Sunday, July 5, 2026 3:16 am

राजधानी मैं हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई

Hanuman Jayanti was celebrated with great joy in the capital भोपाल, ब्यूरो रिपोर्ट । देश भर में आज हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में पूजा अर्चना एवं भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं,उसी कड़ी में राजधानी भोपाल में हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई गई,वहीं हम आपको बता दें कि, राजधानी स्थित होशंगाबाद रोड कृष्णापुरम में,शहर की सबसे बड़ी हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित हैं,ये विशाल प्रतिमा लगभग 57 फीट ऊंची है,प्रतिमा को बनाने में लगभग 11 लाख रूपए खर्च हुए है,भोपाल शहर में हनुमान की सबसे बड़ी प्रतिमा है, वही मंदिर ट्रस्ट के संचालक संतोष माखीजा ने बताया कि,इसे वर्ष 2015 में स्थापित किया गया था, इसे पितृछाया दक्षिणमुखी हनुमान के नाम से जाना जाता है,यहां सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रही,वही मंदिर परिसर में हवन एवं विशाल भंडारी का आयोजन रखा है,जो देर रात तक चलेगा recent visitors 90

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरकारी स्कूल के शिक्षकों के 44,000 पद समाप्त कर दिए, निजी क्षेत्र के हवाले शिक्षा व्यवस्था

लाहौर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शिक्षा विभाग ने 'निजी क्षेत्र को आउटसोर्सिंग कैंपेन' के तहत सरकारी स्कूल के शिक्षकों के 44,000 पद समाप्त कर दिए। शिक्षकों का कहना है कि इस फैसले से युवाओं में बेरोजगारी बढ़ेगी, जो पहले से ही निजी क्षेत्र में वेतन कटौती, नौकरी छूटने और छंटनी के कारण परेशान हो रहे हैं। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, अब निजी क्षेत्र के मालिकों पर निर्भर होगा कि वे अपनी नीति के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति करें। स्कूल शिक्षिका हुमैरा ने कहा, "निजी क्षेत्र पहले से ही कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रहा है, रखे गए लोगों के वेतन में कटौती कर रहा है। लाखों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। वे इसका कारण बताते हैं कि व्यापार में घाटे के कारण उन्हें न्यूनतम कटौती करनी पड़ रही है।" हुमैरा ने कहा, "यह देखना चौंकाने वाला है कि सरकार संस्थानों का निजीकरण कर रही है। मैं एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम करती हूं। मैं जानती हूं कि यह कितना कठिन है। हम पर अधिक काम का बोझ डाला जा रहा है। हमें चेतावनी दी जा रही है कि अगर हम आधे वेतन पर दोगुना काम नहीं करेंगे तो हमारी छंटनी कर दी जाएगी, और यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हमें समय पर भुगतान भी नहीं किया जाता है।" पंजाब शिक्षा विभाग का यह ताजा फैसला ऐसे समय में आया, जब हजारों युवा ग्रेजुएट सरकारी क्षेत्र के संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। शिक्षक संघ सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह भर्ती शुरू करे और रिक्त पदों को भरे, जो पिछले सात वर्षों से लंबित हैं। पंजाब प्रांत के सरकारी स्कूलों में 2018 में आखिरी भर्ती अभियान के बाद से कम से कम 1,00,000 शिक्षकों की कमी है। सरकारी स्कूल के शिक्षक मिशाल ने कहा, "सरकारी स्कूलों में 100,000 या उससे अधिक शिक्षकों की कमी ने छात्रों की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। और अब, 44,000 नौकरियों के खत्म होने से समग्र शिक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।" आंकड़े बताते हैं कि 2021-22 में पाकिस्तान में कम से कम 26.2 मिलियन बच्चे स्कूल नहीं जा रहे थे। इसके अलावा, 2023 के लिए पाकिस्तान की बेरोजगारी दर 5.41 प्रतिशत थी। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में कम से कम 4.5 मिलियन लोग बेरोज़गार हैं, जबकि 2024 के दौरान बेरोजगारी दर बढ़कर कम से कम 6.3 प्रतिशत हो गई है। recent visitors 44

