जोश हेजलवुड ने कर दी अपनी ही टीम RCB की खटिया खड़ी, बोले- हमने हारकर भी सबक नहीं लिया

बेंगलुरू रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा कि बेंगलुरू का विकेट चिन्नास्वामी के आम विकेट की तरह नहीं था। जोश हेजलवुड ने ये भी दावा किया कि उनके बल्लेबाजों का पिछले मैचों से सबक नहीं लेने के कारण उन्हें अपने घरेलू मैदान पर लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। आरसीबी को शुक्रवार को बारिश से प्रभावित मैच में पंजाब किंग्स से पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले आरसीबी अपने घरेलू मैदान पर गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स से भी हार गई थी। जोश हेजलवुड ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह चिन्नास्वामी के आम विकेट की तरह नहीं है। निश्चित तौर पर इसमें हमेशा उछाल रहती है, लेकिन अब इसमें कम विविधता देखने को मिल रही है।’’ इससे पहले आरसीबी के मेंटर (मार्गदर्शक) दिनेश कार्तिक भी यहां की पिच की आलोचना कर चुके हैं। हेजलवुड ने कहा, ‘‘यह हमारी घरेलू मैदान पर लगातार तीसरी हार है। शायद ऐसा इसलिए हुआ कि हमने पिछले दो मैच से जल्दी सबक नहीं सीखा और हमने जितना हो सकता था उतना अभ्यास भी नहीं किया। हम शुरुआती ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाए।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘पिछले दो मैच में हमारी गेंदबाजी पहले से बेहतर रही, लेकिन हम इतनी जल्दी सुधार नहीं कर पाए जितना हमें करना चाहिए था।’’ पंजाब किंग्स के स्पिनर हरप्रीत बराड़ ने मध्यक्रम के बल्लेबाज नेहल वढेरा की छोटे से लक्ष्य के सामने संयम के साथ बल्लेबाजी करने के लिए सराहना की। वढेरा ने 19 गेंदों में नाबाद 33 रन की पारी खेली। बराड़ ने कहा, ‘‘नेहल बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं। वह पिछले 2-3 साल से आईपीएल में खेल रहे हैं। वह घरेलू स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हाल ही में, जब हमने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीती, तो उन्होंने नॉकआउट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। एक सीनियर के रूप में, मुझे बहुत गर्व महसूस होता है।’’ recent visitors 29

माध्यमिक शिक्षा मंडल का रिजल्ट मई के पहले सप्ताह में ही जारी होने की संभावना

 इंदौर  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE Result 2025) की बोर्ड परीक्षाओं के बाद मूल्यांकन कार्य 90 फीसदी पूरा हो चुका है। 21 अप्रैल को बची हुई 20 हजार कॉपियां भी जांच ली जाएंगी। बता दें कि इस बार मूल्यांकन केंद्र मालव कन्या उमावि में 10वीं और 12वीं की कुल तीन लाख चार हजार 511 कॉपियां जांच के लिए अन्य जिलों से आई थीं। 84 हजार कॉपियां जांची जा चुकी हैं इसमें शुक्रवार तक दो लाख 84 हजार एक कॉपियां जांची जा चुकी हैं। इस बार मूल्यांकन कार्य 25 अप्रैल तक पूरा किया जाना था, जिसे चार दिन पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। इस बार परीक्षा मूल्यांकन कार्य 13 मार्च से शुरू हुआ था। इन विषयों की कॉपियां हो गईं चेक मूल्यांकन केंद्र प्रभारी बबीता हयारण ने बताया कि इस बार 10वीं में कुल एक लाख 78 हजार 721 कॉपियां जांच के लिए आई थीं। इनमें से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, आईटी, प्रायवेट सिक्यूरिटी, ब्यूटी एंड वेलनेस और ऑटोमेटिव विषय की सभी कॉपियां जांची जा चुकी हैं। 12वीं की एक लाख से ज्यादा कॉपियां आईं थी अब विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान विषय की कुल 18 हजार 900 कॉपियां जांची जाना शेष हैं। इसी तरह 12वीं में कुल एक लाख 25 हजार 790 कॉपियां जांच के लिए आई थीं। इसमें से अकाउंट, आईपी और क्राप प्रोडक्शन की एक हजार 610 कॉपियां जांची जाना शेष हैं। पूरा मूल्यांकन कार्य तय समय से चार दिन पहले यानी 21 अप्रैल को पूरा कर लिया जाएगा। शुक्रवार को कुल नौ हजार 435 कॉपियां जांची गई हैं। वरिष्ठ अफसरों ने बताया कि अधिकांश जिलों में कार्य पूरा होने को है। संभावना है कि मई के पहले सप्ताह में परिणाम घोषित हो जाएंगे। recent visitors 21

