सर्राफा बाजार में कमजोरी से सस्ता हुआ सोना, चांदी की भी घटी चमक

नई दिल्ली घरेलू सर्राफा बाजार में आज मामूली गिरावट नजर आ रही है। इस गिरावट के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 70,450 रुपये से लेकर 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 64,590 रुपये से लेकर 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी के भाव में भी आज मामूली कमजोरी आई है, जिसकी वजह से दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी आज 83,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 70,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 64,590 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इसी तरह मुंबई में 24 कैरेट सोना 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जबकि चेन्नई में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना आज 70,350 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 64,490 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 70,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 64,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 70,350 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 64,490 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 70,450 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने सस्ता हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।     recent visitors 94

हर घर तिरंगा का आयोजन किया गया

मोहगांव  मंडला जिला के ग्राम मोहगांव में अमृत महोत्सव के उपलक्ष में हर घर तिरंगा का आयोजन किया गया जिसमे स्कूली बच्चों के द्वारा भी तिरंगा यात्रा निकाला गया । ग्राम मोहगांव के सैकड़ों लोग इस कार्यक्रम में सामिल हो कर सरकार के इस अमृत महोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया इस दौरान कार्यक्रम में भा जा पा के मंडल अध्यक्ष श्री रूपेंद्र खदगारे जी,आजीविका मिशन मोहगांव से मुकेश नंदा जी,राज कुमार यादव जी , रवितेज झरिया,रामू साहू ,दीपक कच्छवाहा जी, एवम अन्य ग्रामीण जन जनप्रतिनिधि गण सामिल हुए। इसी दौरान लगभग हजारों की संख्या में कावड़ यात्रियों ने भी मां नर्मदा जी का जल भर कर यात्रा की जिसमे मोहगांव,रामपुरी के कावड़ियों ने कावड़ यात्रा निकाली। recent visitors 80

बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों से सतर्क रहने की जरूरत, राजस्थान-अजमेर में विभाजन विभीषिका पर संगोष्ठी

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, उससे सतर्क रहने की जरूरत है। सिंधी समाज एक पुरूषार्थी कौम है जो विभाजन विभीषिका में सब कुछ खोकर फिर से उठ खड़ा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को सूचना केन्द्र में विभाजन विभीषिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली तथा सिंधु साहित्य एवं कल्चरल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान मेें यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। देवनानी ने कहा कि देश के विभाजन के समय सिन्धी समाज ने बहुत बड़ा नुकसान सहा। पाकिस्तान के सिंध में सिंधियों ने अपना सब कुछ खो दिया। सिंधी खाली हाथ भारत आए लेकिन उन्होंने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। वे पुरूषार्थी बने और काम किया। उन्होंने अपने अथक प्रयासों से समाज और देश की तरक्की में सहयोग किया। देवनानी ने कहा कि सिंधी समाज ने कभी परिस्थितियों से हार नहीं मानी। विपरीत हालातों में भी सिंधी दृढ़ प्रतिज्ञ होकर पुरूषार्थी बने रहे। आज देश में सिंधी जहां भी है वे एक सच्चे राष्ट्रभक्त के रूप में भारत की तरक्की में हाथ बंटा रहे हैं। उन्होंने सिंधी समाज के युवाओं से आग्रह किया कि अपने विपुल और समृद्ध इतिहास को सदैव याद रखें और अगली पीढ़ी को बताएं तभी हमारा इतिहास जिंदा रहेगा। बांग्लादेश के हालात बेहद चिंताजनक उन्होंने कहा कि आज पड़ोसी राष्ट्र बांग्लादेश में जिस तरह के हालात है, वे बेहद चिंताजनक है। वहां भी विभाजनकारी शक्तियां सिर उठा रही है। हमें इससे सतर्क रहने की जरूरत है। बंगाल एवं अन्य राज्यों में धुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं। इसका असर दूसरे राज्यों पर पड़ सकता है। हमने अजमेर में भी पुलिस को निर्देश दिए है कि रोहिंग्या व अन्य घुसपैठियों पर नजर रखें और उन्हें बाहर भेंजे। विभाजन के समय सिंधी समाज ने झेली तकलीफें सिंधी समाज के युवा व समाज संगठित एवं संस्कारवान बनें। सिंधु साहित्य एवं कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष सुन्दर मटाई ने कहा कि सिंधी समाज पुरूषार्थी समाज है। विभाजन में समाज ने बहुत तकलीफें झेली हैं। इसके बावजूद सिंधी समाज ने देश में अपनी पहचान बनाई है। युवा पीढ़ी को आगे आकर समाज निर्माण को अपने हाथों में लेना होगा। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. हासो दादलानी एवं डॉ. परमेश्वरी पमनाणी ने अपना उद्बोधन किया। संस्था सचिव श्री लक्ष्मण चैनानी, सदस्य मन्जू चैनानी, ऋतु मोतिरमानी, पूनम लालवानी, श्वेता शर्मा, दयाल प्रियानी, महेश लौगानी, किशन बदलानी आदि ने विरह के गीतों एवं नृत्य से समां बांध दिया। सर्वानन्द माध्यमिक विद्यालय, हरी सुन्दर बालिका विद्यालय, संत कंवरराम विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने गीत एवं नृत्य प्रस्तुत करके श्रोताओंं में जोश जगा दिया। संस्था सचिव लक्ष्मण चैनानी ने धन्यवाद प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक सचिव श्वेता शर्मा एवं संगठन सचिव दयाल प्रियानी ने मंच संचालन किया। recent visitors 89

