छिंदवाड़ा कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ निकाली टैक्स विरोधी अर्थी

छिंदवाड़ा कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ निकाली टैक्स विरोधी अर्थी

Chhindwara Congress took out an anti-tax procession against the Municipal Corporation. छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा नगर कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम द्वारा लगाए जा रहे टैक्स के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। शिवाजी चौक राजीव भवन से शुरू हुई रैली फव्वारा चौक होते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंची। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां निगम पर टैक्स कम करने की मांग रखी।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘टैक्स की अर्थी’ भी निकाली। नगर कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू यादव मटकी पकड़े आगे चल रहे थे, जबकि पीछे कार्यकर्ता अर्थी को कांधा देकर ले जा रहे थे। इस दौरान बैंड की धुन पर ‘रघुपति राघव राजा राम’ बजाया गया और शहर के प्रमुख मार्गों पर जुलूस निकाला गया।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने निगम कमिश्नर, महापौर और सभापतियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता के पैसे से गाड़ी में डीजल डलवाने वाले हरामखोर कहां हैं? इतना ही नहीं, इतना ही नहीं, ओकटे ने पुलिस को भी चेतावनी दी कि कांग्रेस के खिलाफ फर्जी केस बनाना बंद करें, वरना उन्हें भी जवाब देना होगा।प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे के अलावा पूर्व अध्यक्ष गंगाप्रसाद तिवारी, नगर अध्यक्ष पप्पू यादव, महिला मोर्चा अध्यक्ष किरण चौधरी, निगम अध्यक्ष सोनू मागो, युवा कांग्रेस अध्यक्ष गोलू पटेल, नेता प्रतिपक्ष हंसा दाढ़े, जय सक्सेना, पिंचू बैस, अभिषेक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। recent visitors 87

बीजेपी पूर्व सांसद का विवादित बयान , जब नेपाल जैसी क्रांति आएगी तो राहुल-अखिलेश का घर फूंक दिया जाएगा’

Former BJP MP’s controversial statement: “When a revolution like the one in Nepal comes, Rahul and Akhilesh’s houses will be burnt down.” Subrat Pathak: भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने एक बार फिर से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। गुरुवार को कन्नौज में सुब्रत पाठक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर भारत में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी कोई क्रांति होती है, तो सबसे पहले राहुल गांधी और अखिलेश यादव के घर फूंक दिए जाएंगे। इन सभी के ऊपर भ्रष्टाचार के मुकदमें हैं। सुब्रत पाठक ने कहा कि देश में अगर कोई क्रांति निकलेगी तो वह देशद्रोही होंगे। ऐसे देशद्रोही अगर सड़कों पर आएंगे, तो राष्ट्रवादी भी सड़कों पर उतरेंगे और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर मारेंगे। पाठक ने विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल,अखिलेश, लालू सहित कई विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर मुकदमे चल रहे हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि 2014 में जब जनता ने ईवीएम के जरिए नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया,वही असली लोकतांत्रिक क्रांति थी। उन्होंने पाकिस्तान और आतंकियों की भाषा की ओर इशारा करते हुए कहा कि बम फोड़ना और विस्फोट करना उनकी सोच है, जो विपक्ष की बयानबाजी में झलकता है। भाजपा के पूर्व सांसद ने ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि उन्होंने अब तक प्रधानमंत्री मोदी पर कोई ठोस सबूत के साथ आरोप नहीं लगाया है। उनका मकसद सिर्फ एक परिवार को सत्ता में बनाए रखना है। पाठक ने कहा कि देश चाहता था कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश के प्रधानमंत्री बनें, लेकिन उन्हें बनने नहीं दिया गया… यह उनकी (कांग्रेस की) मानसिकता को दर्शाता है। वे शायद यह बदरता नहीं कर सकते कि एक पिछड़े समुदाय का व्यक्ति प्रधानमंत्री बने और देश का नेतृत्व कर रहा है। recent visitors 175

38 पार्षद पहुंचे कलेक्ट्रेट नपा अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा को हटाने की मांग 

