Saturday, July 18, 2026 2:04 pm

एपी गज़ब फर्जी डॉक्टर ने सरकार को लगाया लाखों का चूना, एक साथ तीन जिलों में करता रहा नौकरी

Bizarre case from AP: Fake doctor swindles the government out of lakhs; held jobs in three districts simultaneously. मध्यप्रदेश में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहडोल के जयसिंहनगर विकासखंड स्थित उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तथाकथित डॉक्टर महेश चंद शर्मा के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद एक-एक कर चौंका देने वाले खुलासे हो रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तथाकथित फर्जी डॉक्टर एक ही समय में प्रदेश के तीन जिलों में नौकरी कर रहा था और वेतन ले रहा था। जानकारी के मुताबिक वो अब तक तीनों जिलों में मिलाकर 64 लाख रुपये के करीब वेतन ले चुका है। तीन जिलों में एक साथ नौकरीमध्यप्रदेश के शहडोल, खरगोन और श्योपुर तीनों जिलों में डॉक्टर महेश चंद शर्मा की अलग-अलग कर्मचारी आईडी, अलग-अलग पैन नंबर और अलग-अलग आधार संबंधी विवरण दर्ज थे, लेकिन एनएचएम और स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रणाली इस फर्जीवाड़े को वर्षों तक पकड़ नहीं सकी। शुरुआती आंकलन के अनुसार आरोपी ने वेतन के रूप में सरकार को करीब 64 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई है। तीन पहचान, नहीं पकड़ पाया सिस्टमजांच में सामने आया कि आरोपी ने प्रत्येक जिले में अलग-अलग दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति हासिल की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहडोल में आधार का अधूरा नंबर जमा होने के बावजूद नियुक्ति कैसे मिल गई और दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर हुआ। घर बैठे लगती रही ऑनलाइन हाजिरीविभागीय सूत्रों के अनुसार आरोपी उफरी स्वास्थ्य केंद्र में शायद ही कभी दिखाई देता था। वह सार्थक ऐप के माध्यम से जिले और कई बार प्रदेश की सीमा से बाहर रहकर भी अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा देता था। ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों के औचक निरीक्षण में भी वह कई बार अनुपस्थित मिला, जिसके कारण नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लाखों रुपये वेतन लिया पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी को तीनों जिलों से प्रतिमाह लगभग 50 से 55 हजार रुपए मानदेय मिलता था। अनुमानित भुगतान इस प्रकार है- इस प्रकार आरोपी ने तीनों जिलों से मिलाकर करीब 64 लाख रुपए का सरकारी भुगतान प्राप्त किया। स्वास्थ्य मंत्री बोले- एफआइआर भी होगी, वसूली भीमामले पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने शहडोल प्रवास के दौरान सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी की सेवा समाप्त करने के साथ उसके द्वारा लिए गए पूरे वेतन की वसूली की जाएगी और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी, जिन्होंने दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की, ऑनलाइन उपस्थिति पर निगरानी नहीं रखी और समय रहते अनियमितताओं की जानकारी उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई। recent visitors 5

डेयरी की आड़ में चल रहा था अवैध बूचड़खाना, पुलिस ने किया खुलासा; बेटे-दामाद व मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Illegal slaughterhouse operating under the guise of a dairy exposed by police; son, son-in-law, and main accused arrested. भोपाल । निशातपुरा थाना क्षेत्र के कमला नगर में मिला संदिग्ध मांस गोवंश का ही निकला है। हालांकि अभी तक एफएसएल की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ने एक गाय का धड़ बरामद करने के बाद यह मानकर चल रही है कि यह मामला गोकशी का ही है। पुलिस ने डेयरी की आड़ में अवैध बूचडख़ाना संचालित करने वाले मुख्य आरोपी अजीज और बेअे आसिफ तथा दामाद जुबैर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से सड़कों पर घूमने वाली आवारा गायों और गौवंश चुराकर लाते और लोगों को बताते की वह डेयरी का संचालन कर रहे हैं। हालांकि जहां कथित तौर पर डेयरी का संचालन आरोपी बता रहे हैं, वह जमीन भी शासकीय बताई जा रही है। जिला प्रशासन जमीन की भी जांच शुरू कर दिया है। अवैध अतिक्रमण कर कथित डेयरी के नाम पर बूचडख़ाना संचालित किए जाने का खुलासा होने के बाद मामला सुर्खियों में है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात बजरंगदल के डेढ़ दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने एक ऑटो से ले जाए जा रहे मांस को पकड़कर हंगामा कर गोकशी का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को रिगफ्तार कर लिया है। गौपाल रखे हुए थे नजरपुलिस सूत्रों के अनुसार गोकशी के बाद गायों की हड्डियों और सिर को पास की बंजर जमीन और खेतों में गड्ढे कर मिट्टी के अंदर गाड़ देते थे, ताकि पड़ोसियों को गोकशी का पता नहीं चले। कमला नगर क्षेत्र में रहने वाले सत्येंद्र ने दावा किया कि पिछले तीन महीने में उनकी चार गायों चोरी हो चुकी हैं। मेरे साथ इस कॉलोनी और अन्य कॉलोनियों की कई गायों और गोवंश चोरी हो चुके हैं। इसके बाद हम लोग बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गायों की निगरानी करते थे। जानें कैसे हुआ खुलासा?तभी पता चला कि अजीज और उससे जुड़े लड़के सड़कों पर घूमने वाली गायों को चुराते हैं। इसके बाद निगरानी की गई तो पता चला कि गायों तो चुराकर लाते हैं, लेकिन इनके यहां ज्यादा दिन तक गायें रहती रहीं। ऐसे में खुलासा हुआ कि जब यह व्यक्ति गायों को बेचता नहीं तो क्या करता है? इसके बाद गोकशी का खुलासा हुआ। कई दिनों से कॉलोनी के लड़के निगरानी कर रहे थे, तब पता चला कि यह गायों को काटकर मांस बेचने का कार्य कर रहा है। इसके बाद मांस को पकड़ा गया है। पुलिस अब यह भी पता कर रही है कि गोवंश की मांस की सप्लाई कहां की जा रही थी। संदिग्ध मांस की एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद अगर गाय का मांस की रिपोर्ट आती है तौर कुछ और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। recent visitors 6

डिंपल यादव बोलीं- BJP वाले सफेद चादर का कफन लेकर आए, सोनम वांगचुक को दबाना, देश की आत्मा को दबाना

Dimple Yadav said—the BJP has come with a white shroud; suppressing Sonam Wangchuk means suppressing the soul of the nation. समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा- ‘बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाजो को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।’ दरअसल, शनिवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। ये पुलिस नहीं आरएसएस के गुंडे हैंकॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि ‘सुबह सात बजे जब मैं फ्रेश होने के लिए यहां से निकला, तो पुलिस के गुंडे वहां आए। वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर लेकर गए। 60 साल का एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर था उन्हें दिल्ली पुलिस जबरदस्ती घसीटकर यहां से लेकर गई। हमें नहीं पता कि कहां लेकर गए हैं। जैसे ही मुझे खबर मिली, मैं जंतर-मंतर आ रहा था, तो पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। ये पुलिस नहीं आरएसएस के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश वापस आया था, क्या मैं कोई अपराधी हूं? मुझे इन लोगों ने सड़कों पर मारा। सोनम वांगचुक 21 दिनों से अनशन पर बैठेसोनम वांगचुक पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। लंबे अनशन के कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी और उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक का प्रतिदिन मेडिकल परीक्षण कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसी आदेश के अनुपालन में पुलिस उन्हें शनिवार सुबह अस्पताल लेकर गई। घटना के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। recent visitors 8