मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया

  भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के सनोदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जटाशंकर घाटी सागर-दमोह मार्ग पर ट्रक और कार की टक्कर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदात करने तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।   recent visitors 125

मध्यप्रदेश अंगदान के लिए ‘बेस्ट इमर्जिंग स्टेट’ पुरस्कार से सम्मानित

भोपाल मध्यप्रदेश को अंगदान प्रथा को बढ़ावा देने के लिए ‘बेस्ट इमर्जिंग स्टेट’ का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमति अनुप्रिया पटेल ने आज डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, दिल्ली में आयोजित 14वें भारतीय अंगदान दिवस समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया। इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण पिथोड़े और महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डीन डॉ. संजय दीक्षित ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. विनोद कुमार पॉल भी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश में 60 ब्रेन डैड कैडेवरिक दान सफलतापूर्वक पूरे हुए हैं, जो अंगदान में एक नया बेंचमार्क है। वर्ष 2018 में महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, इंदौर में राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) की स्थापना हुई थी। इसी वर्ष इंदौर जिले को अंगदान के क्षेत्र में ‘बेस्ट इमर्जिंग डिस्ट्रिक्ट’ का पुरस्कार प्राप्त हुआ था। अंगदान और प्रत्यारोपण में उत्कृष्ट कार्य के लिए SOTTO, मध्यप्रदेश को वर्ष 2019 में ‘बेस्ट SOTTO अवार्ड’ भी मिल चुका है। उल्लेखनीय है कि अंगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाने, अंगदान से जुड़े मिथकों और गलत धारणाओं को दूर करने और नागरिकों को मृत्यु के बाद अंगदान और ऊतकदान के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2010 से प्रतिवर्ष 3 अगस्त को भारतीय अंगदान दिवस मनाया जाता है।   recent visitors 158

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में दीवार गिरने से बच्चों की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया

  भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज रीवा में दीवार गिरने से चार बच्चों की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करने और हादसे में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतक बच्चों के परिजन को राज्य सरकार की ओर से 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि रीवा के ग्राम गढ़ में निजी विद्यालय के समीप दीवार गिरने से 5 से 8 साल आयु के मासूम बच्चों की असमय मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत बच्चों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है।   recent visitors 122

मंत्री ओ.पी चौधरी ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की समीक्षा की

रायपुर, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी चौधरी ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की समीक्षा की, जिसमें राज्य के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी उपस्थित हुए। मंत्री श्री चौधरी ने विभागीय समीक्षा बैठक में आवासीय कालोनियों के विकास अनुज्ञा, नियमितिकरण, विकास योजना तथा भवन निर्माण अनुज्ञा में सरलीकरण हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने ऑनलाईन प्रक्रिया में आ रही कठिनाईयों के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा उक्त समस्या को देखते हुए साफ्टवेयर में सरलीकरण करते हुए समस्त कार्यालय प्रमुखों को प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने निर्देशित किया।     मंत्री श्री ओ. पी चौधरी द्वारा नए जिलों में कार्यालयों की स्थापना एवं कर्मचारियों के पद सरंचना के पुनःनिर्धारण पर भी चर्चा की गई साथ ही राज्य के प्रमुख जिले रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगाँव जैसे बड़े शहरों में कर्मचारियों-अधिकारियों के पद सरंचना में वृद्धि करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की उचित व्यवस्था से आमजनों  के प्रकरणों का निराकरण सुगमता से समय-सीमा पर किया जा सकता है। मंत्री श्री ओ. पी चौधरी ने संचालक श्री सौरभ कुमार को यह निर्देशित किया कि समस्त अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय में कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजनों के प्रकरणों का निराकरण करें। कार्यो में पारदर्शिता एवं तत्परता दिखनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिलने के समय का निर्धारण कर इसकी सूचना कार्यालय के सूचना पटल पर अवश्य लगाए।   इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण की सचिव श्रीमती आर. संगीता, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के संचालक श्री सौरभ कुमार, अपर संचालक श्री संदीप बांगड़े, सहित समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रमुख अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। recent visitors 121

