सचिव संग जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर संदीप रघुवंशी का आमला में सचिव साथियों ने किया भव्य स्वागत।

Sandeep Raghuvanshi was given a grand welcome by his secretary colleagues in Amla on being made the district president along with the secretary. हरिप्रसाद गोहे आमला। मुलताई स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित सचिव जागृति एवं संगठन उदय संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय विशाल सम्मेलन का आयोजन आयोजित किया गया था। आयोजित सम्मेलन में बतौर विशेष अतिथि प्रदेश सचिव संघ अध्यक्ष दिनेश शर्मा उपस्थित रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष के मार्गदर्शन में सर्वसम्मति से आमला जनपद की ग्राम पंचायत ब्राह्मणवाड़ा में पदस्थ सचिव संदीप सिंह रघुवंशी को बैतूल जिले का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया, वहीं राजेन्द्र झरबड़े  को संभागीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया। सम्मेलन में बैतूल जिले के समस्त पंचायत सचिव ‘एक संकल्प एक दिन संगठन के नाम’ के संकल्प के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संगठन का मुख्य लक्ष्य पंचायत सचिवों के भविष्य को सुरक्षित करना एवं संगठन को मजबूत करना है। संदीप रघुवंशी के जिला अध्यक्ष बनने पर आमला जनपद के सचिवों में हर्ष व्याप्त है। उन्होंने नवागत अध्यक्ष के आमला जनपद आगमन पर फूल माला पहनाकर जोरदार अभिनंदन किया और जिया सचिव संघ अध्यक्ष बनने पर शुभकामनाएं प्रेषित की गई। आमला जनपद के सचिव रूसीलाल यादव, सुमेर सिंह बघेल, राजकुमार जादौन, गुड्डू पवार, खेमराज सूर्यवंशी, दिनेश यदुवंशी, कृष्णा सोलंकी, मनोज गड़ेकर, सर्जेराव चिल्लाटे, हरिकिशोर पठाड़े सहित समस्त सचिवों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। recent visitors 67

