Israel Haniya की हत्या महीनों की प्लानिंग के बाद ऐसे इजरायल ने हानिया को उतारा मौत के घाट

तेल अवीव हमास चीफ इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान गए थे. वह ईरानी सेना आईआरजीसी के जिस गेस्टहाउस में ठहरे थे, वहीं उनकी हत्या कर दी गई. लेकिन अब खबर है कि जिस बम से हानिया की हत्या की गई, उसे दो महीने पहले स्मलिंग कर तेहरान लाया गया था. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्माइल हानिया की हत्या के लिए जिस रिमोट कंट्रोल्ड बम का इस्तेमाल किया गया. उसे दो महीने पहले तेहरान गेस्टहाउस में उसी कमरे में रखा गया था, जहां हानिया ठहरा हुआ था. रिपोर्ट में ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दो सदस्यों सहित कई अधिकारियों के हवाले से इसकी जानकारी दी गई. यह नया खुलासा उन शुरुआती रिपोर्ट्स से बिल्कुल अलग है, जिनमें कहा गया कि मिसाइल हमले में हानिया की मौत हुई थी. रिपोर्ट में ईरान के कुछ अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि तेहरान में हानिया की हत्या आईआरजीसी के लिए बेहद शर्मिंदगी की बात है क्योंकि जिस गेस्टहाउस में हानिया और अन्य गणमान्य लोग ठहरे थे, वही इसे ऑपरेट करता है. हानिया तेहरान में नेशहत नाम के आईआरजीसी के कंपाउंड में ठहरा हुआ था. इस कंपाउंड का इस्तेमाल सीक्रेट मीटिंग्स और हानिया जैसे हाई प्रोफाइल गेस्ट के रहने के लिए किया जाता है. कैसे हुआ था धमाका? आईआरजीसी अधिकारियों का कहना है कि हानिया की मौत बम धमाके में हुई थी. यह बम रिमोट कंट्रोल्ड था. जैसे ही धमाका हुआ. गेस्टहाउस के कपाउंड की दीवार का हिस्सा ढह गया, खिड़कियां टूट गईं. हालांकि, इस धमाके से हानिया के बगल वाले कमरे को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा. उस कमरे में फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के नेता जियाद नखलेह ठहरे हुए थे. इससे पुख्ता हो गया है कि हानिया की हत्या की फुलप्रूफ प्लानिंग की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार तड़के दो बजे जैसे ही हानिया के कमरे में बम ब्लास्ट हुआ. कंपाउंड का मेडिकल स्टाफ वहां पहुंचा. हानिया को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया. हानिया के बॉडीगार्ड को भी मृत घोषित कर दिया गया. हमास के एक सीनियर अधिकारी खलील अल-हाया भी मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने हानिया का शव देखा. इसके बाद आईआरजीसी के कुदस फोर्स के कमांडर इस्माइल गनी ने तुरंत ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई को नींद से जगाया और उन्हें बताया कि हानिया मारा गया है. रिपोर्ट में एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह के ब्लास्ट के लिए महीनों की प्लानिंग और सर्विलांस की जरूरत पड़ती है. ईरान के कुछ अधिकारियों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि इस बम को कैसे और कब हानिया के कमरे में लाया गया. लेकिन कुछ मिडिल ईस्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसे मोटे तौर पर दो महीने पहले हानिया के कमरे में प्लांट किया गया था. रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस तरह से हानिया को सटीक निशाना बनाया गया. उससे लगता है कि बम रिमोट कंट्रोल से संचालित होता था. इसी तरह के बम का इस्तेमाल इजरायल के मोसाद ने 2020 में ईरान के परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन की हत्या में किया था. इजरायल ने हानिया की मौत पर साध रखी है चुप्पी ईरान ने तेहरान में इस्माइल हानिया की मौत के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. लेकिन इजरायल ने ना तो इस हमले की पुष्टि की है और ना ही इससे इनकार किया है. इसके बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई ने ईरानी सेना को इजरायल पर हमला करने का आदेश दिया. ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की इमरजेंसी मीटिंग के बाद खामेनेई ने इस हमले का आदेश दिया था. बता दें कि इससे पहले 13 अप्रैल की आधीरात जब ईरान ने इजरायल पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था, तो इसमें सीरिया और इराक भी उतर आए थे. वहीं, लेबनान के ईरान समर्थित चरमपंथी गुट हिज्बुल्लाह ने भी सीरिया में बने इजरायली मिलिट्री बेस पर हमला किया था. वहीं, ईरान के हमले के इस आदेश के बाद इजरायली सेना की ओर से भी जवाब आय़ा है. इजरायली एयरफोर्स के कमांडर मेजर जनरल तोमेरे बार ने कहा कि एयर फोर्स युद्ध के हर क्षेत्र में देश की रक्षा और हमला करता है. हम किसी भी परिस्थिति में मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं. जो भी इजरायल और इजरायली नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाएगा, हम उसे मुंहतोड़ जवाब देंगे. ऐसी कोई भी जगह नहीं है, जो हमारी जद से दूर हो या जहां हम हमला नहीं कर सकें.   recent visitors 121

