गूगल करेगा म.प्र. में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश

Google to invest in IT, ITES and data centres in Madhya Pradesh गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट संजय गुप्ता के साथ दावोस में मंगलवार को मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने बैठक कर राज्य में आईटी, आईटीईएस सेक्टर और मौजूदा प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। गुप्ता ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश की रूचि दिखाई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित रहे। गूगल की ओर से राज्य में जेमिनी एआई (Gemini AI) के माध्यम से कृषि एवं शिक्षा क्षेत्रों में नवाचार और डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए। बैठक में राज्य शासन द्वारा आईटी एवं डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हरित ऊर्जा आधारित नीति तैयार करने की योजना से अवगत कराया गया। साथ ही, गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने की मध्यप्रदेश की क्षमता, अनुकूल नीतिगत ढांचा और सहयोगी दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया। गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट संजय गुप्ता ने आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सहयोग दिए जाने पर सहमति व्यक्त की। recent visitors 56

धार भोजशाला: बसंत पंचमी पर नमाज का समय तय करने की दिग्विजय सिंह की मांग, शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील

धार भोजशाला: बसंत पंचमी पर नमाज का समय तय करने की दिग्विजय सिंह की मांग, शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील

Dhar Bhojshala: Digvijay Singh demands fixing the time for namaz on Basant Panchami, appeals to maintain peace and order धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार यानि 23 जनवरी को पड़ रही है। यह संयोग पहले भी तीन बार 2006, 2013 और 2016 में बन चुका है और उन सभी मौकों पर क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे। ऐसे में इस बार पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। क्या कहा दिग्विजय सिंह ने?इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है। पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी। मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि ASI द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए गए आदेश में यह सपष्ट कर चुका है कि जब भी कभी बसंत पंचमी का त्योहार और शुक्रवार की नमाज़ साथ में होती है तो बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर 1 तक और उसके बाद 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी और दोपहर 1 – 3 का समय शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए छोड़ा जाएगा। इस स्थिति में सरकार व प्रशासन की ये ज़िम्मेदारी है ASI द्वारा पारित किए गए आदेश की पूर्ण पालन किया जाए और धार में अमन शांति का पैग़ाम दिए जाने की पूरी कोशिश करते हुए सांप्रदायिक उन्माद व अफ़वाह फैलाने वालो पर सख्त कार्यवाही की जाए। मैं सभी हिन्दू मुसलमान भाइयों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील करता हूँ। हमारा प्रदेश अमन का प्रतीक है और सरकार व प्रशासन की ये नैतिक ज़िम्मेदारी है कि इस अमन को क़ानूनी रूप से स्थापित किया जाए। इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है।पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी।मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि ASI द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए… जवानों ने निकाला फ्लैग मार्चपुलिस अधिकारियों के अनुसार किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया जा रहा है। रविवार को एहतियात के तौर पर करीब 2000 जवानों ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला । इसके साथ ही भोजशाला और आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरों और करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। recent visitors 63

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली।एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया। कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। recent visitors 65

मेट्रो प्रोजेक्ट भोपाल में चला रहा पेड़ों पर आरी पेड़ों की कटाई का सिलसिला लगातार जारी

Metro project is cutting down trees in Bhopal. The process of felling trees continues. भोपाल। रायसेन रोड स्थित गोविन्दपूरा इंडस्ट्रियल एरिया गेट एवं आईटीआई के आस पास के क्षेत्र में मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं एनजीटी द्वारा शहर में 16 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना के तहत अयोध्या बायपास पर हजारों पेड़ों की कटाई के बाद कटाई पर रोक लगा दी गई है।  पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि 40 से 50 साल पुराने हरे-भरे पेड़ों को विकास के नाम पर काटा जा रहा है, जबकि भोपाल पहले ही बढ़ते वाहनों, औद्योगिक प्रदूषण, कचरा जलाने और पटाखों के कारण गंभीर वायु प्रदूषण झेल रहा है। ऐसे में हरियाली खत्म होने से शहर की हवा और तापमान दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार एक परिपक्व पेड़ प्रतिवर्ष लगभग 20 से 25 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है। हजारों पेड़ों की कटाई से आक्सीजन स्तर में गिरावट और हीट आइलैंड प्रभाव बढ़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि क्या इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति ली गई है और क्या पेड़ कटाई से पहले वैकल्पिक पुनरोपण की ठोस योजना तैयार की गई है।  पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं  स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं वहीं शहर में जहां-जहां सड़कें बनाई जाती हैं, वहां बाद में अतिक्रमण हो जाता है, जिससे जनता को कोई राहत नहीं मिलती। यदि सड़क चौड़ी करने या विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई चलती रही तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी साथ ही पर्यावरण पर भी असर देखने को मिलेगा। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पेड़ कटाई का निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा। जनता का साफ संदेश है कि ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा, जो पर्यावरण, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ समझौता करे। recent visitors 77

दमोह सांसद राहुल लोधी के घर पहुंचे बड़ामलहरा जनपद पंचायत अध्यक्ष राघव राजा , सुपुत्री के आकस्मिक निधन पर जताया शोक

Badamalhara District Panchayat President Raghav Raja reached the house of Damoh MP Rahul Lodhi.  लोकेंद्र सिंह  बड़ामलहरा। बड़ामलहरा जनपद पंचायत अध्यक्ष राघव राजा ने दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी की सुपुत्री के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। रघुराज प्रताप सिंह अपने सहयोगियों के साथ  हिंडोरिया स्थित सांसद राहुल सिंह लोधी के निज निवास पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर राघव राजा ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान वातावरण शोकमय रहा। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी इस आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। पूरे क्षेत्र में इस दुखद घटना को लेकर शोक की लहर व्याप्त है। recent visitors 92

