जयपुर में बारिश से स्कूलों की छुट्टी, एयरपोर्ट पर 5.2 इंच बारिश दर्ज की गई

जयपुर  राजस्थान में मॉनसून फिर से सक्रिय है। जयपुर में भारी बारिश ने बुधवार रात से ही तबाही मचा रखी है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं, घरों में पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस भारी वर्षा के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर जयपुर के 22 गोदाम और सिविल लाइंस इलाके में जलभराव ने लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। राजधानी के अधिकांश स्कूलों ने गुरुवार को भारी बारिश के चलते छुट्‌टी घोषित कर दी है। कई बड़े आयोजनों को भी स्थगित करना पड़ा है। जयपुर एयरपोर्ट पर 5.2 इंच बारिश मौसम केंद्र जयपुर की ओर से बताया गया है कि 1 अगस्त सुबह 5:30 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर 133 मिमी यानी 5.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश का दौर आगामी दो घंटे और जारी रहने की संभावना है। बता दें कि राजस्थान में मानसून की वापसी के साथ ही जयपुर और सीकर समेत कई जिलों में मूसातदार बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। जयपुर के पॉश इलाकों में भी एक-दो फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया में एक घर के बेसमेंट में पानी भर जाने से एक परिवार फंस गया है। सिविल डिफेंस की टीम पिछले तीन घंटे से परिवार को बचाने की कोशिश कर रही है। अजमेर रोड और सीकर रोड पर भी पानी भरा शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। कूड़े के ढेरों के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। करतारपुरा नाला उफान पर है, जबकि अजमेर रोड और सीकर रोड पर भी पानी भर गया है, जिससे खतरा पैदा हो गया है। जयपुर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी पानी भर गया है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल एक के बाहर गुरुवार सुबह भारी बारिश के कारण पानी भर गया। स्कूल बस और वैन सड़क धंसने से फंसी बारिश के कारण एक और घटना में जयपुर के जामडोली इलाके में स्कूली बच्चों को ले जा रही एक स्कूल बस और वैन सड़क धंसने से फंस गई। गनीमत रही कि हादसे में सभी बच्चे सुरक्षित बच गए। फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए मौके पर जेसीबी बुलानी पड़ी, लेकिन जेसीबी भी सड़क पर धंस गई। इससे अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। recent visitors 181

बरसात में टपकने लगी नई संसद, कांग्रेस बोली- ‘पेपर से लेकर छत तक सब लीक’, अखिलेश बोले- ‘क्यों न फिर पुरानी संस

नई दिल्ली दिल्ली में 31 जुलाई की बारिश के बाद संसद भवन में भी जलभराव दिखाई दिया, इतनी बारिश हुई कि छत से पानी टपकने लगा वहीं इसे लेकर विपक्षी दलों ने इसके लिए सरकार पर निशाना साधा है और विपक्षी दल पुरानी संसद से इसकी तुलना कर रहे हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने नोटिस दिया है कांग्रेस ने संसद में पानी भरने पर सवाल उठाते हुए ये नोटिस दिया है। करीब 1200 करोड़ की लागत से बनीं नई संसद की छत बारिश के बाद टपकने लगी, जिसका वीडियो कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने शेयर किया है गौर हो कि नई संसद की इमारत का उद्घाटन पिछले साल यानी 28 मई 2023 को हुआ था। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने संसद के नए भवन में पानी लीकेज का वीडियो जारी कर लगाया स्थगन प्रस्ताव कागज़ बाहर लीक, अंदर पानी लीक। संसद के लॉबी में हाल ही में हुए पानी के रिसाव से मौसम सहनशीलता के मुद्दे उजागर होते हैं, जो नई इमारत के पूरा होने के सिर्फ एक साल बाद ही सामने आए हैं इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव लगाया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्विटर पर एक वीडियो जारी करते हुए लिखा, 'इस नई संसद से अच्छी तो वो पुरानी संसद थी, जहां पुराने सांसद भी आकर मिल सकते थे। क्यों न फिर से पुरानी संसद चलें, कम-से-कम तब तक के लिए, जब तक अरबों रुपयों से बनी संसद में पानी टपकने का कार्यक्रम चल रहा है। जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में बनी हर नई छत से पानी टपकना, उनकी सोच-समझकर बनायी गयी डिज़ाइन का हिस्सा होता है या फिर…।' भारी बारिश के कारण शहर में बृहस्पतिवार को सभी स्कूल बंद गौर हो कि दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने घोषणा की कि भारी बारिश के कारण शहर में बृहस्पतिवार को सभी स्कूल बंद रहेंगे। मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'आज शाम हुई बहुत भारी बारिश और कल भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर सभी सरकारी और निजी स्कूल एक अगस्त को बंद रहेंगे।' दिल्ली में बारिश से सामने आए हादसे वहीं पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में 22 वर्षीय महिला और उसका बच्चा पानी से भरे नाले में डूब गए। भारी बारिश के कारण सड़क पानी से भरी हुई थी, इस कारण सड़क और नाले का अंदाजा न लगने के कारण यह हादसा हुआ वहीं दिल्ली में बुधवार को भारी बारिश के चलते सब्जी मंडी इलाके में एक मकान गिर पड़ा। बचाव दल ने मलबे से एक व्यक्ति को निकालकर अस्पताल भेजा। वसंत कुंज में दीवार गिरने से एक महिला घायल हो गई। वहीं दरियागंज में एक स्कूल की दीवार बाहर खड़ी गाड़ियों पर गिर गई। बारिश से दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया। recent visitors 241

