प्रधानमंत्री ने फोन कॉल के दौरान बधाई दी, नीरज की मां की खेल भावना की भी तारीफ की, जाना चोट का हाल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा से शुक्रवार को फोन पर बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने नीरज की शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी और उनकी हालिया चोट के बारे में जानकारी ली। टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड विनर नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक में भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। फोन कॉल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नीरज की मां की खेल भावना की भी तारीफ की। देशभर में नीरज चोपड़ा की इस उपलब्धि के लिए प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री ने नीरज से उनके एडिक्टर की समस्या के बारे में भी पूछा जो पेरिस में होने वाले इस इवेंट से पहले उन्हें परेशान कर रही थी। इस साल जून में नीरज ने कहा था कि वह अपनी चोट से निपटने के लिए डॉक्टरों से सलाह ले रहे हैं। गुरुवार (8 अगस्त) को नीरज ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में 89.45 मीटर भाला फेंका और इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हालांकि वे अपना गोल्ड मेडल डिफेंड करने से चूक गए। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 92.97 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स ने 88.54 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता। नीरज पहलवान सुशील कुमार और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु के बाद लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए। recent visitors 112

संसद में पेश हुए विधेयक में लड़कियों की शादी 9 साल और लड़कों की 15 साल की आयु में ही की जा सकेगी, नए ‘कानून’ पर बवाल

इराक इराक की संसद में पेश हुए विधेयक को लेकर आजकल जोरदार हंगामा हो रहा है। इस विधेयक में लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम आयु घटाकर 9 साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। इराक के कानून मंत्रालय की तरफ से इस कानून का प्रस्ताव संसद में रखा गया है। फिलहाल इराक में भी महिलाओं की शादी के लिए न्यूनतम आयु 18 साल है। इस विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति खुद चुन सकता है कि उसके पारिवारिक मामले धार्मिक अथॉरिटी तय करेगी या फिर न्यायालय। इस विधेयक के आलोचकों का कहना है कि इससे उत्तराधिकार, तलाक और बच्चों की कस्टडी समेत कई अधिकारों का हनन होगा। अगर यह विधेयक पास हो जाता है तो लड़कियों की शादी 9 साल और लड़कों की 15 साल की आयु में ही की जा सकेगी। ऐसे में लोगों में यह भी डर है कि इससे बाल विवाह का प्रचलन बढ़ जाएगा। जो संगठन कई सालों से महिला और बाल अधिकार की जंग लड़ रहे हैं, यह उनके लिए बड़ा झटका होगा। मानवाधिकर संगठनों, महिला संगठनों और सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज पर बुरा असर पड़ेगा। बाल विवाह से स्कूली शिक्षा कमजोर हो जाएगी, वहीं इससे जल्द गर्भधारण और घरेलू हिंसा के मामले बढ़ेंगे। बता दें कि यूनीसेफ के आंकड़ों का कहना है कि अब भी इराक में 28 फीसदी आबादी की शादी 18 साल से पहले ही हो जाती है। इराक वुमन नेटवर्क के अमल कबाशी का कहना है कि इराक में पहले से ही पुरुष प्रधान समाज है और इससे महिलाओं के अधिकारों का और ज्यादा हनन होगा और उनपर अत्याचार बढ़ेगा। इस विधेयक के जरिए 1959 के कानून में संशोधन किया जाएगा। तर्क दिया गया है कि अनैतिक संबंधों से लड़कियों को बचाने के लिए यह कानून बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस्लाम के नियमों को बनाए रखने के लिए यह ससंशोधन जरूरी है। recent visitors 131

