‘जिन लोगों को वन्दे मातरम कहने में परेशानी है, उन्हें देश छोड़कर चले जाना चहिए’- धीरेंद्र शास्त्री

छतरपुर छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उसी स्कूल में मुख्य अतिथि बनकर पहुंचे, जहां उन्होंने कक्षा 9 से 12वीं तक की पढ़ाई की थी। इस दौरान उन्होंने ना केवल झंडा फहराया, बल्कि अपने पुराने दिनों को भी याद किया। साथ ही यहां उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि हर व्यक्ति के लिए देश और राष्ट्र सबसे पहले होना चाहिए और जो लोग वंदे मातरम् नहीं बोल सकते उन्हे देश छोड़ देना चाहिए। चीफ गेस्ट बनकर पहुंचे तो खिल उठा चेहरा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बचपन में गंज गांव के एक सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। इस स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें उसी स्कूल में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। यहां पहुंचने पर स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यहां झंडावंदन के बाद बच्चों को संबोधित करते हुए शास्त्री ने कहा कि ‘आप जिस स्कूल में पढ़े हों, वहीं आपको मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाए, तो यह बात किसी सपने के पूरे होने जैसी है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे गर्व है कि मैं जिस स्कूल में पढ़ता था मुझे वहीं पर बतौर अतिथि बुलाया गया।’ शास्त्री ने कहा आपकी सोच अच्छी और सच्ची होनी चाहिए, आपको राष्ट्र के लिए सोचना चाहिए यही महत्वपूर्ण है। शास्त्री बोले- छोटी जगह से पढ़कर भी बड़ा कर सकते हो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि ‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आप कितनी छोटी जगह और किस स्कूल में पढ़ते हैं, बल्कि महत्वपूर्ण बात यह है कि आप विचार कैसा रखते हो, और करते क्या हो। भले ही आप छोटी जगह पर पढ़ो लेकिन आप देश के लिए बड़ा कर सकते हो।’ स्कूल पहुंचकर शास्त्री ने उन दिनों को भी याद किया जब वह गढ़ा गांव से पैदल चलकर गंज के स्कूल में पढ़ने के लिए आया करते थे। उन्होंने कहा, हम भी आप ही की तरह बूंदी के लड्डू के लिए लाइन में लगा करते थे। उन्होंने कहा कि सालों बाद स्कूल में आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं। उन्होंने बताया कि यहां एक खान सर हैं जो आज भी स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं, उन्होंने बचपन में हमारा खूब ख्याल रखा और बहुत मन से पढ़ाया। नहीं बोल सकते वंदे मातरम् तो देश छोड़कर चले जाएं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश और राष्ट्र सबसे पहले है। भारत बहुत प्यारा है, यहां होंठों पर गंगा और हाथों में तिरंगा है। जो देश के लिए नहीं जीता वो किसी के लिए नहीं जी सकता, राष्ट्र के लिए जीना बहुत जरूरी है। हर घर तिरंगा अभियान बहुत अच्छा है, राष्ट्र के प्रति प्यार होना बहुत अच्छा है। कई लोगों को तो वंदे मातरम बोलने से भी समस्या है, उन लोगों से कहेंगे कि उन्हें देश छोड़कर चले जाना चाहिए।' recent visitors 70

शादी के पांच माह बाद फौजी पति की शहादत, फिर पत्नी रेखा सिंह ने देश सेवा का बीड़ा उठाया

