार उछाल पर बना हुआ है, जो हाउसिंग फाइनेंस इंडस्ट्री का एक प्रमुख चालक है, जो 2019 से 2024 तक 4.6 लाख यूनिट तक 74 प्रतिशत की वृद्धि देख रहा है। जबकि, 2024 में बिक्री प्रदर्शन सामान्य हो गया। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में 12 प्रतिशत की वृद्धि वित्त वर्ष 2021-24 के दौरान, बैंकों ने हाउसिंग लोन स्पेस में 17 प्रतिशत की सीएजीआर से वृद्धि की है, जबकि हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, बैंकों ने हाउसिंग लोन मार्केट ने 31 मार्च, 2024 तक 74.5 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ अपना दबदबा बनाए रखा है। केयरएज रेटिंग्स का मानना ​​है कि हाउसिंग फाइनेंस मार्केट की विकास क्षमता को देखते हुए बैंकों और एचएफसी दोनों के पास बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह है। 31 मार्च, 2024 तक एचएफसी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत पर स्थिर थी और यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। केयरएज रेटिंग्स के 12-14 प्रतिशत विकास अनुमान के अनुरूप वित्त वर्ष 24 में, एचएफसी का लोन पोर्टफोलियो 13.2 प्रतिशत बढ़कर 9.6 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो केयरएज रेटिंग्स के 12-14 प्रतिशत के विकास अनुमान के अनुरूप है। वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के लिए, केयरएज रेटिंग्स ने मजबूत इक्विटी प्रवाह और पूंजी भंडार द्वारा क्रमशः 12.7 प्रतिशत और 13.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि की उम्मीद की है। एचएफसी 30 लाख रुपये से कम के टिकट साइज में काम करती हैं रिटेल सेगमेंट एचएफसी के लिए प्राथमिक विकास चालक बना हुआ है, जबकि थोक क्षेत्र में सतर्क वृद्धि देखी गई है। केयरएज रेटिंग्स की एसोसिएट डायरेक्टर गीता चैनानी ने कहा, “एचएफसी मुख्य रूप से 30 लाख रुपये से कम के टिकट साइज में काम करती हैं, जो मार्च 2024 तक कुल एयूएम का 53 प्रतिशत था। हालांकि, 30-50 लाख रुपये के बीच के टिकट साइज वाले एयूएम के अनुपात में 23 प्रतिशत से 27 प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि हुई है और 31 मार्च से 30 सितंबर, 2024 के बीच 30 लाख रुपये से कम एयूएम के अनुपात में गिरावट आई है।” डीप- टेक इनोवेशन से भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में मिलेगी मदद भारत 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बड़े मान से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही देश सॉफ्टवेयर-लेड टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से डीप-टेक इनोवेशन द्वारा संचालित इकोसिस्टम- स्ट्रक्चरल बदलाव के दौर से भी गुजर रहा है। गुरुवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। थ्रीवनफोर कैपिटल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार समर्थित पहल जैसे 10,000 करोड़ रुपये के ‘फंड ऑफ फंड्स’, भारत के सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और नेशनल डीप टेक स्टार्टअप पॉलिसी (एनडीटीएसपी) फ्रंटियर टेक इनोवेशन और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए कमिटमेंट को दर्शाती हैं। भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर डिजाइन स्पेस में एक प्रमुख प्लेयर है, जो दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियरों, लगभग 125,000 पेशेवरों को रोजगार देता है। राष्ट्रीय शोध कार्यक्रम, विश्वविद्यालय इनक्यूबेटर और कॉर्पोरेट आरएंडडी निवेश टैलेंट रिटेंशन और विकास को मजबूत कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि रणनीतिक कौशल निर्माण के साथ भारत शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और उद्यमियों की एक मजबूत पाइपलाइन द्वारा समर्थित तकनीकी विकास सुनिश्चित कर रहा है। थ्रीवनफोर कैपिटल के संस्थापक भागीदार और मुख्य निवेश अधिकारी प्रणव पई ने कहा, "भारत का डीप-टेक सेक्टर निवेश के लिए तैयार, नीति-समर्थित और वैश्विक रूप से प्रासंगिक अवसर के रूप में परिपक्व हो रहा है। जबकि नींव मजबूत है, डीप-टेक इनोवेशन को व्यावसायिक रूप से सफल, वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी व्यवसायों में बदलने के लिए निरंतर पूंजी, इकोसिस्टम सहयोग और धैर्यपूर्वक निष्पादन की जरूरत होगी।" पई ने कहा कि भारत एक निर्णायक चरण में है, एक ऐसा चरण जहां अनुशासित इनोवेशन और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता अगले दशक में एआई, सेमीकंडक्टर और क्लीन मोबिलिटी में इसकी लीडरशिप को परिभाषित करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2030 तक 70 प्रतिशत नए कमर्शियल व्हीकल 'ईवी' होने का अनुमान है, ऐसे में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी दक्षता को बढ़ाने की मुख्य चुनौतियां बनी हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, "सरकारी प्रोत्साहनों और रणनीतिक सार्वजनिक-निजी भागीदारी में 10 बिलियन डॉलर के साथ, देश अपने फैबलेस डिजाइन और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। recent visitors 44

अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर की कीमत 52-सप्ताह के निचले स्तर पर, 6 महीने पहले शेयर की कीमत थी 1863 रुपये थी

नई दिल्ली  क्या अंबानी, क्या अडानी… शेयर मार्केट की गिरावट ने बड़ी-बड़ी कंपनियों के शेयरों को धराशाई कर दिया है। इनमें कई शेयर ऐसे हैं जो पिछले 6 महीने में निवेशकों का आधे से ज्यादा नुकसान कर चुके हैं। यानी इनकी कीमत पिछले 6 महीने के मुकाबले आधे से ज्यादा गिर गई है। इसी में अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy Ltd) का शेयर भी शामिल है। गुरुवार को अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयर में उतार-चढ़ाव रहा। यह तेजी के साथ खुला था, लेकिन बाद में गिरावट आ गई। इससे पहले बुधवार को यह शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ था। गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे यह शेयर करीब 0.25% की गिरावट के साथ 846.30 रुपये पर था। पिछले 6 महीने की रेकॉर्ड देखें तो इस शेयर ने निवेशकों की रकम आधी से भी कम कर दी है। 6 महीने में 50% से ज्यादा नुकसान इस शेयर में पिछले दो दिनों से बेशक तेजी आई हो, लेकिन पिछले काफी समय से यह शेयर निवेशकों का जबरदस्त नुकसान कर रहा है। पिछले एक महीने में इसमें 15 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। वहीं बात अगर 6 महीने की करें तो इसने निवेशकों की रकम को आधे से भी कम कर दिया है। 6 महीने पहले इसके शेयर की कीमत 1863 रुपये थी। अब करीब 846 रुपये है। ऐसे में इसमें 6 महीने में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। यानी निवेशकों का आधे से ज्यादा नुकसान हो गया है। 5 साल पहले भरी थी झोली इस शेयर ने 5 साल पहले यानी मार्च 2020 में निवेशकों की झोली भर दी थी। 6 मार्च 2020 को इसके शेयर की कीमत करीब 145 रुपये थी। दो साल में भी इसमें गजब की तेजी आ गई थी। 29 अप्रैल 2022 को यह 2883 रुपये पर पहुंच गया था। यानी निवेशकों को इन दो वर्षों में करीब 1888 फीसदी का फायदा हुआ था। अगर किसी ने मार्च 2020 में इसमें एक लाख रुपये निवेश किए होते तो दो साल बाद उनकी कीमत करीब 20 लाख रुपये हो चुकी होती। यानी उन दो वर्षों में अडानी के इस शेयर ने पैसों की बारिश कर दी थी। लेकिन अब स्थिति उलट गई है। क्यों आई गिरावट? अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में गिरावट का सबसे बड़े कारण हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और गौतम अडानी पर लगे कथित रिश्वत के आरोप रहे। अडानी पर जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इससे इसके शेयर में बड़ी गिरावट आई। वहीं पिछले साल अमेरिकी कोर्ट ने आरोप लगाया था कि अडानी ने अधिकारियों को रिश्वत दी थी। रिश्वत के रूप में दी जिस रकम का इस्तेमाल किया गया, वह रकम अमेरिकी निवेशकों ने अडानी ग्रीन एनर्जी कंपनी में निवेश के लिए दी थी। इसके बाद इसमें एक और बड़ी गिरावट देखने को मिली। recent visitors 60

बालाघाट कलेक्टर ने कहा यदि किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हुए, तो उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा

बालाघाट  मध्य प्रदेश के बालाघाट कलेक्ट्रेट सभागार में  कलेक्टर मृणाल मीना ने राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक कर पीएम किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा की। उन्होंने किसानों के आधार लिंकिंग और पंजीकरण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हुए, तो उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बालाघाट शीर्ष पर कलेक्टर मीना ने बताया कि 4 मार्च को बालाघाट जिले में प्रदेश में सबसे अधिक 2929 किसानों के आधार लिंक किए गए। देवास, निवाड़ी और रतलाम जिलों में भी 2000 से अधिक आधार लिंकिंग हुई, लेकिन बालाघाट सबसे आगे रहा। उन्होंने एसडीएम और तहसील अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले दो सप्ताह में आधार लिंकिंग का कार्य पूरी तरह से पूरा हो जाए। बिना आधार लिंकिंग नहीं मिलेगी सम्मान निधि उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिया कि समस्त पात्र किसानों के आधार बैंक से लिंक कराना सुनिश्चित करें। जिन किसानों के आधार लिंक नहीं हो पा रहे हैं, या जो मृत हो चुके हैं, उनके मामलों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाए। आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आरसीएमएस पोर्टल पर बंटवारे, अविवादित नामांतरण और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने किरनापुर, बालाघाट और लालबर्रा तहसील में लंबित नामांतरण प्रकरणों को पांच दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए। वनग्रामों का राजस्व ग्राम में पुनर्गठन बैठक में वनग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। 41 वनग्रामों के नक्शे एमपीएसईडीसी से प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें 15 दिन के भीतर स्वीकृत किया जाना है। बैठक में एसडीएम गोपाल सोनी, संयुक्त कलेक्टर केसी ठाकुर, राहुल नायक, एसएलआर स्मिता देशमुख सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 55