छत्तीसगढ़ का कोर नक्सली इलाका आतंक से मुक्त…आखिरी नक्सलियों ने किया सरेंडर

 सुकमा सरकार और जवानों को एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले का कोर नक्सली इलाका बड़ेसट्टी गांव अब नक्सल मुक्त हो गया है। आखिरी 11 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण कर लिया है। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से वादा किया था कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद खत्म कर देंगे। 11 नक्सलियों किया सरेंडर बड़ेसट्टी गांव के सक्रिय अंतिम 11 नक्सलियों ने सरकार के सामने हथियार डाल दिए हैं। वहीं इस जिले में 22 नक्सलियों ने भी सरेंडर किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बल के जवानों और छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी है। गृह मंत्री ने छिपे हुए नक्सलियों से अपील की कि वे मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के लिए संकल्पित हैं। यथाशीघ्र हथियार डालें नक्सली – गृहमंत्री अमित शाह केन्द्रीय गृह मंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट में कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में विभिन्न ऑपरेशन्स में कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि सुकमा में 33 नक्सलियों ने सरेंडर कर मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति पर विश्वास जताया है। ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025’ के अंतर्गत ‘नक्सली इलवद पंचायत योजना’ के तहत ग्राम पंचायत बड़ेसट्टी के कुल 11 सक्रिय माओवादियों ने शुक्रवार को सामूहिक सरेंडर किया, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में तीन पुरुष और एक महिला नक्सली पर दो-दो लाख रुपये तथा एक पुरुष नक्सली पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह इस गांव से कुल 8 लाख 50 हजार रुपये का इनामी नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। अमित शाह ने सभी छिपे हुए नक्सलियों से की सरेंडर की अपील भाषा के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी अंडरग्राउंड नक्सलियों से जल्द सरेंडर करने और मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार 31 मार्च 2026 से पहले देश को नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। अमित शाह ने कहा कि कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य के बीजापुर जिले में संचालित विभिन्न अभियानों में आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ 22 कुख्यात नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि सुकमा के बड़ेसट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिससे यह पंचायत पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो गई है। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा, ‘‘छिपे हुए नक्सलियों से मेरी अपील है कि मोदी सरकार की सरेंडर नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। 31 मार्च 2026 से पहले हम देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के लिए संकल्पित हैं।’’ गृहमंत्री ने मध्य प्रदेश के नीमच में सीआरपीएफ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद अब भारत के सिर्फ चार जिलों तक सीमित रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 31 मार्च 2026 तक देश से यह समस्या समाप्त हो जाएगी। सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) और सीआरपीएफ, विशेषकर इसकी कोबरा बटालियन देश से नक्सलवाद को खत्म करने में प्रमुख भूमिका निभा रही है। नक्सलियों ने भी जारी किया लेटर नक्सलियों के उत्तर पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रूपेश के नाम से ये पत्र जारी हुआ है। नक्सल नेता ने शांति वार्ता को लेकर कहा है कि, मेरे पहले बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का धन्यवाद। मेरी सुरक्षा गारंटी देते हुए मेरे इस कोशिश को आगे बढ़ाने की अनुमति देने के लिए भी धन्यवाद। आगे लिखा है कि, वार्ता के लिए हमारी तरफ़ से प्रतिनिधित्व के लिए नेतृत्वकारी कामरेडों से मिलना जरूरी है। इसलिए सरकार से मेरी अपील है कि, एक महीने तक सशस्त्र बलों के ऑपरेशन पर रोक लगाई जाए। नई ग्रुप सरेंडर पॉलिसी नई ग्रुप सरेंडर पॉलिसी के तहत नक्सली संगठन की किसी फॉर्मेशन इकाई के यदि 80 प्रतिशत या उससे अधिक सक्रिय सदस्य सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा। सरकार ने कहा है कि उनपर जारी इनाम डबल करके उन्हें दिया जाएगा। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सक्रिय समस्त नक्सली व मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण करते हैं, और ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया जाता है, तो वहां 1 करोड़ रूपए के विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। 120 दिन में बदलेगी नक्सलियों की लाइफ जंगलों में फोर्स से छुपकर उनपर हमला करने वाले या एनकाउंटर में मारे जाने वाले नक्सलियों का जीवन 120 दिन में सरकार बदलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति 2025 में इसका बंदोबस्त किया है। नई नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को ट्रांजिट कैंप या पुनर्वास केंद्र में रखा जाएगा। यहां उन्हें उनकी रुचि के अनुसार किसी न किसी हुनर में प्रशिक्षित किया जाएगा। पढ़ाया भी जाएगा। 3 साल तक हर महीने मानदेय इतना ही नहीं, तीन साल तक हर महीने 10,000 रुपए मानदेय भी दिया जाएगा। आवास के लिए शहरी इलाके में प्लाट, ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि, स्वरोजगार और व्यवसाय से जुड़ने की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। नक्सलियों के पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया 120 दिनों के भीतर पूरी करने का नियम तय किया गया है, ताकि नक्सली जल्द से जल्द समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। recent visitors 43

