जबलपुर में 1.37 करोड़ का अनाज घोटाला बेनकाब, पोर्टल पर फर्जी एंट्री, 5167 क्विंटल गेहूं गायब मिला

Jabalpur: 1.37 crore grain scam uncovered, 5167 quintals of wheat missing after fake entry on portal जबलपुर में वेयरहाउस पर भौतिक सत्यापन के दौरान प्रशासनिक टीम को मिली गड़बड़ी, 10 लोगों के खिलाफ FIR, विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव /अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर : मझौली थाना क्षेत्र स्थित मां अन्नपूर्णा वेयरहाउस पिपरिया में गेहूं उपार्जन से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. जब प्रशासनिक टीम भौतिक सत्यापन के लिए वेयरहाउस पहुंची, तो वहां 5,167 क्विंटल गेहूं कम पाया गया. इस गेहूं की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 37 लाख 67 हजार 800 रुपये बताई जा रही है. इसी तरह का एक मामला सिहोरा में भी सामने आया जिसमें सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पोर्टल पर गलत मात्रा अपलोड की जानकारी के अनुसार, संबंधित उपार्जन केंद्र को मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन द्वारा 92,250 बारदाने उपलब्ध कराए गए थे. जबकि केंद्र पर मात्र 48,347 क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई थी. इसके बावजूद खरीदी केंद्र द्वारा पोर्टल पर 96,694 बारदानों के उपयोग की जानकारी अपलोड कर दी गई. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों की योजना पोर्टल पर दर्ज मात्रा के बराबर गेहूं बाहर से खरीदकर वेयरहाउस में रखने और उसके बाद समर्थन मूल्य पर भुगतान प्राप्त करने की थी. हालांकि, इससे पहले ही प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन कर लिया गया, जिसमें पोर्टल पर दर्ज जानकारी की तुलना में गेहूं कम पाया गया. घाटाले के आरोप में 10 पर FIR मामले की जानकारी मिलते ही जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि, ”जांच के बाद पुलिस ने उपार्जन समिति भूमि ग्राम संगठन की अध्यक्ष रीना लोधी, शुभम बर्मन, मयूरी लोधी, प्रमोद कुमार मिश्र, प्रकाश पांडे, आनंद पांडे, अमन पांडे, आकाश पांडे, अनीता पटेल और रिंकू साहू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है.” इस मामले की जांच एसडीएम सिहोरा, जिला परियोजना प्रबंधक, जिला आपूर्ति अधिकारी तथा तहसीलदार द्वारा की गई थी. अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित समूह द्वारा किसी बड़े सरगना के नेतृत्व में अंजाम दिया गया प्रतीत होता है. इसलिए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सिहोरा में भी सामने आई गड़बड़ी लगभग इसी तरह का मामला जबलपुर के सिहोरा में भी सामने आया है. यहां पर भी पोर्टल में गलत जानकारी दी गई. किसानों से ज्यादा पैसा वसूला गया और बाहर जाने की गड़बड़ी की गई. इस मामले में एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि, ”सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है.” पहले भी हो चुके हैं गेहूं खरीदे में घोटाले जबलपुर में गेहूं खरीदी घोटाले का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी इस प्रकार की अनियमितताएं सामने आती रही हैं. कई मामलों में बड़े अधिकारियों के तबादले हुए हैं और जिला आपूर्ति अधिकारी तक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. हालांकि, जानकारों का मानना है कि, गेहूं और धान खरीदी घोटालों में कई प्रभावशाली लोग भी शामिल रहते हैं, लेकिन अक्सर कार्रवाई निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही सीमित रह जाती है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 45

फ्लाईओवर बनेगा या सिर्फ हवा में उड़ते रहेंगे बयान, कांग्रेस ने निकाली न्याय पदयात्रा 