ओलंपिक में तीन माताओं ने नौकायन में पदक जीतकर बच्चों के साथ मनाया जश्न

पेरिस पेरिस ओलंपिक में तीन माताओं के लिए नौकायन स्पर्धा में पदक जीतने के बाद अपने बच्चों के साथ जश्न मनाना बेहद खास रहा। ब्रिटेन की अनुभवी हेलेन ग्लोवर और न्यूजीलैंड की लुसी स्पूर्स तथा ब्रुक फ्रांसिस बच्चे को जन्म देने के दो साल से भी कम समय के अंदर ओलंपिक पदक जीतने में सफल रहीं। स्पूर्स  तथा  फ्रांसिस की जोड़ी ने महिला युगल स्कल्स में स्वर्ण पदक जीता, जबकि तीन बच्चों की मां ग्लोवर महिला फोर स्पर्धा में रजत पदक हासिल करने में सफल रही। स्पूर्स और फ्रांसिस के जीत दर्ज करने के तुरंत बाद दर्शक दीर्घा में बैठे अपने बच्चों को गोद में उठा लिये। फ्रांसिस ने कहा, ‘‘मैंने उन्हें स्टैंड में देखा और उन्हें गले लगाने में भी कामयाब रही। मुझे लगता है कि वे अपनी मां के वापस आने का इंतजार कर रहे थे।’’ न्यूजीलैंड की ये दोनों खिलाड़ी अपने बच्चों की देखभाल के मुश्किल समय के दौरान एक-दूसरे को प्रेरित करने के लिए अभ्यास सत्र के दौरान बच्चों के गीत गाते थे। वे अपने परिवारों को पेरिस ले आए ताकि प्रतियोगिता पर ध्यान केंद्रित कर सकें। फ्रांसिस ने कहा, ‘‘यह शानदार एहसास है। बच्चों का पालन-पोषण करना आसान नहीं है। हमें इसमें परिवार और दूसरे खिलाड़ियों का भी साथ मिला हैं। यह इसे और भी अधिक खास बनाता है। हमारा परिवार यहां है और हमारे बच्चों को अब यह विरासत देखने को मिलती है।’’ स्पूर्स ने कहा कि उन्हें और फ्रांसिस को प्रतिस्पर्धियों और अन्य टीमों से समर्थन के संदेश मिल रहे थे, जिसमें कहा गया था कि वे उनका कितना सम्मान करते हैं। स्पूर्स ने कहा, ‘‘फ्रांसिस और मेरी स्थिति बिल्कुल एक जैसी है। मुझे लगता है कि हम जानते हैं कि हम दोनों किस दौर से गुजर रहे हैं। इससे हमें अच्छा करने की और अधिक प्रेरणा मिली।’’ ग्लोवर ने अभ्यास के दौरान अपने बच्चों को स्तनपान कराने की चुनौती के बारे में बात की है। वह अपनी रेस पूरी करने के बाद सीधे अपने बच्चों को हाई-फाइव करने गईं। उन्होंने पदक समारोह के बाद भी अपने बच्चों गले लगाया। ग्लोवर ने कहा, ‘‘उन्हें यह (मेरा दूसरे स्थान पर रहना और पदक मिलना) बहुत अच्छा रहा है।’’ ग्लोवर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों को सकारात्मक संदेश देगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इसे (स्तनपान) सामान्य बनाना वास्तव में महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह दिखाता है कि आप (मां बनने के बाद) वापसी कर सकते हैं, चाहे वह कुछ भी हो, चाहे वह काम हो, शौक हो, खेल हो या कुछ और। आप बच्चे होने के बावजूद उत्कृष्टता प्राप्त नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि यह समाज के लिए एक संदेश है और महिलाएं जो चाहती हैं वह बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।’’   recent visitors 107

