वायनाड से पहाड़ों तक बारिश का कहर! कुल्लू में बिल्डिंग गिरी, मंडी और उत्तराखंड के घंसाली में बादल फटने से कोहराम, 28 लोग लापता

नईदिल्ली   दिल्ली समेत देश के कई शहरों से बारिश से बर्बादी की खबरें आ रही हैं. देश के बड़े इलाकों में मॉनसूनी आफत बरस रही है. दिल्ली में कल (31 जुलाई) रिकार्डतोड़ बारिश हुई है, आज भी भारी बारिश का अनुमान है. हिमाचल में कुल्लू और शिमला जिले के करीब बादल फटा है, इसमें करीब 19 लोग लापता बताए जाते हैं. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी बादल फटने की घटना हुई है और केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड में मरने वालों का आंकड़ा 256 पहुंच गया है. यानी मैदान से पहाड़ों तक बारिश का कहर जारी है. कुल्लू और मंडी में बादल फटने से कोहराम हिमाचल प्रदेश के दो जिलों में बादल फटने से भारी तबाही की खबर है. बादल फटने की घटना कुल्लू और मंडी जिले में हुई है. कुल्लू के रामपुर क्षेत्र के समेज स्थित एक पॉवर प्लांट प्रोजेक्ट के 19 लोग बादल फटने के बाद से लापता हैं.  20 से ज्यादा मकान जमींदोज हो गए हैं और कई गाड़ियां बह गईं हैं, इलाके का स्कूल भी बाढ़ में बह गया. वहीं मंडी जिले में बादल फटने के बाद एक शव बरामद हो चुका है जबकि नौ लोग लापता हैं. मंडी जिला प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए एयरफोर्स को अलर्ट किया है. मौके पर मौजूद स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं. कई लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन मुश्किल एयरफोर्स के साथ एनडीआरएफ से भी मदद की मांग की गई है. थलटूखोड में फंसे हुए लोगों तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पा रहा है इसलिए अब एयरफोर्स और एनडीआरएफ की मदद से लोगों को निकाला जाएगा. हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू जिला के रामपुर से सटे पंद्रह बीस इलाकों में बादल फटने से भारी तबाही हुई है. जानकारी के मुताबिक श्रीखंड की पहाड़ियों पर नैन सरोवर के आसपास बादल फटने से कुर्पण, समेज़ और गानवी खड्ड में भयंकर बाढ़ आई है. शिमला जिले के गानवी और कुल्लू जिले के बागीपुल बाज़ार में नाले में उफान से तबाही हुई है. घंसाली में बादल फटने से तबाही, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत उत्तराखंड में मंगलवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई है. टिहरी में पहले भारी बारिश हुई और उसके बाद बादल फट गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई. केदारनाथ मार्ग पर भी बादल फटा और नेशनल हाईवे का एक हिस्सा सैलाब की भेंट चढ़ गया. इसके अलावा हरिद्वार, नैनीताल और बागेश्वर से भी जल प्रलय की तस्वीरें सामने आ रही हैं. टिहरी जिले के घंसाली केदारनाथ मोटर मार्ग पर जखनियाली के पास बादल फटने से दो लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए और एक अन्य लापता है. घंसाली के जखनयाली गांव में कल देर रात हुई आपदा की घटना के बाद उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जखनियाली निवासी प्रधान प्रतिनिधि दीपक श्रीयाल से फोन के माध्यम से बात कर स्थिति का जायजा लिया. सीएम में कहां कि वह सभी अधिकारियों से बात कर आवश्यक निर्देश