कॉलेज छात्रों को ले जा रही बस पलटी, एक छात्रा की मौत, 23 अन्य घायल

कुपवाड़ा उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में उस वक्त मातम पसर गया जब छात्रों से भरी एक कॉलेज बस हादसे का शिकार हो गई। कॉलेज छात्रों को ले जा रही एक बस वोधपोरा इलाके में पलट गई। इस हादसे में एक छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 23 अन्य छात्र बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि बस का ड्राइवर संतुलन खो बैठा, जिससे वाहन अचानक पलट गया। हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में घबराहट फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को फौरन हंदवाड़ा के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन ने एक छात्रा की मौत की पुष्टि की है, जबकि बाकी घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है कि क्या तकनीकी खराबी या लापरवाही इसकी वजह बनी। हादसे की खबर जैसे ही छात्रों के परिवारों तक पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। recent visitors 41

मध्यप्रदेश में पोषण पखवाड़ा 2025: कुपोषण से जंग, स्वस्थ भविष्य की ओर कदम

भोपाल मध्यप्रदेश में 8 से 22 अप्रैल 2025 तक सातवां “पोषण पखवाड़ा” पूरे जोश और जागरूकता के साथ मनाया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी राज्य में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान का उद्देश्य आमजन, महिलाओं और बच्चों को पोषण के महत्व को समझाकर एक स्वस्थ समाज की नींव रखना है। पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रमुखता से 4 विषयों जीवन के पहले 1000 स्वर्णिम दिवसों का महत्व, पोषण ट्रैकर ऐप के हितग्राही मॉड्यूल की जानकारी और उपयोगिता, CMAM प्रोटोकॉल से गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन और 6 वर्ष से कम बच्चों को मोटापे से बचाने पर फोकस किया जा रहा है। स्वर्णिम 1000 दिवस – जीवन की मजबूत नींव गर्भावस्था से लेकर जन्म के बाद पहले दो वर्षों तक के 1000 स्वर्णिम दिवस बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद अहम होते हैं। इस दौरान उनके जीवनकाल का 85 प्रतिशत बौद्धिक विकास हो जाता है। पोषण पखवाड़ा में इस अवधि के दौरान पोषण और देखभाल पर विशेष बल देते हुए माताओं को संतुलित आहार और स्तनपान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पोषण ट्रैकर ऐप – पोषण की डिजिटल निगरानी पोषण ट्रेकर ऐप ‘poshantracker.in’ के माध्यम से घर बैठे ही पोषण स्तर की निगरानी करना अब संभव है। यह ऐप आंगनवाड़ी सेवाओं का डिजिटलीकरण करने के साथ हितग्राहियों को भी बच्चों और माताओं के पोषण पर नज़र रखने में सक्षम बनाता है। भारत सरकार द्वारा पोषण ट्रेकर ऐप के अंतर्गत हितग्राही मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसमें हितग्राही अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉग-इन बच्चों के पोषण स्तर के विकास की निगरानी के साथ उन्हें केन्द्र से मिलने वाले पोषण आहार की निगरानी घर बैठे कर सकते हैं। CMAM रणनीति से कुपोषण पर नियंत्रण प्रदेश में कम्युनिटी मैनेजमेंट ऑफ एक्यूट मॉलन्यूट्रिशन (CMAM) यानी गंभीर कुपोषण का समुदाय स्तर पर प्रबंधन मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत वर्ष-2020 से प्रारंभ हुआ। पोषण पखवाडा़ में अति गंभीर कुपोषित (SAM), अति कम वजन (SUW) एवं मध्यम गंभीर कुपोषित (MAM) बच्चों का चिन्हांकन कर उनकी स्वास्थ्य जाँच तथा अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की भूख की जाँच कर आवश्यकतानुसार उपचार एवं सामुदायिक स्तर पर परिवार के सहयोग से पोषण प्रबंधन किया जा रहा है। बचपन में मोटापे से सतर्कता नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) रिपोर्ट के अनुसार बच्चों में मोटापे की दर में वृद्धि चिंताजनक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा बच्चों को जंक फूड से दूर रखने और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई है। पोषण पखवाड़ा में बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाना और स्कूलों में पौष्टिक भोजन के बढ़ावा देने के लिये पोषण ट्रेकर के माध्यम से मोटापे के जोखिम वाले बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों को पोषण परामर्श दिया जा रहा है। प्रदेशभर में जागरूकता की लहर आंगनवाड़ी केंद्रों पर थीम आधारित गतिविधियों, योग सत्र, खेलकूद, पोषण रैली, साइकिल रैली, एनीमिया जागरूकता शिविर, लंच बॉक्स प्रतियोगिता और समूह चर्चाओं का आयोजन हो रहा है। पोषण ट्रैकर में रजिस्ट्रेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि माताओं और बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी और समस्याओं का समय पर निदान सुनिश्चित किया जा सके। recent visitors 45

