जापान में चावल की कीमत में पिछले साल की तुलना में 98.4% तेजी आई

टोक्यो कभी अमेरिका की इकॉनमी के लिए मुश्किलें पैदा करने वाले जापान आज भारत से भी पिछड़ गया है। जापान को पछाड़कर भारत दुनिया की चौथी बड़ी इकॉनमी बन गया है। उधर जापान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। देश में महंगाई ने कई साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है। अप्रैल में चावल की कीमत में पिछले साल की तुलना में 98.4% तेजी आई जो 1971 के बाद इसकी सबसे बड़ी मासिक उछाल है। मार्च में यह तेजी 92.1 फीसदी रही थी। इसी तरह एनर्जी की कीमत देश में 9.3% बढ़ गई। अप्रैल में देश में महंगाई 3.5% बढ़ी जो मार्च में 3.2 फीसदी बढ़ी थी। देश में लगातार पांचवें महीने महंगाई में तीन फीसदी से ज्यादा तेजी आई है। इस बीच पहली तिमाही में जापान की इकॉनमी में 0.7% गिरावट आई। 2024 की पहली तिमाही के बाद जापान की इकॉनमी में पहली बार गिरावट आई है। चावल जापान का मुख्य आहार है। लेकिन हाल में इसमें काफी तेजी आई है। इसके कई कारण हैं। 2023 में खराब मौसम के कारण चावल की पैदावार प्रभावित हुई। इस बीच देश में रेकॉर्ड पर्यटकों के आने से चावल की डिमांड बढ़ी है। इस बीच सरकार ने आपूर्ति बढ़ाने के लिए चावल की खेप बाजार में जारी की लेकिन इसका कोई असर देखने को नहीं मिला। जापान वर्सेज जर्मनी कुछ साल पहले जापान को पछाड़कर जर्मनी दुनिया की तीसरी बड़ी इकॉनमी बना था। लेकिन दोनों देशों की इकॉनमी में एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। बैंक ऑफ जापान का पॉलिसी रेट अभी 0.50 परसेंट है और जापान का डेट-टु-जीडीपी रेश्यो 250% है। उधर यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी जर्मनी का पॉलिसी रेट 2.25 फीसदी और डेट-टु-जीडीपी रेश्यो 62 फीसदी है। यानी जर्मनी की पॉलिसी रेट जापान से 4.5 गुना है जबकि डेट-टु-जीडीपी रेश्यो एक चौथाई है। दोनों देशों के 30 साल की मैच्योरिटी अवधि वाले सरकारी बॉन्ड्स पर यील्ड 3.1 फीसदी है। 1990 के दशक से पहले जापान की इकॉनमी रॉकेट की स्पीड से दौड़ रही थी और माना जा रहा था कि वह अमेरिका को पछाड़ देगा। लेकिन उसके बाद वह ऐसे गर्त में फंसी कि उसे बाहर निकलने में कई दशक लग गए। 25 साल से भी अधिक समय तक देश डिफ्लेशन में की स्थिति रही। हालात ऐसी हो गई है कि देश के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने हाल में कहा कि जापान की हालत ग्रीस से भी बदतर हो गई है। ग्रीस पिछले कई साल से आर्थिक संकट से जूझ रहा है।   recent visitors 68

