बरगद का एक पौधा लगाओ, 500 साल पुण्य कमाओ: पर्यावरण संरक्षण के लिए देशभर में जागरूकता अभियान

Plant a banyan sapling, earn 500 years of merit: Nationwide awareness campaign for environmental conservation. पुणे (महाराष्ट्र)। पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सुशिलादेवी सोशल वेल्फेअर फाउंडेशन, पुणे (महाराष्ट्र) ने एक अनूठा जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। संस्था के संस्थापक संतोष जाधव ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि बरगद का एक पौधा लगाओ, 500 साल पुण्य कमाओ। संस्था का मानना है कि यदि प्रत्येक गांव, शहर, मोहल्ले और कॉलोनी में बरगद सहित दीर्घायु वृक्षों का बड़े स्तर पर रोपण किया जाए तो आने वाले वर्षों में भारत का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है। यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली दस पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रखने का संदेश भी देता है। पहले घर में तैयार करें पौधा, फिर सुरक्षित स्थान पर लगाएं संस्था ने सुझाव दिया है कि जिन लोगों के पास फिलहाल जमीन उपलब्ध नहीं है, वे बरगद का पौधा गमले या पॉलीबैग में तैयार करें। जब पौधा लगभग 4 से 5 फीट का हो जाए, तब उसे किसी सुरक्षित स्थान जैसे मंदिर परिसर, गांव की सार्वजनिक भूमि, वन क्षेत्र, अनुपयोगी जमीन या अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानीय लोगों की सहमति से रोपित करें। विशेष अवसरों पर करें पौधारोपण अभियान के तहत नागरिकों से अपील की गई है कि वे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, किसी प्रियजन की स्मृति, सम्मान समारोह या पुरस्कार प्राप्ति जैसे विशेष अवसरों पर बरगद का पौधा लगाकर प्रकृति को अनमोल उपहार दें। हर गांव में 50 से 500 पौधे लगाने का लक्ष्य फाउंडेशन का लक्ष्य है कि प्रत्येक गांव में कम से कम 50 से 500 बरगद सहित बड़े वृक्षों का रोपण किया जाए। यदि यह संकल्प पूरे देश में सफल होता है तो अगले 10 से 15 वर्षों में हजारों गांव हरियाली, जल संरक्षण और स्वच्छ वातावरण के केंद्र बन सकते हैं। पर्यावरण और जैव विविधता को मिलेगा बड़ा लाभ विशेषज्ञों के अनुसार बड़े वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि मधुमक्खी, तितली, गिलहरी, चिड़िया, कौवा सहित अनेक जीव-जंतुओं के लिए सुरक्षित आवास भी बनते हैं। इससे जैव विविधता का संरक्षण होता है और प्राकृतिक संतुलन मजबूत होता है। बरगद जैसे विशाल वृक्ष वर्षा जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने, मिट्टी के कटाव को रोकने और प्राकृतिक खाद तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर संस्था का कहना है कि एक बरगद का वृक्ष कई सौ वर्षों तक जीवित रह सकता है। इसलिए आज लगाया गया एक पौधा आने वाली कई पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, छाया, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का लाभ देगा। यही कारण है कि अभियान का संदेश है एक बरगद का पौधा लगाना केवल पर्यावरण सेवा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर छोड़ना है संस्था की अपील सुशिलादेवी सोशल वेल्फेअर फाउंडेशन ने सभी राज्यों, जिलों, तहसीलों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। संस्था का विश्वास है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक बरगद का पौधा अवश्य लगाए, तो भारत को हरित, समृद्ध और पर्यावरण की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। recent visitors 20

दतिया में जीत के लिए विजयपुर का फार्मूला अपनाएगी कांग्रेस, विधानसभा क्षेत्र को पांच क्लस्टर में बांटा

Congress to adopt the Vijaypur formula for victory in Datia; assembly constituency divided into five clusters. भोपाल। दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत के लिए कांग्रेस विजयपुर विधानसभा के उपचुनाव का फार्मूला अपनाएगी। श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने तत्कालीन वन मंत्री रामनिवास रावत को इसी फार्मूले से हराया था। दतिया विधानसभा क्षेत्र को पांच क्लस्टर में बांटा गया है। इनकी कमान पूर्व मंत्री लाखन सिंह, सचिन यादव, विधायक दिनेश गुर्जर, पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार और प्रभु सिंह ठाकुर को दी है। प्रत्येक क्लस्टर को 8 से 10 सेक्टर में बांटकर नेताओं को तीन से छह बूथ की जिम्मेदारी दी गई है। इन्हें न तो सभा करनी है और न ही रैली निकालनी है। इनका काम निर्धारित बूथों पर मतदाता संपर्क अभियान चलाना है। इसमें बूथ कमेटियां सहयोगी की भूमिका में रहेंगी। ग्रामीण क्षेत्र पर फोकस recent visitors 16

