नेचुरोपैथी से देश का स्वास्थ्य बजट होगा कम : डॉ अनंत बिरादार

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सूर्या फाउण्डेशन व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) द्वारा केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  श्री प्रतापराव जाधव का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था। समारोह का उद्घाटन आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। समारोह में 200 से अधिक योग प्राकृतिक चिकित्सा जगत के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त माननीय  श्री राजू बिष्ट एवं श्री भोलासिंह जी दोनों सांसद, श्री कोस्तुभ कर्माकर (वेद जी) वॉइस चेयरमैन सूर्या फाउण्डेशन, डॉ. डी. एन. शर्मा व डॉ आर एस डबास दोनों राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (INO)  श्री बिजय राज शिन्दे पूर्व विद्यायक बुलढाना महाराष्ट्रा,  श्री नन्द किशोर अग्रवाल अध्यक्ष व श्री मामराज अग्रवाल, बालाजी निरोगधाम वैलनेस नेचर क्योर दिल्ली तथा योग प्राकृतिक चिकित्सा योग की अन्य संस्थओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित हुये। समारोह में विशिष्ठ अतिथि के रूप में दार्जिलिंग के सांसद श्री राजूबिष्ट एवं बुलन्दशहर के सांसद डॉ भोलासिंह ने उपस्थित प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि आदरणीय पद्मश्री जयप्रकाश जी पिछले तीन दशकों से प्राकृतिक चिकित्सा योग के समग्र विकास हेतु श्रेष्ठ व सराहनीय योगदान दे रहे है। हम भी संसद में प्राकृतिक चिकित्सा के विकास हेतु आवाज बुलंन्द करेगें। आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने अपने अभिनंदन के लिए सूर्या फाउण्डेशन व (INO) एवंम् योग नेचुरोपैथी संस्थाओं का आभार प्रकट करते हुए बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम योग नेचुरोपैथी का समग्र विकास व प्रचार.प्रसार हेतु आयुष मंत्रालय की सभी योजनाए व प्रॉजेक्ट को प्रभावी रूप से लागू करेगें। मुझे आज इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) द्वारा दिये गये नेचुरोपैथी डॉक्टर्स का रजिस्ट्रेशन एवं अन्य महत्वपूर्ण सुझावों को शीघ्र ही लागू करने का प्रयास करूगा। अभिनंदन समारोह के अध्यक्ष व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉण् अनंत बिरादार ने आयुष मंत्रालय व नेशनल आयुष मिशन (NAM) द्वारा पिछले 8 वर्षों में नेचुरोपैथी के लिए किये गये रचनात्मक कार्यों हेतु आयुष मंत्री व आयुष सचिव का आभार प्रकट किया। साथ ही नेचुरोपैथी में अनेक वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे नेचुरोपैथी चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन नेचुरोपैथी रजिस्ट्रेशन बोर्ड (NRB) के माध्यम से शिघ्र करने का निवेदन किया। साथ ही डॉ बिरादार ने बताया कि इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) मंत्रालय के सहयोग से प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार. प्रसार हेतु अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, प्राकृतिक चिकित्सा दिवस,  सामूहिक सूर्या नमस्कार,  योग उत्सव, कौन बनेगा स्वास्थ्य रक्षक आदि अभियान पद्मश्री जयप्रकाश जी के मार्गदर्शन 32 में राज्यों में कर रहा है। प्राकृतिक चिकित्सा में अग्रसर अपने श्रेष्ठ कार्यो के कारण इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक चिकित्सा संगठन बना है। इस अवसर पर डॉ अनंत बिरादार ने प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर निम्नलिखित प्रस्ताव रखे : 1. 11 जुलाई 2019 को राष्ट्रीय योग प्राकृतिक चिकित्सा संवर्धन व विकास बोर्ड की बैठक में प्राकृतिक चिकित्सकों (BNYS/Self Educated/Diploma Holder के रजिस्ट्रेशन पर लिए गये निर्णय का पालन करते हुये रजिस्ट्रेशन किया जाय। यह कार्य नेचुरोपैथी रजिस्ट्रेशन बोर्ड (NRB) के माध्यम से यथाशीघ्र प्रराम्भ करें। 2. प्राकृतिक चिकित्सालय आरम्भ करने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा अनुदान (Grant-in-aid) का प्रावधान किया जाय। 3. प्राकृतिक चिकित्सा के समग्र विकास हेतु अलग से योग नेचुरोपैथी आयोग का गठन किया जाए। 4. प्राकृतिक चिकित्सा के विकास के लिए आयुष मंत्रालय में योग नेचुरोपैथी सलाहकार को नियुक्त किया जाए। 5. आयुष मंत्रालय द्वारा पूणे, महाराष्ट्र में बनाये गये प्राकृतिक चिकित्सालय को प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय की मान्यता दी जाए। 6. योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अन्तर्गत प्रमाणीकरण प्राप्त कर चुके योग वांलटियरए योग शिक्षक आदि को रोजगार के अवसर के लिए सरकार दिशा.निर्देश जारी करे। इस अवसर पर बालाजी निरोगधाम वैलनेस नेचर क्योर संस्था को प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार.प्रसार व विकास हेतु सूर्या फाउण्डेशन इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) द्वारा अवॉर्ड ऑफ ऐक्सीलेन्स (Award of Excellence) दे कर सम्मानित किया गया। इस अवॉर्ड को श्री नन्द किशोर अग्रवाल व श्री मामराज अग्रवाल ने प्राप्त किया। recent visitors 259

