एमपी: केन-बेतवा परियोजना से 60 लाख पेड़ों की कटाई का दावा, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट; जानें कब अगली सुनवाई?

MP: Claim of 60 lakh trees being felled for Ken-Betwa project; High Court seeks report; find out when the next hearing is. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर । केन-बेतवा लिंक परियोजना के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। याचिका में दावा किया गया है कि परियोजना के कारण पन्ना टाइगर रिजर्व का आधे से अधिक हिस्सा डूब क्षेत्र में आ सकता है और करीब 60 लाख पेड़ों की कटाई हो सकती है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने केंद्र सरकार से सीईसी की रिपोर्ट में सामने आई कथित अनियमितताओं और परियोजना से संबंधित सुप्रीम कोर्ट में लंबित कार्यवाही की स्थिति भी स्पष्ट करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। जबलपुर के अधिवक्ता अरिहंत तिवारी की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि परियोजना से पन्ना टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र, बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और उनके विचरण गलियारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। याचिका में केन घड़ियाल अभयारण्य पर संभावित असर का मुद्दा उठाते हुए स्वतंत्र और वैज्ञानिक आकलन की जरूरत बताई गई है। याचिका में वर्ष 2017 की पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें रिपोर्ट में तथ्यात्मक त्रुटियों का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जल वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत बताई गई है। वन कटाई से बुंदेलखंड के पर्यावरण और स्थानीय जलवायु पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की ओर भी अदालत का ध्यान दिलाया गया है। इसके अलावा, याचिका में छतरपुर जिले में परियोजना के विरोध में आदिवासियों और किसानों के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर प्रशासनिक दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने राशन-पानी की आपूर्ति और ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित किए जाने के दावे भी किए हैं। इन आरोपों पर अदालत का अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना का उद्देश्य केन नदी का जल बेतवा नदी बेसिन तक पहुंचाकर बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ाना है। याचिका में परियोजना के संभावित लाभों के साथ उसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता अरिहंत तिवारी ने स्वयं पक्ष रखा। recent visitors 5

अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में; फ्लाइट के अंदर घुसी पुलिस

Abhijit Dipke, Ashutosh Ranka, and Sourav Das taken into custody; police entered the flight. मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं- अभिजीत दिपकेदिल्ली पुलिस के जवान उस विमान में दाखिल हुए जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके दिल्ली आ रहे थे। यह फ्लाइट कुछ ही मिनट पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी है। अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस से कहा कि मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं; मुझे गिरफ्तार कीजिए। दिल्ली पुलिस के जवानों ने उनसे कहा “नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।” अभिजीत-आशुतोष और सौरव हिरासत मेंदिल्ली में विरोध प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए गया है। सीजेपी ने खुद एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए यह जानकारी दी। तीनों को दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट के अंदर से हिरासत में लिया गया। संजय सिंह का आरोप- एक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए पूरे देश को छावनी बना दियाआम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति की सुरक्षा के नाम पर पूरे देश को छावनी में बदल दिया गया है। संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली को बंद कर दिया गया है और राजधानी आने वाली ट्रेनों को भी रोका जा रहा है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल से करते हुए कहा कि स्थिति उससे भी ज्यादा खराब नजर आ रही है। संजय सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। आप सांसद ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई की आशंका के बावजूद वे विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। recent visitors 9