अब हरेक बैंक खाताधारक एक खाते के लिए चार ‘नॉमिनी’ तक दर्ज करा सकेगा: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (09 अगस्त) को लोकसभा में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया है। इस विधेयक में ऐसा प्रावधान किया गया है कि हरेक बैंक खाताधारक एक खाते के लिए चार ‘नॉमिनी’ तक दर्ज करा सकेगा। अभी तक एक बैंक खाते में एक ही नॉमिनी का उल्लेख करने का नियम है। अगर यह बिल संसद से पारित होता है तो अब नॉमिनी को बढ़ाकर चार तक किया जा सकता है। हालांकि, यह वैकल्पिक प्रावधान होगा। प्रस्तावित विधेयक में एक और बड़े बदलाव की बात कही गई है। इसके तहत कंपनी के निदेशकों के सबस्टेंशियल इंटरेस्ट (substantial interest) को फिर से परिभाषित किया गया है और इसके तहत 5 लाख रुपये की वर्तमान सीमा को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये तक किया गया है, जो लगभग छह दशक पहले तय की गई थी। लोकसभा में विपक्ष के कुछ सदस्यों ने सदन में यह विधेयक पेश किये जाने का विरोध किया। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों से जुड़े कानूनों में संशोधन का अधिकार राज्यों को है। उन्होंने इस संबंध में विधायी अधिकारों को लेकर अस्पष्टता की भी बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘सहकारी समितियों पर केंद्र नियंत्रण कर सकता है या नहीं, इस पर विरोधाभास है।’’ आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि सरकार एक साथ चार कानूनों में संशोधन का प्रयास कर रही है और यह सदन की परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आपस में जुड़े विषयों से संबंधित कानूनों को लेकर ही विधेयक लाया जाता है। तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने भी चार कानूनों को एक विधेयक के माध्यम से संशोधित करने पर आपत्ति जताई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि बहु सहकारी बैंक से जुड़े कानून में पहले भी इस सदन के माध्यम से संशोधन किया जा चुका है और इससे छोटे खाता धारकों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि हम चार विधेयक भी ला सकते थे लेकिन जब एक समान तरह के कामकाज से जुड़े कानून हैं तो हम एक संशोधन विधेयक ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम और सहकारी बैंकों के बीच एक संबंध है और कोई भी संशोधन इसी रास्ते से लाना होगा। सीतारमण ने कहा, ‘‘सहकारी संस्थाओं, खासकर उन संस्थाओं को, जो बैंकों के अतिरिक्त अन्य सारे काम करती हैं, उन्हें कमजोर करने का कोई प्रयास नहीं है। बैंक और बैंकिंग गतिविधियों के लिए लाइसेंस रखने वाली सहकारी समितियों के लिए एक नियम होना चाहिए और इसीलिए हमने यह कदम उठाया है।’’ मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को पेश किए जाने की मंजूरी दी। विधेयक में वैधानिक लेखा परीक्षकों को भुगतान किया जाने वाला पारिश्रमिक तय करने में बैंकों को अधिक स्वतंत्रता देने का भी प्रावधान किया गया है। इस विधेयक में बैंकों के लिए विनियामक अनुपालन के लिए रिपोर्टिंग तिथियों को हर महीने के दूसरे और चौथे शुक्रवार के बजाय 15वें और आखिरी दिन को फिर से परिभाषित करने का भी प्रयास किया गया है। इस विधेयक को पिछले शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी, जिसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955, बैंकिंग कंपनियां (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम 1970 और बैंकिंग कंपनियां (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम 1980 में संशोधन का प्रस्ताव है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री ने अपने 2023-24 के बजट भाषण में की थी। उन्होंने कहा था, ‘‘बैंक प्रशासन में सुधार और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बैंकिंग विनियमन अधिनियम, बैंकिंग कंपनी अधिनियम और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में कुछ संशोधनों का प्रस्ताव है।’’ recent visitors 73

दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के वार्ड 25 में विधायक भगवानदास सबनानी ने किया विकास कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल नए बजट के साथ ही विकास कार्यों का सिलसिला चल पड़ा है शुक्रवार को भोपाल के दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के वार्ड 25 में क्षेत्रीय लोकप्रिय विधायक भगवानदास सबनानी ने वार्ड 25 के पार्षद जगदीश यादव सदस्य महापौर परिषद राजस्व के साथ चंद्रशेखर स्कूल परिसर में 20 लाख 57,660 की राशि से होने वाले विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया, इस राशि से बाउंड्री वॉल,पेवर ब्लॉक, झूले,फर्नीचर अन्य मरम्मत कार्य कराएं जाने प्रस्तावित हैं,इस अवसर पर श्री सबनानी ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमारी विधानसभा भोपाल की सबसे सुंदर विधानसभा में एक है यहां पर हमें भरपूर हरियाली के साथ ही तालाब, पहाड़ प्रकृति के कई अद्भुत नजारे की सौगात मिली है अब हम यहां पर विकास कार्यों कि गंगा बहाकर इसे विकास की अग्रणी विधानसभा में से एक बनाएंगे आज हम वार्ड 25 में विकास की गति को बढ़ा रहे हैं स्कूलों में विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ ही अच्छी सुविधा भी मिले इसका विशेष ध्यान रखकर ही योजनाएं बनाई जा रही है जिससे विद्यार्थी अपना अधिक से अधिक समय पढ़ाई में लगा सकें। इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल कर्मचारीयों के साथ बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चे व टैगोर मंडल के अध्यक्ष पारस नरवरिया वार्ड प्रभारी नरेंद्र शुक्ला, बूथ अध्यक्ष महेश पाटिल, संतोष सिमरोघिया,धर्मेंद्र शाह,विजय,संजय अनील बावशकर के सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।   recent visitors 41