TMC पर बरसे पीएम मोदी; बोले- घुसपैठिए हक छीन रहे हैं, भाजपा सरकार बनते ही कार्रवाई करेंगे

TMC पर बरसे पीएम मोदी; बोले- घुसपैठिए हक छीन रहे हैं, भाजपा सरकार बनते ही कार्रवाई करेंगे

PM Modi slammed TMC, saying infiltrators are usurping rights, and that action will be taken as soon as the BJP forms the government. पश्चिम बंगाल के मालदा में रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की योजनाओं, भाजपा के विस्तार और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखे हमलों के साथ बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि बंगाल के हर गरीब परिवार के पास पक्का घर हो, हर जरूरतमंद को मुफ्त राशन मिले और केंद्र सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ गरीबों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से बंगाल में ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए टीएमसी सरकार पर बड़ा हमला बोला। रैली में उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों का हक घुसपैठिए छीन रहे हैं। भाजपा सरकार बनते ही सभी घुसपैठिओं पर कार्रवाई करेंगे और बंगाल के लोगों का हक और उनके अधिकार सुरक्षित किए जाएंगे। केंद्र की योजनाएं बंगाल तक क्यों नहीं पहुंच रहीं?प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार बेहद असंवेदनशील और निर्दयी रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए जो पैसा भेजती है, उसे टीएमसी के नेता लूट लेते हैं। पीएम मोदी ने साफ कहा कि गरीबों के हक का पैसा गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या ऐसी सरकार को और मौका दिया जाना चाहिए, जो गरीबों के साथ अन्याय कर रही हो। अब बंगाल में बदलाव क्यों जरूरी है?पीएम मोदी ने कहा कि जिन इलाकों में वर्षों तक भाजपा के खिलाफ झूठ फैलाया गया और अफवाहें उड़ाई गईं, वहां भी अब मतदाता भाजपा को आशीर्वाद दे रहे हैं। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि इस बार बंगाल की जनता भाजपा को विजयी बनाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि देश का माहौल बदल चुका है और लोग विकास और सुशासन की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं। विकसित भारत और पूर्वी भारत का क्या कनेक्शन है?प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है और इसके लिए पूर्वी भारत का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत की राजनीति ने जकड़ कर रखा, जिससे विकास रुक गया। पीएम मोदी ने दावा किया कि भाजपा ने पूर्वी राज्यों को इस राजनीति के चंगुल से बाहर निकाला है। उन्होंने कहा कि अगर पूर्वी राज्यों का भरोसा किसी एक पार्टी के साथ है, तो वह पार्टी भाजपा है। टीएमसी सरकार पर आखिरी बड़ा हमला क्यों?पीएम मोदी ने कहा कि आज बंगाल देश का इकलौता राज्य है, जहां आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार जानबूझकर बंगाल के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दे रही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से देश के लाखों परिवारों का बिजली बिल जीरो हो गया है, लेकिन बंगाल में यह योजना आगे नहीं बढ़ने दी जा रही। पीएम मोदी ने जनता से अपील की कि ऐसी निर्दयी सरकार को बंगाल से विदा करना जरूरी है, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके। recent visitors 67

आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में 18 जनवरी को भोपाल में ओबीसी, एससी, एसटी का महाआंदोलन

Massive agitation by OBC, SC, ST in Bhopal on January 18 in support of IAS Santosh Verma भोपाल। ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 18 जनवरी को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित भेल दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे से विशाल महाआंदोलन और महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग पदों पर भर्ती, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस महाआंदोलन को भीम आर्मी, जयस सहित अनेक सामाजिक व आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। शुक्रवार को आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में अपाक्स के संरक्षक इंजीनियर भुवनेश पटेल, अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष तुलसीराम पटेल, अजाक्स के एसएल सूर्यवंशी, ओबीसी महासभा के कमलेंद्र सिंह, भीम आर्मी के सुनील बैरसिया, युवा छात्र संघ के प्रियंक जाटव और पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के महामंत्री सीएस यादव ने डबल इंजन की भाजपा सरकार पर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विरोधी रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्मा द्वारा किसी भी जाति, वर्ग या समाज के प्रति कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई थी। उनके कथन के भावार्थ को समझे बिना कुछ लोगों ने जानबूझकर दुष्प्रचार किया, जिसके आधार पर सरकार ने व्सतु स्थिति को जाने समझे बगैर कारण बताओ नोटिस जारी कर डीओपीटी को प्रस्ताव भेज दिया। यह सामाजिक न्याय की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिससे ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसी दमनात्मक कार्रवाई तत्काल रोकी जानी चाहिए। पत्रकार वार्ता में कहा गया कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, न्यायपालिका और विकास की मुख्यधारा में लगातार उपेक्षा और भेदभाव का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस शासनकाल में घोषित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछड़ा वर्ग को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बीच भटकाया जा रहा है, जबकि भाजपा सरकार को बिना बहाने सीधे तौर पर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। महाआंदोलन की प्रमुख मांगें आईएएस संतोष वर्मा के विरुद्ध जारी समस्त कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए।ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।एससी, एसटी,ओबीसी के सभी रिक्त व बैकलॉग पद विशेष भर्ती अभियान से भरे जाएं।निजी क्षेत्र और संविदा, आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण लागू किया जाए।ओबीसी को भी पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।सफाई कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति और पर्याप्त छात्रावास सुविधा मिले।संविदा नियुक्ति संबंधी बिल निरस्त कर स्थायी भर्तियां की जाएं।न्यायालयों, मंदिरों और शासकीय ठेकों में आरक्षित वर्गों को जनसंख्या अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए।पेसा अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाए। recent visitors 100