सत्ता जातें हीं पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ को आईं कांग्रेस कि याद, किया कांग्रेस का सदस्य होने का दावा

सत्ता जातें हीं पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ को आईं कांग्रेस कि याद, किया कांग्रेस का सदस्य होने का दावा

As soon as the power went away, former Vice President Jagdish Dhankhar remembered Congress and claimed to be a member of Congress पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक बार फिर चर्चा में हैं। सरकारी बंगला खाली कर छतरपुर के निजी आवास में लौटना और साथ ही कांग्रेस के पूर्व विधायक के तौर पर पेंशन के लिए दोबारा आवेदन करना—ये दोनों खबरें अपने आप में गहरे राजनीतिक संकेत देती हैं। यह वही धनखड़ हैं, जो कभी सत्ता के शिखर पर बैठे थे। उपराष्ट्रपति जैसे गरिमामयी पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सार्वजनिक मंचों से दूरी बना ली और अब अचानक निजी जीवन की ओर लौटते दिखाई देते हैं। सवाल उठता है कि क्या यह महज व्यक्तिगत निर्णय है, या फिर सत्ता से बाहर होते ही नेताओं की असलियत उजागर हो जाती है? पद पर रहते हुए नेता विशेषाधिकारों का भोग करते हैं—सरकारी बंगले, सुरक्षा, गाड़ियाँ और तमाम रुतबे के साथ। लेकिन सत्ता छूटते ही जब वही नेता आम नागरिक की तरह पेंशन के लिए आवेदन करते हैं, तो लोकतंत्र की हकीकत खुलकर सामने आ जाती है। धनखड़ का यह कदम एक आईना है—जो दिखाता है कि सत्ता अस्थायी है और नागरिक अधिकार स्थायी। लेकिन इस आईने में लोकतंत्र की खामियां भी झलकती हैं। जिन नेताओं के पास करोड़ों की संपत्ति होती है, वे भी जनता की गाढ़ी कमाई से मिलने वाली पेंशन पर आश्रित हो जाते हैं। राजनीतिक तौर पर यह सवाल और बड़ा है: क्या जनता उन्हें केवल सत्ता तक पहुंचाने का साधन भर है, या फिर नेताओं के जीवन का आधार भी? धनखड़ का यह पेंशन प्रकरण उसी राजनीति की परतें खोलता है, जिसमें पद पर रहते हुए नेता जनता से ऊपर दिखते हैं, और पद छूटते ही जनता जैसी कतार में खड़े हो जाते हैं। लोकतंत्र में यह असमानता असली चुनौती है। और शायद यही वजह है कि जनता नेताओं से सवाल पूछना चाहती है—सत्ता में रहते हुए आपने क्या किया, और सत्ता से बाहर होकर किसके सहारे खड़े हैं? recent visitors 103

सीएम मोहन यादव का अजीबोगरीब बयान: राहुल को नाना, दादा-दादी, पिता के पास चले जाना चाहिए

सीएम मोहन यादव का अजीबोगरीब बयान: राहुल को नाना, दादा-दादी, पिता के पास चले जाना चाहिए

CM Mohan strange statement: Rahul should go to his maternal grandfather, grandparents, fathe मुरैना। CM Mohan statement मुरैना जिले में 101 हेक्टेयर का एक नया औद्योगिक पार्क बनाया जा रहा है, जो विकास का प्रतीक है। दूसरी ओर, नादान विपक्ष और राहुल गांधी तरह-तरह के प्रपंच रच रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी पार्टी लगातार चुनाव हार रही है, और वे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ के लिए गलत बयान दे रहे हैं। राहुल गांधी को अगर इतनी ही परेशानी है, तो उन्हें अपने नाना, दादा, दादी, पिता के पास चले जाना चाहिए, क्योंकि इस जगत में रहने का उन्हें कोई हक नहीं है। यह बात CM Mohan statement ने मुरैना में हाइड्रोजन इकाई का भूमि पूजन करने के बाद आमसभा में कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी से सीखना चाहिए, जिन्होंने कई मंत्रियों और नेता विपक्ष के साथ काम किया था कि विपक्ष में कैसे रहा जाता है। कांग्रेस को माफी मांगनी होगी। राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए। अगर कोई शंका थी, तो उन्हें वहां चले जाना चाहिए था। बम के नीचे, तो सब पता चल जाता। अब वे चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। Read More: केंद्रीय मंत्री का विवादित बयान : अंबानी के पिता भी आयुष्मान योजना से इलाज करा रहे है CM Mohan statement ने कहा- पिपरसेवा में 157.5 करोड़ की लागत से 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाला सोलर प्लांट वर्ष 2030 तक तैयार होगा। इसका भूमिपूजन सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कभी मुरैना-चंबल में उद्योगपति आते ही नहीं थे, क्योंकि कांग्रेसियों ने यहां डाकुओं को जमीन दे रखी थी। लेकिन अब मुरैना में बहुत संभावना है। यहां चंबल मैया और गजक अद्भुत हैं। अब अनुराग जैन जैसे उद्योगपति यहां इन्वेस्ट कर रहे हैं। शनि देव की कृपा से शनि लोक भी बनेगा। यहां सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा और 300 करोड़ के इन्वेस्ट हो रहे हैं। मुरैना की अब काया बदल रही है। आमसभा में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना एवं सांसद शिवमंगल सिंह तोमर भी मौजूद थे। recent visitors 225

