प्याज के दामों में जोरदार तेजी, करेला-मटर 100 के पार, फुटकर टमाटर हुआ सस्ता

इंदौर बांग्लादेश में उपजे संकट से अटक रहे प्याज निर्यात का रास्ता फिर खुल गया है। पेतरापोल बार्डर पर बीते तीन दिनों से अटके प्याज से भरे ट्रकों के लिए सीमा खोल दी गई है। करीब 4,500 टन प्याज से भरे ट्रक सीमा पर ही खड़े थे। इनमें महाराष्ट्र और मप्र से बांग्लादेश को निर्यात किया गया प्याज भरा था। इसके बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। गुरुवार को तेजी थोक मंडी में गुरुवार को प्याज के दामों में जोरदार तेजी देखी गई। प्याज में स्थानीय मांग भी अच्छी निकलने लगी है। प्याज सुपर ऊपर में 3200 रुपये तक बिका। गोल्टा भी 2800 के पार पहुंच गया है। प्याज की आवक करीब 40 हजार बोरी रही। आलू के दाम स्थिर आलू के भाव में अभी स्थिरता है। एक-दो लाट ही ऊपर में 2400 रुपये बिके। आलू की आवक करीब 5-6 हजार बोरी रही। कारोबारियों को राखी के लेवाली का इंतजार है। टमाटर के दाम भी ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। सभी सब्जियां सामान्य रेट पर चल रही हैं। हालांकि भिंडी 75 रुपए किलो पहुंच गई है। लौकी के दाम भी 60 रुपए प्रति किलो तक है। लहसुन लहसुन की आवक 7 हजार बोरी की रही लेकिन दाम बीते सप्ताह के मुकाबले नरम ही है। लहसुन ऊपर में एक-दो लाट बेस्ट क्वालिटी होने पर 2000 रुपये तक बिकती है। शेष माल बेस्ट में ऊपर में 17000-19000 रुपये क्विंटल तक बिकी। खीरा 30 रुपए किलो, जबकी हरा मटर 100 के पार चल रहा है। recent visitors 75

