बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलना और उनके सिद्धांतों का पालन करना ही जयंती का मूलमंत्र

The motto of the birth anniversary is to follow the path shown by Baba Saheb and follow his principles. भोपाल। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एमपी नगर के बोर्ड ऑफिस चौराहा पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के अनुयायियों, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा सर्वधर्म समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोगों ने नाश्ते के रूप में केला, खीर, चावल मशाला मिक्स जैसे अन्य खाद्य सामग्री वितरित की। चौराहे पर बड़ी संख्या में लोगों ने पांडाल लगा रखे थे, जहां दिनभर डॉ अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर आधारित गीतों की गूंज सुनाई देती रही। पांडालों में जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में केक भी काटा गया। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बड़े-बुजुर्गों ने जमकर नृत्य किया और डॉ. अंबेडकर के जन्मोत्सव की खुशियां मनाई। इसके अलावा राजधानी के अलग-अलग इलाकों से रैलियों के जरिए दिनभर बोर्ड आॅफिस स्थित डॉ. अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ, जो देररात तक जारी रहा। इसके अलावा शहर के सैकड़ों स्थानों पर भी जन्मोत्सव पर कार्यक्रम हुए। डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों से सीख लेना होगा, तभी तरक्की संभव : आईएएस वर्मा अजाक्स के प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन जो संघर्ष किया, वह हम सब के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। जरूरत है उनके सिद्धांतों को जीवन में उतारने की। उनके बताए रास्तों पर चलने की। वहीं अजाक्स के कार्यकारी अध्यक्ष इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने कहा कि बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलना होगा, तभी सच्चे मायने में उनकी जयंती मनाने का उद्देश्य पूरा होगा। अजाक्स के पदाधिकारी वियज शंकर श्रवण, गौतम पाटिल, अशोक बैन, संदीप मानकर समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और समाज को सामाजिक बुराईयों से सावधान रहने, राजनैतिक भ्रम से सबक लेने और आर्थिक तरक्की की राह में वाधा बने अवरोधों को दूर करने के लिए अंबेडकरवादियों को आगाह किया। भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प: कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो, ऋषि अजय दास, महाराज ज्ञानी, दिलीप सिंह, इमरान हारून, प्रो मनोज जैन, गुरुचरण अरोड़ा वक्ताओं ने बाबासाहेब के विचारों—समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने एवं समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। recent visitors 97

ज्वाइंट सेकेट्री बनकर अधिकारियों पर झाड़ा रौब, सच्चाई सामने आई तो जोड़ने लगा हाथ

Posing as Joint Secretary, he intimidated officials, and when the truth came out, he started begging. भोपाल/उज्जैन। उज्जैन में दिल्ली निवासी एक शातिर युवक ने स्वयं को केंद्र सरकार का ज्वाइंट सेकेट्री बताकर सर्किट हाउस में 2 कमरे बुक करवाए और महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के लिए विशेष व्यवस्था के लिए दबाव बनाया। सर्किट हाउस के कर्मचारियों को उसकी हरकतों पर शंका हुई तो उन्होने तत्काल दिल्ली स्थित मंत्रायल से जानकारी ली। इसके बाद युवक का फर्जीवाड़ा पकड़ाया। कर्मचारियों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि अतुल पिता राजीव रंजन कुमार निवासी द्वारिकापुरी दिल्ली 6 अप्रैल को जिला सहायक सत्कार अधिकारी सुरभित सिंह को फोन लगाकर 11 अप्रैल शनिवार को सर्किट हाउस में 2 कमरे बुक करने और 12 अप्रैल रविवार को भस्म आरती के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। शनिवार शाम अतुल कुमार अपने दोस्त और परिवार के साथ सर्किट हाउस पहुंच गया। यहां पर कर्मचारी और अधिकारियों पर रोब झाडते हुए उसने वीआईपी सुविधा लेने का प्रयास किया। कर्मचारियों को उसकी हरकतों पर शंका हुई। उन्होंने अतुल से उसका परिचय पत्र मांगा। अतुल लगातार टालमटोल करता रहा। कर्मचारियों ने संबंधित मंत्रालय से संपर्क कर जानकारी ली तो स्पष्ट हुआ कि वह किसी भी उच्च पद पर पदस्थ नहीं है।पुलिस ने बताया कि अतुल शनिवार को सर्किट हाउस पहुंच गया था। उसके साथ कुछ लोग भी थे। कमरे बुक करवाने के पहले उसने खुद को मिनिस्ट्री सिविल एवीएशन का ज्वाइंट सेकेट्री बताया था। लेकिन जब वह देवास रोड स्थित सर्किट हाउस पहुंचा तो स्टॉफ ने उससे विभाग का आईडी मांगा। लेकिन वह आईडी दिखा नहीं पाया। जिसके बाद कर्मचारियों ने मिनिस्ट्री सिविल एवीएशन में संपर्क कर जांच की तो पता चला की अतुल नाम का कोई भी व्यक्ति वहां पदस्थ नहीं है। कर्मचारियों को हुई शंका तो बुलाई पुलिससर्किट हाउस कर्मचारियों को इस बात की पुष्टि हो गई की अतुल फर्जी अधिकारी बनकर वीआईपी सुविधा लेने का प्रयास कर रहा है तो उन्होने तत्काल सहायक सत्कार अधिकारी को इसकी सूचना दी। जिसके बाद अतुल को देर रात महाकाल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में अतुल ने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के नाम से भी पत्र भेजने की बात स्वीकार की है। पूछताछ के दौरान वह लगातार पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा। इस दौरान उसने अपने परिवार में आईएएस अधिकारी होने का हवाला देकर भी प्रभाव बनाने की कोशिश की थी।पूछताछ चल रही,जल्द होगा पर्दाफाशइस संबंध में चर्चा करने पर महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि अतुल पहले भी इस प्रकार से कई जिलों में ठगी कर चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 204, 319(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी अतुल दिल्ली में ही किसी सुरक्षा कंपनी में सुपरवाईजर के पद पर काम कर चुका है। इसलिए वह स्वयं को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों के साथ ठगी करता है। फिलहाल उसके खिलाफ जांच की जा रही है। recent visitors 79

