Sunday, July 5, 2026 12:06 pm

मन्नारा चोपड़ा रैंप वॉक करते-करते नाच उठीं, लेकिन श्वेता तिवारी की 24 साल की बेटी ने ऐसे पछाड़ा

मुंबई टीवी एक्ट्रेस मन्नारा चोपड़ा अक्सर खबरों में बनी रहती हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस से लेकर हर बात तक को लोग बहुत पसंद करते हैं। मन्नारा ने हाल ही में अपना पहला गाना लॉन्च किया और इसके बाद से ही वो चर्चा में बनी हुई हैं। अब उन्होंने साड़ी पहनकर रैंप वॉक किया है और साथ में डांस भी किया है। मन्नारा को देखकर कुछ लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ ने सुनाया भी है। मन्नारा चोपड़ा ने रैंप पर चलते हुए डांस भी किया। हरे रंग की साड़ी पहनकर उन्होंने हर किसी का दिल चुरा लिया। मन्नारा चोपड़ा को देखकर हर कोई बस इस बार भी यही कह रहा है कि वो कितनी ओवर एक्टिंग करती हैं। लेकिन मन्नारा को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पलक तिवारी ने भी ढाया कहर दूसरी ओर हैं श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी। पलक ने आइवरी रंग का लहंगा पहना हुआ है और बालों को एक पोनी में बांधा है। उनकी वॉक से हर कोई मंत्रनुग्ध होकर रह गया है। पलक तिवारी ने अपनी चाल से सबको दीवाना बना दिया। उनका रैंप वॉक गेम काफी हाई लग रहा है। फैंस ने कमेंट सेक्शन को तारीफों से भर दिया है। मन्नारा चोपड़ा का पहला गाना मन्नारा चोपड़ा ने हाल ही में अपना पहला गाना 'अजीब दास्तान' गाया है। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'संगीत हमेशा मेरे दिल के करीब रहा है। यह गाना इसलिए खास है क्योंकि इसने क्लासिक्स के प्रति मेरे प्यार को क्रिएटिविटी से मिलाया है। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहती थी जो पर्सनल होने के साथ-साथ अच्छा भी लगे और मुझे उम्मीद है कि लोग इससे उसी तरह जुड़ेंगे जैसे मैं जुड़ती हूं।' असली नाम है बार्बी हांडा हरियाणा के अंबाला कैंटोनमेंट में बार्बी हांडा के नाम से जन्मीं 33 साल की एक्ट्रेस ने 40 से अधिक ऐड्स में काम किया है। अपनी एक्टिंग की शुरुआत से पहले उन्होंने एक फैशन डिजाइनर और कोरियोग्राफर के रूप में काम किया। उन्होंने हिप हॉप और बेली डांसिंग जैसे डांस में भी ट्रेनिंग ली है। मन्नारा चोपड़ा की फिल्में और 'बिग बॉस' मन्नारा ने 2014 में अभिनय की दुनिया में कदम रखा और तेलुगू, तमिल, हिंदी और कन्नड़ जैसी भाषाओं की फिल्मों में काम किया। उन्होंने 2014 की तेलुगू फिल्म 'प्रेमा गीमा जंथा नाई' से श्रीराम चंद्रा के साथ एक्टिंग की शुरुआत की। बिग बॉस के बाद से भी मन्नारा काफी फेमस हो गईं। recent visitors 39

बगैर धान खरीदे हो गई फर्जी एंट्री! शासन को लगाई गई करोड़ों रुपए की चपत, अब होगी संपत्ति सीज