नीरज चोपड़ा ने कहा- ओलंपिक के कारण सर्जरी टाल रहा था लेकिन अब फैसला लेना होगा

पेरिस भारत के भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद अपनी चोट का खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें यहां प्रतिस्पर्धा करने के लिए कड़ी मेहनत करने के बाद जल्द ही सर्जरी करानी पड़ सकती है। नीरज पेरिस खेलों से पहले जांघ के भीतरी हिस्से की मांसपेशी में (एडक्टर) परेशानी से जूझते आये हैं। उन्होंने हालांकि गुरुवार को सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास 89.45 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। वह दो ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत के पहले ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बन गए। उन्होंने तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। नीरज पाकिस्तान के अरशद नदीम से पीछे रहे, जिन्होंने 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नदीम इसके साथ ही पाकिस्तान के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बन गए। नीरज ने कहा, ‘‘मेरे दिमाग में काफी कुछ चल रहा था। जब मैं थ्रो कर रहा होता हूं तो मेरा 60-70 प्रतिशत ध्यान चोट पर होता है। मैं चोटिल नहीं होना चाहता था। जब भी मैं थ्रो करने जा रहा था तो आपने देखा होगा कि मेरी गति कम थी।’’ उन्होंने 2023 विश्व चैम्पियनशिप का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘डॉक्टर ने मुझे पहले ही सर्जरी करने के लिए कहा था लेकिन मेरे पास विश्व चैंपियनशिप से पहले या बाद में इतना समय नहीं था। ओलंपिक की तैयारी में बहुत समय लगता है।’’ नीरज ने इस विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थिति में नहीं होने के बाद भी नीरज लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बने। उनसे पहले सुशील कुमार (कुश्ती) और पीवी सिंधू (बैडमिंटन) ने यह कारनामा किया है। नीरज ने निराशा भरे लहजे में कहा, ‘‘मैंने अब भी इसे जारी रखा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खेल में यह अच्छी स्थिति नहीं होती है। आप अगर लंबा करियर चाहते हैं तो आपको फिट और स्वस्थ रहना होगा। इस स्तर की प्रतियोगिताओं के कारण कई बार आप निर्णय नहीं ले सकते। अब हम इस पर काम करेंगे और तकनीक में भी सुधार करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि वह इस मसले पर अपनी टीम से चर्चा कर ‘कोई फैसला करेंगे’। उन्होंने यह भी बताया कि फिटनेस के मामले में पिछले सात साल उनके लिए कितने कठिन रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे 2017 में यह दर्द महसूस हुआ। उसके बाद मैंने बहुत इलाज करवाया। लेकिन इसके लिए मुझे एक बड़ा फैसला लेना होगा।’’ नीरज ने 90 मीटर की दूरी का जिक्र किये बिना कहा कि उनके पास और बड़ा थ्रो करने की क्षमता है। नीरज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2022 में आया था जब उन्होंने 89.94 मीटर की दूरी हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2016 अच्छी दूरी तय की और फिर 2018 में मैंने एशियाई खेलों में 88 मीटर का थ्रो किया था। उसके बाद मुझे लगता है कि इसमें काफी सुधार कर सकता हूं। इसलिए, जब तक ऐसा नहीं होता, मैं इस कोशिश को जारी रखूंगा। मैं आपको बताना चाहता हूं मेरा पास काफी अधिक क्षमता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और मैं यह करूंगा। मैं अपने दिमाग को भविष्य के लिए तैयार रखूंगा। मैं चीजों पर काम करूंगा। मैं खुद को फिट रखूंगा।’’ उन्होंने कहा कि इस चोट के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं अपनी पूरी रन अप के साथ भाला नहीं फेंक पा रहा था। मैं पिछले एक-दो साल से कम रन अप के साथ प्रयास कर रहा हूं। अभ्यास में खिलाड़ी एक सत्र में 40-50 थ्रो करते है लेकिन चोटिल होने के डर के कारण मुझे ऐसा करने में दो-तीन सप्ताह लग गये।’’ नीरज ने कहा, ‘‘यह काफी मुश्किल है लेकिन मैंने अपने खेल को जारी रखा है।’’   recent visitors 89

स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत स्वच्छता समग्र प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

