संसदीय क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की मांग को लेकर केन्द्रीय मंत्री से मिले सीधी सांसद

संसदीय क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की मांग को लेकर केन्द्रीय मंत्री से मिले सीधी सांसद

Sidhi MP met the Union Minister demanding various roads of the parliamentary constituency सीधी। लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ राजेश मिश्रा संसद भवन में केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर सीधी – सिंगरौली सड़क की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया तथा शीघ्र नया टेंडर कर कार्य प्रारंभ करने, सिंगरौली – प्रयागराज मार्ग की प्रक्रिया में तेजी लाने व सिंगरौली से जबलपुर वाया सरई, टिकरी, मझौली, ब्यौहारी, विजयसोता को राजमार्ग के रूप में स्वीकृति प्रदान करने हेतु आग्रह करते हुए मांग पत्र सौपा।केंद्रीय मंत्री गडकरी ने लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर मिश्रा द्वारा रखी गई बातों को गंभीरता से विचार करते हुए सीधी-सिंगरौली सड़क के संबंध में तत्काल अधिकारियों को कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। इस हेतु लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर मिश्रा ने संसदीय क्षेत्र की जनता की ओर से केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। recent visitors 128

वकीलों पर हमलों के विरोध में मानव श्रृंखला, प्रदर्शन, एसपी से मांगा इस्तीफा

वकीलों पर हमलों के विरोध में मानव श्रृंखला, प्रदर्शन, एसपी से मांगा इस्तीफा

Human chain, demonstration against attacks on lawyers, resignation demanded from SP जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। अधिवक्ताओं पर हमलों के विरोध में मानव श्रृंखला बनाई गई। जिला अदालत के गेट नंबर तीन से रैली के रूप में एकत्र होकर अधिवक्तागण कलेक्ट्रेट तक आंदोलन का शंखनाद किया।‌ मानव श्रृंखला बनाकर अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। इस दौरान जमकर प्रदर्शन किया, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।बार अध्यक्ष अधिवक्ता मनीष मिश्रा व सचिव ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि जिला बार के सह सचिव मनोज शिवहरे व उनके पुत्र शिवांग उर्फ नयन शिवहरे पर प्राणघातक हमला हुआ है। इसी तरह अधिवक्ता के उवैश अंसारी व उनके पिता के साथ भी मारपीट की गई है। लगातार अधिवक्ताओं पर हमले बढ़ रहे, अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की। recent visitors 112

भिंड में कांग्रेस कार्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भिंड में कांग्रेस कार्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Memorandum submitted to the collector to provide land for Congress office in Bhind भिण्ड। जिला कांग्रेस कमेटी भिण्ड द्वारा नगर निगम सीमा के अंतर्गत कांग्रेस कार्यालय भवन हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के नेतृत्व में सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक पुराना राजनीतिक संगठन है, लेकिन भिण्ड जिले में कार्यालय भवन के अभाव में संगठन के कार्यक्रमों का सुचारू संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। कार्यालय के लिए भूमि की अत्यंत आवश्यकता है जिससे भवन निर्माण कर कार्यक्रम संचालित हो सके।ज्ञापन में मांग की गई कि नगर निगम भिण्ड की सीमा के अंतर्गत उपयुक्त भूमि आवंटन की जावे । इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानसिंह कुशवाह के अलावा शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा,प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव धर्मेंद्र पिंकी भदोरिया, प्रदेश सचिव प्रमोद चौधरी, पूर्व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष जय श्री राम बघेल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, सेवादल अध्यक्ष संदीप मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा भदोरिया ,नगर अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी आदि नेता उपस्थित रहे। recent visitors 122