छत्तीसगढ़ की मितान योजना का नाम बदला, पात्रता और शर्तों में कोई बदलाव नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने मितान योजना का नाम बदल दिया है। भूपेश बघेल की सरकार में शुरू की गई मितान योजना का नाम अब मोर संगवारी कर दिया गया है। इसके संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। हालांकि योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं और शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये पहला मौका नहीं है जब सरकार ने भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों को बदला हो। इससे पहले भी सरकार ने कई योजनाओं के नाम बदले थे। घर बैठे मिलती हैं 27 सुविधाएं मितान योजना के अतंर्गत लोगों को शासकीय सुविधाएं घर बैठे मिलती थी। अब इसे मितान की जगह मोर संगवारी कर दिया गया है। इस योजना के लिए ऐप भी जारी कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री और राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री अरुण साव ने हाल ही में चार नई नगरपालिकों में इस योजना का विस्तार किया था। मंदिर हसौद, बांकी मोंगरा, लोरमी और पंडरिया नगरपालिका के लोगों को भी अब इस सुविधा का लाभ मिलेगा। भूपेश बघेल ने शुरू की थी योजना छत्तीसगढ़ में मितान योजना की शुरुआत कांग्रेस की सरकार में हुई थी। तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने 22 अप्रैल 2022 को मितान योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लोगों को घर बैठे कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। किन सुविधाओं का मिलता है लाभ इस योजना के जरिए लोग जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, राशन कार्ड, आधार कार्ड, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, असंगठित कर्मकार पंजीयन एवं सुधार पैन कार्ड का पंजीयन एवं सुधार सहित 27 प्रकार की सुविधाएं घर बैठे मिलती हैं। इसके लिए आम लोगों को ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। इन लोगों को इस योजना का लाभ लेना है वह लोग घर बैठे टोल-फ्री नंबर 14545 में कॉल कर इसके बारे जानकारी ले सकते हैं। सिर्फ नाम बदला है शर्ते नहीं मितान योजना का नाम बदलकर मोर संगवारी किया गया है। इस योजना के नाम में बदलाव किया गया है। बाकी इस योजना की शर्तों और सुविधाओं में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। लोगों को पहले की तरह ही इस योजनाओं में सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा। recent visitors 100