नाबालिग बच्ची के साथ School Teacher की छेड़छाड़, अभिभावकों का हंगामा

भिलाई  डीपीएस रिसाली भिलाई में 12 साल की स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। स्‍कूल के टीचर पर बच्‍ची के साथ अश्‍लील हरकत करने का आरोप लगा है। इसको लेकर अभिभावकों ने शुक्रवार को स्‍कूल परिसर में खूब हंगामा किया। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोशित करीब 150 से अधिक अभिभावकों ने स्कूल का घेराव कर दिया। अभिभावकों ने स्कूल के प्रिंसिपल से भी चर्चा कर घटना को लेकर विरोध जताया। पेरेंट्स का कहना है कि घटना के 27 दिन बाद भी पुलिस ने भी इस मामले में कार्रवाई नहीं की। फिलहाल मौके पर अभिभावकों के साथ पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद है और घटनाक्रम को लेकर चर्चा कर रहे हैं। घटना पांच जुलाई की बताई जा रही है। भिलाई क्षेत्र में घटनाक्रम को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा तेज हो गई थी। शुक्रवार को अंतत: अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार सुबह से सभी अभिभावक एक जगह एकत्रित होने लगे। सुबह करीब 10 बजे के आसपास एकत्रित पार्षद भिलाई निवास के सामने से पैदल मार्च करते हुए डीपीएस रिसाली स्कूल के गेट के पास पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। स्कूल प्रबंधन ने प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों को स्कूल परिसर के भीतर बुलाया। आक्रोशित अभिभावक स्कूल परिसर में प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर इस मामले में कार्रवाई की मांग करने लगे। इस दौरान स्कूल के प्राचार्य अभिभावकों से चर्चा करने पहुंचे। अभिभावकों के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और अभिभावकों के बीच बातचीत चल रही है। मामले को लेकर कंट्रोल रूम भिलाई में आईजी, एसपी की उच्च स्तरीय बैठक भी चल रही है l recent visitors 104

विश्व मुक्केबाजी के अध्यक्ष ने पेरिस ओलंपिक में लैंगिक मुद्दों से निपटने के लिए आईओसी का समर्थन किया

