नदी से निकलकर गांव में पहुंचे मगरमच्छ से मचा हड़कंप, वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर तालाब में छोड़ा

तेंदूखेड़ा दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक के केवलारी गांव में व्यारमा नदी से निकलकर एक मगरमच्छ मंगलवार सुबह मुख्य सड़क पर आ गया। ग्रामीणों ने सात फीट लंबे मगरमच्छ को देखा तो उनके होश उड़ गए, उन्होंने तत्काल वन अमले को सूचना दी। वनकर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मगरमच्छ का रेस्क्यू कर उसे नोरादेही के चकाई तालाब में छोड़ा गया। मामला तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र के वीट केवलारी का है। यहां से व्यारमा नदी निकली हुई है, जिसमें सैकड़ों मगरमच्छ रहते हैं। उन्ही में से एक मगरमच्छ निकलकर रास्ते में पहुंच गया था। गनीमत यह रही कि जब मगरमच्छ नदी से निकलकर मुख्य मार्ग पर आया, उस  समय रामजी यादव की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने पूरे मामले की सूचना तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी को दी। जिसके बाद वन अमला मौके पर भेजा और रेस्क्यू कर मगरमच्छ को सिंगोरगढ़ जलाशय में छोड़ दिया गया। बाला बब्बा के समीप था मगरमच्छ केवलारी गांव में बाला बब्बा के पास नदी से निकलकर यह मगरमच्छ मुख्य मार्ग पर बैठ गया था। सड़क से कुछ ही दूरी पर किसानों ने अपनी फसल की रखवाली के लिए झोपड़ी बनाई है, जिनमें वह रहते हैं। अगर, रामजी यादव की नजर सही समय पर मगरमच्छ पर नहीं पड़ती तो वह झोपड़ी के पास भी जा सकता था। तेंदूखेड़ा रेंजर सृष्टि जैन ने बताया कि सूचना पर स्टाफ को भेजकर सात फीट लंबे मगरमच्छ का रेस्क्यू किया गया और झापन रेज में नोरादेही के चकाई तालाब में छोड़ दिया गया। recent visitors 139

कुत्ते के शिकार पर वन विभाग की टीम अलर्ट, राजस्थान-अलवर में कॉलोनी में पहुंचा पैंथर

अलवर. अलवर के जयपुर रोड स्थित जयंती फार्म हाउस के पीछे आवासीय कॉलोनी में इन दिनों पैंथर का आतंक है। बीते 4 -5 दिनों से लगातार पैंथर कॉलोनी में आ रहा है। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में पैंथर घर के बाहर घूमता हुआ कैद हुआ है, इसी दौरान उसने कॉलोनी में एक कुत्ते का शिकार भी किया। बीती रात पैंथर एक महिला के पीछे भागा। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम देर रात कॉलोनी में पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पैंथर पर नजर रखी जा रखी है। पैंथर की मूवमेंट के चलते लोग डरे हुए हैं। बच्चे घरों में बंद हैं। recent visitors 142