नेहरू ने तो आरक्षण के विरोध में अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख दिया था, जबकि राजीव गांधी खुलेआम विरोध करते थे: अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को जाति विवाद को लेकर कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा और दावा किया कि यदि सामंतवादी सोच वाली कांग्रेस ने मंडल और काका कालेलकर की रिपोर्ट की राह में रोड़ा नहीं अटकाया होता, तो आज स्थिति कोई और होती। अनुराग ठाकुर ने कहा कि नेहरू ने तो आरक्षण के विरोध में अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख दिया था, जबकि राजीव गांधी खुलेआम मंडल आयोग की रिपोर्ट का विरोध करते थे। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, ''सांच को आंच नहीं। कुछ लोगों के मेरे भाषण से उनके Sense of Entitlement को गहरी चोट लगी है, जिसका असर हुआ कि पूरे ने चीख पुकार मचाना शुरू कर दिया है। इन्हें लगता है कि सवाल पूछने का हक सिर्फ इन्हें है, क्योंकि ये प्रिविलेज्ड हैं। यह वही लोग हैं जिनके पूर्वज देश के पिछड़ो, दलितों और वंचितों को बुद्धू कहा करते थे। जो लोग आज तक लेगेसी की मलाई खाते आ रहे रहे हैं, आज उनके मुंह में सवाल की खटाई क्या पड़ी, ये झूठ बोलकर अपनी जग हंसाई करवा रहे हैं।  लम्हों ने ख़ता की थी, सदियों ने सजा पाई।'' बीजेपी सांसद ने बात करते हुए कहा, ''जो दूसरों को बुद्धू कहा करते थे, आज उनके ही घरों में बुद्धिओं की भरमार है। ये वही लोग हैं, जिन्हें लगता था कि उनके सामने कोई दलित व्यक्ति कोट-पैंट पहनकर कैसे खड़ा हो सकता है और संविधान लिख सकता है।'' पूर्व पीएम राजीव गांधी का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राजीव गांधी ने कहा था कि आरक्षण के नाम पर बुद्धिओं को बढ़ावा नहीं देंगे। यह इंटरव्यू साल 1985 में प्रकाशित हुआ था। मैं कहता हूं कि बात निकली है तो दूर तक जाएगी। पूर्व प्रधानमंत्री के अति बुद्धिमान पुत्र इस देश को बताएंगे कि क्या उनके पिता की नजरों में पिछड़ा वर्ग बुद्धू था? क्या कांग्रेस राजीव गांधी द्वारा दिए गए एक अतिघृणित जातिवादी बयान की निंदा करेगी या फिर उसके खिलाफ रिजॉन्यूशन पास किया जाएगा?'' उन्होंने आगे कहा, ''1947 से लेकर कांग्रेस अपने वैचारिक दरबारियों के साथ मिलकर दलित और वंचित समाज को मुख्यधारा से बाहर करने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपनाती रही। जब जवाहरलाल नेहरू से पूछा गया कि दलित और आदिवासियों को आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा तो उन्होंने बहाना बना दिया कि आरक्षण देने से उनके मन में हीन भावना भर जाएगी। नेहरू ने तो अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर बता दिया था कि वे किसी भी आरक्षण के खिलाफ हैं। इंदिरा गांधी की भी यही नीति थी। मंडल आयोग की रिपोर्ट भी लागू होने की राह ताकती रही। राजीव गांधी और इंदिरा गांधी ने दस साल तक इस रिपोर्ट को लागू नहीं होने दिया।'' 'मंडल आयोग की रिपोर्ट के विरोध में थे राजीव' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राजीव गांधी तो खुलेआम मंडल आयोग के रिपोर्ट को लागू करने का विरोध करते रहे। जब काका कालेलकर की रिपोर्ट आई तो भी कांग्रेस ने इसे वर्षों तक छिपा कर रखा। देश में पिछड़ा-आदिवासी, दलित समाज को राहुल गांधी के इरादे पर शंका है, क्योंकि ये उसी परिवार और पार्टी के सर्वे-सर्वा हैं, जिन्होंने आजतक सारी मर्यादाओं को तोड़कर आरक्षण का विरोध किया। सामंतवादी जब समाजवादी बनने का ढोंग करते हैं तो बहुत खतरनाक होते हैं। कांग्रेस ने तो मोदी जी के बहाने पिछड़ावर्ग को गालियां दीं और अपमानित किया। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बजट पर चर्चा के दौरान संसद में अनुराग ठाकुर ने जाति पर बयान देकर विवाद पैदा कर दिया था, जिसके बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था।  recent visitors 136

अवैध मादक पदार्थ तस्करों पर की कार्रवाई, राजस्थान-जालौर कोतवाली पुलिस ने पकड़ा पौने दो करोड़ का डोडा पोस्त

