कोर्ट ने कहा ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती, इसके लिए नगर निगम के जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता

इंदौर  शहर की छप्पन दुकान के मामले में मंगलवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. यहां 56 दुकान के सामने बने बगीचे व अन्य व्यवस्थाओं को हटाकर ट्रैफिक शुरू करने के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती है, इसके लिए नगर निगम द्वारा जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता. क्या है 56 दुकान ट्रैफिक जाम का मामला? दरअसल, इंदौर हाई कोर्ट में 56 दुकान के सामने मौजूद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के दुकान संचालकों ने ये याचिका दायर की थी. इंदौर हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि 56 दुकान के सामने बनाए गए बगीचे व बैठक व्यवस्था ट्रैफिक संचालन में बाधा है और इसे हटाकर ट्रैफिक शुरू किया जाए. इंदौर हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद दुकान संचालक की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रैफिक जाम दुनिया के लिए कोई नई बात नहीं है. अगर वाहनों को एमजी रोड से 56 दुकान क्षेत्र की ओर मोड़ा गया तो बड़ी समस्या हो सकती है. निगम के काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा कोर्ट कोर्ट ने आगे कहा, '' वर्तमाम में एमजी रोड से 56 दुकान में वाहनों को जाने की अनुमति नहीं है. कई वाहन एमजी रोड पर रुकते हैं या पार्क किए जाते हैं, जिससे जाम लगता है. नगर निगम उस जगह बैरिकेडिंग का निर्णय सुविचार और सार्वजनिक हित में लिया गया है, इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है.'' इस मामले में इंदौर नगर निगम की ओर से अधिवक्ता कमल एरन ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट के समक्ष विभिन्न तर्क रखे, जिसके बाद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों द्वारा लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया. क्या है 56 दुकान? दरअसल, इंदौर में 56 दुकान एक तरह की चौपाटी है. यहां देश और दुनिया के तमाम तरह के व्यंजन चखने मिल जाते हैं. फूडी, ट्रैवलर्स और लोकल लोगों के बीच छप्पन दुकान काफी लोकप्रिय है. छप्पन दुकान का नाम यहां मौजूद 56 दुकानों की वजह से पड़ा. यहां 100 से ज्यादा वैरायटी का स्वादिष्ट खाना व फास्ट फूड लोगों को मिलता है, यही वजह है कि यहां सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक रौनक रहती है और अब यह इंदौर की पहचान भी बन चुका है. recent visitors 41

महादेव सट्टा एप मामले में CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी बनाया आरोपी, FIR में दर्ज हुआ पूर्व सीएम का नाम

रायपुर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने महादेव बेटिंग एप केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को भी आरोपी के रूप नामजद किया है. 18 दिसंबर 2024 को सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में अब भूपेश बघेल के नाम का भी जिक्र है. इस मामले में  सीबीआई ने भूपेश बघेल समेत कुल 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत 21 के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया है FIR रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने एफआईआऱ में FIR में महादेव सट्टा एप के संचालक प्रमोटर रवि उप्पल सौरभ चंद्राकर शुभम सोनी और पिंटू चंद्रभूषण वर्मा असीम दास सतीश चंद्राकर नीतीश दीवान अनिल अग्रवाल विकास क्रिया रोहित गुलाटी विशाल आहूजा धीरज अहूजा अनिल अंबानी सुनील दमानी सिपाही भीम सिंह यादव, हरिशंकर ट्रिब्लेवाल, सुरेंद्र बागड़ी सूरज चोखानी पुलिस अधिकारी पूर्व सीएम के OSD और निजी व्यक्ति शामिल हैं. महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर रहा है प्रवर्तन निदेशालय गौरतलब है प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर रहा है, जिसका खुलासा राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था. ईडी ने पहले भी राज्य में इस मामले में कई छापे मारे थे और अवैध सट्टेबाजी व गेमिंग एप के दो मुख्य प्रवर्तकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ अभियोजन शिकायतें (आरोप पत्र) दायर की थीं. क्या है ये एप? महादेव बेटिंग एप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया गया था. इस पर यूजर्स पोकर जैसे कार्ड गेम्स और अन्य गेम खेल सकते थे. इस एप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, जैसे खेलों में सट्टेबाजी भी की जाती थी. इसकी शुरुआत 2019 को  छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर ने की थी. अब तक क्या हुआ? हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने कथित शराब घोटाले के मामले में बघेल के आवास पर छापेमारी की थी. राज्य सरकार ने पिछले साल सीबीआई को कथित महादेव घोटाले से संबंधित विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 70 मामले और राज्य में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एक मामला सौंप दिया था. 455 करोड़ तक पहुंच गया था महादेव ऐप का मंथली टर्नओवर महादेव बुक ऐप मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल की तरह काम करता था. इसमें क्लाइंट्स को 'पैनल ओनर्स' के जरिए जोड़ा जाता था. जो यूजर आईडी बनाकर सट्टेबाजी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते थे. ये पैनल सिस्टम एक तरह की फ्रेंचाइजी की तरह काम करता था. जहां प्रमोटर्स अपने पैनल ओनर्स को 70-80% तक का मुनाफा देते थे. ऐप से जुड़े पैनल ओनर्स व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और उन्हें सट्टेबाजी के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराते थे. इस ऐप का मासिक टर्नओवर 455 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. अब तक की जांच में क्या सामने आया? जांच में सामने आया है कि इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रमोटर्स ने कई सरकारी अधिकारियों को 'प्रोटेक्शन मनी' के रूप में भारी रकम दी थी. सीबीआई ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त किए है. जिनमें वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल है. इस मामले की जांच ED के पास भी है. ED के मुताबिक 3 नवंबर 2023 को इसी मामले में एक कोरियर आसिम दास को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से 5.39 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी. पूछताछ में उसने बताया था कि ये रकम भूपेश बघेल के लिए थी. जांच में ये भी सामने आया था कि महादेव बुक के प्रमोटरों ने कई सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देकर अपने नेटवर्क को सुरक्षित रखा. सीबीआई अभी भी इस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते है. recent visitors 39

