01417/01418 पुणे–दानापुर–पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप)

01417/01418 पुणे–दानापुर–पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप) भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी  भोपाल गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 01417/01418 पुणे – दानापुर – पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02-02 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 01417 पुणे – दानापुर ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01417 पुणे – दानापुर विशेष ट्रेन दिनांक 28 मई 2025 (बुधवार) एवं 01 जून 2025 (रविवार) को पुणे स्टेशन से रात 19:55 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए दोपहर 12:05 बजे इटारसी स्टेशन एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन सुबह 07:30 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01418 दानापुर – पुणे ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01418 दानापुर – पुणे विशेष ट्रेन दिनांक 30 मई 2025 (शुक्रवार) एवं 03 जून 2025 (मंगलवार) को सुबह 08:30 बजे दानापुर स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए रात 01:50 बजे इटारसी स्टेशन एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद अगले दिन शाम 17:35 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में पुणे जं., दौंड चॉर्ड लाइन, अहमदनगर, कोपरगांव, मनमाड जं., भुसावल जं., खंडवा, इटारसी जं., जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीन दयाल उपाध्याय जं., बक्सर, आरा जं., दानापुर स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 के माध्यम से गाड़ी की सटीक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। विस्तृत समय-सारणी एवं ठहराव विवरण हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 31

मुंबई पुलिस की EOW ने मीठी नदी घोटाला केस में डिनो मोरिया से की पूछताछ

मुंबई मुंबई के बहुचर्चित मीठी नदी घोटाले की जांच अब और भी गहराती जा रही है। इस घोटाले में बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया का नाम सामने आने के बाद सोमवार सुबह वो EOW (आर्थिक अपराध शाखा) के दफ्तर में पेश हुए। सूत्रों की मानें तो मोरिया सुबह करीब 11 बजे जांच अधिकारियों के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे। फोन कॉल्स ने खोले नए राज EOW की जांच में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ताजा अपडेट में यह बात सामने आई है कि डिनो मोरिया, उनके भाई और इस घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के बीच कई बार बातचीत हुई है। इन कॉल्स की रिकॉर्डिंग्स और डेटा अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। सूत्रों का कहना है कि इन कॉल्स के जरिए मिली जानकारी से पूरे घोटाले की परतें खुल सकती हैं। क्या है मीठी नदी घोटाला? यह घोटाला मुंबई महानगरपालिका की ओर से मीठी नदी की सफाई में इस्तेमाल होने वाले स्लज पुशर और ड्रेजिंग मशीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। आरोप है कि इन मशीनों को कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से ऊंचे दामों पर किराए पर लिया गया और इसमें भारी वित्तीय गड़बड़ी हुई। मामले में केतन कदम और जय जोशी को मुख्य आरोपी बताया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया। डिनो मोरिया की भूमिका पर सवाल जांच में यह भी पता चला है कि डिनो मोरिया और उनके भाई की भूमिका केवल एक दोस्ती के दायरे में सीमित नहीं रही। कुछ कॉल रिकॉर्डिंग्स में घोटाले की राशि, भुगतान प्रक्रिया और मशीन रेंटल जैसे विषयों पर बातचीत होने के संकेत हैं। हालांकि, अब तक कोई सबूत सामने नहीं आया है जो डिनो मोरिया को सीधे इस घोटाले में दोषी ठहराए। लेकिन उनकी पेशी से इतना तो साफ है कि जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। EOW की रणनीति और आगे की कार्रवाई EOW इस घोटाले में शामिल सभी लोगों की कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और बाकी वित्तीय दस्तावेजों को खंगाल रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी नाम इस जांच के दायरे में आएंगे। वहीं डिनो मोरिया के करीबी सूत्रों का कहना है कि अभिनेता पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।   recent visitors 82

नगर पालिका का एक कर्मचारी महिला के साथ रंगरलियां मनाने आया, हिंदू संगठन ने किया हंगामा

