Sunday, July 5, 2026 6:43 am

ग्राम पंचायत खैराही के बिगड़े हैन्डपम्पों का पीएचई दल के द्वारा किया गया सुधार

ग्राम  पंचायत खैराही के बिगड़े हैन्डपम्पों का पीएचई दल के द्वारा किया गया सुधार  सिंगरौली  विगत दिवस ग्राम खैराही में हैन्डपम्प बिगड़ने की जैसी ही सूचना प्राप्त हुई। पीएचई विभाग द्वारा गठित दल को कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला द्वारा तत्काल हैन्डपम्पो का सुधार कराये जाने का निर्देश दिया गया था। उक्त आदेश के परिपालन में पीएचई विभाग द्वारा गठित दल के द्वारा ग्राम पंचायत खैराही में पहुचकर तत्काल बिगड़े हैन्डपम्पो का सुधार किया गया। पीएचई दल द्वारा शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के समीप लगे हैन्ड पम्प की चैन खराब होने पर तत्काल उसके चैन को बदला गया। वही जंगल में स्थित हैन्डपम्प के लाईन को सुधार कर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।  विदित हो कि कलेक्टर द्वारा संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए है कि अभियान चलाकर बिगड़े हुयें हैन्डपंम्प को तत्काल सुधारा जाना है। साथ ही जहा पर हैन्डपंम्प व्यवस्था नही है उन स्थलो को चिन्हित कर टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलंब्ध कराये जाने के निर्देश भी दिए गए है कि ताकि इस गर्मी के मौसम में कही भी पेयजल की समस्या उपत्पन्न न होने पायें। recent visitors 29

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  जशपुर जिले के बगीचा में महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ (चौबीस प्रहरी) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूजा स्थल पर राधा-कृष्ण, चैतन्य महाप्रभु और गौरांग स्वामी की विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की। वृंदावन भवन विस्तार के लिए 50 लाख और इंडोर स्टेडियम हेतु 2.75 करोड़ की स्वीकृति इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महाकुल यादव समाज के वृंदावन भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बगीचा में इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए पूर्व घोषित 2 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण के लिए भी एक करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन दोनों निर्माण कार्यों  को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यादव समाज: सनातन संस्कृति और गौवंश का रक्षक मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुल यादव समाज सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यादव समाज हमेशा से गौवंश का संरक्षक और पालक रहा है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए शासन द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से बीपीएल परिवारों को उच्च नस्ल की दुधारू गायों के वितरण की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने अल्प समय में पूरा किया है। सरकार बनने के तुरंत बाद, पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई। अब पात्रता का दायरा बढ़ाकर ‘आवास प्लस 2.0’ योजना में दुपहिया वाहन धारकों, 15 हजार से अधिक मासिक आय वालों तथा सीमित भूमि धारकों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि 30 अप्रैल तक चलाए जा रहे महाअभियान में सर्वे कराकर अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है।पीएससी घोटाले में दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर राज्य के 146 विकासखंडों के 10-10 ग्रामों में सीएससी और चॉइस सेंटरों के माध्यम से ग्राम स्तर पर धन निकासी की सुविधा शुरू की गई है, जिसे शीघ्र पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। नक्सल उन्मूलन, पर्यटन और औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह की घोषणा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने हेतु वृहद अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। नवीन औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे अनेक बड़े निवेशक राज्य में कारखाने स्थापित कर रहे हैं। साथ ही, वनोत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर पद्मजगेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, महाकुल यादव समाज सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर यादव, जिलाध्यक्ष गणेश यादव, भरत सिंह, पार्षद अमन शर्मा सहित महाकुल यादव समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और भारी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ का यह तीसरा वर्ष है। 22 अप्रैल से चल रहे इस भक्ति आयोजन का पूर्णाहुति समारोह 26 अप्रैल को संपन्न होगा। recent visitors 31