दे रहे हैं. जखनियाली आपदा में अब तक एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई वहीं एक साधु अभी भी लापता बताया जा रहा है. कुल्लू में नदी में समा गई पूरी इमारत कुल्लू में भारी बारिश के बाद व्यास और पार्वती नदी उफान पर हैं. जिसका असर वहां किनारे बसे इलाकों पर दिख रहा है. व्यास नदी की उफनती लहरों ने एक निर्माणाधीन इमारत को जमींदोज कर दिया. नदी में उफान के बाद कुल्लू-मनाली NH 3 बाधित हो गया है. ग्रेटर नोएडा में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत ग्रेटर नोएडा में भी बारिश से कहर जारी है. दादरी कस्बे में बारिश के बाद बड़ा हादसा हुआ. यहां दीवार गिरने से एक महिला और पुरुष की मौत हो गई. बारिश के बाद अचानक गिरी दीवार से दो लोगों की मौत हो गई, फिलहाल मौके पर पुलिस पहुंच गई है और जांच जारी है. भरभरा कर गिरी रेलवे की पुरानी बाउंड्री वॉल बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रामबाग में रेलवे की पुरानी बाउंड्री वॉल भरभरा कर गिर गई. बाउंड्री वॉल गिरने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. करीब 14 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल गिरने से कई वाहन मलबे के नीचे दब गए. बाउंड्री वॉल गिरने से बिजली का खंबा भी क्षतिग्रस्त हो गया. राज्य सरकार की अपील पर सेना बचाव अभियान में जुटी है। सेना, नेवी और एनडीआरएफ की टीमें फिलहाल सघन अभियान चला रही हैं, लेकिन मलबे में दबे लोगों को निकालना आसान नहीं है। खासतौर पर बारिश जारी रहने के चलते मुश्किल हो रही है। कुछ गांव ऐसे हैं कि बाढ़ के चलते उनसे संपर्क ही कट गया है। सेना के प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि मुंडक्काई और आसपास के इलाकों में सैनिक जुटे हैं। अब तक करीब 1000 लोगों को बचाकर सेना ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इसके अलावा वायुसेना के हेलिकॉप्टरों को इलाके के सर्वे में लगाया गया है। उन इलाकों में सेना अस्थायी पुल भी बना रही है, जहां से संपर्क कट गया है। एक रेडीमेड पुल को तो वायुसेना के सी-17 एयरक्राफ्ट के जरिए दिल्ली से कन्नूर ले जाया गया है। इसके अलावा तीन सर्च और रेस्क्यू डॉग भी ले जाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने आपदा के बाद से गायब लोगों की लिस्ट जारी की है। इन लोगों में सबसे कम उम्र का आदम सायन है, जिसकी उम्र 14 साल है। वहीं सबसे बुजुर्ग 85 साल के अब्दुर्रहमान मुसलियार हैं, जिनकी आयु 85 साल है।  लापता लोगों उत्तर प्रदेश के भी 4 लोग हैं- जिनमें से 2 के नाम पिंटू चौहान और बॉबी चौहान हैं। इसके अलावा ओडिशा के स्वाधीन पांडा भी लापता हैं।   मंडी के जिलाधीश अपूर्व देवगन भी घटना स्थल में राहत एवम बचाव कार्यों के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि भारी वर्षा के कारण सड़क मार्ग भी अवरूद्ध हो गए हैं। शिमला के रामपुर में बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। बीती रात समेज खड्ड में आये सैलाब ने आसपास के गांवों में तबाही का मंजर ला दिया। वीरवार तड़के बादल फटने की सूचना मिलने के बाद उपायुक्त अनुपम कश्यप और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी रवाना हो गए … Read more