बीजेपी का ट्रेनिंग कैंप पचमढ़ी में लगेगा, जेपी नड्डा और अमित शाह भी होंगे शामिल

पचमढ़ी मध्य प्रदेश के नेताओं के द्वारा हाल में की गई बयानबाजी के बाद पार्टी ने नेताओं को ट्रेनिंग देने का फैसला किया। 14 से 16 जून तक भारतीय जनता पार्टी का स्पेशल प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। यह ट्रेनिंग कैंप हिलस्टेशन पचमढ़ी में लगेगा। कार्यक्रम में राज्य के सभी बीजेपी विधायक, मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को अनिवार्य रूप से शामिल होना है। जेपी नड्डा और अमित शाह भी पहुंचेंगे     तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। ट्रेनिंग कैंप के समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में यह शिविर बीजेपी नेताओं को अनुशासन का पाठ सिखाने का प्रयास माना जा रहा है। विधायकों, सांसदों को 5 साल में दिया जाता है प्रशिक्षण विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद नवनिर्वाचित विधायकों, सांसदों को भाजपा 5 साल में एक बार प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम आयोजित करती है। यह ट्रेनिंग कैंप इस साल की शुरुआत में होना था। लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था। लगातार आए विवादित बयान, प्रशिक्षण का एक कारण ये भी 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से भी विवाद बढ़ा। ऐसे में लगातार आ रहे विवादित बयानों के बाद पार्टी अब सभी विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण देने जा रही है। भाजपा के संविधान के अनुसार हर पांच साल में विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रक्रिया चुनाव के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों यानी सांसद, विधायकों को दी जाती है। ट्रेनिंग का उद्देश्य उन्हें पार्टी की विचारधारा, कार्यशैली और जनहित के मुद्दों को समझाना होता है। साल की शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रस्तावित थी, लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ाना पड़ा था। अब परिस्थिति अनुकूल होने पर इसे पचमढ़ी में आयोजित किया जा रहा है। विवादित बयानों के बाद पार्टी ने चुनी ये रणनीति हाल के दिनों में पार्टी नेताओं के कई विवादित बयानों ने संगठन की छवि पर असर डाला है। 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह का बयान सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादों में रहा। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से स्थिति और गंभीर हो गई। इन घटनाओं को देखते हुए पार्टी ने तय किया है कि सभी विधायकों और सांसदों को एक बार फिर अनुशासन, संवेदनशीलता और जनता के बीच बयानबाजी को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पीएम ने भी दी संभल कर बोलने की सलाह रविवार को NDA की बैठक में पीएम मोदी ने भी पार्टी के नेताओं को संभल कर बोलने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कहीं भी कुछ भी बोलने से नेताओं को बचना चाहिए। इससे पार्टी की छवि खराब होती है। recent visitors 78

रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास, 12KM का साउंडप्रूफ कॉरिडोर

रायसेन रातापानी अभ्यारण्य के जंगलों से गुजरे हाइवे के 12 किलोमीटर रोड को पूरी तरह से साउंडप्रूफ कॉरिडोर के रूप में तैयार किया गया है. 12 किमी के दौरान वन्य जीवों के लिए 7 अंडरपास बनाए गए हैं. चारों ओर हरा-भरा जंगल और सड़क के दोनों तरफ 3-3 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई गई हैं, जोकि पूरी तरह साउंड प्रूफ हैं. इससे रातापानी के जंगल के वन्य जीवों को जहां काफी राहत मिली है तो वहीं, यहां से गुजरने वाले वाहनचालकों को भी अद्भुत अहसास होता है. वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास गौरतलब है कि रायसेन जिला स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए 12.3 किलोमीटर लंबा साउंड प्रूफ गलियारा तैयार किया गया है. यह कॉरिडोर राजधानी के पास वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर है, जिसमें वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर के ऊपर से वाहनों का आवागमन होगा तो वहीं, अंडरपास से टाइगर और अन्य वन्य जीव आसानी से वन्य क्षेत्र में आराम से विचरण कर सकेंगे. कॉरिडोर की बाउंड्री वॉल में लगाए नोइज बैरियर कॉरिडोर में 5 बड़े और 2 छोटे अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर से वाहनों से निकलने वाली तेज आवाज को कम करने के लिए नॉइस बैरियर लगाए गए हैं, जिससे वाहनों के शोरगुल को कम किया जा सकता है, इसमें इंसुलेशन मैटेरियल का उपयोग किया गया है और पॉलीकार्बोनेट सीट से नोइज बैरियर लगाए गए हैं. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नवल ने बताया " रातापानी टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले कॉरिडोर की सड़क 18 मीटर चौड़ी है. कॉरिडोर से आधे घंटे का सफर अब 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है. पहले इस सड़क की चौड़ाई कम होने और जगह-जगह टर्निंग पॉइंट होने की वजह से यहां पर अधिक समय लगता था." हाल ही में रोड पर तेंदुए की मौत से चिंताएं बढ़ी अब्दुल्लागंज वन मंडल के डीएफओ हेमंत कुमार रैकवार का कहना है "कॉरिडोर की समीक्षा की जा रही है कि इससे कितना लाभ वन्य जीवों को हो सकता है. हाल ही में एक लैपर्ड के कॉरिडोर के बीच में दुर्घटना के चलते मौत हो गई थी. इसलिए फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि इस कॉरिडोर के बनने से जानवरों को पूरी सुरक्षा मिली है. लेकिन कॉरिडोर बनने से जानवरों के वन्य क्षेत्र में ध्वनि का प्रदूषण नहीं होगा और ना ही वाहन सड़क से उतरकर वन्य क्षेत्र में जा पाएंगे." बता दें कि ये कॉरिडोर भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर बरखेड़ा रेंज के पास बनाया गया है. ज्यादातर इसी क्षेत्र में वन्यजीवों की दुर्घटना में मौत होती थी. recent visitors 67