उमरिया पति की शहादत के बाद बहुत से परिवारों को टूटते हुए देखा है, लेकिन लेफ्टिनेंट रेखा सिंह जैसा जज्बा बिरला ही देखने को मिलता है। शादी के पांच माह बाद ही फौजी पति की शहादत हो गई। इसके बाद रेखा सिंह ने देश सेवा का बीड़ा उठाया। प्रेरक है रेखा की कहानी उमरिया जिले की धमोखर निवासी रेखा सिंह की कहानी प्रेरक है। रेखा सिंह का जन्म उमरिया जिले के बांधवगढ़ के धमोखर ग्राम में हुआ। पिता शिवराज सिंह पेशे से शिक्षक थे। उनकी 6 बेटियां हैं, माता ऊषा सिंह और पिता ने मिलकर बेटियों को शिक्षा, संस्कार तथा अनुशासन का पाठ पढ़ाया। इसमें सरस्वती स्कूल मानपुर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है । देश के लिए कुछ करने का जज्बा इन्हीं बेटियों में से चौथी बेटी रेखा सिंह है। प्रारंभिक शिक्षा मानपुर सरस्वती स्कूल से प्राप्त करने के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए वे भोपाल चली गईं। बरकतुल्ला विश्वविद्यालय से भौतिक शास्त्र में एमएससी, बीएड करने के बाद नवोदय विद्यालय में अतिथि शिक्षक बन गईं। सेना में नर्सिंग स्‍टाफ में थे पति     पिता ने 30 नवंबर 2019 को रेखा की शादी बड़े धूमधाम से रीवा जिले के फरेदा ग्राम निवासी दीपक सिंह से कर दी। वे सेना में नर्सिंग स्टाफ में थे।     दीपक सिंह के मन में देश के लिए कुछ करने का जज्बा सवार था। उनके बड़े भाई भी सेना में जवान थे ।     शादी के 5 महीने बाद ही दीपक सिंह 15 जून 2020 को गलवान घाटी में शहीद हो गये। नायक दीपक सिंह को वीर चक्र से सम्‍मा‍नित किया गया है।     इस बीच रेखा का चयन माध्यमिक शिक्षक पद पर हो गया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी थी।     आरंभ से देशभक्ति का जज्‍बा     बेटी रेखा ने एनसीसी का बी एवं सी सर्टिफिकेट प्राप्त किया था, तभी से उसके मन में देश भक्ति का जज्बा भर गया था। बेटी अत्यंत प्रतिभाशाली है। जब भी परीक्षा दी सफलता ही हाथ लगी।- शिवराज बहादुर सिंह, रेखा सिंह के पिता जीवन में आया बदलाव पति के शहीद होने के बाद उनका जीवन ही बदल गया। उन्‍होंने प्रशासनिक अधिकारी की लालसा छोड़ दिया। बहन से सारी किताबों को पैक करा दिया। बहन ने जब यह बात पिता जी को बताई तो उन्होंने कहा कि वह होनहार बेटी है, वह अपना निर्णय खुद लेगी। जहां पति हुआ बलिदान वहां ली पहली पोस्टिंग     रेखा ने एसएसबी की तैयारी शुरू कर दी। उनकी मेहनत रंग लाई। दूसरे ही प्रयास में उनका चयन हो गया।     रेखा प्रशिक्षण लेने चेन्नई पहुंची। एक साल बाद 29 अप्रैल 2023 को उन्‍हें सेना से कमीशन प्राप्त हो गया।     सेना में कमीशन मिलने के बाद वे लेफ्टिनेंट रेखा सिंह के नाम से जानी जाने लगीं।     लेफ्टिनेंट रेखा सिंह ने जिद करके पहली पोस्टिंग वही कराई जहां पति ने शहादत दी थी।     लेफ्टिनेंट रेखा सिंह वर्तमान में लेह घाटी में अपनी सेवाएं दे रहीं हैं।     बेटी पर मां को गर्व     रेखा सभी 6 बेटियों में सबसे समझदार तथा प्रतिभाशाली एवं शांत स्वभाव की है। सभी बहनों को मिलाकर रखना, पढ़ाई के साथ मां के काम में हाथ बंटाना उसकी आदत थी। सेना में उच्च पद पर चयन होने के बाद जब अवकाश में आतीं है तो घर की सफाई से लेकर भोजन बनाने आदि का कार्य स्वयं करती है। सभी 6 बहने वंदना, पूजा, संध्या, रेखा, प्रतीक्षा, मोनिका उच्च शिक्षा के बाद शासकीय सेवा में हैं। – ऊषा सिंह, रेखा की मां   recent visitors 222