IPL 2025 मेगा ऑक्शन से पहले होंगे बड़े बदलाव, इतने खिलाड़ियों को किया जा सकता है रिटेन

मुंबई आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन के लिए कितने ख‍िलाड़ी एक टीम में रिटेन किए जाएंगे, रिटेंशन की संख्या क्या होगी? क्या इम्पैक्ट रूल होना चाहिए, इन्हीं सब बातों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक मीटिंग बुधवार (31 जुलाई) को बुलाई. इस मीटिंग में मेगा ऑक्शन की प्रासंगिकता और भविष्य पर चर्चा बहस में बदल गई. वानखेड़े स्टेडियम में बीसीसीआई हेड क्वार्टर की चौथी मंजिल पर मीटिंग में कुछ फ्रेंचाइजी माल‍िकों के बीच जोरदार बहस देखने को मिली. इस मीटिंग के बाद अब BCCI ने कहा कि वह आने वाले कुछ सप्ताह में फ्रेंचाइजी को अपना निर्णय बताएगा. 'क्रिकबज' की रिपोर्ट में इस मीटिंग को लेकर कई दावे किए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि मेगा ऑक्शन को लेकर कई टीमों ने विरोध के स्वर भी दिखाए. वहीं इसे बंद करने की कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के माल‍िक शाहरुख खान और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की CEO काव्या मारन ने मांग कर डाली. ध्यान रहे शाहरुख की KKR और काव्या की टीम SRH आईपीएल 2024 के फाइनलिस्ट थी. दोनों ही टीमें अपने ख‍िलाड़‍ियों को साथ रखना चाहते हैं. हालांकि, इसके ल‍िए इन दोनों ने यह तर्क दिया कि वे टीम की ब्रांड-बिल्डिंग और फैन्स इंगेजमेंट के लिए ऐसा करना चाहते हैं. काव्या मारन ने किया म‍िनी ऑक्शन का सपोर्ट वैसे इस मीटिंग में केकेआर को एसआरएच की मालकिन मारन का सपोर्ट मिला, जिन्होंने कहा कि उनकी फ्रेंचाइजी की प्राथमिकता हर साल मेगा ऑक्शन के बजाय मिनी ऑक्शन है. मीट‍िंग के बाद काव्या ने कहा- एक टीम बनाने में बहुत समय लगता है और जैसा कि चर्चा की गई है, यंग खिलाड़ियों को मैच्योर होने में भी काफी समय और इन्वेसमेंट लगता है. अभिषेक शर्मा को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने में तीन साल लग गए. अन्य टीमों में भी ऐसे कई उदाहरण हैं. शाहरुख और नेस वाड‍िया में हुई बहस? मीटिंग में शामिल बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि शाहरुख ने मेगा ऑक्शन खिलाफ जमकर अपना पक्ष रखा. एक समय ऐसा भी आया जब केकेआर के मालिक की पंजाब किंग्स के सह-मालिक नेस वाडिया के साथ रिटेंशन के नंबर्स को लेकर तीखी बहस भी हुई. नेस वाड‍िया ने कहा मेरी किसी से दुश्मनी नहीं इस मीटिंग के बाद वाडिया ने केकेआर के मालिक के साथ किसी तरह की बहस में शामिल होने से इनकार किया. पंजाब किंग्स के सह-मालिक ने इस मुद्दे कहा, 'मैं शाहरुख को 25 साल से भी ज्यादा समय से जानता हूं.  यहां कोई दुश्मनी नहीं है. हर किसी ने अपने विचार दिए और उनकी अपनी राय थी. आखिरकार, आपको सभी हितधारकों को देखना होगा और वही करना होगा जो सभी के लिए सबसे अच्छा हो. यही सबसे जरूरी है.' पार्थ जिंदल ने बताया मीटिंग में क्या हुआ? आईपीएल माल‍िकों की मीटिंग में बहुत ज्यादा रिटेंशन के ख‍िलाफ बोलने वालों में दिल्ली कैपिटल्स के पार्थ जिंदल भी शामिल थे. उन्होंने कहा-मुझे आश्चर्य हुआ कि इस बात पर बहस हो रही थी कि मेगा ऑक्शन होना चाहिए या नहीं. कुछ लोगों ने कहा कि मेगा ऑक्शन बिल्कुल नहीं होना चाहिए, सिर्फ म‍िनी ऑक्शन होना चाहिए. मैं किसी कैम्प में नहीं हूं. इम्पैक्ट रूल का पार्थ जिंदल ने किया विरोध वहीं जिंदल ने कहा कि वह इम्पैक्ट प्लेयर नियम को जारी रखने के भी खिलाफ हैं. जिंदल ने कहा- कुछ लोगों का कहना है कि इससे आईपीएल में नए ख‍िलाड़‍ियों को खेलने का मौका मिलता है, कुछ लोग इसे नहीं चाहते क्योंकि यह ऑलराउंडर्स के डेवलपमेंट के मामले में भारतीय क्रिकेट के लिए हानिकारक है. ऐसे में यह एक म‍िक्स बैग है. मैं इसे नहीं चाहता हूं. इस रूल के कारण आपके पास अलग-अलग खिलाड़ी हैं जो आईपीएल में गेंदबाजी नहीं करते हैं या आईपीएल में बल्लेबाजी नहीं करते हैं, यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है. मीट‍िंंग ये ये IPL माल‍िक हुए शाम‍िल   इस मीटिंग में शामिल होने वाले अन्य मालिकों में दिल्ली कैपिटल्स के किरण कुमार ग्रांधी, लखनऊ सुपर जायंट्स के संजीव गोयनका, चेन्नई सुपर किंग्स की रूपा गुरुनाथ, राजस्थान रॉयल्स के मनोज बदाले और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के प्रथमेश मिश्रा शामिल थे. कुछ मालिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए बैठक में शामिल हुए, जिनमें मुंबई इंडियंस का अंबानी पर‍िवार शामिल था.   बीसीसीआई का आया बयान बीसीसीआई ने इस मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर कहा- फ्रेंचाइजी मालिकों ने खिलाड़ियों के रेगुलेशन और लाइसेंसिंग, गेमिंग सहित कई कमर्श‍ियल पहलुओं पर पर फीडबैक दिया है. बीसीसीआई अब आईपीएल खिलाड़ियों रेगुलेशन के लिए आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के पास ले जाएगा.' recent visitors 169