विलेपिंटे (फ्रांस) अगले ओलंपिक में मुक्केबाजी का संचालन करने की उम्मीद लगाने वाले शासी निकाय ‘विश्व मुक्केबाजी’ के प्रमुख बोरिस वान डेर वोर्स्ट ने कहा कि वह पेरिस ओलंपिक में आईओसी (अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति) की पात्रता नीतियों का समर्थन करते हैं।  उन्होंने लैंगिक मुद्दों की गहरी समझ नहीं रखने वालों से इस पर फैसला करने के लिए चिकित्सा पेशेवरों और वैज्ञानिकों पर भरोसा करने की सलाह दी। विश्व मुक्केबाजी के अध्यक्ष वोर्स्ट ने गुरुवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि उनका संगठन स्वास्थ्य और लिंग पर अपनी नीतियों को विकसित करने में हमेशा एथलीटों की सुरक्षा को पहले स्थान पर रखेगा। आईओसी का कार्यबल तोक्यो ओलंपिक के बाद पेरिस में भी मुक्केबाजी का संचालन कर रहा है। विश्व मुक्केबाजी से अभी सीमित संख्या में देश जुड़े है लेकिन उसे 2026 में डकार, सेनेगल में युवा ओलंपिक और 2028 में लॉस एंजिल्स में इस खेल के संचालन का अधिकार मिलने की उम्मीद है। वोर्स्ट आईओसी के ओलंपिक मुक्केबाजी के संचालन के आलोचकों से भी असहमत हैं। उन्होंने अल्जीरिया की महिला मुक्केबाज इमान खेलीफ और ताइवान की लिन यू-टिंग की पात्रता के मामले में आईओसी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि जब लोग यहां प्रतिस्पर्धा करने के योग्य हों तो हमें उनका सम्मान करना होगा। यह सभी मुक्केबाजों, यहां शामिल सभी लोगों के लिए बहुत दुखद स्थिति है।’’ आईओसी द्वारा प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) ने दावा किया कि दोनों मुक्केबाज 2023 विश्व चैंपियनशिप में लिंग पात्रता परीक्षण में विफल रहे थे। दोनों ने हालांकि इससे पहले कई वर्षों तक एमेच्योर मुक्केबाजी में प्रतिस्पर्धा की थी। खेलीफ गुरुवार को इटली की प्रतिद्वंद्वी एंजेला कारिनी के मुकाबले के महज 46 सेकेंड बाद हटने से पेरिस ओलंपिक का पहले दौर का मुकाबला जीत गईं। कारिनी ने कहा कि वह खेलीफ के खिलाफ कोई राजनीतिक भाव भांगिमा नहीं दिखा रही थी लेकिन इस मुकाबले से हटने के बाद उनकी नम आंखें सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी और लोगों ने उनके प्रति सहानुभूती दिखायी। वोर्स्ट ने एपी को बताया, ‘‘आज जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सोशल मीडिया से, मीडिया और बाकी सभी से जो दबाव बना वह बहुत मददगार नहीं है। यह हर किसी के दिमाग में घर कर रहा है।’’ खेलीफ और लिन की आलोचना आंशिक रूप से आईबीए की नीतियों और निर्णयों पर आधारित है। आईबीए को नेतृत्व, अखंडता और वित्तीय पारदर्शिता में गड़बड़ी जैसे मामलों को लेकर आईओसी ने 2019 से ओलंपिक से अलग कर दिया है। खेलीफ एमेच्योर मुक्केबाज हैं जिन्होंने आईबीए की 2022 विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता। पिछले साल की विश्व चैम्पियनशिप में उन्हें स्वर्ण पदक मैच से ठीक पहले ‘डिस्क्वालीफाई’ घोषित कर दिया था क्योंकि जांच में दावा किया गया कि उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ा हुआ था। आईबीए ने इसी तरह के मामले में लिन से कांस्य पदक वापस ले लिया था। ताइवान और अल्जीरिया दोनों अभी भी आईबीए के सदस्य हैं, लेकिन लिन ने प्यूब्लो ( कोलोराडो) में विश्व मुक्केबाजी के आमंत्रण टूर्नामेंट में भाग लिया था। वह अपना पहला मुकाबला ब्राजील की ओलंपियन जूसिएलेन रोमू से हार गईं थी।   recent visitors 108

