Thursday, July 9, 2026 4:55 pm

जनभागीदारी कर्मचारियों को स्थाईकर्मी घोषित ना करने पर हाईकोर्ट नें प्राचार्य को लगाई फटकार

जनभागीदारी कर्मचारियों को स्थाईकर्मी घोषित ना करने पर हाईकोर्ट नें प्राचार्य को लगाई फटकार

The High Court reprimanded the Principal for not declaring public participation employees as permanent employees. भोपाल। प्रदेश क़े शासकीय महाविद्यालयों मे कई वर्षो से कार्यरत जनभागीदारी के अंतर्गत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कोर्ट के आदेश के बाद भी स्थाईकर्मी की श्रेणी नहीं दे रहा है। जबकि कुछ कॉलेजों ने इस श्रेणी का लाभ दे दिया है। जबकि कई शासकीय महाविद्यालयों क़े प्राचार्य द्वारा कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। यानि वे मनमानी पर उतारू हैं। जिससे कर्मचारी फिर से उच्च न्यायालय की शरण ले रहे हैं।शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर के प्राचार्य की कर्मचारी विरोधी सोच का मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा महाविद्यालयीन जनभागीदारी कर्मचारी संघ मप्र के राजगढ़ जिले के सदस्य हितेश गुरगेला ने बताया कि इंदौर महाविद्यालय की जनभागीदारी निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों ने स्थाई कर्मी योजना से लाभान्वित करने उच्च न्यायालय इंदौर का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय इंदौर ने अंतिम निर्णय 20 दिसंबर 2024 को पारित किया था, लेकिन महाविद्यालय के प्राचार्य ने उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय का पालन नहीं किया। प्राचार्य के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की गई। बावजूद इसके प्राचार्य कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, जिससे कार्यवाही लंबे समय तक खिंचती रही। हाइकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर प्राचार्य को तलब किया और फटकार लगाई। अधिवक्ता गौरव पांचाल ने बताया है कि शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर की प्राचार्य डॉ. अनामिका जैन ने जनभागीदारी निधि से वेतन पाने वाले दैनिक वेतनभोगियों को स्थाईकर्मी योजना से लाभान्वित नहीं करने को लेकर तर्क दिए गए, लेकिन हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा है कि रिट याचिका में 20 दिसंबर 2024 को पारित आदेश को लगभग एक वर्ष बीत चुका है। यह स्थगन का आधार नहीं हो सकता है। पुनर्विचार याचिका लंबित है। अंतिम अनुमति के रूप में न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन करें अन्यथा प्राचार्य के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। हाइकोर्ट ने दो सप्ताह बाद होने वाली आगामी सुनवाई से पहले कंप्लायंस करने के निर्देश प्राचार्य को दिए। recent visitors 132

भारतीय बौद्ध संघ वितरित करेगा संविधान की एक लाख निशुल्क प्रतियां,बैठक में बनाई रणनीति, वक्ताओं ने रखे अपने सुझाव

भारतीय बौद्ध संघ वितरित करेगा संविधान की एक लाख निशुल्क प्रतियां,बैठक में बनाई रणनीति, वक्ताओं ने रखे अपने सुझाव

Bharatiya Buddhist Sangha will distribute one lakh free copies of the Constitution. भोपाल। भारतीय संविधान और नागरिकों के अधिकारों के बीच जन जागृति अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए संविधान की एक लाख प्रतियां नि:शुल्क वितरण करेगा। इसको लेकर भारतीय बौद्ध संघ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष इंजी. राकेश बमोरिया ने बताया कि संविधान तथा अपने अधिकारों के प्रति समस्त नागरिकों को जागृत कर आपसी प्रेम और भाईचारे को और अधिक मजबूत किया जाना ही हमारा मूल उद्देश्य है। भगवान बुद्ध तथा संविधान रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। बैठक में मुख्य अतिथि पूर्व सांसद आलोक संजर, विशेष अतिथि रीवा लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद बुद्ध सेन पटेल, विशिष्ट अतिथि अपाक्स संगठन के अध्यक्ष एपी पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल किशोर आर्य, संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामचंद्र मारव्या तथा भोपाल जिला अध्यक्ष सत्य विजय चन्दन आदि ने बिंदूबार चर्चा कर वितरण आयोजन को सफल बनाने रणनीति बनाई। कार्यक्रम में बृज किशोर दोंदेरिया, राजेश माहौर, रामलाल माहौर, राम प्रकाश माहोर, संघमित्रा ताई, प्रकाश डोंगरदिवे, डॉक्टर पवार, सुरेंद्र माहौर, पुष्पराज माहौर, प्रेम कुमार बंसल, रतनलाल बाथम, रनवीर गोयल, दिनेश जाटव आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा गायक राजू भारती ने महापुरुषों के जीवन पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर सरोज सत्य विजय चन्दन, अभिजीत चन्दन, अभिषेक चन्दन सहित छात्र एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। recent visitors 89