मीराबाई चानू की नजर पेरिस में ऐतिहासिक पदक पर

पेरिस तोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर कर्णम मल्लेश्वरी से आगे निकलने वाली मीराबाई चानू पिछले कुछ समय में चोटों से जूझने के बावजूद बुधवार को यहां पेरिस ओलंपिक खेलों में पोडियम पर पहुंचकर दो ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली भारोत्तोलक बनने का प्रयास करेंगी। मीराबाई ने पिछले ओलंपिक खेलों के पहले दिन ही पदक जीतकर भारत का खाता खोला था और काफी सुर्खियां बटोरी थी लेकिन इसके बाद वह चोटों से परेशान रही जिसके कारण पेरिस ओलंपिक के लिए अच्छी तरह से तैयारी नहीं कर पाई। तोक्यो ओलंपिक के बाद उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन राष्ट्रमंडल खेल 2022 में रहा जहां उन्होंने 201 किग्रा (88 किग्रा और 113 किग्रा) उठाया। उन्होंने तोक्यो में 202 किग्रा (87 किग्रा और 115 किग्रा) वजन उठाकर रजत पदक जीता था। मीराबाई अपने पसंदीदा 49 किग्रा भार वर्ग में चुनौती पेश करेगी और अगर वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने में सफल रहती है तो फिर रजत या कांस्य पदक जीत सकती हैं। इस वजन वर्ग में चीन की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन होउ झिहुई फिर से स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार हैं। मीराबाई ने कूल्हे की चोट से उबरने के बाद वापसी की है लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर अब भी कयास लगाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने हालांकि दावा किया कि मणिपुर की रहने वाली यह खिलाड़ी पूरी तरह से फिट है। शर्मा ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि मीराबाई को 200 किग्रा से अधिक वजन उठाना होगा। उनके लिए इस बार 202 किग्रा में कटौती नहीं की जाएगी लेकिन उन्हें 205-206 किग्रा तक जाना चाहिए। हम चुनौती के लिए तैयार हैं।’’ हालांकि यह कहना जितना आसान है करना उतना आसान नहीं है क्योंकि यह भारोत्तोलक पिछली कुछ प्रतियोगिताओं में संघर्ष करती हुई नजर आई। गुरुवार को 30 साल की होने वाली मीराबाई की नजर जहां अपने प्रतिद्वंद्वियों के प्रदर्शन पर होगी वहीं उन्हें खुद को मिलने वाली चुनौती से भी पार पाना होगा। उत्तर कोरिया की एशियाई खेलों की चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक री सोंग गम की अनुपस्थिति के बावजूद 49 किग्रा में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है और पिछले एक महीने से पेरिस में तैयारी कर रही मीराबाई को किसी भी तरह की गलती करने से बचना होगा।   recent visitors 135

इंडिगो की भोपाल से अहमदाबाद जा रही मॉर्निंग उड़ान में अचानक तकनीकी खराबी निरस्त,यात्री फ्लाइट कैंसल होने से नाराज

भोपाल  मंगलवार को इंडिगो की भोपाल से अहमदाबाद जा रही मॉर्निंग उड़ान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इस कारण एयरलाइन कंपनी ने उड़ान को निरस्त कर दिया। इसके चलते यात्रियों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस फ्लाइट से करीब 70 यात्री अहमदाबाद के लिए सफर करने वाले थे। हालांकि इंडिगो प्रबंधन ने यात्रियों को शाम की उड़ान से जाने का विकल्प दिया है। लेकिन ऐसे यात्री जो जरूरी मीटिंग या अन्य काम से जा रहे थे, वे फ्लाइट कैंसल होने के बाद नाराज नजर आए। ऐसे कुछ यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा भी किया। जानकारी के अनुसार अहमदाबाद उड़ान सुबह 8:35 बजे भोपाल से अहमदाबाद के लिए टेकऑफ होती है। टेकऑफ होने से पहले ही उड़ान में तकनीकी खराबी आ गई। इस कारण इंडिगो ने यात्रियों को बताया कि उड़ान रवाना नहीं हो पाएगी। कुछ यात्री मंगलवार को सुबह 6:00 बजे एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे। इन यात्रियों को अचानक उड़ान निरस्त होने से परेशान होने पड़ा। कई यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा कर दिया। लेकिन इंडिगो प्रबंधन ने कहा कि चूंकि विमान में तकनीकी गड़बड़ी आ गई है, इसलिए इसे रवाना नहीं किया जा सकता। इंडिगो ने यात्रियों को शाम की उड़ान से जाने का विकल्प दिया। साथ ही ऐसे यात्रियों को पूरा रिफंड देने की भी पेशकश की, जो यात्रा निरस्त करना चाहते हैं। recent visitors 106

