भाजपा की लोकप्रियता और विकास से डर कर राहुल गांधी हर मुद्दे का विरोध कर भ्रमित कर रहे हैं : सांसद गजेंद्र पटेल

Fearing the BJP’s popularity and development, Rahul Gandhi is opposing every issue and spreading confusion: MP Gajendra Patel. खरगोन । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र के सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा है कि राहुल गांधी भारतीय जनता पार्टी की लोकप्रियता और विकास से डरते हुए हर मुद्दे पर विरोध कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। मंगलवार को खरगोन में पत्रकारों से चर्चा में राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा के डरने की बात को लेकर पूछे गए सवाल पर गजेंद्र पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से सरकार में है और विपक्ष को पारदर्शिता और नियमानुसार कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिलती रही है। राहुल गांधी गत तीन महीने से युवाओं को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं तो क्या अभी बिना अनुमति के कार्यक्रम कर रहे हैं और वक्तव्य दे रहे हैं? इस सवाल के जवाब में राष्ट्रीय महासचिव पटेल ने कहा कि आगामी दिनों में इंदौर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर भी इसी प्रकार का दुष्प्रचार किया जा रहा है, लेकिन सरकार उन्हें नियमानुसार अनुमति दे रही है। पटेल ने कहा कि दरअसल 70 प्रतिशत देश में भाजपा की सरकार है और देश के विकास के पद पर अग्रसर है, इसलिए उन्हें डर सता रहा है और उनकी कोई ना कोई मुद्दा निकाल कर विरोध और भ्रम पैदा करने की प्रवृत्ति हो गई है। केंद्र सरकार लोकसभा में हर विषय पर निडर होकर चर्चा करने को तैयार है लेकिन राहुल गांधी तो स्वयं डरते हैं इसलिए विदेश में जाकर भारत का विरोध और बुराई करते हैं। उनकी यह आदत जनता देख और समझ रही है। तत्काल की है कार्रवाईसागर में हुई जहरीली शराब से मौतों को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने इस पर तत्काल एक्शन लेकर कार्रवाई की है। इसी तरह बालाघाट में बच्चों की मृत्यु को लेकर उन्होंने कहा कि मामलों की स्क्रुटनी और स्कैनिंग की जा रही है और प्रभारी मंत्री गंभीरता से इस मुद्दे को देख रहे हैं। गजेंद्र पटेल राजस्थान नगर निकाय चुनाव सह प्रभारी हैं, उन्होंने कहा कि इन चुनाव में भी जनता भारतीय जनता पार्टी के साथ है और मुख्यमंत्री भजनलाल के नेतृत्व में विकास की नई गाथाएं लिखी जाएगी। recent visitors 10

भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, सड़क पर लगा 5 किमी लंबा जाम, चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था

Intern doctors protest in Bhopal; 5-km-long traffic jam on the road; traffic system thrown out of gear. भोपाल: भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राजधानी के पुराने शहर इलाके में इंटर्न डॉक्टरों के सड़क पर प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई प्रमुख मार्गों पर जाम जैसे हालात बन गए हैं और वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. जाम में कई स्कूल बसें भी फंस गईं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी उटानी पड़ी. रोजाना अपने काम और नौकरी के लिए घर से निकलने वाले लोगों को भी रास्ते में काफी समय तक रुकना पड़ा. एंबुलेंस को रास्ता मिलने में परेशानी प्रदर्शन के बीच एंबुलेंस को भी रास्ता मिलने में परेशानी से जूझना पड़ा. अस्पतालों और मरीजों से जुड़े इलाके में यातायात बाधित होने से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई. प्रदर्शन का असर सिर्फ अस्पताल आने-जाने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहा. वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा. पुराने शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से आसपास के मार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ. स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन MBBS इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों और काम के हिसाब से पर्याप्त नहीं है. डॉक्टर 14,377 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड किए जाने की मांग कर रहे हैं. डॉक्टरों के सड़क पर प्रदर्शन का सीधा असर आम लोगों पर भी दिखाई देने लगा है. मरीज, स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और आम लोग जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं. जाम मे फ़ंसी एक महिला सीमा ने कहा “आंदोलन करें लेकिन दूसरों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. मैं रोजाना इसी रास्ते से गाँधी मेडिकल कॉलेज जाती हूं. इस स्थिति में मैं कैसे अपने ऑफिस और फिर घर वापस आउंगी.” वहीं डॉक्टरों के जाम को लेकर एसीपी संतोष पटेल ने कहा “आंदोलनकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है. समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है. यातायत व्यवस्था को भी ठीक किया जा रहा है.” अब समाधान पर नजर स्थिति को देखते हुए बड़ा सवाल है कि मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन और आम जनता की परेशानी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए? प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर सरकार जल्द बातचीत करे और ऐसा रास्ता निकाले जिससे डॉक्टरों का आंदोलन खत्म हो जाए और आम राहगीरों की आवाजाही भी प्रभावित न हो. recent visitors 22

