स्ट्राइकर वंदना कटारिया ने कहा कि वह अपने 15 साल के सुनहरे करियर के शिखर पर विदा ले रही हैं

नई दिल्ली वंदना कटारिया ने इंटरनेशनल हॉकी को अलविदा कह दिया है. भारत के लिए 320 मैच खेल चुकीं 32 साल की स्ट्राइकर वंदना ने भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेले हैं. उन्होंने कहा कि वह अपने 15 साल के सुनहरे करियर के शिखर पर विदा ले रही हैं. 2009 में सीनियर टीम में पदार्पण करने वाली कटारिया टोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम का हिस्सा थीं, जिसमें उन्होंने हैट्रिक भी लगाई. ऐसा करनी वाली वह पहली और इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. हरिद्वार के रोशनाबाद की रहने वाली कटारिया ने फरवरी में भुवनेश्वर में एफआईएच प्रो लीग में भारत के लिए आखिरी मैच खेला. वंदना ने कहा ,‘आज भारी, लेकिन कृतज्ञ मन से मैं अंतरराष्ट्रीय हॉकी से विदा ले रही हूं. यह फैसला सशक्त करने वाला और दुखी करने वाला दोनों है. मैं इसलिए नहीं हट रही हूं क्योंकि मेरे अंदर की आग मंद पड़ गई है या मेरे भीतर हॉकी नहीं बची है, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं अपने करियर के शिखर पर संन्यास लेना चाहती हूं, जबकि मैं अभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर हूं.’ उन्होंने कहा ,‘यह विदाई थकान की वजह से नहीं है. यह अंतरराष्ट्रीय मंच को अपनी शर्तों पर छोड़ने का एक विकल्प है, मेरा सिर ऊंचा रहेगा और मेरी स्टिक अभी भी आग उगल रही होगी. भीड़ की गर्जना, हर गोल का रोमांच और भारत की जर्सी पहनने का गर्व हमेशा मेरे मन में गूंजता रहेगा.’ उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा ,‘मेरे दिवंगत पिता मेरी चट्टान, मेरे मार्गदर्शक थे. उनके बिना मेरा सपना कभी पूरा नहीं होता. उनके बलिदानों और प्यार से मेरे खेल की नींव पड़ी. उन्होंने मुझे सपने देखने, लड़ने और जीतने के लिए मंच दिया.’ हाल में वंदना कटार‍िया के नाम पर हर‍िद्वार के रोशनाबाद में मौजूद स्टेडियम का नाम भी रखा गया था, यह ठीक राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हुआ था. वंदना कटारिया ने रचा इतिहास उत्तराखंड की बेटी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने एक बार फिर इतिहास रचा है। ओलंपिक खेलों में हैट्रिक बनाने वाली पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना अब 300 वां अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई है। उसका बड़ा भाई पकंज बताता है कि कभी एक जोड़ी जूतों के लिए संघर्ष करने वाली उसकी छोटी बहन ने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया है। वंदना मूल रूप से उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की निवासी है। रांची के गोमके जसपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में चल रहे महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में उसने 300 वां अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। वंदना के बड़े भाई पंकज के मुताबिक इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उसने काफी संघर्ष किया। कभी परिवार की यह स्थिति थी कि एक हॉकी स्टिक और अच्छे जूते पाना भी बड़ा सपना था। पंकज ने बताया कि वह खुद हॉकी और अन्य खेल खेलते थे, तब वंदना 12 साल की थी, उसे और उसकी दूसरी बहन रीना दोनों को विभिन्न खेलों में प्रतिभाग का शौक था, लेकिन खेलने के लिए दोनों बहनों के पास जूते नहीं थे। जबकि पिता ने दिया खेल मैदान में डटे रहने का हौसला रोशनाबाद स्टेडियम में बिना जूतों के प्रवेश नहीं करने दिया जाता था। यही वजह थी कि दोनों बहनें स्कूल से जल्दी आकर बारी-बारी से उसके जूते पहनकर स्टेडियम में खेलने के लिए चले जाया करती थी। उनके पिता नाहर सिंह ने भी उन्हें खेल मैदान में डटे रहने का हौसला दिया। हॉकी में कड़ी मेहनत के बूते विश्व में कमाया नाम हॉकी में अपनी कड़ी मेहनत व संघर्ष के बूते विश्व में नाम कमाने वाली वंदना कटारिया को 2022 में पद्यश्री पुरस्कार मिला। वह 2017 में महिला एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रही। recent visitors 36

