Wednesday, July 8, 2026 1:46 am

छतरपुर : थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में घर से चोरी का किया खुलासा- 3 चोर गिरफ्तार

छतरपुर : थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में घर से चोरी का किया खुलासा- 3 चोर गिरफ्तार

Chhatarpur: Kishangarh police station uncovered a theft from a house in village Kupi – 3 thieves arrested. छतरपुर ! थाना किशनगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुपी में माह सितंबर में फरियादी रामाधीन यादव के घर से सोने चांदी के आभूषण चोरी संबंधी रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता के तहत थाना किशनगढ़ में चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया था।पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा प्रकरण की मॉनिटरिंग निरंतर की जा रही थी एवं आरोपियों के शीघ्र गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को निर्देशित किया गया था।एकत्रित साक्ष्य एवं जानकारी के अनुसार क्षेत्र में मूवमेंट संबंधित जानकारी एकत्र की गई। चोरी के दौरान संदेहियों का आपसी संपर्क पाया गया।संदेही से पूछताछ की गई। योजना बद्ध तरीके से साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया। पुलिस टीम द्वारा चोरी में सम्मिलित तीन आरोपी recent visitors 68

संरक्षण बनाम विकास: टाइगर कॉरिडोर के पास खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त शर्तों के साथ मंजूरी

संरक्षण बनाम विकास: टाइगर कॉरिडोर के पास खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त शर्तों के साथ मंजूरी

Conservation vs. development: Mining and infrastructure near tiger corridors approved with strict conditions भोपाल। मध्यप्रदेश के बाघ आवास क्षेत्रों में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप में तीन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सतना जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में एक चूना पत्थर खदान को सैद्धांतिक स्वीकृति देने की सिफारिश भी की गई है। समिति के अनुसार, पन्ना टाइगर रिज़र्व की टाइगर संरक्षण योजना के अंतर्गत स्वीकृत वन्यजीव कॉरिडोर के भीतर और आसपास की 266.302 हेक्टेयर राजस्व भूमि पट्टे पर दी जाएगी। यह कॉरिडोर पन्ना–बांधवगढ़–संजय टाइगर रिज़र्व के प्रमुख आवास क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है और बाघों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा संजय डबरी और रातापानी टाइगर रिज़र्व में भूमिगत जल पाइपलाइन और बरना बांध से जुड़े ढांचागत कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सीमा से सटे मंडला जिले के ईको-सेंसिटिव ज़ोन में दो बॉक्साइट खनन परियोजनाओं को सिफारिशी मंजूरी प्रदान की गई है। समिति ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं भले ही कोर या बफर ज़ोन में नहीं आतीं, लेकिन संवेदनशील टाइगर कॉरिडोर के निकट होने के कारण यहां कड़े पारिस्थितिक सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य होगा। कॉरिडोर के पास सख्ती जरूरीसमिति ने साफ किया कि प्रस्तावित खनन पट्टे संरक्षित क्षेत्रों के भीतर नहीं हैं, लेकिन पन्ना–बांधवगढ़ और कान्हा–अचानकमार जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर के बेहद करीब स्थित हैं। ऐसे में वन्यजीवों, विशेषकर बाघों की प्राकृतिक आवाजाही पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े, इसके लिए विशेष प्रबंधन और सतत निगरानी आवश्यक होगी। अक्टूबर माह में 266.3 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले AAA रिसोर्स लिमिटेड के चूना पत्थर खदान पट्टे का निरीक्षण केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, संबंधित प्राधिकरण और मध्यप्रदेश वन विभाग की संयुक्त समिति ने किया था। निरीक्षण में पाया गया कि पट्टे का दक्षिणी हिस्सा घने वनों से जुड़ा हुआ है और बाघों की आवाजाही के लिए उपयुक्त है, जबकि उत्तरी हिस्सा अपेक्षाकृत खंडित है। खनन सीमित, संरक्षण पर जोरसमिति ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए शर्त रखी है कि दक्षिणी कॉरिडोर को हर हाल में सुरक्षित और मजबूत रखा जाए, खनन गतिविधियां सीमित दायरे में हों और आवास सुधार से जुड़े उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं। उद्देश्य साफ है—विकास परियोजनाओं के साथ-साथ बाघ संरक्षण और जैव-विविधता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। recent visitors 67