HC ने दी अनुमति, अब अलगाववादी नेता यासीन मलिक अब दिल्ली हाईकोर्ट में खुद लड़ेगा

नई दिल्ली आतंक के लिए फंडिंग मामले में दोषी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद के बजाय फांसी की सजा सुनाए जाने को लेकर एनआईए की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में शुक्रवार को एक नया मोड़ आया। यासीन मलिक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस गिरीश कठपालिया की बेंच के समक्ष पेश किया गया। यासीन मलिक ने बेंच से अपनी पैरवी खुद करने की मंशा जाहिर की, जिसे बेंच ने मंजूर कर लिया। अलगाववादी संगठन ‘जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ का प्रमुख यासीन मलिक आतंकवाद के फंडिंग मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे यासीन मलिक ने हाईकोर्ट से कहा कि वह अपनी पैरवी खुद करना चाहता है। उसे किसी कानूनी परामर्श की जरूरत नहीं है। उसे इसकी अनुमति दी जाए। बेंच ने मलिक के आग्रह को मंजूर करते हुए कहा कि यासीन को अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जाता है। वह इस मामले में अपनी दलीलें पेश करने के लिए तैयारी करे। मामले में अगली सुनवाई 19 सितंबर को दोपहर 3 बजे होगी। वर्ष 2022 में दोषी करार दिए गए थे यासीन मलिक उम्रकैद की सजा काट रहे यासीन मलिक को 24 मई 2022 को पटियाला हाउस कोर्ट ने यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत अपराधों के लिए दोषी करार दिया था। यासीन मलिक ने यूएपीए के तहत लगाए गए आरोपों सहित सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया था। एनआईए ने की थी मौत की सजा की मांग सजा के खिलाफ अपील करते हुए एनआईए ने कहा कि किसी आतंकवादी को केवल इसलिए उम्रकैद की सजा नहीं दी जा सकती क्योंकि उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। मुकदमा नहीं चलाने का विकल्प चुना है। सजा को बढ़ाकर मौत की सजा में बदलने की मांग करते हुए एनआईए ने कहा है कि अगर ऐसे खूंखार आतंकवादियों को दोषी मानने के कारण मौत की सजा नहीं दी जाती है, तो सजा नीति पूरी तरह खत्म हो जाएगी और आतंकवादियों को मौत की सजा से बचने का एक रास्ता मिल जाएगा।   recent visitors 87

मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों को मिलेंगे सरकारी कर्मचारियों जैसे लाभ, ग्रैज्युटी के साथ-साथ बीमा की भी सुविधा