केंद्रीय मंत्री का विवादित बयान : अंबानी के पिता भी आयुष्मान योजना से इलाज करा रहे हैं’

केंद्रीय मंत्री का विवादित बयान : अंबानी के पिता भी आयुष्मान योजना से इलाज करा रहे हैं’

Union Minister’s controversial statement: Ambani’s father is also getting treatment under Ayushman Yojana’ Union Minister’s controversial statement मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके का दिया गया एक बयान इन दिनों जमकर चर्चा का विषय बना हुआ है। शनिवार को हरसूद विधानसभा के रोशनी क्षेत्र में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर में आयुष्मान भारत योजना का बखान करते हुए उन्होंने मंच से ऐसा बयान दे दिया, जिसने न केवल लोगों को हैरान कर दिया बल्कि सोशल मीडिया पर मजाक और मीम्स का सिलसिला भी शुरू कर दिया। स्वास्थ्य शिविर में आयुष्मान योजना की बड़ाई (Union Minister’s controversial statement)केंद्रीय मंत्री और बैतूल सांसद दुर्गादास उईके ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी इस योजना के तहत बड़े शहरों के नामी प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा सकता है। आयुष्मान कार्ड की मदद से एक साल में 5 लाख रुपये तक का उपचार निशुल्क उपलब्ध है। Read More: गजब MP:फिर बड़ा घोटाला, ग्राम पंचायत ने 50 रुपये में खरीदी 1 ईंट 2500 ईंटों का बिल 1.25 लाख ‘चाहे गरीब हो या धीरूभाई अंबानी के पिता’ (Union Minister’s controversial statement)इसी दौरान अपने संबोधन में उन्होंने ऐसा बयान दे दिया, जिसने पूरे कार्यक्रम का फोकस खींच लिया। उन्होंने कहा कि 70 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, चाहे वो गरीब इंसान हों या धीरूभाई अंबानी के पिता। उनके इस बयान का वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। सोशल मीडिया पर मजाक और मीम्स की बाढ़मंत्री उईके के इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मजाकिया पोस्ट और मीम्स बनाए जा रहे हैं। लोग इसे आयुष्मान योजना की ‘अनोखी व्याख्या’ बताते हुए मंत्री के भाषण शैली पर तंज कस रहे हैं। वहीं राजनीतिक हलकों में भी यह बयान चर्चा का मुद्दा बन गया है। योग और स्वस्थ जीवन शैली पर भी दिया जोरहालांकि अपने भाषण के दूसरे हिस्से में मंत्री उईके ने योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि अगर लोग नियमित रूप से योग करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तो बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे मेगा स्वास्थ्य शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने परिवार की बीमारियों का निशुल्क उपचार कराएं। recent visitors 97

गजब MP:फिर बड़ा घोटाला, ग्राम पंचायत ने 50 रुपये में खरीदी 1 ईंट 2500 ईंटों का बिल 1.25 लाख

गजब MP:फिर बड़ा घोटाला, ग्राम पंचायत ने 50 रुपये में खरीदी 1 ईंट 2500 ईंटों का बिल 1.25 लाख