 जबलपुर  धान खरीदी गड़बड़ी के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें फर्जी तरीके से भुगतान लेने वालों की संपत्ति कुर्क की जाएगी. इसके अलावा फर्जीवाड़े में शामिल सोसाइटियों के कमीशन से भी रिकवरी की जाएगी. जो लोग फर्जीवाड़े में शामिल हैं, उनकी संपत्ति को कुर्क कर किसानों को भुगतान किया जाएगा. दरअसल, कई किसानों ने फर्जी खरीदी पर्ची दिखाकर पैसे ले लिए हैं. ऐसे में अभी भी कई किसानों को गड़बड़ी के चलते उनके हक का पैसा नहीं मिल पा रहा है. कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने ऐसे लोगों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के आदेश दिए हैं. ताकि जल्दी से जल्दी रिकवरी की जा सके. उधर, अभी भी कई किसान भुगतान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि हमारी कोशिश है कि पोर्टल पर जिस किसी भी की भी खरीदी चढ़ी है, उसे पेमेंट हो जाए. शासन ने गड़बड़ी करने वालों से वसूली के निर्देश दिए गए हैं. ताकि रुके हुए किसानों को पेमेंट किया जा सके. शासन को लगाई गई करोड़ों रुपए की चपत जबलपुर में धान खरीदी के दौरान करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया। कहीं कम धान तौलकर तो कहीं बिना धान खरीदे फर्जी एंट्री करके शासन को चपत लगाई गई। इस फर्जीवाड़े में दोषी पाए गए 70 से अधिक जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराई गई लेकिन अब इस फर्जीवाड़े का दंश जिले के दो सौ से अधिक किसानों को झेलना पड़ रहा है। ये वो किसान हैं जिनका धान फर्जीवाड़ा करने वाले वेयरहाउसों में बेचा गया था और इस फर्जीवाड़े की जांच चलने की वजह से जिले में दो सौ से अधिक किसानों का 5 करोड़ से अधिक का भुगतान रुका हुआ है जिससे किसानों के सामने रोजमर्रा के खर्च और घरेलू समस्याओं का संकट गहराया हुआ है। मामले को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्टर से धान का भुगतान करने की मांग की है। वहीं कलेक्टर दीपक सक्सेना का कहना है कि जिन किसानों का भुगतान रुका है उनका धान शॉर्ट पाया गया था और जिन कर्मचारियों ने यह फर्जीवाड़ा किया है उनकी संपत्ति कुर्क करवाकर पैसे की वसूली की जाएगी और किसानों का भुगतान किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, उम्मीद है जल्द ही किसानों का भुगतान हो जाएगा। recent visitors 18

अंग्रेजी न बोल पाने पर मोहम्मद रिजवान ने रखा अपना पक्ष, मुझे इंग्लिश नहीं आती, मुझे अफसोस है

नई दिल्ली पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को अक्सर उनकी इंग्लिश के लिए ट्रोल किया जाता है। इसको लेकर रिजवान ने अपना पक्ष रखा है। रिजवान ने कहा कि मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। मेरा काम पाकिस्तान टीम के लिए क्रिकेट खेलना है। मुझसे क्रिकेट की डिमांड की जाती है। मुझसे अंग्रेजी बोलने की डिमांड नहीं की जाती है। गौरतलब है कि अक्सर टॉस के वक्त या पोस्ट मैच प्रजेंटेशन के दौरान कमेंटेटर्स कप्तानों से अंग्रेजी में बात करते हैं। इस दौरान खराब अंग्रेजी के लिए रिजवान का अक्सर मजाक उड़ाया जाता है। मुझे अफसोस है अब मोहम्मद रिजवान ने कहा है कि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे इस बात पर फख्र है कि मैं जो भी बातें कहता हूं दिल से कहता हूं। मेरे दिल में जो भी होता है सच होता है। मुझे इंग्लिश नहीं आती। रिजवान ने आगे कहाकि मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं। मैंने पढ़ाई नहीं की। लेकिन मुझे एक परसेंट भी शर्मिंदगी नहीं है कि मुझे इंग्लिश नहीं आती। इस बात का जरूर अफसोस है कि मैंने पढ़ाई नहीं की। वह एक अलग किस्म की शर्मिंदगी है। जूनियर्स को क्या सलाह रिजवान ने आगे कहाकि जो भी मेरे दिल में है मैं खुलकर कहता हूं। मेरे से जो डिमांड है वह क्रिकेट है। मेरे से डिमांड इंग्लिश नहीं है। मुझे कभी इस बात को लेकर फील नहीं हुआ। मुझसे पाकिस्तान ने हमेशा क्रिकेट मांगा। मुझसे कभी देश ने इंग्लिश नहीं मांगी। अगर इंग्लिश मांगते तो मैं क्रिकेट छोड़कर कहीं जाकर प्रोफेसर बन जाऊंगा, सीख लूंगा फिर आ जाऊंगा। मेरे पास इतना टाइम नहीं है इंग्लिश सीखने के लिए। हां, मुझे अफसोस है कि मैंने पढ़ाई पूरी नहीं की। इसलिए मैं अपने जूनियर्स से कहता रहता हूं कि पढ़ाई पर खूब ध्यान दें। ताकि आगे जाकर उन्हें इस तरह के हालात का सामना न करना पड़े। recent visitors 26