राजस्थान-टोंक के डिग्गी लक्खी मेले में दंडवत करते आए श्रद्धालु, बारिश में कम नहीं हुआ जोश

टोंक/अजमेर. ऐतिहासिक डिग्गी कल्याण जी भगवान (श्री जी) के लक्खी मेले का गुरुवार देर शाम शाही ध्वज निशान चढ़ाने के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी समेत अन्य प्रमुख श्रद्धालुओं ने धोक लगाई। इस पाँच दिवसीय मेले में लगभग दस लाख श्रद्धालुओं ने डिग्गी कल्याण जी महाराज के दर्शन किए। डिग्गी कस्बे में स्थित प्राचीन डिग्गी कल्याण जी महाराज के मंदिर में हर साल 11 से 15 अगस्त तक यह लक्खी मेला आयोजित होता है। इसमें प्रदेश सहित देशभर से श्रद्धालु पैदल, दण्डवत करते हुए श्री कल्याण जी के दर्शन के लिए आते हैं। सबसे बड़ी पदयात्रा जयपुर से आती है, जिसे शाही ध्वज निशान चढ़ाने के साथ मेले का आधिकारिक समापन किया जाता है। इस बार 59वीं लक्खी पदयात्रा गुरुवार शाम डिग्गी पहुँची। मंदिर से लगभग एक किलोमीटर पहले जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने केसरिया ध्वज को अपने हाथों में लेकर जुलूस का नेतृत्व किया। पदयात्रा के डिग्गी मंदिर पहुँचने के बाद गंगोत्री से लाए गए जल से श्री कल्याण जी महाराज का अभिषेक किया गया। इसके बाद शाही ध्वज निशान चढ़ाया गया और आरती की गई। जलदाय मंत्री ने कल्याण जी के दर्शन कर प्रदेश में खुशहाली की कामना की। पदयात्रा संघ के अध्यक्ष और संचालक श्रीजी शर्मा ने बताया कि पदयात्रा में लाखों श्रद्धालु पैदल और दंडवत करते हुए आते हैं और श्री कल्याण जी महाराज के दर्शन कर अपने जीवन में मंगल और खुशहाली की कामना करते हैं। इस दौरान पदयात्रा संचालक श्रीजी शर्मा, डिग्गी नायब तहसीलदार सूरज सिंह बैरवा, सरपंच प्रतिनिधि हकीम भाई, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश चौधरी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।  इस मौके पर साध्वी वैभव श्रीजी, पूजा छाबड़ा, मनोज टाक, एएसपी रामकुमार कस्वा, डीएसपी महेंद्र कुमार मीणा और डिग्गी थाना प्रभारी कप्तान सिंह भी मौजूद रहे। recent visitors 178

मौसम विभाग ने दी चेतावनी, छत्तीसगढ़-सरगुजा और बिलासपुर संभाग में होगी भारी बारिश

सरगुजा और बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून एक्टिव होने की संभावना है। इससे अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जगहों पर गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। आज शुक्रवार से दिनों तक सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं गुरुवार को मानसून सामान्य रहा। प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल में एक  निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी तीन दिनों तक अधिकांश जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वही सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, चक्रवती परिसंचरण की वजह से निम्न दाब क्षेत्र बन रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की स्थिति बनी हुई है। राजधानी रायपुर में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। रायपुर में शाम के समय गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के एक-दो जिलों में सुबह से बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि प्रदेश में आज शुक्रवार को अनेक जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं एक दो जगह पर गरज चमक के साथ वज्रपात और भारी बारिश की संभावना है। यहां बन रहा सिस्टम समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका गंगानगर, रोहतक, दिल्ली, कानपुर, पुरुलिया और दीघा से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य भाग तक स्थित है। दूसरी ओर एक चक्रवर्ती परिसंचरण दक्षिण बांग्लादेश और उसे सेट गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर ऊपर तक स्थित है। वह ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है इसके प्रभाव से अगली 24 घंटे के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। सामान्य रहा मानसून गुरुवार को प्रदेश में मानसून सामान्य रहा। प्रदेश के अनेक जगहों पर हल्की मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वहीं तीन जगह पर भारी बारिश हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश शक्ति जिला के डबरा में हुई है, यहां 9 सेमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान बलरामपुर में 33.5 और सबसे कम न्यूनतम तापमान नारायणपुर में 19.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। recent visitors 95

