12 जीबी रैम के साथ सोनी Xperia 1 VII लॉन्‍च

नई दिल्ली एक जमाना था जब सोनी के स्‍मार्टफोन्‍स भारत में खूब बिकते थे और जिस हाथ में सोनी का फोन होता, वो बंदा अलग ही नजर आता था। धीरे-धीरे कंपनी ने स्‍मार्टफोन बिजनेस को सीमित कर दिया लेकिन अभी भी वह फोन लॉन्‍च कर रही है। मंगलवार को कंपनी ने नया सोनी Xperia 1 VII पेश कर दिया है। यह कंपनी का लेटेस्‍ट फ्लैगशिप स्‍मार्टफोन है। नए सोनी फोन में 6.5 इंच का फुल एचडी प्‍लस एलटीपीओ डिस्‍प्‍ले दिया गया है। 120 हर्त्‍ज तक रिफ्रेश रेट मिलता है। इसका डिजाइन काफी हद तक पिछले साल आए सोनी फ्लैगशिप जैसा है। नए फोन को सबसे तेज प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite की ताकत दी गई है। इसमें 12 जीबी रैम और यह लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 पर रन करता है। कंपनी 4 ओएस अपडेट्स और 6 साल तक सिक्‍योरिटी अपडेट्स का वादा कर रही है। Sony Xperia 1 VII की कीमत Sony Xperia 1 VII को मॉस ग्रीन, ऑर्किड पर्पल और स्‍लेट ब्‍लैक कलर्स में लाया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 1499 यूरोप यानी करीब 1 लाख 41 हजार रुपये के आसपास है। एक वेरिंएट करीब 1 लाख 56 हजार रुपये का है। फ‍िलहाल यह फोन प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्‍ध है। सबसे पहले जापान में मिलेगा। 4 जून से इसे यूके, यूरोप और अन्‍य देशों में पेश किया जाएगा। Sony Xperia 1 VII के स्‍पेसिफ‍िकेशंस Sony Xperia 1 VII में 6.5 इंच का डिस्‍प्‍ले दिया गया है, जिसका रेजॉलूशन 1080 x 2340 पिक्‍सल्‍स है। यह एक FHD+ OLED HDR डिस्‍प्‍ले है, जो 1 से 120 हर्त्‍ज तक रिफ्रेश रेट ऑफर करता है। फोन के डिस्‍प्‍ले में कोर्निंग गोरिल्‍ला ग्‍लास विक्‍टस 2 का प्रोटेक्‍शन दिया गया है। Sony Xperia 1 VII में स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर लगाया गया है। एड्र‍िनो 830 जीपीयू इसमें मिलता है। फोन में 12 जीबी रैम दी गई है। इंटरनल स्‍टोरेज 256 जीबी है। एसडी कार्ड लगाकर स्‍टाेरेज को 2टीबी तक बढ़ाया जा सकता है। फोन में दो सिम लगाए जा सकते हैं, लेकिन एक स्‍लॉट ई-सिम के लिए है। Sony Xperia 1 VII के कैमरा स्‍पेसिफि‍केशंस Sony Xperia 1 VII में तीन बैक कैमरा है। पहला सेंसर 48 मेगापिक्‍सल का है। यह एक्‍समॉर टी सेंसर है, जो मोबाइल पर काम करता है। यह सेंसर हाइब्र‍िड ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन और इलेक्‍ट्रॉनिक इमेज स्‍टैबलाइजेशन ऑफर करता है यानी आपका हाथ फोटो खींचते समय हिल भी गया तब भी फोटो स्‍टेबल आएगी। फोन में 48 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा वाइड कैमरा और 12 मेगापिक्‍सल का टेलिफोटो लेंस दिया गया है। टेलिफोटो लेंस से 21.3X तक हाइब्र‍िड जूम लिया जा सकता है। फोन में 12 मेगापिक्‍सल का ही फ्रंट कैमरा है, तो सेल्‍फी लेने के अलावा 4के वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है। 3.5mm का ऑडियो जैक इसमें दिया गया है। स्‍पीकर्स में डॉल्‍बी एटमॉस साउंड है। साइड माउंटेड फ‍िंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा दी गई है। फोन का वजन 192 ग्राम है। यह कई रेटिंग्‍स के साथ आता है और धूल व पानी से होने वाले नुकसान से बचा रह सकता है। Sony Xperia 1 VII में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है, जो 30वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। recent visitors 63