कोलार सिक्सलेन रोड 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित करेगा

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में कोलार सिक्सलेन रोड यानी कोलार गेस्ट तिराहे से लेकर गोल जोड़ तिराहे तक करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित कर रहा है।  राजधानी की सबसे पहली और बड़ी सिक्सलेन सड़क पर नगर निगम प्रशासन करीब 10 करोड़ रुपए की राशि से 15 किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 हजार से अधिक पौधे लगाएंगी। यह काम नगर निगम प्रशासन अगले महीने यानी जून से शुरू करने वाली है। नगर निगम प्रशासन करेगा काम सेन्ट्रल वर्ज में ये पौधे लगाए जाएंगे और इनकी सुरक्षा को लेकर करीब तीन फीट ऊंची रैलिंग भी लगाई जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने इस काम को लेकर अपनी कार्ययोजना बना ली है। इस संबंध में काम करने के लिए योजना के हिसाब से काम अंतिम चरणों में काम चल रहा है। जल्द ही इसे मूर्त रुप देने के लिए नगर निगम प्रशासन काम शुरू करेगा। लगातार हो रही हैं बैठकें, जल्द शुरू होगा काम हाल ही में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए विधायक रामेश्वर शर्मा ने निगम प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कोलार सिक्सलेन सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, यहां से लगातार आवाजाही भी सुचारू हो गई है। लेकिन अब तक इसका औपचारिक शुभारंभ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी इस रोड पर बचे हुए कामों को पूरा किया जा रहा है। लगभग 325 करोड़ रुपए की राशि से कोलार सिक्सलेन सड़क को विकसित किया गया है। recent visitors 80

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी, एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म

भोपाल /इंदौर  भोपाल में दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है. पीथमपुर के रामकी संयंत्र में कचरे का निस्तारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है. इसकी रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को लगातार दी जा रही है. बड़ी बात ये है कि इस जहरीले कचरे को लेकर खतरनाक प्रदूषण फैलने की आशंकाएं न के बराबर हो गई हैं. दावा है कि प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड ने जहरीले कचरे से होने वाले प्रदूषण को सामान्य बताया है. एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह का कहना है "यूनियन कार्बाइड का कचरा विशेषज्ञों की निगरानी में जलाया जा रहा है, जो अगले 30 से 35 दिन में पूरी तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा. इसके निष्पादन प्रक्रिया की पूरी निगरानी की जा रही है. कचरे के निष्पादन के हरेक चरण की रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई है. वर्तमान में पीथमपुर के आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी सामान्य है. यूनियन कार्बाइड के कचरे में कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड के अलावा नैप्थलीन और पार्टिकुलेट मैटर पाया गया. इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन क्लोराइड समेत हाइड्रोजन फ्लुराइड का उत्सर्जन हुआ. प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के मुताबिक सामान्य प्रदूषण श्रेणी का था." भोपाल से लेकर इंदौर तक दहशत का दौर दरअसल, 3 दिसंबर 1984 की सुबह भोपाल में यूनियन कर्बाइड से निकली मिथाइल आइसोसाइनाइड गैस से 5000 से ज्यादा मौत हुई थीं. इस जहरीली गैस के दुष्प्रभाव के कारण करीब डेढ़ दशक में 15000 लोगों की अलग-अलग बीमारियों से मौत हो गई. तभी से यूनियन कार्बाइड में इस गैस के अवशेष के रूप में यह कचरा परिसर में मौजूद था. लगातार कई सालों से इस कचरे को गैस की तरह ही घातक और प्रदूषण की वजह बताया जा रहा था. भोपाल गैस कांड के 40 साल बाद हाई कोर्ट जबलपुर के आदेश के तहत कचरे को इंदौर के पास पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित रामकी एनवायरो प्लांट में जलाकर नष्ट करने पर सहमति बनी. पीथमपुर में जहरीले कचरे को जलाने की प्रक्रिया जारी इसके बाद 2 जनवरी को 12 कंटेनर में इस कचरे को भरे जाने के बाद एक विशेष प्रकार के ग्रीन कॉरिडोर को तैयार कर 230 किलोमीटर दूर पीथमपुर लाया गया. कचरे को पीथमपुर में जलाए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हुआ. फिर 10 मार्च 2025 को कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू की गई. फिलहाल यहां 50 से ज्यादा मजदूर प्रति घंटा 90 किलोग्राम कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम की निगरानी मे जलाकर नष्ट कर रहे हैं. तीन ट्रायल रन में 6570 किलोग्राम कचरे को नष्ट किए जाने के बाद लगातार शेष कचरे को जलने की प्रक्रिया जारी है. recent visitors 61