अवधपुरी में शराब ठेके के विरोध में उतरी महिलाएं, समाजसेवी मृणालिनी सेंगर ने दिया समर्थन

social worker Mrinalini Sengar extended support

Women protested against the liquor shop in Avadhpuri, social worker Mrinalini Sengar extended support भोपाल। राजधानी में करीब चार ठेके स्वीकृत हुए हैं, जिनका खुलने से पहले ही स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। अवधपुरी थाना क्षेत्र के प्रगति नगर चौराहे की सरकारी जमीन पर एक बिल्डर माफिया द्वारा बनाई गई दुकानो में शराब ठेका खुलने की पूरी तैयारी है, जिसका क्षेत्रीय स्तर पर महिलाओं और अन्य समाजसेवी विरोध कर रहे हैं। ठेका स्थान पर अखंड सुंदरकांड पाठ भी चल रहा है। यह विरोध प्रदर्शन तब और तेज हो गया, जब समाजसेवी मृणालिनी सेंगर उनका समर्थन करने पहुंच गई। उन्होंने शराब ठेका खुलने का खुलकर विरोध किया। समाजसेवी सेंगर का कहना है कि इस क्षेत्र की विधायक महिला के साथ वे मंत्री भी हैं, बावजूद इसके यहां शराब ठेका खुलना लोगों की समझ में नहीं आ रहा है, क्या विधायक कृष्णा गौर क्षेत्र के लोगों को शराब पिलाना चाहती हैं?अधिकारियों, नेताओं और ठेकेदार की मिलीभगत से ही शराब ठेका खुल रहा है। इतने विरोध के बावजूद ना तो ठेका खोलने की अनुमति कैंसिल की जा रही है और ना ही सरकारी जमीन पर बनी अवैध दुकानों को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिस सरकारी जमीन पर अभी भूमाफिया ने दुकान बनाई है, उसी जमीन पर 5 साल पहले भी इनके द्वारा कब्जा कर निर्माण किया गया था, जिसको प्रशासन ने सरकारी बताकर बलपूर्वक हटाया था। अब दोबारा से भी वही स्थिति निर्मित हो गई है, लेकिन इस बार नेताओं के दबाव में प्रशासन सख्त दिखाई नहीं दे रहा है। बता दे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी इस क्षेत्र से शराब दुकान को पत्थर मारकर हटाया था। श्रीमती सेंगर ने मुख्यमंत्री से मांग है कि इस शराब ठेका को रहवासी इलाके से हटाकर कहीं और स्थानांतरित किया जाए। recent visitors 83

उदयपुर के राजमहल में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का गद्दी उत्सव