डिजिटल मीडिया के दौर में पारदर्शी और सही समय पर दी गई जानकारी बहुत जरूरी : ज्ञानेश कुमार

भोपाल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत आईआईआईडीईएम में मीडिया नोडल अधिकारियों, सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों और जिला जनसंपर्क अधिकारियों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बदलते मीडिया के बदलते दौर में चुनाव से जुड़े अधिकारियों को बेहतर तरीके से तैयार करना और उनके बीच बेहतर समन्वय बनाना था। मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आज के डिजिटल मीडिया के दौर में पारदर्शी, सही और समय पर दी गई जानकारी बहुत जरूरी है, ताकि लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि मीडिया नोडल अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जनता तक सही जानकारी पहुंचे और वे किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक खबरों से प्रभावित न हों। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी कार्यक्रम में देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी शामिल हुए। इस ओरिएंटेशन के दौरान अधिकारियों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, निर्वाचन पंजीकरण नियम 1960, निर्वाचन संचालन नियम 1961 और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के जरिए सही जानकारी कैसे फैलानी है, गलत सूचनाओं से कैसे निपटना है और मतदाताओं को कैसे जागरूक करना है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में विगत दिनों हुए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय मध्यप्रदेश के मीडिया नोडल अधिकारी श्री राजेश दाहिमा, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी श्री सुनील वर्मा और और जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री अरूण शर्मा शामिल हुए।   recent visitors 48

मंत्री पीयूष गोयल ने कहा-राहुल गांधी और चीन की कम्युनिष्‍ट पार्टी के बीच समझौते से देश का व्यापार घाटा 25 गुना बढ़ा

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी और सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी का पर्दाफाश अब कई बार हो चुका है, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि राहुल गांधी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ क्या समझौता किया था। उन्होंने कहा कि इसी समझौते के चलते भारत और चीन के बीच व्यापार घाटा मात्र दस वर्षों में 25 गुना बढ़ गया। पीयूष गोयल ने कहा कि यह कल्पना कर पाना भी कठिन है कि किस हद तक कांग्रेस और यूपीए सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया। उन्होंने राहुल गांधी से मांग की कि वे इस विषय पर देश को जवाब दें। उन्होंने राहुल गांधी पर विदेश में भारत की आलोचना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे ऑक्सफोर्ड जैसे मंचों पर भारत को बदनाम करते हैं, यही कारण है कि देश की जनता ने ऐसे नेताओं को लगातार खारिज किया है और तीसरी बार उन्हें सत्ता से बाहर रखा है। भारत की जनता और विशेषकर युवा वर्ग कभी भी ऐसे नेताओं को स्वीकार नहीं करेगा, जो देश की छवि को धूमिल करें। उन्होंने कहा कि देश का हित और उसकी सुरक्षा सिर्फ पीएम मोदी के नेतृत्व में संभव है। तहव्वुर राणा को भारत लाना एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है और यह दिखाता है कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ कितनी सख्त है। उन्होंने कांग्रेस पर 26/11 के हमलों के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के नेता पीड़ितों की चिंता करने के बजाय फिल्म की शूटिंग देखने और कपड़े बदलने में रुचि दिखा रहे थे। गोयल ने विपक्ष, विशेषकर महाराष्ट्र के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने संजय राऊत और उद्धव ठाकरे जैसे नेताओं पर मुसलमानों की गोद में बैठने और आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग चुनावी लाभ के लिए आतंकवाद तक को धर्म से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता, खासकर महाराष्ट्र और मुंबई की जनता, कभी भी ऐसे नेताओं को माफ नहीं करेगी जो देश की सुरक्षा से समझौता करे। recent visitors 49