जालौर. कोतवाली पुलिस की अवैध मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। जहां करीब पौने दो करोड़ का डोडा पोस्त बरामद किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन की तलाशी के दौरान दो अवैध देसी कैट 4 मैगजीन व 11 जिंदा कारतूस बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार जालौर जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थ तस्करी की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अभियान चला रहे हैं. इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर लाल एवं गौतम कुमार जैन डीवाईएसपी जालौर के सुपरविजन में कोतवाली थाना अधिकारी जसवंत सिंह के नेतृत्व में शहर में गश्त के दौरान शाही विहार कॉलोनी थर्ड फेस की तरफ से आने वाले कच्चे रास्ते पर पहुंचे। जहां एक पिकअप वाहन बिना नंबरी पुलिस की गाड़ी को देखकर वहां छोड़कर भाग गए, जिसकी पुलिस टीम ने तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बिना नंबरी पिकअप वाहन में से कुल 54 प्लास्टिक के कट्टों में अवैध डोडा पोस्ट भरा हुआ पाया, जिसमें प्लास्टिक के कट में भरा हुआ 1151.680 किलोग्राम पोस्त बरामद हुआ। इसके अलावा अवैध मादक पदार्थ तस्करी में परिवहन में प्रयुक्त वाहन की तलाशी ली गई तो अंदर दो देसी कटे हुए मैगजीन, 11 जिंदा कारतूस बरामद किया। हालांकि आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस की ओर से बरामद किए गए अवैध डोडा पोस्त की करीब बाजार कीमत पौने दो करोड़ रुपए आंकी जा रही है। एसपी ज्ञानचंद यादव ने बताया कि रात्रि गस्त एवं तलाशी अभियान के दौरान एक बिना नंबरी पिकअप बोलेरो वाहन के संदिग्ध लगने व पुलिस वाहन को देखकर भागने पर पुलिस टीम ने पीछे किया गया, जिसमें चालक द्वारा कच्चे रास्ते में ले जाकर भागली गांव के पास वाहन फंस गया तो अज्ञात आरोपियों द्वारा वहां छोड़कर भाग गए।   recent visitors 114

मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य से 10 तेंदुओं को पकड़कर ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में छोड़ा

उज्जैन  मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य से 10 तेंदुओं को पकड़कर खंडवा जिले के प्रस्तावित ओंकारेश्वर राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में छोड़ दिया गया है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान से चीतों को स्थानांतरित करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए यह किया गया है। श्योपुर जिले के कूनो से शिकारियों को स्थानांतरित करने का उद्देश्य चीतों के लिए प्रतिस्पर्धा को कम करना है, जिन्हें वन विभाग प्रोजेक्ट चीता के हिस्से के रूप में गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञों की निगरानी में हो रही कार्रवाई उज्जैन के वन संरक्षक एमआर बघेल ने हमारे सहयोगी समाचार पत्र टाईम्स ऑफ इंडिया को बताया कि वन अधिकारियों ने गांधी सागर अभयारण्य में लगभग 20-22 तेंदुओं की गिनती की थी। इनमें से लगभग 10 तेंदुओं को पकड़कर खंडवा में छोड़ दिया गया है। कार्रवाई विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में की जा रही है। बाड़ लगाकर दे रहे सुरक्षा गांधी सागर अभयारण्य 382 वर्ग किमी में फैला हुआ है। पिछले एक साल से अभयारण्य में चीतों को 64 वर्ग किमी के विशेष रूप से डिजाइन किए गए बाड़ वाले क्षेत्र में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। डीएफओ संजय रायखेड़े ने बताया कि चीतों के लिए तैयार किए गए बाड़े के बाहर करीब 120 तेंदुए देखे गए हैं। उन्होंने कहा, 'इन शिकारियों को बाहर रखने के लिए लगभग 10 फीट ऊंची बाड़ तैयार की गई है।' केन्या से आई थी टीम बघेल ने कहा कि केंद्र की एक टीम और केन्या के विशेषज्ञों ने हाल ही में गांधी सागर अभयारण्य का दौरा किया था और चीतों की सुविधा के लिए बुनियादी नियम बनाए थे। उन्होंने कहा, 'हम चीतों के लिए पर्याप्त भोजन सुनिश्चित करने के लिए कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से गांधी सागर में 121 चित्तीदार हिरण भी लाए हैं।' recent visitors 121

अब मॉनसून मेहरबान, अगस्त में और सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद, दूर हो जाएगी सारी गर्मी