विधायक सुश्री रामसिया भारती ने बड़ामलहरा कन्या विद्यालय में किया प्रवेश दिवस का शुभारंभ

MLA Ramsiya Bharti inaugurated the admission day at Badamalhara Girls School छतरपुर: जिले की बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सुश्री रामसिया भारती द्वारा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़ामलहरा में नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभिक प्रवेश दिवस के अवसर पर विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों, शिक्षिकाओं और छात्राओं से मुलाकात कर उनकी शैक्षणिक स्थिति और आवश्यकताओं की जानकारी ली। शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल विधायक रामसिया भारती ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा ही आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की कुंजी है। उन्होंने छात्राओं को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य-निर्धारण के महत्व को समझाते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय की सुविधाओं पर चर्चा विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों से चर्चा करते हुए उन्होंने स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और छात्राओं की जरूरतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। MLA Ramsiya Bharti inaugurated बालिका शिक्षा पर विशेष जोर विधायक ने बालिका शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार और समाज को मिलकर लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को उच्च शिक्षा और करियर निर्माण के लिए प्रेरित किया। विधायक रामसिया भारती का यह दौरा विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्राओं को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा की शक्ति को पहचानने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। Read more: लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए recent visitors 272

हल्दीराम ने भारतीय पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया, 10 अरब डॉलर पर हुई हिस्सेदारी की डील

नई दिल्ली  मिठाई और नमकीन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी हल्दीराम ने भारतीय पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। कंपनी ने अपने स्नैक्स बिजनस में छह फीसदी हिस्सेदारी दो नये निवेशकों आईएचसी (इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी) और अल्फा वेव ग्लोबल को बेच दी है। कंपनी ने इस सौदे के ब्योरे का खुलासा नहीं किया है। उद्योग सूत्रों के अनुसार यह डील करीब 10 अरब डॉलर (लगभग 85,000 करोड़ रुपये) की वैल्यूएशन पर हुई है जो भारतीय पैकेज्ड खाद्य उद्योग के लिए सबसे बड़ा मूल्यांकन माना जा रहा है। इससे पहले कंपनी ने सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी टेमासेक द्वारा अल्पांश हिस्सेदारी खरीदने की पुष्टि की थी। हालांकि इस सौदे के विवरण का भी खुलासा नहीं किया गया है। हल्दीराम ने बयान में कहा कि कंपनी को टेमासेक की हाल की भागीदारी के बाद अपने जारी इक्विटी दौर में दो नये निवेशकों, आईएचसी (इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी) और अल्फा वेव ग्लोबल को जोड़ने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस रणनीतिक कदम से हल्दीराम की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी। कंपनी ग्लोबल स्तर पर खासकर अमेरिका और पश्चिम एशिया में अपने बिजनस का विस्तार करना चाहती है। अल्फा वेव एक वैश्विक निवेश कंपनी है जो तीन मुख्य क्षेत्रों निजी इक्विटी, निजी ऋण और सार्वजनिक बाजारों पर ध्यान केंद्रित करती है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आईएचसी दुनिया की सबसे बड़ी निवेश कंपनियों में से है। कितने देशों में फैला है कारोबार ब्लैकस्टोन, अल्फा वेव ग्लोबल और बेन कैपिटल के नेतृत्व वाले समूह सहित कई निजी इक्विटी कंपनियां हल्दीराम स्नैक्स फूड में हिस्सेदारी लेने की दौड़ में थीं। हल्दीराम ब्रांड की शुरुआत 1937 में गंगा बिसन अग्रवाल ने की थी। आज इसका बिजनस 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है। कंपनी 400 से अधिक तरह के फूड आइटम्स बेचती है। इनमें नमकीन, मिठाइयां, स्नैक्स, रेडी टु ईट फूड, फ्रोजन फूड, बिस्कुट, कनफेक्शनरी, रेडी टु ड्रिंक बेवरेजेज और पास्ता आदि शामिल हैं। कंपनी भारत के बाहर भी कई देशों को एक्सपोर्ट करती है। इनमें यूरोप और अमेरिका के कई देश शामिल हैं। रिसर्च फर्म IMARC ग्रुप की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का स्नैक्स बाजार 2023 में 42,694 करोड़ रुपये का था और 2032 तक इसके 95,521 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। भारत के स्नैक्स और नमकीन मार्केट में हल्दीराम का मुख्य मुकाबला बालाजी वैफर्स, बीकानेरवाला फूड्स, आईटीसी, पार्ले प्रॉडक्ट्स और पेप्सिको आदि से है। भारत के स्नैक फूड मार्केट में हल्दीराम की हिस्सेदारी 21% है जबकि पेप्सिको की हिस्सेदारी 15% है। इस मार्केट में करीब 3,000 छोटे और रीजनल प्लेयर्स की हिस्सेदारी 40% है। हल्दीराम की वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2022 में उसके कारोबार की बिक्री के मुताबिक लगभग 83,000 करोड़ रुपये है। recent visitors 40