कंगना ने राहुल पर हमला किया, अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘राहुल गांधी सबसे खतरनाक आदमी

मंडी हिमाचल प्रदेश की मंडी से सांसद कंगना रनौत ने अडानी समूह और सेबी चीफ पर लगाए हिंडनबर्ग के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला किया है। कंगना रनौत ने लोकसभा में नेता विपक्ष को सबसे खतरनाक, कड़वा, जहरीला और विनाशक व्यक्ति कह डाला। कुछ महीने पहले ही बॉलिवुड से राजनीति में आईं कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं। कंगना की यह टिप्पणी राहुल गांधी की ओर से सरकार पर किए गए ताजे हमले के जवाब में आई है। कंगना रनौत ने सोमवार सुबह एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी सबसे खतरनाक आदमी हैं, वह कड़वे हैं, जहरीले और विनाशक हैं। उनका अजेंडा है कि यदि वह प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं तो वह इस देश को तबाह कर सकते हैं। हमारे शेयर बाजार को टारगेट करने वाली हिंडनबर्ग की रिपोर्ट बेकार साबित हुई, जिसका राहुल गांधी ने कल रात समर्थन किया।' भाजपा सांसद ने आगे कहा, 'वह (राहुल) देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं। मिस्टर गांधी जिंदगीभर विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रहिए और जिस तरह से आप पीड़ित हैं उसी तरह इस देश के लोगों के गौरव, विकास और राष्ट्रवाद से दुखी रहें। वे आपको कभी नेता नहीं बनाएंगे। आप कलंक हैं।' कंगना ने पोस्ट के साथ हिंडनबर्ग और सेबी हैशटैग का इस्तेमाल किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हिंडनबर्ग के दावों को लेकर मोदी सरकार पर जोरदार प्रहार किया। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'छोटे खुदरा निवेशकों की संपत्ति की सुरक्षा का दायित्व निभाने वाले सेबी की शुचिता, इसकी अध्यक्ष के खिलाफ लगे आरोपों से गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। देश भर के ईमानदार निवेशकों के मन में सरकार के लिए कई सवाल हैं: सेबी की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच ने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया? अगर निवेशकों की गाढ़ी कमाई डूब जाती है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सेबी अध्यक्ष या गौतम अडाणी?' गांधी ने सवाल किया कि सामने आए नए और 'बेहद गंभीर' आरोपों के मद्देनजर क्या उच्चतम न्यायालय इस मामले की फिर से स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेगा। उन्होंने कहा, 'अब यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) जांच से इतना क्यों डरते हैं और इससे क्या खुलासा हो सकता है।' कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर अपना एक वीडियो बयान भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में यह उनका कर्तव्य है कि वह लोगों के ध्यान में लाएं कि भारतीय शेयर बाजार में 'काफी जोखिम' है, क्योंकि बाजार को नियंत्रित करने वाली संस्था 'समझौता' कर चुकी है। गांधी ने वीडियो में कहा, 'कल्पना कीजिए कि आप भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच देख रहे हैं और मैच देखने वाला और खेलने वाला हर व्यक्ति जानता है कि अंपायर ने समझौता कर लिया है। क्या मैच निष्पक्ष होगा, नतीजा क्या होगा। मैच में भाग लेने वाले व्यक्ति के रूप में आपको कैसा लगेगा?' कांग्रेस नेता ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में बिल्कुल यही हो रहा है। recent visitors 100