नागपंचमी पर्व- चौरसिया दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न

Talent Felicitation Ceremony Held on the Occasion of Nag Panchami – Chaurasia Diwas विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। चौरसिया समाज के द्वारा नागपंचमी पर्व एवं चौरसिया दिवस के उपलक्ष्य पर समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को शिक्षा में अभिरुचि जागृत करने व अन्य विधाओं में भी प्रोत्साहन करने के उद्देश्य से 38 वाँ गौरवशाली प्रतिभा सम्मान समारोह मानस भवन सभागार में आयोजित किया गया। चौरसिया समाज के अध्यक्ष शिव कुमार चौरसिया ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन , अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव चौरसिया विक्की, विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, जेडीए उपाध्यक्ष प्रशान्त केशरवानी, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, समरसता सेवा संगठन अध्यक्ष पवन पांडे, मनोज सेठ के साथ कार्यक्रम संयोजक राहुल रमेश चौरसिया, महिला मंडल अध्यक्ष रीता हरीश चौरसिया, नवयुवक मंडल के अध्यक्ष राहुल चौरसिया के द्वारा दीप प्रज्वलन, पूजन अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा उसके पश्चात आयोजन मंडल ने सभी अतिथियों का मोती की माला, शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र देकर स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम सौरभ सोनू , मनोज चौरसिया एवं राकेश चौरसिया के मार्गदर्शन में बच्चों ने रंगारंग मन मोहक नृत्य एवं गीत गायन भी किया गया। साथ ही समाज के लगभग 650 प्रतिभावान छात्र- छात्राओं को प्रतिभा सम्मान समारोह से पुरस्कृत एवं 20 वरिष्ठ जनों को अभिनंदन पत्र से सम्मान तथा विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों में समाज सेवा, चिकित्सा और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉक्टर बिहारी लाल रुसिया, शिक्षक पराग दिवान सहित अनेक समाजसेवियों, चिकित्सकों, बैक अधिकारियों और युवा प्रतिभाओं को भी स्वागत कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही चौरसिया समाज रत्न सम्मान 2026 से राजू चौरसिया विश्व को सम्मानित किया गया। जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन ने कार्यक्रम कहा में कि समाज में सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए तभी समाज आगे बढ़ती है। पूर्व मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया ने कार्यक्रम में कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान और युवाओं को प्रोत्साहन ही सशक्त एवं समृद्ध समाज की नींव है। आदर्श चौरसिया समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव विक्की चौरसिया ने कार्यक्रम में कहा कि जहाँ प्रतिभा का सम्मान होता है, वहीं भविष्य की मजबूत नींव रखी जाती है।चौरसिया समाज जबलपुर के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होकर मेधावी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करने का अवसर मिला। समारोह संयोजक राहुल रमेश चौरसिया चौरसिया एवं नवयुवक मंडल अध्यक्ष राहुल चौरसिया ने बताया कि परस्पर सदभाव समाज बोध, एकता तथा शिक्षा के प्रति अभिरुचि जागृत करने हेतु अखिल भारतीय स्तर की उक्त आयोजनों में प्रतिभावान छात्र- छात्राओं को पुरस्कृत करने के साथ ही समाज के वरिष्ठ स्वजनों व निः स्वार्थ विभूतियों को भी प्रतिभा सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। समाज के मीडिया प्रभारी अनिकेत चौरसिया ने कहा की इन होनहार बच्चों की मेहनत, लगन और उपलब्धियाँ पूरे समाज के लिए गर्व का विषय हैं। प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले, तो सपनों को उड़ान मिलती है। कार्यक्रम में मघुसूदन मोदी, डॉ रमेश चौरसिया, प्रकाश चौरसिया, अखिल चौरसिया, प्रमोद चौरसिया, राजेश चौरसिया, राजू चौरसिया आर सी, मनोज चौरसिया, मनीष चौरसिया, भगवान चौरसिया, शैलेंद्र चौरसिया, हरीश चौरसिया, राहुल चौरसिया, रीता चौरसिया, रेखा चौरसिया, मोहनी चौरसिया, देवेश्वरी मोदी, स्नेहलता चौरसिया, सुमन चौरसिया, सरिता चौरसिया, ज्योति चौरसिया, स्वाति चौरसिया, लता, रजनी, रितु, वंदना, शीला, पूजा, श्रद्धा, साधना, श्वेता, मनीषा, कल्पना चौरसिया, गोपाल नारायण चौरसिया, मीडिया प्रभारी अनिकेत चौरसिया, पत्रकार हर्षित चौरसिया, सुशील चौरसिया, आशीष चौरसिया, संदीप चौरसिया, रामकृष्ण चौरसिया, पंकज चौरसिया, एड.आनंद चौरसिया, एड. अनुज चौरसिया, सौरभ सोनू चौरसिया, सत्यनारायण चौरसिया, एड. रामू चौरसिया, दिलीप चौरसिया, ईजी. आकाश चौरसिया, अभिषेक चौरसिया, राहुल चौरसिया, हिमांशु चौरसिया, राजा चौरसिया, आलोक चौरसिया, अंशुल चौरसिया, मोहित चौरसिया, अमित चौरसिया, पंकज चौरसिया, पिंकू चौरसिया, मनमोहन चौरसिया, संजय चौरसिया, अजय, दुर्गेश, सुधीर, अनीस, अनिमेष, श्रीकांत चौरसिया आदि समाज जन उपस्थित रहे है। recent visitors 42

रेलवे इंस्टिट्यूट में हर्षोल्लास से मना हरियाली तीज महोत्सव।

Hariyali Teej festival celebrated with great enthusiasm in Railway Institute. हरिप्रसाद गोहे आमला। रेलवे इंस्टिट्यूट, आमला में रेलवे परिवार की महिलाओं द्वारा हरियाली तीज महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद श्रीमती ओमवती विश्वकर्मा और श्रीमती विमल मदान रहीं। महिलाओं ने गीत-संगीत और विभिन्न मनोरंजक प्रस्तुतियों से माहौल को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती भावना पंत ने किया। आयोजन में लता कोसे, रश्मि चौकीकर, कामिनी पाठक, नीलम शर्मा, मीना करौले सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। अंत में कामिनी पाठक ने सभी का आभार व्यक्त किया। recent visitors 75