दमोह दमोह जिले के हटा में खचना नाका के पास नेहरू पार्क में रविवार शाम एक घटना हुई। यहां नगर पालिका का एक कर्मचारी एक महिला के साथ रंगरलियां मनाने आया। उसने पार्क का बाहर का गेट बंद कर ताला लगा दिया ताकि कोई शक न करे। लेकिन सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के लोग पार्क पहुंचे। तब वह कर्मचारी महिला के साथ वहां से भाग गया। यह पूरा घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। जब इस बारे में सीएमओ को बताया गया, तो वह मौके पर पहुंचे, लेकिन बताया गया कि सीसीटीवी कैमरे बंद थे। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र खटीक भी आए। उन्होंने पास के वाचनालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की और ताला लगाने, महिला के अंदर जाने और बाहर से ताला लगाने की फुटेज मिली। महिला ताला देख अपनी चप्पल छोड़कर पास के दूसरे गेट से बाहर निकल गई। हिंदू संगठन के लोग भी वहां आ गए। कर्मचारी ने ताला लगाकर भागने से पहले महिला को बाइक से उसके घर छोड़ा। बताया गया कि कर्मचारी की पार्क में ड्यूटी थी। पार्क में काम करने वाले दो कर्मचारी बंदू रैकवार और परसू पटेल भी मौके पर आए। बंदू ने बताया कि दोपहर 12 बजे उन्होंने गेट का ताला लगाकर घर चले गए थे और चाबी गेट के ऊपर रख दी थी। बाद में कौन आया, उन्हें पता नहीं। सीएमओ राजेंद्र खरे ने कहा कि अगर कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोग इस घटना को मंदसौर में भाजपा नेता के वायरल वीडियो के बाद हुई घटना से जोड़कर देख रहे हैं। समय रहते हिंदू संगठन के लोग पहुंचकर मामला रोका। recent visitors 43

फिरोजाबाद में जमीन के विवाद को लेकर पूर्व प्रधान और बेटे की फावड़े प्रहार कर हत्या