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: हजारों की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार महिला अधिकारी

Lokayukta takes major action: Woman officer arrested red-handed while accepting bribe worth thousands Lokayukta Action: प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी घूस लेते लोकायुक्त पुलिस द्वारा गिरफ्तार हो रहे है। ऐसा ही मामला मंदसौर जिले से सामने आया है। यहां बुधवार को लोकायुक्त ने सहकारिता उपायुक्त कार्यालय की महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा को 15 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। खबर लिखे जाने तक रिश्वतखोर अधिकारी पर लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जारी रही। लोकायुक्त पुलिस कार्रवाई से एक बार फिर शासकीय विभागों में रिश्वतखोर अधिकारियों कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को मंदसौर के काला खेत में सोसाइटियां में प्रबंधक प्रभुलाल वर्मा की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने सहकारिता उपायुक्त कार्यालय की महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा रिश्वत लेते ट्रैप किया। प्रभुलाल वर्मा ने शिकायत की थी कि, सहकारिता उपायुक्त कार्यालय में बिल पास करने के एवज में महिला अधिकारी हिमांगनी शर्मा ने 40 हजार रूपए की मांग की। लोकायुक्त डीएसपी दिनेस पटेल के नेतृत्व में कार्रवाई फरियादी ने बुधवार से पहले 5 हजार रुपये रिश्वत की पहली किस्त के रूप में हिमांगनी शर्मा को दी थी। वहीं रिश्वत की दूसरी किस्त 15 हजार देते समय लोकायुक्त पुलिस ने महिला अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वतखोर अधिकारी को ट्रैप करने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जारी है। लोकायुक्त डीएसपी दिनेस पटेल के नेतृत्व में ये कार्रवाई हुई है recent visitors 166

मध्य प्रदेश आबकारी विभाग में  72 करोड़ का घोटाला ईडी दफ्तर में आरोपियों से पूछताछ जारी 

Rs 72 crore scam in Madhya Pradesh Excise Department, interrogation of accused continues in ED office  इन्दौर । करीब 72 करोड़ के आबकारी घोटाले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। अधिकारियों ने घोटाले में आरोपी तीन ठेकेदारों से पूछताछ की। साथ ही आबकारी विभाग के विवादास्पद वरिष्ठ अधिकारी को बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। कई दस्तावेज के बारे में भी जानकारी ली गई। 72 करोड़ की धोखाधड़ी रावजी बाजार थाने में दर्ज केस के आधार पर ईडी के अधिकारियों ने दो आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। इन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच रावजी बाजार के केस में आरोपी रहे अभिषेक शर्मा, बलराम व जितेंद्र शिवरामे को भी तलब कर पूछताछ की बात सामने आई है। आबकारी विभाग में जमा होने वाली रसीदों में फर्जीवाडा कर 72 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। तत्कालीन सहायक आबकारी अधिकारी संजीव दुबे के कार्यकाल में यह घोटाला सामने आया था। पुलिस केस दर्ज होने के बाद कई ठेकेदार व कर्मचारियों पर केस दर्ज हुआ, लेकिन अधिकारियों की भूमिका तय नहीं हो पाई। अफसर का छूटा पसीना ईडी ने तत्कालीन बड़े अधिकारी को तलब किया। उनसे घोटाले के समय की प्रक्रिया नहीं करने को लेकर पूछताछ की व दस्तावेज भी लिए। पूछताछ के दौरान अधिकारी के पसीने छूट गए। अन्य जानकारियों के साथ उन्हें बुलाने की बात कहीं जा रही है। लंबी पूछताछ के बाद अधिकारी को गिरफ्तारी का डर सता रहा है और वे बचने के प्रयास में लग गए हैं। घोटाले के मास्टरमाइंड जांच के दौरान आरोपी राजू दशवंत व अंश त्रिवेदी के बारे में पता चला कि ये ही घोटाले के मास्टरमाइंड थे। इस समय दोनों उदयपुर में शराब कारोबार में जुड़े थे। वहां भी विला बनाकर किराए पर देने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की संपत्ति का भी ईडी ने पता लगाया है जिसके आधार पर जल्द अटैच करने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है। recent visitors 166

