मुख्यमंत्री साय ने 24 लाख से अधिक की राशि से बनने वाले महतारी सदन भवन का भूमि पूजन किया

जशपुरनगर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने बुधवार को कांसाबेल विकास खंड के ग्राम दोकड़ा के प्राचीन जगन्नाथ मंदिर का जीर्णोद्धार पश्चात प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुई उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की मुख्यमंत्री ने दोकड़ा में 24 लाख 74 हजार की लागत से बनने वाले महतारी सदन का भूमि पूजन किया मुख्यमंत्री ने दोकड़ा के श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के सदस्यों धन्यवाद देते हुए उनके कार्यों की सराहना की ग्रामवासी धर्म कर्म के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दोकड़ा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 1942 से निकाली जा रही है। रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा गांव के पंडित स्व सुदर्शन सतपथी और उनकी धर्मपत्नी सुशीला सतपथी के द्वारा शुरू किया गया था। मंदिर का निर्माण 1968 में किया गया था। मंदिर के जर्जर होने के कारण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विगत वर्ष में संकल्प लिया गया था कि मंदिर का जिर्णोद्धार करने भगवान जगन्नाथ मंदिर को नव निर्मित भवन बनाएंगे और मुख्यमंत्री का संकल्प पूरा हुआ उन्होंने ग्रामवासियों को सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया है। 21 मई से प्रतिदिन विशाल मीना बाजार का भी होगा आयोजन हो रहा है इस दौरान 21 से 27 मई तक अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।           आयोजित धार्मिक कार्यक्रम अनुसार 21 मई को मैनी नदी बगिया से मंदिर प्रांगण तक कलश यात्रा निकाली गई  22 मई को सुबह 7 बजे से सूर्य पूजन, गौ पूजन, मंदिर प्रवेश, पार्श्व विग्रह, नेत्र उनिजन, 23 मई को प्रातः 7 बजे से सूर्य पूजन, मंडल पूजन, शिखर कलश, एवं नीलचक्र स्थापना, पार्श्व विग्रह महास्नान, 24 मई को प्रातः 7 बजे से सूर्य पूजन, मंडल पूजन, यज्ञ हवन, 25 मई को श्री जगन्नाथ स्वामी जी, बलभ्रद्र जी, सुभद्रा जी का मंदिर प्रवेश एवं संध्या भव्य कलश यात्रा अधिवास तथा 27 मई को प्रातः 8 बजे पूर्णाहूति, दधीभंजन एवं नगर भ्रमण जिसमें ओडिशा के कीर्तन मंडली द्वारा ओड़िसा भजन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके पश्चात् महाप्रसाद वितरण एवं समापन होगा। recent visitors 25

MP बोर्ड द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की नई तारीखें, अब 25 और 31 मई तक भर सकेंगे फॉर्म

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2024-25 की 10वीं-12वीं द्वितीय परीक्षा के लिये आवेदन की तारीख बढ़ा दी है।हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2025 में पास हुए छात्र अंक सुधार और फेल हुए छात्र उत्तीर्ण विषयों के अंक सुधार के लिये अब 25 मई तक आवेदन कर सकते है। वहीं मुख्य परीक्षा में केवल फेल विषयों की द्वितीय परीक्षा के लिए 31 मई 2025 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक होगी परीक्षा, यहां करें आवेदन एमपी हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। असफल विद्यार्थी 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए 21 मई तक परीक्षा फॉर्म भरे जा सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स को www.mponline.gov.in पोर्टल पर जाना होगा और उसमें परीक्षा फॉर्म सबमिट कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला अगर कोई अपना रिजल्ट का इंप्रूवमेंट करना चाहता है तो वह भी परीक्षा में बैठ सकेगा। देश में मध्य प्रदेश यह प्रयोग करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। ये फैसला नई शिक्षा नीति-2020 (NEP2020) के तहत लिया गया है। परीक्षा का कार्यक्रम     हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 26 जून 2025 तक आयोजित की जाएगी।     हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक आयोजित होगी। एमपी बोर्ड एग्जाम में इतने प्रतिशत छात्र हुए पास आपको बता दें कि 6 मई को बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ था। इस साल बोर्ड परीक्षा में 15 सालों का रिकॉर्ड टूटा गया। हर साल की तरह इस साल भी लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल और 12वीं में सतना की रहने वाली प्रियल ने टॉप किया। इस वर्ष 10वीं में 76.42 फीसदी, जबकि 12वीं में 74.48 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए। recent visitors 61