रिसर्च : Energy Drinks बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा रही,दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर भी दे रही

नई दिल्ली एनर्जी ड्रिंक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. आज कल हर किसी के हाथ में एनर्जी ड्रिंक देखने को मिल जाती है. ये दिखने में भले ही मजेदार और इंस्टेंट एनर्जी देने वाली लगें, लेकिन ये बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. हाल के एक रिसर्च में पाया गया है कि ये ड्रिंक्स बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. साथ ही, ये दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की दिक्कत जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और बहुत ज्यादा चीनी होती है, जो छोटे बच्चों के शरीर के लिए ठीक नहीं होती. इसलिए डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बच्चों को एनर्जी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए. आज हम आपको बताएंगे कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से आपके बच्चे की हेल्थ पर क्या बुरा असर पड़ता है. डिहाइड्रेशन एनर्जी ड्रिंक्स किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इसका एक मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है. इन ड्रिंक्स में अक्सर बहुत ज्यादा कैफीन होता है, जिससे शरीर में ज्यादा पेशाब बनता है. इससे बच्चों को बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है और उनके शरीर से जरूरी फ्लूइड्स निकल जाते हैं. किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ता है एनर्जी ड्रिंक्स रिडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, सोडियम और फॉस्फोरिक एसिड के साथ-साथ चीनी फ्रुक्टोज का लेवल ज्यादा होता है. ये शरीर में ऐसे एलिमेंट्स बनने में मदद करते हैं, जो  किडनी स्टोन बना सकते हैं.   किडनी पर डालती हैं बुरा असर एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ज्यादा चीनी भी एक बड़ी चिंता है. ज्यादा चीनी खाने से मोटापा और डायबिटीज हो सकती है, जो किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं. बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मीठे एनर्जी ड्रिंक्स पीना आगे चलकर किडनी के खराब होने जैसी गंभीर दिक्कतें ला सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ऐसे कई एलिमेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को बढ़ा सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज होने का एक मुख्य कारण होता है.   एक्यूट किडनी इंजुरी बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीना, खासकर जब आप ज्यादा एक्सरसाइज करते हों तो वो बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इन ड्रिंक्स में टॉरिन होता है, जो किडनी पर बुरा असर करता है. बच्चों के किडनी अभी पूरी तरह डेवलप नहीं बने होती, इसलिए यह ज्यादा खतरा होता है. ऊर्जा पेय क्या हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ हैं, जिनमें कैफीन के अलावा अतिरिक्त चीनी और कानूनी उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। भले ही वे अल्पावधि में दिन भर आपकी सहनशक्ति को बढ़ा सकते हैं, लेकिन कैफीन शरीर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक भारी प्रभाव डाल सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार , एनर्जी ड्रिंक बच्चों और किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके विकासशील अंगों- मस्तिष्क, हृदय या गुर्दे- के कारण ये पेय पदार्थ आवेग नियंत्रण को कम करते हैं, और छोटे शरीर के आकार कैफीन के सेवन के प्रभावों और जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।  सोने में कठिनाई के अलावा,अधिकांश युवाओं में क्रोनिक किडनी संबंधी समस्याएं विकसित होती हैंडॉ. जैन ने कहा, "एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है (प्रति सर्विंग 150-300 मिलीग्राम), जो एक सामान्य कप कॉफी से कहीं अधिक है। कैफीन एक मूत्रवर्धक है, जिससे शरीर में अधिक मूत्र बनता है और व्यक्ति निर्जलित हो सकता है, जिससे हृदय और गुर्दे पर अधिक दबाव पड़ता है।" ऊर्जा पेय आपके बच्चे के गुर्दे को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?     निर्जलीकरण का कारण बनता है     गुर्दे की पथरी का खतरा     गुर्दे की कार्यप्रणाली पर प्रभाव     तीव्र किडनी चोट का जोखिम बढ़ जाता है ऊर्जा पेय पीने के दीर्घकालिक प्रभाव डॉ. जैन ने बताया कि यदि आपका बच्चा लम्बे समय तक एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करता है, तो उसे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:     बहुत अधिक चीनी से मोटापा और मधुमेह होता है; दोनों ही मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारक हैं।दीर्घकालिक वृक्क रोग(सीकेडी)     कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों में गुर्दे की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न करने तथा अपशिष्ट और तरल पदार्थों के प्रसंस्करण के तरीके को बदलने की क्षमता होती है     कोला और एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड गुर्दे की पथरी, कमजोर हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के कैल्सीफिकेशन में योगदान देता है, जिसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा और स्ट्रोक हो सकता है     मधुमेह के साथ-साथ बढ़ता रक्तचाप क्रोनिक किडनी रोग का प्रमुख कारण है     एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और उत्तेजक पदार्थ रक्तचाप और हृदय गति के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे किडनी के कार्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है एक स्वस्थ, प्राकृतिक विकल्प जिसे बच्चों को पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए डॉ. जैन के अनुसार, माता-पिता के रूप में, आप अपने बच्चे को अपने शरीर को हाइड्रेट करने और अपनी प्यास बुझाने के लिए बहुत सारा पानी पीने की आदत डाल सकते हैं। आप अन्य पेय पदार्थों की जगह पानी चुनकर और उनके भोजन के साथ पानी परोसकर इस व्यवहार को अपना सकते हैं। हालाँकि, कुछ अन्य स्वस्थ विकल्प इस प्रकार हैं:     बिना मीठा किया हुआ नारियल पानी     100 प्रतिशत पतला फलों का रस     कम वसा वाला दूध या दूध के विकल्प     हर्बल चाय     हरी चाय     ताजे फलों का उपयोग करके घर पर बनाई गई स्मूदी     recent visitors 189