इंफोसिस की बढ़ी मुश्किल, 32000 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी मामले में GST इंटेलिजेंस ने जारी की नोटिस

मुंबई देश की सबसे बड़ी आईडी कंपनियों में से एक इंफोसिस (Infosys) एक बार फिर से चर्चा में है. कंपनी पर टैक्स चोरी का आरोप लगा है. कंपनी पर 32000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 32 हजार करोड़ की जीएसटी टैक्स चोरी मामले में इंफोसिस जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय के जांच के दायरे में आ गई है.   जुलाई 2017 से 2021-2022 तक टैक्स मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस की ओर से ये जांच की जा रही है. दस्तावेजों के मुताबिक इंपोर्ट सर्विसेस के IGST नॉन पेमेंट की जांच की जा रही है. इंफोसिस सर्विसेस के प्राप्तकर्ता के रूप में सेवाओं के इंपोर्ट पर आईजीएसटी का भुगतान नहीं करने की वजह से इंफोसिस जांच के दायरे में आई है. इंफोसिस पर क्यों हो रही जांच   DGGI के मुताबिक इंफोसिस कंपनी कस्टमर्स के साथ सर्विस क्लाइंट्स के लिए ओवरसीज ब्रांचेस खोलती हैं. कंपनी के उन ब्रांचेस को आईजीएसटी अधिनियम के तहत विशिष्ट व्यक्ति के तौर पर गिना जाता है. इस तरह के ओवरसीज ब्रांच ऑफिस से सप्लाई के बदले कंपनी को ओवरसीज ब्रांच एक्सपेंडिचर के रूप में ब्रांच ऑफिस को पेमेंट किया है. यानी इंफोसिस को देश के बाहर अपने ब्रांचेज से प्राप्त सप्लाई पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत जीएसटी का भुगतान करना है. इस मामले पर अभी तक इंफोसिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.  हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले  ओडिशा जीएसटी अथॉरिटी ने इंफोसिस पर अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए 1.46 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था.   इंफोसिस को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय से ₹32,000 करोड़ से अधिक की कथित कर चोरी के लिए नोटिस मिला है। नोटिस में कहा गया है कि इंफोसिस 2017-18 (जुलाई 2017 से आगे) से 2021-22 की अवधि के लिए भारत के बाहर स्थित शाखाओं से प्राप्त आपूर्ति पर रिवर्स चार्ज तंत्र के तहत आईजीएसटी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। इंफोसिस को डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस की तरफ से 32 हजार करोड़ रुपये की डिमांड मिली है। डीजीजीआई का दावा है कि इंफोसिस ने 32,403 करोड़ रुपये की टैक्स नहीं चुकाया है। डीजीजीआई ने इस बारे में 30 जुलाई को कंपनी को रिपोर्ट जारी की है> जीएसटी टैक्स डिमांड जुलाई 2017 से 2021-22 के बीच की है. डीजीजीआई के बैंग्लुरू जोन ने आरोप लगाया है कि इंफोसिस ने अपनी विदेशी शाखाओं से सेवाएं प्राप्त की हैं लेकिन उन पर टैक्स का भुगतान नहीं किया है। recent visitors 136

बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की महिला कांस्टेबल पर हमला

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के राणाघाट में सीमा चौकी के पास बुधवार को बीएसएफ की एक कॉन्स्टेबल ने 13-14 हथियारबंद घुसपैठियों के एक गिरोह का सामना किया। वह अकेली थी, चारों तरफ से घुसपैठियों से घिरी थी, जान जोखिम में थी लेकिन इन सबके बावजूद वह डटी रही। घुसपैठियों को अकेले ही बांग्लादेश वापस खदेड़ने में कामयाब रही। अब इस बीएसएफ की महिला जवान की खूब तारीफ हो रही है। यह पहली घटना नहीं है, बीते दिनों से लगातार बांग्लादेश से अवैध तरीके से घुसपैठ होने के प्रयास को बीएसएफ असफल कर रही है। अवैध तस्करी के कई सामान भी जब्त किए गए हैं। घुसपैठियों ने बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवानों को घायल भी किया है। आधी रात क्या हुआ बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 2 बजे कॉन्टेबल ने चाकुओं और तलवारों से लैस घुसपैठियों को सीमा की बाड़ पार करते हुए देखा। बीएसएफ साउथ बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता डीआईजी एके आर्य ने बताया, 'उसने घुसपैठियों पर हमला किया और उन्हें मौखिक चेतावनी दी, लेकिन वे भारतीय क्षेत्र में घुस आए, कॉन्स्टेबल को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। तब तक एक साथी जवान ने उसकी चेतावनी पर प्रतिक्रिया दी और घुसपैठियों की ओर एक स्टन ग्रेनेड फेंक दिया।' बीएसएफ जवान सुरक्षित घुसपैठियों ने जैसे ही चढ़ाई जारी रखी, कॉन्स्टेबल ने उन पर गोली चला दी और उन्हें वापस बांग्लादेश भागने पर मजबूर कर दिया। आर्य ने कहा कि बीएसएफ किसी घुसपैठिए के घायल होने की संभावना से इनकार नहीं कर रहा है। लगातार जवानों पर हमले आर्य ने कहा, 'यह कोई अकेली घटना नहीं है। हाल ही में कृष्णानगर, नादिया, बामनाबाद, राजनगर और बेहरामपुर में सेक्टर मुख्यालयों की सीमा चौकियों पर पशु तस्करों और घुसपैठियों ने जवानों पर इस तरह के हमले किए गए हैं। जवानों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी और उन्होंने तस्करी और अवैध घुसपैठ की घटनाओं को विफल कर दिया। उन्होंने अवैध ड्रग्स, पशु और अन्य अवैध सामान जब्त किए हैं।' एक दिन पहले जवान हुआ था घायल रानाघाट की घटना के एक दिन पहले बेहरामपुर में मधुबना चौकी के पास भी इसी तरह की घटना हुई थी। भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी के प्रयास को सफलतापूर्वक विफल करने के दौरान एक जवान घायल हो गए थे। अधिकारियों ने कहा कि जवान ने 8-10 तस्करों को देखा और जब उसने उन्हें चुनौती दी, तो उन्होंने उस पर हमला कर दिया। उसने तस्करों पर गोली चलाई और उन्हें पीछे धकेल दिया। 27 जुलाई को कल्याणी सीमा चौकी पर एक अन्य जवान को घुसपैठियों पर गोली चलानी पड़ी। बीएसएफ ने बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ बैठक की है और बीएसएफ ने इन अकारण हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। recent visitors 253

महंगे मोबाइल टैरिफ से मिलेगी जल्द राहत, ट्राई ने किया साफ- फिर से आएगा बिना डेटा वाला सस्ता प्लान