हाईकोर्ट जज के संपर्क में थे घोटाले के दो आरोपी अफसर, छत्तीसगढ़ पीडीएस में ईडी का एससी में बड़ा खुलासा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में एक हजार करोड़ रुपये के कथित नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला (पीडीएस) मामले में बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। इस मामले में शामिल दो अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज से संपर्क किया था। ईडी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है। ईडी ने एससी को दिये अपने हलफनामे में दावा करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भूपेश सरकार के दो नौकरशाह अपने खिलाफ चल रहे मामले को कमजोर करने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश किये थे। हालांकि, एक अगस्त के हलफनामे में ईडी के संबंधित जज का नाम नहीं बताया गया है। ईडी ने दावा करते हुए कहा कि उनसे उनके भाई और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अजय सिंह के जरिए संपर्क किया गया था। ईडी ने इस संबंध में दावा करते हुए कहा कि इस मुकदमे की जांच को प्रभावित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। टुटेजा तत्कालीन एडवोकेट जनरल सतीश चंद्र वर्मा के माध्यम से न्यायाधीश के संपर्क में थे। यह 31 जुलाई और 11 अगस्त 2019 के व्हाट्सएप से मिले संदेशों से क्लीयर है। व्हाट्सएप संदेशों से पता चला है कि न्यायाधीश की बेटी और दामाद का बायोडाटा तत्कालीन एजी की ओर से कार्रवाई करने के लिए टुटेजा को भेजा गया था, जो न्यायाधीश और दोनों मुख्य आरोपी टुटेजा और शुक्ला के बीच कोर्डिनेट का काम कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट को ईडी ने दावा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के नागरिक जन आपूर्ति निगम घोटाले में आरोपी दो वरिष्ठ नौकरशाह अनिल कुमार टुटेजा और आलोक शुक्ला अक्टूबर 2019 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज के संपर्क में थे। उसी जज की अदालत से 16 अक्तूबर 2019 को आलोक शुक्ला को जमानत पर रिहाई का आदेश जारी हुआ था। इतना ही नहीं ईडी का दावा है कि तत्कालीन महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा दोनों दागियों और न्यायाधीश के बीच संपर्क बनाए हुए थे। 'नए सिरे से एक अलग स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए' ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि साल 2020 में कोरोना लॉकडाउन शुरू होने के ठीक पहले अनिल टुटेजा और डॉ.आलोक शुक्ला की अग्रिम जमानत अर्जी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में फाइल की गई थी। हाईकोर्ट  में इनकी जमानत अर्जी विचार करने के लिए रखा गया था जबकी बाकी सभी अन्य आपराधिक मामलों में जमानत आवेदन ट्रायल कोर्ट (जिला न्यायालय) में फाइल करनी होती है और अगर जिला न्यायालय से राहत नहीं मिलती है तब हाइकोर्ट में अर्जी लगानी पड़ती है। अनिल टुटेजा और डॉ. आलोक शुक्ला की जमानत अर्जी पर एक साथ साल 2020 में सुनवाई हुई थी। इतना ही नहीं ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में अनिल टुटेजा और डॉ. आलोक शुक्ला की जमानत रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। ईडी की याचिका में ये भी मांग की गई है कि नान घोटाले की जांच नए सिरे से एक अलग स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। जज के भाई के संपर्क में थे आरोपी सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने अपने शपथ पत्र और दलील में कहा कि टुटेजा और शुक्ला आरोपी शुक्ला की अग्रिम जमानत के मामले के संबंध में न्यायाधीश के भाईके संपर्क में थे। क्योंकि न्यायाधीश की पीठ के समक्ष लंबित था।  