पटाखों की चिंगारी बनी काल, सहारनपुर में फैक्ट्री धमाके ने मचाया मौत का तांडव

सहारनपुर  उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाके में तीन लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में शनिवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। इस घटना में कई मजदूरों के चिथड़े उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका है। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांव भी दहल उठे और आसमान में ऊंचाई तक धुआं फैल गया। सहारनपुर के देवबंद-मुजफ्फरनगर मार्ग के पास ग्राम जड़ौदा जट के जंगल में स्थित एक पुरानी पटाखा फैक्ट्री में यह हादसा हुआ। सुबह लगभग छह बजे हुए धमाके के बाद गांव वाले दौड़कर मौके पर पहुंचे। वहां का मंजर बेहद भयावह था। चारों ओर फैली लाशों के टुकड़े और फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने सभी को स्तब्ध कर दिया। हादसे के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने साजिश के तहत धमाका कराए जाने का आरोप लगाया और मुख्य राज्यमार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि फैक्ट्री में कुछ बाहरी लोग भी काम करते थे, जो सुरक्षित हैं, जबकि स्थानीय मजदूरों की जान चली गई। ग्रामीणों ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे सूचना मिलने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नाराज ग्रामीणों ने उनका भी घेराव कर लिया। आरोपियों को तुरंत सजा देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि अगर प्रशासन आरोपियों को गोली नहीं मारेगा तो वे खुद कानून अपने हाथ में ले लेंगे। डीएम ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि सुबह की घटना है। कारणों की जांच चल रही है। लोगों को समझाया जा रहा है। तीन लोगों की घटना में मौत हुई है। तीन लोगों के मौत की पुष्टि प्रशासन की ओर से पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। इस मामले में अन्य की पहचान और विस्फोट के कारणों की जांच जारी है। डीएम और एसएसपी मौके पर रहकर लोगों को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन घटना को लेकर अलर्ट पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद से पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जांच तेज कर दी गई है। वहीं, इस घटना को लेकर जानकारी सामने आई है। लोगों का कहना है कि करीब दो किलोमीटर तक इस विस्फोट की आवाज सुनी गई। हादसे के वक्त अंदर 9 मजदूरों काम करने की जानकारी सामने आ रही है। विस्फोट इतना भीषण था कि कुछ के शव पहचानना मुश्किल हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री के टुकड़े दूर-दूर तक जा गिरे। विस्फोट की आवाज से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर एसपी देहात सागर जैन और थाना देवबंद प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद हैं। वहीं, डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे हैं। प्रशासनिक अधिकारी राहत बचाव के साथ साथ स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मृतकों की संख्या में इजाफा होने की भी बात कही जा रही है।   recent visitors 29

चेन्नई के निराशाजनक प्रदर्शन के पीछे एमएस धोनी को नहीं बल्कि सीएसके के मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया: सुरेश रैना