अफगानिस्तान बॉर्डर पर था केंद्र, दिल्ली-एनसीआर में भूकंप से फिर हिली धरती

नई दिल्ली अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में शनिवार दोपहर आए 5.8 तीव्रता के भूकंप से उत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए। कश्मीर घाटी और दिल्ली-एनसीआर में भी दोपहर करीब 12:17 बजे कंपन दर्ज किया गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन से 86 किलोमीटर नीचे थी और इसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में स्थित था। यह इलाका पहले से ही भूकंपीय गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। कश्मीर घाटी में झटकों के बाद लोग अपने-अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। एक वायरल वीडियो में देखा गया कि श्रीनगर में एक इमारत से लोग तेजी से बाहर भागते नजर आए। इसी तरह दिल्ली-एनसीआर में भी कई लोगों ने कंपन महसूस होने की पुष्टि की और सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। कोई जान-माल का नुकसान नहीं अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव टीमों को सतर्क कर दिया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस गहराई पर आए भूकंप से व्यापक क्षति की संभावना कम होती है। इस इलाके में क्यों आते हैं भूकंप? अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र यूरेशियन और इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट्स के टकराव की वजह से भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय है। यहां नियमित अंतराल पर भूकंप आते रहते हैं। हाल के वर्षों में भी इस क्षेत्र में कई बार तीव्र झटके दर्ज किए जा चुके हैं। recent visitors 46

अगर कल सरकार न्यायपालिका में दखल देती है तो अच्छा नहीं होगा, शक्तियों का बंटवारा अच्छी तरह से परिभाषित :मंत्री रिजिजू