एमपी सरकार अंगदान को प्रोत्साहित करने ऑर्गन डोनर्स को राजकीय सम्मान देगी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार अंगदान को बढ़ावा देने के लिए अनोखी पहल करने जा रही है। इस पहल के तहत अंगदान करने वाले लोगों को राजकीय सम्मान गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके साथ ही परिवार के लोगों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय त्योहारों पर सम्मानित भी किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा संचालनालय द्वारा तैयार किया गया है। इसे जल्द ही मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो यह नई व्यवस्था सितंबर से लागू हो जाएगी। इस पहल के पीछे का विचार यह है कि अंगदान करने वाले परिवारों को दुख की घड़ी में भी गर्व का अनुभव हो। एमपी को केंद्र से मिला सम्मान मध्य प्रदेश सरकार के इस कदम की सराहना की जा रही है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने अंगदान के क्षेत्र में तेजी से उभरते राज्य के रूप में मध्य प्रदेश को सम्मानित किया था। राज्य में अब तक 60 ब्रेन स्टेम डेथ रोगियों का अंगदान हो चुका है। तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य पहले ही अंगदानियों को राजकीय सम्मान देने की व्यवस्था लागू कर चुके हैं। इन राज्यों में अंगदान के प्रति जागरूकता का स्तर भी अच्छा है। देश में सबसे अधिक ब्रेन डेथ रोगियों का अंगदान इन्हीं राज्यों में होता है। पहली बार यहां हुआ ब्रेन डेथ रोगी का अंगदान मध्य प्रदेश में ब्रेन डेथ रोगियों का अंगदान सबसे पहले इंदौर में शुरू हुआ था। उसके बाद भोपाल में होने लगा। इन दोनों शहरों के कुछ बड़े अस्पतालों में लिवर, किडनी, पैंक्रियाज (अग्नाशय), फेफड़ा और कार्निया निकालने और जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित करने की सुविधा उपलब्ध है। कई बार जब हृदय प्रत्यारोपण के लिए स्थानीय स्तर पर मरीज नहीं मिलते हैं, तो देश के अन्य बड़े अस्पतालों से डॉक्टरों की टीम आकर हृदय ले जाती है। ब्रेन डेथ की स्थिति में मस्तिष्क काम करना बंद कर देता है, लेकिन शरीर के अन्य अंग कुछ समय तक काम करते रहते हैं। इसी दौरान इन अंगों को निकालकर जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इस पहल में सरकार अंगदान के प्रति जागरूकता लाकर अधिक से अधिक लोगों को नया जीवन देने के लिए प्रेरित करना चाहती है। recent visitors 77

