Sunday, July 5, 2026 12:23 pm

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसे में सात सफाई कर्मचारियों की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

नूंह नूंह जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। थाना फिरोजपुर झिरका सीमा के अंतर्गत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर इब्राहिमबास गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सफाई कार्य में जुटे कर्मचारियों को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह सफाई कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पांच अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सफाई करने वाले 11 कर्मचारियों में 10 महिलाएं और एक पुरुष था। जिनमें से छह महिलाओं की मौके पर मौत हो गई और पांच लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां एक और सफाईकर्मी ने दम तोड़ दिया। हादसे में कुल सात लोगों की मौत हो गई है। चालक गाड़ी को छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब करीब 11 सफाई कर्मचारी एक्सप्रेसवे पर सफाई कार्य कर रहे थे। अचानक आई तेज रफ्तार पिकअप ने इन कर्मचारियों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छह कर्मचारियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल पांच कर्मचारियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक और कर्मचारी की मौत हो गई। घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। देखते ही देखते सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई। एंबुलेंस, रोड सुरक्षा एजेंसी के वाहन और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। हादसे की भयावहता ऐसी थी कि आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। कई शवों के टुकड़े अलग-अलग हो गए। घटना इतनी भयावह थी कि इसकी खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोग इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं और मृतकों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। कई यूजर्स ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग भी उठाई है। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और पिकअप चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं की कड़ी में एक और दुखद घटना है। इससे पहले भी इस एक्सप्रेसवे पर कई बार घने कोहरे, तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे हो चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेसवे पर कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात को नियंत्रित किया और घटनास्थल को खाली कराया। घायलों के इलाज और मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है। recent visitors 31

छत्तीसगढ़ में पड़ रही है भीषण गर्मी, तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम, कई जिलों में लू को लेकर अलर्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय ज्यादातर शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। वहीं, दूसरी तरफ मौसम विभाग ने 11 से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार ने धूप से लोगों को बचने की सलाह दी है। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश में 25 अप्रैल से सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित कई जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी और लू चलने की संभावना है। इससे पहले शुक्रवार को दुर्ग और बिलासपुर सबसे गर्म रहे। दुर्ग में पारा 44 डिग्री और बिलासपुर में 43 डिग्री के पार पहुंच गया है। इन जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कबीरधाम, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ जिले में लू चल सकती है। वहीं, विभाग ने कहा कि आने वाले दो से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। रायपुर में पारा 44 डिग्री के करीब राजधानी रायपुर में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। रायपुर में दिन का तापमान 43.2 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है। दिन में तेज धूप हो रही है। जिस कारण से लोगों को बाहर निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी गर्मी के कारण बढ़ गई है। राजधानी रायपुर में दोपहर को भीड़ वाली सड़कों पर भी ट्रैफिक कम होता जा रहा है। वहीं, रात में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। रात का तापमान 29 डिग्री के पास पास रिकॉर्ड किया गया। बिलासपुर में भी भीषण गर्मी बिलासपुर में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। यहां दिन का तापमान 43.7 डिग्री रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था, वहीं रात का तापमान 25.4 डिग्री रहा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रहा। recent visitors 48

पाकिस्तान को दो हिस्सों में बांट दो , PoK को भारत में मिला दो, हम आपके साथ हैं: CM रेड्डी