विदेश मंत्रालय: एफिल टावर विवाद पर MEA ने पल्ला झाड़ा, LAC पर चीन से बातचीत; पाकिस्तान के खेलों पर क्या कहा?

Ministry of External Affairs: MEA distances itself from the Eiffel Tower controversy; talks with China on the LAC; what was said about Pakistan’s antics? नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कई अहम मुद्दों पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने पेरिस के एफिल टावर से जुड़े विवाद, भारत-चीन LAC सैन्य बैठक और 2027 में पाकिस्तान में होने वाले क्षिण एशियाई महासंघ (एसएएफ) खेल में भारत की संभावित भागीदारी पर जानकारी दी। एफिल टावर मामले पर MEA ने क्या कहा?बीएपीएस संस्था के प्रतिनिधिमंडल की पेरिस यात्रा के दौरान एफिल टावर की कुछ जगहों पर महिला कर्मचारियों को नहीं जाने देने संबंधी रिपोर्टों पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार को इस मामले की जानकारी है। उन्होंने बताया कि पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था की ओर से एक मंदिर का उद्घाटन हुआ है। हालांकि एफिल टावर से जुड़े विशेष मामले को उन्होंने संबंधित संस्थाओं के बीच का विषय बताया। विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की। LAC पर भारत-चीन के बीच क्या हुआ?भारत-चीन सीमा से जुड़े LAC मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक की जानकारी दी। रणधीर जायसवाल के अनुसार, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति के बाद WMCC की बैठकें बीजिंग और नई दिल्ली में हुई थीं। इसके बाद पहली वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग 6 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र के वाचा और 7 सितंबर को चीन की ओर दमाई में हुई। उन्होंने बताया कि पश्चिमी सेक्टर में भी इसी तरह की व्यवस्था मौजूद है। पाकिस्तान में एसएएफ गेम्स में भारत जाएगा?2027 दक्षिण एशियाई महासंघ खेल में भारत की भागीदारी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय या बहुपक्षीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला खेल मंत्रालय की हालिया नीति के अनुसार होगा। प्रवक्ता ने कहा कि इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय और संबंधित खेल संस्थाओं के निर्देशों के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों के हित को भी ध्यान में रखा जाएगा। यानी पाकिस्तान में होने वाले एसएएफ गेम्स में भारत की भागीदारी पर अभी कोई अंतिम फैसला स्पष्ट नहीं किया गया है। recent visitors 9

फिर आपा खो बैठै रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों को बताया गीदड़