Will the flyover be built or will the statements just remain in the air? Congress takes out a march on justice  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के पहले ही पूर्व विधानसभा एक बार फिर से राजनीति का अखाड़ा बनता नजर आने लगा है। इस समय अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक के फ्लाई ओवर पर सियासी उड़ान तेज हो गई है। जहां एक ओर कैबिनेट मंत्री व विधायक लखन घनघोरिया ने शुक्रवार को बड़ी संख्या में आमजनों व कांग्रेसियों के साथ मिलकर पहाड़िया पैलेस रद्दी चौकी से लेकर भीमराव अंबेडकर चौक तक जन अधिकार न्याय पदयात्रा निकाली तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने बयानों के बेतुके तीर छोड़े। इससे तो लग रहा कि  ‘यह फ्लाईओवर कम और चुनावी फ्लाईओवर ज्यादा है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी और लखन खुद मंत्री थे, तब ये फ्लाईओवर कहां था? तब बजट में जगह नहीं मिली थी। कांग्रेस विधायक अब सड़क पर उतरकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। लेकिन इन भाजपा नेता ने अपनी 23 साल की सरकार और अपने ही नेताओं की घोषणाओं पर मौन साध लिया है।  जिसकी अभी सरकार है और ब्रिज बनाने वाले पीडब्ल्यूडी के मंत्री भी इसी जबलपुर शहर के निवासी हैं तो जिम्मेदारी किसकी है। यह सवाल जनचर्चा का विषय बना हुआ है। अब ऐसे में फ्लाईओवर ब्रिज बनेगा या फिर इसी तरह बयान उड़ते रहेंगे ये भी सवाल सभी के सामने बनकर खड़ा हो गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य की घोषणा और उसकी स्वीकृति में अंतर होता है, अम्बेडकर चौक से रद्दी चौकी तक जिस फ्लाई ओवर की बात कोंग्रेस के विधायक कर रहे, उसे इन्होने कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में बजट में शामिल नहीं किया था।  इसलिए निकाली गई यात्रा वहीं नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा का कहना है कि फ्लाईओवर निर्माण, गोहलपुर फ्लाई ओवर विस्तार और बिजली संकट की जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जन अधिकार न्याय पदयात्रा निकाली गई है। इसके जरिए कांग्रेस व आमजन अपना हक मांग रहे हैं।  लखन ने किया दावा पदयात्रा के दौरान पूर्व मंत्री व विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र के साथ वर्षों से भेदभाव हो रहा है और शहर को सबसे जरूरी फ्लाईओवर आज तक सिर्फ फाइलों में ही घूम रहा है। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक बनने वाला 269 करोड़ का फ्लाईओवर जाम से मुक्ति दिलाएगा, लेकिन सरकार सुन ही नहीं रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

मुनाफा छुपाने का खेल, मप्र में बिजली कंपनी ने दिखाया 6044 करोड़ का ‘काल्पनिक’ घाटा, दाम बढ़ाने की तैयारी

मुनाफा छुपाने का खेल, मप्र में बिजली कंपनी ने दिखाया 6044 करोड़ का ‘काल्पनिक’ घाटा, दाम बढ़ाने की तैयारी