38 councillors reached the Collectorate demanding the removal of Municipal Council President Preeti Rakesh Sharma.  विदिशा। पिछले तीन महीनों से नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष को हटाने को मांग चल रही थी । भाजपा के तकरीबन 20 पार्षद विरोध के मोर्चे पर लगातार आड़े हुए थे । जिनका कहना था कि नपा अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा जनता के काम नहीं कर रहे । शहर के विकास के लिए जो टेंडर के बाद ठेकदारों ने काम लिया उन पर अध्यक्ष का कंट्रोल नहीं हैं। वर्क ऑडर होने के बाद भी ठेकेदारों से काम नहीं करा पा रही नपा अध्यक्ष प्रीति शर्मा , जिसके बाद गुरुवार को 38 पार्षदों ने प्रायवेट होटल में बैठक कर कलेक्टर को अविश्वास पत्र सौंपा है। अब नियम अनुसार या तो खाली कुर्सी भरी कुर्सी का चुनाव हो सकता हैं। या भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष को हटाकर की दूसरे पार्षद को अध्यक्ष बना सकती हैं। हो जो भी पर इस अब में जनता का बहुत नुक्सान हुआ है। जिसका परिणाम आने वाले समय में भाजपा को संकट में डाल सकता हैं।  शहर में लगातार जनता परेशान हो रही थी वार्ड की सड़के खराब थी । अध्यक्ष से बार बार सड़के ठीक करने का बोला पर वो कोई ध्यान नहीं देते हैं। वार्ड में कचरा गाड़ी भी समय पर भी आती थी। जिसके बाद अब हमने सभी पार्षदों के साथ मिलकर अध्यक्ष को हटाने की मांग की ।  संजय दिवाकृति ( नपा उपाध्यक्ष ) नगर पालिका में लगातार अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा भ्रष्टाचार के रहे थे । ओर मेरे खिलाफ की कई षड्यंत्र रचे । जो दुकान में खुद खरीदी थी । उस पर भी किसी वसीम अंसारी के गलत हस्ताक्षर कर मेरी शिकायत की मेरे वार्ड में भी कुछ काम नहीं करा पा रहे थे । ओर जो काम के टेंडर हुए । वो काम शुरू ही नहीं हो रहे थे।  अरुणा मांझी (पार्षद वार्ड 01) पिछले तीन सालों में वार्ड में कुछ काम नहीं हुए। जिससे जनता का आक्रोश पार्षद के लिए बढ़ता जा रहा था। ओर अध्यक्ष के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही थीं। कर्मचारियों पर कंट्रोल नहीं था । अध्यक्ष नपा में अपनी मनमानी कर रही थी जिसका खामियाज जनता भुगत रही थी । इसलिए सभी पार्षदों के साथ मैने भी अध्यक्ष को हटाने की मांग की है।  रानू संतोष शर्मा ( पार्षद वार्ड 19) recent visitors 190

एनएसएस में सक्रिय रहने से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का होता है सर्वागीण विकास: प्रो. सक्सेना

एनएसएस में सक्रिय रहने से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का होता है सर्वागीण विकास: प्रो. सक्सेना

Being active in NSS leads to all-round personality development of students: Prof. Saxena भोपाल। राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में यूआईटी आरजीपीवी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई में नवप्रवेशित स्वयंसेवकों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम यूआईटी परिसर में सम्पन्न हुआ, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों को प्रो अनंत सक्सेना समन्वयक एनएसएस बरकतउल्ला विवि) डॉ शशिरंजन अकेला समन्वयक(एनएसएस- एनसीसी, यूआईटी आरजीवी) एवं डॉ राहुल परिहार( सह समन्वयक एनएसएस बीयू) ने मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्मुखीकरण की प्रस्तावना एनएसएस अधिकारी डॉ अविनाश राय ने रखी। अतिथियों का स्वागत एनएसएस सह कार्यक्रम अधिकारी डॉ रीतू के राजन एवं डॉ मेहताब सिंह ने किया। प्रो अनंत सक्सेना ने कहा कि एनएसएस की गतिविधियों में सक्रिय रहने से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास होता है। छात्रों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का एक सुअवसर प्राप्त होता है। आरजीपीवी भोपाल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ शशिरंजन अकेला ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों दोनों को शिक्षा का अभिन्न अंग माना है।आज का विद्यार्थी एक श्रेष्ठ नागरिक के रूप में विकसित होकर समाज एवं देश के प्रति कर्तव्यबोध रखे तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज हित में करें।शिक्षा के माध्यम से समाज सेवा, सामाजिक समरसता का भाव जागरण तथा मूल्यों एवं पर्यावरण संरक्षण में भी एनएसएस की भूमिका महत्वपूर्ण है।डॉ राहुल परिहार ने एनएसएस स्वयंसेवकों को कैंपस को स्वच्छ बनाए रखने, श्रमदान, रक्तदान एवं स्वच्छता अभियान में एनएसएस इकाई की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि वार्षिक शिविर के माध्यम से एनएसएस स्वयंसेवक परिवेश को समझ पाता है तथा उन्हें अपने विकास का भी अवसर मिलता है। कार्यक्रम का समापन राष्टगान से हुआ। इस अवसर पर उपस्थित स्वयंसेवकों को विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास भी कराया गया। recent visitors 90