पेरिस ओलंपिक के समापन समारोह का हिस्सा होंगे टॉम क्रूज

लॉस एंजिलिस हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज के 11 अगस्त को पेरिस ओलंपिक के समारोपन समारोह में हिस्सा लेने की उम्मीद है। मिशन इम्पॉसिबल सीरीज, टॉप गन और ऐज ऑफ टुमॉरो जैसी बेहद सफल फिल्मों में काम करने वाले एक्शन हीरो टॉम क्रूज के समापन समारोह में एक स्टंट करने की उम्मीद है जब ओलंपिक ध्वज 2028 ओलंपिक के मेजबान शहर लॉस एंजिलिस को सौंपा जाएगा। ‘डेडलाइन’ प्रकाशन ने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। ‘डेडलाइन’ ने सूत्रों के हवाले से कहा, ‘‘आप हॉलीवुड प्रोडक्शन की बड़ी भूमिका होने की उम्मीद कर सकते हैं।’’ कार्यक्रम की जानकारी को गोपनीय रखा गया है लेकिन इस दौरान पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ओलंपिक ध्वज को लॉस एंजिलिस की मेयर केरेन बास को सौंपेंगी। हॉलीवुड वेबसाइट ‘टीएमजेड’ ने समापन समारोह में क्रूज के हिस्सा लेने की जानकारी सबसे पहले दी थी। वेबसाइट ने दावा किया था कि अपने एक्शन के लिए पहचाना जाने वाला यह अभिनेता ओलंपिक के लिए ‘बेजोड़ स्टंट’ की योजना बना रहा है। ओलंपिक 2028 का आयोजन लॉस एंजिलिस में 14 से 30 जुलाई तक किया जाएगा। यह शहर इससे पहले 1932 और 1984 में भी ओलंपिक की मेजबानी कर चुका है।   recent visitors 119

सीहोर में अजीबो गरीब मामला सामने आया, शमशान घाट में मृत शरीर की चिता जलाने वाली जगह एक मोटरसाइकिल का अंतिम संस्कार किया

सीहोर सीहोर जिले में अजीबो गरीब मामला सामने आया है. शमशान घाट में मृत शरीर की चिता जलाने वाली जगह एक मोटरसाइकिल का अंतिम संस्कार किया गया. अज्ञात लोगों ने बाइक को लकड़ी और कंडे के बीच रखकर आग के हवाले कर दिया. अब श्मशान में जली हुई बाइक का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. सीहोर जिले स्थित इछावर क्षेत्र के दिवड़िया मार्ग का यह अजीब मामला अब चर्चा का विषय बन गया है. मार्ग के शमशान घाट में चिता जलाने वाली जगह पर बाइक का अंतिम संस्कार किया गया. अज्ञात लोगों ने लकड़ी और कंडों की चिता सजाकर बाइक को आग लगा दी. मामले का पता चलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई. अंतिम संस्कार वाली जगह जली हुई खड़ी बाइक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. चिता सजाकर जलाई गई बाइक स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसी घटना को वाहन चोरों ने अंजाम दिया होगा. श्मशान घाट में असामजिक तत्वों का यहां जमावड़ा रहता है. घाट में चीता जलाने वाली जगह बाइक का अंतिम संस्कार किए जाने का अजीब मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में भी आया है. मामले में इछावर थाना प्रभारी बृजेश कुमार ने aajtak को फोन कॉल पर बताया कि मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है, लेकिन अभी तक इसमें किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है. कुछ शिकायत आती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी. recent visitors 89