27 मई 2025 मंगलवार, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज का दिन कुछ लोगों के लिए खर्च लेकर आ सकता है। दूसरों की खुशी के लिए अधिक समय और पैसा खर्च कर सकते हैं। आप अपनी भावनात्मक और मानसिक समस्याओं का सोल्यूशन निकाल लेंगे, जिन पर आपने लंबे समय से ध्यान नहीं दिया है। वृषभ: आज के दिन आप अपने जीवन में महत्वपूर्ण प्रगति देख सकते हैं। आपको कुछ समय के लिए अकेले रहने और बाहरी दुनिया से दूर रहने की जरूरत महसूस होगी। कार्यस्थल पर आपका अपने बॉस और सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकता है, जिसके कारण स्ट्रगल करना होगा। मिथुन: आज आपके कुछ दुश्मनों की स्ट्रैटिजी आपको नुकसान पहुंचा सकती है। उत्साह में आकर खरीदारी करने से बचें। बजट बनाने की कोशिश करें। मैरिड लाइफ में कुछ परेशानियां आ सकती हैं, छोटी-छोटी बातों पर भी आपके बीच बहस हो सकती है। कर्क: आज आपके करियर में सुधार होगा। आपकी स्किल्स और मेहनत को पहचान मिल सकती है। आपका सकारात्मक और नरम व्यवहार आपको करियर में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। ऑफिस में आपके ग्राहकों की संख्या में वृद्धि होगी। सिंह: आज आप अपने काम से सिनीयर्स की तारीफ पाने में सफल रहेंगे। इससे आप अपने क्षेत्र में और अधिक शक्तिशाली बनेंगे। आपको अपने दुश्मनों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। आपकी एनर्जी पॉजिटिव रहने वाली है। कन्या: आज आप अपनी इच्छाओं और लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर रखें। आज सकारात्मक बातचीत से सब कुछ सॉल्व हो सकता है। व्यापारियों को नए पार्टनर्स मिल सकते हैं। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। तुला: आज का आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। स्ट्रेस से दूर रहने के लिए वो काम करें जो आपको खुशी देता है। लव के मामले में दिन अच्छा रहेगा। निजी जीवन में आप किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति सिरियस हो सकते हैं, जिसे आप केवल अपना दोस्त समझते थे। वृश्चिक: आज मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा। आप कार्यस्थल पर अच्छे माहौल का अनुभव करेंगे और अपने रिश्तों में नई चीजें सीखेंगे। पार्टनर के साथ आपकी अच्छी बान्डिंग होगी। तनाव ज्यादा न लें। धनु: आज काम की लापरवाही सिनीयर्स की नाराजगी का कारण बन सकती है। आज के दिन आपको डाइट में हेल्दी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। आज के दिन पैसों का हिसाब-किताब करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। मकर: आज के दिन कोई गलतफहमी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अपनी मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। मैरिड कपल्स को एक दूसरे के काम में हाथ भी बटाना चाहिए। जीवन के सुख-समृद्धि बनी रहेगी। कुंभ: पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। पैसों से जुड़े मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं। किचन में काम करते समय आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आपका पूरा ध्यान अपने घर-परिवार पर रहेगा। मीन: आज आप अपने पार्टनर के साथ अपने करियर के बारे में चर्चा कर सकेंगे। निजी जीवन की बात करें तो वैवाहिक जीवन में आपको कुछ जादुई पल देखने को मिलेंगे। आपको सेहत संबंधी कुछ समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सावधानी बनाए रखें। recent visitors 106