प्रदेश में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से की जायेगी

भोपाल प्रदेश में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से की जायेगी। इसके लिये कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया का टाइम टेबल घोषित कर दिया गया है। शिक्षण सत्र 2025-26 में 5 मई से प्रवेश प्रक्रिया की कार्यवाही शुरू की जा रही है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला कलेक्टर्स और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं। जारी कैलेण्डर के अनुसार 5 मई, 2025 को नि:शुल्क प्रवेश के लिये मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूल एवं उनमें उपलब्ध कक्षा की सीट का पोर्टल पर प्रदर्शन होगा। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं त्रुटि-सुधार का कार्य 7 मई से 21 मई तक किया जायेगा। आवेदन के बाद सत्यापन का कार्य शासकीय जन-शिक्षा केन्द्र में 7 मई से 23 मई तक होगा। रेण्डम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन एवं चयनित आवेदकों को एसएमएस द्वारा सूचना 29 मई तक की जायेगी। आवंटन के बाद अशासकीय स्कूल में प्रवेश के लिये उपस्थिति और स्कूल द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग का कार्य 2 से 10 जून तक किया जायेगा। आवेदक अपने ग्राम, वार्ड तथा विस्तारित पड़ोस के गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में पोर्टल पर कक्षावार प्रदर्शित स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिये आवेदन दर्ज करा सकेंगे। निर्धारित सत्यापन केन्द्र (शासकीय जन-शिक्षा केन्द्र) में मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाना अनिवार्य है। प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी एजुकेशन पोर्टल पर भी प्रदर्शित की गयी है। इससे जुड़ी जानकारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है। प्रवेश प्रक्रिया में कक्षावार निर्धारित आयु की भी जानकारी दी गयी है। नर्सरी में न्यूनतम आयु 3 वर्ष एवं अधिकतम आयु 4 वर्ष 6 माह, के.जी.-1 में न्यूनतम आयु 4 वर्ष एवं अधिकतम आयु 5 वर्ष 6 माह, के.जी.-2 में न्यूनतम आयु 5 वर्ष एवं अधिकतम आयु 6 वर्ष 6 माह, कक्षा-1 में न्यूनतम आयु 6 वर्ष एवं अधिकतम आयु 7 वर्ष 6 माह निर्धारित की गयी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्धारित तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं।   recent visitors 26

रायपुर : मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना बनी जीवन रक्षक

रायपुर : मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना बनी जीवन रक्षक राजनांदगांव की पूजा विश्वकर्मा को लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मिली 18 लाख रुपए की सहायता रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इसी योजना के तहत राजनांदगांव जिले की श्रीमती पूजा विश्वकर्मा को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकी, जिससे उनका सफलतापूर्वक लिवर ट्रांसप्लांट संभव हुआ और उन्हें नया जीवन मिला। श्रीमती पूजा विश्वकर्मा के पति श्री आनंद विश्वकर्मा पेशे से एसी मैकेनिक हैं और अपने सीमित संसाधनों में परिवार का भरण-पोषण करते हैं। जब श्रीमती पूजा को गंभीर लिवर की बीमारी का पता चला और डॉक्टरों ने लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता जताई, तब परिवार के सामने लगभग 26 लाख रुपए के खर्च की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। पहले एम्स रायपुर और फिर एम्स दिल्ली में उपचार चलने के बाद वर्ष 2025 में रायपुर के श्री नारायणा हॉस्पिटल में लिवर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस जटिल और खर्चीले उपचार में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य सरकार से मिली 18 लाख रूपए की आर्थिक सहायता श्रीमती पूजा के जीवन की रक्षा का आधार बनी। श्री आनंद विश्वकर्मा ने योजना के प्रति आभार जताते हुए कहा, “जब डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही और खर्च बताया, तो हम बिल्कुल टूट चुके थे। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना ने हमें न केवल हिम्मत दी, बल्कि मेरी पत्नी का जीवन भी बचाया। अगर यह योजना न होती, तो मेरी पत्नी को बचा पाना मुश्किल था। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार का हृदय से धन्यवाद करता हूं।” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद नागरिकों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सहायता हेतु राज्य रकार द्वारा आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना ने अब तक अनेक मरीजों को नवजीवन प्रदान किया है और प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में स्थापित हो चुकी है। recent visitors 38

