जबलपुर शहर में यातायात नियंत्रित बना बीमारी, चार चौराहों पर नए सिग्नल लगाने की तैयारी

Traffic management has become a problem in Jabalpur city; preparations are underway to install new signals at four intersections. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर शहर में यातायात नियंत्रित करने के लिए 23 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं, इसके बावजूद लगभग हर प्रमुख चौराहे पर जाम की स्थिति बन रही है। कहीं सड़क किनारे अतिक्रमण और ठेले-टपरे यातायात की राह रोक रहे हैं, तो कहीं बेतरतीब पार्किंग के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सिग्नल होने के बावजूद कई वाहन चालक लाल बत्ती की अनदेखी कर निकल जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था बिगड़ने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। नियम तोड़ने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं, लेकिन सड़क पर व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बरकरार है। यातायात पुलिस के दस्तावेज के अनुसार, नगर निगम ने रानीताल चौक, रामपुर चौक, एकता चौक और बलदेवबाग चौक पर नए ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव दिया है। दूसरी ओर, दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर रोटरी होने के कारण सिग्नल लगाने में बाधा है। इन स्थानों पर यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है। हालांकि, नए सिग्नल लगाने के प्रस्तावों पर अब तक की कार्रवाई और स्थापना की समयसीमा नहीं है। सिर्फ सिग्नल लगाने से नहीं सुधरेगी व्यवस्थाचौराहों पर यातायात सुधारने के लिए नए सिग्नल लगाने के साथ मौजूदा व्यवस्थाओं को भी प्रभावी बनाना जरूरी है। सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, ठेले-टपरों को निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित करने, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और लाल बत्ती तोड़ने वालों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। चौराहों की बनावट, डिवाइडर, सड़क संकेतक और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्तों की समीक्षा भी जरूरी है। लाल बत्ती तोड़कर निकलते वाहन, बढ़ रहे चालानट्रैफिक सिग्नल लगे होने का उद्देश्य वाहनों की आवाजाही को निर्धारित क्रम में संचालित करना है, लेकिन नियमों की अनदेखी इस व्यवस्था को कमजोर कर रही है। वाहन चालक लाल बत्ती होने के बावजूद चौराहे से निकलने का प्रयास करते हैं। इससे दूसरे मार्ग से आने वाले वाहनों के साथ टकराव का खतरा बढ़ जाता है। दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर बड़ी चुनौतीशहर के दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर रोटरी होने के कारण ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करने में दिक्कत है। ऐसे में इन चौराहों पर सड़क की बनावट, यातायात संकेतक, लेन अनुशासन और पुलिस की निगरानी के जरिए यातायात नियंत्रित करने की जरूरत है। नए चौराहों में सिग्नल लगाने के लिए यातायात विभाग ने प्रस्ताव बनाया है लेकिन यह कब तक लगेंगे यह साफ नहीं है। इन चार चौराहों पर नए सिग्नल प्रस्तावितरानीताल चौक : यातायात को नियंत्रित करने के लिए सिग्नल लगाने का प्रस्ताव।रामपुर चौक : वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने के लिए नई व्यवस्था की जरूरत।एकता चौक : यातायात प्रबंधन के लिए सिग्नल लगाने की योजना प्रस्तावित।बलदेवबाग चौक : चौराहे पर यातायात नियंत्रण के लिए नए सिग्नल का प्रस्ताव।सिग्नल लगे, लेकिन सड़क पर व्यवस्था नदारद जबलपुर शहर के गोहलपुर चौराहा, ब्लूम चौक, नागरथ चौक, रद्दी चौकी, घमापुर चौक, तीनपत्ती चौक, लेबर चौक, मढ़ाताल तिराहा, नौदरा ब्रिज, उखरी तिराहा, पेंटीनाका, आधारताल तिराहा, अहिंसा चौक, दर्शन तिराहा, सगड़ा तिराहा और जबलपुर अस्पताल तिराहा सहित 23 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं। इसके बावजूद कई चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति बन जाती है। इसकी एक बड़ी वजह सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं। चौराहों के आसपास ठेले-टपरे लगने और वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है। ऐसे में सिग्नल हरा होने के बाद भी वाहन आसानी से आगे नहीं बढ़ पाते। कुछ स्थानों पर सड़क की बनावट और वाहनों के अनियंत्रित आवागमन से भी परेशानी बढ़ती है। recent visitors 25