A game of profit concealment, Madhya Pradesh power company shows ‘fictitious’ loss of 6044 crores, prepares to increase prices जबलपुर। बिजली कंपनियों ने प्रदेश में बिजली के दाम औसत 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेजा है। आयोग ने याचिका पर सुझाव और आपत्ति बुलाई है। इसमें बिजली विशेषज्ञों का दावा है कि बिजली कंपनी ने 6044 करोड़ का घाटा बताया है जबकि 9204 करोड़ रुपये के मनमाने आंकड़े आयोग के सामने रखकर इस घाटे को दर्शाया गया है ताकि बिजली की दर को बढ़ाया जा सके। बिजली मामलों के जानकार एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग को जो आपत्ति दी है उसमें दावा किया है कि 9204 करोड़ रुपये के आंकड़े गलत और तथ्यहीन है। विद्युत नियामक आयोग यदि इन आंकड़ों से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण करेगी तो निश्चित ही घाटे की जगह मुनाफा नजर आएगा। 9204 करोड़ के फर्जी आंकड़े सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी काल्पनिक खर्च को बताकर बिजली कंपनियों का घाटा बताया है। उनके अनुसार पावर मैनजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2022-23 तक की सत्यापन याचिका में खारिज 3450.63 करोड़ रुपये पूरक बिजली खरीदी लागत की पुन: असंवैधानिक मांग की गई है। इसके अलावा 832.96 करोड़ रुपये अन्य लागत जो कि स्टेशन आधार पर आवंटित नहीं की जा सकी थी उसकी असंवैधानिक मांग की है। राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि ताप गृह से बिजली खरीदी का व्यय अलग है लेकिन अन्य व्यय का एक मुश्त यह राशि क्यों और किस लिए मांगी गई इसका कोई ब्यौरा नहीं है। पूरक बिल के नाम पर 2185 करोड़ रुपये मांगा है जबकि मप्र विद्युत नियामक आयोग ने पहले ही साफ किया है कि पूर्ण वितरण दस्तावेज सहित प्रस्तुत नहीं करने पर यह राशि स्वीकृति नहीं होगी। अग्रवाल का कहना है कि विद्युत चोरी के कारण हुए नुकसान को उपभोक्ता से 696 करोड़ रुपये वसूल करने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पिछले दस साल की वार्षिक राजस्व आवश्यक्ता में पूंजीकरण में संसोधन के तहत 623 करोड़ के अवैधानिक मांग की है। वहीं याचिका में मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी का कार्य मात्र विद्युत वितरण कंपनी के लिए बिजली खरीद कर उपलबध कराना है किंतु मैनेजमेंट कंपनी समानांतर रूप से अवैधानिक रूप से बिजली खरीदी के लिए 438 करोड़ रुपये मांगे है।इसके साथ ही पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जो राशि नहीं मांगी वो भी उल्लेखित है 5.15 करोड़ रुपये की मांग की गई है। मैनेजमेंट कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं पर दो वर्ष के ब्याज कि रुप में 774 करोड़ रुपये की मांग की है आपत्तिकर्ता ने इसे गलत मांग बताया है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर के लिए 197 करोड़ रुपये की मांग की है। राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग को भेजे पत्र में दावा किया है कि अभी तक बिजली वितरण कंपनियों ने स्मार्ट मीटर के नाम पर राशि का भुगतान ही नहीं किया है ऐसे में यह राशि वसूल करना गलत है। 25 जनवरी तक आपत्ति-सुझाव मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली टैरिफ याचिका को लेकर 25 जनवरी तक आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके बाद मप्र विद्युत नियामक आयोग आपत्ति और सुझाव के आधार पर प्रदेश के तीन शहर जबलपुर, भोपाल और इंदौर में जनसुनवाई का आयोजन करेगा।राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग से मांग की है कि इस बार आनलाइन की बजाए फिजिकल जनसुनवाई की जाए ताकि लोग अपनी बात बेहतर तरीके से कह सके। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 52

पानी के बाद अब सब्जियों में भी जहर! नालों के दूषित पानी से उगाई जा रही सब्जियां खतरनाक, हाईकोर्ट सख्त

After water, now vegetables are poisoned! Vegetables grown using contaminated drain water are dangerous, the High Court has taken a tough stand. जबलपुर। पानी के बाद अब सब्जियों में भी जहर घुलने का खतरा सामने आया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पेश मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPPCB) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जबलपुर के नालों का पानी अत्यधिक सीवेज से दूषित है और इसी पानी से उगाई जा रही सब्जियां मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को दिए सख्त निर्देश मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदूषण बोर्ड के सुझावों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को तय की गई है। नालों के पानी में तय मानकों से ज्यादा गंदगी प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार ओमती नाला, मोती नाला, खूनी नाला, उदरना नाला सहित कई नालों के पानी की जांच की गई। जांच में— की मात्रा निर्धारित मानक से कहीं अधिक पाई गई। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि यह पानी अनुपचारित सीवेज है, जो पीने, नहाने या खेती के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त है। छात्र के पत्र से जनहित याचिका तक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक विधि छात्र ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर बताया कि जबलपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में नालों के दूषित पानी से सब्जियों की खेती की जा रही है। इसे गंभीर जनहित का मुद्दा मानते हुए हाईकोर्ट ने पत्र को जनहित याचिका (PIL) में तब्दील कर दिया। 174 एमएलडी गंदा पानी नालों में बह रहा रिपोर्ट के मुताबिक जबलपुर में रोजाना करीब 174 मेगा लीटर प्रतिदिन (MLD) वेस्ट वॉटर नालों में छोड़ा जा रहा है। नगर निगम के पास मौजूद 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सिर्फ 58 एमएलडी पानी का ही उपचार कर पा रहे हैं, जबकि कुल क्षमता 154.38 एमएलडी है। करोड़ों की योजनाएं, फिर भी समस्या जस की तस सीवेज ट्रीटमेंट के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। हाल ही में अमृत 2.0 सीवर योजना के तहत जबलपुर नगर निगम को 1202.38 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली है, इसके बावजूद नालों का गंदा पानी खेती में इस्तेमाल हो रहा है। स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने चेतावनी दी है कि ऐसे पानी से उगाई गई सब्जियों के सेवन से संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला बड़े जनस्वास्थ्य संकट में बदल सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 45

