एमसीबी : मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत

एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में संशोधित प्रावधान के अनुसार, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(क)(1) के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत वार्ड नं0 33 बी0आईप गोदरीपारा तहसील चिरमिरी में माला सिंह की मृत्यु मधुमक्खियों के काटने के कारण हो गया था। जिससे उनके पति कमलेश सिंह को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार, आकाश सिंह आ0 राय सिंह निवासी ग्राम दुग्गी तहसील खड़गवां की मृत्यु डबरी के पानी में डूबने के कारण हो गया था जिससे मृतक के पिता राय सिंह को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार खड़गवां तहसील के ग्राम मंगोरा निवासी भूषणराम की जहरीले सर्प के काटने से हुई मृत्यु हो जाने पर उनकी पत्नी राजन बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। उपरोक्त स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा।  recent visitors 46

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत

एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में संशोधित प्रावधान के अनुसार, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(क)(1) के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत ग्राम एकता नगर गोदरीपारा तहसील चिरमिरी में मनीष कुमार पाण्डेय की मृत्यु तालाब में डूबने के कारण हो गया था। जिससे उनके पिता दिरेन्द्र पाण्डेय को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार, गणेश मौर्य आ0 शुद्दू मौर्य निवासी ग्राम भरतपुर तहसील भरतपुर की मृत्यु आकाशीय बिजली गिरने के कारण हो गया था जिससे मृतक की पत्नी कलावती मौर्य को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार केल्हारी तहसील के ग्राम पेण्ड्री निवासी मायावती की जहरीले सर्प के काटने से हुई मृत्यु हो जाने पर उनकी माता गोलैन्दी एवं उनके पिता फग्गू बैगा को 2-2 लाख कुल 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। उपरोक्त स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा। recent visitors 32

मुनीर ने कहा दो कौमी नजरिये को ध्यान में रखकर हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, पाक मुल्क को बनाया