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि व्यक्तियों के समूह से समाज बनता है और समाज से देश का निर्माण होता है

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि व्यक्तियों के समूह से समाज बनता है और समाज से देश का निर्माण होता है, लेकिन संस्कार देने का कार्य समाज करता है। विकास को वरदान बनाता है संस्कार। संस्कार से ही सशक्त समाज की रचना होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ड्रीम वर्ल्ड गार्डन एवं रिसोर्ट गोम्मटगिरि इंदौर में आयोजित बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव के अवतार है बागेश्वर और ऋषि कश्यप के वंशज है, जिनका संबंध कश्मीर से है। बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज देशभर में फैला है और यह शिक्षा, स्वास्थ्य के बेहतरी के साथ सामूहिक विवाह जैसे कार्य भी कर रहा है, जो अनुकरणीय है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर रोजगार के क्षेत्र में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही है। जिसमें आयुष्मान भारत योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्टार्टअप योजना आदि शामिल है। इन योजनाओं से समाज लाभान्वित हुआ है और उनके जीवन में बदलाव आया। शुक्ल ने कहा कि देश में जितने अधिक रोजगार के अवसर होंगे, भारत उतनी तेजी से आर्थिक महाशक्ति बनेगा। इसमें हर समाज अपनी भूमिका निभायें। शुक्ल ने युवाओं से आहवान किया कि देश को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये और नशे से दूर रहें। सामाजिक उत्थान के साथ धार्मिक उत्थान की दिशा में भी कार्य करें, जिससे सनातन धर्म और मजबूत हो। शुक्ल ने इंदौर के नागरिकों की स्वच्छता के संस्कार की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को स्वच्छ बनाने की पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी, लेकिन इसमें इंदौर ने अहम भूमिका निभाई। इंदौर के नागरिक स्वच्छता के प्रति बड़े सजग है। वे चॉकलेट के रैपर से केले के छिलके तक को सड़क पर नहीं फेंकते। इसी वजह से इंदौर शहर पूरे देश में लगातार सातवीं बार स्वच्छता में नम्बर वन बना हुआ है। यह साधारण बात नहीं, बगैर इच्छा शक्ति के यह संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमारे यहां बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री भी है, जो सनातन धर्म की ध्वजा को पूरे देश में फैला रहे हैं। वे अपनी गृह क्षेत्र में एक विशाल कैंसर अस्पताल बना रहे है, जिसके शिलान्यास में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु भी शामिल हुए। इतना बड़ा कार्य बिना इच्छा शक्ति के संभव नहीं। पूर्व विधायक आकाश विजयर्वीय ने भी संबोधित किया। इस मौके पर बागेश्वर कसौधन वैश्य समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता सहित देश से आये समाजजन उपस्थित थे।   recent visitors 30

प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन पदों की चयन प्रक्रिया शीघ्रतापूर्वक आयोजित करे, जिससे राज्य के अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता हो और मरीजों को समय पर समुचित इलाज मिल सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर कार्यालय में मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, म.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश लाल मेहरा, आयोग के सदस्य प्रो. कृष्णकांत शर्मा, सचिव प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्य अधिकारी आर. पंचवई अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमजीएम इंदौर डॉ. अरविंद घनघोरिया सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 36

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एवीजीसी-एक्सआर, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित

आईटी और संबंधित क्षेत्र की नीतियों से मिलेगा निवेश और नवाचार को बढ़ावा प्रदेश में आईटी और संबंधित क्षेत्रों में नवाचार और निवेश को गति देने के लिए चार प्रगतिशील नीतियां लागू ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एवीजीसी-एक्सआर, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित भोपाल प्रदेश में आईटी और संबंधित क्षेत्रों में नवाचार और निवेश को गति देने के लिए चार प्रगतिशील नीतियां लागू हैं। यह नीतियां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एवीजीसी-एक्सआर, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन नीतियों का उद्देश्य उन्नत तकनीकों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, व्यवसायों को समर्थन देना और नवाचार को बढ़ावा देना है। इन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। आगामी टेक ग्रोथ कॉनक्लेव में नीतियों का अधिकतम लाभ निवेशकों तक पहुंचाने और राज्य के तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। तकनीकी और रचनात्मक क्षेत्रों के लिए नई उड़ान जीसीसी और एवीजीसी-एक्सआर नीति जीसीसी नीति 2025 के तहत बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए पूंजीगत सहायता, कौशल विकास, वेतन सहायता, आरएंडडी और आईपी संरक्षण को प्रोत्साहन देने के प्रावधान हैं। प्रमुख प्रोत्साहनों में पूंजीगत सहायता, किराया सहायता, वेतन सब्सिडी और आरएंडडी सहायता शामिल है। साथ ही भूमि छूट, ब्याज सहायता, मार्केटिंग व इवेंट होस्टिंग के लिए भी वित्तीय सहयोग मिलेगा। जीसीसी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिक विभाग अंतर्गत एमपीएसईडीसी द्वारा इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में आईटी पार्कों में 4 नए सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। एवीजीसी-एक्सआर नीति 2025 के तहत प्रदेश को भारत के रचनात्मक उद्योगों का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नीति के अंतर्गत पीपीपी मॉडल पर एवीजीसी मीडिया पार्क की स्थापना, कौशल विकास, कंटेंट निर्माण और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दिए जाने के प्रावधान हैं। इसमें कैपेक्स सहायता, किराया व वेतन सहायता, प्रोडक्शन इंसेंटिव और क्वालिटी सर्टिफिकेशन की सहायता दिए जाने के प्रावधान है। इंटरनेट शुल्क की आंशिक प्रतिपूर्ति और वार्षिक एवीजीसी-एक्सआर कॉन्क्लेव का आयोजन भी प्रस्तावित है। कॉनक्लेव में नवीन एवीजीसी-एक्सआर प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाएंगे। ड्रोन और सेमीकंडक्टर क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, सरकार ने ड्रोन और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश, निर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दो नई नीतियाँ "ड्रोन प्रमोशन एंड यूसेज पॉलिसी- 2025" और "सेमीकंडक्टर नीति-2025" लॉन्च की हैं। ड्रोन नीति का लक्ष्य मध्यप्रदेश को ड्रोन निर्माण और तकनीक में अग्रणी बनाना है। नीति के तहत ड्रोन आधारित गवर्नेंस सेवाओं को बढ़ावा देना, स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से ईको-सिस्टम को मजबूत करना। पूंजीगत सहायता, किराया सहायता, आईपी प्रोटेक्शन एवं क्वालिटी सर्टिफिकेशन पर सहायता और आरएंडडी सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त, ड्रोन कोर्सेस के लिए सहायता और मार्केटिंग व इंटर्नशिप के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कॉनक्लेव में ड्रोन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन किया जायेगा। सेमीकंडक्टर नीति-2025 के अंतर्गत प्रदेश को देश की सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने का लक्ष्य है। यह नीति डिजाइन से लेकर निर्माण तक सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) ईको-सिस्टम को विकसित करने पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत पूंजीगत सहायता, भूमि पर छूट, ब्याज सब्सिडी, बिजली दर सब्सिडी शामिल है। कंपनियों को पेरोल प्रोत्साहन, ईपीएफ रीइंबर्समेंट और अधिक के निवेश पर कस्टमाइज़्ड पैकेज भी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के संबंधित कंपनियों के स्थापना का भूमि पूजन कॉनक्लेव में किए जाएंगे। टेक ग्रोथ कॉनक्लेव के आयोजन से राज्य सरकार तकनीकी नवाचार, निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रही है।   recent visitors 20