मुख्यमंत्री नरसिंहपुर में लाड़ली बहनों के आभार सह उपहार कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनों के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। प्रदेश की जनता और बहनों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का एक अलग ही आनंद है। बहनों ने आज जिस स्नेह से उन्हें राखी बांधी है, उसे वह भूल नहीं सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रक्षाबंधन एवं श्रावण उत्सव में नरसिंहपुर के कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित लाड़ली बहनों के आभार सह उपहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहनों को राज्य सरकार प्रतिमाह 1250 रुपये की राशि दे रही है, जिसका उपयोग बहनें अपने परिवार को चलाने के लिए करती हैं। इस बार रक्षाबंधन के अवसर पर 10 तारीख को लाड़ली बहना योजना की राशि के साथ उन्हें 250 रुपये अलग से दिये जायेंगे। यह राशि प्रदेश की 1.29 करोड़ बहनों के बैंक खातों में अंतरित की जायेगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व सभी त्यौहारों से बड़ा है, जो भाई- बहन के अटूट प्रेम को प्रदर्शित करता है। आज यहां नरसिंहपुर की बहनों के बीच पहुंचकर जो स्नेह मुझे मिला है, ऐसा लगता है कि आज मैंने सभी त्यौहार मना लिये। यह त्यौहार हमारी सनातन संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर में आयोजित लाड़ली बहनों के आभार सह उपहार कार्यक्रम में 151.13 करोड़ रुपये की लागत से 12 निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन व शिलान्यास किया। साथ ही विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को लाड़ली बहनों ने वृहद राखी भेंट की और उनकी कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर की खुली जेल परिसर में आम का पौधा रोपा। जेल विभाग के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सौभाग्य से होता है मनुष्य का जन्म भारत भूमि में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई जन्मों के पुण्य के बाद भाग्य अच्छा हो, तो मनुष्य इस पृथ्वी पर जन्म लेता है और सौभाग्य अच्छा रहा, तो वह भारत में जन्म लेता है। भगवान के भक्ति के पुण्य से मध्यप्रदेश में तथा साधना की पराकाष्ठा से वह नर्मदा किनारे जन्म लेता है। हमारी संस्कृति है जियो और जीने दो। हमारी संस्कृति सर्वे भवंतु सुखिन:-सर्वे संतु निरामया, यही संस्कृति हमें एक-दूसरे एवं प्रकृति से जोड़ती है। चराचर जगत में हमारी समरसता के कारण ही भारत की अलग पहचान है, जहां सदैव संस्कार पूजे जाते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद द्वारा अमेरिका में दिये भाई- बहनों के संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में समानता का भाव है। जहां दुनिया में व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की आवश्यकता होती है, लेकिन हमारे यहां यह कार्य संस्कार करते हैं। पुलिस तो गुंडे- बदमाशों को नियंत्रित करने के लिए चाहिये। कोई भी योजना नहीं होगी बंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की बेहतर शिक्षा के लिए नई शिक्षा नीति के तहत नरसिंहपुर सहित प्रदेश के हर जिले में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले गये हैं। उन्होंने कहा कि खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को केन्द्र सरकार 6 हजार रुपये तथा राज्य सरकार भी 6 हजार रुपये दे रही है, जिससे किसान खाद- बीज, बिजली, पानी आदि की पूर्ति कर सके। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की छात्रवृत्तियां चालू रहेंगी, जिससे विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। प्रदेश में संचालित सभी कल्याणकारी योजनाएँ निरंतर चलती रहेगी, कोई भी योजना बंद नहीं की जायेगी। युवाओं को सीखो- कमाओ योजना में इंटरशिप में हिस्सेदारी दी जायेगी। दुग्ध उत्पादक कृषकों को दी जायेगी बोनस राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं, धान के बोनस की तरह अब दुग्ध उत्पादक किसानों को भी बोनस राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी के उन्नयन के लिए जो भी लागत आयेगी, वह स्वीकृत की जायेगी। मुख्यमंत्री ने विगत दिवस जिले के गाडरवारा विधानसभा के सांईखेड़ा विकासखंड के ग्राम रम्पुरा में अतिवर्षा से मकान ढहने से मृत व्यक्तियों को 4-4 लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सावन की झड़ी की भांति विकास के लिए प्रदेश के मुखिया का आशीर्वाद प्रदेश को मिलता रहे। उन्होंने विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उनके आगमन पर बधाई व शुभकामनायें दी। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, सांसद श्री चौधरी दर्शन सिंह ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज़िला प्रशासन के विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।   recent visitors 121