लाहौर पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने ओवरसीज पाकिस्तानियों के एक जलसे में मौलानाओं की तरह तकरीरें की है. उनके भाषण में हिन्दू धर्म के प्रति नफरत खूब झलका. उन्होंने इकबाल का जिक्र किया, ओवरसीज पाकिस्तानियों के डॉलर पर लालची निगाह दौड़ायी और कश्मीर-ब्लूचिस्तान की चर्चा छेड़कर विदेशों में कमा रहे पाकिस्तानियों की वफादारी खरीदने की कोशिश की. ओवरसीज पाकिस्तानियों का पहला सालाना जलसा 13-16 अप्रैल 2025 तक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुआ. इस सम्मेलन में असीम मुनीर का संबोधन 16 अप्रैल को हुआ. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत पाकिस्तान के सभी बड़े नेता मौजूद थे. भारत के दुखद बंटवारे का जिक्र करते हुए जनरल मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान की कहानी अपने बच्चों को जरूर बताएं. ताकि वे पाकिस्तान की कहानी न भूलें. एक बिलियन डॉलर का कर्ज मांगने के लिए वर्ल्ड बैंक के सामने दर्जनों बार हाथ फैला चुके पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने अपनी तकरीर में उसी मुद्दे को उठाया जिसे पाकिस्तानी हमेशा से करते आए हैं. वो मुद्दा था हिन्दुओं से नफरत. पाकिस्तान में 'मुल्ला जनरल' के नाम से सुर्खियां बटोरने वाले असीम मुनीर ने कहा, "हमारे पूर्वजों ने सोचा कि हम जीवन के हर मुमकिन पहलू में हिंदुओं से अलग हैं. हमारे धर्म अलग हैं, हमारे रीति-रिवाज अलग हैं, हमारी परंपराएं अलग हैं, हमारे विचार अलग हैं, हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग हैं. यहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव रखी गई. हम दो राष्ट्र हैं, हम एक राष्ट्र नहीं हैं." मुनीर ने कहा कि, 'इसी दो कौमी नजरिये को ध्यान में रखकर हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, लगातार संघर्ष किया और इस मुल्क को बनाया. इस मुल्क के लिए कुर्बानियां दीं." दो कौमी नजरिये की पैरवी करने वाले मुनीर ये बताना भूल गए कि पाकिस्तान बनने के कुछ सालों बाद ही इससे टूटकर बांग्लादेश कैसे बन गया. जनरल असीम मुनीर विदेशों में कमा रहे पाकिस्तानियों की कमाई को देखकर खूब गदगद दिखे. उन्होंने कहा, "जिस तरह आप अपने मुल्क के लिए योगदान दे रहे हैं, पैसे भेजकर, निवेश कर, अलग-अलग माध्यमों से इससे ये पता चलता है कि आप अपने मुल्क से कितना मोहब्बत करते हैं. प्रवासी पाकिस्तानियों को आइडियोलॉजी का चूरन देते हुए असीम मुनीर ने कहा कि, 'जो ओवरसीज हैं वो एक अलग तहजीब में रहते हैं, लेकिन आप ये कभी मत भूलिए कि आप एक सुपीरियर आइडियोलॉजी से ताल्लुक रखते हैं." असीम मुनीर ने बड़े ही भावुक अंदाज में कहा, "मेरे भाई-बहन, बेटे-बेटियों कृपया पाकिस्तान की इस कहानी को कभी भूलना मत. इसे अपनी आने वाली जेनेरेशन को जरूर बताइएगा. जिससे वह पाकिस्तान के साथ अपने जुड़ाव को महसूस कर सकें. यह कभी कमजोर न हो, चाहें यह तीसरी पीढ़ी हो, चौथी पीढ़ी हो या फिर पांचवीं पीढ़ी. वे जानें कि पाकिस्तान उनके लिए क्या है." पाकिस्तान बनने की कहानी में हिंसा और दंगों की कहानी को दबाते हुए और पूरे इतिहास को शुद्ध मजहबी रंग देते हुए असीम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान कलमे की बुनियाद पर बना है. उन्होंने कहा, "आजतक इंसानियत की तारीख में सिर्फ दो रियासतें हैं जो कलमें की बुनियाद पर बनी हैं. पहली जो थी उसका नाम है रियासत-ए-तैयबा… आज उसको मदीना कहा जाता है. और जो दूसरी रियासत है, वो उसके 1300 साल के बाद अल्लाह ने आपकी (पाकिस्तान) बनाई है, कलमे की बुनियाद के ऊपर." मुनीर ने गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई से प्रभावित फिलिस्तीनियों के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया और कहा, "पाकिस्तानियों के दिल गाजा के मुसलमानों के साथ मिलकर धड़कते हैं." बता दें कि तंगहाली और कंगाली के कगार पर पहुंच चुके पाकिस्तान में इस समय ओवरसीज पाकिस्तानी डॉलर भेजकर वहां की इकोनॉमी में ऑक्सीजन देने की कोशिश कर रहे हैं. असीम मुनीर ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का वही पुराना रोना रोया और इसे पाकिस्तान के गले की नस बताया.   recent visitors 47

दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सुपर ओपर में मिली जीत का श्रेय मिचेल स्टार्क को दिया