विकास कार्य करवाए बिना सरपंच-सचिव डकार गए 23 लाख , EOW ने गबन का किया खुलासा, FIR दर्ज

Sarpanch and Secretary embezzled Rs 23 lakh without carrying out development work; EOW exposed the embezzlement and registered an FIR. जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में लाखों की सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया है। विकास कार्य कराए बिना ही सरपंच और सचिव ने 23 लाख रूपये का गबन किया। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार मामला मंडला जिले के ग्राम बरखेड़ा का है। यहां के तत्कालीन सरपंच बीरन सिंह काकोडिया और सचिव मिथलेश उददे के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसमें विकास कार्य के नाम पर राशि के दुरुपयोग की बात कही गई थी। ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि ग्राम पंचायत बरखेड़ा में साल 2014 से 2022 तक विभिन्न निर्माण कार्यो के लिए राशि का आवंटन सरकार के द्वारा किया गया है। कागजों में बनी सड़कें और नाली-पुलियाइस दौरान तत्कालीन सरपंच और सचिव ने विकास कार्यों को कागजों में दिखाते हुए बिना निर्माण कराए 22 लाख 87 हजार रूपये की शासकीय राशि का गबन किया है। सरपंच और सचिव ने अपने 6 वर्षों के कार्यकाल में गांव में सीसी रोड,चौपाल सभा निर्माण,पुलिया एव नाली निर्माण,पंचायत भवन मरम्मत सहित 9 प्रकार के कार्यों में उक्त राशि का गबन किया गया है। यह कार्य वास्तव में नहीं हुए थे और कागजों में दिखाये गये थे। ईओडब्ल्यू ने जांच के पाया कि दोनों आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय राशि का दुरुपयोग किया है। साथ ही विकास कार्यों के फर्जी दस्तावेज पेश किए गए हैं। ईओडब्ल्यू ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 67

सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित हुआ रन फॉर यूनिटी

सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित हुआ रन फॉर यूनिटी

Run for Unity organised on Sardar Patel’s birth anniversary जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। Sardar Patel’s birth anniversary के अवसर पर जबलपुर में “रन फॉर यूनिटी – एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मंच पर राजसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि,विधायक अशोक रोहाणी, नीरज सिंह, अजय विश्नोई, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर,ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल,प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, संदीप जैन, सोनू बचवानी, कमलेश अग्रवाल, राजेश मिश्रा, पंकज दुबे एवं श्रीमती स्वाति गोडबोले सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस एकता दौड़ के कार्यक्रम में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। Sardar Patel’s birth anniversary कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार वल्लभभाई पटेल के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों ने एकता और अखंडता का संदेश देते हुए मंच से युवाओं का उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथि बी.एल. संतोष ने अपने संबोधन में कहा कि “रन फॉर यूनिटी केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि यह भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है। सरदार पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प और विवेक से देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज हमें उसी एकता की भावना को आगे बढ़ाना है।” Read more: भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह उन्होंने आगे कहा कि “यह दौड़ केवल व्यायाम या प्रतियोगिता के लिए नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति संकल्प की अभिव्यक्ति है। हमें सदैव जागरूक रहना होगा ताकि हमारी आज़ादी और अखंडता बनी रहे।” इसके बाद राष्ट्रीय महामंत्री बी.एल. संतोष ने भगवा झंडा दिखाकर रन फॉर यूनिटी की शुरुआत की। जैसे ही ‘ॐ’ के उद्घोष के साथ झंडी लहराई गई, सैकड़ों युवाओं, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक दौड़ में भाग लिया। कार्यक्रम में मंच संचालन के दौरान सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि ने उपस्थित जनों को राष्ट्रीय एकता शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि “हम सबको भारत की अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए और सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्र की एकता में अपना योगदान देना चाहिए।”कार्यक्रम का समापन “भारत माता की जय” और “सरदार पटेल अमर रहें” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 79