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु पर यौन शोषण के आरोप, HC ने दिए SIT जाँच के आदेश

जबलपुर  रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो राजेश वर्मा पर महिला अधिकारी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इसकी जांच में लापरवाही को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने जांच के लिए तीन सदस्यीय आईपीएस अधिकारियों के कमेटी गठित करने के आदेश जारी किए हैं। कमेटी की अध्यक्षता आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे और पुलिस अधीक्षक रैंक की एक महिला अधिकारी सदस्य रहेंगी। कमेटी में जबलपुर जिले से किसी को शामिल नहीं किया जाएगा। एकलपीठ ने तीन दिनों में एसआईटी गठित करने के आदेश राज्य सरकार को जारी किए हैं। कुलपति के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में पदस्थ महिला अधिकारी ने कुलपति डॉ राजेश कुमार वर्मा के खिलाफ कार्यस्थल में यौन शोषण की शिकायत की थी। शिकायत पर कार्यवाही नहीं होने के कारण पीड़ित महिला अधिकारी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि 21 नवंबर 2024 को एक मीटिंग के दौरान कुलगुरु ने अपने कक्ष में उन्हें अभद्र इशारे किये थे। कुलगुरु ने मर्यादा के सबके सामने विपरीत अशोभनीय टिप्पणी करते हुए अभद्र इशारे किए थे। घटना दिनांक की कुलपति कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग उन्होने सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी,जो प्रदान नहीं की गयी। सरकार याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ को बताया गया था कि जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठित की गयी है। इसके अलावा घटना दिनांक के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा गया है। सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं की याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया था कि विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से घटना दिनांक की सीसीटीवी फुटेज जांच कमेटी के समक्ष पेश नहीं की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कमेटी को बताया कि सीसीटीवी में खराबी आने के कारण फुटेज डाउनलोड नहीं हुआ। एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को विश्वविद्यालय में लगे कैमरों की जांच फॉरेन्सिक व तकनीकी विशेषज्ञों से करवाने के आदेश जारी किए थे। जिला कलेक्टर के द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट का अवलोकन करने पर एकलपीठ ने पाया था कि उसमें कुलपति के कमरे में घटना के दिन सीसीटीवी कैमरा काम कर रहा था या नहीं, इसका कोई उल्लेख नहीं है। एकलपीठ ने कमेटी द्वारा जब्त दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य तत्वों का परीक्षण कर जांच के संबंध में हलफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए थे। जांच के साक्ष्य में रुचि नहीं दिखाई जिला कलेक्टर ने प्रस्तुत हलफनामा में जांच पर असंतुष्टि व्यक्त की थी। एकलपीठ ने पाया कि जांच कमेटी ने शिकायत की जांच के दौरान साक्ष्य एकत्र करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। समिति के दौरान पेश की गयी जांच रिपोर्ट संतोषजनक है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के संबंध में एक महिला कर्मचारी द्वारा की गई गंभीर शिकायत के बावजूद मामले की उचित जांच नही करवाते हुए प्रतिवादी अधिकारी मनमानी कर रहे है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का तर्क है कि जिस व्यक्ति पर पीड़िता ने आरोप लगाए हैं, वह प्रभावशील व्यक्ति है और उसके उच्च राजनीतिक संबंध हैं। एमपी हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उचित जांच करने का अवसर दिया था परंतु प्रस्तुत रिपोर्ट असंतोषजनक है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की। recent visitors 29

PWD के कार्यपालन यंत्री अरनव गुहा ने ड्यूटी के समय शराब पीकर कलेक्टर की मीटिंग में आने से मना कर

