जिसका मन रहता है अशांत, उन्हें जीवन में कभी नहीं मिलती सफलता

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – "अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।" जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है। recent visitors 49

राजस्थान विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए एडमिट कार्ड किया जारी, वेबसाइट से प्रवेश पत्र करें डाउनलोड

जयपुर राजस्थान विश्वविद्यालय (UNIRAJ) ने स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष (पूर्व छात्र), और तृतीय वर्ष के सभी नियमित, पूर्व छात्र और स्वाध्यायी उम्मीदवारों के लिए प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट uniraj.ac.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यूजी पाठ्यक्रमों के नियमित, पूर्व छात्रों और प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के स्वयंपाठी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा 19 मार्च, 2025 से शुरू होगी। जरूरी निर्देश     अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय पोर्टल पर जाकर यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके प्रवेश पत्र की दो प्रतियां डाउनलोड करनी होंगी।     प्रवेश पत्र डाक या किसी अन्य माध्यम से नहीं भेजे जाएंगे, इसे केवल ऑनलाइन ही प्राप्त किया जा सकता है।     फोटो अनिवार्य है। प्रवेश पत्र की दोनों प्रतियों में अभ्यर्थी का फोटो निर्दिष्ट स्थान पर स्पष्ट रूप से होना चाहिए।     यदि एडमिट कार्ड पर फोटो उपलब्ध नहीं है, तो अभ्यर्थी को अपना नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो चिपकाकर, परीक्षा केंद्र जाने से पहले इसे संबंधित प्रधानाचार्य से सत्यापित कराना होगा।     प्रवेश पत्र पर अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम और माता का नाम स्पष्ट और सही तरीके से अंकित होना चाहिए। यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाए, तो इसे तुरंत विश्वविद्यालय प्रशासन से ठीक करवाएं।  ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड यदि आप राजस्थान विश्वविद्यालय (UNIRAJ) की स्नातक परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, तो अपना एडमिट कार्ड आसानी से नीचे दिए गए चरणों का पालन करके डाउनलोड कर सकते हैं:     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (uniraj.ac.in) पर जाएं।     होमपेज पर दाईं ओर मौजूद परीक्षा पोर्टल (Examination Portal) के विकल्प पर क्लिक करें।     नए पेज पर आपको थ्योरी एडमिट कार्ड का लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।     अब एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना यूजर आईडी, पासवर्ड और अन्य विवरण दर्ज करने होंगे।     सभी जानकारी भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें, इसके बाद आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।     एडमिट कार्ड की सभी जानकारियां जांचें और फिर इसे डाउनलोड कर लें।     भविष्य की जरूरत के लिए प्रवेश पत्र की हार्ड कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें।   recent visitors 38

Asaduddin Owaisi के बयान पर Pradeep Mishra का पलटवार, कहा-ये पाकिस्तान नहीं है जो आपको सहन करेंगे..

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने असदुद्दीन ओवैसी के ‘मस्जिद ढकी’ वाले बयान पर पलटवार किया है। पंडित मिश्रा ने कहा कि ओवैसी शायद ये भूल रहे हैं कि, वो भारत में रह रहें हैं। उन्होंने कहा कि ये भारत है पाकिस्तान नहीं जो आपको सहन करेंगे। जहां तक रही बात संघर्ष की तो हम संघर्ष के लिए तैयार है। भारत में जन्मा हर सनातनी शेर का बच्चा है। इस भारत भूमि के लिए संघर्ष करता रहेगा।  बता दें कि हैदराबाद में आयोजित एक जलसे के दौरान अपने संबोधन में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि, आखिर अपने ही देश में मुसलमानों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों किया जा रहा है? असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, ‘कोई कहता है- अगर तुम्हें डर है तो तुम नमाज मत पढ़ो घर में बैठ जाओ। कोई कहता है कि जैस मस्जिदों को कवर कर दिया तुम अपने सिर को कवर कर लो। कोई कहता है- बंगाल में अगर हम हुकूमत में आ जाएंगे तो मुसलमानों को बंगाल से निकाल देंगे।’ पंडित मिश्रा का पलटवार अरे भाई वे डरपोक थे जो पाकिस्तान चले गए। ये जियालों की औलाद हैं हम भागने वालों में से नहीं हैं। हमारे लोग ईमान की दौलत से मालामाल थे। उन्होंने भारत को अपना वतन माना और मानते रहेंगे। ओवैसी ने होली के दौरान मस्जिदों को तिरपाल से ढकने के मुद्दे पर कहा था कि, ‘जो मुसलमान बुजदिल थे, वे पाकिस्तान चले गए, और हम भारत में रहकर संघर्ष करेंगे।’ recent visitors 25