हनुमान जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने की पूजा-अर्चना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर  रेलवे स्टेशन के समीप स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भक्ति भाव से हनुमान चालीसा का पाठ किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए मंगलकामनाएँ कीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति और भक्ति के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से हर संकट का समाधान संभव है।उन्होंने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ  दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज़ कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। recent visitors 24

विदिशा के श्री दादाजी सिद्ध मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर में हनुमानजी महाराज का सूर्य तिलक किया गया

विदिशा  देशभर में 12 अप्रैल शनिवार को हनुमान जयंती मनाई जाएगी. इस मौके पर भक्त अपने आराध्य हनुमान भगवान की पूजा करने के लिए मंदिरों में पहुंचेंगे. अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब विदिशा के रंगई स्थित श्री दादाजी सिद्ध मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर में हनुमानजी महाराज का सूर्य तिलक किया गया . समिति ने ट्रायल के लिए भगवान का सूर्य तिलक करके भी देखा गया था. आयोजकों का दावा है कि यह देश का पहला हनुमान मंदिर है जहां बजरंगबली का सूर्य तिलक होने जा रहा है. 500 वर्ष पुराना है हनुमान मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना यह मंदिर विदिशा भोपाल मार्ग पर रंगई ग्राम में बेतवा नदी किनारे स्थित है. क्षेत्र में इस मंदिर की बहुत मान्यता है. यहां भोपाल संभाग ही नहीं दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और फिर मनोकामना पूरी होने के बाद प्रसाद चढ़ाने आते हैं. 1.25 लाख राम नाम की पर्चियों से मंदिर सजा 12 फरवरी को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में विशेष साज सज्जा की जा रही है. 1.25 लाख राम नाम की पर्चियों से मंदिर को सजाया गया है. आकर्षक विधुत साज सज्जा भी की गई है. विदिशा के इस मंदिर के बाहर रास्ते को भगवा झंडियों से पाट दिया गया है. हनुमान जन्मोत्सव पर यहां बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है. उसी हिसाब से व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जा रही है. थाईलैंड से पेरिस्कोप मंगाये रंगई मंदिर सेवा समिति के सदस्य सूरज सिंह राजपूत ने बताया कि, ''हनुमान जन्मोत्सव के दिन अयोध्या के राम मंदिर की तरह इस श्री दादाजी सिद्ध मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर में सूर्य तिलक होगा. इसके लिए optomechanical system लगाया गया है. जिसके लिए बैंकॉक, थाईलैंड से पेरिस्कोप मंगाये गए हैं. हनुमान जन्मोत्सव के ठीक दोपहर 12:00 बजे गर्भगृह में 40 फिट की दूरी से 40 फिट 2.5 इंच के पाइप से सूर्य की किरणों को लाया जाएगा.'' आयोजकों का बड़ा दावा आयोजकों का दावा है कि, अयोध्या के राम मंदिर के बाद विदिशा का श्री दादाजी सिद्ध मनोकामना पूर्ण मंदिर पहला मंदिर होगा जहां उसी पद्धति से सूर्य तिलक किया जाएगा और इस मंदिर में यह पहली बार होगा. पंडित अखिलेश शर्मा ने बताया कि, ''समिति द्वारा हर साल कुछ भव्य और दिव्य आयोजन किया जाता है. दादा जी महाराज सबकी रक्षा करते हैं. जो मनसे उनकी प्रार्थना करता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है.'' recent visitors 27

किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ सेना का बड़ा ऑपरेशन, आर्मी का एक जवान शहीद, जैश कमांडर समेत तीन दहशतगर्द ढेर

किश्तवाड़  जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कम से कम तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है। चातरी के नैदगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश कमांडर सैफुल्लाह, फरमान और बाशा को मार गिराया है। मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। वहीं, अभी भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) शहीद हो गया। जानकारी के अनुसार, यह जवान बीती रात आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षाबलों ने उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान सूचना मिली कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। लेकिन, तब सुरक्षाबलों के हाथ सफलता नहीं लगी थी। इसके बाद तीनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। पता चला कि जैश-ए-मोहम्‍मद के कमांडर सैफुल्‍लाह समेत अन्‍य आतंकवादियों के किश्‍तवाड़ जिले के छत्रू जंगल में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना ने पुलिस के साथ मिलकर ज्‍वाइंट सर्च ऑपरेशन चलाया और आतंकी सैफुल्‍लाह को उसके दो अन्‍य साथियों के साथ ढेर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात दो आतंकवादी मारे गए थे। वहीं शनिवार सुबह एक आतंकवादी मारा गया। इस आपरेशन में आर्मी और पारा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल थी। एक आतंकवादी की अभी भी तलाश जारी है। घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकी अकसर घुसपैठ और हमले की कोशिश करते हैं। इसलिए यह अभियान घने जंगलों में ही चलाया गया था। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी उतारे थे। इलाके में हाई अलर्ट घोषित सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर्प्स ने बयान जारी कर बताया कि खराब और प्रतिकूल मौसम के बावजूद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक एके-47 और एक एम4 राइफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल किश्तवाड़ में ऑपरेशन जारी है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना और अन्य सुरक्षाबलों की टीमें पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी अन्य आतंकी को पकड़ा जा सके या मार गिराया जा सके। सेना की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है। खुफिया जानकारी से पता चला है कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों को पता चला कि उधमपुर के बसंतगढ़ तीन आतंकवादी एक ग्रामीण के घर में घुस गए और जबरन उसके घर से खाने का सामान, मोबाइल फैन, बैग, जूते और छाता लेकर भाग गए। वहीं 3 अप्रैल को भी मजालता ब्लॉक में आतंकवादियों ने एक परिवार को बंधक बना लिा और फिर उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसी बीच आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वहीं शुक्रवार देर रात को आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के मुताबिक, सतर्क जवानों ने शुक्रवार देर रात केरी भट्टल क्षेत्र में अग्रिम वन क्षेत्र में एक नाले के पास भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जो काफी देर तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक जेसीओ घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट मिलने तक तलाश अभियान जारी था। इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को आतंकवादियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में एक कैप्टन सहित दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे तथा एक अन्य घायल हो गया था। यह ताजा घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद हुई है। सीमा पार से गोलीबारी की लगभग एक दर्जन घटनाओं और एक आईईडी हमले के बाद तनाव कम करने के प्रयास में यह फरवरी के बाद से दूसरी ऐसी बैठक थी। भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अपने समकक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। recent visitors 30

दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिल्ली के लाल किले पर सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन ऐतिहासिक होगा। आज दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा। भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र, विक्रमोत्सव के अंतर्गत विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रथम प्रस्तुति, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री संस्कृति एवं पर्यटन गजेन्द्र सिंह शेखावत की गरिमामय उपस्थिति में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का सुशासनकाल आज भी भारत के सभी राज्यों में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनके शौर्य, पराक्रम, वीरता, ज्ञानशीलता, दानवीरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहल ने शासन संचालन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। बेताल पच्चीसी, सिंहासन बत्तीसी सहित विक्रमादित्य की वीरता की गाथाएं आज भी याद की जाती हैं। संस्कृति मंत्रालय, दीनदयाल शोध संस्थान और दिल्ली सरकार के सहयोग से कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य के काल को जीवंत करते हुए उनके सुशासन की झलक दिखाने का प्रयास किया। यह मंचन दिल्ली के लाल किले में 13 और 14 अप्रैल को भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।   recent visitors 23