Rewa MP Janardan Mishra loses his cool again; calls protesting Congress workers ‘jackals’. रीवा । रीवा में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का आरोप लगाकर कांग्रेस उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पर हमलावार है. बीते दिनों युवा कांग्रेस के नेताओं ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास का घेराव करते हुए दीवार पर कालिख पोती थी और गेट फांदकर अंदर दाखिल हुए थे. इसके विरोध में सोमवार को बीजेपी सांसद जानर्दन मिश्रा सहित बीजेपी के सैकड़ों नेता सड़क पर उतरे और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. युवा कांग्रेस पर गुंडागर्दी करने का आरोप रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने बीजेपी कार्यर्ताओं के साथ स्वामी विवेकानंद पार्क से पैदल मार्च किया और युवा कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ आईजी को शिकायती पत्र सौंपा. इसके बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीजेपी संसाद जानर्दन मिश्रा एक बार फिर अपना आपा खो बैठे. उन्होंने कहा “युवा कांग्रेस ने गुंडागर्दी करते हुए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास में घुसने और हमला करने का प्रयास किया. इस घटना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर हिम्मत है तो सामने आकर कहो कि हमें राजेंद्र शुक्ला पर हमला करना है. उसका जवाब तुम्हें मिलेगा और जरूर मिलेगा.” बोले- इन गीदड़ों की मौत आई है सांसद जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा “अगर धोखे से जाओगे तो कड़ा जवाब मिलेगा. जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की तरफ भागता है. इन गीदड़ों की भी मौत आई है. इसलिए ये राजेंद्र शुक्ला के घर की तरफ भागे. इनको तो ठिकाने लगाया जाएगा. अगर इस तरह से कोई कार्रवाई की गई तो वह चाहे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला हो या फिर कोइ अन्य नेता ही क्यों न हो. अगर उनके घरों में कोई गुंडागर्दी करने आएगा तो उसे 4 गुना ज्यादा उलटा जवाब मिलेगा.” पुलिस से मिला कार्रवाई का आश्वासन सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा “कल जिस तरह से कुछ गुंडों ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं के इशारे पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास मे घुसकर हमला करने का प्रयास किया. साथ ही उनके द्वारा जो भी आपराधिक कृत्य करने का प्रयास किया गया, उसके विरोध मे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एकत्रित हुए और आईजी को ज्ञापन सौंपा. उनके द्वारा आश्वासन दिया गया है कि मामले की गंभीरता से जांच करते हुए तत्काल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे. recent visitors 12

‘दद्दा से पूछो सड़क देखी भी थी, तुम्हें गड्ढे दिख रहे’, दमोह में मंत्री के बयान से मचा बवाल, जीतू पटवारी ने साधा निशाना

“Ask ‘Dadda’ if he even looked at the road—do you see any potholes?” Minister’s statement in Damoh sparks an uproar; Jitu Patwari takes aim. Minister Lakhan Patel Statement: मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नरसिंहगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान सड़क में गड्‌ढों को लेकर आनंद विभाग मंत्री व पथरिया विधायक लखन पटेल का बयान इन दिनों चर्चा में है। सड़क में गड्‌ढों का मुद्दों पर पटेल के जवाब से लोग हैरान है। दरअसल, किसी ने सड़क की बदहाली और गड्‌ढों की समस्या की ओर ध्यान दिलाया था। इस पर विधायक ने पहले की स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि पहले तो सड़कें ही नहीं थीं। विधायक ने कहा कि उनसे किसी ने सड़क के गड्‌ढों को लेकर चर्चा की थी। मंत्री के इस बयान पर गुरूवार को एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अपने एक्स हैंडल से पटवारी ने मंत्री का वीडियो शेयर कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। राज्यमंत्री बोले-जरा दद्दा से पूछियो कि सड़क कबऊ देखी है!इस पर उन्होंने कहा कि मैंने उसे बोला दद्दा यानी पिता से पूछो कि उन्होंने कभी सड़क देखी भी है या नहीं। दरअसल, मंत्री का तर्क था कि पहले सड़कें नहीं थीं और अब सड़कों में गड्‌ढे नजर आ रहे है। विधायक ने यह भी कहा कि नए लोगों को ही गड्‌ढे दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि उन्होंने पहले सड़क देखी ही नहीं थी। बयान का आशय भले ही पहले की तुलना में मौजूदा सड़क व्यवस्था को बेहतर बताना रहा हो,लेकिन गड्‌ढों की शिकायत पर दिया गया यह जवाब अपने अंदाज और शब्दों के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। recent visitors 17

MP के इस शहर में BPL राशन का बड़ा फर्जीवाड़ा, कंपनी के डायरेक्टर समेत 4998 संपन्न परिवार मुफ्त राशन लेते पकड़े गए

