Friday, July 10, 2026 3:22 am

उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब मोबाइल लाना और इस्तेमाल करना पूरी तरह से बैन

उज्जैन उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब मोबाइल ले जाना और इस्तेमाल करना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। गुरुवार शाम मंदिर समिति ने नया आदेश जारी करते हुए बताया कि सुरक्षा और धार्मिक माहौल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब मोबाइल ले जाना भी मना, सिर्फ इस्तेमाल नहीं मंदिर प्रबंधन ने साफ कहा है कि अब सिर्फ मोबाइल इस्तेमाल पर ही नहीं, बल्कि मोबाइल लेकर मंदिर परिसर में जाना भी मना है। अगर कोई मंदिर परिसर में मोबाइल इस्तेमाल करता पाया गया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। यहां जमा कर सकेंगे मोबाइल मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपने मोबाइल को तीन जगह जमा कर सकेंगे।     मानसरोवर भवन     बड़ा गणपति के पास द्वार क्रमांक 04     अवंतिका द्वार क्रमांक 01 यहां लॉकर की सुविधा दी गई है। मोबाइल जमा करने पर रसीद मिलेगी, जिसे दर्शन के बाद दिखाकर मोबाइल वापस लिया जा सकता है। लॉकर कम, भीड़ ज्यादा- कैसे संभालेंगे मोबाइल? महाकाल मंदिर में रोजाना 50 से 70 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। अगर इनमें से आधे लोग भी मोबाइल लेकर पहुंचते हैं, तो करीब 30 हजार मोबाइल रखने की जरूरत पड़ेगी। फिलहाल मंदिर परिसर में इतने लॉकर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या मंदिर समिति इस व्यवस्था को संभाल पाएगी? अगर जल्द ही पर्याप्त संख्या में नए लॉकर नहीं जोड़े गए, तो श्रद्धालुओं को मोबाइल जमा करने में भारी परेशानी हो सकती है।   recent visitors 19

पहलगाम आतंकी हमले पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर  पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ थाने में शिकायत की गई थी कि उक्त आरोपी द्वारा सोशल मीडिया पर भावनाओं को भड़काने वाला कमेंट्स किया गया है। पुलिस ने जांच पड़ताल कर मामला दर्ज कर आरोपी को दबोच लिया। जानकारी के अनुसार आतंकी हमले की घटना की पूरे देश में निंदा की जा रही है।     इस घटना के बाद एसपी के निर्देश पर सोशल मीडिया पर हाेने वाले पोस्ट व कमेंट्स की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी दौरान 23 अप्रैल को फेसबुक पर मो. ओसाफ द्वारा कमेंट्स किया गया था।     इस कमेंट्स को लेकर हनुमानताल सिंधी कैंप निवासी अभय श्रीवास्तव की शिकायत पर पुलिस ने मक्का नगर आनंद नगर निवाासी मो. ओसाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।     सीएसपी गोहलपुर सुनील नेमा ने कहा कि आरोपित को जेल भेज दिया गया है। वह पेशे से नेत्र देखभाल में विशेषज्ञ का कार्य करता है। ये लिखा आरोपी ने सोशल मीडिया में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान एक महिला हमले में मारे पति के शव के करीब गमगीन बैठी है जिसको लेकर आरोपित ने ये कमेंट किया।- ‘जो औरत लाश के पास खड़े होकर रो रही है, उसकी जांच होनी चाहिए। हो सकता है, उसने ही शूटर को हायर किया हो और मौका मिलते ही अपने पति को मरवा दिया हो।’ प्रदेश भर में सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर, जिलों को किया गया अलर्ट     जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा नरसंहार की घटना के बाद मध्य प्रदेश पुलिस को बहुत सतर्क रहने के लिए कहा है। पुलिस मुख्यालय ने सभी एडीजी, जोन आईजी, डीआईजी, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है।     इसमें खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के साथ बेहद सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त घटना के विरोध में प्रदेश में होने वाले प्रदर्शन और अन्य गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखने के लिए कहा गया है, जिससे कहीं भी स्थिति बिगड़ने नहीं पाए।     कानून-व्यवस्था की दृष्टि से सभी जिलों में एसपी समीक्षा कर रहे हैं। पर्यटन स्थलों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखने के लिए कहा गया है।     संवेदनशील क्षेत्रों में भी पुलिस कड़ाई से नजर रख रही है। सोशल मीडिया पर चलने वाले संदेशों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।     भ्रामक संदेश भेजने वालों पर कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि रात्रि गश्त बड़े पुलिस अधिकारियों को भी जाने के निर्देश दिए गए हैं।     सार्वजनिक और भीड़ वाले स्थल जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि स्थानों पर भी पुलिस अच्छे से सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार पर भरोसा रखें, दोषियों को बड़ी सजा मिलेगी : विजयवर्गीय     प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को सतना में पार्टी कार्यालय में जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी, जिसकी कल्पना भी उन्होंने नहीं की होगी।     सरकार पर भरोसा रखें। पाकिस्तान ने जो गलती की है, उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा और दुनिया भारत की शक्ति भी देखेगी।     विजयवर्गीय ने कहा कि हम पड़ोसी देश पाकिस्तान को छोटा भाई मानकर लगातार मदद कर रहे थे लेकिन हमारी इस मदद को पाकिस्तान ने हमारी कमजोरी मान लिया है।     पहलगाम में हुई दिल दहला देने वाली ऐसी घटना दोबारा न हो, इसलिए दोषियों को ऐसी बड़ी सजा मिलेगी कि उन्हें अपने कृत्यों पर पछतावा होगा।   recent visitors 15

