Sunday, July 5, 2026 10:57 am

रेलवे ने ग्रीष्मकालीन यात्रियों की भीड़ को देखते हुए यशवंतपुर और गया के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया

नर्मदापुरम  रेलवे ने ग्रीष्मकालीन यात्रियों की भीड़ को देखते हुए यशवंतपुर (बैंगलुरु) और गया (बिहार) के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. ये ट्रेन मध्य प्रदेश के कई रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेगी. इससे प्रदेश के यात्रियों को सुविधाजनक सफर मिलेगा. वहीं, ग्रीष्मकालीन छुट्टियों पर सैर करने वालों के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर होगा. वे आरामदायक सफर के साथ छुट्टियां मना सकते हैं. यशवंतपुर-गया समर स्पेशल ट्रेन शुरू दरअसल, इन दिनों भारी गर्मी पढ़ने लगी है. जिससे भीड़-भाड़ ट्रेनों में यात्रियों को परेशानी हो रही थी. जिसको लेकर 12 अप्रैल से यशवंतपुर-गया के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. यशवंतपुर (बैंगलुरु) से गया जाने वाली ट्रेन 06563 हर शनिवार सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर यशवंतपुर से रवाना होगी. इसके बाद तीसरे दिन यानी सोमवार को सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर गया पहुंचेगी. वहीं, वापसी के दौरान ट्रेन नंबर 06564 गया से हर सोमवार रात 11 बजकर 45 मिनट पर चलेगी और मुख्य स्टेशनों से होते हुए बुधवार की रात 9 बजकर यशवंतपुर पहुंचेगी. ये ट्रेन 14 अप्रैल से 16 जून तक हर सोमवार को चलेगी. यशवंतपुर-गया स्पेशल 16 जून तक टोटल 10 राउंड चलेगी. मध्य प्रदेश के इन स्टेशनों पर होगा हॉल्ट यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में थर्ड क्लास एसी, स्लीपर क्लास और सेकंड क्लास एसी के डिब्बे लगाए जाएंगे. ट्रेन दोनों दिशाओं में यलहंका जंक्शन, धर्मावरम, अनंतपुर, गुत्ती जंक्शन से लेकर भभुआ रोड, सासाराम और अनुग्रह नारायण रोड समेत कुल 24 स्टेशनों पर रुकेगी. जिसमें मध्य प्रदेश के इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदन महल, कटनी और सतना रेलवे स्टेशन पर यात्री चढ़ और उतर सकेंगे. recent visitors 18

हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाभारत में हनुमानजी ने ही धर्म ध्वजा की थी धारण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हनुमान जी ही बल, बुद्धि, पराक्रम और विनयशीलता का वरदान करते हैं प्रदान मुख्यमंत्री ने हनुमान जयंती की दी बधाई भोपाल    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हनुमान जयंती की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामदूत हनुमानजी की भक्ति, सेवा और समर्पण भाव से प्रेरित होकर हम विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प की सिद्धि में योगदान दें , यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हनुमान जयंती के पावन पर्व पर राजकीय विमान तल भोपाल स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर जगत के कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने आगामी कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान किया।        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए जारी संदेश में कहा कि हनुमान जी अजर-अमर हैं। भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। माता सीता का प्रेम, स्नेह और वात्सल्य पाकर उनकी आजीवन सेवा तथा असाधारण वीरता का हनुमानजी का संकल्प सभी के लिए प्रेरक है। महाभारत के युद्ध में अर्जुन बाण चला रहे थे, और भगवान श्रीकृष्ण सारथी थे, तब भी धर्म ध्वजा हनुमानजी ने ही धारण की थी। हर कष्ट, हर दु:ख में सबसे पहले हमें हनुमानजी ही याद आते हैं। वे ही हमें बल, बुद्धि, पराक्रम, वीरता, ज्ञान, विनयशीलता जैसे मानवीय गुणों का वरदान प्रदान करते हैं। संकटमोचक हनुमानजी की कृपा सब पर बरसती रहे, यही प्रार्थना है।   recent visitors 21