जबलपुर जिले में 48 हजार में 43,200 बच्चों को लगे टीके, अब 4,800 पर फोकस

In Jabalpur district, 43,200 out of 48,000 children have been vaccinated; focus now shifts to the remaining 4,800. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर जिले में बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए चल रहा नियमित टीकाकरण अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष शून्य से पांच साल तक के 48 हजार बच्चों को टीकाकरण के दायरे में रखा था, जिनमें से 43,200 यानी 90 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण पूरा हो चुका है। अब शेष 4,800 बच्चों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर अभियान तेज कर रहा है। खास फोकस शून्य से दो साल की उम्र के बच्चों पर है, क्योंकि इस आयु वर्ग में 12 तरह की गंभीर बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। नियमित टीकाकरण के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में टीकाकरण जारी है। दूरदराज के गांवों में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की मदद से छूटे बच्चों को ट्रैक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्लम, संवेदनशील क्षेत्रों को ट्रैक कर लगातार लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। विभिन्न टीमों को अलग अलग ब्लाक में बांटकर यह कार्य किया जा रहा है। जिसमें चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। साथ ही पालकों को जागरूक करने का भी प्रयास है। आंकड़ों में टीकाकरणजिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनोद गुप्ता के अनुसार, जिले में इस वर्ष 48,000 से अधिक बच्चों को टीकाकरण के लक्ष्य में रखा गया है। इसमें से अब तक 43,200 बच्चों का टीकाकरण पूरा हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। टीकाकरण में ज्यादा जोर शून्य से दो साल के बच्चों पर है, क्योंकि इस उम्र में 12 तरह की गंभीर बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। इस साल आठ फीसदी की बढ़ोतरीपिछले साल की तुलना में इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2024-25 में 88 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी कवरेज था, जो अब बढ़कर 90 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हो गया है। शहरी क्षेत्र में 93 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्र में 88 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी टीकाकरण हो चुका है। सबसे कम कवरेज पनागर और मझौली ब्लाक में है, जहां विभाग विशेष ध्यान दे रहा है। recent visitors 31

सावधान ! जबलपुर में दूध-पनीर, आइसक्रीम के सैंपल फेल, तेजी से हो रही मिलावट

Be careful when eating out! Milk, paneer, and ice cream samples in Jabalpur have failed tests; adulteration is rampant. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर । शहर में रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों में लोग बड़ी राशि खर्च कर परिवार के साथ भोजन करते हैं, लेकिन परोसे जा रहे खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई में दूध, पनीर, दही, आइसक्रीम, चावल और गेहूं सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने अमानक पाए गए है। इन मामलों को अपर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया गया। जनवरी से अब तक 115 प्रकरणों में 2 हजार से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया गया है। सभी मामलों में कुल 31.57 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। दूध से बने उत्पादों में सबसे ज्यादा गड़बड़ीदूध से बने उत्पाद आम लोगों के रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच में इन उत्पादों में सबसे अधिक गड़बड़ी सामने आई। होटल और रेस्टोरेंट में पनीर से बनने वाले व्यंजनों की कीमत भी अधिक होती है। अलग-अलग प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर के नमूनों की जांच में कई नमूने अमानक मिले। अनाज और मेवे भी जांच में फेलजांच में अनाज और मेवों के ऐसे नमूने भी मिले, जो खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। अपर कलेक्टर न्यायालय में पहुंचे प्रकरणों में बड़ी संख्या ऐसे प्रतिष्ठानों की भी है, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा प्रशासन से आवश्यक पंजीयन नहीं कराया था। डेयरियों के दूध, दही और पनीर के नमूने अवमानकअपर कलेक्टर शहर रविशंकर राय और अपर कलेक्टर ग्रामीण नीता राठौर के न्यायालय से 115 से अधिक प्रकरणों में आदेश पारित हुए हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने ये प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। मदर डेयरी, कन्हैया डेयरी, गुरुवीर डेयरी, उमेश डेयरी, मोनू तिवारी डेयरी, वासू डेयरी और जबलपुर डेयरी सहित कई प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर, दही और दूध के नमूने प्रयोगशाला जांच में अवमानक पाए गए। होटल और नामी ब्रांड पर भी कार्रवाईहोटल ऋषि रेजेंसी की आइसक्रीम अवमानक पाई गई। पेप्सिको इंडिया लिमिटेड के कुरकुरे और डोरिटो उत्पादों पर मिथ्याछाप और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर होटल हिल्टन तथा अवमानक बूंदी लड्डू बेचने पर विशन स्वीट्स पर भी अर्थदंड लगाया गया। अन्य संस्थानों में अलग-अलग अनियमितताएं मिलने पर भी जुर्माना किया गया। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किए गए प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों की बिक्री में मानकों का ध्यान रखना सभी के लिए जरूरी है। संस्थानों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। लगातार नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति पर बड़ा जुर्माना अधिरोपित किया जाता है। -रविशंकर राय, अपर कलेक्टर (शहर) recent visitors 35