आम वाले बाबा क्षेत्र में हुआ ओपन जिम का भूमिपूजन, टैगोर वार्ड वासियों को मिलेगी फिटनेस की सौगात।

Ground breaking ceremony of open gym took place in Aam Wale Baba area, residents of Tagore ward will get the gift of fitness. हरिप्रसाद गोहे आमला। वार्डवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। नगर पालिका आमला द्वारा रवीन्द्र नाथ टैगोर वार्ड क्रमांक 12 के आम वाले बाबा क्षेत्र में हवाई पट्टी के बाजू में ओपन जिम का निर्माण कराया जा रहा है। शनिवार को वार्ड पार्षद पद्मिनी विजय भंभरकर ने रहवासियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ओपन जिम का भूमिपूजन किया। भूमिपूजन के पश्चात उपस्थित जनों को मिठाई वितरित कर वार्ड में ओपन जिम खुलने पर खुशी का इजहार किया। इस सौगात के लिए रहवासियों ने पार्षद का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पार्षद पदमिनी भंभरकर, पार्षद सुनील उइके, विजय भंभरकर, पत्रकार हरिप्रसाद गोहे, प्रदीप कोकाटे, संजय भंभरकर, गीता ढोलेकर, शिखा भंभरकर, ममता बचले, संगीता गोहे, भावना बचले सहित वार्ड के बड़ी संख्या में रहवासी मौजूद रहे। recent visitors 70

सारणी में 25 अगस्त को होगा ‘एक कुर्सी पुरुष के नाम’ अभियान।

‘One chair in the name of a man’ campaign will be held in Sarni on 25th August. हरिप्रसाद गोहे  आमला। एसआईएफ बैतूल द्वारा ‘एक कुर्सी पुरुष के नाम’ अभियान का दूसरा आयोजन 25 अगस्त को सारणी में किया जाएगा। इससे पहले यह आयोजन आमला में हो चुका है। कार्यक्रम का उद्देश्य पुरुषों की सुरक्षा, अधिकार, न्याय एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। आयोजकों ने बताया कि पारिवारिक विवाद, झूठे केस और मानसिक तनाव से जूझ रहे पुरुषों व उनके परिवारों को सहायता एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम 25 अगस्त को दोपहर 12 बजे जय स्तंभ चौक, सारणी में होगा। जानकारी के लिए डॉ.संदीप गोहे 9424407874, चंद्रप्रकाश झारे 9406936760 व मेंस हेल्पलाइन 8882498498 पर संपर्क कर सकते हैं। recent visitors 62

MP सरकार का बड़ा वित्तीय फैसला: केंद्रीय योजनाओं में अग्रिम खर्च पर रोक, अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी

MP Budget Rules: No advance funds from the state treasury for central schemes; here are the details of the MP government’s new decision. भोपाल। केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य के बजट पर अनावश्यक वित्तीय दबाव रोकने के लिए वित्त विभाग ने केंद्रीय क्षेत्रीय और केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केंद्रांश की राशि प्राप्त होने से पहले राज्य बजट से अग्रिम व्यय पर रोक लगा दी है। केवल प्रतिपूर्ति श्रेणी की योजनाओं में अपरिहार्य व्यय की अनुमति रहेगी, लेकिन खर्च के तत्काल बाद केंद्र सरकार से प्रतिपूर्ति की राशि प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव भेजना अनिवार्य होगा।केंद्र से राशि मिलने में देरीकेंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई मामलों में केंद्रांश की प्रत्याशा में राज्य बजट से पहले ही राशि खर्च कर दी गई। दूसरी ओर प्रतिपूर्ति के आधार पर संचालित योजनाओं में भारत सरकार से प्रतिपूर्ति राशि प्राप्त करने में देरी हो रही है। इससे राज्य के संसाधनों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ रहा है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने निर्देश दिए हैं कि केंद्रीय क्षेत्रीय एवं केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में अब केंद्रांश की राशि प्राप्त होने के बाद ही राज्य बजट में संबंधित योजना के राज्यांश का उपयोग किया जाए।केंद्र सरकार को भेजेंगे प्रस्तावकेंद्रांश मिलने की उम्मीद में राज्य के बजट से अग्रिम खर्च नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं विभागों की जिम्मेदारी रहेगी कि वे प्रतिपूर्ति श्रेणी की योजनाओं में जैसे ही आवश्यक व्यय हो, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाए।केंद्रीय योजनाओं की राशि से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी समय पर भेजे जाएं। यदि से लंबित हैं तो उन्हें तत्काल भेजें ताकि राशि जारी हो सके। ये ऑनलाइन भेजने होंगे। बजट नियंत्रण अधिकारी बनाएंगे सूचीसभी विभागों के बजट नियंत्रण अधिकारियों से कहा गया है कि वे ऐसी सभी योजनाओं की सूची तैयार करें जिनमें केंद्रांश की राशि अपेक्षित या लंबित है। इसके बाद संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और नोडल अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर लंबित राशि राज्य के पक्ष में जल्द प्राप्त करनी होगी।केंद्रीय राशि की प्राप्ति में अनावश्यक विलंब होने और इसके कारण राज्य के संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की स्थिति में संबंधित विभाग तथा बजट नियंत्रण अधिकारी जिम्मेदार होंगे। recent visitors 23

price of sugar :अचानक क्यों महंगी हो रही चीनी? 65 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; आपकी जेब पर क्या होगा असर?

