Friday, July 10, 2026 4:42 am

उमर अब्दुल्ला आतंकियों से मिले , राहुल गांधी और उनके जीजाजी भी सोच-समझकर बात करें: लक्ष्मण सिंह

राघौगढ़  पहलगाम हमले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही पार्टी पर करारा हमला किया है। आतंकी हमले से आहत लक्ष्मण सिंह ने गृह नगर राघौगढ़ में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से निकाले गए कैंडल मार्च के बाद किला तिराहे पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आतंकवादियों से मिले हुए हैं। आतंकी हमले से आहत लक्ष्मण सिंह ने गृह नगर राघौगढ़ में कैंडल मार्च के बाद श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगा डाला कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आतंकवादियों से मिले हुए हैं. उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस को नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार से तुरंत समर्थन वापस लेना चाहिए और इस बारे में वह कांग्रेस आलाकमान को लैटर तक लिखेंगे. उन्‍होंने राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा को नादान करार देते हुए कहा कि पार्टी को मुझे निकालना है तो निकाल दे. दरअसल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से निकाले गए कैंडल मार्च के बाद किला तिराहे पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लक्ष्‍मण सिंह ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आतंकवादियों से मिले हुए हैं. कांग्रेस को तत्काल नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए. इस संबंध में लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखने की बात भी कही है. लक्ष्मण सिंह यहीं नहीं रुके. उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि राहुल जी के जीजा जी रॉबर्ट वाड्रा कहते हैं कि मुसलमानों को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देते, इसलिए आतंकवादियों ने हमला किया है. लक्ष्मण सिंह ने वाड्रा और राहुल गांधी को सोच-समझकर बात करने की नसीहत देते हुए कहा कि इन्हीं की नादनियों की वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं. लक्ष्मण सिंह ने अपनी बात रखते हुए पुरजोर तरीके से कहा कि वह यह सभी बातें कैमरे पर कह रहे हैं. मेरे लिए देश पहले है. अगर पार्टी को मुझे निकालना है तो निकाल दे. कांग्रेस के नेता 10 बार सोच-समझकर बोलें, नहीं तो चुनाव में उन्हें परिणाम भुगतना पड़ेगा. लक्ष्मण सिंह ने पहलगाम हमले में उमर अब्दुल्ला की भूमिका को संदिग्ध बताया है. उनके मुताबिक केंद्र शासित प्रदेश होने की वजह से मुख्यमंत्री को ही तय करना होता है कि कहां पुलिस तैनात होगी और कहां सेना की तैनाती की जाएगी, लेकिन पहलगाम में जहां हुआ है वहां पुलिस और सेना दोनों ही नहीं थे. उमर अब्दुल्ला आतंकियों का साथ क्यों दे रहे हैं? इस पर बात करते हुए लक्ष्मण सिंह ने कि आतंक प्रभावित राज्यों का ऑडिट नहीं होता है. वहां की सरकारें नरसंहार करने वालों का सहारा ले रही हैं. इसलिए जम्मू-कश्मीर के नेता खरबपति हो चुके हैं. उमर अब्दुल्ला का बयान भी निदंनीय है. उन्होंने कहा था कि टूरिस्ट हवाई जहाज से आए थे और ताबूत में जा रहे हैं. recent visitors 26

हिंदुओं को पहलगाम घटना से सबक लेना चाहिए, अपने पूर्वजों जैसा पराक्रम दिखाने के लिए तैयार रहना चाहिए: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