भारतीय पहलवान ‘3-4 पदक’ जीत सकते हैं : साक्षी मलिक

नई दिल्ली जैसे ही भारतीय पहलवान 2024 ओलंपिक खेलों में अपने अभियान शुरू करने के लिए तैयार हो रहे हैं, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक को लगता है कि टीम अगले कुछ दिनों में पेरिस में 3-4 पदक जीतने की क्षमता रखती है। गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत में साक्षी ने विनेश फोगाट (50 किग्रा), अंतिम पंघाल (53 किग्रा), अंशू मलिक (57 किग्रा), निशा (68 किग्रा) और एकमात्र पुरुष पहलवान अमन सहरावत (57 किग्रा) से पदक लेकर घर लौटने की उम्मीद जताई। उनके अलावा 76 किग्रा वर्ग में रीतिका हुडा भी पेरिस ओलंपिक में पदार्पण करेंगी। कुश्ती में पहली बार वरीयता शामिल किए जाने से अंतिम और अमन को अपने-अपने भार वर्ग में चौथी और छठी वरीयता दी गई है। वहीं, अन्य भारतीय इस चतुष्कोणीय मेगा इवेंट में गैरवरीयता प्राप्त हैं। उन्होंने कहा, “इस बार, मुझे लगता है, हम कुश्ती में 3-4 पदक जीत सकते हैं क्योंकि विनेश, अंतिम, अंशू और मेरी जूनियर निशा वहां हैं। अमन एक युवा और होनहार पहलवान है। इसलिए, हम 3-4 पदक की उम्मीद कर सकते हैं।” साक्षी, जो ब्राजील के रियो डी जेनेरो में 2016 के खेलों में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं, ने कहा कि वह ओलंपिक में होने के एहसास को मिस कर रही हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह द्वारा महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ उनके लंबे विरोध के बावजूद, ओलंपिक पदक विजेता ने कहा कि उन्हें खेल से अलग किया जा रहा है और अगर बृज भूषण और उनके सहयोगियों को संगठन से हटा दिया जाता तो चीजें अलग होतीं । पिछले साल कुश्ती से संन्यास लेने वाली 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, “हां, मुझे ओलंपिक की याद आती है क्योंकि मैं इसे टीवी पर देख रही हूं। जो भी संन्यास ले चुका है उसे ऐसा ही लगता है। कुश्ती में, एक एथलीट का करियर अन्य खेलों की तुलना में बहुत छोटा होता है। मैं अपना काम कर रही हूं लेकिन मुझे इसकी याद आती है ओलंपिक गांव में रहने, वहां खेलने और एथलीटों से मिलने का एहसास। अगर कुश्ती में कुछ सुधार होता और यह बृज भूषण और उनके सहयोगियों के नियंत्रण में नहीं होता, तो मुझे अपना मूल्य मिल जाता। एक लंबी लड़ाई के बाद भी हमें कोई ध्यान नहीं मिल रहा है और हमें खेल से अलग कर दिया गया है। ” साक्षी ने कहा, “मैं ओलंपिक पदक जीतने वाली एकमात्र महिला पहलवान हूं, इसलिए मेरी भागीदारी वहां होनी चाहिए थी। मैं मैच देखने के लिए पेरिस जाती। इसलिए, मुझे इन सभी चीजों की बहुत याद आती है।” भारत ने कुश्ती में सात ओलंपिक पदक जीते हैं, जिसमें 1952 के हेलसिंकी खेलों में केडी जाधव द्वारा जीता गया देश का पहला व्यक्तिगत पदक भी शामिल है। सुशील कुमार बीजिंग 2008 में कांस्य पदक के साथ ओलंपिक पदक जीतने वाले दूसरे पहलवान बने। इसके बाद उन्होंने लंदन 2012 में रजत पदक जीतकर इसमें सुधार किया और ओलंपिक में लगातार दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। भारत ने पिछले चार ओलंपिक में से प्रत्येक में कम से कम एक कुश्ती पदक जीता है। टोक्यो 2020 में रवि कुमार दहिया (रजत) और बजरंग पुनिया (कांस्य) ने देश का नाम रोशन किया। पेरिस ओलंपिक कुश्ती प्रतियोगिताएं 5 अगस्त से 11 अगस्त तक 10,000 वर्ग मीटर में फैली एक अस्थायी संरचना, चैंप-डी-मार्स एरिना में होने वाली हैं।   recent visitors 93