नई दिल्ली चिन्ना थाला सुरेश रैना ने आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के निराशाजनक प्रदर्शन के पीछे एमएस धोनी को नहीं बल्कि सीएसके के मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इस बार की नीलामी में टीम का चयन सही नहीं हुआ और इस दौरान धोनी का इन्वॉल्वमेंट भी काफी कम था। उनके अनुसार इसी वजह से टीम का परफॉर्मेंस इस सीजन खराब रहा है। बता दें, चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2025 में अभी तक 9 मैच खेले हैं जिसमें उन्हें 2 में ही जीत मिली है। सीएसके अब टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ी है। सुरेश रैना ने स्टार स्पोर्ट्स पर बात करते हुए कहा, "काशी सर – मुझे लगता है कि वह लगभग 30 से 40 सालों से मैनेजमेंट संभाल रहे हैं। और रूपा मैडम सभी क्रिकेट प्रशासन का प्रबंधन कर रही हैं, खिलाड़ियों को खरीदना, कोर ग्रुप को बनाए रखना। लेकिन हर कोई जानता है कि इस बार खरीदे गए खिलाड़ियों का चयन ठीक से नहीं किया गया। वे हमेशा कहते हैं कि एमएस धोनी अंतिम फैसला लेते हैं। लेकिन सच कहूं तो, मैंने कभी किसी नीलामी में हिस्सा नहीं लिया। मैं कभी भी उन चर्चाओं का हिस्सा नहीं था। मैंने हमेशा उन खिलाड़ियों के बारे में बात की जिन्हें रिटेन किया गया है। एमएस को इस बारे में फैसला लेना होता है कि किसी खिलाड़ी को आगे बढ़ाना है या नहीं – लेकिन वह इसमें शामिल नहीं होते।" उन्होंने आगे कहा, "कोर ग्रुप नीलामी को संभालता है – आप कल्पना कर सकते हैं, धोनी इस तरह का ऑक्शन नहीं कर सकते। वह शायद चार या पांच खिलाड़ियों के नाम बताएंगे जिन्हें वह चाहते हैं, और उनमें से कुछ को बरकरार रखा जाएगा। यहां तक ​​कि अगर कोई अनकैप्ड खिलाड़ी भी कड़ी मेहनत कर रहा है, तो एमएस धोनी को देखें – 43 साल की उम्र में कप्तान होने के बावजूद भी वह अपना सबकुछ दे रहे हैं।" धोनी के खेलने पर रैने ने कहा, "वह सिर्फ ब्रांड, अपने नाम और फैंस के लिए खेल रहे हैं – और अभी भी मेहनत कर रहे हैं। 43 साल की उम्र में, वह विकेटकीपिंग कर रहे हैं, कप्तानी कर रहे हैं, पूरी टीम को अपने कंधों पर उठा रहे हैं। लेकिन बाकी 10 खिलाड़ी क्या कर रहे हैं? जिन लोगों को 18 करोड़, 17 करोड़, 12 करोड़ रुपये दिए जाते हैं, वे कप्तान को जवाब नहीं दे रहे हैं। खासकर तब जब आप पहले कभी कुछ टीमों से नहीं हारे हैं – इसमें सुधार की जरूरत है। आपको पहचानना होगा, क्या यह खिलाड़ी मैच जीतने वाला है? क्या मैं अगले मैच में इस खिलाड़ी पर भरोसा कर सकता हूं? ऐसे खिलाड़ी हैं जो सालों से खेल रहे हैं, यहां तक कि पुराने खिलाड़ी भी। लेकिन रिजल्ट क्या हैं? आप हार रहे हैं। हर बार वही गलतियां हो रही हैं।" रैना ने यह सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकाला कि एक बड़ा बदलाव जल्द ही हो सकता है, जिसका नेतृत्व संभवतः धोनी स्वयं करेंगे। रैना ने कहा, "मुझे लगता है कि एमएस धोनी अब बैठ जाएंगे – वह अपने आस-पास किसी को नहीं चाहेंगे। उन्होंने अपना मन बना लिया होगा। टॉस के बाद, जब वे हार गए, जिस तरह से वह चले और वे दोनों वहां खड़े थे यह स्पष्ट है कि आज एक बैठक होने जा रही है।" recent visitors 29

बड़ा हादसा : अमुआ बांध में डूबने से तीन बच्चों की मौत

सतना सतना जिले के धारकुड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अमुआ बांध में अज्ञात कारणों के चलते पानी में डूबने से तीन आदिवासी बच्चों की मौत हो गई है। घटना की जानकारी सामने आते ही धारकुंड़ी थाना पुलिस व मझगवां तहसीलदार सुमेश द्विवेदी तुरंत मौका स्थल पर पहुंच गए। तीनों बच्चों के शव ग्रामीणों की मद्द से बाहर निकाले गए हैं। इस संबंध में धारकुडी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक तीनों बच्चों में एक बच्चा अपने मामा के यहां आया हुआ था। जबकि दो अन्य वहीं के निवासी थे। खेलते हुए पहुंचे थे बांध के पास धारकुंड़ी थाना पुलिस द्वारा बताया गया कि तीनों बच्चे खेलते-कूदते हुए बांध के पास तक पहुंचे और किन्हीं कारणों से पानी में चले गए। जहां बांध के पानी में डूबने से तीनों की मौत हो गई। इनके नाम अभिजीत पिता अजीत कोल उम्र 6 वर्ष, अभी पिता कल्लू कोल उम्र 5 वर्ष और कृष्णा पिता नंदू कोल उम्र पांच वर्ष के रूप में हुई है। इनमें एक बच्चा कृष्णा ग्राम कपटीहा जिला बांदा (उप्र) का निवासी बताया गया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है। recent visitors 22

देश को एकजुट होकर सेना के साथ खड़े होने की जरूरत है, न कि उनके साहस और बलिदान पर सवाल उठाने की: रिटायर्ड मेजर जनरल