प्रदेश में बेरोजगारों के लिए मोहन सरकार की बड़ी घोषणा, मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि पांच सालों में ढाई लाख भर्ती की जाएगी.

भोपाल मध्य प्रदेश में बेरोजगारों के लिए मोहन यादव सरकार ने बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पांच सालों में ढाई लाख भर्ती की जाएगी. सभी सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया चलाई जाएगी. सीएम मोहन यादव ने कहा कि पुलिस कॉन्स्टेबल का रिजल्ट भी ओपन हो गया है और लगभग छह हजार से ज्यादा जवानों को पुलिस में भर्ती भी किया गया. सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए कहा, "पीएससी में पिछले तीन साल की पेंडिंग परीक्षा हमने इसी साल कराई. कोई पद खाली नहीं रहने देंगे, हर विभाग में भर्तियां करेंगे. साथ ही विभागों में प्रमोशन को लेकर भी हम समाधान खोज रहे हैं. इसके अलावा एक लाख नौकरी तो हम दे ही रहे हैं. अगले पांच साल में हम ढाई लाख भर्तियां करने जा रहे हैं." '61 हजार लोगों को मिला नियुक्ति पत्र' उन्होंने कहा, "मौजूदा समय में कुल मिलाकर 267 शासकीय आईटीआई संचालित कर रहे हैं और 22 नए आईटीआई  शुरू करेंगे. साथ ही 5,280 अतिरिक्त सीट की बढ़ोतरी की जाएगी. जबकि एक साल के अंदर हमने 61 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए हैं." सरकार केवल दावे ही कर रही है- कांग्रेस इसके अलावा सीएम मोहन ने कहा कि बीजेपी सरकार ओबीसी, एससी और एसटी में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करेगी. बता दें सीएम मोहन यादव की घोषणा को लेकर कांग्रेस गंभीर आरोप लगा रही है. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि वर्तमान में सभी भागों में पद खाली पड़े हैं. सरकार केवल दावे ही कर रही है. recent visitors 34

पुलिस ने माओवादी संबंधों के आरोप में राज्य वन विभाग के दो मजदूरों को गिरफ्तार किया