मानसून में कौन-से फल खाने चाहिए और किनसे बचना जरूरी है? जानिए हेल्दी चॉइस

मानसून में कौन-से फल खाने चाहिए और किनसे बचना जरूरी है? जानिए हेल्दी चॉइस

Which fruits should be eaten during monsoon and which ones should be avoided? Know the healthy choice Know the healthy choice मानसून का मौसम अपने साथ ताजगी और ठंडक तो लाता है, लेकिन साथ ही बीमारियों और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान हवा में नमी ज़्यादा होने के कारण डाइजेशन स्लो हो जाता है, जिससे इन्फेक्शन, पेट दर्द और सर्दी-जुकाम जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। ऐसे में आपकी डाइट का हेल्दी और बैलेंस होना बेहद जरूरी है—खासकर फलों के चयन को लेकर। हर फल सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन मानसून में कुछ फल विशेष रूप से लाभकारी होते हैं, वहीं कुछ फल सेहत पर नकारात्मक असर भी डाल सकते हैं। आइए जानते हैं इस मौसम में कौन से फल आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाएंगे और कौन से फल से दूरी बनाना बेहतर होगा। मानसून में फल चुनने की सही रणनीति क्या होनी चाहिए?मानसून में फल का चयन करते वक्त सबसे पहले अपनी पाचन क्षमता और स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखें। इस मौसम में केला और सेब जैसे आम फलों को लेकर सबसे अधिक भ्रम रहता है। केला – फायदेमंद या नुकसानदायक?केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत है लेकिन मानसून में यह कफ बढ़ा सकता है, जिससे सर्दी, खांसी और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।जिन्हें गैस, कब्ज या अपच की समस्या है, उन्हें इस मौसम में केले का सेवन सीमित मात्रा में और दिन में ही करना चाहिए। सेब – मानसून का भरोसेमंद साथीसेब हल्का, पचने में आसान और फाइबर युक्त फल है जो पाचन को मजबूत बनाता है।इसमें मौजूद पेक्टिन फाइबर शरीर को डिटॉक्स करता है और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है। इसे छिलके सहित खाना और भी फायदेमंद होता है। Know the healthy choice मानसून में फायदेमंद फल (Best Fruits in Rainy Season) Read more : क्या बार-बार थकान और भूख न लगना फैटी लीवर की चेतावनी हो सकती है? जानिए कैसे बचाव संभव फल खाते समय इन बातों का ध्यान रखें Know the healthy choice Conclusion : मानसून में सेहत बनाए रखने के लिए फलों का सही चुनाव बहुत जरूरी है। ताजे, हल्के और जल्दी पचने वाले फल आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से बचाते हैं। वहीं गलत फल का सेवन आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए हर फल खाने से पहले उसके गुण और आपकी बॉडी की ज़रूरतों को समझें। recent visitors 284

रीवा-मऊगंज में खाद-बीज और बिजली की समस्या से जूझ रहे किसान: सुखेन्द्र सिंह

रीवा-मऊगंज में खाद-बीज और बिजली की समस्या से जूझ रहे किसान: सुखेन्द्र सिंह

Farmers are facing problems of fertilizers, seeds and electricity in Rewa-Mauganj: Sukhendra Singh रीवा ! Farmers are facing problems मऊगंज के पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने कहा कि पूरे मऊगंज एवं रीवा जिले का किसान खाद बीज एवं बिजली की समस्या से जूझ रहा है. पूरा प्रशासनिक अमला खाद बीज की कालाबाजारी को बढ़ावा देकर वसूली में व्यस्त है और जिले का अन्नदाता पूरे भ्रष्ट सिस्टम से त्रस्त है. सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान उक्त आरोप लगाए. Read more: कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का आगाज “कांग्रेस का ‘नव संकल्प’: 2028 की रणभेरी मांडू से” उन्होने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली विभाग की लूट से किसान एवं जनता परेशान हैं. बारिश के शुरुआती दौर में ही पूरे जिले में बाढ़ जैसे हालत निर्मित हुए यह भी गंभीर विषय है. पूरा प्रशासनिक तंत्र केवल खानापूर्ति करने में लगा है जमीन हकीकत में पूरा प्रशासनिक तंत्र फेल है. पूर्व विधायक ने शासन प्रशासन को सख्त लहजे में आगाह करते हुए कहा है कि जल्द खाद बीज बिजली की समस्या का शीघ्र निदान नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी किसानों एवं आम जनता को न्याय दिलाने के लिए उग्र आंदोलन करेगी. recent visitors 95

महिला कांग्रेस ने किया प्रदर्शन ,कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