आठ करोड़ की लागत से बने पाँच कन्या छात्रावास, छतीसगढ़-रायपुर में मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज आरंग में पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ किया। पाँचो छात्रावासों के शुरू हो जाने से अनुसूचित जाति की तीन सौ कन्याओं की अपनी पढ़ाई के लिए आवासीय सुविधा मिलेगी। इन छात्रावासों की लागत आठ करोड़ छह लाख रुपये से ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग 100 सीटर लागत 174.67 लाख, प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास मंदिर हसौद, 50 सीटर लागत 174.67 लाख, अनुसूचित जाति कन्या आश्रम आरंग 50 सीटर लागत 162.76 लाख, अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आश्रम 50 सीटर लागत 162.76 लाख, नवीन प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग 50 सीटर लागत 152.97 लाख रूपए का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कन्या छात्रावास परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रामफल के पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी हॉस्टल, छात्रावासों में दो हजार सीटों की वृद्धि करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने माइनर नगर वितरक शाखा क्रमांक-एक पोढ़ापार रसोटा तुलसी केशला के जीर्णाेद्धार, आरंग एसडीएम और तहसील कार्यालय के कर्मचारियों के लिए आवास के निर्माण, आरंग रेस्ट हाउस का विस्तार और जीर्णाेद्धार करने की घोषणा की। इस मौके पर विधायक गुरू श्री खुशवंत साहेब की मांग पर भण्डारपुरी गुरुद्वारा परिसर के निर्माण के लिए 17 करोड़ रुपये की मंज़ूरी भी दी गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छात्रावास के लोकार्पण कर छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि इन भवनों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग की हमारी बेटियां सुविधापूर्ण तरीके से अपनी शिक्षा को जारी रख सकेंगी और अच्छी तरह पढ़-लिखकर अपने माता-पिता और हमारे प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विकास का मूल मंत्र है। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम ही नहीं है बल्कि उससे भी बढ़कर एक आदर्श समाज की नींव है। किसी भी कार्य को अच्छी तरह कर पाने के लिए शिक्षा का अहम योगदान होता है। 15 साल प्रदेश में डॉ. रमन सिंह की सरकार रही, इन 15 सालों में प्रदेश में शिक्षा के विकास के लिए अनेक कार्य हुए। उस समय हमारे प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान टॉप में रहे। उसी का परिणाम है कि आज प्रदेश में 10 से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन के साथ विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार को कुछ ही माह हुए हैं इतने कम समय में हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रदेश की जनता को दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस क्रम में आरंग विधानसभा के विकास के लिए भी हमने कम समय में 17 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है। शिक्षा के क्षेत्र में भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। पीएम श्री योजना में छत्तीसगढ़ के 211 स्कूलों को शामिल किया गया है। इन स्कूलों के विकास के लिए केंद्र सरकार से 02 करोड़ रूपए का बजट मिलेगा, जिसका उपयोग स्कूल में अच्छे शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाकर आईएएस, आईपीएस परीक्षा की तैयारी करने वाले एसटी, एससी, ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली में निर्धारित हॉस्टल में सीटों की संख्या की बढ़ोतरी करते हुए उसे 200 किया गया है। मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार समाज के बेहतरी, उत्थान और विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि इन कन्या छात्रावासों के शुभारंभ से छात्राओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही हैै कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में भवन विहीन 180 छात्रावासों के बिल्डिंग निर्माण की स्वीकृति मिली है। वर्तमान में 180 में से 121 भवन के निर्माण के लिए 210 करोड़ रूपए का टेंडर भी लगा दिया गया है। 69 छात्रावास बिल्डिंग निर्माण के लिए निविदा भी अपलोड की जा रही है। प्रदेश के 295 भवनविहीन छात्रावास और आश्रम के भवन निर्माण के लिए भी हमारी सरकार प्र्रतिबद्ध है। श्री नेताम ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने खराब स्थिति वाले छात्रावास के मेंटेनेंस कर उन्हें सर्वसुविधा युक्त बनाने का भी कार्य कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल और अनुकूल सुविधाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। एसटी-एससी वर्ग के लिए छात्रावासों आश्रमों में निर्धारित संख्या 3757 है, जिनमें 1,97,000 सीटें है। कई जगहों में आश्रम छात्रावासों में भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है। प्रदेशभर में हमने नवीन एकलव्य विद्यालय भी खोले हैं। उल्लेखनीय है कि इन छात्रावास-आश्रमों में अनुसूचित जाति की छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रवेश दिया जाएगा, जहाँ रहकर वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगी। छात्रावासों में सुसज्जित शयन कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष, क्लास रूम्स सहित भोजन कक्ष और पर्याप्त संख्या में शौचालय तथा स्नानागार बनाये गये है। भवनों में बिजली-पानी की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 20 स्कूली छात्राओं को आने-जाने के लिए निः शुल्क साइकिलें भी वितरित की। आरंग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया। उन्होंने मिनीमाता महतारी योजना के तहत श्रमिक परिवार की दस महिलाओं को बीस-बीस हज़ार रुपये की सहायता दी। श्री साय ने नोनी सशक्तिकरण योजना के तहतश्रमिक परिवार की  लगभग पंद्रह मेधावी छात्राओं को भी बीस -बीस हज़ार रुपये की राशि के चेक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने दो निर्माण श्रमिकों की मृत्यु के बाद उनके परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की। यह राशि निर्माण श्रमिक मृत्यु-दिव्यांग सहायता योजना के तहत दी गई। श्री साय ने दो बुजुर्ग श्रमिकों को बीस बीस हज़ार रुपये की सहायता श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत प्रदान की। श्रमिकों के पाँच मेधावी बच्चों को उनकी पढ़ाई जारी रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए तीन तीन हज़ार रुपये की सहायता भी दी गई। इस योजना के तहत एक साल में नब्बे दिन निर्माण श्रमिक के रूप में काम करने वाले पंजीकृत श्रमिक के दो बच्चों को पहली कक्षा से स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई के लिए एक हज़ार रुपए से दस हज़ार रुपए तक की सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री श्री साय … Read more