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सुपर ओपर में मिली जीत का श्रेय मिचेल स्टार्क को दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने यॉर्कर फेंकने की योजना बनाई थी और इसे काफी अच्छी तरह अंजाम दिया। दिल्ली के 189 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल्स की टीम नितीश राणा (51 रन, 28 गेंद, छह चौके, दो छक्के) और यशस्वी जायसवाल (51 रन, 37 गेंद, चार छक्के, तीन चौके) के अर्धशतक के बावजूद चार विकेट पर 188 रन ही बना सकी जिससे मैच सुपर ओवर तक खिंचा। रॉयल्स की टीम एक समय 14वें ओवर में एक विकेट पर 112 रन बनाकर काफी मजबूत स्थिति में थी। लेकिन दिल्ली की टीम स्टार्क (36 रन पर एक विकेट) की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से वापसी करने में सफल रही। स्टार्क ने अपने अंतिम दो ओवर में सिर्फ 16 रन दिए। स्टार्क ने इसके बाद सुपर ओवर में भी रॉयल्स को सिर्फ 11 रन पर रोक दिया। काम आया यह प्लान अक्षर ने डेथ ओवरों में लगातार यॉर्कर फेंकने की योजना को बेहद प्रभावी तरीके से लागू करने और बाउंसर आदि का इस्तेमाल करके विविधता लाने का प्रयास नहीं करने के लिए स्टार्क की जमकर तारीफ की। अक्षर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि अंत में जब स्टार्क के दो ओवर बचे हुए थे तो मुझे भरोसा था कि अगर दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन है तो भी स्टार्क अपनी गति से उन्हें छका सकता है। उन्होंने कहाकि वह यॉर्कर अच्छे डाल रहा था लेकिन उसके पास तेज और धीमा बाउंसर भी है। यही बात चल रही थी कि उसे यॉर्कर ही करने चाहिए। उसने भी यही बोला कि हम क्षेत्ररक्षण के साथ खेलेंगे और मैं उसी के हिसाब से गेंदबाजी करूंगा और यॉर्कर तथा वाइड यॉर्कर डालने की ही कोशिश करूंगा। उसने इस योजना को बखूबी अंजाम दिया। इस फैसले से हो रहा फायदा अक्षर ने कहा कि मौजूदा सत्र में गेंद पर लार के इस्तेमाल की स्वीकृति मिलने से गेंदबाजों को फायदा हो रहा है। उन्होंने कहाकि आईपीएल में अब हम गेंद पर लार का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिस तरह की विकेट हैं, अधिक घास नहीं रहती और लार के इस्तेमाल से आप रिवर्स स्विंग की कोशिश कर सकते हैं, मुझे लगता है कि यह गेंदबाजों के लिए उचित है। अक्षर ने कहाकि विकेट बल्लेबाजी के अनुकूल हैं। मुझे लगता है कि 180-190 रन बन रहे हैं और मजा भी आ रहा है। अब क्रिकेट प्रतिस्पर्धी हो गया है, ऐसा नहीं है कि गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं है। मुझे लगता है कि लार के इस्तेमाल से रिवर्स स्विंग में मदद मिल रही है लेकिन दबाव के समय ऐसा कर पाना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। मोहित को गेंदबाजी देने के फैसले का बचाव मोहित शर्मा को 19वें ओवर में गेंदबाजी देने के फैसले का भी अक्षर ने बचाव किया। अक्षर ने कहाकि जब हम गेंदबाजी करने आये तो मैंने देखा कि हमारे गेंदबाज उतने प्रभावी नहीं लग रहे। धीमी गेंदबाजी भी काफी प्रभावी नहीं हो रही थी। फिर मैंने योजना में बदलाव किया और मोहित को 19वां ओवर देने का फैसला किया क्योंकि वह पिछले दो साल से गुजरात के साथ काम रहे हैं और मुझे पता है कि वह क्या कर सकते हैं। मुकेश (कुमार) की गेंदबाजी काफी अच्छी नहीं रही थी और ऐसे में स्टार्क के दो ओवर बचते (आखिरी तीन में से)। कुलदीप की चोट पर क्या अपडेट फाफ डु प्लेसी चोट के कारण पिछले दो मैच में नहीं खेल पाए हैं जबकि रॉयल्स के खिलाफ कुलदीप यादव को भी हल्की चोट लगी। अक्षर ने कहा कि कुलदीप की चोट को लेकर चिंता नहीं है और उन्होंने उम्मीद जताई कि डुप्लेसी गुजरात टाइटंस के खिलाफ अहमदाबाद में 19 अप्रैल को होने वाले टीम के अगले मैच में उपलब्ध हो सकते हैं। अक्षर ने कहाकि मैं पुरस्कार वितरण समारोह से सीधा यहां आया हूं इसलिए कुलदीप को लेकर अधिक जानकारी नहीं है। मुझे लग रहा है कि अगर कुछ गंभीर होता तो अब तक मुझे इस बारे में जानकारी दे दी जाती। फाफ पिछले दो मैच नहीं खेल पाए हैं। पहले कहा गया था कि वह तीन मैच में नहीं खेल पाएंगे लेकिन शायद वह गुजरात के खिलाफ खेल सकते हैं। उनका रिहैबिलिटेशन हालांकि जारी है और फिजियो ही फैसला करेंगे कि वह गुजरात के खिलाफ खेल पाएंगे या नहीं। कप्तानी का उठा रहा हूं लुत्फ अक्षर ने कहा कि अगर कप्तान के रूप में उनका कोई फैसला टीम के पक्ष में नहीं रहता तो उन्हें इसे स्वीकार करने में कोई समस्या नहीं है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ने कहाकि मैं अपनी कप्तानी का लुत्फ उठा रहा हूं। मैं जो भी फैसला करता हूं उसका लुत्फ उठाता हूं। अगर कोई फैसला टीम के पक्ष में नहीं रहता तो मुझे ऐसा स्वीकार करने में क्या हर्ज है। इसे आप गलती नहीं कह सकते, यह रणनीतिक फैसला होता है। कभी आपका फैसला काम करता है और कभी-कभी ऐसा नहीं होता। आपको अगर श्रेय मिलता है तो आलोचना के लिए भी तैयार रहना चाहिए।   recent visitors 49