उदयपुर उदयपुर के राजमहल में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के गद्दी उत्सव का कार्यक्रम पूरे शाही अंदाज में सिटी पैलेस में प्रारंभ हो चुका है। उत्सव का शुभारंभ नौ चौकी महल के बाहर स्थित राय आंगन में हुआ, जो मेवाड़ राजपरिवार के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। परंपरा के अनुसार यही वह स्थान है, जहां बरसों से मेवाड़ के नए महाराणाओं का राजतिलक किया जाता रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत पंडितों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ अनुष्ठान के साथ हुई। गद्दी उत्सव की रस्मों को निभाने के लिए विशेष रूप से प्रतिष्ठित पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है, जो पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन संपन्न करा रहे हैं। आयोजन शुरू होने के कुछ ही देर में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ यज्ञ पांडाल में पहुंचे, जहां उन्होंने सफेद रंग के शाही वस्त्र धारण कर विधिवत अनुष्ठान में भाग लिया। धूणी के सामने होगा गद्दी पर विराजने का आयोजन सिटी पैलेस के राय आंगन में स्थित धूणी के सामने गद्दी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इतिहास के अनुसार यह धूणी महाराणा उदयसिंह के समय से चली आ रही है। कहा जाता है कि साधु प्रेम गिरि महाराज ने महाराणा उदयसिंह को उदयपुर को राजधानी बनाने का आशीर्वाद दिया था और उनके निर्देश पर इसी स्थान पर सिटी पैलेस की नींव रखी गई थी। गद्दी पर विराजने की यह ऐतिहासिक परंपरा मेवाड़ के कुलगुरु डॉ. वागीश कुमार गोस्वामी द्वारा संपन्न कराई जाएगी। गद्दी उत्सव में भाग लेने के लिए राजपरिवार के सदस्य, वीवीआईपी मेहमान और साधु-संत सिटी पैलेस पहुंच चुके हैं। कुलगुरु की अगुवाई में शाही परिवार के सदस्य परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। गद्दी उत्सव से संबंधित और अधिक जानकारी अपडेट की जा रही है। recent visitors 44

आईपीएल में मिशेल मार्श, 1 अप्रैल अजब ही संयोग देखने को मिल रहा, 2 साल में 2 मैच और दोनों बार पहली गेंद पर आउट

नई दिल्ली आईपीएल में मिशेल मार्श, 1 अप्रैल और लखनऊ के इकाना स्टेडियम का अजब ही संयोग देखने को मिल रहा है। ऐसा संयोग कि अगर मार्श का बस चले तो वो अपने आईपीएल करियर से 1 अप्रैल की तारीख को डिलीट कर दें। लखनऊ में मार्श अबतक सिर्फ 2 ही मैच खेले हैं। दोनों ही मैच अलग-अलग टीमों में रहते हुए खेले हैं, लेकिन दोनों ही बार वह खाता नहीं खोल पाए। दोनों ही बार वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए। इतना ही नहीं, दोनों ही बार उनकी टीम मैच हार गई। हालिया मैच तो मंगलवार रात को खेला गया पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जॉइंट्स का है, जिसमें मार्श पहली ही गेंद पर आउट हो गए। सोमवार के मैच में लखनऊ सुपर जॉइंट्स ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 171 रन का स्कोर खड़ा किया। निकलस पूरन ने सबसे ज्यादा 44 और आयुष बडोनी ने 41 रन की पारी खेली। मार्श खाता तक नहीं खोल पाए और पहली ही गेंद पर आउट हो गए। अर्शदीप सिंह की गेंद पर जेनसेन ने उनका कैप लपका। 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की टीम ने 22 गेंद शेष रहते ही 8 विकेट से जीत हासिल कर ली। प्रभसिमरन सिंह ने 69 रन बनाए। श्रेयस अय्यर 52 रन और नेहाल वढेरा 43 रन बनाकर नाबाद रहे। यह लखनऊ के इकाना स्टेडियम में मिशेल मार्श का अबतक का दूसरा आईपीएल मैच था। ये भी संयोग है कि इस बार वह लखनऊ से खेल रहे थे जबकि पिछली बार उन्होंने लखनऊ के खिलाफ खेला था। मार्श ने ठीक 2 साल पहले 2023 में 1 अप्रैल को लखनऊ में अपना पहला आईपीएल मैच खेला था। तब वह दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेल रहे थे और मुकाबला था उनकी मौजूदा टीम लखनऊ सुपर जॉइंट्स के खिलाफ। उस मैच में मार्श तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे लेकिन पहली ही गेंद पर मार्क वुड ने उन्हें पवैलियन का रास्ता दिखा दिया। वुड ने उस मैच में 5 विकेट हासिल किए थे। उस मैच में भी मार्श की तत्कालीन टीम दिल्ली कैपिटल्स हारी थी। लखनऊ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 193 रन बनाए थे। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 143 रन ही बना पाई थी। मार्क वुड की कातिलाना गेंदबाजी के सामने दिल्ली के बल्लेबाज बेबस नजर आए थे। वुड ने 4 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 5 विकेट झटके थे। recent visitors 38