Why is the price of sugar suddenly rising? Rates have reached up to ₹65 per kg; how will it impact your pocket? देश में चीनी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। कुछ बाजारों में इसके दाम 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी बिना आयात शुल्क के मंगाने की अनुमति दी है। दस साल बाद ऐसा होगा जब भारत को चीनी का आयात करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि चीनी के दाम अचानक क्यों बढ़ रहे हैं? क्या देश में चीनी की कमी है या आपूर्ति को लेकर समस्या है? क्या मौसम भी इसकी वजह है? एथेनॉल उत्पादन से चीनी का क्या संबंध है? सरकार का क्या कहना है? भारत ने चीनी का निर्यात क्यों घटाया? भारत में चीनी सबसे ज्यादा कहां होती है? सरकार ने चीनी को नियंत्रित करने के लिए क्या-क्या नीतियां बनाई? सरकार को 10 लाख टन चीनी आयात करने की जरूरत क्यों पड़ी? और त्योहारों से पहले आम आदमी की जेब पर कितना असर पड़ सकता है? आइये जानते हैं… चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?चीनी की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता को लेकर बढ़ता दबाव है। देश में चीनी उत्पादन पिछले कुछ वर्षों में लगातार एक जैसा नहीं रहा है। कभी उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा तो कभी इसमें गिरावट देखने को मिली। 15 अप्रैल 2026 तक देश में 273.90 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हो चुका था। इस दौरान देशभर में 541 चीनी मिलें चल रही थीं और उन्होंने 2,865.21 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की। गन्ने से चीनी निकलने की औसत दर 9.56 प्रतिशत रही। क्या मौसम भी है वजह?चीनी की कीमतों पर मौसम का असर भी पड़ रहा है। इस साल भारत में मानसून के 11 साल के सबसे निचले स्तर पर रहने का अनुमान जताया गया है। कमजोर बारिश ने गन्ने की बुवाई और फसल को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही अल नीनो का खतरा भी बना हुआ है।विशेषज्ञ राहिल शेख, प्रबंध निदेशक, एमईआईआर कमोडिटीज इंडिया के मुताबिक भारत में चीनी की आपूर्ति पहले से दबाव में है और अब अल नीनो एक बड़ा जोखिम बनकर उभर रहा है। अगर अनुमान के मुताबिक बारिश कमजोर रहती है तो गन्ने की बुवाई प्रभावित होगी और भारत कम से कम अगले तीन साल तक चीनी के निर्यात बाजार से बाहर रह सकता है। त्योहारों का मौसम क्यों बढ़ा रहा है चिंता?चीनी की मांग पूरे साल रहती है, लेकिन त्योहारों के दौरान इसमें खास बढ़ोतरी होती है। रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली के समय मिठाई की बिक्री काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा बिस्किट, टॉफी, शीतल पेय और कई खाद्य उत्पादों में भी चीनी का इस्तेमाल होता है। ऐसे समय में अगर बाजार में पहले से ही आपूर्ति का दबाव हो और मांग अचानक बढ़ जाए तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। देश में चीनी सबसे ज्यादा कहां बनती है?भारत के चीनी उत्पादन में तीन राज्यों की सबसे बड़ी भूमिका है महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक। ये तीनों राज्य मिलकर देश के कुल चीनी उत्पादन में करीब 87.48 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। 2025-26 के दौरान महाराष्ट्र में 89.80 लाख मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में 65.60 लाख मीट्रिक टन और कर्नाटक में 41.70 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ।इसलिए इन राज्यों में गन्ने की पैदावार, बारिश और चीनी मिलों का उत्पादन पूरे देश के बाजार को प्रभावित कर सकता है। अगर इन प्रमुख राज्यों में फसल प्रभावित होती है तो इसका असर देशभर में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ सकता है। क्या एथेनॉल से भी चीनी के उत्पादन का संबंध है?चीनी की मौजूदा कहानी में एथेनॉल एक महत्वपूर्ण कड़ी है। केंद्र सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसके पीछे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना जैसे उद्देश्य हैं। एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 में देश में एथेनॉल की संचयी आपूर्ति 800 करोड़ लीटर का आंकड़ा पार कर गई है। अखिल भारतीय आसवक संघ के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कुल मासिक एथेनॉल आपूर्ति में करीब 76 प्रतिशत हिस्सा अनाज आधारित कच्चे माल का था। वहीं, गन्ने पर आधारित कच्चे माल से जुलाई में 22 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति हुई, जबकि जून में यह 28 करोड़ लीटर थी। जुलाई में कुल एथेनॉल आपूर्ति में गन्ने पर आधारित कच्चे माल की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत रही, जबकि जून में यह करीब 27 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों की चेतावनी क्या है?विशेषज्ञों की चिंता मुख्य रूप से दो चीजों को लेकर है, मौसम और घरेलू आपूर्ति। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चीनी की आपूर्ति पहले से दबाव में है। अगर बारिश कमजोर रहती है तो गन्ने की अगली फसल प्रभावित हो सकती है। इसका असर आने वाले चीनी मौसम में उत्पादन पर पड़ सकता है। इसके अलावा एथेनॉल नीति को लेकर भी संतुलन जरूरी है। सरकार के लिए एथेनॉल उत्पादन बढ़ाना ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन खाद्य जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार का क्या कहना है?दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल में मिश्रण के लिए चीनी को एथेनॉल उत्पादन की ओर डाइवर्ट किए जाने से घरेलू बाजार में इसकी कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में बढ़ोतरी का संबंध एथेनॉल से नहीं, बल्कि कम घरेलू उत्पादन, आगामी त्योहारी सीजन की मांग और जमाखोरी से है। साथ ही गन्ने की फसल को रेड रॉट और टॉप बोरर बीमारी से नुकसान हुआ। इस सीजन में चीनी का उत्पादन करीब 306 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है, जबकि गन्ना उत्पादक राज्यों का शुरुआती अनुमान करीब 343 एलएमटी था। सरकार ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया है कि एथेनॉल कार्यक्रम पर महंगाई का दोष मढ़ना पूरी तरह गलत है। आंकड़ों के मुताबिक, एथेनॉल उत्पादन के लिए डाइवर्ट की जाने वाली चीनी की हिस्सेदारी 2022-23 सीजन के 12 प्रतिशत से … Read more