Mahila Congress staged a protest, reached the Collectorate and submitted a memorandum addressed to the President छिन्दवाड़ा ! महिला संबंधी अपराधों में अंकुश लगाने महिला कांग्रेस ने विरोध प्रर्दशन कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में महिला कांग्रेस ने महिलाओं, युवतियों व नाबालिग बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग व बढ़ते हुए अपराध पर विराम लगाने ठोस कदम उठाने की मांग की है।जिला महिला कांग्रेस की पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर राजीव कांग्रेस भवन से महिलाओं पर बढ़ते हुए अपराध के खिलाफ रैली के रूप में निकली। राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए महिलाएं जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय ज्ञापन देने पहुंची। बरसते हुए पानी में महिलाएं मुख्य गेट पर खड़ी रहीं और काफी देर तक जब प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तब मातृशक्ति के सब्र का बाण टूट गया और वे गेट खोलकर मुख्य गेट पर पहुंची तब महिला अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंची। ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए जिला महिला कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश में लगातार नारी पर जारी अत्याचार व दुराचार के अपराधों की संख्या देश में सर्वाधिक है। अपराधी अब दिन दहाड़े मासूम बेटियों के साथ दुराचार व सामूहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम दे रहे। जिससे प्रदेश व देश शर्मसार है। अकेले भोपाल से प्रतिमाह लगभग 70 बच्चे लापता हो रहे, इनमें 70 प्रतिशत बेटियां होती है, जो वापिस घर नहीं लौट रही, यही स्थिति दुराचार की भी है। फिर भी सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई है। तीन सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापनमहामहिम राष्ट्रपति के नाम प्रस्तुत ज्ञापन जिला महिला कांग्रेस ने कहा कि जिले के साथ ही नगर, गांव व कस्बों में मातृशक्ति से सम्बंधित अपराध घटित हो रहे हैं जिसे रोकने में पुलिस पूरी तरह विफल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार केवल भाषणों और घोषणाओं में चल रही है। बढ़ते अपराध को रोकने पर उनका कोई ध्यान नहीं है। महिला उत्पीडऩ के बढ़ते मामले प्रदेश सरकार की लचर कानून व्यवस्था को खुलकर उजागर कर रही है। सरकार इस दिशा में अविलम्ब ठोस व कारगर कदम उठाएं ताकि महिलाएं निर्भिक व सुरक्षित होकर रह सकें।जिला महिला कांग्रेस ने प्रस्तुत ज्ञापन के माध्यम से अंत में कहा कि महिलाओं व नाबालिग बेटियों के साथ घटित अपराध में मप्र देश में नम्बर एक पर है। प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह से निरंकुश हो चुकी है। महिलाओं व सम्पूर्ण मानव समाज के हित में प्रदेश सरकार तत्काल ठोस कदम उठाएं। ज्ञापन सौंपते वक्त कांग्रेस नेत्रियां रही उपस्थित ज्ञापन प्रस्तुत करते समय जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी, मनीषा पाल, दीपा यादव, रानू डेहरिया, संगीता ठाकुर, संतोषी गजभिये, नंदा ठाकरे, शोभा शर्मा, आम्रपाली, ममता चौखे, साधना जंघेला, साक्षी चौखे, जुबेदा, यास्मीन, सपना वर्मा, साक्षी चौबे, राधा सैनी, शालू, रोशनी श्रीवास, पायल सिंग, सुमन पवार, दुर्गा सोमकुंवर, श्वेता कौर, फरीदा बानो सहित महिला कांग्रेस की अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। recent visitors 100

VP Resignation पर राकेश टिकैत का तीखा वार: “धनखड़ को इस्तीफा नहीं दिया गया, दिलवाया गया”

VP Resignation पर राकेश टिकैत का तीखा वार: “धनखड़ को इस्तीफा नहीं दिया गया, दिलवाया गया”

Rakesh Tikait’s sharp attack on VP Resignation: “Dhankhar was not given resignation, he was made to resign” नई दिल्ली ! भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। टिकैत का कहना है कि यह स्वेच्छा से दिया गया इस्तीफा नहीं, बल्कि ‘पूंजीपतियों की सरकार’ द्वारा लिया गया त्यागपत्र है। उन्होंने दावा किया कि जो भी सरकार के विरुद्ध, गांव-गरीब और किसान की बात करेगा, उसे व्यवस्था से बाहर कर दिया जाएगा। मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए टिकैत ने कहा — “धनखड़ हमेशा गांव, गरीब और किसान की बात करते थे। ऐसी बात करने वाले इस सरकार में टिक नहीं सकते। इस सरकार में पूंजीपतियों की चलेगी, न कि किसानों की।” उन्होंने आगे कहा कि इस्तीफे से पहले कोई भी मेडिकल कारण या स्पष्ट राजनीतिक स्थिति सामने नहीं आई। “यह सीधा संकेत है कि सरकार अब पूरी तरह पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है। राजनीतिक दलों और संवैधानिक पदों पर भी अब नियंत्रण कर लिया गया है।” टिकैत ने भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा — “अब जो 50 साल से कम उम्र के लोग पार्टी में समझौते करेंगे, उन्हें दुष्यंत चौटाला बना दिया जाएगा, और जो उससे ऊपर होंगे, उन्हें सतपाल मलिक या फिर जगदीप धनखड़ जैसा बना दिया जाएगा।” “अबकी बार ढोल किसी और के दरवाजे पर बजेगा”इस लाइन के जरिए टिकैत ने आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अबकी बार परिणाम सत्ता पक्ष के अनुकूल नहीं होंगे। “गांव तक के लोग कह रहे हैं कि इस्तीफा लिया गया है। यानी जनता सब समझ रही है।” क्या यह लोकतंत्र बनाम कॉरपोरेट का संघर्ष है?टिकैत के इस बयान को केवल एक किसान नेता की टिप्पणी नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक असंतोष की आवाज के रूप में देखा जा रहा है। यह उस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है, जो सत्ता में किसानों और ग्रामीण भारत की भागीदारी कम होने पर सवाल उठा रही है। recent visitors 106