सिंगरौली राज्य शासन के निर्देशानुसार स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में निकायों के उत्कर्ष प्रदर्शन के लिए दो दिवसीय ‘एक्सपोजर विजिट सह प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का आयोजन विंध्य नगर के होटल नीलम में किया गया। पिछले वर्ष नगर निगम सिंगरौली के द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट काम किया गया जिसके चलते रीवा और शहडोल संभाग की 28 नगरी निकाय को प्रशिक्षण और संयुक्त रूप से अनुभव साझा करने हेतु सिंगरौली नगर निगम को चुना गया।इस दो दिवसीय प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य है कि किस तरह से योजना, नई तकनीकी और गुणवत्ता के साथ काम कर नगर को स्वच्छ और सुंदरता बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में निगम आयुक्त श्री डी.के शर्मा  निगम महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल, निगम अध्यक्ष  देवेश पाण्डेय और एमआईसी की सदस्य शिव कुमारी कुशवाहा उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में पुष्पगुच्छ से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया उसके उपरांत दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।कार्यक्रम की शुरुआत में निगम आयुक्त ने कहा कि  ‘समग्र स्वच्छता’ एक व्यापक विषय है जिसमें हर व्यक्ति की सहभागिता होती है। यहां आए सभी निकायों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि आप सभी लोग इस दो दिवसीय कार्यक्रम से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सीखेंगे । हमारी पूरी टीम आपका सहयोग करेगी आप लोग भी अपना फीडबैक और अनुभव साझा करे। ताकि पूर्व में की गई गलतियों को सुधारकर सभी निकायों को बेहतर से बेहतरीन बनाया जा सके। इसके बाद नगर निगम की महापौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हम सबको मिलकर एक कदम स्वच्छता की ओर बढ़ाना है । आज के समय हम सबको मिलकर यह सोचने की जरूरत है कि किस तरह हम अपने शहर को साफ रख सकते हैं। निगम के अधिकारी कर्मचारी और नगर के लोग को मिलकर काम करने की जरूरत है। जब हम सब अपनी-अपनी जिम्मेदारियां समझेंगे तो शहर खुद ही साफ स्वच्छ निर्मल दिखने लगेगा। वही निगम अध्यक्ष ने कहा कि यह दो दिवसीय कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है उन्होंने अपने इंदौर भ्रमण के अनुभव बताए। वहा दुकानदार डस्टबिन रखते हैं और जो लोग यहां वहां कचरा फेकते हैं उनको रोकते और टोकते है। हमारे सिंगरौली में भी हम सभी लोगों को मिलकर यह संकल्प लेना की जरूरत है कि जो भी व्यक्ति यहां वहां गंदगी करेगा उसे हम रोकेंगे और टोकेगे और खुद अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शहर को साफ स्वच्छ बनाने में सहयोग करेंगे ” इसके उपरांत पीपीटी के माध्यम से उन सभी बिंदुओं को प्रदर्शित किया गया जिसमें सिंगरौली ने अपना उत्कृष्ट कार्य किया किसके उपरांत सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट श्री अजय सिंह और श्री अमित कुमार सिंह के द्वारा उन तकनीकों और योजना पर चर्चा की गई जो शहर को स्वच्छ और साफ बनाने में सहयोगी होती है। आज का दिन प्रशिक्षण से संबंधित रहेगा स  कल 10 अगस्त को 28 निकायों के प्रतिनिधि नगर की सॉलिड बेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट, ड्राई बेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट, एमआरएफ फैसेलिटीज, सीएनडी प्रोसेसिंग यूनिट, एफएसटीपी पेवर ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, एलटीपी और  आरआरआर यूनिट्स का भ्रमण करेंगे स प्रशिक्षण और विजिट के उपरांत सभी निकायों के प्रतिनिधियों के द्वारा फीडबैक लिया जाएगा और उनको प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरण किए जाएंगे।इस दौरान नगर निगम के कार्यपालन यंत्री व्हीपी उपाध्याय, उपायुक्त आरपी बैस, सीटाडेल प्रबंधक रावेन्द्र सिंह, आईसी मैनेजर आशीष शुक्ला सहित नगरीय निकायो के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। recent visitors 64

राघौगढ़ की ड्रीम सिटी कॉलोनी में रहने वाले युवक हेमंत ने रात में सोने से पहले मैगी खाई, तबीयत बिगड़ी, युवक की मौत

राघौगढ़ नगर की ड्रीम सिटी कॉलाेनी में रहने वाले एक युवक की बीते दिन संदिग्ध मौत हो गई। युवक रात में खाना के साथ मैगी खाकर सोया था। मौत के सही कारणों का पता लगाने पुलिस ने मर्ग जांच शुरू कर युवक के शव का पीएम कराया है। जानकारी के अनुसार राघौगढ़ की ड्रीम सिटी कॉलोनी में रहने वाले युवक हेमंत पुत्र शिवनारायण मोगिया उम्र 25 वर्ष को बीती अल सुबह अचानक चक्कर आने लगे और वह उल्टियां करने लगा। इस पर स्वजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।   रेलवे की तैयारी कर रहा था युवक युवक के पिता ने बताया कि हेमंत रेलवे में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। उसका छोटा भाई अरविंद उम्र 21 वर्ष भी पढ़ाई करता है। युवक के पिता ने बताया कि हेमंत को रात करीब ढाई बजे अचानक उल्टियां होने लगी और चक्कर आने की उसने शिकायत की। इसके कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया, जिसे सबसे पहले राघौगढ़ की साडा कॉलोनी के अस्पताल ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल लाए। डॉक्टरों ने कहा कि उसकी मौत हो चुकी है। युवक के पिता ने बताया कि रात में घर के सभी लोगों ने खाने के साथ मैगी खाई थी। गौरतलब है कि युवक और उसके स्वजन मूलरूप से जामनेर के पास पचगोडिया गांव के रहने वाले हैं। recent visitors 114