मंडला  मध्य प्रदेश में दो आदिवासी मजदूरों पर UAPA लगा है। वन विभाग में काम करने वाले इन मजदूरों पर माओवादियों से संबंध होने का आरोप है। मंडला जिले में पुलिस और माओवादियों के बीच हुई गोलीबारी के बाद रविवार को इन्हें गिरफ्तार किया गया। इन पर सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और दंगा करने का आरोप है। वन कर्मचारी संघ का कहना है कि दोनों निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया गया है। वन विभाग के दो मजदूरों को गिरफ्तार किया मंडला जिले में रविवार को पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद पुलिस ने दो आदिवासी मजदूरों, अशोक कुमार वाल्को (28) और संतोष कुमार धुर्वे (28), को गिरफ्तार कर लिया। दोनों कान्हा बाघ अभयारण्य (KTR) में अस्थायी मजदूर के रूप में काम करते थे। पुलिस का आरोप है कि इन दोनों के माओवादियों से संबंध हैं और ये उन्हें राशन पहुंचाते थे। खटिया पुलिस थाने के निरीक्षक कैलाश सिंह चौहान ने बताया कि कान्हा बाघ अभयारण्य (KTR) में अस्थायी मजदूर के रूप में काम करने वाले दो आदिवासी लोगों को नक्सलियों के साथ उनके संबंधों और उन्हें राशन की आपूर्ति करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मजदूरों पर UAPA लगाया पुलिस ने दोनों पर कठोर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) लगाया है। UAPA एक ऐसा कानून है जिसका इस्तेमाल आतंकवाद से जुड़े मामलों में किया जाता है। इसके अलावा, इन पर भारतीय न्याय संहिता (IPC) के तहत भी सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और दंगा करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन पर सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और भारतीय न्याय संहिता (IPC) के तहत दंगा करने के लिए UAPA की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। मजदूर संगठनों ने किया समर्थन वहीं, मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ, मंडला इकाई के प्रमुख बलसिंह ठाकुर ने दोनों मजदूरों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि दोनों निर्दोष हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। ठाकुर ने कहा कि हम जल्द ही मंडला पुलिस अधीक्षक से मिलेंगे और उन्हें एक याचिका सौंपेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्दोष आदिवासी मजदूरों को जेल से रिहा किया जाए। वे मांग कर रहे हैं कि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करे और निर्दोष लोगों को रिहा करे। तीन दिन की पुलिस रिमांड गिरफ्तारी के बाद, दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले की आगे की जांच कर रही है। इस मामले ने स्थानीय आदिवासी समुदाय में काफी रोष पैदा कर दिया है। recent visitors 24

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर: 16 महिला सहित 64 नक्सलियों ने डाला हथियार

रायपुर छत्तीसगढ़ के 64 नक्सलियों ने आज तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. ये नक्सली बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों के अलग-अलग बटालियन के सदस्य थे. आत्मसमर्पित नक्सलियों में से 16 महिलाएं हैं. इन सभी माओवादियों ने आज एक साथ समाज के मुख्यमार्ग पर लौटने का फैसला किया है. सभी ने पुलिस मुख्यालय में ऑपरेशन कार्यक्रम के हिस्से के रूप में मल्टी जोन-1 आईजीपी चंद्रशेखर रेड्डी के सामने आत्मसमर्पण किया है. बता दें, माओवादी पार्टी के नाम पर, आदिवासी क्षेत्रों के विकास को रोकने की कोशिश की जाती है. इससे तंग आकर बीते 3 महीनों में 122 माओवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है. डवीसीएम, एसीएम, मिलीशिया सदस्य, पार्टी सदस्य, पीपीसीएम की 16 महिलाओं सहित कुल 64 नक्सलियों ने आज सामाज से जुड़ कर विकास में सहयोग देने के उद्देश्य से आत्मसमर्पण किया है. इनके पुनर्वास के लिये सरकार ने राज्यों में पुनर्वास योजना के तहत उन्हें नई जिंदगी जीने का एक मौका देती है. तेलंगाना पुलिस ने आज आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 25- 25 हजार रुपये नकद प्रोत्साहन राशि दी है. इस दौरान रेंज आईजी चंद्रशेखर रेड्डी , एसपी रोहित राज, अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. recent visitors 26

इंदौर सब्जी मंडी में टमाटर की भरपूर आवक, किसानों की बढ़ी चिंता, कीमत 3 रुपए प्रति किलो पहुंचे