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में आज आएगा हाईकोर्ट का फैसला

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

High Court’s decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

लखनऊ में बारिश के बीच युवती से छेड़छाड़, पुलिस ने 4 की किया गिरफ्तार

 लखनऊ लखनऊ के गोमती नगर इलाके में बीच सड़क बाइक सवार युवक और युवती से बदसलूकी करने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर में छेड़खानी की धारा बढ़ा दी है. इसके अलावा इस मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है. इस केस में अबतक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. बाकी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है. अंबेडकर नगर पार्क के सामने बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव हो गया था. यहां कई युवक आने-जाने वाली गाड़ियों पर सवार लोगों को परेशान कर रहे थे. जब एक बाइक सवार युवक अपनी महिला दोस्त के साथ यहां से गुजर रहा था तो यहां मौजूद हुड़दंगियों ने उनके ऊपर भी बारिश का जमा गंदा पानी उनके ऊपर फेंका. उन्होंने बाइक को आगे बढ़ने से भी रोका और बाइक को पीछे की ओर खींचा. तहजीब का शहर माने जाने वाले लखनऊ में ये सब शहर के वीआईपी माने जाने वाले इलाके में हो रहा था. हुड़दंगियों ने तबतक पानी उनके युवक और युवती पर फेंका, जबतक कि वो नीचे नहीं गिर गए. इस घटना का वीडियो सबसे ज्यादा वायरल हो रहा है. यह मामला तब और बढ़ गया, जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो को शेयर कर लोगों ने इन उपद्रवियों पर कार्रवाई करने की मांग की. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया और पहले पुलिस ने एफआईआर में कहा था कि 15-20 अज्ञात लड़कों द्वारा वहां से गुजरने वाले लोगों के मार्ग में पानी को अपने हाथों से उलीचकर बाधा पहुंचाई और गंदा पानी उलीचा गया, जिससे संक्रमणकारी रोग सकते हैं. इन लड़कों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. हालांकि अब इस पुलिस ने इस मामले में युवती के साथ छेड़खानी का मामला दर्ज किया गया है. इन हुड़दंगियों ने वहां से गुजर रहे एक बुजुर्ग को भी नहीं छोड़ा, जोकि स्कूटी लेकर सड़क से जा रहा था. एक तो वो पहले से ही परेशान था ऊपर से ये हुड़दंगी उन पर पानी फेंक रहे थे. इतना ही नहीं उनमें से एक युवक ने गाड़ी को धक्का भी दे दिया और बुजुर्ग अपनी स्कूटी को संभाल नहीं सके और गिर गए.   ऐसा नहीं है कि ये युवक केवल बाइक वालों को ही निशाना बना रहे हों. इन्होंने वहां से धीमी स्पीड से गुजरने वाली कारों को भी नहीं छोड़ा. चूंकि सड़क पर पानी भरा हुआ था, इसलिए गाड़ियां ज्यादा तेज नहीं चल पा रही थीं तो युवक उन कारों पर भी हाथों से पानी उलीच रहे थे. एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जब किसी ने कार का गेट खोल दिया तो वो उन्होंने जबरदस्ती गेट पकड़ लिया और लगातार वही बारिश का गंदा पानी कार के अंदर फेंकते रहे.    लखनऊ में कल हुई मॉनसून की पहली बारिश बता दें कि लखनऊ में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से नगर निगम की तैयारियों की पोल खुल गई. बारिश के बाद यूपी की राजधानी पानी-पानी हो गई. इतना ही नहीं मॉनसून सत्र के दौरान यूपी विधानसभा में भी पानी घुस गया. विधानसभा के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में पानी भर गया. हजरतगंज इलाके में भी भारी बारिश की वजह से सड़कें जलमग्न हो गईं. सड़कों पर पानी का सैलाब दिखाई दिया.     recent visitors 135

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और SC-ST को सब-कैटेगरी में रिजर्वेशन मामले में आज फैसला