मध्य प्रदेश को मिले 13 नए IPS अधिकारी, 5 को मिला होम कैडर, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल देश की कानून व्यवस्था में सबसे अहम माने जाने वाली इंडियन पुलिस सर्विस से मध्य प्रदेश को बड़ा तोहफा मिला है. भारतीय पुलिस सेवा के 2024 बैच से 13 अधिकारी मध्य प्रदेश से हैं, जिनमें से 5 को मध्य प्रदेश यानी होम कैडर ही दिया गया है. पूरे देश में 2024 बैच के कुल के 200 आईपीएस अधिकारियों को कैडर अलॉट किए गए हैं. मध्‍य प्रदेश के 13 तो वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के 5 नए आईपीएस अफसरों को कैडर अलॉट हुए हैं. मध्य प्रदेश के 13 IPS अधिकारी, 5 को मिला होम कैडर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार 11 अप्रैल को कैडर अलॉटमेंट का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक आईपीएस रितु यादव, माधव अग्रवाल, काजल सिंह, अर्णव भंडारी और माही शर्मा को होम कैडर मध्य प्रदेश मिला है. वहीं, मध्य प्रदेश से चयनित अन्य आईपीएस अधिकारी अमित कुमार को बिहार, मनोज कुमार को दिल्ली, लेखराज मीणा को राजस्थान, राजीव अग्रवाल को उत्तर प्रदेश, दीपांशु को हरियाणा, समीक्षा सरवरी को हरियाणा, अंशुल चौधरी को दिल्ली और माधव गुप्ता को राजस्थान कैडर अलॉट हुआ है. गौरतलब है कि यह कैडर अलॉटमेंट राज्यों की विभिन्न तरह की जरूरतों, स्थितियों और आईपीएस अधिकारियों के होम कैडर आदि को देखकर किया गया है. वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को अनुषा पिल्लै, यश केवट, प्रतीक बंसोड़, आदित्य कुमार और पूर्वा अग्रवाल नए आईपीएस के रूप में मिले हैं. recent visitors 40

वित्तीय वर्ष 2024-25 में पश्चिम मध्य रेलवे को टिकट चैकिंग से 111 करोड़ का राजस्व प्राप्त

भोपाल पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक के मार्गदर्शन एवं प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के निर्देशन पर तीनों मण्डलों में यात्री गाड़ियों एवं स्टेशनों पर समय-समय पर चलाए गए टिकट जांच अभियानों में बीते वित्तीय वर्ष के अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक कुल 17 लाख 43 हजार मामले पकड़े और अतिरिक्त किराया एवं जुर्माना सहित कुल 110 करोड़ 98 लाख रूपए का राजस्व अर्जित किया। बीते वित्तीय वर्ष में मुख्यालय एवं मंडलों स्तर पर परफॉरमेंस इस प्रकार है:- मुख्यालय सीसीएम स्क्वाड द्वारा मुख्यालय के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जाँच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 37 हजार प्रकरण से रेलवे ने 2 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है। भोपाल मण्डल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जाँच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 6 लाख 32 हजार प्रकरण से रेलवे ने 37 करोड़ 56 लाख रुपये का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है। जबलपुर मण्डल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जाँच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 6 लाख 82 हजार प्रकरण से रेलवे ने 47 करोड़ 15 लाख रुपये का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है। कोटा मण्डल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जाँच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 3 लाख 91 हजार प्रकरण से रेलवे ने 24 करोड़ 12 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया है।     रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि बिना टिकट यात्रा ना करें। उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। वाणिज्य विभाग एवं आरपीएफ के समनव्य से पश्चिम मध्य रेल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराने के उद्द्येश्य से ट्रेनों में टिकट चैकिंग अभियान चालू वित्तीय वर्ष में भी चलाये जाते रहेंगे। recent visitors 21

दिग्विजय सिंह के आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्टर पर हंगामा, लगे आपत्तिजनक पोस्ट

भोपाल/इंदौर वक्फ कानून में बदलाव का विरोध करने को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल व इंदौर में पोस्टर लगाए गए हैं। जिनमें उन्हें वतन का, धर्म का और पूर्वजों का गद्दार बताया गया है। अब इन पोस्टरों को लेकर विवाद छिड़ गया है और कांग्रेस पार्टी ने इन पोस्टरों को लेकर अपनी आपत्ति भी जताई है। शुक्रवार को इस बारे में पुलिस से शिकायत करते हुए कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि वह इन पोस्टरों को लगाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। दरअसल दिग्विजय सिंह के खिलाफ जो पोस्टर लगाए हैं, उनमें छपा है – ‘वक्फ बिल का विरोध करने वाले दिग्विजय सिंह’। पोस्टर में दिग्विजय सिंह की तस्वीर पर एक सील से ठप्पा भी लगाया गया है जिस पर छपा है- ‘वतन के, धर्म के, पूर्वजों के गद्दार।’ इंदौर में लगे इन पोस्टर के नीचे छपवाने वाले के रूप में ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा, इंदौर महानगर’ का नाम छपा है। जबकि भोपाल में छापने वाले के बारे में नहीं लिखा गया है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा ने इस मामले को लेकर बताया कि महू नाका चौराहा पर लगाए गए इस पोस्टर के खिलाफ उन्होंने छत्रीपुरा पुलिस थाने में शिकायत की है। उन्होंने कहा, ‘पुलिस को दिग्विजय सिंह के खिलाफ ऐसे आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’ भारतीय जनता युवा मोर्चा की शहर इकाई के अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने कहा,‘वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025, देश का ऐतिहासिक कानून है। इस विषय में दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के दूसरे नेताओं के रुख को लेकर आम लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है क्योंकि ये नेता राष्ट्रहित की कभी बात नहीं करते हैं।’ recent visitors 57