जबलपुर में दौड़ रहीं आधुनिक ई-बसें, लेकिन खस्ताहाल 200 बस स्टॉप, 15 लाख की लागत से बने नए स्टैंड भी बदहाल

Modern e-buses are operating in Jabalpur, yet 200 bus stops are in a dilapidated state; even new stands built at a cost of ₹15 lakh are in poor condition. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत 45 अत्याधुनिक पीएम ई-बसों सहित 55 अन्य बसों के संचालन से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर हुई है, लेकिन बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों की परेशानी अब भी कम नहीं हुई है। शहर में करीब 200 बस स्टाप गंदगी, अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं से घिरे हैं। घमापुर, रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, बल्देवबाग और नौदरा ब्रिज सहित प्रमुख मार्गों पर बने बस स्टापों की हालत ऐसी है कि यात्रियों को बैठने के बजाय सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इन बस स्टॉपों से रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक सफर करते हैं। यात्रियों का कहना है कि जब परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, तो बसों के इंतजार के लिए जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।नियमित सफाई, सुरक्षित बैठक व्यवस्था और अतिक्रमण से मुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं भी यहां नदारद हैं।दोबारा बनाए गए , रखरखाव के अभाव में बदरंगशहर में मेट्रो बस सेवा शुरू होने के साथ करीब 14 साल पहले लगभग 200 बस स्टॉप बनाए गए थे। नगर निगम ने शुरुआती दौर में बस स्टॉप तैयार कराए, लेकिन रखरखाव के अभाव में वे टूटने लगे। इसके बाद स्मार्ट सिटी ने पीपीपी मॉडल पर नए बस स्टॉप तैयार कराए। विज्ञापन एजेंसियों ने इन्हें बनाने में रुचि दिखाई, जबकि रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की थी। इसके बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी। अधिकांश बस स्टॉप से रेलिंग गायब हो चुकी हैं। कई जगह अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने जगह घेर ली है। कुछ बस स्टॉप अस्थायी ठिकानों में तब्दील हो गए हैं। हाल ही में करीब 15-15 लाख रुपये खर्च कर बनाए गए नए बस स्टॉप भी बदहाली से अछूते नहीं हैं।ऐसे में सवाल उठता है कि सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ उसके बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।इन मार्गों के लिए हो रहा बसों का संचालनमदर टेरेसा से घाना, आईटीआई, दीनदयाल बस स्टैंड, विजय नगर, बल्देव बाग, रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, नौदरा ब्रिज, घंटाघर, कलेक्ट्रेट, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 6, हाई कोर्ट, घमापुर, बाई का बगीचा, कंचघर, सतपुला तिराहा, पनेहरा पेट्रोल पंप, व्हीकल टर्निंग, गोकलपुर, जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, रांझी, खमरिया पेट्रोल पंप, खमरिया फैक्ट्री सहित आईएसबीटी, दमोह नाका, बल्देव बाग, रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, शास्त्री ब्रिज, मदन महल, प्रेमनगर, शारदा चौक, त्रिपुरी चौक, मेडिकल, धवनत्री नगर तिराहा, अंधमुख बायपास, तेवर, त्रिपुरी सुंदरी मंदिर, कुदन, मिरगंज, भेड़ाघाट चौक, शिल्पी नगर, पंचवटी, धुआंधार रूट पर संचालित की जा रही है। recent visitors 36

ग्राम घटेरा में आदिवासी चालक पर हमला: संदीप यादव और उसके भाइयों पर SC/ST एक्ट में FIR, पीड़ित ने SP से सुरक्षा मांगी

Attack on tribal driver in Ghatera village: FIR registered against Sandeep Yadav and his brothers under SC/ST Act, victim seeks protection from SP विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। थाना कटंगी क्षेत्र के ग्राम घटेरा में संदीप यादव और उसके दो भाइयों मधुसूदन यादव एवं उपेन्द्र यादव के विरुद्ध एक आदिवासी वाहन चालक पर जानलेवा हमला करने और जातिगत उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ है। पीड़ित बहादुर गोंड के अनुसार- 25 सितंबर को रास्ता मांगने की बात को लेकर संदीप यादव अपने भाइयों के साथ उसके घर आया। जातिसूचक गालियां देते हुए गाली-गलौज की। मना करने पर संदीप यादव ने लकड़ी के डंडे से और उसके भाइयों मधुसूदन एवं उपेन्द्र ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर मूंदी चोटें आईं। बीच-बचाव पत्नी रमा बाई, रोहित यादव और गोकुल गौड़ ने किया। आरोपियों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस के अनुसार – इस मामले में थाना कटंगी में पीड़ित की रिपोर्ट पर FIR क्र. 0584/2026 दिनांक 25.09.2026 धारा 3(1)(घ), 3(1)(ध), 3(2)(va) SC/ST एक्ट एवं BNS की धारा 115(2), 296(a), 3(5), 351(3) के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इधर, पीड़ित का आरोप है कि संदीप यादव और उसके भाइयों के राजनीतिक दबाव के कारण थाने में ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है और समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसी कारण पीड़ित ने आज SP जबलपुर को आवेदन देकर वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच, MLC, गवाहों के कथन और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। recent visitors 37