जयपुर कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से और एकजुटता का माहौल है। आतंकियों के इस हमले ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। रंधावा ने अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए कहा था कि चार साल के लिए कोई अपनी जान दांव पर नहीं लगाएगा, अग्निवीर योजना को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर सेना के जज्बे और मनोबल पर चोट करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल अनुज माथुर ने रंधावा के बयान को गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज देश को एकजुट होकर सेना के साथ खड़े होने की जरूरत है, न कि उनके साहस और बलिदान पर सवाल उठाने की। मेजर जनरल ने कहा कि हर अग्निवीर सैनिक देशभक्ति से भरा होता है, वह किसी नौकरशाही की चाहत में नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा की भावना से सेना में आता है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारतीय सेना का मोरल कोई चाय का प्याला नहीं है, जो हर घूंट के साथ नीचे गिर जाए। तीन मोर्चों पर लड़ाई की तैयारी में भारत रिटायर्ड मेजर जनरल अनुज माथुर ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत पहले ही तीन स्तरों पर कार्रवाई शुरू कर चुका है। पहला है आर्थिक युद्ध (इकोनॉमिक वॉरफेयर), जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 1960 की जल संधि को रद्द कर दिया है, जिससे पाकिस्तान की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त असर पड़ेगा। पाकिस्तान की ऊर्जा और सिंचाई का मुख्य स्रोत यही नदियां हैं और जल आपूर्ति बंद होने से पाकिस्तान में त्राहिमाम मच सकता है। दूसरा मोर्चा है मनोवैज्ञानिक युद्ध, जिसमें भारत ने पाकिस्तानी डिप्लोमेट्स को वापस भेजने और देश में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पाकिस्तान में भय और अनिश्चितता का माहौल फैल गया है। इसके साथ ही तीसरा और सबसे अहम मोर्चा है सैन्य ताकत का प्रदर्शन। भारतीय नौसेना ने अरब सागर में आईएनएस सूरत जैसे अल्ट्रा-मॉडर्न युद्धपोत को तैनात कर मिसाइल परीक्षण किया है। मेजर जनरल अनुज माथुर ने कहा कि पाकिस्तान आज भी 4 दिसंबर 1971 की रात को नहीं भूल पाया है, जब भारतीय नौसेना ने कराची पोर्ट को तबाह कर दिया था। आज हमारी नौसेना तब से 50 गुना ज्यादा ताकतवर हो चुकी है। recent visitors 34

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम का नाम परिवर्तित कर छत्तीसगढ़ दिव्यांग जन वित्त एवं विकास निगम करने की घोषणा की। साथ ही मुख्य मंच से इस अवसर पर 15 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण, 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण अदायगी करने पर ब्याज सब्सिडी एवं श्रवण बाधित दिव्यांग को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्यांगों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें दिव्यांग बच्चों का सर्वे कर उनके व्यवसाय एवं नए स्टार्टअप के लिए ऋण प्रदान कर मदद करनी चाहिए, ताकि उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आ सके। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनो के जीवन में खुशहाली लाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दंतेवाड़ा जिले में आए थे, तब दिव्यांगजनों से उनका विशेष लगाव देखने को मिला था। आज हमारी सरकार ने बेहद अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता को इसकी जिम्मेदारी दी है, जिसका सीधा लाभ दिव्यांग साथियों को मिलेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्पों के आधार पर दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने एवं उनके कौशल विकास पर जोर दे रही है। इस अवसर पर उन्होंने लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदभार ग्रहण समारोह में शासकीय दिव्यांग स्कूल माना के छात्र-छात्राओं द्वारा बहुत ही आकर्षक गीत गाया गया, जिसने सबका मन मोहा।इसके साथ ही राजनांदगांव के दिव्यांग स्कूल के श्रवण बाधित छात्रों द्वारा देशभक्ति नृत्य का मंचन भी किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा,  विधायक राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। recent visitors 30

अब Kotak Mahindra Bank ने भी अपने सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में कटौती का किया ऐलान

नई दिल्ली अगर आप भी कोटक महिंद्रा बैंक में सेविंग अकाउंट होल्डर हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा अप्रैल की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दरों में कटौती के बाद कई बड़े बैंक ब्याज दरें घटा रहे हैं। इसी कड़ी में अब Kotak Mahindra Bank ने भी अपने सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में कटौती का ऐलान कर दिया है। अब कितना ब्याज मिलेगा? कोटक महिंद्रा बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक: 50 लाख रुपये तक की जमा पर अब ब्याज दर घटाकर 2.75% कर दी गई है। 50 लाख रुपये से अधिक की जमा पर आपको 3.25% सालाना ब्याज मिलेगा। इससे पहले फरवरी में भी बैंक ने 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी, और अब फिर से 25 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की गई है। सेविंग अकाउंट में कैसे मिलता है ब्याज? बचत खाते पर मिलने वाला ब्याज बैंक आपके खाते में जमा राशि के आधार पर देता है। पहले यह ब्याज मासिक औसत बैलेंस (Monthly Average Balance) पर मिलता था, लेकिन अब RBI के निर्देशों के मुताबिक यह रोजाना के बैलेंस (Daily Balance) पर कैलकुलेट होता है और हर तिमाही (मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर) में खाते में जमा किया जाता है। भारत में सेविंग अकाउंट पर कितना ब्याज मिलता है? ज्यादातर बैंक सेविंग अकाउंट पर 2.5% से 4% सालाना तक का ब्याज देते हैं। हालांकि कुछ डिजिटल बैंक या छोटे फाइनेंस बैंक इससे अधिक ब्याज भी ऑफर करते हैं। क्या यह आपके लिए चिंता की बात है? अगर आपकी बचत का बड़ा हिस्सा सेविंग अकाउंट में पड़ा रहता है, तो यह ब्याज दरों में कटौती आपके लिए रिटर्न के लिहाज़ से नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में आप चाहें तो अपने पैसे को FD, मनी मार्केट फंड या दूसरे सुरक्षित निवेश विकल्पों में ट्रांसफर करने पर विचार कर सकते हैं।   recent visitors 37