एक्रोबट एक्वाटिक फेस्ट-2026 तैराकी स्पर्धा में बच्चों ने दिखाया उत्साह

Children show enthusiasm in Acrobat Aquatic Fest-2026 swimming competition भोपाल। रायसेन रोड कल्पना नगर के कोल परिसर स्थित पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल में 12 अप्रैल को एक्रोबट एक्वाटिक फेस्ट-2026 तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आयोजन की शुरुआत बच्चों के रिपोर्टिंग टाइम के साथ हुई। यह आयोजन एक्रोबट स्पोर्ट्स एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल द्वारा भोपाल स्विमिंग एसोसिएशन के सहयोग से किया गया है। इसमें सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गई। प्रतियोगिता के समापन पर कोच और समिति पदाधिकारियों ने सभी विजेता प्रतिभागी बच्चों को शील्ड-मेडल ओर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पूल संचालक संतोष कटियार, स्वीमिंग कोच आरडी झा, समाजसेवी उदित नारायण समेत बड़ी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य, बच्चे और उनके अभिभावक गण मौजूद रहे। 25 हजार प्रतिभागियों को सिखा चुके स्वीमिंग स्वीमिंग पूल संचालक संतोष कटियार ने बताया कि इस स्वीमिंग ग्रुप को संचालित किए हुए 14 साल हो गए हैं। अभी तक लगभग 25 हजार प्रतिभागियों को स्वीमिंग सिखा चुके हैं। बच्चों को ट्रेनिंग भी देते हैं, जिससे बच्चों की ग्रोथ हो। इस स्वीमिंग को हमने नर्सरी के तौर पर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों के पैरेंटस भी प्रेरित करेंगे, तो बच्चे और आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। स्वीमिंग एक ऐसी विद्या है, जिसमें सबसे ज्यादा आयोजन होते हैं और मेडल भी सबसे ज्यादा इसी खेल में हैं। स्वीमिंग प्रतियोगिताओं की सतत आवश्यकता कोच आरडी झा ने बताया कि मप्र तैराकी में पहले स्थान पर था। अभी तीसरे स्थान पर है। ऐसी प्रतियोगिताओं की सतत जरूरत है, ताकि बच्चों को उनके हुनर के लिए सुविधाजनक मंच मिल सके। संतोष कटियार ने स्वीमिंग को मंच देने के लिए फिर से कार्य शुरू कर दिया है। उनके प्रयास और योगदान के परिणाम स्वरूप आने वाला कल फिर भोपाल को खुशी देने वाला होगा। वे बच्चों को ट्रेनिंग देने के लिए बाहर से कोच को बुलाते हैं। 150 से 200 प्रतिभागी हुए शामिल आयोजन सचिव एवं प्रबंधक, पुरुषोत्तम गौर स्विमिंग पूल प्रबंधक एवं आयोजक सचिव बृजमान सिंह धाकड़ ने बताया कि प्रतिभागियों के लिए फ्री स्टाइल, बैंक स्ट्रोक, ब्रेस्ट स्ट्रोक, बटरफ्लाई (50 मीटर, 100 मीटर और 200 मीटर तथा 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले (आईएम) जैसी विभिन्न प्रतिस्पधार्एं आयोजित की गई, जिनमें आयु के अनुसार प्रतिभागी बच्चों ने भाग लिया। इसमें 150 से 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपना हुनर दिखाया।पूल प्रबंधक बृजमान सिंह धाकड़ ने बताया कि यह प्रतियोगिता हर वर्ष समर वोकेशन के अवसर पर अप्रैल माह में आयोजित की जाती है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के तैराकों को एक मंच प्रदान करना, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित और तैराकी खेल को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता की श्रेणियां सीनियर (पुरुष/महिला): जन्म वर्ष 2009 या उससे पहले। ग्रुप-1 (बालक/बालिका): 2010 से 2012 के बीच। ग्रुप-2 (बालक/बालिका): 2013 से 2014 के बीच। ग्रुप-3 (बालक/बालिका): 2015 से 2016 के बीच। ग्रुप-4 (बालक/बालिका): 2017 से 2018 के बीच। ग्रुप-5 (बालक/बालिका): 2019 या उसके बाद के शामिल रहे। वहीं मास्टर्स (पुरुष/महिला): जन्म वर्ष 2001 या उससे पहले वालों को शामिल किया गया है। recent visitors 73