भारतीय पहलवान विनेश फोगाट की सपोर्ट में आये सचिन तेंदुलकर, कहा-सिल्वर की हकदार है, नियम में बदलाव का सुझाव

नई दिल्ली भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक में धमाकेदार अंदाज में लगातार तीन मुकाबले जीतकर फाइनल तक का सफर तय कर लिया था। लेकिन उन्हें 50 किग्रा वर्ग के स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। विनेश ने अपना वजन कम करने के लिए सभी हथकंडे अपनाए लेकिन विफल रहीं। उन्होंने अगले ही दिन सोशल मीडिया पर अपने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती करियर को भी अलविदा कह दिया। हालांकि उनके पदक जीतने की आखिरी उम्मीद अभी कायम है। विनेश ने अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ खेल पंचाट में अपील की और मांग की कि उन्हें संयुक्त रजत पदक दिया जाए। जिसके लेकर सुनवाई होने वाली है। इस बीच भारत के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने विनेश फोगाट के सपोर्ट में एक पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि विनेश फोगाट निश्चित तौर पर सिल्वर मेडल जीतने की हकदार है। उन्होंने नियमों को फिर से देखने का भी सुझाव दिया है। सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ''अंपायर काल्स का समय! हर स्पोर्ट्स में नियम होते हैं और शायद कभी-कभी उन पर पुनर्विचार भी किया जाना चाहिए। विनेश फोगाट ने फाइनल के लिए सही तरीके से क्वालीफाई किया था। फाइनल से पहले वजन के आधार पर उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना और उनसे रजत पदक छीन लिया जाना तर्क और खेल भावना के खिलाफ है।" सचिन तेंदुलकर ने कहा, "अगर किसी एथलीट को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं के इस्तेमाल जैसे नैतिक उल्लंघनों के लिए अयोग्य ठहराया जाता तो यह समझ में आता। उस स्थिति में, कोई भी पदक न दिया जाना और अंतिम स्थान पर रखा जाना न्यायोचित होगा।" उन्होंने आगे कहा, "विनेश ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर शीर्ष दो में जगह बनाई। वह निश्चित रूप से रजत पदक की हकदार है। हम सभी खेल पंचाट न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हमें उम्मीद करनी चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए कि विनेश को वह पहचान मिले जिसकी वह हकदार है।" विनेश ने खेल पंचाट (कैस) में 50 किग्रा वर्ग के ओलंपिक फाइनल से पहले अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ अपील की है जिसमें उन्होंने संयुक्त रजत पदक देने की मांग की है। विनेश ने अयोग्य घोषित होने के बाद दिन का एक बड़ा हिस्सा खेल गांव के अंदर पॉलीक्लिनिक में बिताया, क्योंकि वजन कम करने के उपाय के कारण उनके शरीर में पानी की कमी हो गई। इन उपायों में भूखा रहना, तरल पदार्थों से परहेज करना और पसीना बहाने के लिए पूरी रात जागना शामिल था। recent visitors 142

कटनी में नागपंचमी पर सपेरों ने मूक जीवों के दांत तोड़कर और उनका जहर निकाल दिया, नागों के साथ की क्रूरता