देश में बंद हुआ एक और बैंक, जमाकर्ताओं के पैसों का क्या होगा, जानिए RBI ने क्यों रद्द किया लाइसेंस

अहमदाबाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 16 अप्रैल, 2025 को अहमदाबाद स्थित कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक (Colour Merchants Co Operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया। यह निर्णय बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति और कमाई की संभावनाओं की कमी के कारण लिया गया है। आरबीआई ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहा है। जमाकर्ताओं को मिलेगी बीमा सुरक्षा लाइसेंस रद्द होने के बाद, बैंक बुधवार को अपने सभी बैंकिंग कार्य बंद कर देगा। बैंकिंग कारोबार में जमा स्वीकार करना और उसका पुनर्भुगतान शामिल होता है। परिसमापन की प्रक्रिया शुरू होने पर, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि पर अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमा राशि प्राप्त होगी। 98.51% जमाकर्ताओं को पूरी राशि मिलने की उम्मीद आरबीआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैंक के द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, लगभग 98.51% जमाकर्ता DICGC बीमा के अंतर्गत अपनी पूरी जमा राशि पाने के हकदार हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अधिकांश जमाकर्ताओं की रकम बीमा के दायरे में आ जाती है। अब तक 13.94 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका DICGC पहले ही 31 मार्च 2024 तक बैंक के जमाकर्ताओं को ₹13.94 करोड़ का भुगतान कर चुका है। इससे यह स्पष्ट है कि बीमा प्रणाली सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और जमाकर्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। जनहित में लिया गया फैसला आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बैंक की वर्तमान स्थिति उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक है। अगर बैंक को आगे कारोबार जारी रखने की अनुमति दी जाती, तो इससे जनहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इसलिए, बैंकिंग कार्यों को समाप्त करना आवश्यक हो गया था। यह निर्णय भारत के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में नियामक निगरानी की गंभीरता और जमाकर्ताओं की सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। recent visitors 63

गौरेला पेंड्रा मरवाही : बांधामुड़ा गौरेला में भवन खरीदने का सुनहरा अवसर किफायती दर पर भवन उपलब्ध

गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने आम नागरिकों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान किया है। मंडल द्वारा गौरेला के बांधामुड़ा क्षेत्र में विकसित की जा रही सामान्य आवासीय कॉलोनी में एचआईजी (हाई इनकम ग्रुप) एवं एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) वर्ग के लिए भवन खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह योजना विभिन्न आय वर्गों के लोगों को रियायती दर पर पक्के मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाई गई है।          छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल प्रक्षेत्र कोरबा के संपदा अधिकारी ने बताया कि बांधामुड़ा गौरेला में नगर पंचायत कार्यालय गौरेला, रेलवे स्टेशन एवं अनूपपुर रोड के समीप स्व वित्तीय आधार पर नगर पंचायत को हस्तांतरित कालोनी में एचआईजी (हाई इनकम ग्रुप) एवं एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) भवन निर्माण कार्य किया गया है। इच्छुक आवेदक https://cghb.gov.in/ वेबसाइट पर या मंडल कार्यालय में संपर्क कर भवन खरीद सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर +91-96694-52316, +91-99814-35332, +91-77250-67027 या +91-99072-85405 पर संपर्क किया जा सकता है। recent visitors 40

सरला मिश्रा केस की फाइल 28 साल बाद फिर खुलेगी, पुलिस की खात्मा रिपोर्ट खारिज, दिग्विजय सिंह की बढ़ सकती हैं मुश्किलें? जानें मामला