नई दिल्ली वक्फ संशोधन कानून और पॉकेट वीटो मामले को लेकर छिड़ी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि अगर कानून बनाना सुप्रीम कोर्ट का ही काम रह गया है, तो फिर संसद भवन को बंद कर देना चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर एक पोस्ट में यह बयान दिया. क्या बोले निशिकांत दुबे? झारखंड की गोड्डा सीट से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा, 'कानून यदि सुप्रीम कोर्ट ही बनाएगा तो संसद भवन बंद कर देना चाहिए.' इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून पर सुनवाई से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि मुझे पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट विधायी मामले में दखल नहीं देगा. हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए. अगर कल सरकार न्यायपालिका में दखल देती है तो अच्छा नहीं होगा. शक्तियों का बंटवारा अच्छी तरह से परिभाषित है. केंद्रीय मंत्री न्यायपालिका और कार्यपालिका की शक्तियों की याद दिलाते है, तो वक्फ पर बनी जेपीसी के अध्यक्ष रहे जगदंबिका पाल सुप्रीम सुनवाई के अंतरिम आदेश से पहले ही वक्फ कानून पर अपना फैसला सुनाते हुए बड़ा ऐलान करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कानून में एक भी गलती निकली, तो वे अपने सांसदी पद से इस्तीफा दे देंगे. सुप्रीम कोर्ट में वक्फ मामले पर सुनवाई बता दें कि 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से अपील की गई कि वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं के मामले में अतंरिम आदेश जारी करने से पहले उनकी दलील सुनी जाएं. कोर्ट ने केंद्र सरकार की अपील को सुनते हुए अतंरिम आदेश पारित नहीं किया. 17 अप्रैल को सुनवाई के दौरान एक बार फिर वक्फ कानून के अतंरिम आदेश से पहले विवाद के मुद्दों पर विस्तार से सुनवाई की दलील पेश की गई. जवाब देने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगी गई और एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने अतंरिम आदेश की तारीख आगे बढ़ा दी, लेकिन वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की एंट्री और 'वक्फ बाय यूजर' संपत्तियों में किसी तरह के बदलाव पर केंद्र का जवाब आने तक रोक लगा दी. पॉकेट वीटो मामले पर आमने-सामने केंद्र और कोर्ट दूसरी ओर तमिलनाडु विधानसभा से पारित 10 विधेयकों को वर्षों से राज्यपाल आरएन रवि की मंजूरी ना मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते बड़ा फैसला सुनाया था. उसके बाद अब केंद्र सरकार इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर कर सकती है. केंद्र सरकार का मानना है कि समय-सीमा तय कर देने से संवैधानिक अराजकता बढ़ेगी. तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि के रोके हुए 10 बिलों को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. अब इस मामले में केंद्र सरकार राष्ट्रपति और राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र यानी अघोषित 'पॉकेट वीटो' (Pocket Veto) के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रही है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा? इस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा विचार के लिए प्रेषित विधेयकों पर विचार करने का संदर्भ मिलने की तिथि से तीन महीने के भीतर निर्णय लेना चाहिए. कोर्ट ने अपने निर्णय में यह भी स्पष्ट लिखा कि राज्यपाल के पास 'पॉकेट वीटो' यानी किसी भी फाइल को अनिश्चित काल तक अपने पास लंबित रखने का अधिकार नहीं है. इस टिप्पणी से असहमत केंद्र सरकार का मानना है कि इससे राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका सीमित हो जाती है.   recent visitors 21

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्व. शिवम गोस्वामी को दी श्रद्धांजलि, परिजन को बंधाया ढांढस

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल दतिया के गंज राजगढ़ मार्ग में दिवंगत युवा संगीतकार शिवम गोस्वामी के निवास पहुँचे। उन्होंने सड़क दुर्घटना में असमय निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल दुर्घटना में घायल आदित्य तिवारी के निवास भी पहुँचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।   recent visitors 28

दिल्ली कैपिटल्स की पारी का हुआ आगाज, अभिषेक-नायर की जोड़ी क्रीज पर

नई दिल्ली गुजरात टाइटंस वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2025 का 35वां मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग चुनी है। जीटी की प्लेइंग XI में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वहीं अक्षर पटेल की अगुवाई वाली दिल्ली कैपिटल्स में एक चेंज हुआ है। सलामी बल्लेबाज जेक फ्रेजर-मैक्गर्क को खराब फॉर्म के चलते बाहर किया गया है। अभिषेक पोरेल की प्लेइंग XI में एंट्री हुई है। दिल्ली का इंपैक्ट प्लेयर कौन होगा ये देखने वाली बात होगी।। IPL 2025 पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर मौजूद दिल्ली की टीम इस मैच को जीतकर प्लेऑफ की ओर एक और कदम बढ़ाना चाहेगी। वहीं दूसरी ओर गुजरात टाइटंस जो पॉइंट्स टेबल में फिलहाल तीसरे पायदान पर है, उनकी नजरे आज के मैच को जीतकर टेबल टॉपर बनने पर होगी। recent visitors 42