 सिवनी पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि पहलगाम की घटना सामान्य नहीं है. हमारे देश के बड़े-बड़े नेता समय-समय पर कहते रहे हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. इस घटना ने सिद्ध कर दिया कि आतंकवाद का धर्म होता है. नेताओं को अब यह बात कहने से पहले सोचना चाहिए. आतंकियों ने लोगों का धर्म पूछकर और एक विशेष धर्म के लोगों को निशाना बनाकर उन्हें मारा. मध्य प्रदेश के सिवनी में शंकराचार्य ने पहलगाम में 26 पर्यटकों की मौत पर कहा, ''यह काम राक्षसों के अलावा कोई नहीं कर सकता. इसलिए आतंकवादियों को 'राक्षस' कहना शुरू करना चाहिए.'' स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगे कहा, ''हिंदुओं को इस घटना से सबक लेना चाहिए और अपने पूर्वजों जैसा पराक्रम दिखाने के लिए तैयार रहना चाहिए. हिंदुओं को इस घटना से सीखने की जरूरत है. हिंदुओं को चुनौती दी जा रही है. अपनी पहचान को समझें और अपने पूर्वजों के पराक्रम को फिर से प्रकट करने के लिए तैयार हों. कब तक धर्म बताकर गोलियां खाते रहेंगे?'' शंकराचार्य ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा, ''जिन लोगों ने दावा किया कि कश्मीर में सब ठीक हो गया है, धारा 370 हट गई है, और स्वर्ग की वादियों का आनंद लें, उनके आश्वासनों पर भरोसा कर लोग वहां गए. सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए कि उनकी चूक कहां हुई. घटना के बाद प्रशासन अपनी वीरता का ढोल पीटता है, लेकिन घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था कहां थी?'' कलमा नहीं पढ़ने वालों से धर्म पूछकर मारी गोली ज्योतिर्लिंग केदारनाथ एवं बद्रीनाथ के कपाट खुलवाने जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती(Shankaracharya Avimukteshwarananda) ने आगे कहा कि पहलगाम(Pahalgam Attack) में कलमा नहीं पढ़ने वालों से धर्म पूछकर गोली मारी गई। इस घटना के बाद तीन शब्द कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत दोहराए जा रहे हैं। कश्मीरी गाइड ने अपनी जान देकर कश्मीरियत को तो सिद्ध कर दिया। जम्हूरियत कहां है वो तो मर गई। आपनेे रक्षा करने का भाषण दिया था, कि हमने धारा 370 हटाकर अमन-चैन कायम कर दिया है। कश्मीर बदल चुका है। हमने ऐसी व्यवस्था बना दी है। जिन लोगों ने यहां आराम से आने के लिए कहा था इतनी बड़ी घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा। कोई भी तैयार नहीं है। दुर्भाग्य पूर्ण घटना पुलवामा में मरने वाले सैनिकों की जिम्मेदारी भी आज तक तय नहीं हो पाई है। इतनी सुरक्षा व्यवस्था होने के बाद भी लोगों को मार दिया गया। आपदा में अवसर खोजने की कोशिश कहां तक उचित है। इसलिए हमारा ये कहना है कि ये बहुत बुरी दुर्भाग्य पूर्ण घटना है। जो दिख रहा है उसे देखने के बाद विचार करने के लिए भी मजबूर होना पड़ रहा है। जो भी दोषी हों उनके विरुद्ध कार्रवाई होना चाहिए। लेकिन जिम्मेदार कौन हैं उसकी भी पहचान होना चाहिए। राष्ट्र में रहने वाले लोगों का हित सनातन धर्म में है। अब सनातन धर्म के लोगों को अपने लिए एक नया रास्ता खोजना होगा। मेरे हिसाब से सनातनी विचारधारा की राजनीति की इस देश में आवश्यकता है। आंदोलन के बाद भी कोई कानून नहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हमारे लंबे समय से गो माता की रक्षा के लिए आंदोलन चलाने के बाद भी अभी तक कोई कानून नहीं बन सका है। कहते सब हैं लेकिन गो माता के लिए कोई कुछ नहीं करता है। पिछले 78 साल से यही चल रहा है। 78 साल से देश के बहुसंख्यक हिंदु समाज को भ्रम में डालकर राज करते चले आ रहे हैं, वैसा ही आप आगे भी करेंगे ऐसा अनुमान है। अब हिंदू समाज के सामने ये साफ हो चुका है कि कोई भी पार्टी गाय के मुद्दे पर साथ नहीं है। हिंदू समाज को भ्रम में डालकर राज करते आ रहे हैं। अब हमने तय किया है कि हिंदू समाज को ही गो भक्तों के रूप में सामनेे आना होगा। तीन संकल्प हमने (Shankaracharya Avimukteshwarananda) बैठक करके तीन संकल्प लिए हैं। हमें अपने वोटिंग का पैटर्न बदलना होगा, अभी तक आशा में वोट देते आ रहे हैं। पार्टियां आने के बाद गाय के लिए किसी ने काम नहीं किया। 33 करोड़ हिंदू ये संकल्प ले कि वे गाय के लिए वोट देंगे। इसके लिए हमने देश भर में 3 लाख रामाधाम बनाने का निर्णय लिया गया है। रामा शुद्ध देसी गाय का इसमें संरक्षण होगा। एक रामाधाम में 100 गाय रहेंगी। पहले चरण में देश के सभी 4123 विधानसभा में इसकी शुरूआत करेंगे।   recent visitors 18