किसानों को बना रही डिफॉल्टर सरकार —कलेक्टर कार्यालय घेराव में गूंजे विरोध के स्वर

Ruckus over wheat procurement in Harda, Congress launches scathing attack on MP government हरदा। गेहूं खरीदी में हो रही देरी, बढ़ते कर्ज और किसानों को डिफॉल्टर घोषित किए जाने के मुद्दे पर जिला कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर मध्यप्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए तीखा हमला बोला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई, हरदा विधायक रामकिशोर दोगने और टिमरनी विधायक अभिजीत शाह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही के चलते किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। “ना समय पर भुगतान, ना उचित समर्थन मूल्य—सरकार किसानों को कर्ज में डुबोकर डिफॉल्टर बना रही है,” नेताओं ने आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मांग की कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया को तुरंत दुरुस्त किया जाए और किसानों को उनका हक दिया जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। recent visitors 68

RTI खुलासा: पिछले 14 महीनों में 149 मौतें, तेंदुओं के लिए क्यों कब्रगाह बनता जा रहा MP; सामने आई यह बड़ी वजह

RTI reveals why MP is turning into a graveyard for leopards, with 149 deaths in the last 14 months भोपाल ! RTI tiger deaths in mp भारत में सबसे ज्यादा तेंदुए मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं और इसी वजह से इसे तेंदुओं का प्राकृतिक आवास भी कहा जाता है। लेकिन हाल ही में सामने आए एक चिंताजनक आंकड़े ने देश के वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से पता चला है कि बीते 14 महीनों में राज्य में कुल 149 तेंदुओं की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा जनवरी 2025 से लेकर मार्च 2026 तक का है। खास बात यह है कि इन मौतों के पीछे की सबसे बड़ी वजह तेंदुओं का शिकार होना नहीं है, में बल्कि इन मौतों का बड़ा कारण सड़क हादसे रहे हैं। वहीं वन विभाग ने मौतों के इन आंकड़ों को सामान्य बताया है और उसका कहना है कि तेंदुओं के मामले में चार प्रतिशत की मृत्यु दर स्वीकार्य सीमा के भीतर है। 31 प्रतिशत मौतों के पीछे सड़क हादसे वजह RTI tiger deaths in mp तेंदुओं की मौत की जानकारी पाने के लिए RTI कार्यकर्ता अजय दुबे ने आवेदन लगाया था। जिसके जवाब में उन्हें बताया गया कि जनवरी 2025 से इस साल मार्च तक के 14 महीनों में मध्य प्रदेश में 149 तेंदुओं की मौत हुई। इनमें से 31 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं। डेटा के अनुसार इनमें से भी 19 मौतें हाईवे पर हुईं। वहीं बुढ़ापा और बीमारी जैसे प्राकृतिक कारणों के कारण 24 प्रतिशत मौतें हुईं, जबकि 21 प्रतिशत मौतें वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष के कारण हुईं। 8 तेंदुओं की जान करंट लगने की वजह से गई RTI tiger deaths in mp आंकड़ों के अनुसार शिकार और बदले की भावना के कारण लगभग 14 प्रतिशत तेंदुओं की जानें गई। 8 लेपर्ड की मौत बिजली का झटका लगने से हुई, फिर चाहे वह जानबूझकर लगाया गया हो या गलती से लगा हो, जबकि दो जानवर फंदों में फंसकर मारे गए। इसके अलावा लगभग नो प्रतिशत मामलों में, मौत का कारण पता नहीं चल पाया। तेंदुओं की लिए कब्रिस्तान बन रहा MP- RTI कार्यकर्ता RTI tiger deaths in mp इस RTI को लगाने वाले एक्टिविस्ट अजय दुबे मौतों के इन आंकड़ों को भयावह बता रहे हैं, उनका कहना है कि ये आंकड़े एक गंभीर सच्चाई है। उन्होंने कहा, ‘टाइगर स्टेट (MP) तेंदुओं के लिए एक कब्रिस्तान बन गया है। NTCA (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) के प्रोटोकॉल को लागू करने में सिस्टम की नाकामी और सुरक्षित रास्तों की कमी उन्हें खत्म कर रही है।’ वन विभाग ने कहा- 4% का आंकड़ा सामान्य उधर वन विभाग इन मौतों को सामान्य बता रहा है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए वन विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति ने कहा कि राज्य में तेंदुओं की मृत्यु दर को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘तेंदुए आकार में छोटे होते हैं और आसानी से दिखाई नहीं देते, इसलिए वे पूरे राज्य में फैले हुए हैं। वे अक्सर इंसानी बस्तियों के करीब पाए जाते हैं।’ आगे उन्होंने कहा कि ‘मौतों के आंकड़े को कम करने के लिए हम योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं ओर नई सड़कों पर जानवरों के लिए सुरक्षित निकलने के रास्ते बनाने (एनिमल पैसेज), चेतावनी के संकेतक लगाने और नियमित गश्त करने जैसे उपाय लागू कर रहे हैं।’ साथ ही उन्होंने आगे कहा, ‘हम सड़कों के पास पानी के स्रोत न बनाने की भी सलाह दे रहे हैं, क्योंकि जानवर अक्सर पानी की तलाश में सड़कों की ओर आ जाते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार बन जाते हैं।’ बिग कैट फैमिली में 10 से 20 प्रतिशत मौतें सामान्य एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘करीब 4,000 तेंदुओं में से 149 की मौत होना केवल 4 प्रतिशत का नुकसान है, जबकि बिल्ली परिवार में सालाना 10 से 20 प्रतिशत तक की मृत्यु दर को स्वीकार्य माना जाता है।’ बता दें कि फरवरी 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में तेंदुओं की सबसे ज्यादा संख्या मध्य प्रदेश में है। उस वक्त मध्य प्रदेश में 3,907 तेंदुए थे। इससे पहले साल 2018 में राज्य में 3,421 तेंदुए थे। मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक का नंबर आता है। recent visitors 105