Amazing MP Another big scam, Gram Panchayat bought 1 brick for 50 rupees, bill for 2500 bricks was 1.25 lakh शहडोल। MP Another big scam प्रदेश के मुखिया के चहेत मैदानी अधिकारी क्या कर रहे हैं। इसकी जानकारी मीडिया में आ ही जाती है। जिला स्तर पर तैनात अधिकारी कैसे अपनी जेब गरम करते हैं, इसकी परतें आए दिन खुल रही हैं। यानि उनके कारनामों की फाइलें सच उगल रही हैं। प्रदेश के आदिवासी जिले शहडोल की ग्राम पंचायतें इन दिनों काफी चर्चा में हैं. कभी फलों और ड्राईफ्रूट के नाम पर लाखों का बिल बना दिया जाता है तो कभी ईंट की कीमत सुनकर लोग दंग रह जाते हैं. ताजा मामला बुढार ब्लॉक की भाटिया ग्राम पंचायत का है. यहां 2,500 ईंट खरीदने का बिल 1.25 लाख रुपये में पास कर दिया गया है. जबकि बाजार में यही ईंट 5-6 रुपये में आसानी से मिल जाती है. इस हिसाब से देखें तो पंचायत ने एक ईंट 50 रुपये में खरीदी है यह बिल पैरीबहरा गांव के चेतन प्रसाद कुशवाहा के नाम पर बना है. इसमें लिखा गया है कि ईंटें पटेरा टोला पर मौजूद आंगनवाड़ी भवन की बाउंड्री वॉल बनाने के लिए खरीदी गईं. इस बिल पर भाटिया पंचायत के सरपंच और सचिव दोनों के दस्तखत भी मौजूद हैं. अब यह बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. Read More: टाइगर रिजर्व में दुर्लभ प्रजाति का पक्षी सैंड ग्राउंस मौजूद MP Another big scam यह कोई पहला मामला नहीं है. कुछ हफ्ते पहले ही कुदरी ग्राम पंचायत में सिर्फ दो पन्नों की फोटोकॉपी कराने के लिए 4,000 रुपये का बिल पास किया गया था. वहीं जुलाई में भदवाही गांव की पंचायत में जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान सिर्फ एक घंटे में 14 किलोग्राम ड्राईफ्रूट, 30 किलोग्राम नमकीन और 9 किलोग्राम फल खा लिए जाने का बिल सामने आया था. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिन दुकानों से यह सामान खरीदे जाने के बिल लगे, वे असल में उस चीज का कारोबार करती ही नहीं. उदाहरण के तौर पर, काजू-बादाम बेचने वाली दिखाई गई एक दुकान दरअसल छोटी-सी किराना दुकान निकली, जहां ना तो बिल बुक थी, ना त्रस्ञ्ज नंबर था. यहां तक कि स्टॉक में एक किलोग्राम ड्राईफ्रूट भी नहीं मिले. इसी तरह, घी और फल का बिल जिस दुकान से जारी हुआ, वहां हकीकत में रेत-पत्थर और ईंट बिकती हैं. ड्राईफ्रूट घोटाले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि मऊगंज जिले से एक और मामला सामने आ गया. यहां भी जल गंगा संवर्धन अभियान सिर्फ 40 मिनट चला और खर्च दिखाया गया 10 लाख रुपये से ज्यादा. बिलों में टेंट, मिठाई, गद्दे, चादर से लेकर राशन तक सबकुछ शामिल था. खास बात ये कि सारे बिल एक ही रहस्यमयी प्रदीप एंटरप्राइजेस के नाम से बने थे, जबकि असल में यह एक इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली दुकान निकली। शहडोल के कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने इन मामलों को गंभीर मानते हुए अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने क्लस्टर-लेवल अधिकारियों को 10-12 पंचायतों की रोज जांच करने के आदेश दिए, ताकि यह पता चल सके कि ये बिल लापरवाही में बने या फिर जानबूझकर धोखाधड़ी हुई है। recent visitors 142

पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस

पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस

Notice to vacate government residence to former minister Arvind Bhadoria ग्वालियर। शिवराज सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता अरविंद भदौरिया को अब रेसकोर्स रोड स्थित शासकीय बंगला नंबर 35 खाली करना होगा. यह बंगला मंत्री के रूप में उन्हें मिला था, लेकिन चुनाव हारने और मंत्री पद छोड़ने के बाद भी उनके द्वारा बंगला खाली नहीं किया गया है. कुछ दिनों पहले उनके बंगले में चोरी हो गई थी, जिससे मामला हाईलाइट हो गया. तब प्रशासन की नींद टूटी. अब पूर्व मंत्री को बंगला खाली करने को लेकर एसडीएम झांसी रोड ने नोटिस जारी किया है. इसमें उन्हें आज यानी 28 अगस्त तक का अल्टीमेटम है. अगर इस पर पूर्व मंत्री ने बंगला नहीं छोड़ा तो बेदखल करने की कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 121

साकेत जिनालय में पर्वाधिराज पर्युषण पर्व पर बुजुर्गों को शुद्ध भोजन ,विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