नई दिल्ली जून और जुलाई के महीने में यूपी, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश समेत बड़े मैदानी इलाके में भीषण गर्मी रही। कई दिन तो ऐसे थे कि पारा 50 डिग्री के आसपास पहुंच गया था, लेकिन अब मॉनसून मेहरबान हुआ है। जुलाई के आखिरी दिनों में पटना, लखनऊ, दिल्ली से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड तक में खूब बारिश हो रही है। यही नहीं मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त में रही सही कमी भी पूरी हो सकती है। इसके अलावा सितंबर में भी सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इसकी वजह यह है कि अगस्त के अंत तक अल-नीना की अनुकूल स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। आईएमडी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। भारत में कृषि के लिए मॉनसून बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कुल खेती योग्य भूमि का 52 प्रतिशत हिस्सा बारिश पर निर्भर है। आईएमडी ने बताया कि भारत में अगस्त और सितंबर के दौरान 422.8 मिमी की दीर्घावधि औसत का 106 प्रतिशत वर्षा होगी। देश में एक जून से अब तक 453.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 445.8 मिमी होती है। यह सामान्य बारिश से दो प्रतिशत अधिक है क्योंकि जून में सूखा रहने के बाद जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग के हेड मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत से सटे हिस्से, लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ तथा मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी प्रमुख ने अगस्त-सितंबर में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कम बारिश होने का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। महापात्र ने कहा, "गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। भारत में जुलाई में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि मध्य क्षेत्र में 33 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मध्य भारत के हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, जिससे कृषि को लाभ हो रहा है। मध्य भारत कृषि के लिए मानसून की वर्षा पर बहुत अधिक निर्भर है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में कम बारिश हुई है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है। यह कमी अब अगस्त और सितंबर में दूर हो सकती है।   recent visitors 223

CM धामी ने प्रदेश में बारिश से बिगड़े हालात की समीक्षा, प्रदेशवासियों और बाहर से आए यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता

देहरादून  भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग प्रशासन ने यात्रियों से बृहस्पतिवार को अपनी केदारनाथ यात्रा स्थगित करने को कहा है। वहीं, उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर  वर्षा संबंधी घटनाओं में आठ व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी और करीब छह अन्य लोग घायल हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में बारिश से बिगड़े हालात की समीक्षा की तथा कहा कि प्रदेशवासियों और राज्य के बाहर से आए यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित स्थानों पर बचाव दलों ने रात भर अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि रायपुर क्षेत्र की एक नहर में बुधवार रात दो व्यक्ति डूब गए। उन्होंने बताया कि उनके शव बरामद कर लिए गए हैं जिनकी पहचान सुंदर सिंह और अर्जुन सिंह राणा के रूप में हुई है। हरिद्वार जिले में रूड़की क्षेत्र के भारपुर गांव में भारी बारिश से एक मकान ढह गया जिससे उसके मलबे के नीचे दबने से तीन व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी तथा करीब छह लोग घायल हो गए। टिहरी जिले के घनसाली के जखनयाली गांव में बादल फटने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मृत्यु हो गयी। टिहरी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि मलबे से भानु प्रसाद (50) और उनकी पत्नी नीलम देवी (45) के शव बरामद हुए जबकि उनके पुत्र विपिन (28) को घायल अवस्था में निकाला गया। उन्होंने बताया कि देर रात करीब दो बजे सांस लेने में शिकायत के कारण विपिन को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश ले जाया जा रहा था लेकिन देर रात उसने दम तोड़ दिया। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से केदारनाथ दर्शन के लिए रुद्रप्रयाग तक पहुंचे तीर्थयात्रियों के लिए एक परामर्श जारी किया गया है जिसमें उनसे कहा गया है कि वे फिलहाल जहां भी हैं, सुरक्षित रूके रहें और अपनी केदारनाथ धाम यात्रा को स्थगित कर दें। परामर्श में कहा गया है कि इस समय सोनप्रयाग से आगे मोटरमार्ग और पैदल मार्ग की स्थिति बिल्कुल भी सही नहीं है। मार्ग सही होने व यात्रा के सुचारू होने की सूचना अलग से दी जाएगी। बीती रात भारी बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल रास्ते पर भीमबली में 20-25 मीटर का मार्ग बह गया तथा पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरकर रास्ते में आ गए हैं। प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस दौरान वहां फंस गए करीब 200 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया । इसके अलावा, सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जल चेतावनी स्तर के आसपास होने के कारण पार्किंग क्षेत्र को खाली करा लिया गया है। मौसम विभाग से मिली सूचना के अनुसार, देहरादून में ही पिछले 24 घंटों में 172 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है। राज्य में अतिवृष्टि की स्वयं निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी और राज्य में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में धामी ने कहा कि प्रदेश में बुधवार रात हुई भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित होने की सूचना मिली तथा बचाव दलों ने रात भर अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने कहा, ‘‘रामबाड़ा, भीमबली, जखनयाली व अन्य अधिक प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी बात कर वस्तुस्थिति की जानकारी ले रहा हूं। प्रशासन को नुकसान का आकलन कर त्वरित रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।’’     recent visitors 225