रानी अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती के मौके पर शुरू होगा नया अभियान 21 से 31 मई के बीच चलाया जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में बीजेपी नया अभियान शुरू करने जा रही है। यह नया अभियान रानी अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती के मौके पर शुरू होगा। नया अभियान 21 से 31 मई के बीच चलाया जाएगा। इसी कड़ी में 31 मई को अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती प्रदेश भर में मनाई जाएगी। दरअसल बीजेपी के नेता रानी अहिल्याबाई के जीवन मूल्य और वीरता के साथ उनके दूरदर्शी शासन, सामाजिक सुधार, समावेशी शासन और मंदिरों के जीर्णोद्धार के जरिए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के बारे में जनता के बीच जाकर चर्चा करेंगे। बीजेपी सरकार के सामाजिक सुधार, समावेशी विकास और ‘विकास भी और विरासत भी’ के संकल्प को जनता के बीच बताएगी। 14 मई को भोपाल में बड़ा वर्कशॉप का आयोजन होगा। कार्यशाला बीजेपी प्रदेश कार्यालय में होगी। वर्कशॉप में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री के साथ ही विधायक, संसद, जिला अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इस दौरान बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता अहिल्याबाई के जीवन मूल्य और वीरता के साथ उनके दूरदर्शी शासन, सामाजिक सुधार, समावेशी शासन और मंदिरों के जीर्णोद्धार के जरिए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के बारे में जनता के बीच जाकर चर्चा करेंगे। अहिल्याबाई के साथ ही बीजेपी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सामाजिक सुधार, समावेशी विकास और 'विकास भी और विरासत भी' के संकल्प को जनता के बीच बताएगी। अभियान का उद्देश्य अहिल्या की विरासत- बीजेपी के इस अभियान का उद्देश्य महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रेरणादाई जीवन को समाज के सामने लाना है। बीजेपी उनके सुशासन की विरासत का प्रचार करेगी। धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए किए गए कामों को समाज के बीच पहुंचाएगी। बीजेपी के समावेशी सुशासन का प्रचार- समावेशी एवं मूल्य आधारित शासन के प्रति बीजेपी की प्रतिबद्धता को बताएंगे। केन्द्र और मप्र की भाजपा सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के कामों को बताएंगे। पिछड़े, एससी, एसटी वर्ग के लोगों के कल्याण के साथ ही गृह एवं कुटीर उद्योग के प्रोत्साहन में भाजपा की उपलब्धियों को सामने लाया जाएगा। 14 को भोपाल में बड़ी वर्कशॉप बीजेपी ने अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के अभियान का जो कैलेंडर बनाया है उसके तहत 14 मई को भोपाल में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला होगी। इस वर्कशॉप में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री के साथ ही विधायक, जिला अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। अभियान में होने वाले कार्यक्रमों की टाइमलाइन     कार्यक्रम की प्लानिंग से जुड़ी बैठकें- 16 से 18 मई     प्रदेश वक्ताओं की कार्यशालाएं- 14 से 14 मई     अभियान का क्रियान्वयन– 21 से 31 मई अभियान के क्रियान्वयन के लिए समितियां बनेंगी इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश और जिला स्तर पर समितियां बनेंगी। प्रदेश की समिति में एक प्रदेश पदाधिकारी संयोजक होगा। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सह संयोजक के साथ 3 सदस्य और रहेंगे। जिला स्तरीय समिति में एक संयोजक के साथ महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष और एक सदस्य के साथ कार्यक्रमों के प्रमुख शामिल रहेंगे। अभियान में ये कार्यक्रम होंगे     21 से 31 मई के बीच राजधानी भोपाल सहित सभी जिलों में कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।     नगरीय निकायों, महिला एनजीओ के जरिए कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे।     अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, सुधारों और सांस्कृतिक योगदान को दर्शाने वाली पुस्तिकाएं, पैम्फलेट्स, सहित अन्य सामग्री पब्लिक के बीच वितरित की जाएगी।     कार्यक्रमों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को आयोजन और कार्यक्रमों में बोलने के लिए सक्रिय और प्रत्यक्ष भूमिका दी जाएगी। शोभा यात्राओं में दिखेगी अहिल्याबाई की विरासत अहिल्याबाई की विरासत और भाजपा के सामाजिक सुधार और सुशासन के प्रति संकल्प को कार्यक्रमों में दिखाया जाएगा। उनके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक योगदान का उत्सव समारोह मनाते हुए भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएंगी। बुनकरों, मंदिरों के अर्चक के साथ विशेष संपर्क किया जाएगा। पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के साथ बैठकें की जाएगी। महेश्वरी साड़ी की प्रदर्शनी और हथकरघा हाट भी लगेंगी अहिल्याबाई के जीवन और विरासत से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं पर आधारित नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा। स्वदेशी बुनाई परंपराओं के पुनर्जीवन और कला संस्कृति के प्रचार में अहिल्याबाई की विरासत को लोकप्रिय बनाने के लिए महेश्वरी साड़ी प्रदर्शनी और हथकरघा हाट के आयोजन किए जाएंगे। मंदिरों और घाटों पर सफाई अभियान चलाकर आरती और पूजा की जाएगी। इस दौरान अहिल्याबाई के जीवन से जुडे़ स्थानों को विशेष रूप से चिह्नित करके वहां कार्यक्रम किए जाएंगे। अभियान में युवा और महिलाओं पर फोकस महिला- बीजेपी की महिला नेत्रियों के नेतृत्व में वॉकेथॉन और विशेष दौड के आयोजन होंगे। महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन आयोजित कर भाजपा की सरकार में महिला नेतृत्व को मिले प्रोत्साहन को बताया जाएगा। युवा- शैक्षणिक संस्थानों में सेमिनार और पारस्परिक संवाद सत्र आयोजित करके छात्रों को अहिल्याबाई होल्कर की विरासत और नेतृत्व, सामाजिक सुधार के साथ राष्ट्र निर्माण में उसकी प्रासंगिकता से रुबरू कराया जाएगा। प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन, भाषण जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को अहिल्याबाई की विरासत से परिचित कराया जाएगा। ज्ञान संचालित देशभक्ति पर बीजेपी के जोर पर प्रकाश डाला जाएगा। recent visitors 62

मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे

जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए 47 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की योजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद में हाथी मित्र दल के गठन की मंजूरी मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में मानव-हाथी द्वंद को कम करने और जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026-27 अर्थात आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये की योजना क्रमांक 9854 की सैद्धातिंक स्वीकृति दी गयी है। योजना अंतर्गत हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में कुल राशि रूपये एक करोड़ 52 लाख 54 हजार रूपये व्यय की गयी है। निर्णय अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना में राशि 20 करोड़ रूपये और वर्ष 2026-27 में 25 करोड़ 59 लाख 15 हजार रूपये का प्रावधान किया गया। इस तरह आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए योजना का आकार राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे संरक्षित क्षेत्र जहाँ हाथियों का आवागमन या उपस्थिति है उनमें एवं संरक्षित क्षेत्रों के बाहर जंगली हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण, रहवास प्रबंधन तथा विकास के लिए योजना बनाई गयी है। जंगली हाथियों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, वन्यजीव मानव द्वंद को रोकने के लिए विभिन्न संरचनाएं बनाई जाएंगी। ई-आई सर्विलेंस की स्थापना और संचालन किया जाएगा। वन्य-प्राणियों के रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए कार्य किया जाएगा। योजना अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद से निपटने के लिए ग्रामीणों, वन विभाग और अन्य विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न प्रकार की फेसिंग कार्य किया जाएगा, जिसमें सोलर फेंसिंग भी शामिल है। मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे। निगरानी और ट्रेकिंग कार्य के लिए पेट्रोलिंग वाहन और रेडियो कॉलर क्रय किए जाएंगे। साथ ही हाथी मित्र दल का गठन किया जाएगा।   recent visitors 41