हैदराबाद पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ हैदराबाद में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के समर्थन में  कैंडल मार्च निकाला गया. इस प्रोटेस्ट में AIMIM सांसद असदुद्दीन औवेसी, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद सहित कई अन्य लीडर्स शामिल हुए है. आतंकी हमले के बाद की स्थिति से निपटने में केंद्र को समर्थन देने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान और आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने की गुजारिश की. उन्होंने कहा, "कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए, भले ही इसका मतलब पीओके को भारत में मिलाना हो." आतंकी हमले के विरोध में कैंडल लाइट रैली का नेतृत्व कर रहे रेवंत रेड्डी ने कहा, "पहलगाम जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा निर्णायक कार्रवाई किए जाने की जरूरत है." उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1971 में बांग्लादेश के निर्माण को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना देवी दुर्गा से की थी. 'समझौते का वक्त नहीं, मुंहतोड़ जवाब…' सीएम रेड्डी ने कहा, "आप (पीएम मोदी) दुर्गा माता को याद रखें, कार्रवाई करें, चाहे वह पाकिस्तान पर हमला हो या कोई और उपाय. आज पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाए जाने चाहिए. यह समझौता करने का वक्त नहीं है, मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए. आगे बढ़िए, हम आपके साथ खड़े होंगे. 140 करोड़ भारतीय आपके साथ हैं." रेड्डी ने कहा, "पाकिस्तान को दो हिस्सों में बांट दीजिए, पीओके को भारत में मिला लीजिए. हम आपके साथ खड़े रहेंगे. आप दुर्गा माता के भक्त हो. इंदिरा जी को याद करो." इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने बोलते हुए रेड्डी ने यह भी कहा कि तेलंगाना सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. ओवैसी सहित कई नेता कैंडल मार्च में शामलि इस मौके पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सीनियर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, तेलंगाना के मंत्री, पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता मोहम्मद अजहरुद्दीन और अन्य नेता मौजूद थे. तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय 'भारत शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी मोमबत्ती रैली में भाग लिया. इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ राज्य में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए. असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार की नमाज से पहले एक मस्जिद में काली पट्टियां बांटीं और लोगों से पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में इसे पहनने की गुजारिश की. पार्टी सूत्रों ने बताया कि ओवैसी ने भी काली पट्टियां पहनी थीं और शास्त्रीपुरम की एक मस्जिद में उन्हें बांटा. मुस्लिम युवाओं ने शुक्रवार की नमाज के बाद आतंकी हमले के खिलाफ ऐतिहासिक चारमीनार पर विरोध प्रदर्शन किया. यहां बेगम बाजार के मुसलमानों ने अपनी दुकानें बंद की और एक शांतिपूर्ण रैली में शामिल हुए, जबकि मलकाजगिरी में भी विरोध प्रदर्शन किया गया.   recent visitors 28

पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ रहने आए हिंदू, सरकार से गुजारिश- वापस न भेजा जाए, गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया आश्वसन