बेहतर बुनियादी ढांचा, बेहतर तकनीक, बेहतर ट्रेनें- भारतीय रेलवे मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में बेहतर सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए तैयार

 मुंबई आज मुंबई में आयोजित “बेहतर बुनियादी ढांचा, बेहतर तकनीक, बेहतर ट्रेनें” विषय पर मीडिया से बातचीत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया और महाराष्ट्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे में परिवर्तनकारी प्रगति पर प्रकाश डाला। मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पर विशेष ध्यान देने के साथ आधुनिकीकरण, बेहतर यात्री अनुभव और बेहतर क्षेत्रीय संपर्क के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता।                          बेहतर बुनियादी ढांचा : केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचे का विकास उपनगरीय सेवाओं को बढ़ाने के लिए आधारशिला है। लगभग ₹17,000 करोड़ की लागत वाली परियोजनाएँ, जो 300 किलोमीटर से अधिक नई लाइनों को कवर करती हैं, वर्तमान में तीव्र गति से चल रही हैं। इन पहलों का उद्देश्य मौजूदा लाइनों पर भीड़भाड़ कम करना, सेवा आवृत्ति में सुधार करना और मुंबई के उपनगरीय यात्रियों की बढ़ती माँग को पूरा करना है।  बेहतर तकनीक: श्री वैष्णव ने उपनगरीय खंड के लिए तैयार अत्याधुनिक सुरक्षा और सिग्नलिंग प्रणाली कवच ​​5.0 के आगामी लॉन्च की घोषणा की। कवच 5.0 से अंतर-ट्रेन हेडवे में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जिससे अधिक ट्रेनें सुरक्षित और कुशलतापूर्वक चल सकेंगी।                 बेहतर रेलगाड़ियाँ : यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़े उन्नयन में, केंद्रीय मंत्री ने खुलासा किया कि जल्द ही 238 नए वातानुकूलित उपनगरीय रेक पेश किए जाएँगे। इन रेकों को मुंबई के यात्रियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अनोखे ढंग से डिज़ाइन किया गया है, जो अधिक आरामदायक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव का वादा करते हैं। महाराष्ट्र के सीएम श्री फडणवीस ने यह भी बताया कि मुंबई वन कार्ड जल्द ही लॉन्च किया जाएगा, जो उपनगरीय ट्रेनों, मेट्रो रेल, मोनो-रेल, बेस्ट बसों आदि में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एमएमआर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को बदलने के लिए एक एकल और सभी एकीकृत कार्ड सेट है। इन बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और रोलिंग स्टॉक की उन्नति के साथ-साथ उपनगरीय सेवाओं की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे लाखों मुंबईकरों के लिए दैनिक परिवहन में नाटकीय रूप से सुधार होगा। मुंबई में रचनात्मक क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व का पहला भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान खोला जाएगा और यह भारतीय रचनात्मक उद्योग के लिए एक विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा केंद्र बनाने के लिए परिवर्तनकारी होगा।           महाराष्ट्र में रणनीतिक रेल परियोजनाएँ: बातचीत के दौरान एक प्रमुख घोषणा गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन का दोहरीकरण थी, जो ₹4,819 करोड़ के निवेश से 240 किलोमीटर का रणनीतिक गलियारा है। यह प्रमुख परियोजना विदर्भ और मराठवाड़ा को जोड़ती है, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और यात्री और माल ढुलाई में तेज़ी आएगी। यह आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ महाराष्ट्र के रेल संपर्क को भी मज़बूत करेगा, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रमुख बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा देने की घोषणा 7 अप्रैल, 2025 को की गई थी, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 18,658 करोड़ रुपये (लगभग) की कुल लागत वाली रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंज़ूरी दी थी। श्री वैष्णव ने आज कहा कि यह परिवर्तनकारी परियोजना उत्तरी और दक्षिणी भारत के बीच यात्री और माल ढुलाई संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। स्वीकृत परियोजना में 240 किलोमीटर लंबे मौजूदा ट्रैक पर व्यापक उन्नयन शामिल है, जिसमें 29 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, 36 प्रमुख पुलों, 338 छोटे पुलों और 67 सड़क अंडर-ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण शामिल है, ताकि परिचालन को सुव्यवस्थित किया जा सके और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।                             श्री वैष्णव ने कहा, "इस दोहरीकरण से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क में काफी सुधार होगा। क्षेत्र के आकांक्षी जिलों में तेजी से विकास होगा।" केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि यह यात्रियों और रेल लॉजिस्टिक्स पर निर्भर उद्योगों दोनों के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस उन्नयन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।- अन्य उल्लेखनीय रेलवे परियोजनाओं में शामिल हैं: इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत महाराष्ट्र भर में 132 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस पहल के तहत देश भर में 1,300 स्टेशनों में से कई का निर्माण पूरा होने वाला है, जबकि कई अन्य पर महत्वपूर्ण प्रगति की सूचना दी गई है।                   भविष्य के लिए एक विजन: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और बड़े पैमाने पर स्टेशन पुनर्विकास कार्यों के साथ-साथ ये महत्वाकांक्षी उपक्रम महाराष्ट्र में परिवहन में क्रांति लाने के लिए तैयार हैं। भारतीय रेलवे ने राज्य में अभूतपूर्व ₹1,73,804 करोड़ का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जो राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में महाराष्ट्र के रणनीतिक महत्व और इसके भविष्य के विकास पथ को रेखांकित करता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस वर्ष मई के महीने में माननीय प्रधान मंत्री द्वारा उद्घाटन के मद्देनजर वेव्स (विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) की तैयारियों के महत्व को रेखांकित किया, भारतीय रेलवे द्वारा महाराष्ट्र को रिकॉर्ड बजट आवंटन का महत्व, गोंदिया – बल्लारशाह स्टेशनों के बीच रेलवे लाइन के दोहरीकरण से क्षेत्र को लाभ। उन्होंने आईआरसीटीसी द्वारा जल्द ही छत्रपति शिवाजी महाराज और शानदार मराठा टूर ट्रेन चलाने की भी घोषणा की। महाराष्ट्र के अन्य सांस्कृतिक और तीर्थ स्थलों के साथ-साथ छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास और भव्य विरासत को प्रदर्शित करने के लिए भारत गौरव पर्यटक ट्रेन द्वारा 10 दिनों की यात्रा के लिए एक विशेष क्यूरेटेड टूर भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा। recent visitors 28