Tata Motors का मुनाफा 8,470 करोड़ रहा, रेवेन्‍यू में मामूली बढ़ोतरी, 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का एलान

मुंबई ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motos Q4 Result) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 51.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में 17,552 करोड़ रुपये था और इस तिमाही में घटकर 8,470 करोड़ रुपये पर आ गया है. जबकि कंपनी की आय मामूली बढ़ोतरी के साथ 1,18,927 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जबकि EBITDA 0.6% की हल्की बढ़त के साथ ₹16,644 करोड़ पर पहुंच गई. हालांकि, टाटा मोटर्स (Tata Motors) के राजस्व में बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन लागत में कटौती और कच्चे माल के दाम में गिरावट के बावजूद मुनाफा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान इस रिजल्ट के साथ ही कंपनी शेयरधारकों को 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है. यह लाभांश ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयरों पर दिया जाएगा और AGM में स्वीकृति के बाद 24 जून 2025 तक भुगतान किया जाएगा. कंपनी ने लग्जरी वाहन ब्रांड Jaguar Land Rover (JLR) ने SUV सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है. चौथी तिमाही (Q4 FY25) के वित्तीय परिणाम टाटा मोटर्स का Q4 FY25 में शुद्ध मुनाफा ₹8,470 करोड़ रहा. यह पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹17,552 करोड़ के मुकाबले 51.7% की गिरावट दर्शाता है. टाटा मोटर्स ने ₹1,000 करोड़ के नेट ऑटो कैश बैलेंस के साथ अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है. Jaguar Land Rover (JLR): JLR के बिक्री वॉल्यूम में Q4 FY25 में 1.1% की वृद्धि हुई. SUV वाहनों की उत्तरी अमेरिका और यूरोप में अच्छी मांग रही. JLR का राजस्व 2.4% बढ़ा और कुल राजस्व ₹1.2 लाख करोड़ रहा. तिमाही में EBIT मार्जिन 10.7% रहा. पूरे वित्त वर्ष के लिए EBIT मार्जिन 8.5% रहा. नतीजों की घोषणा के बाद टाटा मोटर्स के शेयर में गिरावट देखी गई. बीएसई (BSE) पर इसका शेयर 1.76% की गिरावट के साथ ₹707.90 पर बंद हुआ. पिछले 6 महीने में टाटा मोटर्स का शेयर करीब 10 फीसदी गिरा है, जबकि एक साल के अंदर शेयर में 26 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है. अभी भी शेयर अपने ऑल टाइम हाई से करीब 40 फीसदी नीचे है.  कंपनी अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की योजना बना रही है. इसके साथ ही लागत कटौती और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. JLR सेगमेंट में अधिक मुनाफा कमाने पर जोर रहेगा. क्‍या हैं सेक्‍टर की चुनौतियां चीन और दक्षिण कोरिया जैसे ग्‍लोबल लीडर्स के मुकाबले भारतीय शिपयार्ड उत्पादन क्षमता, डिजाइन, स्वचालन, कुशल श्रमशक्ति और वेंडर नेटवर्क के मामले में पीछे हैं. शिप रिपेयर का बढ़ता अवसर वैश्विक शिप रिपेयर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और भारत की रणनीतिक स्थिति इसे इस सेक्‍टर में प्रमुख खिलाड़ी बना सकती है. भारतीय शिपयार्ड भारतीय नौसेना के साथ-साथ अमेरिकी नौसेना की 5वीं और 7वीं फ्लीट को सेवाएं देने के लिए समझौते कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड ने US नेवी के साथ मास्टर शिप रिपेयर एग्रीमेंट (MSRA) पर हस्ताक्षर किए हैं. प्रमुख शिपयार्ड की संभावनाएं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) : पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण में अग्रणी और P75I व कलवरी के ऑर्डर से इसका ऑर्डर बुक बढ़ने की संभावना है. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) : छोटे जहाजों और फ्रिगेट्स के निर्माण में माहिर. NGC और P17B प्रोजेक्ट्स से इसे बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है. कोचीन शिपयार्ड (CSL) : सबसे बड़ी क्षमता वाला शिपयार्ड, लेकिन निकट भविष्य में IAC-II के ऑर्डर की कमी के कारण इसके ऑर्डर बुक पर प्रभाव पड़ सकता है. हालांकि, शिप रिपेयर में इसे बढ़ने का मौका है. इन शेयरों (Defence Stocks) पर रखें नजर CMP : 2,905 रुपये रेटिंग : BUY टारगेट प्राइस : 3,433 रुपये Cochin Shipyards CMP : INR 1,521 रेटिंग : HOLD टारगेट प्राइस : 1,481 रुपये Garden Reach Ship. & Engineers CMP : 1,820 रुपये रेटिंग : BUY टारगेट प्राइस : 2,024 रुपये   recent visitors 52