रायपुर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूरा देश पाकिस्तान के खिलाफ हो गया है। देश में आक्रोश है और ऐसे में भारत सरकार ने जो निर्णय लिया है उसके कारण भारत पहुंचे पाकिस्तानी हिन्दुओं में भय है। केन्द्र सरकार ने सभी वीजा कैंसिल कर दिए और पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का अल्टिमेटम दे दिया। इसके कारण पाकिस्तार से भारत पहुंचे पाकिस्तानी मुस्लिम तो वापस लौटने लगे लेकिन जो हिन्दू पाकिस्तान में अपनी संपत्ति छोड़कर भारत आ गए हैं उनके लिए मुसीबत खड़ी हो गई। छत्तीसगढ़ में भी ऐसा मामला सामने आया है। पाकिस्तान से संपत्ति बेचकर छत्तीसगढ़ के रायपुर पहुंचे 24 लोगों ने गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की और वापस पाकिस्तान न भेजने की अपील की। गृहमंत्री ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि वे केन्द्र सरकार से बातचीत कर इस मसले को सुलझाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में 24 लोगों का एक ग्रुप सिंध पाकिस्तान से रायपुर पहुंचा है। जिन्होंने खुद को हिंदु बताया है। यह सभी 22 अप्रैल को विजीटर्स वीजा पर पहुंचे हैं और यहीं रहने का इरादा कर चुके हैं। यह सभी ऐसे समय में छत्तीसगढ़ पहंचे हैं जब देशभर में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का विरोध हो रहा है और केंद्र सरकार ने पाकिस्तानियों को देश छोड़ने को कहा है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से राज्य में सर्चिंग कर ऐसे लोगों को वापस भेजने को कहा है। ऐसे में इन लोगों के सामने वापस जाने का खतरा मंडरा रहा है जबकि यह लोग वापस जाना नहीं चाहते। इन लोगों ने शुक्रवार को गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की और कहा कि हमें वापस नहीं जाना है। गृहमंत्री ने सोशल मीडिया में पोस्ट किया बातचीत का वीड़ियो गृहमंत्री विजय शर्मा ने पाकिस्तान से रायपुर आए हिन्दू परिवारों के बीच हुई बातचीत का वीडियो जारी किया है। गृहमंत्री से मिलकर पाकिस्तान से आए हिन्दुओं ने अपना दर्द बताया। गृहमंत्री ने उनसे सारी जानकारी ली। कहां रहते हैं? छत्तीसगढ़ क्यों आए हैं? कब तक का वीजा है? आदि सवाल किए। विजय शर्मा से पाकिस्तान से आए हिन्दुओं ने बताया कि वे पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। इन लोगों ने 24 लोगों की एक लिस्ट सौंपी और बताया कि पाकिस्तान में उन पर काफी अन्याय होता है। हिन्दुओ के पाकिस्तान में कोई सिस्टम नहीं है, रास्ते में लूटमार हो जाती है। बच्चियां सेफ नहीं है यही कारण है वे अब पाकिस्तान लौटना नहीं चाहते। कौन हैं ये पाकिस्तानी लोग जो विजय शर्मा से मिले उपमुख्यमंत्री शर्मा से मिलने पहुंचे सुखदेव लुंद पाकिस्तान में सिंध के घोटकी जिला के खानपुर के रहने वाले हैं। वहां हिंदुओं की आबादी 3-4 हजार है। सुखदेव फिलहाल 45 दिनों के विजिटर वीसा पर रायपुर के शदाणी दरबार पहुंचे। साथ में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। इनके अलावा रवि लुंद, निर्भय बत्रा, रोशन लाल और महेंद्र लाल भी अपने परिजन के साथ उसी दिन रायपुर पहुंचे। दल में 24 सदस्य हैं। इसके अलावा लगभग 100 और लोगों का जत्था भी लगभग एक माह पहले से रायपुर में है। तो छत्तीसगढ़ सरकार क्या करेगी गृहमंत्री विजय शर्मा ने इन पाकिस्तानी नागरिकों आश्वस्त किया कि इन्हें आम पाकिस्तानी नागरिक के बजाय ‘पाकिस्तान पीड़ित’ के रूप में देख रहे हैं। इस मामले में केंद्र सरकार से बात करेंगे, ताकि उन्हें वापस नहीं जाना पड़े। ये लोग अपनी संपत्ति छोड़कर रायपुर आ गए हैं। इसलिए हम इन्हें ‘पाकिस्तान पीड़ित’ मानकर इनके मामले में प्राथमिकता के साथ विचार करेंगे। सार्क वीजा वालों की की जांच शुरू छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान से आए करीब 2000 लोग रहते हैं। इसमें 1800 सिर्फ रायपुर में ही हैं। पाकिस्तान से रायपुर आने वाले 95 फीसदी लोग सिंधी समाज के हैं। बाकी मुस्लिम हैं। पुलिस जांच कर रही है कि जो 2000 लोग छत्तीसगढ़ में आए या रह रहे हैं वे किस वीजा के तहत आए हैं। पुलिस सार्क वीजा वालों की तलाश कर रही है। क्योंकि केंद्र सरकार ने अभी केवल सार्क वीजा में आए लोगों को ही देश छोड़ने का निर्देश दिया है। पुलिस ने बताया कि सार्क वीजा 24 श्रेणी के लोगों को तुरंत दिया जाता है। पाकिस्तान से आए कई लोगों ने सड्‌डू, महावीरनगर, बोरियाकला और माना रोड पर घर बना लिया है। अब ये लोग भारत की नागरिकता भी ले रहे हैं। हालांकि कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें नागरिकता नहीं मिली है। ऐसे लोगों की अब पहचान की जा रही है। नए सिरे से इनकी सूची तैयार की जा रही है। रायपुर के SSP लाल उमेद सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा है कि रायपुर में रहने वाले पाकिस्तानियों की जांच की जा रही है। उनके दस्तावेजों की जांच के साथ थाने में सत्यापन किया जाएगा। क्या है सार्क वीजा ? सार्क वीजा 1992 में सार्क के सदस्य देशों के बीच यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। सार्क देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं। यह पहल इस्लामाबाद में 1988 के सार्क शिखर सम्मेलन में सामने आयी थी। इस योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को उनके देशों की ओर एक स्पेशल वीजा स्टिकर जारी किया जाता है. जिससे उन्हें अलग-अलग वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है। इस सुविधा को अब पहलगाम अटैक के बाद खत्म किया गया है। 100 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक हैं रायपुर में पाकिस्तान में सिंध के घोटकी जिला के खानपुर के रहने वाले सुखदेव लुंद गृहमंत्री विजय शर्मा से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वहां पर हिंदुओं की आबादी लगभग चार हजार के करीब है। सभी चाहते हैं कि वे पाकिस्तान छोड़कर हिन्दुस्तान में बस जाए। सुखदेव ने ग़ृहमंत्री को बताया कि वचे 45 दिनों के विजिटर वीजा पर रायपुर के शदाणी दरबार रायपुर पहुंचे हैं। उनके साथ पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। इनके साथ रवि लुंद, निर्भय बत्रा, रोशन लाल और महेंद्र लाल भी अपने परिवार के साथ रायपुर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इनके अलावा लगभग 100 लोग पिछले एक माह रायपुर में है। पाकिस्तान पीडि़त के रूप में देख रहे इन्हें गृहमंत्री विजय शर्मा ने मुलाकात के बाद इन पाकिस्तानी हिन्दुओं को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में केन्द्र सरकार से … Read more