KVS क्लास 2 से 10वीं एवं बाल वाटिका 2 के लिए आवेदन आज से, 11 अप्रैल है फॉर्म भरने की लास्ट डेट

देशभर के केंद्रीय विद्यालय में बाल वाटिका 2 के साथ ही कक्षा 2 से 10वीं तक एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 2 अप्रैल से शुरू हो रही है। जो भी माता-पिता अपने बच्चों को केवीएस में एडमिशन दिलवाना चाहते हैं वे आज से ही ऑनलाइन माध्यम से केवीएस की ऑफिशियल वेबसाइट kvsangathan.nic.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकेंगे। एप्लीकेशन फॉर्म भरने की लास्ट डेट 11 अप्रैल 2025 निर्धारित है। ध्यान रखें कि फॉर्म केवल ऑनलाइन ही भरा जा सकेगा, अन्य किसी भी प्रकार से फॉर्म स्वीकार नहीं होंगे। आवेदन करने का तरीका केवीएस एडमिशन के लिए आवेदन अभिभावक स्वयं से ही मोबाइल के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अलावा आप फॉर्म भरने के लिए कैफे की मदद भी ले सकते हैं। आपकी सहूलियत के लिए आवेदन की स्टेप्स यहां दी जा रही हैं जिनको फॉलो कर आसानी से फॉर्म भरा जा सकता है।     केवीएस एडमिशन के लिए अभिभावकों को पहले ऑफिशियल वेबसाइट kvsonlineadmission.kvs.gov.in पर जाना होगा।     इसके बाद आपको जिस कक्षा के लिए आवेदन करना है उसे चुनना होगा।     इसके बाद पहले Registration (sign-up) of first-time user पर क्लिक करके मांगी गई डिटेल भरकर पंजीकरण करना होगा।     रजिस्ट्रेशन होने के बाद Login (sign-in) to the Admission application portal पर क्लिक करके अन्य डिटेल भरनी होगी।     अब डॉक्युमेंट डिटेल, पेरेंट्स डिटेल, स्कूल च्वाइस, डॉक्युमेंट जमा करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर देना है और उसका प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लेना है। निशुल्क किया जा सकता है आवेदन सभी माता-पिता एवं छात्रों को बता दें कि केवीएस की ओर से एडमिशन के लिए फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में सभी पेरेंट्स निशुल्क रूप से आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। आवेदन के लिए कक्षा के अनुसार आयु सीमा बाल बाटिका 2: 4 से 5 वर्ष के बीच कक्षा 2: 7 से 9 वर्ष के बीच कक्षा 3: 8 से 10 वर्ष के बीच कक्षा 4: 9 से 10 वर्ष के बीच कक्षा 5: 9 से 11 वर्ष के बीच कक्षा 6: 10 से 12 वर्ष के बीच कक्षा 7: 11 से 13 वर्ष के बीच कक्षा 8: 12 से 14 वर्ष के बीच कक्षा 9: 13 से 15 वर्ष के बीच कक्षा 10: 14 से 16 वर्ष के बीच recent visitors 38

MP हाईकोर्ट का फैसला: अपात्र नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी: हाईकोर्ट

जबलपुर नर्सिंग फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआइ जांच में जिन कॉलेजों में छात्रों का प्रवेश नहीं पाया गया था, उन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की स्पेशल बेंच ने अपात्र कॉलेजों के छात्रों को पात्र कॉलेजों में 30 दिन के भीतर ट्रांसफर करने के आदेश दिए। सीबीआई जांच में जिन कॉलेजों में नहीं पाए गए प्रवेशित छात्र लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका में हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के पालन में आज अपात्र संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता की ओरिजनल फाइलें सरकार की ओर से पेश की गई। जिस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिए हैं कि सभी फाइलों का अवलोकन कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। जिसमें तुलनात्मक रूप से यह बताना होगा कि जो कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए उन्हें आखिर किन परिस्थितियों में और किन- किन कमियों के होते हुए भी निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा अनुमतियां दी गई।  बैक डेट पर प्रवेश का आरोप याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर हाईकोर्ट को बताया कि कई कॉलेजों में सीबीआइ जांच के दौरान प्रवेश नहीं पाया गया। लेकिन भविष्य को देखते हुए जैसे ही छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई, बिना प्रवेश वाले कॉलेजों में बैक डेट से प्रवेश दिखाकर परीक्षा में बैठाने की कोशिश की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआइ जांच के दौरान जिन कॉलेजों में छात्रों के नामांकन मिले थे, उन्हें ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। छात्रों के नामांकन उसी रिपोर्ट पर किए जाएंगे और आवश्यकता पडऩे पर सरकार परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा। recent visitors 40