कटनी नागपंचमी पर पूजा पाठ के नाम पर लोगों को नागराज के दर्शन कराने सपेरों में क्रूरता की हद पार कर दीं। मूक जीवों के दांत तोड़कर उनका जहर निकाल दिया तो सुई धागे से उनका मुंह सिल दिया। यह बात तब सामने आई जब शहर में नागपंचमी में सपेरों के आने की सूचना मिलने पशु प्रेमियों की टीमों ने पहुंचकर कई स्थानों से सपेरों से सांप छीने और उनका रेस्क्यू किया। इसके बाद वन टीम ने वन विभाग को नागों को सौंपा। दिनभर में पशु प्रेमियों ने 22 नाग-नागिन पिटारियों के साथ जब्त किए। इस बीच सपेरे बचकर भाग निकले। नगर की पशु प्रेमी अमिता श्रीवास, सतीश सोनी और उनकी टीम के सदस्यों ने वन विभाग को दो दिन पहले से जानकारी देते हुए सपेरों से सांपों को छुड़ाने का अभियान चलाने की बात कही थी। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया पर सूचना प्रसारित कर लोगों से अपील की थी कि यदि कोई भी सपेरा नागपंचमी पर सांप लेकर घूमते मिलता है तो उनको सूचना दें। शुक्रवार की सुबह से ही उनके पास सूचना पहुंचने लगीं जिसके बाद टीमों ने नई बस्ती, संतनगर, जालपा देवी वार्ड, पुरानी बस्ती, चांडक चौक, आजाद चौक सहित अन्य स्थानों पर पहुंचकर सपेरों से सांप छुड़ाए। जिसमें तीन फिट से लेकर सात फिट लंबे तक कोबरा प्रजाति के नाग नागिन थे। काले धागों से सिला था सभी का मुंह पशु प्रेमियों ने सांपों का रेस्क्यू किया तो सपेरे मौका देखकर भाग निकले। इसके स्थान पर उनकी सपेरों से झड़प भी हुई। रेस्क्यू करने के बाद जब पशु प्रेमियों ने सांपों को ध्यान से देखा तो पाया कि उनके दांत टूटे हुए हैं। सभी के मुंह को काले रंग के धागों से सिल दिया गया था, जिसके चलते वे कुछ भी खाने-पीने में असमर्थ थे। उनको लेकर सुबह से सपेरे गली मोहल्लों में लोगों को नागपंचमी में दर्शन कराकर दक्षिणा वसूल कर रहे थे। पशु प्रेमियों का कहना था कि यदि एक-दो दिन ऐसी ही स्थिति होती तो सांपों की मौत हो सकती थी। सांपों को जिन पिटारियों में रखा गया था, उनमें सुई धागा भी रखा मिला। दिनभर में टीम ने रेस्क्यू कर 22 सांपों को सपेरों से छुड़ाया साथ ही सभी को लेकर वन विभाग के रेंजर कार्यालय पहुंची। जहां पर सांपाें के सिले गए मुंह के धागे कटर की सहायता से काटे गए और उसके बाद वन विभाग के साथ मिलकर पशु प्रेमियों ने सभी सांपों को सुरक्षित लखापतेरी के जंगलों में ले जाकर छोड़ा। recent visitors 63

पुरानी रंजिश के दौरान खूनी झड़प, दो पक्षों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ा कि हमले में तीन लोगों की जान चली गई

पन्ना सिमरिया थाना क्षेत्र ग्राम कड़ना में पुरानी रंजिश के चलते तीन लोगों की हत्या कर दी गई है। घटना गुरुवार रात की है, जहां दो पक्षों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ा कि हमले में तीन लोगों की जान चली गई। जैसे ही शुक्रवार की सुबह पुलिस को घटना के संबंध में जानकारी मिली तो पुलिस अपने बल के साथ मौके पर पहुंच गई और और स्थिति काबू करने के साथ जांच शुरू कर दी। दो आदिवासी पक्षों में विवाद घटना के संबंध में एडिशनल एसपी श्रीमती आरती सिंह ने बताया कि घटना दो आदिवासी पक्षों के बीच घटित हुई है जिसमें अर्जुन सिंह, गोविंद सिंह और ध्रुव सिंह की मौत हो गई है। इस मामले में दो आरोपित नामजद थे, जिनके नाम तिलक सिंह व ज्ञान सिंह है। पुलिस ने तिलक सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।   देर रात हुई झड़प पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के मोहन्द्रा पुलिस चौकी के ग्राम कड़ना में गुरुवार की देर रात दो आदिवासी समुदाय के गुटों में आपसी विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ा कि पहले मारपीट के बाद जानलेवा और खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।इस दौरान गुटों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला किया, जिसमें 3 लोगों अर्जुन सिंह, गोविंद सिंह और धूप सिंह की मौत हो गई। जानकारी लगते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया और गांव छावनी में तब्दील हो गया है, पुलिस बल मौके पर मौजूद हैं। पन्ना पुलिस इस ट्रिपल मर्डर की गहन जांच में जुटी हुई है। फिलहाल इस recent visitors 102