आईडी ब्लास्ट : जवान के पैरों में आई गंभीर चोट

बीजापुर नक्सलियों का खात्मा करने सुरक्षा बलों के जवान लगातार 5 वें दिन भी बीजापुर के जंगलों में डटे हुए हैं. इसी बीच गलगम के जंगल में DRG का एक जवान नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए IED की चपेट में आ गया. आईडी ब्लास्ट में जवान के पैरों में गंभीर चोट आई है. घायल जवान को तत्काल गलगम CRPF कैंप में प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर से बीजापुर अस्पताल लेजाने की तैयारी की जा रही है बता दें, उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोतापल्ली गांव के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में लगातार 5 दिनों से सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. यह देशभर में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें 10 से 12 हजार जवानों ने बड़े कैडर के नक्सली लीडरों समेत 1500 नक्सलियों को पहाड़ी एरिया में घेर रखा है. सुरक्षा बल के जवान अब नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं. 2 हेलीकॉप्टर से नक्सलियों पर गोलीबारी और बमबारी कर उनका खात्मा किया जा रहा है. मुठभेड़ में जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें से 3 के शव समेत हथियार बरामद हुए हैं. आज 5वें दिन भी लगातार दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है और नक्सलियों पर हेलीकॉप्टर से बमबारी की जा रही है. 40 से अधिक जवान की बिगड़ी तबीयत वहीं इस भीषण गर्मी के बीच सुरक्षाबलों के 40 से ज्यादा जवान लू शिकार हो गए हैं. उन्हें प्राथमिक ईलाज हेतु तेलगांना के पास के वेंकटापुरम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया रहा है. सूत्रों के जानकारी अनुसार मुठभेड़ में शामिल कई जवानों को पर्याप्त मात्रा में पानी और ग्लूकोज नहीं मिल रहा है, जिसके चलते वे हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं. इस बीच अन्य जवान लगातार नक्सलियों के खिलाफ जंगलों में डटे हुए हैं. recent visitors 43

चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज दीपक हुड्डा आईपीएल 2025 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके, खतरे में करियर