नरसिंहपुर जिले में एक बड़े अधिकारी की लापरवाही सामने आई है। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री अरनव गुहा ने ड्यूटी के समय शराब पीकर कलेक्टर की मीटिंग में आने से मना कर दिया। यह घटना कृषि मेले की तैयारियों के दौरान हुई। कलेक्टर शीतला पटले ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है और FIR दर्ज करने की चेतावनी दी है। इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखते हैं अधिकारी जिले के कुछ बड़े अधिकारी अब मनमानी पर उतर आए हैं। वे प्रशासनिक नियमों को ताक पर रख रहे हैं। ड्यूटी के समय शराब पीना और अधिकारियों के आदेशों को न मानना आम बात हो गई है। हाल ही में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री अरनव गुहा ने ऐसी ही लापरवाही दिखाई। कृषि मेले की तैयारी को लेकर थी मीटिंग कलेक्टर ने कृषि मेले की तैयारियों की मीटिंग में उन्हें बुलाया था। गुहा ने मीटिंग में आने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे 'शराब के नशे में हूं नहीं आ सकता।' यह कृषि मेला 26 से 28 मई तक कृषि विज्ञान केंद्र के पास होना है। इस कार्यक्रम में देश के उपराष्ट्रपति और राज्य के मुख्यमंत्री भी आ सकते हैं। इसलिए जिला प्रशासन तैयारियों को लेकर बहुत गंभीर है। लोक निर्माण विभाग की अहम भूमिका कलेक्टर शीतला पटले ने 18 मई की शाम सभी अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर बुलाया था। इस मीटिंग में लोक निर्माण विभाग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। हेलिपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक की व्यवस्था इसी विभाग को करनी थी। जब कार्यपालन यंत्री अरनव गुहा मीटिंग में नहीं पहुंचे, तो कलेक्टर ने अपने स्टेनो से उन्हें फोन करवाया। गुहा ने फोन पर साफ कहा कि वे शराब के नशे में हैं और मीटिंग में नहीं आ सकते। उन्होंने कहा, 'शराब के नशे में हूं नहीं आ सकता।' कलेक्टर ने एफआईआर करने के निर्देश दिए सूत्रों के अनुसार, गुहा विभागीय रेस्ट हाउस में शराब पी रहे थे। कलेक्टर ने तुरंत उन्हें मेडिकल जांच के लिए बुलाया और FIR दर्ज करने के आदेश दिए। लेकिन, किसी ने गुहा को पहले ही खबर कर दी, जिससे वे वहां से भाग गए। कलेक्टर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने तीन दिनों में संतोषजनक जवाब मांगा है। जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 29

लुटेरी दुल्हन ने 7 महीने में की 25 शादियां, लूटकर हुई फरार,Police ने किया पर्दाफाश