इंदौर : छप्पन दुकान में सूअर और पाकिस्तानी नागरिकों का प्रवेश वर्जित

इंदौर  मंगलवार को पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद जब पूरा देश शोक में डूबा हुआ था, तब इंदौर में एक फूड स्टॉल के बाहर लगे साइनबोर्ड ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, जिस पर लिखा था, "छप्पन दुकान में सुअरों और पाकिस्तानी नागरिकों का प्रवेश वर्जित है।" इंदौर की मशहूर फूड स्ट्रीट छप्पन दुकान पर पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर की एक नकली तस्वीर छपी है, जिस पर सुअर का चेहरा है। यह पोस्टर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है और लोग सेल्फी लेने के लिए उमड़ रहे हैं। 'हम प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा कर रहे हैं…' पोस्टर के पीछे की मंशा को स्पष्ट करते हुए छप्पन दुकान एसोसिएशन की अध्यक्ष गुंजन शर्मा ने कहा कि उन्होंने (पाकिस्तान ने) भारतीयों को उनकी आस्था के लिए निशाना बनाया है, इसलिए यह उनके खड़े होने और न्याय की मांग करने का तरीका है। शर्मा ने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं।" कड़े विरोध प्रदर्शन में, फूड स्ट्रीट के विक्रेताओं और कर्मचारियों ने भी काली पट्टियां बांधकर हमले में मारे गए पीड़ितों के प्रति एकजुटता और शोक व्यक्त किया। स्थानीय अधिवक्ता लोकेश मंगल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में घोषणा की कि हमले से जुड़े किसी भी आतंकवादी को मार गिराने वाले किसी भी भारतीय को, चाहे वह सैनिक हो या नागरिक, एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। 100 आतंकवादियों के लिए 100 करोड़ रुपये! मंगल ने कहा कि अगर 100 आतंकवादी मारे गए तो वह 100 करोड़ रुपए देगा। मंगल ने कहा, "हम सुरक्षा के लिए टैक्स देते हैं। क्यों न उसमें से कुछ अपनी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाए?" उन्होंने चुनौती के तहत राष्ट्र की रक्षा में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को मुफ्त कानूनी सहायता देने का भी वादा किया। 22 अप्रैल 2025 को हुए कायराना आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए। recent visitors 25

भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द किए, रतलाम से भी 33 पाकिस्तानियों को छोड़ना होगा भारत

रतलाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाक परस्त आतंकी हमले में देश के विभिन्न राज्यों के 26 पर्यटकों की मौत के बाद केंद्र सरकार की ओर से जो कदम उठाए गए हैं, उनमें से एक के तहत रतलाम रेंज के तीन जिलों में 33 पाकिस्तानियों को देश छोड़ना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस आशय का निर्णय बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में किया था। इसके साथ ही कई अन्य निर्णय भी केंद्र सरकार ने लिए हैं।  वीजा और पाकिस्तानियों की बात है तो रतलाम, मंदसौर और नीमच में इस समय 33 पाकिस्तानी दो तरह के वीजा पर आए हुए हैं। पुलिस विभागीय सूत्रों के अनुसार खूफिया तंत्र और पुलिस रिकॉर्ड ने जब ऐसे पाकिस्तानियों की जानकारी जुटाई तो यह तथ्य सामने आए कि तीनों ही जिलों में इस समय 33 पाकिस्तान एलटीवीपी और विजिट वीजा पर आए हुए हैं। स्पष्ट गाइड लाइन नहीं पाकिस्तानियों पर फिलहाल क्या कार्रवाई की जाना है या इन्हें डिपोर्ट करना है इसे लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट गाइड लाइन न होने से पुलिस के सामने असमंजस की स्थिति है। पुलिस अफसर भी निरंतर वरिष्ठ कार्यालय से संपर्क कर रहे हैं कि आगे किस तरह की कार्रवाई करें। केंद्र ने पाकिस्तानियों को तत्काल प्रभाव से देश छोड़ने का जो आदेश दिया है, वह अभी निचले स्तर पर नहीं पहुंचा है। स्थानीय पुलिस ने अपने स्तर पर पूर्व तैयारी कर 33 पाकिस्तानियों की जानकारी जुटाई है, ताकि उपर से आदेश आते ही इस पर तत्काल अमल किया जा सके। विजिट वीजा पर भारत आने के बाद रतलाम, मंदसौर और नीमच जिले में रहने वाले आठ लोग इसी माह जाने वाले हैं। इनमें विजिट वीजा की अवधि खत्म होने पर रतलाम से छह जने इसी माह और मंदसौर से तीन लोग तुरंत रवाना हो रहे हैं।हेब की मूर्ति स्थापित की जाएगी। LTVP और विजिट वीजा पर 33 पाकिस्तानी रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में इस समय कुल 33 पाकिस्तानी नागरिक एलटीवीपी (लॉन्ग टर्म विजिट पास) और विजिट वीजा पर रह रहे हैं। एलटीवीपी वीजा धारकों में रतलाम से 13 महिलाएं और 1 बच्चा, मंदसौर से 4 पुरुष और 6 महिलाएं, तथा नीमच से 1 महिला शामिल हैं। कुल मिलाकर एलटीवीपी वीजा पर 4 पुरुष, 20 महिलाएं और 1 बच्चा हैं। वहीं विजिट वीजा पर रतलाम से 2 पुरुष और 3 महिलाएं, मंदसौर से 1 पुरुष, 1 महिला और 1 बच्चा शामिल हैं। विजिट वीजा धारकों की कुल संख्या 3 पुरुष, 4 महिलाएं और 1 बच्चा है। डीआईजी रतलाम रेंज मनोज कुमार सिंह के अनुसार, अभी तक जो जानकारी आई है उसके अनुसार केंद्र सरकार ने केवल सार्क वीजा रद्द किया है, नार्मल वीजा को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। कई तरह के वीजा इस समय रतलाम रेंज में एलटीवीपी वीजा और विजिट वीजा वालों की जानकारी सामने आई है। एलटीवीपी वीजा लांग टर्म विजिट पास होता है जबकि विजिट वीजा घुमने-फिरने या देश में विजिट करने के हिसाब से मिलता है। सार्क वीजा में सार्क संगठन के देशों के नागारिकों के लिए वीजा होता है। इस मामले में रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि जिले में सार्क वीजा वाला कोई भी व्यक्ति नहीं है। एलटीवीपी और विजिट वीजा वाले जरूर रह रहे हैं। recent visitors 16

मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर

नरवाई जलाई तो नहीं मिलेगा सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ, एमएसपी पर फसल उपार्जन भी नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वायु एवं मृदा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार का निर्णय एक मई से होगा लागू मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का हुआ निराकरण मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में समय-समय पर राजस्व महाभियान चलाकर अधिकाधिक मामलों के निराकरण के दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में वृद्धि होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बेहद नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। इसके निदान के लिये राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने को प्रतिबंधित कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके बाद भी यदि कोई किसान अपने खेत में नरवाई जलाता है तो उसे मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा। वे समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राजस्व विभाग की समीक्षा में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू होगा। शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए चलाएं अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों, तालाबों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी जल संग्रहण स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राजस्व अधिकारी अपनी महती भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी अमृत सरोवर, तालाब, बांध, नहर एवं अन्य जल संरचनाओं को राजस्व अभिलेखों में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए और अभियान में नहर, कुए और बावड़ियों जैसी जल संरचनाओं को पूर्णत: अतिक्रमण मुक्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नामांतरण और बंटवारा जैसे राजस्व से जुड़े कार्यों का तय समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन के प्रकरण प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करें। नामांतरण, बँटवारा आदि मामलों का निराकरण समय सीमा में निरंतर होता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। साइबर तहसील परियोजना से मिल रहा बड़ा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजस्व सहित सभी विभाग डिजिटाइजेशन की दिशा में अग्रसर है। इसका सीधा लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है, उन्हें अब जरूरी कार्यों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता है। मध्यप्रदेश की साइबर तहसील परियोजना इसी दिशा में किया गया एक नवाचार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने "प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार" देकर इसकी सराहना की है। उन्होंने बताया कि साइबर तहसील के सकारात्मक परिणाम मिले हैं और किसानों सहित सभी नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। साइबर तहसील 1.0 में अब तक 1 लाख 56 हजार 700 से अधिक और साइबर तहसील 2.0 में अब तक 1 लाख 19 हजार से अधिक प्रकरण निराकृत किए जा चुके हैं। साइबर तहसील 3.0 में भी 26 जनवरी 2025 तक नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा, तरमीम और सीमांकन के 7 लाख प्रकऱण दर्ज हुए हैं। पहले 2 चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा संशोधन जैसे राजस्वगत कार्यों की पेंडेंसी जल्द से जल्द खत्म की जाए। राजस्व महा अभियान को मिला बेहतर रिस्पांस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाए गए तीन राजस्व महा अभियानों को बेहतर रिस्पांस मिला है। उन्होंने बताया कि गत 15 नवम्बर से 26 जनवरी 25 तक चले राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण दर्ज किया गया है। इसके बेहतर परिणामों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को राजस्व महा अभियान वर्ष में दो बार संचालित किए जाने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राजस्व महाअभियान की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ जैसे अन्य राज्यों ने भी इसे लागू किया है। यह हमारे लिये गौरव की बात है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत 88 प्रतिशत संपत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरण कार्य पूरा बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग के नवाचारी प्रयासों के तहत तैयार की गई स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। बताया गया कि स्वामित्व योजना में प्रदेश में ग्रामीण आबादी में निजी लक्षित सम्पत्तियों की संख्या लगभग 45.60 लाख है। इनमें से लगभग 39.63 लाख निजी सम्पत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरित कर दिया गया है, योजना का 88 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जून 2025 तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष कैंप एवं स्थानीय युवाओं का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 80 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं, यह कार्य भी जून 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। 85 लाख किसानों को मिल रहा है सम्मान निधि का लाभ राज्य सरकार ने फरवरी 2019 के बाद नए भू-धारकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है। इस योजना में केंद्र सरकार हर वर्ष पात्र किसानों को 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करती है। मार्च 2025 तक प्रदेश के 85 लाख से अधिक हितग्राहियों को 28 हजार 800 करोड़ रुपए राशि वितरित की जा चुकी है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से भी पात्र मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को 6 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष 2020 से लागू इस योजना में अब तक प्रदेश … Read more

मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 13 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया

भोपाल ध्यप्रदेश में 26 अप्रैल से बारिश का दौर शुरू होगा, जो 3 दिन तक चल सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और ट्रफ की वजह से मौसम बदलेगा। हालांकि, प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज गर्मी रहेगी और लू भी चलेगी। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। इनमें रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन-जबलपुर समेत अन्य शहरों में तेज गर्मी रहेगी। बारिश और तेज गर्मी का दौर रहेगा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले चार दिन तक प्रदेश में कहीं तेज लू का असर रहेगा तो कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके बाद पूरे प्रदेश में गर्मी का असर रहेगा। भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में 40 डिग्री के पार प्रदेश में गुरुवार को तेज गर्मी रही। भोपाल समेत कई शहरों में दिन इतने गर्म रहे कि सड़कों का डामर तक पिघल गया। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे ज्यादा गर्मी वाले टॉप-2 शहर रहे। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी को छोड़ दें तो सभी शहरों में पारा 40 डिग्री से अधिक ही रहा। पचमढ़ी में तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उज्जैन में 41.6 डिग्री, भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर और जबलपुर में 40.8 डिग्री रहा। recent visitors 19

जालसाज निलंबित पटवारी गिरफ्तार, दो साल से पुलिस को चकमा दे रहा था आरोप,अन्य आरोपियों की तलाश जारी