मांडू में खंडहर महल में अधेड़ महिला से गैंगरेप, कांग्रेस नेता के बेटे के खिलाफ केस दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार

मांडू पर्यटन नगरी मांडू(Mandu)में शर्मसार करने वाली घटना सामने आई हैं। अधेड़ महिला से मारपीट के साथ गैंगरेप(Gangrape) की घटना हुई है। मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष महेश ठाकुर के बेटे मोनू और उसके दोस्त के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया हैं। एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि एक की तलाश की जा रही है। केस में पुलिस ने आरंभ में संवेदनशीलता नहीं दिखाई। जिसके चलते आरोपी पक्ष खुद को बचाने में जुटे रहे। हालांकि मामले की जानकारी मीडिया में आई तो मांडू से टीआइ सहित अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे और पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। मांडू(Mandu Gangrape) टीआइ रामसिंह राठौड़ का कहना है कि पीड़िता केा बार-बार बयान बदलने से कई कंफ्यूजन थे। 30 मार्च को लिए गए बयान में महिला ने खिरनी के पेड़ से गिरकर चोटिल होने की बात कही थीं। जिस कारण प्रकरण दर्ज नहीं हुआ। सोमवार को ज्यादती की जानकारी दी। जिसके आधार पर पुलिस ने महिला का मेडिकल कराया। इसके बाद आरोपी मोनू पिता महेश ठाकुर और राधेश्याम पिता मूलचंद भील के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। शराब पिलाने के बाद खंडहर ले जाकर ज्यादती महिला की साथ ज्यादती की घटना 25 मार्च को होना बताई जा रही है। पीड़िता के पति की मौत हो चुकी है। महिला अपने भरण -पोषण के लिए एक होटल में मजदूरी करती है। परिजनों के अनुसार, 25 मार्च को वह होटल पर मजदूरी के लिए जा रही थीं। तभी मांडू के रहने वाले दो युवक रास्ते में मिले। वह उसे शराब पिलाने के बहाने इको पाइंट के पास एक खंडहर में लेकर गए और ज्यादती की। देर तक जब महिला अपने घर नहीं लौटी तो उसकी बेटी ढूंढते हुई पहुंची। जहां घटनास्थल पर पीड़िता निवस्त्र बेसुध पड़ी थीं। पांच से छह दिन चले घटनाक्रम में पुलिस ने सोमवार शाम को केस दर्ज किया है। प्राइवेट अस्पताल ने नहीं दी सूचना घटना के बाद दो से तीन दिन पीड़ित महिला अपने घर पर रही। जहां उसकी देखभाल छोटी बेटी ने की। आरोपी और पीड़िता दोनों ही आदिवासी समाज से है। आरंभ में आरोपी को बचाने के लिए सामाजिक स्तर पर मामले को आपसी बातचीत से रफा-दफा कर दिया। तबीयत बिगडऩे पर आरोपी पक्ष ने 29 मार्च को महिला को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की भी लापरवाही सामने आई हैं। जिन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी। केस दर्ज किया है सोमवार को पीड़िता ने बयान में ज्यादती की बात कही है। मेडिकल चेकअप कराने के बाद केस दर्ज किया है। एक आरोपी को राउंडअप कर लिया है। दूसरे को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।–रामसिंह राठौर, टीआइ मांडू   recent visitors 39