400 से ज्यादा फर्जी बीपीएल कार्ड घोटाला: तहसील और पंचायत कार्यालय की मिलीभगत से बड़ा भ्रष्टाचार

400 से ज्यादा फर्जी बीपीएल कार्ड घोटाला: तहसील और पंचायत कार्यालय की मिलीभगत से बड़ा भ्रष्टाचार

Over 400 fake BPL card scam: Massive corruption due to collusion between tehsil and panchayat offices दमोह/तेंदूखेड़ा ! fake BPL card scam विशाल रजक तेंदूखेड़ा स्वच्छता सर्वे में सबसे निचले पायदान पर आने वाला दमोह जिला अब भ्रष्टाचार में शायद प्रदेश के अव्वल नम्बर पर है। जिले के प्रत्येक विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। अब तेंदूखेड़ा जनपद में फर्जी गरीबी रेखा कार्ड बनाए जाने का मामला समाने आया है। यहां एक ही राजस्व प्रकरण क्रमांक पर अनेक फर्जी हितग्राहियों के नाम जोड़कर नियम विरुद्ध तरीके से उनके गरीबी रेखा के कार्ड बनाए गए हैं। पूरे मामले में तहसील कार्यालय और जनपद पंचायत कार्यालय तेंदूखेड़ा की मिलीभगत से फर्जी आदेश और कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से गरीबी रेखा सूची में नाम जोड़े गए हैं। धन्नू, टटू और राहुल का नाम एक ही राजस्व प्रकरण मेंः fake BPL card scamगरीबी रेखा सूची में नाम जोड़ने के लिए शासन द्वारा प्रक्रिया निर्धारित की गई है जिसमें राजस्व न्यायालय तहसीलदार के माध्यम से हितग्राहियों के दस्तावेजों की जांच कर पात्र हितग्राहियों के राजस्व प्रकरण तैयार कर गरीबी रेखा सूची में नाम जोड़ने ए किए एवं गरीबी रेखा का कार्ड जारी करने के लिए जनपद पंचायत भेजा जाता है। तेंदूखेड़ा जनपद में गरीबी रेखा सूची में हितग्राहियों के नाम जोड़ने के लिए तहसील न्यायालय के फर्जी आदेशों एवं फर्जी दस्तावेजों इस्तेमाल किए गए। जहां एक ओर एक ही राजस्व प्रकरण क्रमांक पर अलग अलग समाज के हितग्राहियों का नाम सूची में शामिल करने की अनुशंसा की गई वहीं सोचना के अधिकार में प्राप्त दस्तावजों का निरीक्षण करने पर अनेक हितग्राहियों के आवेदन पत्र पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं पाए गए। वहीं अनेक हितग्राहियों ने आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेजों को संलग्न ही नहीं किया है। इसके बाद भी तहसील न्यायलय से प्रकरण बनकर फर्जी हितग्राहियों का नाम गरीबी रेखा की सूची में जोड़ने के लिए जनपद पंचायत भेज दिया गया। तहसील कार्यालय से शुरू हुए इस फर्जीवाड़े में लगभग 400 से ज्यादा फर्जी हितग्राहियों को फर्जी आदेश, आधे अधूरे आवेदन एवं बिना दस्तावेजों के गरीबी रेखा की सूची में जोड़ दिया गया है Read more: 44 साल से बंद क्यों है कुतुब मीनार के दरवाजे ,भव्यता के पीछे छिपा त्रासदी का इतिहास : पढ़ें रिपोर्ट राजस्व प्रकरण क्रमांक 828 पर न्यायालय तहसीलदार तेंदूखेड़ा, जिला दमोह के आदेश क्रमांक 06 दिनांक 19/01/2024 के माध्यम से धन्नू पिता कुद्दू पाल निवासी सहजपुर, टटू गौड़ पिता सोने लाल निवासी सहजपुर, राहुल पाल पिता नब्बू निवासी सहजपुर का नाम गरीबी रेखा की सूची में क्रमशः 404, 432 एवं 433 पर दर्ज कर दिया गया। धन्नू पिता कुद्दू पाल का आदेश तहसील न्यायलय से दिनांक 5 फरवरी 2024 को जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा में प्राप्त हुआ और जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा द्वारा 12 फ़रवरी 2024 को बीपीएल क्रमांक 218 जारी किया गया। आश्चर्य जनक रूप से धन्नू पिता कुद्दू के संबंध में राजस्व न्यायालय तहसीलदार द्वारा 24 जनवरी 2024 की ऑर्डर शीट में कहा गया है कि धन्नू पिता कुद्दू निवासी सहजपुर को हलका पटवारी के प्रतिवेदन में कुल 19 अंक प्राप्त हुए थे जो कि गरीबी रेखा में नाम जोड़ने की वृद्धि में नहीं आता है। ऑर्डर शीट में स्पष्ट उल्लेख है कि धन्नू पिता कुद्दू पाल पात्र नहीं है। जबकि इसके बाद 5 फरवरी 2024 को जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा को तहसीलदार का आदेश प्राप्त हुआ और 12 फरवरी 2024 को अपात्र हितग्राही का नाम सूची में जोड़ दिया गया। धन्नू पाल को जनवरी 2024 में अपात्र घोषित करने के बाद फरवरी किस आदेश के तहत पात्र कर गरीबी रेखा की सूची में जोड़ा गया ये कोई बताने तैयार नहीं है जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा द्वारा जारी गरीबी रेखा की सूची में ऐसे सैकड़ों अपात्र हितग्राहियों के नाम दर्ज है जिन्होंने या तो आवेदन नहीं किया, दस्तावेज नहीं लगाए और जिन्हें तहसीलदार न्यायलय द्वारा अपात्र घोषित कर दिया गया है। इसके बाद भी इन फर्जी हितग्राहियों के नाम गरीबी रेखा सूची में दर्ज किए गए और उनको गरीबी रेखा कार्ड नम्बर भी जारी किया गया। देखना यह है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किस किस अधिकारी का मुंह काला होता है? इनका कहना हैइस संबंध में जनपद सीईओ मनीष बागरी ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए तहसीलदार तेंदूखड़ा को पत्र लिखा गया है, गरीबी रेखा में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को अभी निरस्त कर दिया गया है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। –मनीष बागरी, सीईओ जनपद पंचायत, तेंदूखेड़ा recent visitors 111