जालसाज निलंबित पटवारी गिरफ्तार, दो साल से पुलिस को चकमा दे रहा था आरोप,अन्य आरोपियों की तलाश जारी अब उप पंजीयक पर कार्रवाई की लटकी तलवार सिंगरौली  संजय नेशनल पार्क बगदरा के प्रतिबंधित गांव झपरहवा के 30 एकड़ भूमि के फर्जी रूप से विक्रय कराना जालसाज पटवारी को भारी पड़ गया। करीब दो साल से पुलिस को चकमा दे रहे निलंबित पटवारी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वही अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इधर अब सिंगरौली के उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार पर भी आगे कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। उप पंजीयक पर आरोप है कि इन्होंने कलेक्टर के निर्देश का अवहेलना किया है। गौरतलब है कि गढ़वा थाना क्षेत्र के खटाई निवासी फरियादी संजय कुमार जायसवाल ने झपरहवा गांव में 30 एकड़ भूमि करीब 40 लाख रूपये की लागत से  क्रय किया था।  किन्तु फरियादी धोखाधड़ी का शिकार हो गया। झपरहवा के तत्कालीन हल्का पटवारी उदितनारायण शर्मा के द्वारा अरूण कुमार विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा निवासी ग्राम झपरहवा फर्जी भू-स्वामी राकेश मल्लाह के साथ मिलकर ग्राम झपरहवा तहसील चितरंगी कोरावल के आराजी क्रमांक 76/1 रकवा 13.6700 हेक्टेयर भूमि का वास्तविक भू-स्वामी फर्जी कास्तकार बनाकर रजिस्ट्री करा लिया। जबकि संजय नेशनल पार्क बगदरा के भूमियों के क्रय-विक्रय नामांतरण पर 11 मई 2022 को तत्कालीन प्रमुख सचिव म.प्र. शासन के निर्देश पर कलेक्टर के द्वारा प्रतिबंध लगाया दिया था। इसके बावजूद उप पंजीयक सिंगरौली अशोक सिंह परिहार ने उक्त गांव के  भूमि की रजिस्ट्री कर दिया था। वही के्रता को जमीन नही मिल पाई और 40 लाख रूपये ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत कोतवाली में किया। जहां कोतवाली निरीक्षक ने शिकायत पर एसपी के निर्देश पर हल्का पटवारी झपरहवा उदित नारायण शर्मा, अरूण कुमार विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा फर्जी भू-स्वामी राकेश मल्लाह व गवाह गुलाब प्रसाद पिता कैलाश प्रसाद जायसवाल निवासी बड़कुड़ थाना चितरंगी के विरूद्ध धारा 420, 468, 467, 471, 120(बी) भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। इधर पुलिस ने दो आरोपी सीताराम विश्वकर्मा निवासी हरमा, गुलाब प्रसाद जायसवाल को गिरफ्तार कर चुकी थी। फरियादी पुलिस अधिकारियों के यहां लगातार फरियाद करते हुये न्याय की गुहार लगा रहा था। उधर  प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी द्वारा प्रकरण के फरार आरोपीगणों के विरूद्ध 20 हजार रूपए का नगद पुरस्कार की उद्घोषणा पूर्व में की गई थी। प्रकरण के एक अन्य फरार आरोपी उदितनारायण शर्मा तत्कालीन हल्का पटवारी झपरहवा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सीधी रवाना कर  21 अप्रैल 25 को गिरफ्तार किया गया। जिसे  आज दिन बुधवार को न्यायालय पेश किया गया है। उक्त कार्रवाई में निरीक्षक अशोक सिंह परिहार, उनि अभिषेक पाण्डेय, सउनि अरूण पटेल, उमेश द्विवेदी, प्रआर अवधलाल सोनी, सोहगिया पटेल, आर गौतम कुमार, संजू धुर्वे की सराहनीय भूमिका रही है। महानिरीक्षक पंजीयक से नही मिली अब तक अनुमति जानकारी के अनुसार उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार भी उक्त प्रकरण के लपेटे में हैं। उनपर आरोप है कि कलेक्टर के द्वारा बगदरा अंचल के भूमियों के रजिस्ट्री, नामांतरण, क्रय-विक्रय पर रोक लगाये जाने के बावजूद उप पंजीयक ने झपरहवा गांव के उक्त आरोपी की भूमि की 2 जून 2022 को रजिस्ट्री कर दिया था। फरियादी का कहना है कि यदि उप पंजीयक जमीन की रजिस्ट्री न किये होते तो 40 लाख रूपये ठगी के शिकार न होते। इधर सूत्र बताते हैं कि कोतवाली पुलिस ने उप पंजीयक के खिलाफ आगे की कार्रवाई करने के लिए महानिरीक्षक पंजीयक मुद्रांक भोपाल के यहां तीन महीने में दो बार पत्राचार कर अनुमति मांगी गई है। लेकिन भोपाल में बैठे विभागीय आका अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं। अब भोपाल में बैठे उक्त विभागीय आकाओं  के कार्यप्रणाली पर भी तरह-तरह के उंगलियां उठने लगी है। recent visitors 22