भोपाल में शराब की दुकान को लेकर हंगामा, विरोध में लोगों ने किया रामचरितमानस का पाठ

भोपाल  मध्य प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों में आज से शराब बंद हो जाएगी। इन 19 जगहों पर चलने वाली सभी दुकानों पर हमेशा-हमेशा के लिए ताला लग जाएगा, लेकिन इसी बीच, राजधानी भोपाल में शराब दुकानों के विस्थापन मामले ने तूल पकड़ लिया है। लगातार अलग-अलग कॉलोनियों के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब शहर के अवधपुरी में शराब दुकान खुलने का विरोध तेज हो गया है। यहां पर लोगों ने शराब की दुकान के विरोध में रामचरितमानस का पाठ किया है। दरअसल, अवधपुरी में शराब की दुकानों की शिफ्टिंग की जा रही है। यहां ऋषि पुरम तिराहे पर शराब की दुकान खोली जा रही है। इसके विरोध में लोगों ने रैली-धरना देकर प्रदर्शन किया। शासन प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए 24 घंटे का अखंड रामचरितमानस का पाठ किया जा रहा है। यहां के नागरिकों का दावा है कि जहां दुकान खुल रही है, वहां पास में स्कूल, मंदिर, अस्पताल और बस स्टॉप भी है। नागरिकों ने यहां के स्थानीय विधायक और मंत्री कृष्णा गौर से मिलकर भी समस्या बताई थी। इन स्थानों में भी हो रहा विरोध शहर के मालवीय नगर, संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), सांई राम कॉलोनी सेमरा और बावड़ियाकलां चौक में भी 1 अप्रैल से नई दुकान शिफ्ट होने की बात कही जा रही है। इन सभी जगहों पर भी रहवासी शराब की दुकान का विरोध कर रहे हैं। महिला महापौर से शिकायत मालवीय नगर में वार्ड नंबर-34 में नई शराब दुकान आ रही है। जबकि पास में ही विधायक रेस्ट हाउस, बिड़ला मंदिर भी है। वहीं, घना रहवासी इलाका भी है। इसके चलते लोग विरोध कर रहे हैं। यहां पर महिलाएं महापौर मालती राय से मिलीं और शराब दुकान का विरोध जताया। recent visitors 29