सतना में आ गया मगरमच्छ, वृद्ध महिला को ऐसे जकड़ा जबड़ों में, नहीं बची…

मैहर.  मध्य प्रदेश के मैहर जिले से दिल दहला देने वाली खबर है. यहां मगरमच्छ ने बुजुर्ग महिला को शिकार बनाया है. यह घटना उस वक्त हुई जब महिला प्राकृतिक काम से घर से बाहर निकली थी. महिला की उम्र 75 साल बताई जा रही है. इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. गांववाले इकट्ठे होकर मगरमच्छ पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी है. दूसरी ओर, सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. उसने शव जब्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने प्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है. घटना मैहर के झिन्ना गांव में घटी. पुलिस ने बताया कि गांववालों ने घटना की जब सूचना दी तो टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की. महिला के शव को जब्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. महिला के शरीर पर चोट के काफी निशान थे. पुलिस की टीम ने पड़ोसियों के बयान लेने के बाद मामला दर्ज कर लिया. महिला की पहचान 75 साल की रामवती कोरी के रूप में हुई है. गांववालों ने सुनाई ये कहनी गांववालों ने पुलिस को बताया, ‘रामदुलारे की पत्नी रामवती प्राकृतिक काम करने घर से बाहर निकली थी. वह जहां गई, वहां एक छोटा तालाब बना हुआ है. यहां मौजूद मगरमच्छ ने उसे दबोच लिया. उसके दबाचते ही महिला की चीखें सुनाई देने लगीं. वह उन्हें जबड़े में दबाए खींच रहा था. महिला की चीखें सुन हम लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि मगरमच्छ ने उन्हें बुरी तरह घायल दिया है. हमने आवाजें करने लगे. इसके बाद हमें देखकर मगरमच्छ वापस चला गया. हमने रामवती को पास जाकर देखा तो वह मर चुकी थी. recent visitors 67

डॉ. मोहन यादव सरकार ने किया बड़ा फैसला, युवाओं को देने जा रही बड़ी सौगात, बदलेंगे तीनों निगमों का स्वरूप

भोपाल  मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। इसके तहत प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के युवाओं को बहुत सुविधाएं मिलेगी। अब उनको स्वरोजगार के लिए पूंजी की व्यवस्था कराने वाले वित्त विकास निगमों का स्वरूप बदला जाएगा। तीन अलग-अलग निगमों को एक किया जाएगा। दरअसल, सरकार का मानना है कि तीनों निगमों का काम एक ही है। तीनों बैंकों को अभ्यर्थियों के आवेदन आगे बढ़ाते करते हैं और ग्रांट देते हैं। पिछले दिनों मुख्य सचिव वीरा राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है। अब अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जा रही है। एस एसटी को मिलेगा रोजगार प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी आर्थिक तौर पर मदद करने के लिए सरकार ने आर्थिक कल्याण योजना लागू की हैं। स्वरोजगार के लिए दे रही 50 लाख का लोन सरकार की इस स्वरोजगार योजना में 50 लाख रुपये तक लोन दिलाया जाता है। इस राशि पर लगने वाले ब्याज का आधे से अधिक भार सरकार अनुदान के रूप में उठाती है। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस व्यवस्था को और अच्छा बनाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना लागू की थी। आपको बता दें कि अनुसूचित जाति-जनजाति वित्त विकास निगम द्वारा दो प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जाता है। आसानी से मिल पाएगा लोन पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से कम ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए राशि मिल जाती है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजना के माध्यम से वैसे ही राशि दिलाई जा रही है। अगर बदलाव किया जाता है तो अलग-अलग के स्थान पर एक व्यवस्था होने से अधिक लाभ दिलाया जा सकता है। इससे स्थापना व्यय भी घटेगा और निगरानी करना भी आसान होगा। आपको बता दें कि डॉ मोहन यादव सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने की घोषणा की है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग इसकी तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री खुद इस केंद्रीकृत व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू करने के पक्ष में हैं। recent visitors 91