भोपाल  लुटेरी दुल्हन अनुराधा पासवान अभी सवाई मधोपुर पुलिस की कस्टडी में है। वहां के विष्णु शर्मा से शादी के बाद अनुराधा पासवान भाग गई थी। इसके बाद पुलिस ने भोपाल से उसे गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अनुराधा के बारे में कई राज खुले हैं। वह पहले से शादीशुदा थी। साथ ही उसके दो बच्चे भी हैं। पति से तलाक नहीं हुआ है। पति और बच्चों को छोड़कर वह भोपाल में रह रही थी। भोपाल में ही रहने के दौरान वह शादी कराने वाले गिरोह का हिस्सा बनी है। गिरोह के लोगों को जरिए ही अनुराधा लोगों से शादी के नाम पर ठगी करने लगी। सात महीने में 25 शादियां पुलिस ने उन 25 पीड़ित लोगों की पहचान कर ली है, जिनसे अनुराधा पासवान ने इन सात महीनों में शादी की थी। आशंका है कि पीड़ितों की संख्या बढ़ भी सकती है। यह गिरोह मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय है। अनुराधा के फोन में पुलिस को मैसेज मिले हैं कि वह एजेंट पर दबाव बनाती थी कि जल्दी से शादी कराओ, नहीं तो मैं दूसरी देख रही हूं। भोपाल में कुछ दिन एग डोनर का काम करते हुए गोलू नाम के युवक के संपर्क में लुटेरी दुल्हन आई। गोलू उस गिरोह का सदस्य था, जो फर्जी शादी कराता था। लुटेरी दुल्हन अनुराधा पासवान को हर शादी के एवज में 50 हजार दिये जाते थे। गिरोह के सदस्यों ने अनुराधा पासवान को निर्देश दिए थे कि, शादी के 7 दिनों में घर से फरार होना है। इकरारनामे के जरिए शादी कराई जाती थी। अनुराधा पासवान को अनाथ बताया जाता था। लोकल एजेंट के जरिए पूरा जाल बिछाया जाता था। गिरोह में गोलू, मजबूत सिंह यादव, रोशनी, रघुवीर और सुनीता का नाम सामने आए हैं। ठग दूल्हे के परिवार से 2 से 5 लाख रुपए लेते थे। इसके अलावा सात दिनों के भीतर जितना कीमती सामान दूल्हा के घर से बटोरा जा सकता, अनुराधा बटोरकर फरार हो जाती। फिलहाल, पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। 7 से 15 दिन का होता था टारगेट अनुराधा पासवान एक शादी के बाद ससुराल में 7 से 15 दिन तक रहती थी। इस दौरान वह पत्नी और बहू होने का पूरा धर्म निभाती थी। सवाई माधोपुर में विष्णु शर्मा के घर पर वह 12 दिनों तक रही थी। इसके बाद भाग गई थी। अनुराधा जब ससुराल से भागती थी तो वहां से कीमती सामान और जूलरी लेकर भागती थी। इसके बाद वह दूसरे शिकार की तलाश पर निकल जाती थी। एक शादी पर मिलते थे 50000 रुपए फर्जी शादी कराने वाले लोगों का पूरा गैंग है। उनके निशाने पर ऐसे लोग होते थे, जिनकी शादी नहीं हो रही होती है। लोकल एजेंट के जरिए ये लोग उन्हें फंसाते थे। इसके बाद पीड़ितों से शादी के बदले में दो से तीन लाख रुपए लेते थे। इसमें से 50000 रुपए पर शादी अनुराधा को मिलते थे। रुपए मिलने की वजह से अनुराधा को फर्जी शादी का चस्का लग गया था। अनाथ है यह.. वहीं, शादी से पहले एजेंट दूल्हा पक्ष के साथ इकरारनामा कराते थे कि दुल्हन अनाथ है। इसका पूरा ख्याल रखना है। अनुराधा ने बचपन से गरीबी देखी है। इसे माता-पिता का प्यार नहीं मिला है। इससे अच्छे से रखोगे तो यह लोगों का ख्याल रखेगी। भोपाल में भी कर ली थी शादी सवाई माधोपुर से भागकर अनुराधा पासवान ने भोपाल में भी शादी कर ली थी। पुलिस जब इसे गिरफ्तार करने पहुंची तो वह ससुराल में थी। राजस्थान पुलिस की टीम जब ससुरालवालों की इसकी हकीकत बताई तो लोग सन्न रह गए। वहीं, उनलोगों ने कहा था कि शादी के लिए दो लाख रुपए दिए हैं। आपलोग इसे ले जाने से पहले दो लाख रुपए दीजिए। पति से नहीं हुआ था तलाक अनुराधा पासवान मूल रूप से यूपी के महाराजगंज की रहने वाली है। वहां उसने विशाल नाम के युवक से शादी की थी। विशाल से अनुराधा के दो बच्चे भी हैं। एक बेटा और बेटी है। सभी को छोड़कर वह भोपाल में रहने लगी थी। पहले पति से उसका कानूनी रूप से तलाक भी नहीं हुआ है और अनुराधा ने 25 शादियां कर ली है। अनुराधा की तरह अन्य महिलाएं भी वहीं, गैंग में अनुराधा की तरह अन्य महिलाएं भी हैं, जो फर्जी शादी करने का काम करती थी। गिरफ्तार एजेंट के पास से 15-20 महिलाओं की तस्वीर मिले हैं। पुलिस उन सभी की जांच कर रही है। साथ ही गिरोह के अन्य लोगों की तलाश कर रही है। recent visitors 49