फिरोजाबाद फिरोजाबाद के टूंडला में जमीन विवाद को लेकर पूर्व प्रधान और उनके बेटे की दिन दहाड़े गांव के ही लोगों ने फावड़ा से प्रहार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भिजवा दिया। दोहरे हत्याकांड की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पिता-पुत्र की हत्या से गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। मृतक पूर्व प्रधान इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव के चाचा थे। गांव के ही हुब्बलाल यादव से था जमीन विवाद थाना नगला सिंघी के गांव टीकरी निवासी पूर्व प्रधान अरविंद यादव (55) का गांव के ही हुब्बलाल यादव से जमीन विवाद चला आ रहा है। इसको लेकर मामला तहसील न्यायालय में चल रहा था। 20 मई को एसडीएम अनुराधा सिंह के आदेश पर तहसीलदार राखी शर्मा ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर जमीन की नापतौल की थी। रविवार शाम 4:30 बजे के करीब पूर्व प्रधान अरविंद यादव अपने दूसरे नंबर के पुत्र नितिन यादव (27) के साथ खेत जुतवाने के लिए गए थे। तभी हुब्बलाल यादव उसके पक्ष के लोग आ गए। उन्होंने खेत जोतने का विरोध करते हुए पिता-पुत्र पर फावड़े से हमला कर दिया। हमले में सिर में फावड़ा लगने और गर्दन कटने से पिता-पुत्र की मौके पर मौत हो गई। पिता-पुत्र की दिनदहाडे़ हत्या हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पिता-पुत्र की दिनदहाडे़ हुई हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही एसएसपी सौरभ दीक्षित, एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पिता-पुत्र के शवों को पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भिजवा दिया। चुपके से हत्यारोपियों के पिता ने बेच दी थी जमीन, बेटों ने किया था विरोध पूर्व प्रधान और उनके बेटे की हत्या के पीछे गांव का जमीन विवाद था। पूर्व प्रधान ने गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन का बैनामा करा लिया था। जमीन बेचकर दो पुत्रों के साथ पिता गांव छोड़कर चला गया था। वहीं, उसके दो पुत्रों ने विरोध किया था। इतना ही नहीं डेढ़ दशक बाद भी जमीन को जोतने नहीं दिया था। प्रशासन द्वारा कब्जा दिलाने के बाद पिता-पुत्र जमीन जोतने पहुंचे तो उनकी हत्या कर दी गई।   थाना नगला सिंघी के गांव टीकरी निवासी साहब सिंह यादव ने करीब 15 वर्ष पूर्व अपने ही दो पुत्रों से परेशान होकर 14 बीघा जमीन को गांव के ही पूर्व प्रधान अरविंद यादव को बेच दिया था। यह जमीन गांव से करीब दो किलोमीटर दूर गांव प्रेमपुर में स्थित है। जमीन बेचने के बाद वह गांव में अपने दो पुत्र हुब्बलाल यादव और देवेंद्र यादव को छोड़कर, दो पुत्र जितेंद्र यादव व नरेंद्र यादव को साथ लेकर गांव छोड़कर चले गए थे।  चोरी छिपे बैनामा होने पर हुब्बलाल, देवेंद्र और उसके परिजन पूर्व प्रधान अरविंद यादव के परिवार से दुश्मनी मानने लगे थे। इतना ही नहीं उन्होंने अरविंद यादव को तब से अब तक जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया था। अरविंद यादव ने कई बार पुलिस बल के साथ खेत जोतने पहुंचे, लेकिन उन्होंने उन्हें कभी भी खेती नहीं करने दी।   20 मई को तहसील प्रशासन व पुलिस बल ने पहुंचकर जमीन की नापतौल करते हुए कब्जा दिलवा दिया था। इसके उपरांत जब अरविंद यादव व उनके पुत्र नितिन यादव खेत जुतवाने रविवार को पहुंचे तो हुब्बलाल, भोला, विपिन, रवि, मनीष, सनी व अन्य ने उनकी हत्या कर दी। एसएसपी ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं।  आरोपियो की धमकियों से टूंडला में रहने लगे थे पूर्व प्रधान आरोपी हुब्बलाल व पूर्व प्रधान अरविंद यादव का घर गांव में पास-पास हैं। जमीन लेने के बाद रंजिश के चलते अरविंद यादव ने गांव छोड़कर टूंडला के हाइवे रिजेंसी में घर बना लिया था। वह परिवार के साथ टूंडला ही रह रहे थे। गांव में केवल खेती कराने के लिए ही जाते थे। रविवार को भी वे पुत्र नितिन के साथ टूंडला से खेत जुतवाने के लिए गए थे।   पूर्व प्रधन के पुत्र नितिन की तीन माह पूर्व हुई थी शादी जमीन विवाद में मारे गए पूर्व प्रधान अरविंद यादव के पुत्र नितिन यादव की शादी बीते फरवरी माह में हुई थी। घटना की जानकारी से परिवार में चीख पुकार मच गई। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव में दहशत ऐसी है कि कोई भी ग्रामीण आरोपियों के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं था। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पीएसी व पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सड़क किनारे की घटना को देखते रहे ग्रामीण, कोई बचाने नहीं पहुंचा हाईवे से बनकट होते हुए नगला सिंघी जाने वाले मार्ग किनारे दिनदहाड़े पिता-पुत्र की हत्या होते हुए तमाम लोगों ने देखा, किंतु घटना के दौरान किसी ने भी उन्हें बचाने का प्रयास नहीं किया। जबकि कुछ किसान पास ही खेतों से चारा काट रहे थे। लोगों में खौफ ऐसा था कि किसी ने पुलिस को सूचना देना तो दूर पुलिस पूछताछ में भी किसी ने घटना की जानकारी देने की हिम्मत तक नहीं दिखाई। जमीन को लेकर दोनों पक्षों में कई बार हुआ झगड़ा पूर्व प्रधान व उनके बेटे की हत्या से पूर्व लगभग हर साल हत्यारोपियों से विवाद हुआ था। कई बार मुकदमे भी दर्ज हुए थे। विवादों को सुलझाने के लिए पुलिस ने भी कई बार प्रयासा किया, किंतु हुब्बलाल पक्ष बिना जमीन के तैयार नहीं हुआ। वहीं पूर्व प्रधान ने भी बैनामा होने पर जमींन देने से इनकार कर दिया।  जमीन विवाद में तहसील और पुलिस की टीम ने 20 मई को पूर्व प्रधान अरविंद पक्ष को कब्जा दिलाया था। रविवार को पहली बार वह खेती करने पहुंचे थे। इस दौरान हुब्बलाल पक्ष हमलावर हो गया और पिता-पुत्र की हत्या कर दी। पुलिस जांच में जुटी है। -सौरभ दीक्षित, एसएसपी, फिरोजाबाद recent visitors 69