नई दिल्ली/ प्रयागराज मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा. दोपहर 2 बजे तक कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद है. हिंदू पक्ष ने जो याचिकाएं दायर की हैं, उनमें शाही ईदगाह मस्जिद की जमीन को हिंदुओं की बताया है और वहां पूजा का अधिकार दिए जाने की मांग की है. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने प्लेसिस ऑफ वर्शिप एक्ट, वक्फ एक्ट, लिमिटेशन एक्ट और स्पेसिफिक पजेशन रिलीफ एक्ट का हवाला दिया और हिंदू पक्ष की याचिकाओं को खारिज किए जाने की दलील पेश की है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तय करेगा कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में दाखिल 18 अर्जियों की एक साथ सुनवाई होगी या नहीं. HC में कोर्ट नंबर 71 के जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच फैसला सुनाएगी. इससे पहले 6 जून को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, हिंदू पक्ष की तरफ से 18 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने ऑर्डर 7 रूल, 11 के तहत इन याचिकाओं की पोषणीयता पर सवाल उठाए और इन्हें खारिज किए जाने की अपील की. हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह से संबंधित कुल 18 याचिकाओं को लेकर फैसला आना है. भगवान श्रीकृष्ण विराजमान कटरा केशव देव और सात अन्य की तरफ से दाखिल सिविल वाद की पोषणीयता को लेकर याचिकाएं दायर की गईं हैं. उसके बाद शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी इलाहाबाद हाई कोर्ट में सीपीसी के ऑर्डर 7, रूल 11 के तहत याचिकाएं दाखिल की थीं. हिंदू पक्ष द्वारा दाखिल याचिकाओं में दावा किया गया है कि मस्जिद का निर्माण कटरा केशव देव मंदिर की 13.37 एकड़ भूमि पर किया गया है. औरंगजेब के जमाने की ये मस्जिद, मंदिर के विध्वंस के बाद बनाई गई है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तय करेगा कि हिंदू पक्ष की 18 याचिकाएं सुनवाई करने योग्य हैं या नहीं. कोटा के अंदर कोटा मामले में गुरुवार का दिन काफी अहम है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 7 जजों की संविधान पीठ सुबह करीब 10 बजे के बाद अपना फैसला सुनाएगी. आज यह साफ हो जाएगा कि राज्यों द्वारा नौकरियों में आरक्षण देने के लिए कोटा के भीतर कोटा दिया जा सकता है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट अपने 2004 के फैसले की जांच के बाद फैसला सुनाने जा रहा है. 2004 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यों के पास आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सब कैटेगिरी करने का अधिकार नहीं है. एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मुख्य मुद्दा एससी और एसटी कैटेगिरी के भीतर सब-कैटेगिरी (कोटे के भीतर कोटा) का है. अब कोर्ट यह बताएगा कि क्या अनुसूचित जाति और जनजाति श्रेणियों को सब-कैटेगरी में रिजर्वेशन मिलेगा या नहीं? क्या राज्य विधानसभाओं के पास कोटा के भीतर कोटा लागू करने का अधिकार है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी, जस्टिस पंकज मिथल, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस एससी शर्मा का नाम शामिल है. याचिकाओं में ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश सरकार के फैसले की समीक्षा की मांग की गई है. 2004 में इस मामले में फैसला सुनाया था कि सभी अनुसूचित जाति समुदाय एक सजातीय वर्ग के अंतर्गत आते हैं. क्या है पूरा मामला…. दरअसल, 1975 में पंजाब सरकार ने आरक्षित सीटों को दो श्रेणियों में विभाजित करके अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण नीति पेश की थी. एक बाल्मीकि और मजहबी सिखों के लिए और दूसरी बाकी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए. 30 साल तक ये नियम लागू रहा. उसके बाद 2006 में ये मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा और ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2004 के फैसले का हवाला दिया गया. पंजाब सरकार को झटका लगा और इस नीति को रद्द कर दिया गया. चिन्नैया फैसले में कहा गया था कि एससी श्रेणी के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति नहीं है. क्योंकि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है. बाद में पंजाब सरकार ने 2006 में बाल्मीकि और मजहबी सिखों को फिर से कोटा दिए जाने को लेकर एक नया कानून बनाया, जिसे 2010 में फिर से हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. हाई कोर्ट ने इस नीति को भी रद्द कर दिया. ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट के 1992 के फैसले के तहत यह स्वीकार्य था, जिसने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति दी थी. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि अनुसूचित जाति के भीतर भी इसकी अनुमति दी जानी चाहिए. recent visitors 159