भोपाल मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास के सबसे चर्चित मामलों में से एक कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत का मामला 28 साल बाद फिर से खुलने जा रहा है. 1997 में भोपाल स्थित सरकारी आवास में जलने से उनकी मौत हो गई थी. इस मामले में सरला मिश्रा के भाई ने एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ऐसे में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. भोपाल कोर्ट के आदेश के बाद सरला मिश्रा की मौत का मामला फिर से खुलने जा रहा है.  अनुराग ने कहा, सियासी अदावत में बहन की हत्या हुई। सरला की मौत की जांच पर शुरू से अंगुलियां उठती रही हैं। आरोप लगे कि भोपाल की टीटी नगर पुलिस की हत्या को आत्महत्या बताया। पीएम करने वाले डॉक्टर पर आरोप लगे। अब अनुराग ने कहा, उम्मीद है, अब न्याय मिलेगा। जांच के नाम पर कागजी घोड़े : पुलिस ने 7 मार्च 1997 को बयान लिया। एक अन्य बयान 15 फरवरी 2010 को लिया। जांच के आदेश के कोर्ट ने लिखा- पुलिस ने जांच न कर कागजी घोड़े दौड़ाए। सरला जल रही थी, दरवाजे खुले थे: जांच में कहा गया था, जब साक्षी राजीव दुबे घटनास्थल पर पहुंचे तो सरला जल रही है। मकान के दरवाजे खुले थे। कोर्ट ने लिखा है, यह असंभव है। सरला के भाई ने दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए इस मामले में सरला के भाई ने दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भोपाल का बहुचर्चित कांड सरला मिश्रा सुर्खियों में रहा है। सरला के भाई अनुराग मिश्रा का कहना है कि उनकी बहन सरला मिश्रा 14 फरवरी 1997 को संदिग्ध अवस्था में जली हुई पाई गई थीं। इस मामले में आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया था पुलिस ने उस समय इस मामले में आत्महत्या का मामला दर्ज किया था, जबकि वो मामला हत्या का था। इसी मामले में दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह का नाम भी सामने आया था। ऐसे आरोप थे कि सरला की हत्या राजनीतिक साजिश के तहत की गई थी। जब सरला मिश्रा का 1997 को निधन हुआ था, तब मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे। सरला मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी सरला मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में भोपाल के टीटी नगर थाने की ओर से पेश खात्मा रिपोर्ट को न्यायालय ने नामंजूर कर दिया है। सरला के भाई अनुराग मिश्रा की आपत्तियों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पलक राय ने टीटी नगर पुलिस को मामले की पुन: जांच कर आरोप-पत्र संबंधित न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है। मामला करीब 28 वर्ष पुराना है। 14 फरवरी 1997 को सरला मिश्रा भोपाल के साउथ टीटी नगर स्थित सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई थीं। उन्हें इलाज के लिए पहले हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली ले जाया गया था, जहां 19 फरवरी 1997 को उनकी मौत हो गई। कोर्ट ने कहा- पुलिस जांच में कई गंभीर खामियां भोपाल कोर्ट की न्यायाधीश पलक राय ने अपने आदेश में कहा कि मृतका के मृत्यु पूर्व बयान की मेडिकल पुष्टि नहीं की गई। बयान के समर्थन में जो कागज के टुकड़े मिले, उनकी भी स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। घटनास्थल से कोई फिंगरप्रिंट भी नहीं लिया गया। परिवार ने इसे हत्या बताया था और कुछ नेताओं पर आरोप भी लगाए थे। साल 2000 में पुलिस ने केस की फाइल बंद कर दी थी। खात्मा रिपोर्ट अगले 19 वर्ष तक कोर्ट में पेश नहीं की गई। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पहले खात्मा रिपोर्ट में बयान दर्ज हों और फिर कार्रवाई की जाए। इसके बाद भोपाल कोर्ट में सुनवाई चली और अनुराग के बयान दर्ज हुए। भाई ने कहा- हत्या हुई, पुलिस ने माना सुसाइड अनुराग मिश्रा ने बताया- सरला दीदी मेरी सगी बड़ी बहन थी। हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि उनकी हत्या हुई है। पुलिस ने संदिग्ध स्थिति में जला मानकर 309 में केस दर्ज कर लिया और कहा था कि इन्होंने आत्महत्या की है। हम उसी समय के जांच अधिकारी से कहते रहे कि इसमें हत्या हुई है। हमनें लिखकर दिया फिर भी उसकी जांच नहीं हुई। घटना स्थल पर सबसे पहले मेरे माता-पिता पहुंचे थे। उन्हें घटना वाले मकान से बाहर करके ताला लगा दिया था। पुलिस ने माता-पिता और मेरी एक और सगी बड़ी बहन के बयान नहीं लिए। जलते हुए कोई कैसे फोन कर सकता है? अनुराग कहते हैं दीदी के पड़ोसी राजीव दुबे का बयान था कि सरला का मेरे घर फोन आया था कि मैं जल रही हूं। आप आकर मुझे बचाओ। उसी समय तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के निवास से राजीव दुबे और योगीराज शर्मा को फोन पहुंचता है कि सरला मिश्रा का इलाज कराओ। ये दोनों दो घंटे तक उनको लेकर बैठे रहे। अस्पताल लेकर क्यों नहीं गए? डॉ. योगीराज शर्मा का पुलिस रिकॉर्ड में बयान है कि जब मैं घटना वाले घर पहुंचा तो मकान धुला और पोछा हुआ था। उसकी पुलिस ने जांच क्यों नहीं की। लैंडलाइन फोन की जांच और जब्ती क्यों नहीं की अनुराग मिश्रा ने कहा- बहन के लैंडलाइन की कॉल डिटेल, वह फोन जब्त क्यों नहीं किया? डॉ. सत्पथी ने सारी बातें लिख दीं लेकिन, टेलीफोन का जिक्र ही नहीं किया। पुलिस डायरी में जैसा लिखा कि तत्कालीन एसपी के मौखिक आदेश पर डॉ. सत्पथी घटना की फोरेंसिक जांच के लिए पहुंच गए थे। ये क्यों नहीं बताया कि मौखिक आदेश में क्या कहा गया था। क्या रिपोर्ट बनाना है? बेड पर मिले कागज की जांच क्यों नहीं की भाई का आरोप है कि घटना के बाद हर्ष शर्मा पहुंचे थे उन्होंने अभिमत दिया था कि सरला मिश्रा के बेड पर एक कागज मिला था। उसकी राइटिंग की जांच इसलिए नहीं की क्योंकि मृत्यु पूर्व बयानों में हस्ताक्षर अलग हो जाते। इसलिए पुलिस ने उनके अभिमत को भी नहीं माना। उस समय विधानसभा सत्र में भाजपा के विधायकों ने इस मामले को उठाया था और सीबीआई जांच की मांग की। उसके बाद हम हाईकोर्ट भी गए। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर में एक रिट याचिका … Read more