Pure food for the elderly and various cultural programs will be organized at Saket Jinalaya on Parvadhiraj Paryushan festival भोपाल ! दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व प्रारम्भ हो रहे हैं। समाजजनों का उत्साह अपने चरम पर है। शहर के सभी जिनालयों में व्यापक तैयारियां पूरे जोश और भक्तिभाव के साथ शिखर पर हैं। 1008 भगवान् श्री महावीर स्वामी दिगम्बर जैन मंदिर साकेत नगर में भी जैनागम के आत्मशुद्धि के 10 दिवसीय दशलक्षण महापर्व का आगाज़ उत्तम क्षमा पर्व के साथ धूमधाम से होगा। नित्य नियम पूजा, मंगलाष्टक, अभिषेक, शाँति धारा, महापूजा अर्चना सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात् रांची से पधारे, संस्कृत के महाविद्वान, शास्त्रों के ज्ञाता डॉ. अरविंद जी शास्त्री के मंगल सानिध्य में दशलक्षण पर्व तथा तत्वार्थ सूत्र पर प्रवचनों का लाभ शक्ति, साकेत नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों से पधारे सुधी जनों को प्राप्त होगा। हेमलता जैन रचना ने बताया कि जैन धर्म में पर्युषण को पर्वों का राजा कहा जाता है। यह पर्व भगवान महावीर स्वामी के मूल सिद्धांत अहिंसा परमो धर्म, जिओ और जीने दो की राह पर चलना सिखाता है, साथ ही मोक्ष प्राप्ति के द्वार खोलता है। इस महापर्व के जरिए जैन धर्म के अनुयायी उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य, उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के जरिए आत्मसाधना करते हैं। जैन धर्म में प्रतिक्रमण के द्वारा रोज मन, वचन और काया से हुए हर जाने-अनजाने, व्यवहार और विचारों से भी हुए अपराध, हिंसा, परिग्रह, क्रोध, लोभ, मोह आदि के लिए क्षमा याचना का प्रावधान है। साकेत नगर मंदिर के अध्यक्ष नरेंद्र टोंग्या ने बताया कि पर्यूषण पर्व के अवसर पर प्रतिदिन मंदिर में संचालित भोजनशाला में बाहर से आये हुए तथा भोपाल में निवासरत साधर्मी छात्र-छात्राओं, कामकाजी महिला-पुरुषों, एम्स में इलाज़ रत मरीजों के परिजनों, बुजुर्गों के लिए ना मात्र की टोकन राशि में दोनों वक्त का शुद्ध भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में फैन्सी ड्रेस, तोरण सजाओ, शिशु एवं कुमार शाला के बच्चों तथा सर्वार्थ सिद्धि की छात्राओं द्वारा नाटकों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अलावा जैन भजन अंताक्षरी, लाडू सजाओ, कहानी, भजन, तोरण सजाओ, एक मिनिट आदि प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मंदिर जी में रोजाना सामूहिक विधान का आयोजन भी होगा जिसमें शहर के अनेक परिवार अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे। अपने सामाजिक दायित्वों की पूर्ति हेतु साकेत मंदिर में विशाल भोजन शाला तथा धर्मशाला का निर्माण कार्य भी पूर्ण प्रगति पर है। recent visitors 107

भाजपा विधायक ने भिंड कलेक्टर पर हाथ उठाया, गाली दी, चोर भी कहा

BJP MLA raised his hand on Bhind collector, abused him, even called him a thief भिंड से बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कलेक्टर बंगले के बाहर धरना प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर की तरफ हाथ उठाते हुए गाली देते हुए धमकी दी। दरअसल, नरेंद्र कुशवाह कलेक्टर बंगले के बाहर विधायक धरना दे रहे थे। उन्होंने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए किसानों के साथ नारेबाजी की। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से मिलने से इनकार किया था। बाद में वे गेट के पास खड़े होकर विधायक से बात कर रहे थे। इसी दौरान कलेक्टर को खरी-खोटी सुनाते हुए कुशवाह ने गाली दी और मारने के लिए हाथ भी उठाया। खाद के लिए देर रात से लाइन में लग रहे किसान प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि वे रात 12 बजे से सहकारी समितियों के बाहर कतार में खड़े हो जाते हैं, लेकिन उन्हें मुश्किल से एक या दो बोरी खाद ही मिल पा रही है। वे लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। किसानों का आरोप है कि खाद खुले बाजार में महंगें दामों पर आसानी से उपलब्ध है, जिससे कालाबाजारी की आशंका गहरा रही है। विधायक बोले- प्रशासन मूकदर्शक बना किसानों की शिकायत लेकर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह बुधवार सुबह कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के निवास पर पहुंचे। यहां धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा- किसान खाद के लिए बेहाल है और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। खाद का वितरण सही तरीके से नहीं हो रहा है। यदि जल्दी व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन और भी उग्र होगा। recent visitors 142