भोपाल  मध्य प्रदेश में तीन लाख से अधिक विभिन्न शासकीय-अर्द्धशासकीय विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को खुशखबरी मिली है। अब आउटसोर्स एजेंसियों को श्रम कानूनों का लाभ देना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए एजेंसियों को श्रम विभाग में पंजीयन कराकर लाइसेंस लेने के साथ ही निर्धारित वेतन और सुविधाएं देनी होंगी। श्रम विभाग ने दिए निर्देश श्रम विभाग ने सभी विभागों को श्रम कानूनों के अंतर्गत व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के आदेश दिए हैं। प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियों सहित विभिन्न विभागों में आउटसोर्स पर कर्मचारी रखकर काम चलाया जा रहा है। आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से इन कर्मचारियों को रखा जाता है पर श्रम कानूनों के तहत लाभ नहीं दिए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती हैं। आउटसोर्स एजेंसियों को पंजीयन लाइसेंस जरूरी इस समस्या को देखते हुए श्रम विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को आदेश दिए हैं कि आउटसोर्स एजेंसियों का पंजीयन कर लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जाए। ताकि श्रम कानूनों का उल्लंघन हो तो कार्रवाई की जा सके। नहीं मिल रहा सभी को लाभ वहीं, प्रदेश के शासकीय और अर्द्धशासकीय कार्यालयों में आउटसोर्स कर्मचारियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। नए आदेश से आउटसोर्स कर्मचारी एवं श्रमिकों को श्रम आयुक्त के दर से वेतन मिलेगा। ग्रेच्युटी, बोनस, ओवरटाइम, बीमा कर्मचारी भविष्य निधि सुविधा का लाभ भी मिलेगा। कर्मचारियों ने इस फैसले को सराहनीय बताया है। गौरतलब है कि श्रम विभाग ने न्यूनतम मजदूरी की दर तय की हुई है। अकुशल श्रेणी को 9650 मासिक वेतन तय किया गया है, वहीं अर्द्धकुशल श्रेणी को 10507 मासिक, कुशल श्रेणी को 11885 मासिक जबकि उच्च कुशल श्रेणी को 13185 मासिक वेतन दिये जाने के नियम तय हैं। 3.25 लाख आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगी सरकारी कर्मचारी वाली सुविधाएं मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों, उपक्रमों, निगम, मंडल, बिजली कंपनियों, दुग्ध सहित अन्य विभागों में कार्यरत प्रदेशबर में 3.25 लाख ठेका श्रमिकों, आउटसोर्स कर्मियों को बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस, ओवरटाइम, भविष्य निधि (पीएफ), साप्ताहिक अवकाश समेत सभी सुविधाएं दी जाएंगी। श्रम विभाग ने इसकी गाइडलाइन तक जारी कर दी है। विभाग ने सभी विभागों, सभी संभाग आयुक्त, कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। निर्देश न माने कंपनी तो कोर्ट जा सकेंगे कर्मचारी गाइडलाइन में विभागों को नसीहत दी गई है कि इन कर्मचारियों को सभी सुविधाएं देना अनिवार्य किया गया है। अगर कंपनी निर्देश न माने तो कर्मचारी कोर्ट जा सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार लगातार आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में निर्णय ले रही है। इस नए निर्देश से ठेका और आउटसोर्स कर्मियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। recent visitors 153

सैमसंग ने आग लगने,लोगों के घायल होने की घटनाओं के बाद 11.2 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक मॉडल वापस मंगाए

न्यूयॉर्क सैमसंग ने आग लगने के 250 मामले सामने आने और कई लोगों के घायल होने की शिकायत के बाद ‘स्टोवटॉप’ के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 11.2 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक मॉडल को वापस मंगाया है। अमेरिकी कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी कमीशन (सीपीएससी) ने बृहस्पतिवार को दी गई सूचना में बताया, इन ‘स्लाइड-इन रेंज’ में आगे की तरफ नॉब लगे होते हैं जो गलती से चालू हो सकते हैं अगर इंसान या पालतू जानवर अनजाने में उनसे टकरा जाए तो भी यह चालू हो जाते हैं। इससे आग लगने का खतरा होता है। सीपीएससी के अनुसार, सैमसंग को 2013 से अभी तक ‘नॉब’ के अनजाने में चालू होने की 300 से अधिक शिकायत मिली हैं। आग लगने की करीब 250 घटनाएं हुई हैं। इनमें से कम से कम 18 घटनाओं में संपत्ति को काफी नुकसान हुआ और सात में पालतू जानवरों की जान चली गई। 40 लोग घायल हुए, जिनमें से आठ को चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी। वापस बुलाए गए मॉडल मई 2013 और अगस्त 2024 के बीच सैमसंग.कॉम पर ऑनलाइन बेचे गए थे। साथ ही देशभर के खुदरा विक्रेताओं बेस्ट बाय, कॉस्टको, होम डिपो और लोव्स आदि के जरिये भी बेचे गए थे। सीपीएससी के अनुसार, जिन ग्राहकों से इन मॉडल को वापस बुलाया गया है उन्हें न्यू जर्सी स्थित सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका से संपर्क कर अपने मॉडल के अनुरूप निःशुल्क ‘नॉब लॉक’ या ‘कवर’ लेने का विकल्प दिया गया है। इस बीच, प्रभावित लोगों को बच्चों तथा पालतू जानवरों को ‘नॉब’ से दूर रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। घर से बाहर निकलने या सोने से पहले उसकी जांच करने को कहा गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह बंद है।     recent visitors 92