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जल की हर बूंद में जीवन, हर स्रोत में भविष्य का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “आपः सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभूः", अर्थात जल न केवल अमृतस्वरूप है, बल्कि शुभ, पवित्र और जीवनदायक भी है। उन्होंने कहा है कि जल जीवन जीने का संसाधन मात्र नहीं, अपितु हमारा सनातन संस्कार है। हमारे ग्रंथ कहते हैं कि जल की हर बूंद में जीवन है और हर स्रोत में आने वाले कल का भविष्य छिपा है। इसलिए इस अमूल्य धरोहर की किसी भी मूल्य पर रक्षा करना हमारा दायित्व है। इसी दायित्व की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इसमें नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के साथ-साथ पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई, जल स्त्रोतों के आस-पास पौध रोपण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस अभियान में जन-भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में सक्रिय जनसहयोग छिंदवाड़ा जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में 30 मार्च से शुरू हुए कार्यों के अंतर्गत कलेक्टर श्री शीलेंद्र सिंह ने जनपद पंचायत जुन्नारदेव पहुंच कर बुधवारा गांव में तालाब के गहरीकरण हेतु ग्रामवासियों के साथ मिलकर श्रमदान किया। तालाब के जीर्णोद्धार के साथ ही इसमें जमा गाद निकालकर सफाई की जा रही है। इसी के साथ छिंदवाड़ा जिले की जन अभियान परिषद शाखा ने कन्हांन नदी तट की सफाई करते हुए जल संरक्षण की शपथ दिलाई। बुरहानपुर में जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन का प्रयास जल गंगा संवर्धन अभियान में वन विभाग द्वारा जिले के वन क्षेत्रों में स्थित जल-स्त्रोतों की सफाई, तालाब, बावड़ियों, स्टॉप डेम का गहरीकरण और पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। सोलाबरडी और गढ़ताल रेंज वन क्षेत्रों समेत जिले के 67 चिन्हित जल-स्त्रोतों की सफाई और गहरीकरण का काम किया जा रहा है। वन विभाग का अमला स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से नदी, तालाबों, बावड़ियों में जमा कचरा, सूखे पत्ते, गाद और झाड़ियां को हटा रहा है। अमरावती नदी के तटों पर भी वृहद स्तर पर सफाई अभियान जारी है। इससे मानसून के दौरान इन स्त्रोतों में पानी का भराव आसानी से हो सकेगा। जल संरचनाओं में पानी का भराव होने से वन्य जीवों और पक्षियों को भी राहत मिलेगी और भूजल स्तर बना रहने से पर्यावरण भी संतुलित रहेगा। देवास जिले में नये एवं पुराने जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के उद्देश्य से देवास जिले में भी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 मार्च से 30 जून तक चल रहा है। कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री हिमांशु प्रजापति के मार्गदर्शन में नये तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने तालाबों, बावड़ियों, नदियों एवं कुँओं का जीर्णोद्धार व पौधारोपण के कार्य जन-भागीदारी से किये जा रहे हैं। जिले की जनपद पंचायत खातेगांव में ग्राम पंचायत बछखाल के बोरदा गांव में तालाब का गहरीकरण किया गया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं ग्रामीणों के जनसहयोग से जिले की जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत गदाईशा पीपल्या में तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में जल-संचय बढ़ेगा जिससे पेयजल एवं कृषि दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।  शिवपुरी एवं शहडोल में श्री हनुमान जन्मदिवस पर सामुदायिक श्रमदान शिवपुरी जिले के विकासखंड शिवपुरी में निवर्तमान नवांकुर संस्था, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बूढ़ीबरोद, सेक्टर सुरवाया व ग्राम विकास समिति धुवानी के संयुक्त प्रयास से ग्राम धुवानी तालाब में श्रमदान कर मिट्टी हटाई गई और जल संरक्षण हेतु प्रेरणा दी गई। वहीं, शहडोल जिले में हनुमान जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन एवं नगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन विराटेश्वर मंदिर परिसर में स्थित बाणगंगा कुण्ड में सफाई अभियान चलाया गया। विधायक मनीषा सिंह, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस अभियान में भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ भी ली। अभियान का समग्र उद्देश्य इस अभियान के अंतर्गत नई जल संरचनाओं का निर्माण और पुरानी संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जल स्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की सफाई के साथ-साथ उनके आस-पास पौधारोपण को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का उद्देश्य न केवल जल संरचनाओं के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में सहायता प्रदान करना है, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले जल स्रोतों को पुनर्जीवित करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पीढ़ियों में भारत के स्वर्णिम अतीत से परिचय एवं प्रेरणा का संचार करना भी है। अभियान में मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन कर आमजन, स्थानीय समुदाय, जनप्रतिनिधि एवं सरकार का संयुक्त प्रयास सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्त्वपूर्ण अभियान में एकजुटता के साथ भाग लेकर जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं, क्योंकि “जल है तो कल है”।   recent visitors 39