महापौर के आदेश पर एक्शन, इंदौर बीआरटीएस में तुर्किये की कंपनी का ठेका रद्द

इंदौर  तुर्की की कंपनी को इंदौर में बड़ा झटका लगा है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने तत्काल प्रभाव से तुर्की स्थित असिस गार्ड कंपनी का बीआरटीएस (बेस्ड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) पर फेयर कलेक्शन सिस्टम का ठेका निरस्त कर दिया है। निगम के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, मेयर को पता चला कि यह जिम्मेदारी विदेशी कंपनी के पास है, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को तुरंत टेंडर रद्द करने का आदेश दिया। 2019 से फेयर कलेक्शन कर रही कंपनी जानकारी के मुताबिक असिस गार्ड कंपनी ने 2019 से इंदौर बीआरटीएस फेयर कलेक्शन सिस्टम की आपूर्ति एवं मेंटेनेंस का कार्य संभाला हुआ था। पिछले सप्ताह हुई बोर्ड बैठक में पहले ही यह निर्णय लिया गया था कि बीआरटीएस पर काम करने वाली सभी कंपनियों के ठेके निरस्त किए जाएंगे, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश पर बीआरटीएस को तोड़ने का काम किया जाना है। भोपाल–इंदौर मेट्रो का भी मिला है काम असिसगार्ड को मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन ने बीते वर्ष भोपाल–इंदौर मेट्रो के 53 स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने के लिए इंटरनेशनल टेंडर (कुल राशि 230 करोड़) में 186.52 करोड़ की बोली लगाने पर यह ठेका दिया था। इसके प्रतिद्वंद्वी NEC कॉर्पोरेशन इंडिया ने 204.57 करोड़ का प्रस्ताव रखा था। भोपाल में कई जगहों पर काम जब ठेका मिला, तो कंपनी ने भोपाल के सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर एवं रानी कमलापति स्टेशनों पर गेट एवं टर्नस्टाइल इंस्टालेशन का कार्य शुरू कर दिया। इंदौर में भी गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक पांच स्टेशनों में सिस्टम इंस्टाल कर दिया गया था। असिस गार्ड के उत्पाद एवं सेवाएं तुर्की की असिस गार्ड रक्षा एवं सीमा सुरक्षा क्षेत्र में अग्रणी है। यह कंपनी रोटरी विंग सशस्त्र एवं निरस्त्र ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल विजन एवं सीमा सुरक्षा समाधानों के साथ-साथ सैन्य वाहन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी विकसित करती है। असिस गार्ड' का अनुबंध खत्म तो सिर्फ,  टिकट सिस्टम मैन्यूवल करेंगे मेट्रो अफसरों की माने तो कंपनी का अनुबंध खत्म करने की स्थिति में एक ही ऑप्शन बच रहा है, जो मैन्युवली टिकट सिस्टम है। दरअसल, 'असिस गार्ड’ के जिम्मे ही सबसे महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन यानी किराया लेने की पूरी प्रक्रिया का सिस्टम तैयार करने का काम है। जिसमें कार्ड के जरिए किराया लेने के बाद ही गेट खुलना भी शामिल है। यह कंपनी सिस्टम का पूरा मेंटेनेंस भी करेगी। अनुबंध खत्म होने की स्थिति में कंपनी से काम नहीं लिया जा सकेगा। इसलिए मेट्रो कॉरपोरेशन मैन्युवली टिकट सिस्टम लागू कर सकता है। अफसरों के अनुसार, मैन्युवली सिस्टम के लिए अमला तैनात करना पड़ेगा। इसलिए प्लान तैयार कर रहे हैं। मेट्रो के जीएम (प्रोजेक्ट) अजय गुप्ता ने बताया, कंपनी के संबंध में वरिष्ठ स्तर पर चर्चा की जा रही है। पूर्व मंत्री बोले-तुर्किए मेट्रो में विस्फोट भी कर सकता है कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि तुर्किए की कंपनी का ठेका तुरंत निरस्त होना चाहिए। भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर कंपनी ने जो सामान लगाया है, उसे बाहर निकाला जाए। तुर्किए पाकिस्तान का समर्थक है और भारत के खिलाफ उसके ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है। यदि उसके इक्युपमेंट (संसाधन) मेट्रो स्टेशनों पर लगते हैं तो कोई भरोसा नहीं कि तुर्किए मेट्रो ट्रेन में विस्फोट भी कर दें। यदि अनुबंध निरस्त और सामान नहीं निकाला जाता है तो बड़ा प्रदर्शन करेंगे। मंत्री विजयवर्गीय के इस ट्विट के बाद मामला सुर्खियों में आया… 19 मई को शाम 6.58 बजे डॉ. मोहन सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 'X' पर एक पोस्ट लिखी। जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि…भारत विरोधी मानसिकता का कोई स्थान नहीं। हमारे लिए राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है। जो भी भारत की संप्रभुता के विरुद्ध खड़ा होगा, वह चाहे कोई भी क्यों न हो, उसके साथ किसी भी प्रकार की सहानुभूति या सहयोग असहनीय है। recent visitors 35