जबलपुर: भेड़ाघाट चौसठ योगिनी मंदिर में चोरी की कोशिश:, मंदिर में बेशकीमती दुर्लभ प्रतिमाएं मौजूद

Jabalpur: Attempted theft at Bhedaghat Chausath Yogini Temple: Priceless rare statues are present in the temple. जितेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट के पास मां नर्मदा नदी के तट पर हजारों साल पुराने चौसठ योगिनी मंदिर में चोरी को कोशिश हुई है। अज्ञात चोरों ने कलचुरी काल के प्राचीन दरवाजे को काटने की कोशिश की, हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो सके। मंगलवार देर रात पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने घटना की जानकारी भेड़ाघाट थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जिन्होंने मंदिर के दरवाजे को काटने का प्रयास किया। प्रतिमाओं की कीमत लाखों रुपए में इस मंदिर को भारत की धरोहर कहा जाता है। मंदिर परिसर में हजारों साल पुरानी कलचुरी कालीन प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लाखों रुपए में आंका जाता है। यही वजह है कि शातिर चोरों की नजर अब इस प्राचीन धरोहर पर पड़ी है। सोमवार की रात जब धुआंधार में नर्मदा महोत्सव चल रहा था और सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा थे, उसी दौरान अज्ञात लोगों ने मंदिर के मुख्य लकड़ी के दरवाजे को किसी धारदार औजार से काटने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही पुरातत्व विभाग के अधिकारी मंगलवार को मंदिर पहुंचे और जांच कर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद विभाग की ओर से भेड़ाघाट थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। गार्ड चला गया था महोत्सव में, पहले भी चोरी हुई प्रतिमा स्थानीय लोगों के अनुसार, चोरी का यह प्रयास संभवतः नर्मदा महोत्सव के दौरान ही हुआ। मंदिर की देखरेख के लिए नियुक्त चौकीदार रात में महोत्सव देखने चला गया था, तभी चोरों ने मौका पाकर दरवाजे को काटने का प्रयास किया। दरवाजे पर आरी जैसी किसी वस्तु से बने निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि चोर दरवाजा पूरी तरह नहीं काट पाए और बिना कुछ चुराए ही भाग गए। भेड़ाघाट के निवासियों का कहना है कि चौसठ योगिनी मंदिर में भगवान शिव-पार्वती की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है, जिसमें वे नंदी पर विराजमान हैं। ऐसी प्रतिमा पूरे विश्व में और कहीं नहीं मिलती। कुछ साल पहले भी यहां से शंकर-पार्वती की एक दुर्लभ प्रतिमा चोरी हो चुकी है, जो अब तक बरामद नहीं हुई। उस घटना के बाद भी मंदिर की सुरक्षा में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि यह प्राचीन मंदिर देश की अनमोल धरोहर है, इसलिए इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर होनी चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और एक निगरानी समिति का गठन किया जाए, जो समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करे। पुरातत्व विभाग के पूर्व अधिकारियों के अनुसार, मंदिर की प्रतिमाएं और दरवाजे अत्यंत प्राचीन हैं, इसलिए उनकी वास्तविक कीमत का आकलन करना कठिन है, लेकिन उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता अपार है। अधीक्षण पुरातत्वविद् जबलपुर मंडल, शिवाकांत बाजपेयी ने बताया कि दरवाजे पर काटने के स्पष्ट निशान मिले हैं। जांच के लिए टीम को मौके पर भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में पाई गई खामियों को दूर किया जाएगा। recent visitors 121