पहाड़ों के बीच प्रगति का सेतु ‘अंजी खड्ड’

श्रीनगर जब घाटियां गहरी होती हैं और पहाड़ रास्ता रोकते हैं, तब इंसान के सपने ऊंचे हो जाते हैं। कश्मीर के दिल तक पहुंचने के इन्हीं ऊंचे सपनों ने फिर से एक नई कहानी को जन्म दिया है। ये कहानी एक पुल की है जो सिर्फ लोहे और केबल से नहीं, हिम्मत और हुनर से भी बना है। ये कहानी है भारत के पहले केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज- अंजी खड्ड ब्रिज की जो जम्मू-कश्मीर की चुनौतीपूर्ण घाटियों के बीच, अंजी नदी की गहरी खाई को पाटता है। कटरा और रियासी के बीच कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने जा रहा यह अद्भुत संरचना भारतीय इंजीनियरिंग के आत्मविश्वास और कौशल की मिसाल है। यह ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो कटरा-बनिहाल रेल खंड में बनाया गया है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते और कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ जैसी सभी सीमाओं को पार कर यह ब्रिज घाटी को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूती के साथ जोड़ रहा है। आकर्षक डिजाईन के साथ बने इस ब्रिज का निर्माण कार्य सिर्फ 11 महीने में ही पूरा कर लिया गया है जो नदी तल से 331 मीटर ऊंचाई पर स्थित है जबकि नीव से 193 मीटर ऊंचा एक मजबूत सेंट्रल पायलन पर टिका हुआ है, जो इसकी पूरी संरचना को संतुलन में रखता है। अंजी खड्ड ब्रिज, चिनाब ब्रिज के बाद भारत का दूसरा सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज भी है। इस ब्रिज को 96 केबलों के सहारे बनाया गया है जिनका कुल वजन 849 मीट्रिक टन और  कुल लंबाई 653 किलोमीटर है। 725 मीटर लम्बे इस ब्रिज की संरचना में 8,215 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। मौजूदा आवश्यकताओं के मद्देनजर बने इस ब्रिज से जम्मू-कश्मीर के विकास के तार जुड़े हुए हैं। यह ब्रिज घाटी के दूर-दराज इलाकों मेंं बसे गांवों और कस्बों का बड़े शहरों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करता है जिससे विकासशील जगहों पर चिकित्सा, शिक्षा और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता आसान हो जाएगी।  बेहतर कनेक्टिविटी के वजह से स्थानीय लोगों लिए रोज़गार के नए अवसरो का सृजन होगा साथ ही घाटी में व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। ●    पुल की कुल लंबाई: 725 मीटर ●    नदी के तल से ऊंचाई: 331 मीटर ●    सेंट्रल पायलन की ऊंचाई: 193 मीटर ●    केबल की संख्या: 96 ●    केबल का कुल वजन: 849 मीट्रिक टन ●    केबल की कुल लंबाई: 653 किलोमीटर ●    निर्माण में कुल स्टील का इस्तेमाल:  8,215 मीट्रिक टन recent visitors 40