मध्य प्रदेश के हजारों रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल, जूडा का प्रदर्शन, अस्पतालों में मरीज बेहाल, परिजन परेशान

भोपाल  मध्य प्रदेश में 16 अगस्त यानि शुक्रवार से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरुवार रात 12 बजे से प्रदेश के 3 हजार डॉक्टर्स हड़ताल पर जाने वाले हैं। ये बंगाल में हुई दरिंदगी और हिंसा के खिलाफ डॉक्टर्स की क्रांति है। जूडा के प्रवक्ता कुलदीप गुप्ता ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि कोलकाता में 8 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसके विरोध में देशभर में डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है। हमने हमीदिया अस्पताल में काली पट्टी बांधकर काम किया। वहीं एम्स में भी डॉक्टर्स विरोध जता चुके हैं। अब शुक्रवार से हम हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं। इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉक्टर कविता एन सिंह ने बताया कि सभी डॉक्टर्स की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। जूनियर डॉक्टर से भी बातचीत जारी है। डीन ने मेडिकल शिक्षकों को विभागों में तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और वार्डों में भी हालात सामान्य रखने के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर मेडिकल इंटर्न को भी तैनात किया जा सकता है। डीन ने सभी डिपार्टमेंट के प्रोफेसरों से आदेश पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट साझा करने को कहा है। भोपाल के जीएमसी में छुटि्टयां रद्द भोपाल में हड़ताल से निपटने गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) की डीन डॉ. कविता एन सिंह ने सभी डॉक्टर्स की छुटि्टयां निरस्त कर दी हैं। 24 घंटे ड्यूटी पर रहने के आदेश भी जारी किए हैं। साथ ही मेडिकल टीचर्स को इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड में तैनात करने के निर्देश सभी डिपार्टमेंट के प्रमुखों को दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मेडिकल इंटर्न को भी तैनात करने के लिए कहा गया है। सभी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर्स से इस पर अमल की रिपोर्ट भी मांगी है। प्रदेशव्यापी होगी हड़ताल सिर्फ गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हमीदिया अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों ओपीडी में आते हैं। ऐसे में यहां के 250 से ज्यादा जूनियर डॉक्टरों काम बंद करने से भारी समस्या हो पैदा हो सकती है। यह हड़ताल प्रदेशव्यापी होने वाली है। जिससे हजारों की संख्या में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सेंट्रल डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट की मांग जूडा प्रवक्ता कुलदीप गुप्ता कहा कि कोलकाता की घटना से साबित हो चुका है कि डॉक्टर्स सुरक्षित नहीं हैं। हम सेंट्रल डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमनें डीन को हड़ताल संबंधी पत्र भी दिया है। हमीदिया अस्पताल के 250 से अधिक जूनियर डॉक्टर्स गुरुवार रात से हड़ताल पर हैं। हम सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं देंगे। रुटीन और ओपीडी में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल रहेगी।. इसलिए तेज हुआ विरोध प्रदर्शन दरअसल, कोलकाता में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में 12 अगस्त से ही एमपी में जूनियर डॉक्टर सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं एम्स भोपाल में जूनियर डाक्टरों ने काम बंद कर दिया था, लेकिन गुरुवार सुबह डायरेक्टर अजय सिंह के समझाइश के बाद काम पर लौटने का आश्वासन दिया था. लेकिन कोलकाता के आरजी कर कॉलेज में फिर से हुई हिंसा के बाद डॉक्टर आक्रेाशित हो गए. उन्होंने गुरुवार रात 12 बजे से काम बंद हड़ताल करने का समर्थन किया. इसका असर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और अन्य स्थानों पर मौजूद मेडिकल कॉलेजों में होगा. एम्स व हमीदिया में डाक्टरों की छुट्टी निरस्त जूनियर और रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में डाक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है. जिससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज मिल सके. वहीं, गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह ने डाक्टरों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहने का आदेश जारी किया है. साथ ही मेडिकल फैकल्टी को इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और लैब में अपनी सेवाएं देने को कहा है. यही हाल भोपाल एम्स का भी है. बता दें कि जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के कारण छोटे ऑपरेशन टालने पड़ रहे हैं. इसलिए तेज हुआ विरोध डॉ. गुप्ता ने कहा कि कल रात बंगाल में प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों के साथ हुई हिंसा से हम व्यथित हैं। अब हमारा आंदोलन और तीव्र हो गया है। उक्त घटना के साथ पूर्ण संवेदना जाहिर करते हुए जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन सेवाएं बंद करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश शासन/प्रशासन द्वारा समय रहते उचित निर्णय न लेने पर या आंदोलन और उग्र हो सकता है। गांधी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने किया काम बंद गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रवक्ता कुलदीप गुता ने बताया कि "कोलकाता में जूनियर डॉक्टर की हत्या और दुष्कर्म के मामले में पूरे देश के डॉक्टर आक्रोशित हैं. गुरुवार को फिर उसी कॉलेज में भीड़ द्वारा किए गए हमले ने इस विरोध को और उग्र कर दिया है. गांधी मेडिकल कॉलेज में करीब 250 जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया है, जो ओपीडी, इलेक्टिव ओटी, वार्ड ड्यूटी और लैब में काम कर रहे थे." पीड़ित को न्याय और डाक्टरों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट की मांग वहीं, इस मामले नेशनल फेडरेशन ऑफ आल इंडिया एसोसिएशन ऑफ एम्स और रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन एम्स भोपाल के प्रेसीडेंट डॉ. दिव्य भूषण ने बताया कि "देशभर में मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. केंद्र व राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए. साथ ही सरकार सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट डाक्टर्स एंड हेल्थ वर्कर के लिए लागू करें." जब तक हमें मंत्रालय से ठोस आश्वासन या लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक हम शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे. recent visitors 73