जैसे ही 16 अक्टूबर 2019 को दोनों आरोपियों को जमानत दी गई तो न्यायाधीश के भाई को मुख्य सचिव के पद से हटा दिया गया और 1 नवंबर 2019 को योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इसमें कहा गया है कि “आरोपी व्यक्ति अनुसूचित अपराध में अन्य मुख्य आरोपियों की भूमिका को कमजोर करने के लिए सह-अभियुक्त शिव शंकर भट्ट के मसौदा बयान को शेयर करने और संशोधित करने में शामिल थे। ताकि अनुसूचित अपराध में अन्य प्रमुख आरोपियों की भूमिका कमजोर साबित की जा सके। व्हाट्सएप चैट से हुआ बड़ा खुलासा ईडी का दावा है कि टुटेजा और शुक्ला के तत्कालीन महाधिवक्ता के साथ 4 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2019 के व्हाट्सएप चैट के विश्लेषण से जस्टिस चंदेल के भाई और तत्कालीन एडीजी आर्थिक अपराध शाखा-भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रायपुर की भूमिका का पता चलता है। उस समय वो ही अनुसूचित अपराध का बचाव करने के प्रभारी थे। दोनों आरोपियों को भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज मामले को कमजोर करने में इन्होंने ही अहम भूमिका निभाई थी। एजेंसी ने दावा किया कि घोटाले पर राज्य ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट से कई पैराग्राफ टुटेजा और शुक्ला के कहने पर मुख्य आरोपी के हितों की रक्षा के लिए हटा दिए गए थे। बाद में वही संशोधित रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश की गई। ईडी ने कहा कि अभियुक्तों की संलिप्तता और उच्च पदस्थ संवैधानिक राज्य अधिकारियों की मिलीभगत से मुकदमे को पटरी से उतारने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने के ठोस प्रयास के संबंध में एक स्वतंत्र एजेंसी की ओर से जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। जानें क्या था मामला बीजेपी का आरोप है कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में ये घोटाला हुआ था। राज्य में 13 हजार 301 दुकानों में राशन बांटने में गड़बड़ी उजागर हुई थी। केवल चावल में ही 600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। एक हजार करोड़ से ज्यादा का कुल घोटाला हुआ था। स्टॉक जांच नहीं करने के बदले में एक-एक राशन दुकान वाले से दस-दास लाख रुपये लिया गया था। घोटला पर एफआईआर दर्ज ईडी की रिपोर्ट पर कस्टम मिलिंग घोटला में एफआईआर दर्ज की गई है। कई राइस मिलर्स की ओर से नागरिक आपूर्ति निगम एवं एफसीआई में जो कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता है। उसमें व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली की गई है। पद का दुरूपयोग करते हुए विभिन्न शासकीय अधिकारियों की ओर से राइसमिलर्स के साथ मिलीभगत कर लाभ प्राप्त कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। प्रीतिका पूजा को मनोज सोनी, प्रबंध संचालक मार्कफेड के मारफत रोशन चन्द्राकर की ओर से निर्देश था कि उन्हीं मिलर्स के बिल का भुगतान किया जाना है जिनकी वसूली की राशि रोशन चन्द्राकर को प्राप्त हुई है। किन मिलर्स को भुगतान किया जाना है, इसकी जानकारी संबंधित जिले के राईस मिलर्स एसोसिएशन के द्वारा मनोज सोनी के माध्यम से मिलती … Read more