केंद्र सरकार पर भड़के केजरीवाल: धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा, बोले- सोनम वांगचुक को बनाएं देश का शिक्षा मंत्री

Kejriwal lashes out at the Central Government: Demands Dharmendra Pradhan’s resignation, says Sonam Wangchuk should be made the country’s Education Minister. नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को अपना समर्थन देते हुए केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर दी है। केंद्र को केजरीवाल की चेतावनीप्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि युवाओं की आवाज, इस आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात को सुनिए, वरना तीन साल बाद (आगामी चुनावों में) केंद्र सरकार का वही हश्र होगा जो 2014 में तत्कालीन सरकार का हुआ था। पीएम मोदी को दिया अनोखा प्रस्तावशिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने की मांग उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा। केजरीवाल ने कहा कि मेरा प्रधानमंत्री को एक सुझाव और प्रस्ताव है कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और पीएम को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। सोनम वांगचुक के अनशन का 19वां दिनयह पूरा विवाद 2026 की नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों से जुड़ा है। लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। गुरुवार को उनके इस आमरण अनशन का 19वां दिन था। वांगचुक की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना है। वांगचुक की सेहत की रोजाना हो क्लीनिकल मॉनिटरिंगसोनम वांगचुक के लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई थी, जिस पर गुरुवार को अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया। अदालत की टिप्पणी: चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि हर नागरिक का जीवन अनमोल है और सरकार को इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। हाईकोर्ट का निर्देश: कोर्ट ने आदेश दिया है कि जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की रोजाना क्लीनिकल मॉनिटरिंग (जांच) की जाए। अगर सरकारी डॉक्टरों की राय में किसी भी तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत होती है, तो बिना किसी देरी के उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा दी जाए। केंद्र सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसासुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सरकारी डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम पहले से ही रोजाना वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने बेंच को भरोसा दिलाया कि यदि जरूरत पड़ी तो डॉक्टरों की एक और अतिरिक्त टीम भी तैनात की जा सकती है। कोर्ट ने सरकार के इस आश्वासन के बाद राकेश कुमार साहनी द्वारा दायर की गई इस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। recent visitors 20

MP के मंत्री लखन पटेल का वापस लिया गया प्रभार, क्या हैं इसके मायने; समझें

MP Minister Lakhan Patel stripped of his portfolio; understand the implications. मध्य प्रदेश के मंत्री लखन पटेल का प्रभार वापस ले लिया गया है। पशुपालन और डेयरी विकास विभाग अब मोहन यादव ने अपने पास रख लिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व समीक्षा करेगा, और बदलाव की भोपाल ! मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में अचानक बदलाव किया गया है। देर रात राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन और डेयरी विकास विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात लखन पटेल का प्रभार वापस लिया गया और उसके तुरंत बाद गज नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। अब पशुपालन और डेयरी विकास विभाग मुख्यमंत्री ने अपने पास रख लिया है। अब संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही मध्य प्रदेश कैबिनेट में बदलाव हो सकता है। क्या बोले लखन पटेल इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद लखन पटेल का बयान सामने आया है। पटेल ने कहा कि किसी मंत्री को विभाग सौंपना या उससे विभाग वापस लेना मुख्यमंत्री का अधिकार है। इस तरह अब मध्य प्रदेश कैबिनेट में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इस मामले के ठीक पहले मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंटरव्यू में कहा था कि सरकार और पार्टी ने हर मंत्री के राजनीतिक प्रभाव, उसके कामकाज के क्षेत्र और विभागीय प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद उसकी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। हालांकि, इस मामले को भाजपा प्रशासनिक फैसला बता सकती है, लेकिन विभाग वापस लेने के समय से साफ हो गया है कि यह मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के बाद लिए गए फैसले का नतीजा है। मंत्रिमंडल में कब होगा बदलाव बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से जब पूछा गया कि क्या एमपी कैबिनेट में बदलाव की संभावना है। इसका जवाब देते हुए खंडेलवाल ने किसी तरह के बदलाव से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब बदलाव जरूरी होंगे, सही समय पर किया जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल बदलाव की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व जब फैसला करेगा, तभी मंत्रिमंडल में बदलाव किए जाएंगे। इस मामले पर बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मंत्रियों की समीक्षा पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दिल्ली भी पहुंच चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि पटेल से विभाग वापस लेने वाले फैसले को कैबिनेट में बड़े फेरबदल के पहले बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मामले पर जब खंडेलवाल से पूछा गया कि क्या कोई मंत्री उम्मदी के मुताबिक काम नहीं कर रहा है. तो उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि पार्टी संगठन के पास मंत्रियों के कामकाज की पूरी जानकारी है उन्होंने कहा कि पार्टी को मंत्रियों के कामकाज ओर उनके व्यवहार के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी मिलती रहती है। recent visitors 21