प्रशासन की आनाकानी पर ग्रामीणों ने दिया धरना, राजस्थान-झुंझनू में अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण रुका

झुंझनू. सूरजगढ़ के ग्राम काजड़ा में सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मात्र एक व्यक्ति का अतिक्रमण नहीं हटने से सड़क निर्माण का कार्य रुका हुआ है। मामले में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सड़क निर्माण क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और अतिक्रमण नहीं हटाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामवासी पहले भी कई बार प्रशासन से अतिक्रमण हटाने को लेकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन अतिक्रमण हटाने की बजाय अतिक्रमणकर्ता के पक्ष में दलीलें दे रहा है। जिला कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान भी दो बार इस मामले में शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अतिक्रमण को लेकर पहले प्रशासन लीपा-पोती कर रहा था, अब सूरजगढ़ उपखंड अधिकारी खुलकर अतिक्रमणकारियों का समर्थन कर रहे हैं। सूरजगढ़ उपखंड अधिकारी ऑन ड्यूटी होते हुए एक महीने से कार्यालय से नदारद हैं। बताया जा रहा है कि अतिक्रमणकर्ता नंदकिशोर के अगल-बगल में बहुत से लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। यहां तक कि 80 वर्ष पुराने मकान भी तोड़े गए हैं। इस अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण कार्य रुकने की वजह से गांवों के लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूरजगढ़ से बेरी तक बन रही एमडीआर सड़क निर्माण क्षेत्र से तकरीबन सभी का अतिक्रमण हटा दिया गया है लेकिन ग्राम काजड़ा में नंदकिशोर सैनी का चबूतरा हटाने में प्रशासन आनाकानी कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा रात्रि चौपाल और जनसुनवाई के लिए आयोजित किए जाने वाले कैंपों के लिए लाखों रुपये खर्च होते हैं, जबकि काम तो कार्यालय में बैठकर भी किया जा सकता है। जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में दो बार ग्रामीणों द्वारा उक्त अतिक्रमण को हटाने की शिकायत करने के बावजूद भी प्रशासन अतिक्रमियों के पक्ष में काम कर रहा है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण नहीं हटाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। recent visitors 120