पवन खेड़ा को राहत: तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली एक हफ्ते की अग्रिम जमानत, संबंधित कोर्ट में जाने की इजाजत

Pawan Khera gets relief: Telangana High Court grants him one week’s anticipatory bail, allows him to approach the concerned court तेलंगाना हाईकोर्ट ने कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा को असम में दर्ज एक मामले में एक हफ्ते की अग्रिम जमानत दे दी है। यह राहत शुक्रवार को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दी। कोर्ट की जज न्यायमूर्ति सुजाना कलासिकम ने कहा कि पवन खेड़ा को एक हफ्ते का समय दिया जाता है ताकि वह संबंधित कोर्ट में जाकर नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकें। इस दौरान उन्हें कुछ शर्तों के साथ गिरफ्तारी से राहत मिलेगी। पवन खेड़ा पर असम पुलिस ने दर्ज किया है केसदरअसल, यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है। पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति है, जिसकी जानकारी चुनावी हलफनामे में नहीं दी गई। recent visitors 50

मध्य प्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव आज से, महिला आरक्षण कानून की दी जाएगी जानकारी

‘Nari Shakti Vandan’ festival in Madhya Pradesh from today, information will be given about women’s reservation law राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का सम्मान करना है। इसे जन-उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की शुरुआत भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में राज्य स्तरीय सम्मेलन से होगी। इसके अलावा सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन व मंदसौर में भी बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों और सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा और उनके अनुभव साझा किए जाएंगे। पदयात्रा आयोजित होगीमहिला एवं बाल विकास विभाग हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” आयोजित करेगा। इसमें समाज की महिलाएं शामिल होंगी। युवाओं को जोड़ने के लिए “नारी शक्ति वंदन दीवार” बनाई जाएगी, जहां वे पेंटिंग और संदेशों के जरिए अपने विचार व्यक्त करेंगे। अंबेडकर जयंती पर विशेष ग्राम सभा14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी। इनमें अधिनियम पर चर्चा होगी और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही पंचायतों, नगरीय निकायों और शिक्षण संस्थानों में गोष्ठियां और सेमिनार होंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियानजनसंपर्क विभाग इस अभियान का प्रचार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करेगा। प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे। महिला स्व-सहायता समूह, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ योजना की महिलाओं को अभियान में जोड़ा जाएगा। शिक्षा संस्थानों में कार्यक्रमस्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि युवा पीढ़ी महिला सशक्तिकरण को बेहतर तरीके से समझ सके। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और इस पखवाड़े को जन-उत्सव के रूप में मनाया जाए। recent visitors 56