नगर निगम का स्वीमिंग पूल 10 करोड़ में तैयार हुआ हुक्का बार बनकर रह गया

उज्जैन  उज्जैन में नगर निगम द्वारा पिछले दिनों शहरवासियों के लिए बनवाए गए स्वीमिंग पूल की फजीहत होना शुरु हो गई है। इसकी ताजा बानगी बयां करता एक वीडियो स्वीमिंग पूल परिसर में वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक हुक्का पीते नजर आ रहे हैं। इस दौरान वहां कई परिवार और बच्चे भी मौजूद थे।  बताया जा रहा है कि, यह स्विमिंग पूल करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इसका संचालन रामा कृष्णा इंटरप्राइजेस नाम की एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इस स्वीमिंग पूल को 31 मार्च 2025 को ही शहर के आम लोगों के लिए खोला गया है। लेकिन, शहर के युवाओं द्वारा स्वीमिंग पूल क्षेत्र को हुक्का लाउंज बना देने से यहां की निगरानी और संचालन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। एंट्री पॉइंट पर पी रहे थे हुक्का वायरल हुए वीडियो के बारे में बताया गया है कि यह वीडियो शाम 4:45 बजे का है। इस दौरान कई लोग अपने परिवार के साथ वहां मौजूद थे। पूल के प्रवेश द्वार पर दो युवक हुक्का पी रहे थे। वीडियो बनाने वाले युवक ने जब इस पर आपत्ति जताई तो हुक्का पी रहे युवकों ने उसी को समझाइश देना शुरू कर दिया। लोगों ने जताया आक्रोश स्थानीय लोगों का कहना है कि स्विमिंग पूल एक ऐसी जगह है जहां परिवार और बच्चे मनोरंजन एवं खेल के लिए आते हैं। ऐसे में प्रवेश द्वार पर हुक्के जैसे नशीले पदार्थों का सेवन न केवल अनुचित है, बल्कि यह बच्चों और परिवारों के लिए असुरक्षित माहौल भी बनाता है। वहीं, एक स्थानीय निवासी ने बताया कि "हम अपने बच्चों को तैराकी सिखाने और मनोरंजन के लिए यहां लाते हैं, लेकिन अगर ऐसी गतिविधियां होंगी, तो हम कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे?" नगर निगम नजर रखे यह घटना उज्जैन के स्विमिंग पूल के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी कंपनी को ठेके पर देने के बावजूद नगर निगम की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह सुविधा के संचालन और वहां की गतिविधियों पर नजर रखे। जांच के बाद कार्रवाई करेंगे मैंने वायरल वीडियो देखा है। हम कार्रवाई करेंगे। जांच कराएंगे कि हुक्का पूल के अंदर कैसे लाया गया और कंपनी को भी नोटिस जारी किया जाएगा। मुकेश टटवाल, महापौर, उज्जैन वायरल हो रहा ये वीडियो लोगों का कहना है कि, इस तरह की गतिविधियां बिना रोक-टोक हो सकती हैं तो ये न सिर्फ असुरक्षा का संकेत तो है ही, बल्कि शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, इस मामले में नगर निगम और कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जनभावनाओं को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि, प्रशासन जल्द ही इस मामले में जांच के आदेश दे सकता है। साथ ही, नागरिकों के हित सर्वोपरि मानकर आगे सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की व्यवस्था कर सकता है। recent visitors 45