भोपाल मेंपूर्व छात्रों ने गिरोह बनाकर कई छात्राओं से किया रेप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग, एसआईटी को सौंपी जांच

भोपाल  राजधानी भोपाल में एक वर्ग विशेष के युवकों द्वारा एक गिरोह बनाकर युवतियों से दोस्ती कर दुष्कर्म करने, फिर दुष्कर्म का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर अन्य युवतियों को शारीरिक संबंध बनाने के लिए बुलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सभी आरोपी एक खास धर्म के हैं। आरोपियों ने कई युवतियों के साथ यह कृत्य किया, लेकिन बदनामी की डर की वजह से वे सामने नहीं आ रही थीं। एक युवती ने शिकायत की, इसके बाद चार युवतियां ने प्रकरण दर्ज कराया है। दो आरोपी कोलकाता के रहने वाले हैं और कुछ भोपाल और आसपास के बताए जा रहे हैं। सभी आरोपी भोपाल के टीआईटी कॉलेज के छात्र और पूर्व छात्र हैं। अधिकांश पीड़ित छात्राएं भी उसी कॉलेज की बताई जा रही हैं। तीन दिन पहले दर्ज बागसेवनिया थाने में तीन युवतियों की शिकायत पर मामला जीरो पर दर्ज कर अलग-अलग थानों को विवेचना के लिए भेजा गया था। तीन दिन तक पुलिस मामले को दबाए रखा। गुरुवार को मामले का खुलासा होने के बाद भोपाल के पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा ने कहा कि चार युवतियों ने दोस्ती कर दुष्कर्म कर वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की शिकायत की। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके मोबाइल से कई युवतियों के अश्लील वीडियो मिले हैं। अन्य आरोपियों की धरपकड़ और मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। दोस्त के घर पर युवती से किया दुष्कर्म वर्ष 2022 में दूसरे वर्ष की पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात कॉलेज के ही फरहान खान से हुई थी। फरहान ने उससे दोस्ती की। वह युवती को कॉलेज के अन्य दोस्तों के साथ जहांगीराबाद स्थित एक दोस्त के घर लेकर पहुंचा। वहां उसने युवती से दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। छात्रा को जब वीडियो के बारे में जानकारी मिली तो फरहान ने बताया कि वह उससे प्रेम करता है। यदि वह उसके अनुसार नहीं चलेगी तो वह वीडियो वायरल कर देगा। वर्ष 2024 में फरहान ने उसे ब्लैकमेल करते हुए अपने दोस्त अबरार के साथ संबंध बनाने को मजबूर किया। छोटी बहन से भी की हैवनियत पीड़िता ने बताया कि इस दौरान उसने अपने परिवार में किसी से कोई बात नहीं की थी। वह अपनी बहन के साथ अशोकागार्डन में रहती थी। पीड़िता ने बताया कि पिछले वर्ष उसकी छोटी बहन भी कुछ दिनों से गुमसुम थी। उसने कारण पूछा तो बताया कि फरहान ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे प्रताड़ित कर रहा है। साथ ही उसने बड़ी बहन को सभी तरह की यातनाओं के बारे में बताया। पीड़िता को जब पिछले दिनों पता चला कि कॉलेज की एक अन्य युवती ने फरहान के विरुद्ध शिकायत की है, तब उसने हिम्मत करके शिकायत दर्ज करवाई है। अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे उल्लेखनीय है कि भोपाल में एक धर्म विशेष की युवतियों को निशाना बनाकर उनसे दुष्कर्म करने वालों के इस मामले ने पुलिस का मुंह सिल दिया है। मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस अधिकारियों ने इसे मीडिया से छुपाकर रखा। किसी तरह से जब खुलासा हुआ तो पुलिस आयुक्त के अलावा जांच कर रहे सभी अधिकारी कुछ भी बोलने से बचे। जिन थानों में प्रकरण दर्ज हुए उनके थाना प्रभारियों ने तो फोन उठाना ही बंद कर दिया। टीआईटी कॉलेज में पढ़ते हैं सभी आरोपी छात्र पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने युवतियों को निशाना बनाकर प्रेमजाल में फंसाया और दुष्कर्म करते गए। एक युवती से दुष्कर्म करने के बाद उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। वीडियो वायरल न करने के लिए युवतियों पर दबाव बनाया गया कि वे अपने साथ पढ़ने वाली या अन्य परिचित हिंदू युवतियों से दोस्ती कराएं और उनके साथ भी शारीरिक संबंध बनाने के लिए उन्हें तैयार करें। आरोपियों ने अधिकांश युवतियों को अपने किराए के कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया है और वहीं वीडियो बनाए।   रविवार को एक पीड़िता ने की शिकायत, तब हुआ खुलासा रविवार को बागसेवनिया थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने थाने पहुंचकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग का प्रकरण दर्ज कराया। यह जानकारी जैसे ही अन्य पीड़ित युवतियों को लगी, वह भी एक-एक कर थाने पहुंचीं और चार युवतियों ने शिकायत की। फराज खान और साथी गिरफ्तार पुलिस पहले मामले के एक आरोपी फराज खान को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। फराज खान का एक अन्य साथी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, वह भी टीआईटी कॉलेज का छात्र है। पुलिस ने युवतियों की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच के लिए डायरी अशोका गार्डन, जहांगीराबाद और ऐशबाग थाने को भेज दी है। कई महीने से कर रहे थे दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग पुलिस ने बताया कि अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपियों के मोबाइल से कई युवतियों के अश्लील वीडियो मिले हैं। आरोपियों ने दुष्कर्म करते समय वीडियो बनाए हैं, जिसमें वे छात्राओं से उनके धर्म के खिलाफ भी बातें करते हुए दिख रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी कई महीने से युवतियों के साथ दुष्कर्म कर रहे थे। कुछ छात्राएं घटना के समय नाबालिग थीं, ऐसे प्रकरणों में पॉक्सो की धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच के लिए एसआईटी गठित     अब तक चार छात्राओं ने दुष्कर्म आर ब्लैकमेलिंग की शिकायत की है। दो आरोपी पकड़े जा चुके हैं। आरोपियो के मोबाइल से कई वीडियो मिले हैं। पुलिस अन्य पीड़ित युवतियों की तलाश कर रही है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है।     -हरिनारायणचारी मिश्रा, पुलिस आयुक्त, भोपाल   recent visitors 38