इंदौर में टीचर मोबाइल फोन ढूंढने छात्राओं के अंडरगारमेंट उतरवाए, HC के दखल से मैडम पर FIR

इंदौर  इंदौर में छात्राओं के कपड़े उतारकर फोन की तलाश करने वाली शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मल्हारगंज के सरकारी स्कूल में अंडरवियर और पैड तक हटाकर लड़कियों की जांच की गई थी। हाई कोर्ट ने प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। जिला प्रसाशन की जांच टीम ने बुधवार को स्कूल में टीचिंग स्टाफ के बयान लिए। इसके बाद टीचर जया पवार पर जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट की धारा 76, 79 और 75 के तहत केस दर्ज किया गया। बच्चियों के परिवारों ने एक तरफ जहां मीडिया का आभार जताया है तो दूसरी तरफ आरोपी टीचर को निलंबित करने की मांग की है। पिछले दिनों 10वीं क्लास में फोन की घंटी सुनवाई देने पर बाथरूम में कई लड़कियों के कपड़े उतरवा दिए गए थे। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि टीचर ने अंडरवियर तक उतरवा दिए। एक बच्ची ने पुलिस के सामने कहा, 'मैडम कुछ सुनने को तैयार नहीं थीं। मैंने मैडम से यह भी कहा कि आप फोन करके घर से मेरी मम्मी को बुला लो। मैंने रोते हुए कई बार यह बात कही कि मैडम मैं कपड़े नहीं उतार सकती, लेकिन उन्होंने मुझे धमकी दी कि यदि अपनी सलवार नहीं उतारेगी तो मैं खींचकर उतार दूंगी। इतना कहते-कहते मैडम ने मेरी सलवार खींच दी। इसके बाद जया मैडम ने मेरा अंडर गारमेंट भी उतरवा दिया। मैंने कहा कि मैडम मुझे पीरियड्स हैं तो मैडम ने मेरा पैड भी हटवाकर देखा।' बच्चियों ने जब अपने परिवार के लोगों को घटना के बारे में बताया तो स्कूल में काफी हंगामा हुआ। 'नींद में भी याद आता है वही दृश्य' घटना को लेकर छात्राएं अभी भी काफी भयभीत हैं। उन्होंने बताया कि सोती हैं तो भी उस दिन वाली घटना ही दिखाई देती है। इससे डरकर वे रात में उठकर बैठ जाती हैं। छात्राओं को अब यह डर सता रहा है कि यदि पवार मैडम फिर से स्कूल आ गईं तो उनके साथ क्या होगा। वहीं छात्राओं के परिजन भी डरे हुए हैं कि स्कूल में कोई अनहोनी न हो जाए। मीडिया से बात करते हुए छात्राओं ने यह भी बताया कि पूरी घटना के बाद जब स्कूल के सीसीटीवी चेक किए तो स्कूल के मैदान में सभी छात्राएं एक साथ रोती हुई दिख रही हैं, लेकिन यह बात किसी को बताई नहीं जा रही। पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज अभी तक जब्त किए गए या नहीं इस पर भी प्रश्नचिह्न लगा है। दो सप्ताह बाद हुआ प्रकरण दर्ज घटना सामने आने पर पुलिस ने दो छात्राओं के बयान के बाद अन्य