नितेश राणे ने दिया बड़ा बयान, ‘दुकानदार से धर्म पूछें और हनुमान चालीसा पढ़ने को कहें, फिर खरीदें सामान’

मुंबई महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार (25 अप्रैल) को कहा कि हिंदुओं को दुकानदारों से कुछ भी खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. नितेश राणे की यह विवादास्पद टिप्पणी पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आई है. रत्नागिरि जिले के दापोली शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए राणे ने कहा, ‘‘उन्होंने मारने से पहले हमारा धर्म पूछा. इसलिए हिंदुओं को भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए." इतना ही नहीं, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने आगे कहा, "अगर वे आपका धर्म पूछ रहे हैं और आपको मार रहे हैं, तो आपको भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. हिंदू संगठनों को ऐसी मांग उठानी चाहिए." बीजेपी नेता ने कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि कुछ दुकानदार अपना धर्म नहीं बताएं या अपनी आस्था के बारे में झूठ बोलें. 'हनुमान चालीसा न पढ़ पाएं तो उनसे कुछ मत खरीदें'- नितेश राणे नितेश राणे ने विवादास्पद टिप्पणी को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘‘ जब भी आप खरीदारी के लिए जाएं, तो उनका धर्म पूछें. अगर वे कहते हैं कि वे हिंदू हैं तो उन्हें हनुमान चालीसा सुनाने के लिए कहें. अगर उन्हें हनुमान चालीसा नहीं आती तो उनसे कुछ भी न खरीदें.’’ पहलगाम में धर्म पूछ-पूछ कर मारी गोली मालूम हो, दक्षिण कश्मीर के पहगाम में बैसरन घाटी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने 26 पर्टकों को मार दिया. ये वो निर्दोष लोग थे जो अपने परिवार के साथ कुछ यादगार पल बिताने के लिए कश्मीर घूमने आए थे. आतंकियों ने पहले टूरिस्ट स्पॉट पर मौजूद आदमियों से धर्म के आधार पर अलग-अलग हो जाने को कहा. फिर धर्म पूछा, कलमा पढ़ाया और जो कलमा नहीं पढ़ पाया, उसे गोली मार दी. दुकान में आप भी पूछो-आपका धर्म क्या है अगर वो धर्म पूछ कर गोलियां चला रहें है तो कम से कम आप धर्म पूछकर सामान खरीदें और ये मांग हिंदू समाज को करनी चाहिए। दुकान में जाने के बाद आप भी पूछो कि आपका धर्म क्या है, वो झूठ भी बोल सकतें है क्योंकि वो नालायक हैं। इसलिए खरीदारी करने के पहले आप धर्म पूछिए। अगर वो खुद को हिंदू कहता है तो उसे बोलो कि हनुमान चालीसा बोलकर कर दिखाए, फिर उसकी हवा निकाल जाएगी। इसके बाद उसे बोले कि मैं तेरे पास से सामान नहीं खरीदूंगा और फिर किसी हिंदू के दुकान में चले जाओ.. ये फैसला आपको करना चाहिए। जिन्हें हम दूध पिलाएंगे, वो हमें ही काटेंगे अगर वो अपने धर्म को लेकर इतने कट्टर हैं तो हम क्यों उन्हे अमीर बना रहें है। अगर वो धर्म के लिए जिहाद कर रहें है तो हम क्यों उन्हे भाई चारा की बात करतें है। इस धर्म सभा से एक शपथ लेकर आप निकलिए इसके आगे हम सिर्फ हिंदूओं से ही सामान खरीदेंगे, फिर देखिए वो कैसे थर थर कांपने लगेंगे..दूध हम पिलाएंगे और फिर हमें ही काटेंगे। उस औरंगजेब ने अपने बाप को मारा, परिवार को खत्म किया , सगे भाई और बाप को मारा। जो अपने सगों के नहीं हुए वो आपके क्या होंगे, इसका विचार आप करिए। recent visitors 37