रायपुर :राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की अधिसूचना

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में राजस्व प्रशासन पारदर्शी और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 24 की उप-धारा (1) के अधीन तहसीलदार को प्राप्त नामांतरण की शक्तियां जिले में पदस्थ रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार को दी गई है। ये अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में पंजीकृत विक्रय पत्र के निष्पादन हेतु अधिकृत होंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने इसे एक जनहितैषी और दूरदर्शी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के सरलीकरण से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भूमि से संबंधित विवादों में कमी आएगी। आम लोगों को सुविधा मिलेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग सचिव श्री अविनाश चंपावत ने बताया कि यह अधिसूचना 24 अप्रैल 2025 से प्रभाव में आ चुकी है और इसे सभी जिलों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।   राजस्व एवं आपदा प्रबंधन द्वारा जारी अधिसूचना के तहत अब पंजीयन अधिकारी रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार को उस क्षेत्र में पंजीकृत विक्रय पत्रों के आधार पर भूमि के हस्तांतरण का अधिकार सौंपा गया है। पूर्व में यह अधिकार तहसीलदार को प्राप्त था। जो कि भू-राजस्व संहिता की धारा 110 के तहत कार्य करते थे। अब इस बदलाव से भूमि क्रय-विक्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगा और कम समय में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। recent visitors 28

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ स्वच्छक श्याम कुमार को किया गया निलंबित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेशानुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ स्वच्छक श्याम कुमार को मृतक अमृत लाल साहू के पोस्टमार्टम हेतु परिजनों से अनावश्यक राशि मांगने के गंभीर आरोप के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई 19 अप्रैल 2025 को मृतक के परिजनों द्वारा की गई शिकायत और विभिन्न न्यूज चैनलों में प्रसारित समाचारों को संज्ञान में लेते हुए की गई है। साथ ही सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (2) में निहित प्रावधानों के अंतर्गत श्याम कुमार को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजी, जिला एमसीबी में निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वहन हेतु भत्ता प्रदान किया जाएगा। recent visitors 28