परिजन के बयान नहीं लिए थे। मैडम जया पवार ने जिन छात्राओं का सैनेट्री पैड हटाकर चेकिंग की थी, उनके परिजन के बयान पुलिस ने 9 अगस्त को दर्ज किए। वहीं शनिवार को अन्य परिजन के बयान भी लिए। सभी बयानों के बाद अब पुलिस अपनी रिपोर्ट जल्द प्रशासन को भेज सकती है। टीचर्स ने दी थी इस्तीफे की धमकी 3 अगस्त को जब इस घटना को लेकर हिंदूवादी संगठनों द्वारा स्कूल में प्रदर्शन किया गया, तो स्कूल स्टाफ ने पुलिस के सामने यह बात कही कि यदि मैडम जया पवार पर किसी तरह की कार्रवाई की गई, तो स्कूल का पूरा टीचिंग स्टाफ सामूहिक इस्तीफा दे देगा। यह जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। recent visitors 114

कटनी में स्वतंत्रता दिवस की परेड में शामिल प्रधान आरक्षक के सीने में उठा दर्द, हार्ट अटैक से मौत

कटनी  कटनी में परेड के बाद पुलिस लाइन में पदस्थ एसएसएफ मनोज कुमार यादव को कुछ दर्द उठा तो मनोज सीधे अपने बैरक में आ गए। कुछ समय बाद मनोज को उलझन अनुभव होने लगी। मनोज कुछ समझ पाते उनके साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी और उसके बाद लाइन में मौजूद एंंबुलेंस 108 की मदद से उनको तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान प्रधान आरक्षक की मौत हो गई। बैरक में पहुंचने पर दिल का दौरा पड़ा था चिकित्‍सकों ने बताया कि एसएएफ के प्रधान आरक्षक को स्वतंत्रता दिवस की परेड के बाद बैरक में पहुंचने पर दिल का दौरा पड़ा था। उनको एंंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेज गया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मनोज कुमार यादव को पुलिस लाइन में एसएसएफ में पदस्थ थे। साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी गुरुवार की सुबह वह मुख्य समारोह में परेड में शामिल थे। परेड के बाद वे पुलिस लाइन स्थित बैरक में पहुंचे, जहां पर उनको सीने में दर्द हुआ। उनके साथियों ने अधिकारियों को जानकारी दी और उसके बाद लाइन में मौजूद एम्बुलेंस108 की मदद से उनको तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान प्रधान आरक्षक की मौत हो गई। आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव स्वजनों को सौंपा पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव स्वजनों को सौंपा। वहीं प्रधान आरक्षक का शव पुलिस लाइन लाया गया। जहां पर पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन सहित पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद उनका शव उनके गृह नगर बिहार भेजा गया। recent visitors 100