उपराष्ट्रपति धनखड़ आज आएंगे नरसिंहपुर, कृषि उद्योग समागम का करेंगे शुभारंभ

नरसिंहपुर उप राष्ट्रपति धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 115.96 करोड़ रुपए की लागत के 36 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 60 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत के 71 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 46 करोड़ 44 लाख रुपए की लागत के 15 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। 2 घंटे से ज्यादा रुकेंगे उपराष्ट्रपति धनखड़ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ व उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ का करीब 2 घंटे 20 मिनट प्रवास रहेगा। ये दोपहर 12.15 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष हेलिकॉप्टर से नरसिंहपुर में बनाए गए हेलिपैड पर उतरेंगे। दोपहर 12.25 बजे से दोपहर 1.25 बजे तक कृषि उद्योग समागम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोपहर 1.30 बजे भोजन करने के बाद 2.10 बजे कार्यक्रम से हेलीपेड के लिए रवाना होंगे। दोपहर 2.15 बजे से 2.25 बजे तक विदाई कार्यक्रम होगा। ये दोपहर 2.25 बजे हेलिकॉप्टर से जबलपुर के प्रस्थान करेंगे। मंत्री भी रहेंगे मौजूद समागम सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, स्कूल शिक्षा व परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल समेत कई अन्य विशिष्टजन भी शामिल रहेंगे। 325 बसों से आएंगे किसान समागम में किसानों-हितग्राहियों को लाने के लिए 325 बसें अधिग्रहित की गई हैं। वहीं कई विभागों के अमले को भी हितग्राहियों को लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों ने अमले के साथ बैठक कर आयोजन स्थल का जायजा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11.15 बजे नरसिंहपुर पहुंचेंगे। दोपहर 3.15 बजे जबलपुर के लिए रवाना होंगे। पना, छाछ, कढ़ी समेत चार तरह की सब्जी का जायका लेंगे निवेशक निवेशकों के भोजन के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की ओर से आम का पना, मसाला छाछ प्रमुखता से परोसा जाएगा। सब्जियों में आलू गोभी, जीरा कोफ्ता, भिंडी मसाला, पनीर और कढ़ी भी होगी। शहर की दाल, चावल, बाजरा, ज्वार, गेहूं की रोटी भी परोसी जाएगी। किसानों-हितग्राहियों के लिए अलग मेन्यू बनाया गया है। इसमें उन्हें पूडी, सब्जी, अचार, मीठा, पानी आदि मिलेगा। मीडियाकर्मियों व ड्यूटीरत कर्मचारियों के लिए पैक्ड भोजन बांटा जाएगा। दो बजे तक नहीं मिलेगा बसों को प्रवेश नरसिंहपुर शहर से प्रतिदिन गाडरवारा, सागर, सिवनी, जबलपुर एवं छिंदवाड़ा आने-जाने वाली बसों का आज सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक शहर में प्रवेश नहीं होगा। जबलपुर, सिवनी से नरसिंहपुर आने-जाने वाली बसों का संचालन पेट्रोल पंप के पास एनएच 44 से रहेगा। छिंदवाड़ा से नरसिंहपुर आने-जाने वाली बसों का संचालन एनएच 44 सिंहपुर चौराहे फ्लाई ओव्हर के पास से रहेगा। गाडरवारा, सागर एवं राजमार्ग चौराहे से नरसिंहपुर आने-जाने वाली बसों का संचालन खैरीनाका के पास से रहेगा। सभी प्रकार के दो पहिया, चार पहिया, मालवाहक एवं व्यवसायिक वाहन सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक मुशरान पार्क से रेलवे स्टेशन तक प्रतिबंधित रहेंगे। मंडी चौराहा पर उतारे जाएंगे हितग्राही जबलपुर, सिवनी, मंडला व डिंडोरी, छिंदवाड़ा से आने वाले हितग्राहियों के वाहन एनएच 44 के निर्माणाधीन पुल के नीचे से रेलवे स्टेशन परशुराम तिराहा होकर मंडी चौराहा पहुंचेगें। रायसेन, सागर एवं दमोह करेली, खैरीनाका, गुलाब चौक, गांधी चौक, सुभाष चौक, आष्टांग तिराहा, सांकल तिराहा से ढाबा होते हुए मंडी चौक पहुंचेगें। हितग्राहियों को स्थानीय मंडी चौराहे पर उतारा जाएगा। जहां से 100 मीटर दूर कार्यक्रम स्थल पहुंचाने यातायात पुलिस तैनात रहेगी। मुख्य रोड पर यह वैकल्पिक व्यवस्था शहर में मुशरान पार्क से सुभाष चौक मेन रोड पर यातायात का अत्याधिक दबाव होने से सभी प्रकार के भारी वाहनों का नरसिंहपुर शहर में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उक्त समय में सभी प्रकार के चार पहिया, तीन पहिया एवं दो पहिया वाहन सुभाष चौक से आष्टांग चिकित्सालय, सांकल तिराहा, सुनका चौराहा, मुशरान पार्क से होकर सिंहपुर तिराहा वाले मार्ग का उपयोग कर सकते है। प्लेटफॉर्म 2 से आ-जा सकेंगे यात्री सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन के सामने वाली रोड पर यातायात का दबाव रहेगा। इसलिए रेलवे यात्री रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए प्लेटफॉर्म नम्बर 2 का उपयोग करें। शहर से प्लेटफार्म नम्बर दो पर जाने के लिए बरगी बिज से होकर एनएच 44 से होकर रॉसरा ग्राम से होते हुए रेलवे प्लेटफार्म नम्बर दो पहुंचनें के मार्ग का उपयोग कर सकते हैं   recent visitors 45

रायपुर में जल्द स्थापित होगा देश का प्रमुख AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश

रायपुर छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन श्री पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष श्री लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।” ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी । recent visitors 51