BJP ने बैज के बयान पर किया पलटवार, छत्तीसगढ़ में कांवड़ियों पर फूल बरसाने से कांग्रेस के पेट में हो रहा दर्द

रायपुर. छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश महामंत्री रामजी भारती ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस शुरू से ही सनातन धर्म विरोधी रही है। कांवड़ यात्रियों परमुख्यमंत्री साय के हाथों हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा किए जाने पर कांग्रेसियों की टिप्पणी को सनातन विरोधी प्रलाप बताकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के स्वागत में 2 किलोमीटर तक 6 हजार किलो गुलाब की पंखुड़ियों से सजाकर सामंती चरित्र का शर्मनाक प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसियो को कांवड़ यात्रियों के पुष्पवर्षा से स्वागत और अभिनंदन पर पेट में दर्द हो रहा है। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कांग्रेसियों की राजनीतिक दुकान सनातन विरोध और हिन्दुत्व के प्रति घृणा से सजी है और रह-रहकर अपनी इन दुकानों में बैठकर सनातन संस्कृति के खिलाफ विष-वमन करते रहना कांग्रेसियों की लत में शुमार है। भूपेश सरकार के राज में इलाज के अभाव में प्रदेश के 39 हजार बच्चों की मौत से कलंकित कांग्रेस आज डायरिया के नाम पर घड़ियाली आxसू बहाकर ओछी राजनीति कर रही है, जबकि प्रदेश की भाजपा सरकार इस बीमारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के तमाम उपायों पर पूरी संजीदगी और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। 'कांग्रेस विचारों से पूरी तरह से कंगाल' रामजी भारती ने ने कहा कि सनातन के खिलाफ खुद को खड़ा बताने के लिए अब कांग्रेसी कार्ल मार्क्स के धर्म को अफीम बताए जाने तक को जस्टीफाई करने में जरा भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं। इससे यह भी साफ हो गया है कि वामपंथियों के रचे चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस विचारों से पूरी तरह से कंगाल हो चुकी है कि अब वामपंथ के उधार के विचारों की बैसाखी पर अपने राजनीतिक वजूद को बचाने के ये घृणित उपक्रम कांग्रेस की नियति हो चले हैं। प्रियंका के स्वागत में दो किलोमीटर तक बिछाया था फूल भारती ने कहा कि कभी प्रदेश की राजधानी में प्रियंका वाड्रा के स्वागत में 2 किलोमीटर तक की सड़क को 6 हजार किलोग्राम गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों से कालीन की तरह सजाकर अपने सामंती चरित्र का शर्मनाक प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसियो को आज काँवर यात्रियों का पुष्पवर्षा से स्वागत और अभिनंदन करने पर पेट में रह-रहकर मरोड़ उठ रहा है! यह पाखंड कांग्रेस के सनातन और हिन्दुत्व विरोधी राजनीतिक चरित्र को बेनकाब करने के लिए पर्याप्त है। 'हिन्दुत्व को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करना कांग्रेस का डीएनए' उन्होंने कहा कि सनातन और हिन्दुत्व को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करना ही कांग्रेस का डीएनए है। कांग्रेस कभी संसद में हिन्दुओं को हिंसक, नफरती और झूठा बताती है तो कभी सनातन संस्कृति को लेकर बेसिर-पैर की बातें करती रही है। हर मौके पर पूरे देशभर में कांग्रेसियों ने अपनी राजनीतिक दुकानदारी चलाने के लिए हिन्दुत्व और सनातन संस्कृति के प्रति केवल नफरत को बेचने का काम किया है। यह न केवल कांग्रेस, बल्कि उसके नेतृत्व वाले इंडी ठगबंधन के सहयोगी दल भी यही कर रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे और वहां के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन संस्कृति को मच्छर से फैलने वाली डेंगू, मलेरिया बताकर उसके नष्ट होने की बात कही थी। इतना ही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे ने उदयनिधि के बयान को सही ठहराया था। कांग्रेस के कर्नाटक से सांसद डी.के. सुरेश ने तो देश विभाजन तक की बात कहकर अपने दुस्साहस का परिचय दे चुके हैं। recent visitors 127

डमरु वादन की मंगल ध्वनि से गुंजायमान हुई उज्जयिनी, 1500 डमरू वादकों ने बनाया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड

बाबा महाकाल की सवारी बनी आस्था, उत्साह और उमंग की त्रिवेणी डमरु वादन की मंगल ध्वनि से गुंजायमान हुई उज्जयिनी एक साथ 1500 डमरू वादकों ने बनाया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड भगवान महाकाल श्रावण के तीसरे सोमवार निकले नगर भ्रमण पर, भक्तों को दिए दर्शन उप मुख्यमंत्री देवड़ा और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री राजपूत बाबा महाकाल की सवारी में हुए शामिल उज्जैन बाबा महाकाल की तीसरी सवारी आस्था, उत्साह और उमंग के साथ निकाली गई। श्रावण माह के तीसरे सोमवार भगवान महाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में व गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले और अपनी प्रजा का हाल जाना। इस दौरान 1500 डमरू वादकों ने एक साथ डमरू बजाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाया।  भगवान महाकाल की सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में भगवान महाकाल का उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विधिवत पूजन-अर्चन किया और सवारी में शामिल हुए। इस अवसर पर सभा मंडप में विधायक सतीश मालवीय, विधायक महेश परमार, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। डमरू वादकों के साथ बाबा निकले शिव-तांडव स्वरूप में भ्रमण पर बाबा महाकाल की सवारी में डमरू वादन की मंगल ध्वनि के साथ भगवान शिव की स्तुति की गई। डमरू वादकों द्वारा एकसाथ लयबद्ध रूप में आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रावण माह का तीसरा सोमवार उज्जैन के लिए ऐतिहासिक रहा। महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 डमरू वादकों ने एक साथ एक समय समय में लयबद्ध डमरू वादन कर विश्व कीर्तिमान रचा। बाबा महाकाल के भक्तों ने हर्षोल्लास और उमंग से सवारी में भाग लिया और डमरू वादकों का स्वागत किया। निमाड़ अंचल के सुप्रसिद्ध काठी नृत्य की हुई अदभुत प्रस्तुति बाबा महाकाल की सवारी में निमाड़ अंचल के लोकनृत्य काठी की मनमोहक प्रस्तुति आकर्षण का केन्द्र रही। भगवान शंकर और माता गौरा से जुड़ी इस प्रस्तुति ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। लोक कलाकारों ने मोर पंख से सजी आकर्षक रंग-बिरंगी वेशभूषा में प्रमुख ढाक वाद्य यंत्र से आकर्षक प्रस्तुति दी। बाबा महाकाल की सवारी के साथ भजन मंडलियां भी उत्साह और उमंग के साथ शिव भजनों की मधुर प्रस्तुति देते हुए चली। रामघाट पर भगवान महाकाल का इन्द्र देव ने भी किया जलाभिषेक भगवान महाकालेश्वर की सवारी महाकाल मन्दिर से प्रस्थान कर जैसे ही रामघाट पर पहुंची, वैसे ही चहुंओर आस्था और श्रद्धा का जन-सैलाब उमड़ पड़ा। श्रावण में अपने सौंदर्य की छटा बिखेरते हुए स्वयं प्रकृति भगवान महाकाल का स्वागत करने के लिए आतुर दिखाई दी। पुजारियों के साथ भगवान का जलाभिषेक वर्षा कर इन्द्र देव ने भी किया। भगवान महाकालेश्वर का पूजन और जलाभिषेक पं. आशीष पुजारी द्वारा कराया गया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी रामघाट पर भगवान का पूजन किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। “भोले शंभु-भोलेनाथ” और “अवंतिका नाथ की जय” के घोष से श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा भगवान महाकाल की पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मन्दिर के मुख्य द्वार पर पहुंची, सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार चंद्रमौलेश्वर को सलामी दी गई। सवारी मार्ग में जगह-जगह खड़े श्रद्धालुओं ने भोले शंभु-भोलेनाथ और अवंतिका नाथ की जय के घोष के साथ भगवान महाकालेश्वर पर पुष्पवर्षा की। सुगमता से हुए श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों की संख्या में भक्त झांझ, मजीरे, ढोल और भगवान का प्रिय वाद्य डमरू बजाते हुए पालकी के साथ उत्साहपूर्वक आराधना करते हुए चले। श्रद्धालुओं ने सुगमतापूर्वक भगवान के दर्शन लाभ लिए। महाकालेश्वर भगवान की सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंची, जहॉ शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद सवारी रामानुज कोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। बाबा महाकाल की सवारी की प्रमुख झलकियां     दत्त अखाडा पर माधव संगीत महाविद्यालय के दल ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।     श्रद्धालु आकर्षक स्वरूप धारण कर भगवान महाकाल की आराधना करते हुए चले।     सवारी मार्ग पर आकर्षक रंगोलियों से जगह-जगह बाबा महाकाल की सवारी का स्वागत किया गया।     प्रशासन एवं पुलिस के आला अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का सतत् निरीक्षण करते हुए सवारी का सफल संचालन सुनिश्चित किया।     2 चलित रथ के माध्यम से श्रृद्धालुओं ने भगवान महाकाल की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन किए।     महाकाल घाटी, रामघाट, दत्त अखाड़ा, गोपाल मन्दिर आदि प्रमुख स्थानों पर बड़ी एलईडी के माध्यम से भी श्रद्धालुओं ने सवारी का सजीव प्रसारण देखा।   recent visitors 198