पुलिस अधीक्षकों को अब पुलिस उप अधीक्षकों के तबादले का अधिकार

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा एक नई व्यवस्था की जा रही है। जिसके तहत अब पुलिस अधीक्षकों (SP) को डीएसपी के तबादलों का अधिकार मिलेगा। वर्तमान में आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक के स्थानांतरण का अधिकार पुलिस अधीक्षक के पास है, लेकिन अब यह अधिकार उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) तक विस्तारित किया जाएगा।     अभी तक डीएसपी या एसडीओपी स्तर के अधिकारियों को उनके स्थानांतरण के लिए पुलिस मुख्यालय से मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिसमें समय की बर्बादी होती थी। अब पुलिस अधीक्षकों को यह अधिकार देने का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि कानून-व्यवस्था के मुद्दों को तुरंत निपटाया जा सके। तबादला प्रक्रिया में सुधार मध्य प्रदेश में छोटे जिलों में 5 से 7 डीएसपी होते हैं, जबकि बड़े जिलों में यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के पास कानून-व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं, और कभी-कभी उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जैसे अधिकारियों को तात्कालिक रूप से इधर-उधर करने की जरूरत होती है। हालांकि, पुलिस मुख्यालय से अनुमति प्राप्त करने में अधिक समय लगता है, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई में देरी होती थी। तबादला प्रक्रिया में प्रभारी मंत्री की भूमिका पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस नई व्यवस्था में, तबादला करने से पहले प्रभारी मंत्री की अनुशंसा आवश्यक होगी। इस व्यवस्था के तहत, पुलिस अधीक्षकों को डीएसपी के स्थानांतरण के अधिकार मिलने से जिलों में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह नई व्यवस्था अप्रैल से प्रभावी हो सकती है, जिससे पुलिस व्यवस्था में और सुधार की उम्मीद है। 5 बिंदुओं पर समझिए पूरी स्टोरी  मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।  जिसके तहत पुलिस अधीक्षकों (SP) को अब डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) के तबादलों का अधिकार मिलेगा।  वर्तमान में, पुलिस अधीक्षक के पास आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक के स्थानांतरण का अधिकार था। लेकिन अब यह अधिकार डीएसपी तक विस्तारित किया जाएगा।  अब तक, डीएसपी और एसडीओपी को अपने तबादले के लिए पुलिस मुख्यालय से मंजूरी लेनी पड़ती थी। जिससे प्रक्रिया में समय की बर्बादी होती थी।   मध्य प्रदेश में छोटे जिलों में 5 से 7 डीएसपी होते हैं। जबकि बड़े जिलों में यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है।  इस नई व्यवस्था के तहत, डीएसपी के स्थानांतरण के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रभारी मंत्री की अनुशंसा प्राप्त करना जरूरी होगा। recent visitors 44

लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए

Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial

Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial in summers: Protects from heat wave, keeps the body hydrated, know from dietician who should not drink it हेल्थ डेस्क: Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial आपने गर्मी के मौसम में अपने आसपास गन्ने का जूस बिकते जरूर देखा होगा। तेज धूप और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए लोग इसे खूब पीते हैं। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह शरीर को हाइड्रेट के साथ-साथ एनर्जेटिक भी रखता है। इसके अलावा गन्ने का रस पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, इम्यूनिटी बूस्ट करने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में भी मददगार है। इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। फार्माकोग्नॉसी जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने के जूस के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। आयुर्वेद और यूनानी पद्धति में पीलिया व यूरिन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए गन्ने का जूस पीने की सलाह दी जाती है। इसमें विटामिन और मिनरल्स का खजाना होता है। Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial गन्ना अनुसंधान केंद्र की एक स्टडी के मुताबिक, इसके जूस में हाई पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो पावरफुल फाइटोन्यूट्रिएंट्स हैं। गन्ने के जूस में बैड कोलेस्ट्रॉल से लड़ने की क्षमता होती है। साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है। इसलिए, आज जरूरत की खबर में गन्ने का जूस पीने के फायदों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- गन्ने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? जवाब- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने में 70-75% पानी, 13-15% सुक्रोज (नेचुरल शुगर) और 10-15% फाइबर होता है। हालांकि गन्ने का जूस निकालने की प्रक्रिया में फाइबर लगभग खत्म हो जाता है। नीचे दिए ग्राफिक में 250ml जूस की न्यूट्रिशनल वैल्यू जानिए- सवाल– गन्ने का जूस सेहत के लिए किस तरह से फायदेमंद है? जवाब- गन्ने के जूस में मौजूद विटामिन C और फ्लेवोनोइड्स व फेनोलिक जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। ये एक बेहतरीन हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है। गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर, फाइबर और इनवर्टेज जैसे एंजाइम होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। गन्ना सुक्रोज और ग्लूकोज जैसे कार्बोहाइड्रेट का एक नेचुरल सोर्स है, जो इंस्टेंट एनर्जी देता है। गन्ने के डाइयूरेटिक गुण यूरिन के जरिए शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार हैं। गन्ने में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। ये उम्र बढ़ने के संकेतों जैसे झुर्रियां, महीन रेखाएं और स्किन के दाग-धब्बे को कम करते हैं। वहीं पॉलीफेनोल और पोटेशियम जैसे कंपाउंड कार्डियो प्रोटेक्टिव होते हैं। गन्ने के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आर्टरीज की सूजन और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। इसका जूस शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट को भी बैलेंस करता है। इस तरह ये हमें गर्मी में हीट स्ट्रोक के खतरे से बचाता है। नीचे दिए ग्राफिक से गन्ने का जूस पीने के कुछ फायदे समझिए- सवाल- गन्ना या गन्ने का जूस क्या ज्यादा फायदेमंद है? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि चाहे गन्ने की बाइट चबाएं या उसका जूस पिएं दोनों ही फायदेमंद है। हालांकि गन्ने में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसलिए जूस पीने से ज्यादा इसे चबाना बेहतर है। सवाल- क्या गन्ने में बर्फ डालकर पीना सेहत के लिए अच्छा है? जवाब- बर्फ डालने से गन्ने का रस ठंडा हो जाता है, जिससे गर्मी में ताजगी मिलती है। ठंडा गन्ने का जूस पीने से गर्मी से तुरंत राहत मिलती है। लेकिन कुछ लोगों को इससे सर्दी-जुकाम, खांसी या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बहुत ज्यादा बर्फ वाला गन्ने का रस पीने से बचना चाहिए। सवाल- गन्ने का जूस पीने का सही तरीका क्या है? जवाब- गन्ने का जूस निकालने के तुरंत बाद पीना सबसे अच्छा होता है। बासी गन्ने के जूस में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। गन्ने का जूस हमेशा किसी साफ और स्वच्छ दुकान से ही पिएं। जिस मशीन से जूस निकाला जा रहा है, वह साफ-सुथरी होनी चाहिए। गन्ने का जूस पीने का सबसे अच्छा समय दोपहर से पहले का होता है। खाली पेट गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे एसिडिटी हो सकती है। गन्ने के जूस में थोड़ा सा काला नमक और नींबू का जूस और पुदीना मिलाकर पीने से इसका स्वाद और न्यूट्रिशन दोनों बढ़ जाता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस किडनी स्टोन में फायदेमंद है? जवाब- गन्ने का जूस किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें ऑक्सालेट कम होता है। जो शरीर में पथरी बनने से रोकने में मदद कर सकता है। इसके डाइयूरेटिक गुण टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और नए स्टोन्स के प्रोडक्शन को रोकने में भी मदद कर सकते हैं। Read more: उज्जैन में जल्द लॉन्च होगा विक्रमादित्य वैदिक एप; ज्योतिष संबंधी जानकारी भी मिलेगी, मोबाइल से जान सकेंगे शादी समेत अन्य शुभ मुहूर्त इसके अलावा गन्ने के जूस में पोटेशियम, मैग्नीशियम और कई अन्य ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो किडनी की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। गन्ने का रस शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाता है, जिससे किडनी में पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है। सवाल- क्या डायबिटिक लोग गन्ने का जूस पी सकते हैं? जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। इसलिए डायबिटिक लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए। सवाल- एक दिन में कितना गन्ने का जूस पीना सुरक्षित है? जवाब- एक स्वस्थ व्यक्ति एक दिन में एक गिलास गन्ने का जूस पी सकता है। इससे ज्यादा पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस पीने के कोई साइड इफेक्ट भी हैं? जवाब- गन्ने का जूस पीना आमतौर पर सुरक्षित होता है। हालांकि इसके अधिक सेवन से … Read more