CJI खन्ना ने कहा- मैं सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद स्वीकार नहीं करूंगा, लेकिन शायद कानून के क्षेत्र में कुछ करूंगा

नई दिल्ली देश के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना आज (मंगलवार, 13 मई को) रिटायर हो रहे हैं। जज के रूप में आज उनका अंतिम कार्यदिवस है। इस मौके पर उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि रिटायर होने के बाद वह कोई भी आधिकारिक पद नहीं लेंगे। आज जब वह सुप्रीम कोर्ट में मीडियाकर्मियों से मिल रहे थे, तब उन्होंने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा,"मैं सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद स्वीकार नहीं करूंगा.. लेकिन शायद कानून के क्षेत्र में कुछ करूंगा।" जस्टिस खन्ना के इस बयान से स्पष्ट हो गया है कि वो किसी आयोग का अध्यक्ष पद या कोई अन्य संवैधानिक पद तो स्वीकार नहीं करेंगे लेकिन कानून के क्षेत्र में वह काम करते रहेंगे। हालांकि, इस क्षेत्र में उनकी अगली भूमिका क्या होगी और कैसे होगी, इस पर उन्होंने कुछ स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने फिलहाल इतना संकेत दिया कि वह न तो घर बैठेंगे और न ही सरकारी पद पर बैठेंगे बल्कि अपनी लंबी कानूनी यात्रा में कानून के क्षेत्र में ही नई भूमिका तय करेंगे। हम प्लस और माइनस देखते हैं: जस्टिस खन्ना बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट के तत्कालीन जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर मिले करोड़ों के कैश और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से कैसे निपटा गया, इस पर उन्होंने कहा,"न्यायिक सोच निर्णायक और निर्णयात्मक होनी चाहिए। हम प्लस और माइनस देखते हैं और फिर तर्कसंगत तरीके से मुद्दे पर निर्णय लेते हैं। जब हम ऐसा करते हैं, तो हम निर्णय लेते हैं। फिर भविष्य आपको बताता है कि आपने जो किया वह सही था या नहीं।" कानूनी विरासत वाले परिवार से नाता 14 मई, 1960 को जन्मे जस्टिस खन्ना एक समृद्ध और कानूनी विरासत वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता देव राज खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के जज रह चुके हैं, जबकि उनकी मां सरोज खन्ना लेडी श्री राम कॉलेज में लेक्चरर थीं। वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एचआर खन्ना के भतीजे हैं, जिन्होंने केशवानंद भारती (1973) में मूल संरचना सिद्धांत का प्रतिपादन किया था और आपातकाल के दौरान एडीएम जबलपुर बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले (1976) में एकमात्र असहमति व्यक्त की थी। इस न्यायिक स्वतंत्रता के बदले जस्टिस एचआर खन्ना को जनवरी 1977 में भारी कीमत चुकानी पड़ी थी, उन्हें तब CJI नहीं बनने दिया गया था। 2019 में सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर पाई थी प्रोन्नति CJI खन्ना के दादा, सरव दयाल, एक प्रमुख वकील थे, जिन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड की जांच करने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समिति में काम किया था। जस्टिस खन्ना के पास जज और वकील के तौर पर तीन दशकों से अधिक का लंबा अनुभव है। वह दिल्ली हाई कोर्ट में भी अह भूमिकाएँ निभा चुके हैं और आयकर विभाग के वरिष्ठ स्थायी वकील के रूप में भी काम कर चुके हैं। जून 2005 में, जस्टिस खन्ना को दिल्ली हाई कोर्ट के एजिशनल जज के रूप में पदोन्नत किया गया था और फरवरी 2006 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया था। इसके 13 साल बाद जनवरी 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया था। पिछले साल ही जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के बाद नवंबर 2024 में उन्हें 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई थी। recent visitors 48

छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने केंद्र-राज्य की साझा पहल : मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय मंत्री चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री साय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास का समग्र रोडमैप तय रायपुर,  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए। कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों और प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साझा संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के अपर सचिव आर. आनंद, ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला, कृषि मंत्रालय के सलाहकार नवीन कुमार विद्यार्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 33

नए कप्तान की कठिन परीक्षा होगी, क्योंकि भारत को जून में इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलना है

नई दिल्ली रोहित शर्मा के टेस्ट रिटायरमेंट के बाद सिलेक्शन कमेटी के सामने नया कप्तान चुनने की चुनौती है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, बल्लेबाज शुभमन गिल और विकेटकीपर ऋषभ पंत कप्तानी की रेस में सबसे आगे हैं। नए कप्तान की कठिन परीक्षा होगी क्योंकि भारत को जून में इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए जाना है। ऐसे में पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सिलेक्शन कमेटी को तगड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि बुमराह को ऑटोमैटिकली भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनना चाहिए। गावस्कर ने स्पोर्ट्स तक से कहा, ''मुझे लगता है कि सिलेक्शन कमेटी को जसप्रीत बुमराह से बात करनी चाहिए। कमेटी को उनसे पूछना चाहिए कि आप क्या चाहते हैं? अगर बुमराह ने कहा कि वह कप्तानी के लिए तैयार हैं तो फिर उन्हें कप्तान बनाया जाना चाहिए। वह फिलहाल भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान हैं। ऑटोमैटिकली उनको कप्तानी मिलनी चाहिए। सिलेक्शन कमेटी बुमराह से पूछे कि 6 हफ्तों में पांच टेस्ट मैच होने हैं और क्या आप कर पाएंगे?'' बता दें कि 31 वर्षीय बुमराह ने अभी तक तीन टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की है। उनके साथ फिटनेस की समस्या रही है। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पर्थ में कप्तानी करते हुए भारत को 295 रनों से जीत दिलाई थी। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने पांचवें और आखिरी टेस्ट में रोहित के बाहर होने पर भी कमान संभाली थी लेकिन पीठ की परेशानी के कारण पूरा मैच नहीं खेल सके। इसके बाद, वह अनफिट होने के कारण तीन महीने भारतीय टीम से बाहर रहे और आईपीएल 2025 में वापसी की। हाल ही में स्काई स्पोर्ट्स की रिपोर्ट में दावा किया गया कि बुमराह ने वर्कलोड को देखते हुए कप्तानी से दूर रहने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बुमराह ने भारत का अगले टेस्ट कप्तान बनने से इनकार कर दिया, जिसके बाद गिल और पंत इस दौड़ में सबसे आगे हैं। रोहित के बाद बुमराह कप्तानी के लिए पसंदीदा खिलाड़ी थे लेकिन कार्यभार के कारण वह सीरीज के सभी मैचों में नहीं खेलना चाहते। बुमराह के इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों में खेलने की संभावना कम है और चयनकर्ता ऐसे कप्तान को प्राथमिकता देंगे जो पूरी सीरीज में लगातार खेल सके।   recent visitors 52