बरगी बांध के खोले जाएंगे 9 गेट: नर्मदा नदी में छोड़ा जाएगा 2522 क्यूसेक पानी, तटीय इलाकों में अलर्ट; 6-8 फीट तक जलस्तर बढ़ने की संभावना

9 gates of Bargi Dam to be opened: 2,522 cusecs of water to be released into the Narmada River; alert issued for riparian areas; water level likely to rise by 6–8 feet. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। रानी अवन्ति बाई परियोजना सागर बरगी बांध में जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बढ़ गई है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित और स्थिर रखने के लिए शनिवार 26 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे से 9 जलद्वार खोले जाएंगे। इन गेटों को औसतन 1.83 मीटर की ऊंचाई तक खोला जाएगा और करीब 2522 क्यूसेक पानी मां नर्मदा नदी में छोड़ा जाएगा। जलस्तर में 6-8 फीट तक वृद्धि की संभावनाजल निकासी बढ़ने के बाद नर्मदा के घाटों पर जलस्तर में मौजूदा स्तर की तुलना में करीब 6 से 8 फीट तक की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। इससे पहले शुक्रवार 25 सितंबर की शाम 6 बजे बरगी बांध के 5 जलद्वारों से 780 क्यूसेक पानी नर्मदा में छोड़ा गया था। इसके बाद नर्मदा के घाटों पर जलस्तर में करीब 3 से 4 फीट की वृद्धि हुई है अब बांध में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जल निकासी और बढ़ाई जा रही है। बारिश के बाद बढ़ी पानी की आवकबरगी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में शुक्रवार दिन और रात के दौरान हुई बारिश के बाद बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल निकासी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। प्रबंधन के अनुसार बांध के जलस्तर को नियंत्रित रखना जरूरी है जिसके चलते 9 जलद्वारों से पानी छोड़ा जाएगा। 2522 क्यूसेक पानी नर्मदा में छोड़ा जाएगाशनिवार सुबह 11 बजे से बांध के 9 जलद्वार औसतन 1.83 मीटर तक खोले जाएंगे। इनसे करीब 2522 क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इससे नर्मदा के घाटों और तटीय इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है मौजूदा जलस्तर की तुलना में करीब 6 से 8 फीट की बढ़ोतरी का अनुमान है। पानी की आवक के अनुसार बदल सकती है निकासीबांध प्रबंधन ने बताया कि जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक लगातार बदल रही है। ऐसे में नर्मदा में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी परिस्थिति के अनुसार बदली जा सकती है जरूरत पड़ने पर जल निकासी की मात्रा को कम या बढ़ाया जा सकता है। recent visitors 34

जबलपुर के गणेश पंडाल का कथित अश्लील डांस वीडियो वायरल, हिंदू धर्म सेना ने उठाए सवाल

Video of alleged obscene dance at a Jabalpur Ganesh pandal goes viral; Hindu Dharma Sena raises questions. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर में सोशल मीडिया पर गणेश पांडाल में कुछ युवकों द्वारा अश्लील डांस किए जाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो शुभम बैरागी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस कथित पोस्ट और वीडियो को लेकर हिंदू धर्म सेना ने पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बताया गया कि शुभम बैरागी नामक व्यक्ति की सोशल मीडिया आईडी से संबंधित यह वीडियो शेयर करने की जानकारी सामने आई है। मामला गौर चौकी के पास गणेश प्रतिमा पंडाल में कथित अश्लील डांस का वीडियो वायरल होने का है। पंडाल में फिल्मी गानों पर आपत्तिजनक डांस और कथित अश्लील गानों के वीडियो ने हिंदू संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएसंगठन ने पुलिस से सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की सत्यता, संदर्भ तथा डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में यदि धार्मिक भावनाओं को आहत करने या किसी कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। recent visitors 94