मुंबई महंगे मोबाइल टैरिफ से परेशान आम ग्राहकों को जल्द राहत मिल सकती है. इसके लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को एक प्रस्ताव दिया है. कंपनियों से कहा गया है कि वे ग्राहकों के लिए बिना डेटा वाला यानी सिर्फ वॉयस और एसएमएस वाला पैक लॉन्च करें. अगर ऐसा होता है तो ग्राहकों के ऊपर रिचार्ज का बोझ कम हो जाएगा. ट्राई ने इन बातों को बनाया आधार भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को कहा- ऐसा देखा गया है कि बाजार में उपलब्ध टैरिफ ऑफर मुख्य रूप से बंडल में आ रहे हैं, जिनमें डेटा, वॉयस, एसएमएस और ओटीटी सर्विसेज शामिल होती हैं. ये बंडल ऑफर बड़ी संख्या में सब्सक्राइबर की जरूरतों को पूरा नहीं करते हैं, क्योंकि सभी सब्सक्राइबर सारी सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे में उनक बीच धारणा बनती है कि वे जिन सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए भी उन्हें भुगतान करना पड़ रहा है. बिना यूज किए कर रहे हैं भुगतान दरअसल आज भी बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल यूजर हैं, जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं. बेसिक फोन चलाने वाले यूजर न तो ओटीटी सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं और न ही उन्हें डेटा की जरूरत होती है. स्मार्टफोन चलाने वाले यूजर भी बंडल ऑफर में आने वाले कम ही ओटीटी का इस्तेमाल कर पाते हैं. चूंकि उनके पास और कोई विकल्प नहीं रहता है, जिसके चलते उन्हें बंडल ऑफर वाला प्लान की चुनना पड़ता है. ऐसे यूजर्स को हो सकता है लाभ अभी तीनों प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल यूजर्स को मुख्य रूप से बंडल प्लान ऑफर कर रही हैं. सबसे सस्ते प्लान में भी कंपनियों की ओर से डेटा दिया जा रहा है. ऐसे में डेटा का इस्तेमाल नहीं करने वाले यानी बेसिक फोन चलाने वाले यूजर्स को प्लान महंगा पड़ता है और बिना यूज किए भी डेटा के लिए भुगतान करना पड़ जाता है. ट्राई के प्रस्ताव पर अमल होने से ऐसे यूजर्स को बड़ा फायदा होने वाला है. डिजिटल दौर में आएंगे पुराने वाउचर? ट्राई ने अपने प्रस्ताव में टेलीकॉम कंपनियों को याद दिलाया है कि कुछ साल पहले तक कैसे बाजार में अलग-अलग सेवाओं के लिए रिचार्ज प्लान मिला करते थे. बकौल ट्राई- पहले टेलीकॉम कंपनियां अलग रंगों में वाउचर लाती थीं. जैसे टॉप अप के लिए हरे रंग में और कॉम्बो प्लान के लिए नीले रंग में वाउचर आते थे. अब डिजिटल हो जाने से वाउचर चलन से बाहर हो गए हैं. ट्राई ने कंपनियों से पूछा है कि क्या डिजिटल दौर में कंपनियां रंगों के हिसाब से प्लान ऑफर कर सकती हैं. 16 अगस्त तक दे सकते हैं सुझाव ट्राई ने प्रस्तावों के साथ कंसल्टेशन पेपर जारी किया है. नियामक ने सभी संबंधित पक्षों को प्रस्तावों पर सुझाव देने के लिए कहा है. ट्राई के प्रस्तावों पर 16 अगस्त तक सजेशन और 23 अगस्त तक काउंटर सजेशन दिए जा सकते हैं. सुझाव मिलने के बाद ट्राई इन प्रस्तावों को अमल में लाने की दिशा में आगे बढ़ेगा. recent visitors 146

यूरिक एसिड कम करने और गाउट और किडनी स्टोन से बचाव के लिए काले जीरे या कलौंजी पानी का उपयोग करें

बढ़े हुए यूरिक एसिड (Uric Acid) की समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं। जब किसी वजह से किडनी की फिल्टर यानी छानने की क्षमता कम हो जाती है, तो यूरिया, यूरिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है और हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है। यूरिक एसिड बढ़ना कई बार गंभीर दर्द का कारण बन जाता है। यूरिक एसिड की प्रॉब्लम में कई बार घरेलू उपचार बहुत काम आते हैं, जिसमें से एक कलौंजी का पानी भी है। कलौंजी का पानी यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसका उपचार के तौर पर केवल सीमित मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए। यूरिक एसिड कम करने के उपाय? यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही चिकित्सक भी बहुत जरूरी है। कलौंजी का पानी यूरिक एसिड की समस्या को कम करने के साथ कई अन्य बीमारियों में भी फायदेमंद है। यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण उठने-बैठने में परेशानी होना जोड़ों में दर्द होना उंगलियों में सूजन आना जोड़ों में गांठ की शिकायत होना पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन वाला दर्द जल्दी थकना यूरिक एसिड में कलौंजी के पानी के लाभ theicph में प्रकाशित एक रिपोर्ट (Ref) के अनुसार, कलौंजी एक ऐसा मसाला है जिसमें एंटी डायबिटिक और एंटी यूरिक एसिड गुण होते हैं। इसका पानी शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को उत्तेजित करता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं और यूरिक एसिड लेवल को कंट्रोल करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट गुणों का भंडार कलौंजी में थाइमो क्विनोन नामक यौगिक होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर को फ्री रेडिकल के डैमेज से बचाता है, जो यूरिक एसिड के उच्च स्तर का कारण बन सकते हैं। बॉडीडिटॉक्सिफिकेशन में सहायक कलौंजी का पानी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, जिससे इन्फेक्शन और संक्रमण शरीर से बाहर निकलता है और यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कलौंजी के पानी का सेवन कैसे करें इसके लिए एक चम्मच कलौंजी के बीज को एक गिलास पानी में रात भर भिगो दें। फिर सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करें। आप चाहें तो बीजों को चबाकर भी खा सकते हैं।इसका सेवन नियमित करें। recent visitors 167