44 साल से बंद क्यों है कुतुब मीनार के दरवाजे ,भव्यता के पीछे छिपा त्रासदी का इतिहास : पढ़ें रिपोर्ट

44 साल से बंद क्यों है कुतुब मीनार के दरवाजे ,भव्यता के पीछे छिपा त्रासदी का इतिहास : पढ़ें रिपोर्ट

Why are the doors of Qutub Minar closed for 44 years: Read the report नई दिल्ली। Qutub Minar of closed door यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल दक्षिण दिल्ली के महरौली क्षेत्र का कुतुब कॉम्प्लेक्स हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। दुनिया की सबसे ऊँची ईंट से बनी मीनार कहे जाने वाली कुतुब मीनार केवल स्थापत्य कला और ऐतिहासिक वैभव का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि इसके भीतर एक ऐसा दर्दनाक अतीत भी छिपा है, जिसने इसकी पहचान को हमेशा के लिए बदल दिया। 1981 में हुए एक हादसे ने इस स्मारक के दरवाजे जनता के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिए। स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व Qutub Minar of closed door कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199 में रखी थी, जिसे बाद में इल्तुतमिश और फिर फिरोज शाह तुगलक ने पूरा कराया। करीब 73 मीटर ऊँची यह मीनार पाँच मंज़िलों में बनी है। लाल और पीले बलुआ पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी इसे देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह केवल स्थापत्य का अद्भुत नमूना नहीं, बल्कि दिल्ली सल्तनत के गौरव और उस दौर की तकनीकी क्षमता का प्रमाण भी है। कभी खुला था आम जनता के लिए Qutub Minar of closed door आज यह स्मारक केवल बाहर से निहारा जा सकता है, लेकिन एक समय था जब पर्यटकों को इसके भीतर प्रवेश और संकरी सीढ़ियों से ऊपर चढ़ने की अनुमति थी। लोग झरोखों से दिल्ली का मनोरम नज़ारा देखते और इस अद्भुत स्मारक का रोमांचक अनुभव अपने साथ ले जाते। स्कूलों और कॉलेजों के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर यहाँ आना अपनी उपलब्धि मानते थे। 4 दिसंबर 1981: वह काला दिन Qutub Minar of closed door इतिहास के पन्नों में दर्ज यह तारीख कुतुब मीनार के लिए अभिशाप बन गई। उस दिन सुबह से ही मौसम खराब था। आसमान में बादल छाए थे और दोपहर होते-होते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। संकरी और अंधेरी सीढ़ियों के भीतर लगभग 300 से अधिक लोग मौजूद थे। इसी दौरान अफरातफरी मच गई। बताया जाता है कि किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई और वह घबराकर नीचे की ओर भागी। अंधेरे में किसी ने यह अफवाह फैला दी कि मीनार गिर रही है। घबराहट और भगदड़ का ऐसा माहौल बना कि चीख-पुकार से सीढ़ियाँ गूँज उठीं। त्रासदी का मंजरकुछ ही मिनटों में भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, बच्चों और महिलाओं की चीखें दूर तक सुनाई दीं। इस अफरातफरी में 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे जो पिकनिक के लिए आए थे। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली के अस्पतालों में उस दिन का नज़ारा किसी युद्ध जैसी त्रासदी से कम नहीं था। स्थायी ताले की शुरुआतहादसे के बाद केंद्र सरकार और पुरातत्व विभाग ने तुरंत बड़ा फैसला लिया। सुरक्षा कारणों से कुतुब मीनार के भीतर पर्यटकों का प्रवेश हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। तभी से, यानी पिछले 44 सालों से, लाखों लोग केवल बाहर से इस ऐतिहासिक धरोहर को निहारने तक ही सीमित हैं। Read more: ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे सवाल और सीखइस घटना ने देशभर में स्मारकों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर गहन बहस छेड़ी। सवाल उठे कि क्या पर्याप्त रोशनी और निगरानी होती तो यह हादसा टल सकता था? क्या भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जा सकते थे? हालांकि समय के साथ तकनीकी सुविधाएँ काफी बेहतर हो चुकी हैं, पर कुतुब मीनार का दरवाजा अब भी बंद है। आज भी वही कसकदिल्ली घूमने आने वाले पर्यटक जब कुतुब मीनार के पास पहुँचते हैं तो उसकी भव्यता उन्हें रोमांचित करती है। लेकिन भीतर प्रवेश न मिलने पर निराशा भी होती है। बहुत से बुजुर्ग लोग आज भी बताते हैं कि उन्होंने बचपन में कुतुब मीनार की सीढ़ियाँ चढ़ी थीं और ऊपर से दिल्ली का नजारा देखा था। नई पीढ़ी उस अनुभव से वंचित है। कुतुब मीनार सिर्फ एक स्थापत्य धरोहर नहीं, बल्कि हमारे अतीत की चेतावनी भी है। यह याद दिलाती है कि सुरक्षा चूक कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। 1981 की भगदड़ ने न केवल मासूम जिंदगियाँ छीनीं, बल्कि एक अनोखी परंपरा को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया। आज जब हम इसकी सुंदरता को बाहर से निहारते हैं, तो साथ ही यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास केवल गौरवशाली नहीं होता, उसमें वे पीड़ादायक किस्से भी दर्ज रहते हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। recent visitors 199

गाज़ीपुर: ओपी राजभर के कार्यकर्ता को एसपी कार्यालय में महिला सिपाही ने पीटा — वायरल हुआ वीडियो।

गाज़ीपुर: ओपी राजभर के कार्यकर्ता को एसपी कार्यालय में महिला सिपाही ने पीटा — वायरल हुआ वीडियो।

Ghazipur: OP Rajbhar’s worker beaten by female constable in SP office – video goes viral. गाज़ीपुर ! सोमवार/बुधवार दोपहर (घटना का दिन-समय रिपोर्ट्स में अलग-अलग है) सुभासपा (ओमप्रकाश राजभर) के कुछ कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में एसपी को ज्ञापन सौंपने पहुँचे। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला सिपाही और कार्यकर्ता के बीच विवाद हुआ, और रिपोर्टों के अनुसार सिपाही ने उस कार्यकर्ता को हाथ लगा देने के आरोप पर कई थप्पड़/धक्का लगाए। यह पूरा वाकया मोबाइल पर रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दर्ज रिपोर्ट और वायरल वीडियो में कथित रूप से सिपाही का एक अभद्र वाक्य भी सुनाई देता है — “सारी नेतागिरी गा… में घुसा दूंगी” जैसा अभद्र कथन वायरल क्लिपों में सामने आया है; यह संवाद सोशल मीडिया पर गुस्सा और चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय समाचार आउटलेट्स और वीडियो क्लिप के हवाले से कहा जा रहा है कि घटना के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं और प्रशासन की कार्रवाई की मांग उठी। कुछ रिपोर्टों में घटना के समय का विवरण और पक्षों के बयान दिए गए हैं; पर प्राथमिक स्रोतों (वीडियो/पुलिस बयान/पार्टी बयान) के अनुसार जांच की संभावना पर भी संकेत मिल रहे हैं। recent visitors 154