जाफर ने 16 खिलाड़ियों के अपने इस स्क्वॉड का कप्तान शुभमन गिल या फिर ऋषभ पंत को नहीं बल्कि जसप्रीत बुमराह को चुना

नई दिल्ली भारत के इंग्लैंड दौरे का आगाज 20 जून से होने जा रहा है। इस टूर से पहले बीसीसीआई और चयनकर्ताओं के सामने कई सवाल है। इस टूर के लिए टीम इंडिया का कप्तान कौन होगा, रोहित शर्मा और विराट कोहली की जगह प्लेइंग XI में कौन होगा। अश्विन की जगह किस स्पिनर को स्क्वॉड में जगह मिलनी चाहिए…इन सभी सवालो का जवाब फैंस को जल्द ही बीसीसीआई की तरफ से मिलेगा। मगर फिलहाल टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा एक्सपर्ट वसीम जाफर ने देने की कोशिश की है। जाफर ने 16 खिलाड़ियों के अपने इस स्क्वॉड का कप्तान शुभमन गिल या फिर ऋषभ पंत को नहीं बल्कि जसप्रीत बुमराह को चुना है। वसीम जाफर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना स्क्वॉड चुनते हुए बतौर ओपनर यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल को चुना है। रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में राहुल ने ही ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय पारी का आगाज किया था। वहीं जाफर ने नंबर-3 पर शुभमन गिल को ही रखा है और उन्हें उप-कप्तान बनाया है। कई एक्सपर्ट ने गिल को नंबर-4 पर खेलने की सलाह दी थी, मगर जाफर का कुछ और ही मानना है। उन्होंने नंबर-4 पर श्रेयस अय्यर या फिर करुण नायर को खिलाने का विकल्प चुना है। नंबर-5 पर उन्होंने विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का चयन किया है। वसीम जाफर ने अपने इस स्क्वॉड के टॉप-11 खिलाड़ियों में रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव को बतौर स्पिनर जगह दी है, वहीं हरफनमौला शार्दुल ठाकुर समेत जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी पेस अटैक का हिस्सा होंगे। एक्सट्रा खिलाड़ियों में उन्होंने अभिमन्यू ईश्वरन, ध्रुव जुरेल, सरफराज खान, अर्शदीप सिंह/प्रसिद्ध कृष्णा/आकाशदीप और वॉशिंगटन सुंदर को रखा है। इंग्लैंड टूर के लिए वसीम जाफर का भारतीय स्क्वॉड- यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल (उप-कप्तान) , श्रेयस अय्यर/करुण नायर, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह (कप्तान), मोहम्मद सिराज, अभिमन्यू ईश्वरन, ध्रुव जुरेल, सरफराज खान, अर्शदीप सिंह/प्रसिद्ध कृष्णा/आकाशदीप और वॉशिंगटन सुंदर   recent visitors 43