इंदौर इंदौर की देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी में इन दिनों टमाटर की भारी आवक हो रही है। रोजाना लगभग 6 से 7 हजार कैरेट टमाटर मंडी में पहुंच रहा है, जिससे टमाटर के दामों में तेजी से गिरावट आई है। वर्तमान में टमाटर की कीमत गुणवत्ता के आधार पर केवल 3 से 5 रुपए प्रति किलो तक रह गई है, जबकि प्रति कैरेट दर 50 से 80 रुपए तक पहुंच गई है। मंडी व्यापारियों के अनुसार, टमाटर के दामों में गिरावट का मुख्य कारण इसकी अधिक आवक के साथ-साथ केचअप फैक्टरियों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही खरीदी भी है। इसके अलावा, अप्रैल-मई में महाराष्ट्र से नई फसल आने के बाद भी कीमतों में सुधार की संभावना कम बताई जा रही है। किसान को लागत भी नहीं निकल रही खरगोन के किसान अशोक वर्मा, भूपेंद्र वर्मा और जीतू बागड़ी का कहना है कि मौजूदा दरों पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक कैरेट टमाटर की लागत 80 से 90 रुपए तक आती है, जिसमें तुड़ाई, गाड़ी भाड़ा, मजदूरी, बीज, खाद और दवाई का खर्च शामिल है। अभी प्रति कैरेट दर 50 से 80 रुपए तक पहुंच गई है। किसानों के पास टमाटर को खेतों में खराब होने से बचाने के लिए मंडी में बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। सर्दियों में हरी सब्जियों की अधिक उपलब्धता के कारण टमाटर की मांग कम हो जाती है, जिससे इसके दाम गिर जाते हैं। गर्मियों में जब आवक घटकर 2 से 3 हजार कैरेट रह जाती है, तब टमाटर के दाम धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। यही टमाटर बारिश और सर्दियों के मौसम में 1000 से 1200 रुपए प्रति कैरेट तक बिकता है। टमाटर उगाने वाले किसान परेशान टमाटर की फसल दो प्रकार से लगाई जाती है। पहली विधि में इसे जमीन पर सीधे बोया जाता है और दूसरी विधि में इसे तार और बांस-बल्लियों के सहारे बेल के रूप में चढ़ाया जाता है। जमीन पर लगाई गई टमाटर की फसल में लागत कम आती है, लेकिन यह टमाटर जल्दी खराब हो जाता है। इसके अलावा, स्टोरेज में भी इसे रखना मुश्किल होता है, जिससे इसकी मांग फिलहाल कम है। दूसरी ओर, तार-बांस-बल्लियों पर चढ़ाई गई बेल वाली टमाटर की फसल ज्यादा समय तक टिकती है, जिससे इसकी मांग अधिक बनी रहती है। मई से अक्टूबर तक टमाटर के दाम थे आसमान पर व्यापारी विनोद भिलवारे और फारूक राइन ने बताया कि मई से अक्टूबर के बीच टमाटर की कीमतें 1500 से 2000 रुपए प्रति कैरेट तक पहुंच गई थीं। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में ठंड शुरू होते ही भारी मात्रा में टमाटर की आवक होने लगी, जिससे दाम घटकर 500 से 700 रुपए प्रति कैरेट तक रह गए। अब मार्च में टमाटर के दामों में भारी गिरावट आई है और भाव औंधे मुंह गिरते हुए 50 से 80 रुपए प्रति कैरेट तक आ पहुंचे हैं। एक कैरेट में लगभग 25 किलो टमाटर होता है। इस तरह प्रति किलो टमाटर का दाम केवल 3 से 5 रुपए तक रह गया है। मौजूदा समय में रोजाना 6 से 7 हजार कैरेट टमाटर मंडी में पहुंच रहा है। तीन तरह के लोकल टमाटर की आवक व्यापारी फारूक राइन ने बताया कि इंदौर के आसपास के क्षेत्रों जैसे महेश्वर, मंडलेश्वर, खरगोन, राजगढ़-धार, सेंधवा के पास नागलवाड़ी, बलवाड़ी गांवों से बड़ी मात्रा में देसी, हाईब्रिड और हिम सोना किस्म के टमाटर की भारी आवक हो रही है। इस ठंडे मौसम में टोमेटो केचअप बनाने के लिए फैक्ट्री मालिक बड़ी मात्रा में खरीदी कर रहे हैं, क्योंकि इस दौरान टमाटर काफी सस्ता हो जाता है। इसके अलावा, राजस्थान के भीलवाड़ा, जयपुर, चोमू, मध्यप्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और उत्तर प्रदेश के झांसी जैसे क्षेत्रों की मंडियों में भी इन क्षेत्रों से टमाटर की बड़ी मात्रा में आपूर्ति हो रही है। इसी कारण इंदौर की चोइथराम मंडी में टमाटर की खपत घट गई है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में उपजाया गया टमाटर स्थानीय स्तर पर ही खपाया जा रहा है।   recent visitors 30