वीआईटी भोपाल में “मैटेरियल्स और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में नवीनतम प्रगति पर संगोष्ठी का आयोजन

भोपाल  वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के उन्नत विज्ञान एवं भाषाओं के स्कूल के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “मैटेरियल्स और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में नवीनतम प्रगति” विषय पर एक संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस आयोजन में अग्रणी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया और मटेरियल साइंस तथा कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री और फिजिक्स में नवीनतम विकास पर विचार-विमर्श किया। संगोष्ठी में कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने व्याख्यान दिया। डॉ. मृगेन्द्र दुबे, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर, ने उन्नत मैटेरियल्स और जेल सिस्टम्स पर व्याख्यान दिया और उनके विविध औद्योगिक उपयोगों पर प्रकाश डाला। डॉ. स्रीमंता पाखिरा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर, ने क्वांटम अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन किए गए मैटेरियल्स के बारे में बताया और आधुनिक तकनीकी विकास में उनकी भूमिका पर चर्चा की। नोबेल पुरस्कार से संबंधित विशेष सत्र में डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. दीपंकर सूत्रधार, और डॉ. पूजा वर्मा ने अपने शोध कार्यों को साझा किया। डॉ. सूत्रधार ने मैटेरियल्स की इलेक्ट्रॉनिक संरचना और गुणधर्मों पर जानकारी दी, जबकि डॉ. श्रीवास्तव ने कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. वर्मा ने QM/MM (क्वांटम मेकेनिक्स/मॉलिक्यूलर मेकेनिक्स) विधि के बारे में बताया, जिसे 2013 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार मिला था, और इसके द्वारा जटिल आणविक प्रक्रियाओं को समझने की महत्ता को समझाया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. हेमंत कुमार नाशिने, डीन, स्कूल ऑफ एडवांस्ड साइंसेज़ एंड लैंग्वेजेस, और डॉ. महेन्द्रन बोटलागुंटा, असिस्टेंट डीन (रिसर्च), वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषणों में उन्होंने वैश्विक वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान खोजने हेतु सहयोगात्मक और बहु-विषयक अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, पीएचडी शोधार्थी, स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र सक्रिय रूप से शामिल हुए। छात्रों को विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने, अपने शोध विचार साझा करने और अनुसंधान और विकास में भविष्य की संभावनाओं पर मार्गदर्शन प्राप्त करने का अनूठा अवसर मिला। इस कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. सुब्रत नाथ और डॉ. विपिन कुमार मिश्रा द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह संगोष्ठी वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। recent visitors 25

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर

युवा कुंभ आयोजित कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साल में एक बार वरिष्ठ वैज्ञानिकों को बुलाएं, विज्ञान के विद्यार्थियों से कराएं उनका संवाद सामान्य ज्ञान की संभागवार कराएं प्रतियोगिता उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार महाविद्यालयों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए। इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। युवाओं में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर संभाग में सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता कराएं। इससे हमारे युवा देश-दुनिया में हो रहे नवाचारों और नई जानकारियों से अवगत होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग कराई जाए और तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में पुरस्कृत करने की परम्परा भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। रोजगारपरक शिक्षा और शोध कार्यों को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परम्पराओं पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में शोध केंद्र स्थापित कर शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए महाविद्यालय खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, अधिकाधिक महाविद्यालय खोले जाएं। इससे जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को निकट स्थान पर उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में वर्ष 2021-22 में हुए अखिल भारतीय सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) अखिल भारतीय औसत से अधिक आया है। इस क्षेत्र में अखिल भारतीय सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश 28.9 प्रतिशत आया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के 1282 गोद लिए गए गाँवों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को जनजागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जारी वित्त वर्ष में 100 नए शोध केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश के 27 महाविद्यालयों को स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा एवं 8 स्वशासी महाविद्यालयों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही 23 जिला मुख्यालयों में नए विधि महाविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य भी तय किया गया है। अधिकाधिक महाविद्यालयों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रूचि बढ़ेगी। इस तरह का नवाचार करने के मामले में मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित हुए सभी महाविद्यालयों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं, इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दो शिफ्ट में कॉलेज लगाने के निर्देश, सेमेस्टर सिस्टम भी जारी रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को महाविद्यालयों में दो शिफ्ट में अध्यापन कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ रही है। शासकीय विश्वविद्यालयों में म.प्र. लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमउत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं। विकसित मध्यप्रदेश@2047 बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हम विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की ओर अग्रसर हैं। राज्य सरकार द्वारा युवाओं में उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने साम्यता एवं पहुंच, शोध एवं नवाचार, उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, संस्थाओं एवं शिक्षण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के मानक बिंदु तय कर लिए हैं। हम तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेजी से अग्रसर हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 28