Major BPL ration scam in this MP city; 4,998 affluent families—including a company director—caught availing free rations. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वालों के लिए बनी राशन योजना में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। जिले में पांच हजार से अधिक ऐसे संपन्न परिवार पकड़े गए हैं, जिनकी सालाना आय छह लाख रुपये से अधिक होने के बावजूद वे सालों से सरकारी राशन डकार रहे थे। प्रशासन ने अब सख्ती दिखाते हुए इन सभी अपात्र लोगों के कार्ड निरस्त कर दिए हैं और उन्हें नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है। लखपति और कंपनी डायरेक्टर भी ले रहे थे मुफ्त राशनजांच के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। करीब 4,998 परिवारों की वार्षिक आमदनी छह लाख रुपये से ज्यादा पाई गई है। हद तो तब हो गई जब 525 ऐसे परिवारों की पहचान हुई जिनके सदस्य बाकायदा पंजीकृत कंपनियों में डायरेक्टर या अन्य ऊंचे पदों पर काबिज हैं। इसके अलावा 40 से 45 परिवार ऐसे भी मिले जो सालाना 25 लाख रुपये से अधिक कमाते हैं और अपने व्यापार का जीएसटी (GST) तक भरते हैं, लेकिन फिर भी वे गरीबी रेखा के कार्ड का फायदा उठा रहे थे।एसडीएम के सामने पेश होकर देनी होगी सफाईप्रशासन ने अपात्र पाए गए इन सभी हितग्राहियों के नाम आधिकारिक पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस मिलने के बाद इन लोगों को एसडीएम (SDM) के सामने पेश होना होगा। उन्हें यह साबित करना होगा कि उन्होंने किस आधार पर अब तक बीपीएल कार्ड का इस्तेमाल किया, साथ ही अपनी वर्तमान आय से जुड़े पुख्ता दस्तावेज भी दिखाने होंगे। जवाब संतोषजनक न मिलने पर प्रशासन आगे की दंडात्मक कार्रवाई करेगा। केंद्र के निर्देश पर अगस्त 2025 से चल रही थी जांचफर्जी कार्डधारकों को बाहर करने का यह अभियान केंद्र सरकार के निर्देशों पर अगस्त 2025 में शुरू किया गया था। इस सर्वे में उन लोगों को चिह्नित किया गया, जिनकी आर्थिक स्थिति बीते वर्षों में सुधर गई, जिन्हें अच्छी नौकरियां मिल गईं या जिनका कारोबार चल पड़ा, लेकिन उन्होंने खुद आगे आकर अपना नाम बीपीएल सूची से नहीं कटवाया। डिप्टी कलेक्टर आर.एस. मरावी के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर अपात्रों के नाम विलोपित कर दिए गए हैं और इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है। शासन के निर्देश के बाद ही इनसे वसूली या अन्य कार्रवाई को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक वर्ष 1998 के बाद से समय-समय पर सर्वे किए जाते रहे हैं, इसके बावजूद अपात्र लोगों के नाम सूची में बने रहे।पात्रों के नाम कटने की शिकायतों पर भी नजरइस बड़ी कार्रवाई के बीच कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां कथित तौर पर वास्तविक और पात्र बीपीएल परिवारों के नाम भी सूची से काट दिए गए हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों की दोबारा जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी हकदार गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।बता दें कि मौजूदा व्यवस्था के तहत जबलपुर जिले में 1,008 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के जरिए 3,85,153 राशन कार्डधारी परिवारों (कुल 14,41,765 हितग्राही) को प्रति व्यक्ति 5 किलो प्रतिमाह की दर से राशन बांटा जाता है। recent visitors 16

ईद मिलादुन्नबी पर युवा कांग्रेस ने किया जुलूस-ए-मोहम्मदी का भव्य स्वागत

Youth Congress accorded a grand welcome to the Juloos-e-Muhammadi on Eid-e-Milad-un-Nabi. हरिप्रसाद गोहेआमला। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बोड़खी में निकाले गए जुलूस-ए-मोहम्मदी का युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। विधानसभा उपाध्यक्ष राकेश सोने और नगर महासचिव दीपक बेले के नेतृत्व में जुलूस में शामिल लोगों को स्वल्पाहार वितरित किया गया और ईद की मुबारकबाद दी गई। इस अवसर पर युवा नेता अक्षय बामने ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी प्रेम, शांति, अमन और भाईचारे का संदेश देती है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करने का काम करते हैं। कार्यक्रम के दौरान पूर्व पार्षद विजय अतुलकर, शहर अध्यक्ष अजय सोलंकी, विजय सोनू बछले, वीरू तोमर, बंटू बेले सहित युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने जुलूस का स्वागत कर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। recent visitors 23