ग्राम पंचायत में सफाई घोटाला , सरकारी धन का दुरुपयोग, पंचायत दर्पण पर लाखो के फर्जी बिल

ग्राम पंचायत में सफाई घोटाला , सरकारी धन का दुरुपयोग, पंचायत दर्पण पर लाखो के फर्जी बिल

Cleaning scam in Gram Panchayat, misuse of government funds, fake bills worth lakhs on Panchayat Darpan जबलपुर ( जितेंद्र श्रीवास्तव )। पाटन तहसील के ग्राम पंचायत गुरु पिपरिया बनी में ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में समशान तक जाने के लिए आज तक कोई पक्का रास्ता नहीं बना। लोग मजबूरी में गिरते-पड़ते मुर्दों को समशान तक ले जाते हैं। इतना ही नहीं, किसी की मौत होने पर परिजन शोक मनाने के बजाय पहले समशान की सफाई करने में लग जाते हैं। ग्रामीण ज्ञानू शर्मा ने बताया कि सरपंच सफाई के नाम पर लाखों रुपये निकाल चुका है, पर गांव में सफाई का नामोनिशान नहीं है। पंचायत दर्पण एप पर जब ग्रामीणों ने निगरानी की तो पता चला कि सफाई और निर्माण कार्यों के नाम पर कई फर्जी बिल डाले गए हैं। कई बिल तो सरपंच के परिवार के नाम पर ही निकले हुए हैं। ग्रामीण दीपक शर्मा ने कहा कि पंचायत भवन पर जब ग्रामीण पहुंचे तो न तो कोई सरकारी कर्मचारी मिला और न ही लैपटॉप या फोटो कॉपी मशीन जैसे आवश्यक उपकरण। ग्रामीणों का आरोप है कि कई सामान सचिव और सहायक सचिव अपने घर ले गए हैं। गांव में कोई काम बिना रिश्वत के नहीं होता। सहायक सचिव पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, राशन कार्ड बनवाने के लिए उन्हें 24 किलोमीटर दूर पाटन तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। सचिव और सहायक सचिव काम में टालमटोल करते हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले ग्रामीणों को धमकी दी जाती है कि “अब काम नहीं होगा क्योंकि शिकायत की है।” युवा भाजपा कार्यकर्ता राज, जो इसी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि पंचायत दर्पण एप पर अपलोड किए गए कई बिलों के नंबर गलत हैं। गांव के विकास कार्य सिर्फ कागजों में दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर गंदगी, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आलम है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत परिसर में “सरपंच तेरी तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मांगें नहीं मानी गईं, तो वे जनसुनवाई में जाकर सीधे कलेक्टर के सामने धरना देंगे। इस मौके पर ग्रामीण पुष्पराज पांच, ज्ञानू शर्मा, दीपक, विकास, महिंद्र, मोहित, राजेश, रवि, सुरेश, रक्कू सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास तभी संभव है जब भ्रष्ट अधिकारियों और सरपंच के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। जबलपुर पंचायत भ्रष्टाचार, गुरु पिपरिया ग्राम पंचायत खबर, पाटन तहसील पंचायत घोटाला, जबलपुर सरपंच-सचिव विवाद, पंचायत दर्पण फर्जी बिल, मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास भ्रष्टाचार, जबलपुर ग्रामीण विरोध प्रदर्शन Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 94