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज दीपक हुड्डा आईपीएल 2025 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिला। लेकिन एम चिदंबरम स्टेडियम में वह धीमी पारी खेलकर पवेलियन लौटे। उन्होंने 21 गेंद में 22 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने एक छक्का और एक चौका लगाया। चेन्नई सुपर किंग्स की टीम एक बार फिर बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण संघर्ष करती हुई नजर आई और 19.5 ओवर में सिर्फ 154 रन ही बना सकी। 2019 के बाद पहली बार चेन्नई की टीम चेपॉक में ऑल आउट हुई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ डेवाल्ड ब्रेविस के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स का पांचवां विकेट गिरने के बाद दीपक हुड्डा 13वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरे और 7.1 ओवर तक क्रीज पर रहे। लेकिन इसके बावजूद वह चेन्नई को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचा सके। पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने पिछले साल मेगा नीलामी में उन्हें 1.7 करोड़ रुपये में खरीदा था। दीपक हुड्डा ने लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए आईपीएल 2024 में नौ पारियों में 145 रन बनाए थे। दीपक हुड्डा ने इस सीजन सिर्फ चार मैच खेले हैं लेकिन उसमें भी वह मौका का फायदा नहीं उठा सके हैं। दीपक ने चार मैचों में सिर्फ 29 रन बनाए हैं। दीपक ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ तीन, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ चार और कोलकाता के खिलाफ खाता ही नहीं खोल सके थे। दीपक ने 122 मैचों में 1494 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने आठ अर्धशतक भी लगाए हैं। वह पहली बार जारी सीजन में दहाई का आंकड़ा पार कर सके। आईपीएल 2022 में दीपक हुड्डा ने अच्छा प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने 15 मैचों में 451 रन बनाए थे। लखनऊ के लिए खेलते हुए उन्होंने आईपीएल 2023 में 12 मैचों में सिर्फ 84 रन बनाए थे। उन्होंने पिछले सीजन 11 मैचों में 145 रन बनाए। recent visitors 34

परशुराम जंयती कब है जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

 परशुराम जयंती का सनातन धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और यह भगवान शिव के परम भक्त माने जाते है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल परशुराम जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को मनाई जाती है. भगवान परशुराम का जन्म माता रेणुका और ऋषि जमदग्नि के घर प्रदोष काल में हुआ था उन्हें चिरंजीवी भी माना गया है. इसी दिन अक्षय तृतीया का त्योहार भी मनाया जाता है. इस बार परशुराम जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. परशुराम जयंती शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, परशुराम जयंती की तिथि 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट समाप्त होगी. भगवान विष्णु के अवतार होने के बाद भी भगवान परशुराम की पूजा इतनी प्राचलित क्यों नहीं हैं? आइए इसके पीछे के कारण को जानते हैं. 1. क्षत्रिय विरोधी छवि होने के कारण भगवान परशुराम ने सहस्त्रबाहु जैसे अधर्मी क्षत्रियों का संहार किया था. जिसके कारण कुछ समुदाय उन्हें क्रोधी योद्धा मानते हैं. यह छवि उनकी भक्ति को सीमित करती है. 2. सन्यासी स्वरूप होने के कारण, परशुराम एक योद्धा-ऋषि थे, जिनका तप, शास्त्र और धर्म की रक्षा पर केंद्रित था. उनका कोई पारिवारिक या सामाजिक रूप नहीं था, जिसके कारण भक्तों का जुड़ाव कम रहा. 3. क्षेत्रीय भक्ति होने के कारण जैसे उनकी पूजा मुख्य रूप से दक्षिण भारत और कुछ ब्राह्मण समुदायों में होती है. अन्य क्षेत्रों में राम-कृष्ण की भक्ति अधिक लोकप्रिय है. 4. इसके पीछे की पौराणिक कथा यह है कि परशुराम अमर हैं और कलियुग के अंत में कल्कि अवतार को प्रशिक्षित करेंगे. इस कारण उनकी पूजा भविष्य-उन्मुख मानी जाती है. परशुराम जयंती का महत्व भगवान परशुराम धर्म, शास्त्र और शस्त्र की आराधना का महापर्व है. मान्यता है कि इस दिन पूजा व्रत करने से साहस, शक्ति और शांति प्राप्त होती है. नि:संतान दंपतियों के लिए यह व्रत संतान प्राप्ति में फलदायी माना जाता है. दान पुण्य का विशेष महत्व है, जो मोक्ष और समृद्धि का मार्ग खोलता है. यह दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का भी अवसर है. recent visitors 44